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PM मोदी ने किया चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ पद का ऐलान, कारगिल युद्ध के दौरान उठी थी माँग

देश की तीनों सेनाओं यानी भारतीय सेना, भारतीय वायुसेना और भारतीय नेवी का आने वाले दिनों में एक ही चीफ़ होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (15 अगस्त) को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ (CDS) के पद की घोषणा की। 

दरअसल, 1999 में हुए कारगिल युद्ध के बाद जब 2001 में तत्कालीन डिप्टी पीएम लाल कृष्ण अडवाणी की अध्यक्षता में गठित ग्रुप ऑफ़ मिनिस्टर्स (GOM) ने समीक्षा की तो पाया कि तीनों सेनाओं के बीच समन्वय की कमी रही है। तब इस बात पर ग़ौर किया गया कि अगर तीनों सेनाओं के बीच तालमेल सही से होता तो भारी क्षति न होती। उस समय चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस के पद पर विचार किया गया, जिसका क़रीब 20 साल बाद स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से आज प्रधानमंत्री मोदी ने ऐलान किया।

फ़िलहाल, देश में तीनों सेनाओं के अलग-अलग चीफ़ हैं। भारतीय सेना के सेनाध्यक्ष जनरल विपिन रावत हैं, एयर फोर्स के चीफ़ बीएस धनोआ हैं और भारतीय नेवी की कमान एडमिरल करमबीर सिंह के हाथों में है। राष्ट्रपति तीनों सेनाओं के अध्यक्ष होते हैं और रक्षा मंत्री तीनों सेनाओं का कामकाज देखते हैं। 

रक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल (रिटायर्ड) के के सिन्हा ने सरकार के इस फ़ैसले को बहुत बड़ा कदम बताया है। मेजर जनरल (रिटायर्ड) विश्वम्भर दयाल ने भी सरकार के इस फ़ैसले का तहे दिल से स्वागत किया है। चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस पद के होने से अब तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बैठाने में किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। सिंगल प्वॉइंट से आदेश जारी होने से सेनाओं की मारक क्षमता और प्रभावी होगी क्योंकि अब सेना के तीनों अंगों के मध्य किसी तरह की कन्फ़्यूज़न की स्थिति नहीं बन पाएगी। जैसा कि पााकिस्तान और चीन के युद्ध के समय देखने को मिली थी।

स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे के साथ नाचते दिखे लद्दाख के सांसद नांग्याल, डांस मूव्स हुआ Viral

लद्दाख के सांसद जामियांग त्सीरिंग नांग्याल ने न सिर्फ़ जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन के निर्णय का स्वागत किया बल्कि लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के लिए वहाँ की जनता की तरफ से पीएम मोदी व गृहमंत्री अमित शाह को धन्यवाद भी दिया। जामियांग ने इस मुद्दे पर संसद में जो भाषण दिया, वह पूरे देश भर में लोकप्रिय हुआ और उन्हें कोने-कोने से बधाई सन्देश मिले। पूरे देश ने एक सुर में कहा कि उन्हें जमियांग जैसे और युवा नेता चाहिए। साथ ही वो रातोंरात सोशल मीडिया हीरो भी बन गए।

आप भी इस विडियो को देखें:

अब सांसद जामियांग का एक नया विडियो सामने आया है, जिसमें वह स्वतंत्रता दिवस मनाते नजर आ रहे हैं। इस विडियो को सोशल मीडिया पर लोग हाथोंहाथ ले रहे हैं। भाजपा सांसद जामियांग इस विडियो में लद्दाख की जनता के साथ झूमते हुए नज़र आ रहे हैं। जनता खड़ी होकर अपने सांसद का डांस देख रही है। वैसे ये पहली बार नहीं है जब सांसद जामियांग का डांस वाला विडियो वायरल हुआ हो, वह पहले भी अपने डांस मूव्स से लोगों के दिलों में जगह बना चुके हैं।

संसद में अपना बहुचर्चित भाषण देते हुए जमियंग ने कहा था:

“लद्दाख के लोग पिछले सात दशकों से केंद्रशासित क्षेत्र के दर्जे की मांग कर रहे थे। लद्दाख की भाषा, संस्कृति अगर लुप्त होती चली गई तो इसके लिए अनुच्छेद 370 और कॉन्ग्रेस जिम्मेदार है। करगिल के लोग इस बिल का समर्थन करते हैं। मैं आपकी तरह (विपक्षी नेताओं) किताबें पढ़कर नहीं आता लेकिन ग्राउंड की रियलटी को महसूस करता हूँ।

पाकिस्तान की चिठ्ठी के बाद चीन ने की UNSC में अनौपचारिक चर्चा की माँग, लेकिन…

भारत सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 पर लिए गए फैसले को हटाए जाने के खिलाफ पाकिस्तान की चिट्ठी पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में कोई भी प्रतिक्रिया देने के लिए चीन ने पहल की है। चीन ने शुक्रवार (अगस्त 15, 2019) को बंद कमरे में अनौपचारिक चर्चा की बात कही है।

पाकिस्तान के करीबी दोस्त माने जाने वाले चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council) से कहा है कि वे भारत की तरफ से जम्मू कश्मीर में खत्म किए गए विशेष दर्जे को लेकर ‘परामर्श करना बंद करे’ और इस पर चर्चा करे। रिपोर्ट्स के अनुसार, राजनयिक ने बताया कि इससे पहले, पाकिस्तान की तरफ से काउंसिल के प्रसिडेंट पोलैंड को इस मुद्दे पर पत्र लिख कर अगस्त में बैठक बुलाने की माँग की गई थी।

राजनयिक के अनुसार- “चीन ने सुरक्षा परिषद के एजेंडा आइटम से ‘इंडिया पाकिस्तान क्वेश्चन’ पर परामर्श बंद करने को कहा। यह अनुरोध पाकिस्तान की तरफ से संयुक्त राष्ट्र के अध्यक्ष के भेजे गए पत्र के संदर्भ में था।”

चीन चाहता है कि इस अनौपचारिक चर्चा में पाकिस्तान के विदेश मंत्री एसएम कुरैशी द्वारा यूएनएसी अध्यक्ष जोआना रोनकेका को लिखे पत्र (भारत द्वारा जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले) के बारे में सभी सदस्यों की राय ली जाए।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने अपने पत्र को UNSC के सभी सदस्य देशों को फैलाकर जल्द से जल्द मीटिंग बुलाने की माँग की है, लेकिन अभी तक कोई मीटिंग कॉल नहीं की गई है। इक्वेटोरियल गिनी, जो UNSC के गैर-स्थायी सदस्यों में से एक है, ने कहा है कि सभी सदस्य काउंसिल पोलैंड की कुर्सी के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं।

UNSC में पोलैंड अगस्त महीने का काउंसिल चेयरमैन है, इसलिए किसी भी बैठक को बुलाने के लिए उसकी मंजूरी जरूरी है।

PM मोदी को राखी बाँधने पहुँचीं ‘पाकिस्तानी बहन’, कहा- ‘मेरे भाई को नोबेल मिलेगा’

कमर मोहसिन शेख मूल रूप से पाकिस्तानी महिला हैं और सबसे ख़ास बात यह है कि वह लगातार पिछले 24 वर्षों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राखी बाँधती आई हैं। इस रक्षाबंधन के अवसर पर भी मोहसिन शेख ने पीएम को राखी बाँधी। मोहसिन ने प्रधानमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह विश्व की शांति और देश-दुनिया के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण क़दम उठा रहे हैं। मोहसिन एक वाकया याद करती हैं जो काफ़ी रोचक है।

दरअसल, मोहसिन पीएम को तभी से राखी बाँधती आ रही हैं, जब वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के बाद भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता हुआ करते थे। एक बार मोहसिन ने उन्हें राखी बाँधते हुए दुआ माँगी कि वह गुजरात के मुख्यमंत्री बन जाएँ। इस पर मोदी ने हँसते हुए कहा कि वह भाजपा के एक साधारण कार्यकर्ता हैं और हमेशा यही रहना चाहते हैं क्योंकि राजकाज उन्हें रास नहीं आता है।

समय का पहिया घूमा और गुजरात को नरेन्द्र मोदी के रूप में नया मुख्यमंत्री मिला। मोदी ने देश की कमान सम्भालने तक गुजरात की बागडोर थामे रखी। मोहसिन बताती हैं कि एक बार राखी बाँधते समय उन्होंने दुआ करते हुए कहा कि मोदी देश के प्रधानमंत्री बनें। इसके बाद नरेन्द्र मोदी मुस्कुराने लगे थे। कमर मोहसिन मूल रूप से कराची की रहने वाली हैं। हमेशा की तरह इस बार भी मोहसिन ने पीएम मोदी के लिए बड़ी दुआ माँगी है।

कमर मोहसिन ने इस बार पीएम मोदी को नोबल पुरस्कार मिलने की दुआ की है। कमर मोहसिन के अनुसार, मोदी गरीबी, भ्रष्टाचार और आतंकवाद को ख़त्म करने के लिए जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल से की गई दुआ ज़रूर पूरी होती है और मोदी को देश-दुनिया के कल्याण का प्रयास करने के लिए नोबल मिलना ही चाहिए।

यहाँ इस बात का जिर्क करना ज़रूरी है कि 1971 के युद्ध के बाद सिंध के कई लोग आकर भारत में बस गए थे जो अपने सम्बन्धियों से मिलने पाकिस्तान नहीं जा सके। पाकिस्तान इन्हें वीजा नहीं देता है। इनमें से कई ऐसे लोग हैं, जिन्हें भारत की नागरिकता दे दी गई हैं। ये सभी अब गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों में रह रहे हैं।

जनसंख्या विस्फोट पर PM मोदी ने जताई चिंता, कहा- सीमित परिवार रखना भी है देशभक्ति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 73वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से तिरंगा फहराने के बाद देशवासियों को स्वतन्त्रता दिवस और रक्षाबंधन की बधाई दी। इस दौरान उन्होंने देश में तेजी से बढ़ रही जनसंख्या को लेकर अपनी चिंता भी व्यक्त की।

लाल किले की प्राचीर से जनसंख्या विस्फोट को लेकर अपनी चिंता जाहिर करते हुए पीएम मोदी ने देशवासियों से छोटे परिवार की अपील की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में जनसंख्या विस्फोट पर चिंता जताते हुए स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर कहा कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए नयी चुनौतियाँ पेश करता है।

पीएम मोदी ने कहा कि इससे निपटने के लिए केन्द्र और राज्य सरकारों को कदम उठाने चाहिए।

‘भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद देश के लिए खतरा’

इस दौरान लाल किले से पीएम मोदी ने भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद पर भी हमला किया। उन्होंने कहा- “भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद देश के लिए खतरा है। यह दीमक की तरह देश में घुस गया है। इसे निकालने का प्रयास किया जा रहा। लेकिन यह बीमारी अंदर तक है। गहरी है। अनेक प्रयास करते रहने होंगे। यह एक बार से खत्म होनेवाली चीज नहीं है।” 

पीएम ने कहा कि छोटा परिवार रखना भी देशभक्ति है, ऐसे लोग जो छोटा परिवार रखते हैं, सम्मान के अधिकारी हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने माना कि जनसंख्या विस्फोट को रोकने के लिए सामाजिक स्तर पर भी जागरूकता कार्यक्रमों की जरूरत है। 

‘छोटे परिवार वाले लोग सम्मान के हकदार हैं’

अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि समाज का एक छोटा वर्ग जो अपना परिवार छोटा रखता रहा है, वह सम्मान का हकदार है। जो वे कर रहे हैं वह एक प्रकार की देशभक्ति है। यह पहली बार है जब नरेंद्र मोदी ने जनसंख्या का मुद्दा उठाया है। हालाँकि, भाजपा के कुछ नेता इस पर खुल कर बात करते आए हैं। मोदी ने अपने सम्बोधन में कहा कि अगर जनता शिक्षित और स्वस्थ है तो देश भी शिक्षित और स्वस्थ बनेगा।

‘जन्म से पहले बच्चे की जरूरत के बारे में सोचें

पीएम ने आगे कहा, “बच्चे के जन्म से पहले उसकी जरूरत के बारे में जरूर सोचें। शिक्षित वर्ग ऐसा ही करता है। स्वयं की प्रेरणा से अगर आप परिवार सीमित रखते हैं तो ना सिर्फ आपका बल्कि देश का भी भला होता है और यह भी एक तरह की देशभक्ति है।”

सावधान: हुर्रियत नेता की पत्नी को महाराजा हरि सिंह की पोती बताकर फैलाया जा रहा है 370 पर फर्जी वीडियो

सोशल मीडिया पर आजकल एक विडियो पोस्ट शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो का शीर्षक है- “जम्मू और कश्मीर के अंतिम डोगरा शासक, महाराजा हरि सिंह की पोती।”

फेसबुक के साथ ही यह वीडियो ट्विटर पर भी शेयर किया जा रहा है। ट्विटर पर दावा किया जा रहा है कि आर्टिकल-370 पर बात करने वाली यह महिला जम्मू और कश्मीर के अंतिम डोगरा शासक, महाराजा हरि सिंह की पोती है।

इस विडियो में एक महिला को कश्मीर पर बात करते हुए देखा जा रहा है। ट्विटर और फेसबुक पर इस विडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह महिला महाराजा हरि सिंह की पोती है, जो जम्मू-कश्मीर राज्य के अंतिम शासक थे।

वीडियो में दिख रही महिला, जिसे सोशल मीडिया यूजर ने हरि सिंह की पोती बताया है, भारत में तत्कालीन रियासत जम्मू-कश्मीर द्वारा दिए गए इंस्ट्रूमेंट ऑफ़ एक्सेसन के बारे में बात करते हुए दिख रही है। यह वीडियो ऐसे समय पर शेयर किया जा रहा है जब केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 के प्रावधानों में बदलाव करते हुए कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं।

क्या है वीडियो की सच्चाई:

दरअसल, यह वीडियो गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। इस पर महाराजा हरि सिंह के पोते और भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस के नेता विक्रमादित्य सिंह ने खुद भी ट्विटर पर स्पष्टीकरण दे दिया है। विक्रमादित्य सिंह ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा है- “जम्मू-कश्मीर के महाराजा हरि सिंह जी की पोती, मेरी बहन डॉ. ज्योत्सना सिंह हैं। यह वह नहीं है। कृपया इस नकली/दुर्भावनापूर्ण वीडियो को अनदेखा करें।”

वास्तव में, वीडियो में भाषण दे रही महिला महाराजा हरि सिंह की पोती नहीं बल्कि हुर्रियत नेता नईम अहमद खान की पत्नी प्रोफ़ेसर हमीदा नईम है। हमीदा नईम कश्मीर के विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं। इस विडियो को जुलाई 11, 2018 को यूट्यूब पर अपलोड किया गया था और इसका शीर्षक है- “कश्मीर मुद्दा: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हमीदा नईम भाषण देते हुए।”

इस विडियो को आप यूट्यूब पर भी देख सकते हैं-

इस इवेंट से सम्बन्धित तस्वीर और पोस्ट तत्कालीन एएमयूएसयू के अध्यक्ष मसकूर अहमद उस्मानी ने भी अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया था।

निष्कर्ष:

यह वीडियो महाराजा हरि सिंह की पोती डॉक्टर ज्योत्सना का नहीं बल्कि हुर्रियत नेता की पत्नी का है, जो कि कश्मीर के विश्वविद्यालय में प्रोफ़ेसर हैं। यह भ्रामक जानकारी और तथ्यों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है, जिस पर स्वयं महाराजा हरि सिंह के पोते ने भी स्पष्टीकरण दे दिया है।

…15 अगस्त 1947 को जब लंदन में अंग्रेजी झंडा उतार कर फहराया गया था तिरंगा!

15 अगस्त 1947 को हर भारतवासी आज़ादी के जश्न के रूप में मनाता है। 1765 की इलाहाबाद संधि से ईस्ट इंडिया कंपनी का भारत में जो शासन स्थापित हुआ था, उसकी समाप्ति 15 अगस्त 1947 को हुई थी। भारत के इस गौरवपूर्ण क्षण के गवाह न सिर्फ़ देशवासी बने बल्कि देश और दुनिया के लोग भी इसका गवाह बने।

ऐसे में वो क्षण भुलाए नहीं भूलता जब 15 अगस्त 1947 को एक तरफ लाल किले की प्राचीर पर तिरंगा फहराया जा रहा था, तो दूसरी तरफ़ लंदन के इंडिया हाउस में लाल कुमार नृपेंद्र नाथ शाहदेव ने तिरंगा फहराया था। बता दें कि शाहदेव भारतीय स्काउटिंग टीम के कप्तान थे। उस समय इंडिया हाउस में कार्यक्रम आयोजित कर यूनियन जैक की जगह भारतीय तिरंगा फहराया गया था, और इसकी अध्यक्षता अनुग्रह नारायण सिंह ने की थी।

ख़बर के अनुसार, कुमार नृपेंद्र नाथ शाहदेव जुलाई 1947 में संयुक्त भारत की स्काउटिंग टीम लेकर फ्रांस के मॉयजोन में आयोजित छठी विश्व जंबूरी में भाग लेने गए थे। पूरी टीम कोलकाता से स्ट्रेथमोर जहाज़ से समुद्र के रास्ते फ्रांस गई थी। वहाँ विश्व जंबूरी में स्काउटिंग के सर्वश्रेष्ठ सम्मान बुशमैन थॉग्स से शाहदेव को सम्मानित किया गया था। 

शाहदेव, ब्रिटिश भारत की स्काउटिंग टीम के अंतिम व स्वतंत्र भारत के पहले कप्तान थे। प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बुलावे पर फ्रांस से लौटकर टीम दिल्ली पहुँची थी। वहाँ नेहरू ने स्काउटरों को स्वतंत्रता वाहकों की टोली की संज्ञा दी थी।

एनएन शाहदेव के पुत्र कुमार एएन शाहदेव के अनुसार, देश के बंटवारे का असर विश्व जंबूरी में भाग लेने फ्रांस गई संयुक्त भारत की टीम पर भी पड़ा था। देश में बंटवारे की स्थिति से टीम के सदस्य सदमे में थे। उनके बीच भारत-पाकिस्तान के नाम से टीम बाँटने पर विवाद हो गया।

इस विवाद की सुलह के लिए जो कमिटी बनाई गई उसमें कुमार एनएन शाहदेव को सदस्य बनाया गया। इसके बाद शांतिपूर्ण तरीके से संयुक्त भारत की टीम भारत और पाकिस्तान के नाम से बाँटी गई। फ्रांस जाने वाली संयुक्त भारत की टीम के आधे सदस्य भारत वापस नहीं आए। हुआ यह कि बंटवारे के बाद बनी पाकिस्तान की टीम के सदस्य फ्रांस से सीधे कराची चले गए।

…वो 5 देश जो भारत के साथ 15 अगस्त को ही मनाते हैं अपना स्वतंत्रता दिवस, अंग्रेज थे सिर्फ एक के ‘मालिक’

हमारा देश आज आज़ादी की 73वीं सालगिरह मना रहा है। आज़ादी का यह जश्न मनाने वाला भारत अकेला देश नहीं है बल्कि पाँच और देश हैं जो आज ही के दिन आज़ाद हुए थे। आज वो भी आज़ादी के इस जश्न को धूमधाम से मना रहे हैं। वो पाँच देश हैं:

  • दक्षिण कोरिया
  • उत्तर कोरिया
  • कांगो
  • बहरीन
  • लिहटेंस्टाइन (Liechtenstein)

हम आपको बारी-बारी से इन देशों के बारे में बताते हैं कि आख़िर कैेसे और कब इन देशों ने आज़ादी प्राप्त की।

दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया

दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया को आज 74 साल पहले जापानी कॉलोनािजेशन से 15 अगस्त 1945 को आज़ादी मिली थी। दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया आज अपना 75वाँ स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। इस दिन को दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया के लोग राष्ट्रीय अवकाश को तौर पर मनाते हैं। छुट्टी का दिन होने की वजह से यहाँ शादी की एक परंपरा चल पड़ी है।

कांगो

रिपब्लिक ऑफ़ कांगो मध्य अफ्रीकी देश है, जिसे 15 अगस्त 1960 को आज़ादी मिली थी। अफ्रीका के इस देश को फ्रांस की दासता से आज़ादी मिली थी। 1880 से फ्रांस का क़ब्ज़ा कांगो पर था, इसे फ्रेंच कॉन्गो के तौर पर जाना जाता था। इसके बाद 1903 में ये मिडिल कॉन्गो बना। इस हिसाब से कांगो देश आज अपना 60वाँ स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। 

बहरीन

15 अगस्त 1971 को ब्रिटेन के क़ब्ज़े वाले बहरीन को आज़ादी मिली थी। इस प्रकार बहरीन ने 15 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस घोषित कर दिया। लेकिन बहरीन की जनता ने ब्रिटिश सरकार द्वारा दिए गए स्वतंत्रता दिवस को मनाने से इनकार कर दिया था और देश के पूर्व बादशाह सलमान अल खलीफ़ा के राजतिलक के दिन यानी 16 दिसंबर को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाने का ऐलान किया गया। दरअसल, ब्रिटेन के मध्य एक करार हुआ था जिसके बाद बहरीन ने आज़ाद देश के तौर पर ब्रिटेन के साथ अपने संबंध रखे। इसलिए बहरीन अपना स्वतंत्रता दिवस 16 दिसंबर को मनाता है। 

लिहटेंस्टाइन

यूरोपीय देश लिहटेंस्टाइन को 15 अगस्त 1866 में जर्मनी से आज़ादी मिली थी। यह देश 1940 से 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाता है। इस देश के बारे में बता दें कि क्षेत्रफल के आधार पर यह दुनिया का सबसे छोटे देशों में से एक है। मात्र 160 वर्ग किलोमीटर वाले इस देश की कुल आबादी 35,000 है। लिहटेंस्टाइन दुनिया का जर्मन भाषी इकलौता अल्पाइन राज्य है, जो पूरी तरह से आल्पस पर स्थित है। यह देश एकमात्र ऐसा जर्मनभाषी राज्य है, जिसकी सीमा जर्मनी से नहीं मिलती।

गायों को राखी बाँधेंगे अवध के नवाबों के वंशज, कहा- ‘यह गोहत्या के ख़िलाफ़ अभियान’

अवध के नवाबी खानदान से आने वाले भाजपा नेता बुक्कल नवाब ने आज रक्षाबंधन (अगस्त 15, 2019) के मौके पर गायों को राखी बाँधने का ऐलान किया है। लखनऊ में इसके लिए उन्होंने एक कार्यक्रम का भी आयोजन किया है, जिसमें कई लोग शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी उन्होंने ऐसा ही एक कार्यक्रम आयोजित किया था। भाजपा विधान पार्षद बुक्कल ने कहा कि उन्होंने रक्षाबंधन के अवसर पर ‘गौ पूजा’ का आयोजन किया है।

बुक्कल नवाब ने कहा कि इस कार्यक्रम से मनुष्य और गायों के बीच के बंधन का महत्त्व उजागर होगा और गोहत्या के ख़िलाफ़ जागरुकता भी पैदा होगी। बुक्कल नवाब पहले समाजवादी पार्टी में थे और उन्हें सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव का करीबी माना जाता था। जुलाई 2017 में उन्होंने सपा छोड़ कर भाजपा का दामन थाम लिया था। इससे पहले भी वह विवादित बयानों के कारण सुर्ख़ियों में रहे हैं।

MLC बुकक्ल नवाब ने इस कार्यक्रम के लिए मीडिया को भी निमंत्रित किया है

उन्होंने हनुमान को मुस्लिम बताया था। उन्होंने कहा था कि कई नवाब हनुमान के भक्त थे और उनके पूर्वजों ने लखनऊ से लेकर अयोध्या तक हनुमानजी के मंदिरों का निर्माण कराया है। बुक्कल के अनुसार, लोकप्रिय हनुमान मंदिर हनुमानगढ़ी का जीर्णोद्धार भी उनके ही पूर्वजों ने कराया है। दिसम्बर 2018 में बुक्कल ने कहा था कि इस्लाम में कई ऐसे नबी आए हैं जिनके नाम नहीं पता और हनुमान उनमें से एक हो सकते हैं। उन्होंने दावा किया था कि जैसे सुलेमान, रहमान और रेहान मुस्लिम नाम हैं, उसी तरह हनुमान भी मुस्लिम नाम है क्योंकि यह इन नामों से मिलता-जुलता है।

2004 में मुलायम सरकार ने बुक्कल नवाब को लेबर डिपार्टमेंट का अध्यक्ष बना कर राज्यमंत्री पद का दर्जा दिया था। बुक्कल नवाब के उस बयान से सपा में खलबली मच गई थी जिसमें उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए वित्तीय मदद देने की बात कही थी। उनका 2015 में दिया गया वह बयान पार्टी को नागवार गुजरा था।

हिंदुस्तान तुम्हारे बाप का है? CPM नेता ने रिटायर्ड मेजर जनरल से TV डिबेट में की अभद्रता

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 पर फैसले को लेकर सोशल मीडिया से लेकर समाचार चैनल्स में होने वाली डिबेट तक में बहस जारी है। इस बीच CPM के एक नेता ने रिटायर्ड मेजर जनरल के साथ लाइव बहस के दौरान अपनी सारी हदें लाँघ दी।

आज तक समाचार चैनल पर बहस के दौरान एक रिटायर्ड मेजर जनरल के साथ बहस में CPM के एक नेता ने रिटायर्ड मेजर जनरल से कहा कि क्या हिंदुस्तान तुम्हारे बाप का है? बहस का मुद्दा अनुच्छेद 370 को लेकर हो रहे विरोध था, जिसमें TV एंकर एक-एक कर सवाल कर रहीं थीं।

इस चर्चा में रिटायर्ड मेजर जनरल ने कहा- “हमारी राजनीतिक पार्टियाँ इस मुद्दे पर अपनी रोटियाँ ना सेकें। हमारा संविधान डायनमिक है यह सभी को पता है। पहले कुछ चीजों की जरूरत थी लेकिन अब इन चीजों की जरूरत नहीं है। वैश्विक और देश के दोनों के माहौल के हिसाब से यह काफी सही है। अब यहाँ से आगे बढ़ो। 1965 में किसी ने दिवाली नहीं मनाई। देश में जैसी परिस्थिति होती है, देश को उसी हिसाब से काम करना चाहिए।”

रिटायर्ड सेनाधिकारी ने कहा कि देश में जब तक सेना है, वो अपना पेट काटकर दे देगी लेकिन कश्मीर को भूखा नहीं रहने देगी। वहाँ कोई बीमारी से नहीं मर सकता, सेना मदद करती है। हम वहाँ कर्फ्यू के लिए भी हैं और अपने लोगों के लिए भी हैं। रिटायर्ड मेजर जनरल ने आगे कहा कि धारा 144 है, वो धीरे-धीरे खुलेगी और यह पहली बार नहीं लगी है। देश में हालात कहीं भी ऐसे होंगे तो सुरक्षाबल तैनात होंगे।

इस पर CPM के नेता सुनीत चोपड़ा भड़क गए और उन्होंने कहा कि पहली बार देशद्रोही लोगों ने ऐसा काम किया है। इसके बाद सुनीत चोपड़ा ने कहा- “आप बकवास बंद कीजिए और आर्टिकल 370 को फिर से लागू कीजिए। क्या हिंदुस्तान तुम्हारे बाप का है?”