अभिनेत्री कंगना रनौत की फिल्म ‘Emergency’ की रिलीज डेट टल गई है। फिल्म को अभी तक सेंसर बोर्ड ने भी पास नहीं किया है। फिल्म आपातकाल और इंदिरा गाँधी पर आधारित है। बता दें कि कंगना रनौत हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा की सांसद भी हैं। अब अभिनेत्री ने शुभंकर मिश्रा के YouTube चैनल पर उनसे बात करते हुए अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि समस्या ये है कि फिल्म में ‘खालिस्तानी’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, सिखों को इंदिरा गाँधी को मारते हुए नहीं दिखाया जा सकता।
उन्होंने कहा कि ये ऐसे मुद्दे हैं जिनसे अराजक तत्वों को समस्या है और वो याचिका डाल कर फिल्म को रुकवाने की कोशिश कर रहे हैं। कंगना रनौत ने कहा कि ऐसे लोगों को उनके अस्तित्व से भी समस्या हो सकती है, कि वो जीवित ही क्यों हैं। बकौल कंगना रनौत, वो हमेशा से अकेली हैं। अभिनेत्री ने कहा कि उन्होंने किसी पार्टी के लिए, किसी को नीचा दिखाने के लिए या फिर किसी समुदाय को ठेस पहुँचाने के लिए नहीं बल्कि बेहद ही ईमानदार तरीके से ये फिल्म बनाई है।
कंगना रनौत ने कहा कि जिन चीजों को लेकर आपत्ति है वो फिल्म का छोटा सा हिस्सा है, उसे पकड़ कर हंगामा खड़ा किया जा रहा है। कंगना रनौत ने कहा कि लोग हर चीज पर डराते रहते हैं, फिर हम झाड़ियों के पीछे रोमांस वाली फ़िल्में ही बनाते रह जाएँगे। कंगना रनौत ने कहा, “सेंसर बोर्ड ने हमारा सर्टिफिकेट रोका हुआ है लेकिन मैं प्रतिबद्ध हूँ कि फिल्म का Uncut वर्जन ही रिलीज करूँगी। मैं कोर्ट में लड़ कर Uncut रिलीज करूँगी। मैं अचानक से ये नहीं दिखा सकती कि इंदिरा गाँधी अचानक ही मर गईं।” वीडियो में 12:45 के बाद ये सुना जा सकता है।
धमकियों को लेकर ‘तनु वेड्स मनु’ सीरीज और ‘क्वीन’ की अभिनेत्री कंगना रनौत ने कहा कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि उन्हें इतनी हद तक निशाना बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 4 इतिहासकारों की मदद से ये फिल्म बनाई गई है, जिनमें उस ज़माने के दिग्गज पत्रकार भी शामिल हैं जो जेल भी गए थे। बकौल कंगना रनौत, Gun Point पर रख कर सिस्टम को चलाने वाली धारणा चल रही है। कंगना रनौत ने कहा कि ये महाराष्ट्र से शुरू हुआ, जब उनके लिए गाली का इस्तेमाल किया गया और फिर सबको आदत पड़ जाती है, पंजाब से भी उन्हें गाली पड़ती है, ‘X’ व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी गाली पड़ती है।
पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच रावलपिंडी में चल रहे 2 टेस्ट मैचों की सीरिज के बीच एक कृष्ण भक्त के चर्चे हर ओर रह रहे हैं। कृष्ण भक्त का नाम लिटन दास है। लिटन बांग्लादेश के खिलाड़ी हैं। रावलपिंडी में उन्होंने पाकिस्तानी गेंदबाजों को अपनी बल्लेबाजी से ऐसा धोया कि नया रिकॉर्ड बन गया।
सीरिज के दूसरे मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने 274 रन बनाए थे इसके बाद बांग्लादेश टीम आई और एक के बाद एक ओपनिंग बैट्समैन फेल होते रहे। मात्र 26 रनों पर पाकिस्तान ने बांग्लादेश की 6 विकेट ले ली थी।
मुश्फिकुर रहीम(3), शाकिब अल हसन (2), जाकिर हसन (1), कप्तान नजमुल हुसैन शांतो (4), मोमिनुल हक (1) और शादमान इस्लाम (10)… 7वें नंबर पर हिंदू क्रिकेटर लिटन दास आए।
उन्होंने मेहदी हसन मिराज के साथ मिलाकर 165 रनों की पार्टनरशिप की और टीम को संभाला। इसके बाद उन्होंने 228 गंदों पर 138 रनों की पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 13 चौके और 4 छक्के लगाए। वहीं मेहरी हसन ने भी 78 गेंदों पर 124 रन बनाए। दोनों खिलाड़ियों की जोड़ी टीम को पाकिस्तान के दिए लक्ष्य के करीब पहुँचा दिया।
इस पारी के बाद वो पहले बल्लेबाज बन गए हैं जिन्होंने टीम के 50 से कम रन होने की स्थिति के बाद टॉप ऑर्डर में न रहते हुए 3 बार शतक लगाए। बीते 147 साल में कहा जा रहा है ये रिकॉर्ड किसी खिलाड़ी के नाम नहीं रहा है।
इस टेस्ट मैच से पहले लिटन ने 2021 के चटगाँव टेस्ट में पाकिस्तान और 2022 में मीरपुर टेस्ट में श्रीलंका के खिलाफ यह कमाल किया था। चटगाँव वाले मैच में बांग्लादेश ने 49 पर 4 विकेट गवा दिए थे वहीं मीरपुर में सिर्फ 24 रन पर। ऐसे मुश्किल के समय में लिटन दास ने आकर टीम को उभारा था।
लिटन दास के नाम ये रिकॉर्ड बनने के बाद अब उनकी चर्चा हर जगह है। उनके सोशल मीडिया पर लोग उन्हें बधाइयाँ दे रहे हैं। हिंदू उन्हें असली कृष्ण भक्त रहे हैं, लेकिन बता दें कि कुछ समय पहले इन्हीं लिटन दास को बांग्लादेश के कट्टरपंथियों ने धर्मांतरण के लिए खुलेआम कहा था। ये हरकत कट्टरपंथियों ने साल 2022 में महालया पर लिटन द्वारा किए गए एक पोस्ट के बाद की थी। तभी इस्लामी कट्टरपंथियों ने कहा था कि उन्हें अल्लाह की शरण में आना चाहिए।
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक व्यक्ति ने महिला के सामने लिंग लहराया। महिला RG कर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर की रेप-हत्या के विरोध में हो रहे प्रदर्शन में शामिल थी। यह अश्लीलता करने वाले व्यक्ति को लोगों ने पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया। बताया गया है कि कोलकाता पुलिस ने उसे मानसिक विक्षिप्त बता कर छोड़ दिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार (1 सितम्बर, 2024) को कोलकाता में अमरा तिलोत्तमा नाम का एक संगठन प्रदर्शन कर रहा था। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। यह प्रदर्शन RG कर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर की रेप और हत्या के विरोध में किया जा रहा था।
इसी प्रदर्शन में पीड़िता महिला शामिल थी। यह महिला जब एस्पलेनैड सर्कल के पास पहुँची तो यहाँ मौजूद एक आदमी ने उससे अश्लीलता चालू कर दी और उसे अपना लिंग दिखाया। इस व्यक्ति के अश्लीलता करने पर महिला ने आसपास अपने साथियों को बताया।
महिला के साथियों ने उस व्यक्ति को तुरंत पकड़ लिया। उन्होंने इस आदमी को पकड़ने के बाद पुलिस को इस संबंध में जानकारी दी। कोलकाता पुलिस आकर इसे साथ ले गई। रिपोर्ट्स में बताया गया कि कोलकाता पुलिस ने व्यक्ति की पहचान स्थानीय व्यक्ति के रूप में की।
यह भी बताया गया कि पुलिस ने इसे मानसिक विक्षिप्त बता कर उसे छोड़ दिया। हालाँकि, इससे प्रदर्शनकारी गुस्से में आ गए और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने अश्लीलता फ़ैलाने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की माँग की।
पीड़िता ने भी इस सबंध में पुलिस से शिकायत दर्ज करवाई है। पीड़िता की शिकायत के बाद अब पुलिस लिंग दिखाने वाले आदमी को फिर से ढूंढ रही है। पुलिस ने इसके लिए आसपास के CCTV कैमरे देखने चालू किए हैं। इस मामले में उसको छोड़ने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की माँग की गई है।
गौरतलब है कि 9 अगस्त, 2024 को RG कर मेडिकल कॉलेज में एक महिला डॉक्टर की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। उसका शव कॉलेज में ही पड़ा हुआ मिला था। इस मामले में कॉलेज और पुलिस पर पहले परिजनों को गुमराह करने का आरोप लगा था। मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार किया था।
नेटफ्लिक्स पर हाल में अनुभव सिन्हा के निर्देशन में बनी IC 814 नाम से एक सीरिज आई है। ये सीरिज 1999 में हुए कंधार हाईजैक घटना पर आधारित है। सीरिज में दिखाया गया कि कैसे भारत में बंद आतंकियों को छुड़ाने के लिए अन्य पाकिस्तानी आतंकियों ने एक प्लेन हाईजैक किया और यात्रियों को 7 दिन (24 दिसंबर 1999-31 दिसंबर 1999) तक बंधक बनाए रखा।
IC-814 को लेकर सोशल मीडिया पर उठ रहे सवाल
इस सीरिज को लेकर कुछ आपत्तियाँ सोशल मीडिया पर देखने को मिल रही हैं। लोगों का कहना है कि बॉलीवुड एक बार फिर से इतिहास को सही से दिखाने में विफल हुआ है।
लोगों की शिकायत है कि सिर्फ और सिर्फ सीरिज में संवाद के माध्यम से आतंकियों की छवि को सुधारने का काम हुआ है। लोग इस सीरिज के डायरेक्टर अनुभव सिन्हा को इस्लामी जिहादी, हिंदूफोबिक आदि कह रहे हैं।
Can we Boycott this Hinduphobic film by Netflix & Anubhav Sinha which shows IC814 hijackers named as Bhola & Shankar
Remember how we brought Amir to his knees by ensuring Lal Singh Chadha was a super flop ?
बताया जा रहा है कि सीरिज में हाईजैकर्स का नाम भोला और शंकर इस्तेमाल करते हुए सिर्फ हिंदुओं को बदनाम करने का प्रयास किया गया इसलिए ऐसी फिल्में गटर में डाल देनी चाहिए।
A plane gets hijacked, and the hijacker tells the passengers, "We have no personal enmity with you, so we won't harm you — just bow down." That's when I decided to uninstall @NetflixIndia.#BoycottIC814pic.twitter.com/nyPJpnPzRL
अब सवाल है कि अगर एक इतिहास की घटना पर आधारित कोई सीरिज बनी है तो क्या वाकई उसमें इतनी बड़ी छेड़छाड़ हुई है कि हिंदुओं को बदनाम करने के लिए आतंकियों के हिंदू नाम रख दिए गए। तो पहले जानते हैं कि उन आतंकियों के असली नाम क्या थे जिन्होंने आईसी-814 को हाईजैक किया था।
किसने किया था IC-814 हाईजैक
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार साल 2000 में उन्होंने मुंबई से 4 आईएसआई ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार किया था। इनके नाम मोहम्मद रेहान, मोहम्मद इकबाल, यासूफ नेपाली और और अब्दुल लतीफ थे। ये रावलपिंडी के आतंकी संगठन हरकत उल अंसार के आतंकी थे। इन्हें हिरासत में लेने के बाद खुलासा हुआ था कि कंधार हाईजैक ISI का ऑपरेशन था जोकि आतंकियों को छुड़ाने के लिए करवाया गया था। गृह मंत्रालय के डॉक्यूमेंट में साफ लिखा है कि प्लेन हाईजैक करने वालों के असली नाम इब्राहिम अतहर, शाहिद अख्तर सईद, गुलशन इकबाल, सनी अहमद काजी, मिस्त्री जहूर इब्राहिम और शाकिर थे।
क्या थे IC-814 को हाईजैक करने वालों के कोड नाम
हाँ, ये बात भी सही कि इन आतंकियों ने हाईजैक के दौरान अपने असली नामों की जगह कोड वर्ड्स का इस्तेमाल किया था और जो कोड वर्ड सीरिज में बताए गए हैं वो सही हैं। जैसे इब्राहिम अतहर के लिए ‘चीफ’, शाहिद अख्तर सईद के लिए ‘डॉक्टर’, सनी अहमद के लिए ‘बर्गर’, मिस्त्री जहूर इब्राहिम के लिए ‘भोला’ और शकीर के लिए ‘शंकर’ नाम का कोड वर्ड रखा हुआ था।
अब ये तो साफ है कि सीरिज में आतंकियों के असली कोडवर्ड नाम के साथ छेड़छाड़ नहीं की गई बल्कि जगह-जगह उनका प्रयोग हुआ है। आतंकी को कहते दिखाया जाता है कि हमारे साथी भोला और शंकर हैं। इसके अलावा बाकी कोडवर्ड भी बार बार लिए जाते हैं।
आपत्ति किस बात से?
अब लोगों को आपत्ति इस बात से नहीं है कि आतंकियों ने जो कोडवर्ड अपने लिए बोले उसे सीरिज में क्यों दिखाया बल्कि आपत्ति इस बात से हैं कि आतंकियों के कोडवर्ड वाले नाम के अलावा उनके असली नाम क्यों नहीं बताए गए। अगर कोई व्यक्ति जिसे कंधार हाईजैक से जुड़े कोई तथ्य मालूम ही नहीं है और वो सिर्फ सीरिज को अपनी सूचना का स्रोत मानें तो सोचकर देखिए कि उसके दिमाग में जो आतंकी ‘हिंदू’ ही होंगे जिनका नाम भोला और शंकर है।
A plane gets hijacked, and the hijacker tells the passengers, "We have no personal enmity with you, so we won't harm you — just bow down." That's when I decided to uninstall @NetflixIndia.#BoycottIC814pic.twitter.com/nyPJpnPzRL
इसके अलावा सीरिज में आतंकियों को दयावान तक दिखाया गया है। सीरिज में ऐसे दृश्य भी है जहाँ दिखाया जा रहा था कि यात्रियों के खाने-पीने का ऐसे इंतजाम कर रहे थे जैसे उन्होंने कोई इवेंट करवाया हो। सीरिज में ‘बर्गर’ का चरित्र इतना अच्छा दिखाया गया है जैसे लगे कि उसे यात्रियों के दर्द से कितना ज्यादा फर्क पड़ रहा था, वो उनकी चोटें देखता, उनके साथ हँसता-खेलता सीरिज में दिखाया गया है। पूरी सीरिज को दिखाने का ढंग इतना सपाट कर दिया गया है कि लोग उस भयावहता को महसूस ही न कर पाएँ जो उन यात्रियों ने 7 दिन झेली होगी।
भाजपा नेता ने समझाया कैसे दशकों बाद पड़ेगा फर्क
इस मामले पर भाजपा नेता अमित मालवीय ने भी ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि IC-814 के हाईजैकर्स दुर्दांत आतंकी थे जिन्होंने अपनी मुस्लिम पहचान छिपाने के लिए हिंदू नाम का इस्तेमाल किया, लेकिन फिल्म निर्माता अनुभव सिन्हा ने अपनी आपराधिक मंशा छिपाते हुए उनके नाम को सही दिखाया। नतीजा क्या होगा? दशकों बाद जब लोग इसे देखेंगे तो उन्हें लगेगा कि प्लेन हिंदुओं ने हाईजैक किया था।
The hijackers of IC-814 were dreaded terrorists, who acquired aliases to hide their Muslim identities. Filmmaker Anubhav Sinha, legitimised their criminal intent, by furthering their non-Muslim names.
Result?
Decades later, people will think Hindus hijacked IC-814.
उन्होंने कहा कि ये केवल वामपंथी एजेंडा है ताकि पाकिस्तानी आतंकियों के कुकर्म को धोया-पोंछा जा सके। ये होती है सिनेमा की शक्ति जोकि वामपंथी 70 के दशक या उससे पहले सेे इस्तेमाल करह रहे हैं। ये कवल भारत की सुरक्षा को कमजोर या उस पर सवाल नहीं खड़े करते बल्कि सारे दोष को उस मजहब से भी दूर कर देगा जो पूरे रक्तपात के लिए जिम्मेदार है।
Netflix Content Head has been summoned tomorrow by the Ministry of Information & Broadcasting over the 'IC814' web series content row: Sources
इस सीरिज को लेकर उठा विवाद इतना बढ़ गया है कि सूत्रों से खबर ये भी आ रही है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा नेटफ्लिक्स कंटेंट हेड को समन भेजा गया है।
हिन्दुओं की तुलना कुत्ता और काफिर से करने वाले मुफ़्ती सलमान अजहरी की रिहाई के लिए बरेली में मुस्लिम की भीड़ ने बैनर-पोस्टर लहराए हैं। भड़काऊ भाषण देने वाले मुफ़्ती की रिहाई के लिए मुस्लिम भीड़ ने दुआ भी पढ़ी। बड़े मौलानाओं ने भी सलमान अजहरी का समर्थन किया है और उसके साथ होने की बात कही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बरेली में आला हजरत दरगाह पर उर्स-ए-रजवी में यह घटना हुई है। बरेली में अगस्त के अंत में आला हजरत दरगाह पर उर्स-ए-रजवी का आयोजन किया गया था। यहाँ बड़ी संख्या में देश बहर से मुस्लिम इकट्ठा हुए हैं। इस कार्यक्रम में 30 अगस्त, 2024 को कार्यक्रम के समापन के मौके पर बड़ी मुस्लिम भीड़ बैनर-पोस्टर लेकर पहुँची। इस भीड़ ने मुफ़्ती सलमान अजहरी की रिहाई की माँग को लेकर नारे लगाए। उन्होंने चलते कायर्क्रम के बीच शोर मचाना चालू कर दिया।
इसके बाद मंच मौजूद मौलानाओं ने नारे लगाने वालों को शांत किया। मौलानाओं ने उनकी रिहाई वाली माँग का समर्थन किया। मंच पर मौजूद एक मौलाना आकिल रजवी ने कहा कि वह मुफ़्ती के साथ हैं। मौलाना आकिल ने यह भी कहा कि अगर कोई किसी सहाबी के खिलाफ बोलेगा तो उसकी जबान बंद कर दी जाएगी।
मंच पर से ही मुफ़्ती सलमान अजहरी की रिहाई के लिए दुआ भी पढ़ी गई। मौलाना ने अपील की जब भी नारे लगाने वालों से कहा जाए वह बस बाहर निकल आएँ। मौलाना सलमान अजहरी की रिहाई की माँग करने वालों ने इसके बाद फिलिस्तीन के लिए दुआ पढ़ी।
गौरतलब है कि मुफ़्ती सलमान अजहरी फरवरी, 2024 से गुजरात की एक जेल में बंद है। मुफ़्ती सलमान अजहरी 31 जनवरी, 2024 को गुजरात के जूनागढ़ के एक कार्यक्रम में हिन्दुओं की तुलना कुत्ते से की थी। सलमान अजहरी ने कहा था, ” ”मुसलमानों घबराओ मत, अभी खुदा की शान बाकी है। अभी इस्लाम जिंदा है, अभी कुरान बाकी है, ऐ जालिम काफिर क्या समझता है जो रोज हमसे उलझता है, अभी तो कर्बला का आखिरी मैदान बाकी है। कुछ देर की खामोशी है, किनारा आएगा… आज कुत्तों का वक्त है, कल हमारा दौर आएगा।”
मुफ़्ती सलमान अजहरी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसके बाद उसे मुंबई से गुजरात की ATS पकड़ ले गई थी। उसका एक और वीडियो सामने आया था जहाँ वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए अपमानजनक भाषा बोल रहा था। मुफ़्ती सलमान अजहरी पर गुजरात ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी कई FIR दर्ज की जा चुकी हैं। उसके खिलाफ दंगा भड़काने से लेकर सम्पत्ति नष्ट करने तक के मामले दर्ज हैं।
कॉन्ग्रेस की एक बड़ी नेता सिमी रोजबेल जॉन ने आरोप लगाया है कि पार्टी में उन्हीं महिलाओं को आगे बढ़ाया जाता है जो बड़े नेताओं की करीबी हैं। सिमी रोजबेल ने आरोप लगाया है कि कॉन्ग्रेस में भी कास्टिंग काउच जैसी स्थिति है। सिमी रोजबेल के इन गंभीर आरोपों के बाद उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया है।
कॉन्ग्रेस नेता सिमी रोजबेल ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “महिलाओं का शोषण हर क्षेत्र में हो रहा है, यहाँ तक कि दफ्तरों पर पर और राजनीति में भी। कई महिला साथियों ने मुझे अपने बुरे अनुभव बताए हैं। मैं हमेशा उन्हें सलाह देती हूँ कि वे नेताओं से मिलने अकेले न जाएँ। वे हमेशा अपने परिवार के सदस्यों या दोस्तों को भी अपने साथ बुला सकती हैं।”
सिमी रोजबेल ने आरोप लगाया था कि फिल्म उद्योग की तरह ही कास्टिंग की काउच की स्थिति कॉन्ग्रेस में भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हीं महिलाओं को आगे बढ़ाया जाता है जो शीर्ष नेतृत्व की करीबी हैं। उन्होंने कई महिला नेताओं की राजनीतिक क्षमता पर प्रश्न उठाए थे।
सिमी रोजबेल ने यह भी बताया था कि उनके पास कई महिलाओं के अनुभव आए हैं और उनके पास सबूत भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा था कि समय आने पर वह इस संबंध में खुलासे करेंगी। हालाँकि, उन्होंने अपने साथ किसी ऐसे अनुभव होने से इनकार कर दिया था।
सिमी रोजबेल के इस बयान के बाद कॉन्ग्रेस नेतृत्व पर गंभीर प्रश्न उठे हैं। कॉन्ग्रेस ने सिमी रोजबेल के आरोपों का जवाब उन्हें पार्टी से निष्कासित करके दिया है। केरल कॉन्ग्रेस प्रदेश कमिटी ने उनकी प्राथमिक सदस्यता रद्द करने की घोषणा की है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि सिमी रोजबेल ने कॉन्ग्रेस की लाखों महिला कार्यकर्ताओं को अपमानित किया है।
सिमी रोजबेल ने पार्टी से निष्कासन का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस में वह महिलाएँ काम नहीं कर सकती जिनमें गरिमा बची हुई है। उन्होंने इस दौरान केरल में कॉन्ग्रेस के बड़े नेता वीडी सतीशन पर भी आरोप जड़े। रोजबेल ने कहा कि कॉन्ग्रेस के पास अगर कोई सबूत है तो उन्हें आगे रखना चाहिए।
सिमी रोजबेल केरल कॉन्ग्रेस की बड़ी नेता रही हैं। वह राज्य के लोक सेवा आयोग की समिति की सदस्य भी रही हैं। उनके आरोपों के बाद कॉन्ग्रेस निशाने पर है। राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी सीपीएम ने कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रश्न उठाए हैं।
कॉन्ग्रेस ने महिला नेताओं का ऐसे आरोप लगाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कॉन्ग्रेस उन नेताओं को पार्टी से बाहर करती रही है जिन्होंने बड़े नेताओं के खिलाफ बोलने का प्रयास किया। इससे पहले यूथ कॉन्ग्रेस के मुखिया बीवी श्रीनिवास पर आरोप लगाने वाली अंगकिता दत्ता को भी कॉन्ग्रेस ने निकाल दिया था।
असम युवा काॅन्ग्रेस की अध्यक्ष रहीं अंगकिता ने यूथ काॅन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास (Srinivas BV) और यूथ कॉन्ग्रेस के सेक्रेटरी इंचार्ज वर्धन यादव पर लैंगिक भेदभाव तथा बदजुबानी का आरोप लगाया था। कहा था कि राहुल गाँधी ने भी उनकी शिकायतों पर गौर नहीं किया और प्रताड़ना का सिलसिला चलता रहा।
पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) से अब राज्य सरकार की विफलता का जवाब देते नहीं बन रहा है। पार्टी कोलकाता रेप और मर्डर मामले के बाद और घिरी हुई है। अब TMC ने बंगाल सरकार पर उठ रहे सवालों से बचने के लिए नया पैंतरा चला है। TMC ने कुछ टीवी चैनल पर अपने प्रवक्ता ना भेजने का ऐलान किया है।
TMC ने ABP आनंदा, रिपब्लिक और TV9 जैसे चैनलों पर अपने प्रवक्ता ना भेजने का ऐलान किया है। TMC ने कहा है कि यह सारे टीवी चैनल बांग्ला विरोधी है और दिल्ली के जमीनदारों का प्रोपेगेंडा चलाते हैं। इसको लेकर TMC ने सोशल मीडिया पर एक प्रेस रिलीज जारी की है।
TMC ने कहा, “AITC ने ABP आनंद, रिपब्लिक और टीवी9 जैसे मीडिया चैनलों पर अपने प्रवक्ताओं को ना भेजने का फैसला किया है, क्योंकि वे लगातार बंगाल विरोधी एजेंडे चला रहे हैं ।हम दिल्ली के जमींदारों को खुश करने की उनकी मजबूरी को समझते हैं, क्योंकि उनके प्रमोटर और कंपनियों पर जाँच के मामले चल रहे हैं।”
आगे TMC ने लिखा, “हम यह भी साफ़ कर रहे हैं करते हैं और पश्चिम बंगाल के लोगों से अनुरोध करते हैं कि वे इन प्लेटफार्म पर बहसों में पार्टी समर्थक दिखाए जाने वाले लोगों से भी गुमराह ना हों। यह लोग पार्टी स्वर बोलने के लिए अधिकृत नहीं हैं, और हमारे आधिकारिक रवैये का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।”
TMC ने यह फैसला क़ानून-व्यवस्था और अन्य मोर्चे पर बंगाल सरकार की विफलता पर प्रश्न उठाए जाने के बाद लिया है। अगस्त महीने में कोलकता के RG कर मेडिकल कॉलेज में एक महिला डॉक्टर से रेप और हत्या का मामला सामने आने के बाद TMC सरकार प्रश्नों के घेरे में आ गई थी।
RG कर मामले में TMC सरकार की लापरवाही और फिर मामले पर लीपापोती के प्रयासों ने उसकी छवि को बड़ा धक्का पहुँचाया है। TMC सरकार पर लगातार मीडिया प्रश्न उठा रहा है और उसके प्रवक्ताओं से जवाब नहीं देते बन रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि TMC ने मीडिया से बचने को यह फैसला लिया है।
TMC का यह कदम एक तरह से प्रेस की आजादी पर हमला भी है। TMC ने इन ऐसे चैनलों को बंगाल विरोधी घोषित कर दिया है, जिनका मूल प्रकाशन दशकों से बंगाल में हो रहा है। इसका उदारहण ABP आनंद चैनल है। ABP आनंद आनाद बाजार पत्रिका समूह का चैनल है, जो कोलकाता से पिछले 100 सालों से प्रकाशित हो रही है।
पश्चिम बंगाल में पत्रकारिता पर हमले का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले संदेशखाली के गुंडे शाहजहाँ शेख मामले की कवरेज कर रहे एक रिपोर्टर को बंगाल पुलिस लाइव टीवी के दौरान उठा ले गई थी। और भी कई पत्रकारों की प्रताड़ना के मामले में बंगाल में सामने आए हैं।
भाजपा ने भी ममता बनर्जी की पार्टी के इस फैसले पर कटाक्ष किया है। बंगाल भाजपा ने लिखा, “टीएमसी हमेशा तानाशाही करती रही है और अभिव्यक्ति की आजादी का विरोध करती रही है। पश्चिम बंगाल में तीन लोकप्रिय समाचार चैनलों- टीवी9, रिपब्लिक और एबीपी आनंदा का बहिष्कार करने का उनका फैसला हमारी बात सिद्ध करता है।”
The TMC was always dictatorial and opposed to the idea of free speech. Their decision to boycott three popular news channels in West Bengal—TV9, Republic, and ABP Ananda bears us out.
But this decision is not a consequence of any principles, because Mamata Banerjee and her party… pic.twitter.com/lKvc8ZarY3
भाजपा ने कहा, “यह फैसला किसी सिद्धांत का नतीजा नहीं है, क्योंकि ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के पास कोई सिद्धांत हैं ही नहीं, बल्कि बढ़ती निराशा और सच्चाई का सामना करने में असमर्थता है। TMC सच्चाई से डरती है। लेकिन सच्चाई को रोका तो जा सकता है, उसे हराया नहीं जा सकता।”
दिल्ली के ओखला से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान को प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी हिरासत में ले लिया है। ये खबर कुछ समय पहले आई। इससे पहले AAP विधायक ने ट्वीट करते हुए बताया था कि उनके घर आज सुबह (2 सितंबर 2024) ईडी आई है। अमानतुल्लाह खान ने दावा किया था कि ईडी के लोग उन्हें गिरफ्तार करने आए हैं। हालाँकि मीडिया में कहीं और ईडी के हवाले से गिरफ्तारी की बात सामने नहीं आई थी, मगर अब वीडियो आई है जिसमें अधिकारी उन्हें पकड़कर ले जा रहे हैं।
#WATCH | Delhi: AAP MLA Amanatullah Khan detained by ED officials.
इससे पहले अमानतुल्लाह खान द्वारा अपने अकॉउंट से साझा की गई वीडियो शेयर में आप विधायक और ईडी अधिकारियों के बीच होती बातचीत को दिखाया गया था। वीडियो में अमानतुल्लाह खान दरवाजे पर खड़े अधिकारियों से कह रहे थे, “मैंने आपसे चार दिन का समय माँगा था, मेरी सास का अभी तीन दिन पहले ऑपरेशन हुआ है और आप मुझे अरेस्ट करने के लिए आ गए।”
वहीं ऑफिसर उन्हें कह रहे थे, “आपने यह कैसे मान लिया कि हम आपको अरेस्ट करने आए हैं।” इस पर खान ने कहा, “अगर आप अरेस्ट करने नहीं आए हैं तो क्यों आए हैं।” वहीं अमानतुल्लाह खान की बीवी ने कहा, “तीन कमरों के घर में किस चीज का सर्च है? मेरी माँ को कैंसर है। उनका ऑपरेशन हुआ है। अगर मेरी माँ को कुछ भी हुआ तो मैं आपको कोर्ट लेकर जाऊँगी।”
आप विधायक इस दौरान कहते रहे, “मेरे पास क्या है जो आप लोग सर्च को आ गए हैं।” अपने अकॉउंट पर वीडियो साझा करते हुए उन्होंने कहा, “सुबह के 7 बजे हैं और ईडी वाले मेरे घर पर सर्च वारंट के नाम पर मुझे अरेस्ट करने के लिए आए हैं, मेरी सास को कैंसर हैं, अभी चार दिन पहले उनका ऑपरेशन हुआ है, वो भी मेरे घर पर हैं और मैंने इनको लिखा भी था। मैंने हर नोटिस का जवाब मैंने इनको दिया है, सर्च वारंट के नाम पर इनका मकसद सिर्फ मुझे गिरफ्तार करना है, हमारे कामों को रोकना है।”
अभी सुबह-सुबह तानाशाह के इशारे पर उनकी कटपुतली ED मेरे घर पर पहुँच चुकी है, मुझे और AAP नेताओं को परेशान करने में तानाशाह कोई कसर नहीं छोड़ रहा।
अमानतुल्लाह खान ने आगे कहा, “ईडी वाले पूरी आम आदमी पार्टी को परेशान करने में लगे हैं। फर्जी मुकदमे लगाए जा रहे हैं, परेशानी खड़ी की जा रही है। अभी सीएम जेल में हैं, पूर्व उप सीएम जेल से आए हैं, और सत्येंद्र जैन जेल में हैं और अब मुझे गिरफ्तार करने चाहते हैं। सिर्फ इनका मकसद है हम लोगों को तोड़ना और हमारी पार्टी को तोड़ना है। लेकिन हम डरने वाले नहीं है। जेल भेजेंगे तो हम जेल जाने के लिए तैयार हैं। हमें कोर्ट से पूरी उम्मीद है जिस तरह का इंसाफ उन्होंने हमेशा दिया है वैसे ही आगे भी देंगे।” अमानतुल्लाह खान ने बताया कि ये कोई 2016 का मुद्दा है जिसकी जाँच एसीबी, सीबीआई, ईडी और सीबीआई कर चुकी है। उनके मुताबिक सीबीआई ये कह चुकी है कि कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ है फिर भी ये लोग आ गए हैं।
#WATCH | Delhi: Visuals from outside the residence of Aam Aadmi Party MLA Amanatullah Khan.
कोलकाता के RG Kar मेडिकल कॉलेज की घटना पर रार अभी भी जारी है। अब इस मामले में पश्चिम बंगाल डॉक्टर्स फोरम के एडवाइजर कौशिक लाहिरी का बयान आया है। उन्होंने दावा किया है कि जिस पीड़िता की रेप के बाद हत्या कर दी गई वो बहुत कुछ जानती थी। कौशिक लाहिरी के अनुसार जीवित रहने के दौरान पीड़िता ने कुछ लोगों से अपना दर्द साझा करने का प्रयास किया था लेकिन इसमें वो सफल नहीं रही।
हिंदुस्तान टाइम्स ने रविवार (1 सितंबर 2024) को पश्चिम बंगाल डॉक्टर्स फोरम के एडवाइजर कौशिक लाहिरी से एक्सक्लूसिव बातचीत की है। उन्होंने बताया कि पीड़िता जीवित रहने के दौरान पीड़िता काफी कुछ दिक्क्तें झेल रही थी। बकौल कौशिक लाहिरी ये समस्याएँ झेल रही पीड़िता अकेली नहीं है बल्कि कई अन्य युवा डॉक्टर भी इसी प्रकार की प्रताड़ना झेल रहीं रहीं। हालाँकि अन्य पीड़िताएँ किसी डर से खामोश हैं लेकिन पीड़िता ने मुँह खोलने की कोशिश की और बदले में उनकी हत्या कर दी गई।
कौशिक लाहिरी ने अपने इंटरव्यू में 9 अगस्त, 2024 को हुई घटना को दर्दनाक और शर्मनाक बताया। उन्होंने बताया कि जो कुछ भी हुआ वो अप्रत्याशित है। उनका दावा है कि पीड़िता के साथ हुए जघन्य वारदात को पहले रेप और हत्या साबित करने की कोशिश की गई। इसके बाद पीड़िता के शव को लावारिश जैसे रखा गया। बकौल कौशिक लाहिरी, केस दर्ज करने में हुई देरी पर सुप्रीम कोर्ट तक ने सवाल उठाए हैं जो कुछ लोगों की मंशा को प्रदर्शित करता है।
डॉक्टर लाहिरी का दावा है कि पीड़िता के परिजनों को भी अस्पताल में 3 घंटे तक बेवजह बिठा कर रखा गया था। इसके बाद लाश का पोस्टमार्टम करवाया गया। लाश का पोस्टमार्टम सूर्यास्त के बाद होने पर भी डॉक्टर लाहिरी ने हैरानी जताई है। उनका दावा है कि भले ही ये पश्चिम बंगाल सरकार के मुताबिक नियमानुसार हो पर कई कानूनविदों और डॉक्टरों की नजर में यह गैरकानूनी माना जाएगा। डॉक्टर कौशिक लाहिरी ने आगे बताया कि बाद में पता चला कि दाह संस्कार के दौरान तमाम दस्तखत पीड़िता के परिजनों के बजाय कुछ स्थानीय राजनैतिक लोगों के लिए गए।
इस से भी गंभीर विषय यह है कि केस में FIR पोस्टमार्टम के बाद दर्ज की गई थी। कौशिक लाहिरी ने घटना के बाद इस्तीफा देने वाले डॉक्टर संदीप घोष का भी जिक्र अपने इंटरवियु में किया। उन्होंने आगे कहा कि आरोपित को बचाने के लिए तमाम तरह के प्रयास भी किए गए लेकिन अंत में उसका चेहरा सबके सामने आ ही गया।
उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जिले में पुलिस ने गौहत्या के आरोप में मुस्लिम समुदाय के 2 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गोहत्यारों के नाम दिलशाद बेग और अरबाज़ हैं। आरोपितों के पास से 32 किलो से अधिक गोमांस बरामद हुआ है। शनिवार (31 अगस्त, 2024) को हुई इस घटना में शामिल सलमान और मोहम्मद शाह का बेटा गुदनु फरार हैं। इन सभी ने दबिश देने गए पुलिस बल पर भी गोलियाँ बरसाईं। फरार आरोपितों की तलाश में छापेमारी चल रही है।
यह मामला अम्बेडकरनगर जिले के थानाक्षेत्र इब्राहिमपुर का है। यहाँ 31 अगस्त (शनिवार) को थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर हरिनारायण ने तहरीर दी है। तहरीर में उन्होंने बताया है कि वो अपने कुछ साथी पुलिसकर्मियों के साथ शनिवार को गश्त कर रहे थे। तभी उनको मुखबिर से सूचना मिली कि नहर के पास 2 बाइकों पर सवार 4 लोग गाय का मांस ले कर जा रहे हैं। इनके पास अवैध हथियार होने की भी आशंका जताई गई। सूचना मिलते ही हरिनारायण फ़ौरन ही अपनी टीम के साथ मुखबिर द्वारा बताई जगह पर पहुँच गए।
तभी 2 बाइकों पर सवार 4 संदिग्ध सामने से आते दिखाई पड़े। पुलिस ने इन्हें रुकने का इशारा किया तो बाइक सवारों ने गोलियाँ बरसानी शुरू कर दी। पुलिस ने बार-बार चारों को सरेंडर करने के लिए कहा पर उन्होंने गोलियाँ बरसानी जारी रखीं। इन सभी ने भागने का प्रयास किया तो रितेश नाम के कांस्टेबल ने बंदूक ले कर भाग रहे एक व्यक्ति को दबोच लिया। उसने गोली बरसाने का प्रयास किया तो उसकी बैरल जमीन की तरफ धँसा दी गई। बाकी अन्य जवानों ने खुद को गोलियों से बचाते हुए दूसरे हमलावर को भी दबोच लिया।
इस धरपकड़ में 2 अन्य आरोपित फरार हो गए। पकड़े गए आरोपितों ने अपने नाम दिलशाद और अरबाज़ बताए। इनकी तलाशी में पुलिस को 32 किलो 200 ग्राम गोवंश के माँस के अलावा एक बंदूक, कारतूस, लोहे का चापड़, बाइक और मोबाइल फोन बरामद हुए। दोनों आरोपितों ने पूछताछ में मुठभेड़ के दौरान फरार हुए अन्य 2 हमलावरों के नाम सलमान और मोहम्मद शाह के बेटे गुदनु के तौर पर लिए। दिलशाद और अरबाज़ ने यह भी बताया कि वो पैसे कमाने के लिए गोवंश को काट कर बेचते थे।
#यूपी के #अंबेडकरनगर में इब्राहिमपुर थाना इलाके में दिलशाद, अरमान, सलमान और गुड्डू ने पुलिस पर गोली चलाई !!
अब पुलिस ने दिलशाद और अरबाज को 32 किलो गौमांस के साथ गिरफ्तार कर लिया है !!
— MANOJ SHARMA LUCKNOW UP?????? (@ManojSh28986262) September 1, 2024
पुलिस ने दिलशाद और अरबाज़ को गिरफ्तार कर के अदालत भेज दिया है। फरार चल रहे सलमान और गुदनु की तलाश में दबिश दी जा रही है। इनके 2 साथियों को हिरासत में ले कर पूछताछ चल रही है। इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 के साथ गोवध अधिनियम व आर्म्स एक्ट में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। पुलिस ने आरोपितों के गाँव में अपराधियों के सत्यापन की कार्रवाई तेज कर दी है।