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अमेरीका ने 52 पाकिस्तानियों को देश से निकाल फेंका, 3 अफसरों का वीसा भी कैंसिल

अमेरिका में ट्रंप सरकार ने उन लोगों के ख़िलाफ़ मुहिम शुरू की है जो लोग वीजा अवधि खत्म होने के बावजूद अमेरिका में रह रहे हैं। इसके तहत 52 पाकिस्तानी नागरिकों को उनके देश वापस भेजा गया है जो निर्धारित अवधि से ज्यादा समय से वहाँ रह रहे थे। अमेरिका ने 52 पाकिस्तानी प्रवासियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच इस्लामाबाद पहुँचा दिया है। मीडिया खबरों के अनुसार 53 पाकिस्तानी नागरिकों को देश वापस आना था, लेकिन बुधवार (मई 15, 2019) को सिर्फ़ 52 नागरिक ही देश पहुँचे क्योंकि एक शख्स एयरपोर्ट पर ही बीमार हो गया था।

पाकिस्तानी नागरिक जब इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरे तब उनकी सुरक्षा में अमेरिकी सुरक्षा अधिकारी तैनात थे। विमान से उतरते ही नागरिकों को पाकिस्तानी अधिकारियों को सौंप दिया गया। इससे पहले मंगलवार (मई 14, 2019) को पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने पाकिस्तान की नेशनल असेंबली की विदेश मामले संबंधी स्थाई समिति को सूचित किया था कि अमेरिकी अधिकारियों ने आव्रजन कानूनों के उल्लंघन, आपराधिक आचरण और अन्य गंभीर आरोपों के आधार पर पाकिस्तानी नागरिकों को हिरासत लेकर मुकदमा चलाया है।

पाक विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका में रह रहे पाकिस्तानियों को उनके देश भेजने को लेकर दोनों देशों के बीच विवाद हुआ। इसके कारण अमेरिका ने तीन वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारियों को वीसा देने से मना कर दिया है। इनमें एक अतिरिक्त सचिव, गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव और पासपोर्ट महानिदेशक भी शामिल हैं।

’23 मई को कॉन्ग्रेस की शोक सभा’, सोनिया गाँधी को ‘272’ जुगाड़ता देख बॉलीवुड प्रोड्यूसर ने किया कटाक्ष

पूरे देश में इस समय लोकसभा चुनाव जारी हैं। अब तक 6 चरणों में मतदान हो चुके हैं। वहीं दूसरी तरफ बीजेपी के विपक्ष में खड़ी पार्टियों ने एकजुट होना शुरू कर दिया है। अभी सातवें चरण के मतदान 19 मई को होने बाकी हैं, लेकिन बीजेपी के विरोध में उतरी पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्षा सोनिया गाँधी ने ‘मिशन 272’ के लिए गठबंधन की दिशा में काम करना शुरू भी कर दिया है।

23 मई को चुनाव के नतीजे आ जाएँगे। इस बीच एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर फिल्म के को-प्रोड्यूसर अशोक पंडित ने सोनिया गाँधी को लेकर ट्विटर पर तंज कसा है।

बॉलीवुड प्रोड्यूसर अशोक पंडित ने एक समाचार पत्र की रिपोर्ट को रीट्वीट करते हुए कटाक्ष किया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सोनिया गाँधी ने लोकसभा में बहुमत के लिए जरूरी 272 के आँकड़े के लिए काम करना शुरू कर दिया है। अशोक पंडित ने इसे लेकर ट्वीट किया है, “23 मई को महाठगबंधन की शोक सभा का आयोजन किया जाएगा।”

यही नहीं, एक अन्य ट्वीट में अशोक पंडित ने सोनिया गाँधी की जोड़तोड़ की इस कवायद को ‘मुंगेरीलाल के हसीन सपने‘ भी बताया है।


मोदी PM पद के लिए अनफिट हैं, मैं बनूँगी प्रधानमंत्री: बसपा सुप्रीमो मायावती

लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण और नतीजों की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे देश के अगले प्रधानमंत्री की कुर्सी के लिए दावेदारी भी तेज होती जा रही है। इसी क्रम में अब बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी प्रधानमंत्री बनने की इच्छा जाहिर की है। मायावती ने एक बयान देते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार हैं। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री पद का सपना देख रही मायावती ने वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए अनफिट बताया।

मायावती ने एक बयान देते हुए कहा था कि जहाँ तक विकास की बात है, बहुजन समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश का चेहरा बदल दिया है और लखनऊ का भी सुंदरीकरण हुआ है। इसके आधार पर कहा जा सकता है कि लोगों के कल्याण और देश की विकास को देखते हुए बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रधानमंत्री बनने के लिए फिट है, जबकि नरेंद्र मोदी अनफिट हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपनी उपलब्धियों का बखान किया और कहा कि 4 बार मुख्यमंत्री रहते हुए उनकी छवि काफी साफ-सुथरी रही है। मायावती का कहना है कि उन्होंने कानून व्यवस्था बनाते हुए लोगों के हित के लिए काम किया है।

बता दें कि, मायावती के प्रधानमंत्री पद के दावेदार रुप में एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने समर्थन किया था, तो वहीं प्रधानमंत्री बनने की प्रबल इच्छा रखने वाली मायावती को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस पद के लिए अयोग्य बताया। वैसे, मायावती ने पीएम बनने वाली इच्छा का संकेत उसी समय दे दिया था, जब वो गठबंधन प्रत्याशी रितेश पांडेय के समर्थन में जनसभा को संबोधित करने के लिए अंबेडकरनगर पहुँची थी। उन्होंने कहा था कि अगर उन्हें प्रधानमंत्री बनने का मौका मिलता है, तो वो उत्तर प्रदेश की अंबेडकरनगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकती हैं।

वहीं, पिछले दिनों तेलंगाना के मुख्यमंत्री और तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) अध्यक्ष केसीआर राव ने विपक्ष से कहा कि अगर लोकसभा चुनाव में किसी एक दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला, तो वो ग़ैर-बीजेपी गठबंधन की सरकार को अपना समर्थन देने के लिए तैयार हैं, मगर साथ ही उन्होंने एक शर्त भी रख दी है। केसीआर राव ने विपक्ष के सामने यह शर्त रखी है कि अगर वो उन्हें सरकार में उप-प्रधानमंत्री बनाएँगे, तभी वो उनका समर्थन करेंगे। उन्होंने इस बात को भी स्पष्ट किया है कि वो 21 मई को विपक्ष की पार्टी मीटिंग में तभी शामिल होंगे, जब उन्हें इस बात का पूरा भरोसा दिलाया जाएगा कि गठबंधन सरकार में उन्हें उप-प्रधानमंत्री का पद दिया जाएगा।

ममता के क़रीबी राजीव कुमार पर गिरफ्तारी की तलवार, SC ने दी 7 दिन की मोहलत

शारदा चिटफंड घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के क़रीबी राजीव कुमार को तगड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने राजीव कुमार को गिरफ़्तार करने और हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर रोक संबंधी प्रोटेक्शन को वापस ले लिया है। शीर्ष अदालत ने उन्हें अग्रिम ज़मानत के लिए कोलकाता हाईकोर्ट का रुख़ करने के लिए सात दिन का समय दिया है। अगर वे इन सात दिनों में हाईकोर्ट का रुख़ नहीं करते और उन्हें वहाँ से अग्रिम ज़मानत नहीं मिलती है, तो सीबीआई सात दिन बाद उन्हें गिरफ़्तार कर सकती है।


ख़बर के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने (30 अप्रैल) सीबीआई को कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ पर पहले दी गई छूट को हटाने के लिए संतोषजनक सबूत पेश करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि सीबीआई को अदालत में वे सभी सबूत पेश करने होंगे जिससे इस घोटाले में राजीव कुमार की भूमिका साबित हो सके। साथ ही कोर्ट ने सीबीआई को राजीव कुमार की संलिप्तता ख़ासकर लैपटॉप के डेटा, मोबाइल फोन या डायरियों से जुड़े सबूत पेश के निर्देश भी दिए थे, जिसमें कथित रूप से सबूतों को नष्ट करने के लिए प्रभावशाली लोगों के भुगतान की जानकारी शामिल थी।

बता दें कि शारदा चिटफंड घोटाले में सीबीआई के अधिकारी जब राजीव कुमार से पूछताछ करने पहुँचे थे, तो कोलकाता पुलिस ने उनको हिरासत में ले लिया था। इसके बाद राजीव कुमाार ने सीबीआई की गिरफ़्तारी से राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख़ किया था।

सीबीआई ने अब तक राजीव कुमार के ख़िलाफ़ कोई FIR दर्ज नहीं की है। लेकिन, राजीव कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ करने के लिए सीबीआई को इस मामले में FIR दर्ज करनी पड़ेगी। वहीं, राजीव कुमार की लीगल टीम ने इस मामले में अग्रिम ज़मानत के लिए कोलकाता हाईकोर्ट जाने का फ़ैसला लिया है। लीगल टीम ने यह भी कहना है कि अगर सीबीआई राजीव कुमार के ख़िलाफ़ FIR दर्ज करेगी तो उसे रद्द करने के लिए अदालत में याचिका दाखिल की जाएगी।

ज्ञात हो कि पूर्व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर पर जब सीबीआई ने छापेमारी की थी, तो इस बात से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी काफ़ी ख़फ़ा हो गई थीं और केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ धरने पर बैठ गईं थी। काफ़ी हो-हल्ला के बाद जब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँचा था तब जाकर मामला शांत हुआ था। इसके बाद राजीव कुमार को कमिश्नर पद से हटा कर उन्हें सीआईडी में नियुक्त कर दिया गया था। लेकिन चुनाव आयोग ने उन्हें सीआईडी पद से हटाकर उन्हें वापस गृह मंत्रालय भेज दिया था।

Siddhu ने अपनी घरवाली का किया बचाव: मेरी पत्नी कभी झूठ नहीं बोलती

अमृतसर संसदीय सीट से टिकट न मिलने पर कॉन्ग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी (नवजोत कौर) ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के ख़िलाफ़ खुलकर नाराज़गी जताई है। इसके बाद सिद्धू ने भी अपनी पत्नी का बचाव करते हुए कहा कि उनकी पत्नी कभी झूठ नहीं बोलेगी।

गौरतलब है सिद्धू की पत्नी ने कल (मई 16, 2019) स्पष्ट कहा था कि नवजोत सिंह सिद्धू से पंजाब में इसलिए प्रचार नहीं कराया जा रहा है क्योंकि कैप्टन अमरिंदर सिंह ऐसा नहीं चाहते हैं। बता दें मीडिया में खबर यह आई थी कि सिद्धू के गले में समस्या है, जिसका इलाज चल रहा है, इसलिए वह प्रचार से दूर हैं। जबकि नवजोत कौर ने अपने बयान में कहा था कि कॉन्ग्रेस पार्टी को सिद्धू की जरूरत ही नहीं है, इसीलिए उनसे पंजाब में प्रचार नहीं कराया जा रहा है।

हालाँकि पंजाब के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू से जब उनकी पत्नी के आरोपों के बारे में गुरुवार (मई 16, 2019) को सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, “मेरी पत्नी नैतिक रूप से इतनी मजबूत हैं कि वह कभी झूठ नहीं बोलेंगी। यही मेरा जवाब है।”

सिद्धू की पत्नी ने अमृतसर की लोकसभा सीट के लिए दावा किया था लेकिन पार्टी ने इस सीट पर पूर्व रेल मंत्री पवन कुमार बंसल को उम्मीदवार बनाया। चंडीगढ़ से बंसल 4 बार सांसद रह चुके हैं। नवजोत ने मीडिया से हुई बातचीत खुद को टिकट न मिलने की वजह को भी बताया।

उन्होंने कहा, “कैप्टन साहब और आशा कुमारी सोचती हैं कि मैडम सिद्धू संसदीय सीट का टिकट पाने की हकदार नहीं हैं। मुझे अमृतसर से टिकट बीते साल अमृतसर में हुए दशहरा रेल हादसे के कारण नहीं दिया गया, क्योंकि उन्हें लगता है मैं जीत नहीं पाऊँगी।” एएनआई के हालिया ट्वीट के मुताबिक उन्होंने कहा है कि अमृतसर उनकी होम सीट है। ये उनके साथ नाइंसाफ़ी है कि उन्हें भटिंडा जाने के लिए कहा जाए। उनका कहना है कि वो वहाँ पर किसी को भी नहीं जानती हैं।

चुनाव परिणाम में हो सकती है देरी, अधिकारी नहीं कर सकेंगे Wi-Fi का प्रयोग

मतगणना के लिए निर्वाचन आयोग कई तरह की सावधानियाँ बरतेगा। किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो इसके लिए कई बंदोबस्त किए जा रहे हैं। मतगणना के लिए अधिकारी जन वाई-फाई के माध्यम से इंटरनेट का प्रयोग नहीं करेंगे। इसके अलावा ईवीएम के वोट और VVPAT (वोटर वेरिफिकेशन पेपर ऑडिट ट्रेल) की पर्चियों की गिनती करने के लिए दो अलग-अलग टीम बनाई गई हैं। इन्हीं कारणों से चुनावी नतीजों के लिए थोड़ा इंतज़ार करना पड़ सकता है।

ख़बर के अनुसार, दिल्ली की सात लोकसभा सीटों की मतगणना के लिए सात मतगणना स्थल उसी लोकसभा क्षेत्र में बनाए गए हैं। वोटिंग के बाद स्ट्रांग रूम में बंद ईवीएम को त्रिस्तरीय सुरक्षा में रखा गया है। इसके अलावा पूरे परिसर पर सीसीटीवी के ज़रिए नज़र रखी जा रही है। किसी भी तरह की गड़बड़ी न होने पाए इसके लिए दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रशिक्षण के दौरान अपने मतगणना कर्मियों समेत चुनाव अधिकारियों को कई दिशानिर्देश जारी किए हैं।

निर्देशानुसार, चुनाव अधिकारी आधिकारिक कार्यों के लिए जो भी इंटरनेट सेवा लेंगे, वो वाई-फाई से कनेक्टेड नहीं होना चाहिए बल्कि उन्हें तार के ज़रिए इंटरनेट कनेक्शन लेना होगा। चुनाव अधिकारी ने इस बात की भी जानकारी दी कि मतगणना के दौरान अगर एक पोलिंग स्टेशन के ईवीएम में डाले गए वोट और VVPAT में मिली पर्चियों की संख्या में भिन्नता पाई गई तो वो घबराने वाली बात नहीं होगी, क्योंकि मतगणना कर्मियों को बता दिया गया है कि उन्हें पहले मतों के अंतर का पता लगाना है। ऐसा इसलिए क्योंकि मतदान से पहले हमेशा ईवीएम की जाँच के लिए पीठासीन अधिकारी मॉक पोल करते हैं, इसके तहत 50 वोट डाले जाते हैं। उस वक़्त भी ईवीएम में वोटों की गिनती की जाती है।

दिल्ली की सात लोकसभा सीट से प्रत्येक के 50 पोलिंग स्टेशनों के वीवीपीएटी की पर्चियों का मिलान ईवीएम में डाले गए मतों से किया जाएगा। बता दें कि दिल्ली में लोकसभा की सात सीट हैं, एक लोकसभा सीट में 10 विधानसभा सीट हैं। हर विधानसभा सीट से 5 पोलिंग स्टेशन के वीवीपीएटी की पर्चियों की संख्या का मिलान वहाँ ईवीएम में डाले गए मतों से किया जाएगा। इस प्रकार, पूरी दिल्ली में कुल 350 पोलिंग स्टेशन के वीवीपीएटी की पर्चियों की गिनती की जाएगी। इस प्रक्रिया के चलते चुनाव के परिणाम में देरी हो सकती है।

मायावती PM मोदी की चिंता छोड़ें, खुद करें शादी: रामदास अठावले

एनडीए की सहयोगी पार्टी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और मोदी सरकार में केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री रामदास अठावले ने गुरुवार (मई 15, 2019) को पीएम नरेंद्र मोदी पर व्यक्तिगत हमला कर रही बसपा सुप्रीमो मायावती को जवाब दिया। पीएम मोदी के लिए चुनाव प्रचार करने वाराणसी पहुँचे रामदास ने मायावती पर तंज कसते हुए कहा कि मायावती को पीएम मोदी की पत्नी की चिंता छोड़कर खुद शादी कर लेनी चाहिए।

दरअसल, मायावती ने जनसभा के दौरान पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि जो पत्नी की रक्षा नहीं कर सकता, वो दूसरे की बहन बेटियों की क्या रक्षा करेगा। मायावती के इस बयान का जवाब देते हुए अठावले ने ‘बहन जी’ को शादी करने की नसीहत दी और साथ ही कहा कि ये पीएम मोदी की व्यक्तिगत बातें हैं। उनकी पत्नी ने कभी कोई शिकायत नहीं की, वो एक शिक्षिका हैं और उन पर व्यक्तिगत हमले करना सही नहीं है।

मायावती के साथ-साथ अठावले ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को भी निशाने पर लिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब उनसे अखिलेश यादव के देश को नया प्रधानमंत्री मिलने वाले बयान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अखिलेश और मायावती को ये दिखाई नहीं देगा, पूरा देश देखेगा कि पीएम मोदी फिर से पीएम बनेंगे। अठावले ने महागठबंधन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ये महामिलावट है, जो अपने स्वार्थ के लिए साथ में खड़े हो गए हैं, इनका उद्देश्य देश का विकास नहीं, बल्कि मोदी को हटाना है।

रामदास अठावले इतने पर ही नहीं रुके, उन्होंने मायावती के द्वारा भाजपा को मनुवादी बोलने पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि भाजपा मनुवादी थी तो उन्होंने पार्टी का समर्थन लेकर सरकार क्यों बनाई? उस समय उन्हें सत्ता सुख चाहिए था, तो भाजपा मनुवादी नहीं थी। 2014 में जब लोकसभा चुनाव में वो जीरो पर आ गईं, तब भाजपा पर हमलावर हो गई हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा कभी मनुवादी पार्टी नहीं थी, वह सबका साथ सबका विकास पर विश्वास करने वाली है। बंगाल के हालात पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ममता घबरा गई हैं, वो गुंडागर्दी कर रही हैं। अगर केंद्र में एनडीए की सरकार आती है, तो वहाँ की सरकार को बर्खास्त कर देना चाहिए। गौरतलब है कि, पिछले दिनों रामदास अठावले ने यूपी और महाराष्ट्र में एनडीए के सीट की संख्या कम होने की बात कही थी, लेकिन साथ ही उन्होंने केंद्र में एनडीए की सरकार बनने का भी दावा किया था।

असम से 29 साल बाद हटेगा AFSPA, हालात हो रहे हैं सामान्य

केंद्र सरकार ने असम से आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पॉवर ऐक्ट (AFSPA) को हटाने का फैसला किया है। ये निर्णय कानून लागू होने के 29 साल बाद लिया गया है। इसके साथ ही खबरों के मुताबिक सेना को वापसी के लिए तैयारियाँ शुरू करने के निर्देश भी दे दिए गए हैं।

बता दें कि असम में उल्फा संगठन द्वारा (ULFA) उग्रवाद के चरम पर होने के कारण 27 नवंबर 1990 को वहाँ AFSPA लागू किया गया था। उस समय पूरे राज्य को अशांत क्षेत्र घोषित करने के बाद इस कानून को लागू किया गया था। इस कानून के तहत सशस्त्र बलों को विशेष अधिकार दिए गए थे। हालाँकि कुछ सालों में स्थिति सुधरने के बाद क्षेत्र के कई जिलों से सेना को धीरे-धीरे हटा दिया गया था।

इसके बाद पिछले वर्ष सितंबर में केंद्र ने राज्य को यह अधिकार सौंपा था कि वह AFSPA लागू रहने की समय सीमा को प्रदेश में हटा या बढ़ा सकती है। प्रदेश सरकार ने नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) की प्रक्रिया का हवाला देते हुए 2 बार इस कानून को आगे बढ़ाया।

टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर के मुताबिक सुरक्षाबलों के अधिकारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार एनआरसी की प्रक्रिया 30 जुलाई तक पूरी हो जाएगी। इस बीच उन्हें अनौपचारिक रूप से प्लान करके बताना है कि राज्य से जाने के बाद सेना को कहाँ पर तैनात किया जाएगा।

AFSPA हटाए जाने के फैसले पर कॉन्ग्रेस के दिग्गज़ नेता पी चिदंबरम ने भी ट्वीट किया है। उन्होंने नरेंद्र मोदी से सवाल किया है कि आखिर चुनाव प्रचार के दौरान AFSPA को त्रिपुरा, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के हिस्सों से क्यों हटाया गया है?

चिदंबरम ने कहा है कि भाजपा ने उनके मेनिफेस्टों का विरोध किया था जिसमें उन्होंने AFSPA में संशोधन की बात कही थी। ऐसे में मोदी सरकार को पूर्ण रूप से ही AFSPA को असम से हटा रही है। लेकिन चिदंबरम भूल गए हैं कि AFSPA वहाँ लगाया जाता है जहाँ हालात सामान्य नहीं होते। जैसे ही हालात सामान्य होते जाते हैं अफ्स्पा हटा लिया जाता है।

दिग्विजय ने ‘नेपाली लड़का’ कह जिनका उपहास किया था, उन्हें UN करेगा सम्मानित

पतंजलि योगपीठ के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है। स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान के लिए पतंजलि संस्थान के चेयरमैन आचार्य बालकृष्ण को संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनाइटेड नेशंस सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (यूएनएसडीजी) ने विश्व के 10 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल किया है। आचार्य बालकृष्ण को संयुक्त राष्ट्र ने 25 मई को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में आयोजित होने वाली यूएनएसडीजी हेल्थ समिट में स्पीकर के रूप में आमंत्रित किया है। इसी कार्यक्रम के दौरान बालकृष्ण को यूनिवर्सल हेल्थ केयर अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। इस समारोह में दुनियाभर के 50 देशों के 500 से ज्यादा प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है।

स्वामी रामदेव ने कल (मई 15, 2019) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बारे में बात करते हुए कहा कि यह पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है कि पतंजलि आयुर्वेद और उसके प्रतिनिधि बालकृष्ण को संयुक्त राष्ट्र द्वारा सम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य किसी सूची में स्थान प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज और मानवता की सेवा करना है। इस दौरान उन्होंने पतंजलि की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पतंजलि के माध्यम से भारतीय चिकित्सा पद्धति में योग व आयुर्वेद को सम्पूर्ण विश्व में पुनः स्थापित किया गया। इससे करोड़ों साध्य-असाध्य रोगों से पीड़ित रोगियों को स्वास्थ्य लाभ मिला है।

वहीं, यूएन से सम्मान मिलने की बात पर आचार्य बालकृष्ण का कहना है कि यूएन ने भी मान लिया है कि योग और आयुर्वेद, स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। उन्होंने इस बात को भी माना है कि पतंजलि द्वारा जो कार्य किया जा रहा है, वह प्रभावशाली है। यह सम्मान योग और आयुर्वेद के लिए गर्व करने की बात है। संपूर्ण देशवासी, जो भारतीय संस्कृति और भारतीय परंपरा पर विश्वास रखते हैं, उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि यह आयोजन वर्ल्ड हेल्थ फोरम द्वारा किया जा रहा है, और इसका लक्ष्य वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य और विकास को मंच प्रदान करना है, जिससे प्राइमरी हेल्थ केयर, नाॅन कम्युनिकेबल डिजीज कंट्रोल और डिजिटल हेल्थ को बढावा मिल सके।

बता दें कि, इस सम्मान के लिए पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के चेयरमैन आचार्य बालकृष्ण के अलावा दुनिया की प्रतिष्ठित संस्था विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस एडहानॉम और यूनिसेफ के कार्यकारी निदेशक हेनरीटा फोर को भी चुना गया है।

J&K: श्रीनगर और अवंतीपोरा हाई अलर्ट पर, आतंकियों के निशाने पर हैं एयरबेस

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर और अवंतीपोरा में आतंकी हमले का अलर्ट जारी किया गया है। एएनआई ने ट्वीट किया है कि सरकारी सूत्रों के अनुसार श्रीनगर और अवंतीपोरा एयरबेस को आतंकी अपना निशाना बना सकते हैं। इंटेलिजेंस एजेंसियों ने इस खतरे की आशंका जताई है। सूचना मिलने के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियाँ हाइ अलर्ट पर हैं और एयरबेस की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है।

गौरतलब है इसी बीच जम्मू-कश्मीर के पुलवामा और शोपियाँ से खबरें आ रही हैं कि गुरुवार (मई 16, 2019) को शुरू हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 6 आतंकियों को ढेर कर दिया है। इस दौरान एक जवान भी वीरगति को प्राप्त हुआ जबकि दो अन्य के जख्मी होने की खबर हैं। आतंकियों और जवानों में हुई क्रॉस फायरिंग में एक स्थानीय युवक की भी मौत हुई है।

बता दें कि इससे पहले रविवार को शोपियाँ में सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को ढेर किया था। इन आतंकियों के हिंद सीतापुर इलाके में छिपे होने की खबर मिली थी। इसके बाद इलाके की घेराबंदी की गई थी और सर्च ऑपरेशन शुरू हुए थे। इस दौरान आतंकियों ने गोलियाँ चलाईं और सेना की जवाबी कार्रवाई में मारे गए।