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जब मुस्लिम कहीं कमजोर हो जाते हैं, तो जिहाद अनिवार्य हो जाता है: मौलवी ने किया जिहाद का ऐलान

एक ओर जहाँ पाकिस्तान आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कश्मीर मुद्दे को लेकर सभी मोर्चों पर लड़खड़ा रहा है। कोई देश इस मुद्दे पर उसका साथ देने के लिए तैयार नहीं है। वहीं इस्लामाबाद अभी भी भारत के खिलाफ जिहाद का खुलेआम आह्वान कर अपना प्रोपेगेंडा फैलाने में लगा हुआ है।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें गुलाम कश्मीर (PoK) में एक मौलवी भीड़ को संबोधित करते हुआ दिख रहा है। वह भीड़ से जम्मू कश्मीर पर भारत के फैसले के मद्देनजर जिहाद और धर्म युद्ध का आह्वान करने की बात कर रहा है। वह कहता है, “जब मुस्लिम कहीं भी कमजोर हो जाते हैं, तो जिहाद उनके लिए अनिवार्य हो जाता है। भारत के इस फैसले से हमारे कश्मीरी भाई, बहन और माताएँ प्रभावित हुईं हैं। अगर आपके पास (भारत के खिलाफ) लड़ने की हिम्मत नहीं है, तो आप हारते रहेंगे।”

मौलवी ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा को जिहाद की सेना की ड्यूटी को पूरा नहीं करने की बात कही। जब मौलवी लोगों को संबोधित कर रहा था तो भीड़ ‘भारत का एक ही इलाज अल-जिहाद, अल-जिहाद, अल-जिहाद’ के नारे लगा रही थी। भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आह्वान यहींं पर समाप्त नहीं होता है। हाल ही में, खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री महमूद खान ने कहा कि अगर कश्मीर के लिए औपचारिक रूप से जिहाद की घोषणा कर दी जाए तो वह सबसे आगे रहकर इसका नेतृत्व करेंगे। 

भारत बार-बार पाकिस्तान से कहता रहा है कि वह अपनी जमीन पर पनप रहे और सक्रिय आतंकवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करें। वहीं, जम्मू-कश्मीर पर भारत सरकार के फैसले से बौखलाए पाकिस्तान ने लाख कोशिश की कि इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाया जाए। लेकिन, उसे हर जगह से हार का ही सामना करना पड़ा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने स्पष्ट कर दिया है कि कश्मीर मुद्दा भारत का आंतरिक मामला है। इसके बाद से इस्लामाबाद को भारी झटका लगा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश ने कहा, “हम जानते हैं कि पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद का इस्तेमाल करता है। ये उसकी नीति रही है। हर बार हमने उन्हें अपनी चिंताओं से अवगत कराया है। यह उनके लिए (पाकिस्तान) महत्वपूर्ण है कि वे एक सामान्य पड़ोसी की तरह व्यवहार करना शुरू करें।”

Animal Lover सोनम कपूर को क्यों कह रहे हैं लोग फर्जी एक्टिविस्ट?

सोनम कपूर ऐसी अभिनेत्री हैं जो अपनी फिल्मों से ज्यादा विवादों के लिए जानी जाती हैं। एक बार फिर सोशल मीडिया पर Animal Lover सोनम कपूर और उनके पशु-प्रेम को लेकर चर्चा तेज हैं। इस बार सोनम कपूर से जो भूल हुई है वो ‘The Zoya Factor’ फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के दौरान हुई है।

क्या है मामला?

दरअसल, सोनम कपूर ने अपने इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें पोस्ट की हैं। यह तस्वीरें उन्होंने ‘The Zoya Factor’ फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के दौरान क्लीक करवाई हैं। इन तस्वीरों में सोनम कपूर के हाथों में एक पर्स (हैंड बैग) नजर आ रहा है और इसके साथ ही उन्होंने तस्वीर में इस्तेमाल किए गए सभी ब्रांड्स के नाम भी Tag किए हैं।
यह हैण्ड बैग साँप या अजगर की खाल जैसा नजर आ रहा है।

इस हैंड बैग को बनाने वाले ब्रांड को देखते ही सोशल मीडिया यूजर्स के कान खड़े हो गए और उन्हें पता चला कि सोशल मीडिया पर ‘पशु-प्रेमी’ (Animal Lover) की छवि बनाकर चलने वाली सोनम कपूर के हाथ में जो हैण्ड बैग है उसे बनाने वाली कम्पनी जानवरों की खाल के बैग बनाती है।

इसके बाद वही हुआ जो सोनम कपूर और प्रियंका चोपड़ा जैसे ‘ऑनलाइन एक्टिविस्ट्स’ के साथ अक्सर होता ही है। सोशल मीडिया यूजर्स ने सोनम कपूर पर तुरंत संज्ञान लेते हुए उन्हें याद दिलाया कि वो ब्रांड्स का नाम बताने के चक्कर में अपनी ‘एनिमल लवर’ वाली इमेज को भूल गई हैं। सोशल मीडिया पर इसके बाद प्रतिक्रियाएँ आने लगीं।

कुछ यूजर्स ने कहा कि सोनम कपूर जानवरों से इतना प्रेम करती हैं कि उन्हें हर समय अपने पास (हैंड बैग बनाकर) रखती हैं। तो वहीं कुछ लोगों ने कहा कि सोनम कपूर के पाखंडों का स्तर शायद ही कोई और छू सके।

वास्तव में हर व्यक्ति अपने शौक, पहनावे और चयन के लिए स्वतंत्र होता है लेकिन जब आप सस्ती लोकप्रियता के लिए और खुदको ‘सामाजिक विचारक’ साबित करने के लिए जनता को उसी बात पर ‘ज्ञान’ देते हैं तो आपको अपनी इमेज का तो कम से कम लिहाज कर ही लेना चाहिए।

सोनम कपूर का वो इंस्टाग्राम पोस्ट जो विवाद की जड़ है –

Apple iPhone, Amazon Echo का उत्पादन चीन से भारत शिफ्ट होने को तैयार

Amazon Echo, एप्पल के iPhone और Xiaomi के फ़ोन बनाने वाली कंपनी Foxconn भारत में अपने मोबाइल असेम्ब्लिंग एंड टेस्टिंग प्लांटों के उत्पादन से उत्साहित हो नई फैक्ट्रियाँ लगाने और पुरानी फैक्ट्रियों की क्षमता बढ़ाने की तैयारी कर रही है। तायपेई स्थित यह कंपनी डोनाल्ड ट्रम्प के सुरक्षा कारणों से और ट्रेड-वॉर के चलते चीन में निर्मित फ़ोनों पर बढ़ रहे प्रतिबंधों और टैरिफ़-शुल्कों से बचने के उपाय के तौर पर मैन्युफैक्चरिंग में चीन के विकल्प के तौर पर भारत को देख रही है। Foxconn India के परिचालन (ऑपरेशन्स) प्रमुख जॉश फोल्गर ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बातचीत में इसकी जानकारी दी

अभी तक होती है टेस्टिंग और असेम्ब्लिंग, अब मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात की भी तैयारी

अभी तक Foxconn के भारतीय प्लांट चीन से आयातित मोबाइल फ़ोनों के हिस्सों को जोड़कर पूरा फ़ोन तैयार करने (असेम्ब्लिंग) और उसमें उपभोक्ता के इस्तेमाल में आने वाली संभावित खामियों को ढूँढ़ने (टेस्टिंग) का काम करते थे। शुरूआत पहले प्लांट में शाओमी के फ़ोन से की गई थी, और हाल ही में कर्मचारियों ने iPhone X की भी असेम्ब्लिंग-टेस्टिंग शुरू कर दी है। कम्पनी का पहला प्लांट चेन्नै के पास स्थित श्री सिटी नामक विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) में है, जहाँ से डायपरों से लेकर रेलवे के कोच तक सब कुछ आयात-निर्यात करने के लिए लालफ़ीताशाही कम-से-कम झेलनी पड़ती है। दो साल बाद 2017 में दूसरा प्लांट श्रीपेरंबदूर में खुला, और अब कम्पनी इन दोनों प्लांटों की क्षमता बढ़ाने और दो और प्लांट स्थापित करने के साथ-साथ भारत में अब तक आयात हो रहे मोबाइल के हिस्सों का यहीं उत्पादन करने की तैयारी कर रही है।

सस्ता लेबर मिल जाता है, लेकिन…

फोल्गर बताते हैं कि हालाँकि भारत में चीन की तुलना में उन्हें एक-तिहाई वेतन (₹9,000) कर्मचारियों को देना पड़ता है, और राज्य सरकार भी अपने स्तर पर हर-सम्भव सहयोग कर रही है, लेकिन समस्याएँ फिर भी कम नहीं हैं। पहले तो उन्हें पानी की बाकायदा दूसरे इलाकों से सप्लाई लेनी पड़ती है, क्योंकि चेन्नै और आस-पास के इलाकों में पानी की भयंकर कमी है। इसके अलावा जब Foxconn ने महिला कर्मचारियों को वरीयता के आधार नौकरी देना शुरू किया तो उनके लिए विशेष सुरक्षा प्रबंधन करना पड़ा। इसके अलावा बहुत सी महिलाएँ झटके में सरकारी नौकरी के चक्कर में काम छोड़ देतीं हैं, जिससे दैनिक उत्पादन लक्ष्य (डेली प्रोडक्शन टार्गेट) हासिल करने में समस्या हो जाती है।

गरीबों के लिए 1.5 करोड़ घर, आयुष्मान योजना से 12000 करोड़ की बचत: PM मोदी का जवाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (अगस्त 30, 2019) को कहा कि एक नया भारत है, जहाँ युवाओं के सरनेम (उपनाम) मायने नहीं रखते, जो मायने रखता है वह है उनके खुद के नाम बनाने की क्षमता। उन्होंने कहा कि न्यू इंडिया कुछ चुनिंदा लोगों की आवाज के बारे में नहीं है, बल्कि प्रत्येक भारतीय के लिए है। यह एक ऐसा भारत है, जहाँ भ्रष्टाचार कभी भी एक विकल्प नहीं है।

उन्होंने कहा कि अब चीजें बदल रही हैं। प्रधानमंत्री ने आधिकारिक ट्विटर हैंडल के जरिए उन लोगों पर प्रहार किया, जो कहते थे कि मौजूदा सरकार ने गरीब जनता के लिए कुछ भी नहीं किया। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि बहुत सारे लोग उनसे कहते हैं कि योजनाएँ और फंड तो पहले भी था, फिर उन्होंने अलग क्या किया? प्रधानमंत्री ने इसी ट्वीट में इसका जवाब देते हुए कहा, “हमारी सरकार ने तेज गति से गरीबों के लिए 1.5 करोड़ से अधिक घर बनाए हैं। पिछली सरकार की तुलना में यह किया गया बड़ा सुधार है।”

एक अन्य ट्वीट में पीएम ने लिखा, “हम इस तथ्य से अवगत थे कि हम मकान नहीं, बल्कि घर बना रहे थे। हमें केवल चार दीवारों के निर्माण की अवधारणा से दूर जाने की आवश्यकता थी। हमारी प्राथमिकता बिना किसी लागत के कम समय में अधिक सुविधाएँ प्रदान करना था।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि न्यू इंडिया के लिए उनके दृष्टिकोण में केवल राष्ट्र में रहने वाले बल्कि बाहर के लोगों की भी देखभाल शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय देश का गौरव हैं, जिन्होंने भारत की आर्थिक वृद्धि में योगदान दिया है। उन्होंने कहा, “जब भी किसी भारतीय प्रवासी को किसी समस्या का सामना करना पड़ा है, हम इसे हल करने में सबसे आगे रहे हैं। रॉयल फैमिली द्वारा 250 भारतीयों की सजा को माफ करना इसी की एक झलक थी। ऐसा ही क्षमादान ओमान और सऊदी अरब ने भी किए हैं। सऊदी अरब ने तो भारतीयों के लिए हज कोटा भी बढ़ाया है।”

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत में किस तरह से बदलाव दिखने लगा है। इसे केवल दो शब्दों का इस्‍तेमाल करके अभिव्यक्त किया जा सकता है। 5 साल पहले, लोग पूछते थे- क्‍या हम कर पाएँगे? क्या हम कभी गंदगी से मुक्त हो पाएँगे? क्या हम कभी पॉलिसी पैरालिसिस को दूर कर पाएँगे? क्या हम कभी भ्रष्टाचार को खत्म कर पाएँगे? मगर, आज लोग कहते हैं कि हम करेंगे। हम स्वच्छ भारत बनेंगे, हम भ्रष्टाचार से मुक्त राष्ट्र बनेंगे। हम सुशासन को एक जन आंदोलन बना देंगे।”

वहीं, प्रधानमंत्री ने विज्ञान भवन में आयुष मंत्रालय को संबोधित करते हुए कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत जितने मरीजों को अब तक मुफ्त इलाज मिला है, वो अगर इसके दायरे में ना होते तो उन्हें 12 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक खर्च करने पड़ते। यानी कि एक तरह से देश के लाखों गरीब परिवारों के 12 हज़ार करोड़ रुपए की बचत हुई है।

साथ ही उन्होंने कहा, “जब हम देश में 1.5 लाख हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोल रहे हैं, तो आयुष को भूले नहीं हैं। देश भर में साढ़े 12 हज़ार आयुष सेंटर बनाने का भी लक्ष्य है, जिसमें से आज 10 आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स का उद्घाटन हुआ है। हमारी कोशिश है कि ऐसे 4 हजार आयुष सेंटर इसी वर्ष तैयार हो जाएँ।”

‘सिंधिया को मध्य प्रदेश से दूर किया तो 500 कॉन्ग्रेसियों के साथ इस्तीफ़ा दे दूँगा’

कॉन्ग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हाईकमान को अल्टीमेटम दिया कि उन्हें मध्य प्रदेश इकाई का प्रमुख बनाया जाए अन्यथा वो अन्य विकल्प के बारे में सोचेंगे। सिंधिया के अल्टीमेटम के बाद कॉन्ग्रेस में उथल-पुथल मचना लाज़मी था। इससे पहले कि यह उथल-पुथल शांत होती कि कॉन्ग्रेस के एक नेता अशोक दांगी ने कॉन्ग्रेस को तगड़ा झटका दे दिया है।

उन्होंने धमकी दी है कि अगर सिंधिया को मध्य प्रदेश की राजनीति से दूर रखा गया तो वो पार्टी के 500 लोगों के साथ इस्तीफ़ा दे देंगे। इस संदर्भ में दतिया के कॉन्ग्रेस नेता अशोक दांगी ने एक प्रेस नोट जारी किया है।

आप देख सकते हैं कि इस प्रेस नोट में साफ़तौर पर लिखा है कि प्रदेश में कॉन्ग्रेस की सरकार बनाने में जिस चमत्कारी और करिश्माई व्यक्तित्व की कड़ी मेहनत एवं अथक परिश्रम है, वो ज्योतिरादित्य सिंधिया हैं। उनके सराहनीय योगदान को नहीं भूलना चाहिए।

प्रेस नोट के अनुसार, प्रदेश कॉन्ग्रेस के कुछ नेताओं को सिंधिया की लोकप्रियता हजम नहीं हो रही है। जिसके चलते उन्हें जानबूझकर मध्य प्रदेश की राजनीति से दूर किया जा रहा है। इस पर ज़िला कॉन्ग्रेस कमिटी एवं ज़िला पंचायत सदस्य के कार्यकारी अध्यक्ष अशोक दांगी ने कहा कि यदि सिंधिया को मध्य प्रदेश की राजनीति से दूर किया गया तो वो 500 कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली के 10 जनपद स्थित कॉन्ग्रेस कार्यालय जाकर प्रदर्शन करेंगे और फिर भी अगर बात नहीं मानी गई तो सामूहिक रूप से अपने पदों से इस्तीफ़ा दे देंगे।

सोनू की हत्या करने वाले 5 गौ तस्कर रविउल्ला, इश्तियाख, हसीब, फरीद और मेहंदी हसन गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत इलाके से 23 वर्षीय सोनू उर्फ सोनपाल को मारने वाले 5 गौतस्करों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान पुलिस ने रविउल्ला, इश्तियाख, मोहम्मद हसीब, फरीद और मेहंदी हसन के रूप में की।

मीडिया खबरों की मानें तो बीते रविवार को पुलिस लेलहर बमरौली सड़क पर आरोपितों के वाहन को रोकने का प्रयास कर रही थी कि तभी गाड़ी में बैठे तीन लोगों ने उनके ऊपर ओपन फायरिंग कर दी।

पुलिस ने इस हरकत के बाद गाड़ी का पीछा किया और गाड़ी में बैठे तीनों को पकड़कर गिरफ्तार किया। पुलिस को इन लोगों की गाड़ी से पशु, देशी बंदूकें और जिंदा कारतूस मिली।

पूछताछ में पशु तस्करों ने सोनपाल की हत्या को स्वीकारा और साथ ही अपने दो अन्य साथियों के नामों का भी पर्दाफाश किया। नाम पता चलने के बाद पुलिस ने अन्य दो को शाहजहाँ पुर जिले से गिरफ्तार किया।

पुलिस ने अपनी जाँच में बताया कि इन सभी आरोपितों पर पहले भी कई अपराधों पर मामले दर्ज हो चुके हैं और अकेले हसीब पर तो वर्तमान में 14 केस चालू हैं। जबकि एक को तो तीन साल पहले भी पुलिस पशुओं से भरा वाहन भगाने के इल्जाम में गिरफ्तार कर चुकी है।

इमरान खान को सच सुनना पसंद नहीं: नजम सेठी ने PM इमरान खान पर साधा निशाना

एक तरफ जहाँ पाकिस्तान के पीएम जम्मू कश्मीर को लेकर तथाकथित सूचनाओं को दबाने का और मीडिया की आजादी पर सवाल उठाकर भारत निशाना साधने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ उनके अपने ही देश की प्रमुख हस्तियाँ उन पर मीडिया पर दबाव बनाने का आरोप लगा रही हैं। बता दें कि, पाकिस्तानी न्यूज़ चैनल ’24 न्यूज़ ‘पर अपने टॉक शो को बंद करने को लेकर पाकिस्तान के पूर्व पत्रकार, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष और पाकिस्तानी प्रांत के पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री ने के लिए पाक प्रधानमंत्री इमरान खान को फटकार लगाई है।

नजम सेठी ने अपने यूट्यूब चैनल में इमरान खान सरकार और उसकी नीतियों पर आलोचना की है। नजम सेठी ने पाकिस्तानी सरकार की तरफ से मीडिया को सेंसर करने के इस कदम को रूढ़िवादी बताया है। उन्होंने कहा कि उनके शो को टेलीविजन से इसलिए प्रतिबंधित कर दिया गया था, क्योंकि वो सच बोल रहे थे और इमरान खान को सच सुनना पसंद नहीं है। 

दरअसल, नजम सेठी के यूट्यूब चैनल के वीडियो में लोग उनसे कुछ सवाल पूछ रहे होते हैं। जिसका वो जवाब देते हैं। इस वीडियो में 21 मिनट के आस-पास आप देख सकते हैं कि कुछ लोग उनसे उनके शो के बंद होने की वजह के बारे में पूछते हैं और कहते हैं कि इमरान खान इस तरह से पत्रकारों का मुँह बंद कराकर खुद की आवाज दबा रहे हैं।

नजीम सेठी ने इसका जवाब देते हुए कहा, “जब किसी चैनल पर किसी शो को बंद किया जाता है, तो ये बात वही चैनल भली-भाँति जानता है, कि उन ऊपर किस तरह का प्रेशर होता है। न्यूज़ चैनल 24 न्यूज़ ये नहीं बता पाएँगे कि उन पर किस किस्म का और किसकी तरफ से प्रेशर था। अगर वो ये बता देंगे तो हो सकता है कि उनका चैनल भी बंद हो जाए। इसलिए मैं ही आपको बताता हूँ कि मेरे ख्याल में मेरा शो क्यों बंद किया गया।” उन्होंने कहा कि वो कुछ मुद्दे पर खरी-खरी यानी कि सच बोल देते थे। इसलिए उनके शो को बंद कर दिया गया।

इस दौरान वो वह पाकिस्तान में इमरान खान के प्रधानमंत्री बनने के बाद से हुई कई राजनीतिक गिरफ्तारियों का जिक्र करते हुए नज़र आ रहे हैं। जिनमें पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, बेटी मरियम शरीफ और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का नाम शामिल है। 

नजीम सेठी ने सरकार की प्रामाणिकता और विश्वसनीयता पर भी बात की। उन्होंने पाक सेना की तरफ इशारा करते हुए पाकिस्तानी सरकार को उनकी कठपुतली बताया। उन्होंने कहा कि हुकूमत एक कठपुतली है और जो कुछ भी हो रहा है, वो उन्हें पीछे से बताया जा रहा है कि क्या करना है और क्या नहीं करना है।

मैंने न ही कोई रेप किया है, न रूपया लिया है, मेरे ख़िलाफ़ कुछ नहीं है: कॉन्ग्रेसी नेता शिवकुमार

पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम के बाद अब कॉन्ग्रेस के एक और वरिष्ठ नेता की मुश्किलें बढ़ती नज़र आ रही हैं। कर्नाटक कॉन्ग्रेस के लिए संकटमोचक कहे जाने वाले डीके शिवकुमार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने समन जारी किया है। डीके शिवकुमार को शुक्रवार (30 अगस्त) को ED के सामने पेश होने के लिए कहा गया है।

शुक्रवार को शिवकुमार ने संवाददाताओं से कहा, “कृपया टेंशन न लें, मैंने टेंशन नहीं ली है। टेंशन लेने की ज़रूरत नहीं है। मैंने कोई ग़लती नहीं की है। मैंने न ही कोई रेप किया और न ही रुपया लिया है। मेरे ख़िलाफ़ कुछ नहीं है।”

उन्होंने कहा कि उन्हें कल (29 अगस्त) देर रात 9.40 बजे ED का समन मिला, जिसके अनुसार उन्हें दोपहर 1 बजे दिल्ली में उपस्थित होने के लिए कहा गया है। उन्होंने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार करते हुए यह भी कहा कि यह केवल एक आयकर का साधारण सा मामला है और इस बारे में वो कोर्ट को पहले ही बता चुके हैं। उन्होंने इस बात की भी जानकारी दी कि वो पहले ही ITR फ़ाइल कर चुके हैं और इसमें प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) का मामला नहीं है।

कर्नाटक कॉन्ग्रेस के नेता ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में उनकी 84 वर्षीय माँ की पूरी सम्पत्ति विभिन्न जाँच एजेंसियों ने बेनामी बताकर ज़ब्त कर ली। उन्होंने कहा, “यहाँ मैं बेनामी हूँ। हमारा ख़ून पहले ही चूसा जा चुका है।”

अपने ख़िलाफ़ जाँच और ED से मिले नोटिस को ‘राजनीतिक’ कारणों से उन्‍हें निशाना बनाने की साज़िश करार देते हुए कॉन्ग्रेस नेता शिवकुमार ने कहा, “मैंने कुछ भी ग़लत काम नहीं किया है। बीजेपी के नेता ऐसा कहते रहे हैं कि वे मुझे परेशान करेंगे। मुझे मुश्किलों में डालकर उन्‍हें ख़ुश रहने दीजिए। लेकिन मैं पूरा सहयोग करूँगा। मैं दोपहर तक व्‍यस्‍त हूँ और उसके बाद मैं दिल्‍ली जाऊँगा।” 

ग़ौरतलब है कि आयकर विभाग को 2017 में एक छापेमारी के दौरान डीके शिवकुमार की सम्पत्तियों में गड़बड़ी मिली थी, जिसके बाद उनके ख़िलाफ़ जाँच की जा रही है। शिवकुमार के साथ-साथ चार अन्‍य को भी इस मामले में पूछताछ के लिए ED से नोटिस मिला है, जिसे रद्द कराने का अनुरोध लेकर वह कोर्ट भी पहुँचे थे, लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका ख़ारिज कर दी। 

नारदा स्टिंग मामला: TMC के 3 सांसदों पर CBI ने कसा शिकंजा, स्पीकर की मंजूरी मिलते ही दाखिल होगी चार्जशीट

नारदा स्टिंग ऑपरेशन मामले में सीबीआई ने टीएमसी के 3 सांसदों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दाखिल करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से संपर्क किया है। दरअसल, सीबीआई ने टीएमसी के तीनों सांसदों सौगत राय, काकोली घोष दस्तिदार और प्रसून बनर्जी के ख़िलाफ़ मुकदमा चलाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष से अनुमति माँगी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीबीआई का कहना है कि इन तीनों सांसदों समेत 10 आरोपितों को समन जारी किया गया है और बताया गया है कि इनसे पूछताछ के दौरान इनके वॉयस सैंपल लिए जाएँगे।

इन नेताओं की लिस्ट में एक नाम 48 वर्षीय सुवेंदु अधिकारी का भी है जो पश्चिम बंगाल में तामलुक लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद थे और अभी वह राज्य सरकार में परिवहन मंत्री हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) से अनुमति मिलने के बाद इन सांसदों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दाखिल होगी।

गौरतलब है कि नारदा केस टीएमसी के कुछ नेताओं पर हुए एक स्टिंग से जुड़ा हुआ मामला है, जिसमें पार्टी के 7 सांसद, तीन मंत्री और कोलकाता नगर निगम के मेयर शोभन चटर्जी कथित तौर पर नारदा न्यूज के सीईओ मैथ्यू सैमुएल से पैसे लेते नजर आए थे। इस दौरान सैमुएल इन नेताओं से एक कंपनी के प्रतिनिधि के रूप में मिले थे।

साल 2014 में हुआ ये स्टिंग 2016 में नारदा न्यूज डॉट कॉम नामक वेबसाइट पर दिखाया गया था। फिर साल 2017 में इन टीएमसी नेताओं के ख़िलाफ़ केस दर्ज हुआ था, जिसमें बंगाल के कई मंत्रियों के नाम शामिल किए गए थे।

18 वर्षों से फरार मोस्ट वांटेड उग्रवादी निकला JMM का बड़ा नेता, 2009 में BSP से भी लड़ चुका है चुनाव

राँची के नामकुम से पलामू पुलिस ने एक लाख के इनामी टीएसपी उग्रवादी प्रशांत ठाकुर उर्फ़ संदीप ठाकुर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ कि उग्रवादी प्रशांत न केवल इस समय झामुमो युवा मोर्चा का केंद्रीय उपाध्यक्ष है बल्कि वह 2009 में बसपा के टिकट से विश्रामपुर विधानसभा में चुनाव भी लड़ चुका है।

प्रभात खबर की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने झामुमो नेता प्रशांत को नामकुम स्थित अमेठिया नगर के गुलमोहर अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर-103 से गिरफ्तार किया। पुलिस उसे गिरफ्तार करने यहाँ बुधवार रात पहुँची थी। गिरफ्तारी के बाद उसे नामकुम थाने अपने साथ लेकर आया गया।

जानकारी के मुताबिक 18 वर्षों से फरार चल रहे प्रशांत ठाकुर की झारखंड पुलिस और छत्तीसगढ़ पुलिस को लंबे समय से तलाश थी। लेकिन नाम बदलकर अपनी लोकेशन बदलते रहने के कारण वह पकड़ में नहीं आ रहा था।

पलामू के डीआइजी विपुल शुक्ला की मानें तो प्रशांत ठाकुर गढ़वा के रंका थाना क्षेत्र के बांडु कल्याणपुर का मूल निवासी है। लेकिन पिछले 5 साल से वह नामकुम में नाम बदल कर किराए पर रह रहा था। जहाँ लोगों को उसकी पहचान संदीप ठाकुर के रूप में पता थी।

अपनी जाँच में पुलिस ने प्रशांत के मोबाइल के लोकेशन की लगातार छानबीन की और लोकेशन का मालूम चलते ही बुधवार उसके फ्लैट पर जाकर उसे गिरफ्तार कर लिया। डीआईजी ने बताया कि उग्रवादी प्रशांत छत्तीसगढ़ व झारखंड में टीएसपी संगठन का काम करता था।

इन दोनों ही राज्यों में उसका नाम मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में था। उस पर फिलहाल रामगढ़ थाने में बीड़ी पता व्यवसायी के अपहरण और हत्या का मामला दर्ज है। इसके साथ ही उस पर पलामू में 4, गढ़वा में 2 और छत्तीसगढ़ के बलरामपुर स्थित रामचंद्रपुर थाना में मामले दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ रेड वारंट भी निकला हुआ था।