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वो तो रैली की गर्मी में मुँह से निकल गया: राहुल गाँधी का राफ़ेल के झूठ पर बयान

राफेल मामले पर सुप्रीम कोर्ट में 23 अप्रैल को सुनवाई है। सुनवाई से एक दिन पहले राहुल गाँधी ने स्वीकार करते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने माना कि चौकीदार चोर है वाली बात उनके मुँह से समर्थकों में जोश भरने के लिए ‘चुनावों की गर्मी’ के कारण निकल गई थी।

राहुल गाँधी ने राफेल मामले पर हमेशा की तरह ही समर्थकों में जोश भरने के लिए झूठा बयान देते हुए कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है कि चौकीदार चोर है। राफेल मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राहुल गाँधी ने कोर्ट का नाम लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए टिप्पणी की थी, “सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है कि चौकीदार चोर है।” इसी बयान को लेकर मीनाक्षी लेखी ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी के ख़िलाफ़ आपराधिक अवमानना याचिका दाखिल की थी।

भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने राहुल गाँधी पर कई आरोप लगाते हुए कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी। राहुल के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सोमवार को राहुल की ओर से सफाई देने की उम्मीद के चलते कॉन्ग्रेस अध्यक्ष की ओर से ये बयान आया है। राहुल गाँधी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की अवमानना संबंधी याचिका पर कोर्ट ने राहुल गांधी को 15 अप्रैल को नोटिस जारी किया था। कोर्ट ने राहुल गाँधी को 22 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने का कहा था।

बता दें कि कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल ने 10 अप्रैल को नामांकन के बाद मीडिया के समक्ष राफेल सौदे को लेकर ‘चौकीदार चोर है’ का बयान दिया था। राहुल का यह बयान जब मीडिया में आया तो भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने सुप्रीमकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। चुनावी रैलियों में राहुल गाँधी राफेल से जुड़े झूठे बयान देते रहते हैं। हाल ही में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने एक चुनावी रैली में कहा था, “अब तो सुप्रीम कोर्ट ने भी कह दिया है कि चौकीदार चोर है।”

गलती की तो 5 साल भुगतोगे: बंगाल के मौलवियों ने जारी किया मुस्लिम वोटरों के नाम संदेश

पश्चिम बंगाल में प्रमुख मौलवियों ने अपने समुदाय को सावधानीपूर्वक वोट देने की सलाह देते हुए एक संदेश जारी किया है। ख़बर के अनुसार, मुस्लिमों के वोट न बँटे इसलिए मौलवियों ने यह संदेश मुस्लिम समुदाय को जारी किया है।

मौलवियों की इस अपील में न तो यह स्पष्ट किया गया कि किस उम्मीदवार को वोट देना चाहिए और न ही किसी राजनीतिक पार्टी के ख़िलाफ़ चेतावनी ही दी गई। लेकिन मुस्लिम वोटर्स से सावधानीपूर्वक मतदान करने के आग्रह से यह स्पष्ट है कि अगर गलत मतदान किया तो गलती सुधारने के लिए अगले पाँच साल तक प्रतीक्षा करनी होगी।

मुस्लिम वोटर्स के नाम जारी किए इस संदेश पर ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल के अध्यक्ष क़ारी फ़ज़लुर रहमान, जो कोलकाता के रेड रोड पर ईद की नमाज़ का नेतृत्व करते हैं, काउंसिल के उपाध्यक्ष क़ारी मोहम्मद शफीक और प्रतिष्ठित नखोदा मस्जिद के इमाम ने हस्ताक्षर किए हैं।

अपील के अनुसार, “लोकतंत्र में चुनाव के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। यह हमें हर पाँच साल में एक सरकार का चयन करने का मौका देता है। लेकिन अगर हम ग़लती करेंगे, तो इसे सुधारने के लिए हमें पाँच साल तक इंतज़ार करना होगा। इसलिए जिसे वोट देना है उसे लेकर पहले सावधानीपूर्वक सोचे।”

क़ासमी ने कहा, “यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपने धर्म और राष्ट्र दोनों की सेवा करें। इसलिए धार्मिक ज्ञान के अलावा, हमें सही उम्मीदवार और एक पार्टी का चयन करने के लिए राजनीतिक परिपक्वता की भी आवश्यकता है, जो इस देश के प्रत्येक नागरिक की प्रगति और सुरक्षा के लिए काम करेगी।”

मौलवियों का यह संदेश काफी हद तक मायने रखता है क्योंकि बंगाल में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या एक तिहाई से थोड़ी कम है, और यदि इस समुदाय के वोट किसी एक उम्मीदवार या पार्टी के पक्ष में वोट पड़ जाएँ तो इसका प्रभाव बड़े स्तर पर पड़ेगा।

मुस्लिम वोट दें या न दें, उनके लिए काम करूँगा, कोई दिक्कत नहीं: वरुण गाँधी

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी वरुण गाँधी ने रविवार (अप्रैल 21, 2019) को मुस्लिम वोटरों से वोट करने की अपील की। उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “बस मैं एक चीज मुस्लिम भाई को बोलना चाहता हूँ कि अगर आपने मुझे वोट दिया तो मुझे बहुत अच्छा लगेगा, अगर आपने मुझे वोट नहीं दिया, कोई बात नहीं, तब भी मुझसे काम ले लेना, कोई दिक्कत की बात नहीं।”

उन्होंने आगे कहा कि अगर उनकी चाय में थोड़ी चीनी मुस्लिम भाईयों की भी पड़ जाए तो उनकी चाय और भी मीठी हो जाएगी। इसके बाद उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए पूछा, “क्या कुछ मुस्लिम चीनी पड़ने वाली है मेरी चाय में?” वरुण ने कहा कि वो दुनिया को हिंदू-मुस्लिम के रूप में नहीं देखते, वो दुनिया को दो ही तरह से देखते हैं और वो है अपने और पराए। बीजेपी सांसद ने कहा कि जो लोग देश के साथ हो, वो किसी के खिलाफ नहीं हो सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जो देश की सरहदों के लिए लड़ रहा है, जो देश के लिए जी रहा हो और देश के लिए मर रहा हो, उसका ना कोई धर्म होता है और न जात होती है।

गौरतलब है कि हाल ही मुस्लिम इलाके में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सुल्तानपुर से भाजपा प्रत्याशी और वरुण गाँधी की माँ मेनका गाँधी ने इसके विपरीत बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि वो चुनाव जीत रही हैं, इसलिए मुस्लिम उनको वोट दें, उनका साथ दें। अगर मुस्लिमों ने ऐसा नहीं किया तो कल जब वो उनसे काम माँगने आएँगे, तो उनका (मेनका का) रवैया भी वैसा ही होगा। आगे उन्होंने कहा कि वो कोई महात्मा गाँधी की छठी औलाद नहीं हैं कि सिर्फ देती रहेंगी और चुनाव में मात खाएँगी। इस विवादित बयान पर चुनाव आयोग ने सख्ती दिखाते हुए मेनका गांधी को चुनाव प्रचार करने से 48 घंटे के लिए प्रतिबंधित कर दिया था।

हालाँकि बैन खत्म होने के बाद मेनका गाँधी ने अपने विवादित बयान पर सफाई दिया और कहा, “मेरे जो दिल में था वो बोला, मैं अल्पसंख्यकों का बहुत सम्मान करती हूँ। मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। मैं भड़काऊ भाषण कभी नहीं देती हूँ, जो मैंने बयान दिया था वो भड़काऊ नहीं था।”

माया महाठगिनी हम जानी: UP की बेसिक शिक्षा मंत्री का मायावती पर हमला, कांशीराम को भी लपेटा

लोकसभा चुनावों के बीच तमाम विवादित टिप्पणियों के बीच योगी आदित्यनाथ सरकार में बेसिक शिक्षा एवं बाल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनुपमा जायसवाल भी विवादित बयान देने वाले नेताओं की कतार में खड़ी हो गई हैं। अनुपमा ने BSP प्रमुख मायावती को लेकर विवादित बयान दिया। उन्होंने मायावती को ‘महाठगिनी’ बताते हुए कहा कि आदमी का नेचर और सिग्नेचर कभी नहीं बदलता।

यूपी की मंत्री ने बसपा संस्थापक कांशीराम, पार्टी सुप्रीमो मायावती और कार्यकर्ताओं पर तंज किया। उन्होंने कहा कि आप लोगों ने सुना होगा साहब, बीबी और गुलाम। उनकी पार्टी के मुखिया रहे साहब अब दुनिया छोड़ चुके हैं। अब केवल बीबी और उनके गुलाम ही बचे हैं। अब अकेली बीबी ही कुर्सी पर बैठती है और उनके गुलाम सामने जमीन पर बैठते हैं।

अनुपमा जायसवाल ने कहा कि इस पार्टी को पिछले लोकसभा चुनाव में जीरो मिला था, इस बार मिलेगा अंडा। अनुपमा जायसवाल ने मायावती पर तंज कसते हुए कहा कि देश में कुछ ऐसे भी नेता हैं जो प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं, लेकिन चुनाव लड़ना नहीं चाहते क्योंकि उन्हें अपनी जीत का भरोसा नहीं है।

योगी सरकार की मंत्री ने विपक्ष को जानवरों का झुंड बताते हुए सपा-बसपा-रालोद गठबंधन के बारे में कहा कि जब कुत्ते, बिल्ली, ऊंट, खच्चर आदि पानी पीने के लिए एक घाट पर आ जाएँ तो समझ लो कि दूसरी तरफ शेर पानी पीने आने वाला है। अपने अस्तित्व को खतरे में देखकर इन सभी दलों ने एक दूसरे से हाथ मिला लिया है। जो कभी एक दूसरे को फूटी आंख भी नहीं सुहाते थे वो लोग एक दूसरे के साथ मिलकर वोट माँग रहे हैं।

अनुपमा लोकसभा चुनाव अभियान के अंतर्गत गोंडा में आयोजित विजय संकल्प साइबर योद्धा सम्मलेन में लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सशक्त करने का आह्वान करने पहुँची थीं। इससे पहले अनुपमा जायसवाल ने ट्वीट कर कहा, “आदरणीय मायावती जी, क्या हुआ आपके कठिन फैसलों का? जो समाजवादी गुंडे दलित भाइयों और बहनों को परेशान करते हैं, उन्हीं के लिए वोट माँगना पड़ रहा है? बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण! समाजवादी गुंडों से भाजपा दलित समाज को बचाएगी।”

‘योगी जी से कहिए, रिश्ते में मैं उनका बाप लगता हूँ’: कॉन्ग्रेस नेता सलमान खुर्शीद

कॉन्ग्रेस नेता और फर्रुखाबाद से कॉन्ग्रेस प्रत्याशी सलमान खुर्शीद ने UP के CM योगी आदित्यनाथ के बारे में बेहद आपत्तिजनक बयान दिया है। खुर्शीद ने रविवार (अप्रैल 22, 2019) को कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि योगी आदित्यनाथ उनसे लड़ाई मानते हैं। पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा है कि रिश्ते में मैं उनका बाप लगता हूँ।

दरअसल, फर्रुखाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसभा के दौरान कहा था कि बाटला कांड के आतंकियों से सलमान के क्या संबंध थे, किस हैसियत से पैरवी करने गए थे? CM योगी जी के इस बयान से बौखलाए सलमान ने कहा, “मुझे खुशी है योगी मुझसे लड़ाई मानते हैं, अगर उन्होंने मेरे बारे में कुछ कहा है तो जब चाहे जहाँ चाहे मुझसे बहस कर लें। अगर हो सके तो किसी गौशाला में बहस कर लें, ताकि पता चले कि गाय उनके साथ है या हमारे साथ है।”

योगी आदित्यनाथ द्वारा बाटला कांड प्रकरण उजागर करने से तिलमिलाए सलमान खुर्शीद ने आपत्तिजनक बयान देते हुए कहा, “योगी जी से कहिए रिश्ते में मैं उनका बाप लगता हूँ। आप लोग क्या कहेंगे कि बेटा कितना नाकारा निकला। गौमाता को खाना भी पूरा नहीं पहुँचता। किसी और से चोरी करें तो समझ में आता है, लेकिन जिसको माँ कहा उससे चोरी किए, चारे की चोरी?”

सलमान खुर्शीद के इस बयान को लेकर विवाद हो सकता है। कॉन्ग्रेस पार्टी ने सलमान खुर्शीद को फर्रुखाबाद से चुनावी मैदान में उतारा है।

CM योगी ने बिजनौर में एक चुनावी जनसभा में कहा था, “आप देख सकते हैं कि राजनीति किस स्तर पर चली गई है। जो लोग बाबा साहेब का अपमान करते थे, आज उसके लिए मायावती चुनाव प्रचार कर रही हैं। जो लोग भारत का सम्मान नहीं करते हों, वो लोग वोट पाने लायक नहीं हैं।” 

8 धमाकों के बाद कोलंबो एयरपोर्ट के पास मिला 9वाँ बम, बाल-बाल बची ये भारतीय अभिनेत्री

श्रीलंका में 8 सीरियल बम धमाकों के बीच कोलंबो के मुख्य एयरपोर्ट के नजदीक एक और बम मिला, जिसे श्रीलंका की एयरफोर्स ने निष्क्रिय कर दिया। स्थानीय पुलिस ने यह जानकारी दी। न्यूज एजेंसी एएफपी के अनुसार यह एक IED पाइप बम था जो रविवार (अप्रैल 21, 2019) शाम कोलंबो एयरपोर्ट के मुख्य टर्मिनल की ओर जाने वाले सड़के के करीब मिला। श्रीलंका एयरपोर्स के प्रवक्ता गिहान सेनेविरात्ने ने बताया कि संभवत: यह बम स्थानीय स्तर पर बनाया गया है।

यह बम श्रीलंका में हुए 8 सीरियल बम धमाकों के बाद मिला। एयरफोर्स के एक प्रवक्ता ने बताया, “यह करीब 6 फुट का एक पाइप बम था, जो सड़क के किनारे मिला। हमने इसे हटा दिया और निष्क्रिय कर दिया है।” पुलिस ने श्रीलंका में हुए सीरियल बम ब्लास्ट के बाद 13 लोगों को हिरासत में लिया है। साथ ही बम धमाकों के बाद कई जगह लगाये गये कर्फ्यू को भी सोमवार सुबह 6 बजे हटा लिया गया।

हमले में बाल-बाल बची भारतीय अभिनेत्री

तमिल फिल्मों की मशहूर एक्ट्रेस राधिका सरथकुमार रविवार को श्रीलंका के कोलंबो में हुए बम विस्फोटों से बाल-बाल बच गईं। राधिका सरथकुमार विस्फोट होने से कुछ ही मिनट पहले विमान से चेन्नई जाने के लिए होटल से निकली थीं। राधिका ने ट्वीट कर बताया कि वह इन हमलों की वजह से सदमे में हैं।

उन्होंने लिखा, “हे भगवान, श्रीलंका में बम विस्फोट हुए, भगवान सभी के साथ रहे। मैं अभी-अभी सिन्नामोन्ग्रैंड होटल से बाहर निकली हूँ और फिर विस्फोट होने की सूचना मिली। इस दुखद घटना पर विश्वास नहीं हो रहा है। कोलंबो में आतंकवादियों का यह हमला निदंनीय है। हमलों में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों के साथ हमारी संवेदनाएँ हैं।”

श्रीलंका में ईस्टर के मौके पर रविवार को गिरजाघरों और पांच सितारा होटलों में एक के बाद एक सीरियल बम धमाकों में अब तक कम से कम 290 लोगों की मौत को पुष्टि हो चुकी है। श्रीलंका में यह धमाके ईस्टर प्रार्थना सभा के दौरान कोलंबो के सेंट एंथनी गिरजाघर, पश्चिमी तटीय शहर नेगोम्बो के सेंट सेबेस्टियन गिरजाघर और बट्टिकलोवा के जियोन गिरजाघर में हुए। वहीं, कोलंबो के तीन फाइव स्टार होटलों- शांगरी ला, सिनामोन ग्रैंड और किंग्सबरी को भी निशाना बनाया गया।

इन धमाकों की जिम्मेदारी अभी तक किसी संगठन ने नहीं ली है। इस हादसे में 5 भारतीयों के भी मौत की खबर है। रिपोर्ट्स के अनुसार इन सीरियल धमाकों में दो आत्मघाती हमले हैं। पुलिस की एक टीम जब कोलंबो के उत्तरी क्षेत्र में ओरुगोडवाटा में एक घर में तलाशी के लिए पहुंची तो वहां मौजूद एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया। यह आठवां बम धमाका था जिसमें तीन पुलसवाले मारे गये। पहले धमाकों की खबर कोलंबो के सेंट एंथनी गिरजाघर और राजधानी के बाहर नेगोम्बो में सेंट सेबेस्टियन गिरजाघर से आयी।

मोहम्मद अज्जाम ईस्टर की सुबह नाश्ते के लिए सबसे आगे खड़ा था, उसके बाद किया बम ब्लास्ट

श्रीलंका में हुए 8 बम धमाकों में से एक होटल में ब्लास्ट करने वाले हमलावर के बारे में जानकारी सामने आई है। आत्मघाती हमलावर ब्लास्ट करने से कुछ वक्त पहले तक नाश्ते के लिए होटल की कैंटीन में लाइन में लगा था। सिनामो ग्रैंड होटल के एक अधिकारी के अनुसार हमलावर मोहम्मद अज्जाम मोहम्मद एक रात पहले ही वहाँ आकर ठहरा था। होटल के मैनेजर ने बताया कि वह आतंकी खचाखच भरे रेस्तरां में ईस्टर की सुबह नाश्ते के लिए लाइन में सबसे आगे आकर खड़ा हो गया और फिर बम ब्लास्ट कर दिया। 

मैनेजर ने बताया कि उस वक्त काफी भीड़ थी। इस हमले में होटल का एक कर्मचारी भी मारा गया, जो लोगों को ब्रेकफस्ट परोसने के काम में लगा था। इस होटल में वीकेंड के मौके पर आमतौर पर भारी भीड़ रहती है। मैनेजर ने बताया, “उसने हाथ में प्लेट पकड़ रखी थी और जब उसे खाना परोसा जाने वाला था, तभी उसने इस हमले को अंजाम दिया।”

फर्जी पते पर होटल में ठहरा था हमलावर मोहम्मद अज्जाम मोहम्मद

मैनेजर ने बताया, “उस वक्त सुबह के साढ़े आठ बज रहे थे और व्यस्तता थी। वहाँ काफी परिवार थे। हमलावर कतार में सबसे आगे आया और वहाँ विस्फोट कर दिया। हमारे प्रबंधकों में से एक, जो उस वक्त अतिथियों का स्वागत कर रहे थे, उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हमलावर की भी मौत हो गई। पुलिस उसके शव को मौके से ले गई।” होटल के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि हमलावर श्रीलंकाई नागरिक था और वह एक फर्जी पते पर होटल में ठहरा था। उसने बताया था कि वह कारोबार के सिलसिले में शहर में रुका था। 

200 से ज्यादा लोगों की मौत

होटल सिनामो ग्रैंड में जिस वक्त बम ब्लास्ट हुआ, उसी समय दो अन्य होटलों शंगरी-ला और किग्सबरी में भी धमाके हुए थे। इसके अलावा तीन चर्चों में भी ब्लास्ट से अफरातफरी मच गई। कुल 8 धमाकों में अब तक 290 लोगों के मारे जाने की खबर है, जबकि 500 से ज्यादा लोग घायल हैं। श्रीलंका की ऐतिहासिक सेंट एंथनी चर्च में हुआ विस्फोट इतना ताकतवर था कि उसकी छत का बड़ा हिस्सा नीचे आ गिरा। इन धमाकों में 5 भारतीयों समेत 35 विदेशी नागरिकों की भी मौत की खबर है।

Pak के ‘परमाणु बटन’ को लेकर PM मोदी ने ली चुटकी, कहा हमने न्यूक्लियर बम दिवाली के लिए रखे हैं क्या?

लोकसभा चुनाव की गहमागहमी जारी है। इसी बीच राजस्थान के बाड़मेर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान की धमकियों से डरने की नीति को छोड़ दिया है, वर्ना आए दिन बोलते रहते थे, हमारे पास न्यूक्लियर बटन है… हमारे पास न्यूक्लियर है बटन… तो हमारे पास क्या है भाई… क्या हमने इसे दिवाली के लिए रखा है?

पीएम मोदी ने पाकिस्तान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा, “भारत ने पाकिस्तान की धमकी से डरने की नीति को छोड़ दिया, ये ठीक हुआ ना? आप भी यही चाहते हैं ना? हमने आतंकियों के मन में डर पैदा किया, ये ठीक किया ना? हमने पाकिस्तान की सारी हेकड़ी निकाल दी, उसे कटोरा लेकर घूमने के लिए मजबूर कर दिया, ठीक किया ना?”

पीएम मोदी ने कहा कि पाकिस्तान को मिली खुली छूट के कारण पहले हमारे देश में आतंकी हमले बहुत आम थे। इसे बदलते हुए आतंक के सरपरस्तों को सबक सिखाने के लिए, उन्हें उनके घर में घुसकर मारा। उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि यहाँ अनेक पूर्व सैनिक हैं, जिन्होंने 1971 की लड़ाई में हिस्सा लिया था। तब हमारे सैनिकों के शौर्य के कारण पाकिस्तान का एक बड़ा हिस्सा हमारे कब्जे में था, 90 हज़ार पाक सैनिक हमारे पास थे, लेकिन उसके बाद शिमला में क्या हुआ? दुनिया भर से जो दबाव भारत पर पड़ा, उसको तब की सरकार झेल नहीं पाई। 90 हज़ार सैनिक भी वापस कर दिए और सारी ज़मीन भी।

इसके अलावा रैली में पीएम मोदी ने और भी बातें कहीं और जनता ने भी उतने ही जोश के साथ उनका साथ दिया। प्रधानमंत्री ने बाड़मेर से देश को आश्वस्त किया कि अब देश बदल चुका है। भारत ने अब झुकने की नीति छोड़ दी है। आज देश एक मजबूत हाथों में है।

दिल्ली, पंजाब व MP की 7 सीटों के लिए BJP ने जारी की सूची, सुमित्रा महाजन नहीं लड़ेंगी चुनाव

भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की 23वीं सूची जारी कर दी है, जिसमें दिल्ली की 4 सीटें भी शामिल हैं। दिल्ली की चारों सीटों पर वर्तमान सांसदों को ही टिकट दिया गया है। चाँदनी चौक से 2014 के आम चुनाव में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल को हराने वाले डॉक्टर हर्षवर्धन का टिकट बरकरार रखा गया है। भाजपा ने एक बार फिर उनकी साफ़-सुथरी छवि और सौम्य व्यक्तित्व के आधार पर इस सीट को जीतने की उम्मीद लगाई है। दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी नार्थ-ईस्ट दिल्ली से चुनाव लड़ेंगे। इस सीट पर पूर्वांचलवासियों की अच्छी-ख़ासी तादाद है और पूर्वांचल के लोगों के बीच लोकप्रिय भोजपुरी गायक-अभिनेता के लिए ये सुरक्षित सीट मानी जा रही है।

भाजपा प्रत्याशियों की नई सूची

वेस्ट दिल्ली से वर्तमान सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा पर ही भरोसा जताया गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे प्रवेश वर्मा ने पिछले आम चुनाव में रिकॉर्ड 2,68,586 वोटों से जीत दर्ज की थी। ये दिल्ली आम चुनाव में जीत का सबसे बड़ा अंतर था। प्रवेश ने इसका श्रेय अपने पिता द्वारा किए गए कार्यों और मोदी लहर को दिया था। साउथ दिल्ली से वर्तमान सांसद रमेश बिधूड़ी को टिकट दिया गया है। अभी एक दिन पहले ही आम आदमी पार्टी ने उन पर वादाख़िलाफ़ी का आरोप लगाया था। पार्टी ने बिधूड़ी का रिपोर्ट कार्ड जारी कर उन पर कई आरोप लगाए थे।

इस सूची में मध्य प्रदेश की इंदौर सीट के लिए शंकर लालवानी का नाम तय किया गया है। वर्तमान सांसद और लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने लोकसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। कैलाश विजयवर्गीय ने पश्चिम बंगाल की संगठनात्मक जिम्मेदारियों का हवाला देकर इस सीट से न लड़ने की बात कही थी। इसके बाद लम्बे समय से स्थानीय स्तर पर सक्रिय लालवानी का नाम फाइनल किया गया। इंदौर भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का विषय है क्योंकि यहाँ लगातार पिछले 8 चुनावों से ताई के नाम से पुकारी जाने वाली सुमित्रा महाजन का कब्ज़ा है और 30 वर्षों में ऐसा पहली बार हो रहा है जब वो चुनाव नहीं लड़ रही हैं।

पंजाब के अमृतसर से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम तय किया गया है। भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी रह चुके पुरी को मंत्री बनाने के बाद राज्यसभा में निर्विरोध चुना गया था। अमृतसर में पिछले चुनाव में अरुण जेटली को हार मिली थी। ऐसे में भाजपा ने स्थानीय बनाम बाहरी मुद्दा फिर से न उछले, इसी बात को ध्यान में रखकर पुरी को टिकट दिया है।

उत्तर प्रदेश की घोसी सीट से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के साथ समझौता न होने के कारण भाजपा ने हरिनारायण राजभर का नाम घोषित कर दिया। हरिनारायण ने 2014 में पहली बार इस सीट पर भगवा परचम लहराया था। राजभर की संसद में उपस्थिति 95% से भी अधिक रही है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और योगी सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने दो टूक कह दिया था कि वो या उनके पुत्र भाजपा के चुनाव चिह्न पर नहीं लड़ेंगे। पिछले सप्ताह ही उन्होंने 39 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिये थे। उपर्युक्त सभी सीटों पर छठे और सातवें चरण में मतदान होना है।

VIDEO: बेगूसराय में कन्हैया को दिखाए काले झंडे, वामपंथी गुंडों ने घर में घुसकर की मारपीट

लोकसभा चुनाव 2019 में बिहार का बेगूसराय सीट चर्चा का विषय बनी हुई है। CPI ने यहाँ से कन्‍हैया कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया है। कन्‍हैया कुमार ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ का प्रमुख चेहरा हैं। वह देशविरोधी नारों का आरोप झेल रहे हैं। कहते हैं कि पुराने कर्म फल देते हैं शायद यही कारण होगा कि उनके पुराने ‘कर्मों’ की तपिश जब-तब उन्हें झुलसा जाती है।

उनके ‘देश-द्रोही’ विचारों के कारण बेगूसराय में पहले भी उनका विरोध किया गया था। आज फिर ऐसी ही एक रैली में कन्‍हैया कुमार का कुछ स्थानीय लोगों द्वारा किया गया। गाँव वालों ने कन्‍हैया कुमार का विरोध करते हुए काले झंडे दिखाए। इसके बाद मामला गरमा गया और कन्‍हैया कुमार के समर्थकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। विरोध और घृणा की राजनीति करने वालों से अपना विरोध बर्दास्त नहीं हुआ।

यह घटना उस समय हुई जब कन्हैया गढ़पुरा प्रखंड के कोरए गाँव से गुजर रहे थे। विरोध करने वाले लोगों और कन्‍हैया के समर्थकों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। कुछ मीडिया रिपोर्टों में तो यह भी कहा गया कि कन्‍हैया के समर्थकों ने काले झंडे दिखाने आए लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इसके अलावा कई लोगों के घर में घुसकर भी कन्हैया समर्थकों द्वारा मारपीट की गई।

बता दें कि बेगूसराय सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय है। इस सीट पर बीजेपी ने गिरिराज सिंह को उतारा है तो महागठबंधन ने इस सीट से तनवीर हसन को अपना चेहरा बनाया है। पिछले दिनों महागठबंधन के मंच से भी कन्हैया कुमार को देशद्रोही कहा गया था, जिस पर वामपंथी धड़े में आक्रोश की लहर है। वहीं बेगूसराय की जनता भी उनके ‘देशविरोधी’ विचारों की वजह से उनसे नाराज़ चल रही है, जिससे चुनाव प्रचार के दौरान झड़प और हाथापाई की खबरें भी आ रही हैं।