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चाचा ने दी थी मोदी की बोटी-बोटी करने की धमकी, भतीजा संविधान का उड़ा रहा मजाक: इमरान मसूद के सांसद बनते ही परिजन दिखाने लगे रंग, Video वायरल

सहारनपुर से कॉन्ग्रेस के सांसद इमरान मसूद के भतीजे हमजा मसूद द्वारा संविधान का मजाक उड़ाने का मामला सामने आया है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में हमजा के साथ एक युवती भी नजर आ रही है। हालाँकि, जब बवाल बढ़ा तो हमजा ने यह कहा कि यह एक फन वीडियो था। हालाँकि, सोशल मीडिया पर इसके खिलाफ कार्रवाई की माँग उठ रही है।

दरअसल, यह वीडियो बुधवार (3 जुलाई 2024) को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस वीडियो में दिख रहा है कि हमजा मसूद हाथ में संविधान की पुस्तक लेते हुए है। इसके साथ में वो कह रहा है, मैं ह हमजा मसूद, ईश्वर की/अल्लाह की शपथ लेता हूँ कि मैं विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूँगा।”

यहाँ तक तो ठीक है, लेकिन इसके बाद हमजा मसूद जो कुछ कहता है कि वह संविधान का मजाक उड़ाने वाला है। वीडियो में यह भी दिख रहा है कि जब हमजा मसूद संविधान का मजाक उड़ा रहा होता है, उस समय उसके साथ खड़ी युवती खिलखिलाती रहती है। हमजा कहता है, “मैं ‘कुछ-कुछ करके’ अक्षुण्ण रखूँगा। ये मेरा वचन है। मेरा वचन ही है शासन।”

इस वायरल वीडियो को शेयर करते हुए भाजपा नेता अजय आलोक ने लिखा, “ये ‘शहज़ादे’ की फ़ौज के फ़िदायीन गुरिल्ले हैं, इनके चचा जो सांसद बने हैं। उन्होंने मोदी जी की बोटिया काटने की बात कही थी, ये संविधान को काट रहे हैं। इनका वचन इनका शासन। अच्छे जा रहे हो। राहुल गाँधी फ़ौज तैयार करो।”

इस वीडियो के वायरल होने के बाद हमजा मसूद ने व्‍हॉट्सऐप ग्रुप पर कहा कि वह यूँ ही फन वीडियो बना रहा था। उसका उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था। बता दें कि हमजा के अब्बू नौमान मसूद और सांसद इमरान जुड़वाँ भाई हैं। नौमान गंगोह नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन हैं और गंगोह की राजनीति में सक्रिय रहते हैं। हमजा भी नगरपालिका के मौजूदा बोर्ड में सभासद है।

ये वही इमरान मसूद हैं, जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बोटी-बोटी करने की धमकी दी थी। यह धमकी उन्होंने एक सभा में दी थी। साल 2014 के चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कहा था, “गुजरात में चार परसेंट मुसलमान हैं। यहाँ 40 परसेंट हैं। नरेंद्र मोदी यहाँ आ जाएँ तो उनकी बोटी-बोटी कर डालेंगे।” इस बयान के बयान उनके खिलाफ FIR करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।

भाई के साथ NEET काउंसलिंग के लिए जा रही थी लड़की, शोहदे ने कर दिया एसिड अटैक: पीड़िता पर मिलने का डालता था दबाव, पैर में गोली मार UP पुलिस ने पकड़ा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लोहिया पार्क के पास भाई-बहन पर अभिषेक वर्मा नाम के शोहदे ने एसिड फेंक दिया। जिसमें भाई-बहन दोनों झुलस गए। एसिड से छात्रा का चेहरा झुलस गया, तो उसके भाई की पीठ और अन्य अंग प्रभावित हुए। इस घटना के बाद अभिषेक वर्मा फरार हो गया, जिसे पुलिस ने शाम को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया। एनकाउंटर के दौरान उसने पुलिस पर गोली चलाई, तो पुलिस की गोली उसकी टाँग में लगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोहिया पार्क के पास बुधवार (3 जुलाई 2024) को अभिषेक वर्मा नाम के शोहदे ने नीट काउंसिलिंग के लिए अपने भाई के साथ जा रही छात्रा पर एसिड फेंक दिया। दोनों इस हमले में गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों को केजीएमयू में भर्ती कराया गया है, जहाँ उन्हें प्लास्टिक सर्जरी डिपार्टमेंट में रखा गया है। इस हमले में घायल छात्रा का मौसेरा भाई नीट क्वालिफाई करने के बाद एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है।

पीड़ित के चाचा ने मीडिया से कहा कि छात्रा और उसका भाई टैक्सी से उतरे थे, तभी आरोपित वहाँ आ गया और छात्रा से बात करने की कोशिश करने लगा। छात्रा ने जब उसे डपट दिया, तो उसने एसिड की बोतल निकाली और उनके ऊपर भेज दिया। एसिड हमले में लड़के की पीठ और लड़की का चेहरा झुलस गया है। पीड़िता के चाचा ने बताया कि एसिड से हमला करने वाले युवक का नाम अभिषेक वर्मा है।

वारदात के बाद छात्रा ने परिजनों को बताया कि अनजान नंबरों से कॉल करने वाला एक शख्स उसको चार-पाँच दिन से परेशान कर रहा था। मैसेज भी भेजता था, लेकिन छात्रा ने परिजनों को नहीं बताया और न ही पुलिस से शिकायत की। वो छात्रा पर लगातार मिलने के लिए भी दबाव डाल रहा था, लेकिन जब उसने एसिड अटैक कर दिया, जब जाकर ये बात सामने आ पाई। हालाँकि पुलिस ने बुधवार रात ही आरोपित अभिषेक वर्मा को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। वो लखीमपुर खीरी जिले का रहने वाला है। मुठभेड़ के दौरान उसके दाहिने पैर में पुलिस की गोली लगी है।

कोविड जैसा संकट आया, फिर भी गरीबी को सिंगल डिजिट में खींच लाई मोदी सरकार: NCAER ने रिसर्च में बताया- 12 साल में 12.7% घटी गरीबी की दर

भारत में गरीबी पर आपको कई प्रोपगेंडाबाज प्रोपगेंडा फैलाते दिखेंगे लेकिन अगर अर्थशास्त्रियों की रिपोर्ट देखेंगे तो पता चलेगा कि भारत में गरीबी बढ़ी नहीं बल्कि घटी है। हाल में नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) द्वारा जारी किए गए रिसर्च पेपर से ये जानकारी सामने आई है कि कोरोना महामारी जैसी चुनौती के बावजूद भारत में 12 साल में गरीबी 12.7 फीसद तक गिरी है।

थिंक टैंक NCAER के सोनाल्डे देसाई के नेतृत्व में अर्थशास्त्रियों के एक पेपर (जिसका शीर्षक ‘बदलते समाज में सामाजिक सुरक्षा दायरा पर पुनर्विचार’ है) में गरीबी के आँकड़ों को लेकर यह अनुमान लगाया गया है। इस सर्वे में कहा गया है कि भारत में गरीबी अनुपात में तेजी से गिरावट आई है। 2011-12 में ये 21.2% थी और अब घटकर 8.5% हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में ये आँकड़ा 24.8 से 8.6 फीसद तक आया है। वहीं, शहरी क्षेत्रों में गरीबी 13.4 फीसदी से घटकर 8.4 फीसदी तक।

इस रिसर्च के लिए शोधकर्ताओं ने इंडियन ह्यूमन डेवलपमेंट सर्वे की वेव 3, वेव 2 और वेव 1 के डेटा को आधार बनाया। साथ ही बताया कि देश में भले ही सरकार से मिलने वाले लाभों के कारण ये बदलाव आया हो लेकिन ये बात भी ध्यान देने वाली है कि लोगों के जीवन में होने वाली घटनाएँ उन्हें फिर से गरीबी में ढकेल सकती है। सोनल डे देसाई अपनी रिपोर्ट में इस बात को बताती है कि इन 8.5 फीसद गरीबों में 3.2 फीसद जन्म से गरीब थे जबकि 5.3 फीसद जीवन में हुई किसी दुर्घटना के बाद गरीब बने।

रिसर्च में देश में हो रहे आर्थिक विकास और गरीबी में आई कमी जैसे मुद्दों पर बात की गई। दस्तावेज में कहा गया है कि इकनॉमिक ग्रोथ और गरीबी की स्थिति में कमी से एक गतिशील परिवेश पैदा होता है। इसके लिए कारगर सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों की जरूरत होती है। सामाजिक बदलाव की रफ्तार के साथ सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों को बनाए रखना भारत के लिए एक प्रमुख चुनौती होगी।

रिसर्च में इस्तेमाल किया गया पेपर

बता दें कि इससे पहले नीति आयोग के सीईओ बी वी आर सुब्रह्मण्यम ने कुछ महीने पहले भारत में गरीबी को लेकर अनुमान लगाते हुए कहा था कि नवीनतम उपभोक्ता व्यय सर्वेक्षण से संकेत मिलता है कि देश में गरीबी घटकर 5 फीसदी रह गई है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों के पास पैसे आ रहे हैं।

NCAER क्या है?

मौजूदा जानकारी के अनुसार, नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च भारत का सबसे पुराना और सबसे बड़ा स्वतंत्र, गैर-लाभकारी, आर्थिक नीति अनुसंधान थिंक टैंक है। 1956 में नई दिल्ली में स्थापित, इसने अपनी स्थापना के कुछ दशकों के भीतर ही काफी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान हासिल कर ली। यह सरकारों और उद्योग के लिए अनुदान-वित्तपोषित अनुसंधान और कमीशन अध्ययन का कार्य करता है, और यह वैश्विक स्तर पर उन कुछ थिंक टैंकों में से एक है जो प्राथमिक डेटा भी एकत्र करते हैं।

तूफान से निकलकर आई टीम इंडिया तो स्वागत में बरसा आसमान, एयरपोर्ट से लेकर होटल तक फैन का जमावड़ा: PM से मिले T20 के वर्ल्ड चैंपियन, मुंबई में ‘विक्ट्री परेड’

भारतीय क्रिकेट टीम टी-20 विश्वकप जीत के बाद भारत लौट आई है। भारतीय खिलाड़ियों का दिल्ली के एयरपोर्ट पर प्रशंसकों ने जोरदार तरीके से स्वागत किया। इसके बाद खिलाड़ी होटल पहुँचे और फिर प्रधानमंत्री मोदी से मिलने लोक कल्याण मार्ग पहुँचे हैं। बता दें कि पीएम मोदी ने पिछले साल 50 ओवरों के विश्व कप फाइनल में मिली हार के बाद खिलाड़ियों से मिलकर उनका हौसला बढ़ाया था और अब विश्व विजेता बनने के बाद सभी खिलाड़ी लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास पर पहुँचे और उनसे मुलाकात की।

विश्व विजेता बनने के बाद सभी खिलाड़ी पीएम मोदी से मुलाकात की। सभी खिलाड़ी लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास पर पहुँचे। टीम इंडिया के साथ ही बीसीसीआई के अध्यक्ष रोजर बिन्नी, बीसीसीआई के उपाध्यक्ष जय शाह, मुख्य कोच राहुल द्रविड़, कप्तान रोहित शर्मा, विराट कोहली, रविंद्र जडेजा, जसप्रीत बुमराह समेत सभी खिलाड़ी मौजूद रहे।

इससे पहले टीम के खिलाफ सुबह साढ़े दस बजे के आसपास पीएम मोदी के आवास पर पहुँचे थे। खिलाड़ी करीब 3 घंटे तक पीएम आवास में रहे।

केंद्रीय मंत्री ने किया स्वागत

टीम इंडिया की बारबाडोस से वतन वापसी पर केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने वीडियो पोस्ट किया और एक्स पर लिखा, “बारबाडोस की धरती पर तिरंगा लहराने वाली T20 विश्वकप विजेता हमारी भारतीय टीम का स्वेदश लौटने पर हार्दिक स्वागत। पूरा देश आपके सत्कार के लिए उत्सुक है।”

मुंबई में विक्ट्री परेड

पीएम मोदी से मिलने के बाद खिलाड़ी चार्टर्ड फ्लाइट पकड़ कर मुंबई पहुँचेंगे, जहाँ टीम की विक्ट्री परेड होगी। मुंबई में लैंड करने के बाद सभी खिलाड़ी खुली बस में वानखेड़े स्टेडियम तक पहुँचेंगे। उसके बाद शाम शाम 5:00 बजे से मरीन ड्राइव और वानखेड़े स्टेडियम के बीच विक्ट्री परेड होगी।

बता दें कि 29 जून 2024 को भारत ने साउथ अफ्रीका को टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में 7 रनों से हराया और 17 साल बाद इस फॉर्मेंट में विश्व चैंपियन बनी। ये फाइनल मुकाबला ब्रिजटाउन (बारबाडोस) के केंसिंग्टन ओवल स्टेडियम में खेला गया था। लेकिन इस मुकाबले के बाद भारतीय टीम मौसम खराब होने की वजह से वहीं फँस गई थी और आज (गुरुवार-4 जुलाई 2024) की सुबह ही पूरी टीम भारत पहुँची है।

‘कियारा आडवाणी ने करवा रखा है सिद्धार्थ मल्होत्रा पर काला जादू, तुम बचा लो’: अलीजा और हुस्ना ने इनसाइड स्टोरी के नाम पर एक्टर की फैन से ठगे ₹50 लाख

बॉलीवुड अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा ​​के एक फैन पेज पर 50 लाख रुपए की ठगी का आरोप लगा है। अमेरिका में रहने वाली मीनू वासुदेवा नाम की यूजर ने @desi_girl334 हैंडल से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि मल्होत्रा के फैन पेज की मैनेजर अलीजा और हुस्ना परवीन ने उन्हें कियारा और सिद्धार्थ की इनसाइड स्टोरी देने के नाम पर लाखों का चूना लगाया।

माीनू का इस पूरे मामले पर पोस्ट वायरल होने के बाद अब अभिनेता ने खुद इस पर प्रतिक्रिया दी है। सिद्धार्थ मल्होत्रा ​​ने कहा,

“मेरी जानकारी में आया है कि कुछ फ्रॉड एक्टिविटी और स्कैम सोशल मीडिया पर मेरे नाम से चल रहे हैं जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि ये लोग मेरी फैमिली से नाता रखते हैं या फिर मेरे समर्थक हैं। इस नाम पर वो लोगों से पैसा भी माँग रहे हैं। मैं आपको बताना चाहता हूँ कि ना तो मैं, ना ही मेरे परिवार का कोई सदस्य और ना ही मेरा कोई समर्थक सोशल मीडिया पर इस तरह की गतिविधि में लिप्त है। अगर आपके संपर्क में कोई भी ऐसा फर्जीवाड़ा आता है तो उसके लिए शिकायत करें और किसी भी तरह की झूठी जानकारी को फैलने ना दें। मेरे प्रशंसक ही मेरी सबसे बड़ी ताकत हैं। आपका भरोसा और आपकी सुरक्षा मेरे लिए सर्वोपरि है। बिग लव एंड हग।”

बता दें कि मीनू वासुदेवा ने बताया कि इन दोनों लोगों ने उन्हें बताया था कि एक्टर सिद्धार्थ मल्होत्रा की जान को खतरा है। इन्होंने यह तक कहा था कि सिद्धार्थ, कियारा आडवाणी से शादी नहीं करना चाहते थे मगर कियारा ने काला जादू करके एक्टर से शादी की है। इसके अलावा मीनू को यह विश्वास भी दिलाया गया कि कियारा के साथ करण जौहर, मनीष मल्होत्रा और शशांक खेतान मिले हुए हैं और कियारा ने सिद्धार्थ का बैंक अकाउंट अपने कंट्रोल में ले लिया है और सिद्धार्थ के साथ चीटिंग भी की है।

मीनू बताती हैं कि वह अमेरिका की रहने वाली हैं और उनके साथ ये धोखाधड़ी साल 2023 में हुई थी। आरोपित कियारा और सिद्धार्थ की इनसाइड स्टोरी के नाम पर ये सारी ठगी करते थे और मीनू से सिद्धार्थ को बचाने को कहा जाता था। इसके अलावा सिद्धार्थ को गिफ्ट हैंपर देने के लिए भी मीनू से पैसे लिए और बाद में मीनू को जानकारी हुई कि वो फोटो एडिटेड है। धीरे-धीरे मीनू को समझ आया कि उन्हें सिर्फ इनसाइड स्टोरी के नाम पर ठगा जा रहा है। इसके बाद उन्होंने इस संबंध में पोस्ट लिखा और लोगों को अपने साथ हुई धोखाधड़ी से अवगत कराया।

पुलों का कब्रिस्तान बना बिहार: 24 घंटे में 5 तो 15 दिन में 11 गिरे, अंग्रेजों के जमाने से लेकर नए नवेले तक हुए धराशायी

बिहार में पुलों के ढहने का मानो सिलसिला चल पड़ा हो। बिहार के अलग-्अलग जिलों में पिछले 15 दिनों के दौरान 11 पुल ढह चुके हैं। कहीं अंग्रेजों के जमाने का पुल बहा है, तो कहीं 5 साल पुराना पुल पानी के दबाव को नहीं सह सका। अकेले बुधवार-गुरुवार (3-4 जुलाई 2024) को सीवान और सारण जिले में 5 पुल ढह गए हैं। पुलों के ढहने की घटनाओं पर विपक्ष ने सरकार पर जोरदार हमला बोला है।

सीवान में ढहे तीन पुल

बुधवार को सीवान जिले में पुलों के ढहने की तीन घटनाएँ सामने आई। पहली घटना महाराजगंज अनुमंडल के देवरिया गाँव में घटी, जहाँ गंडक नदी पर बना पुल का एक पिलर धँस गया और पुल टूट गया। बताया जा रहा है कि यह पुल तकरीबन 40 साल पुराना था। पुल टूटने की दूसरी घटना महाराजगंज प्रखंड के तेवता पंचायत में घटी, स्थानीय लोगों ने बताया कि यह पुल 5 साल पहले ही बनाया गया था। वहीं, पुल टूटने की तीसरी घटना महाराजगंज के धम्ही गाँव में घटी। लोगों का कहना है कि नदी के जल बहाव में काफी तेजी आने और जलस्तर बढ़ने से पुल दबाव नहीं झेल पा रहे हैं।

सारण में ढहे 2 पुल, 1 तो अंग्रेजों के जमाने से खड़ा था

बिहार के सारण जिले में भी 2 पुलों के ढहने की जानकारी मिल रही है। सारण जिले का मुख्यालय छपरा है। छपरा में गंडक नदी पर स्थित जनता बाजार इलाके में पहला पुल टूटा। वहीं दूसरा पुल भी इसी इलाके में टूटा, जो वहाँ से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर है। ये पुलिस करीब 100 साल पुराना था और अंग्रेजों के जमाने से खड़ा था। सीवान और छपरा में पाँच पुल पुलिया टूटने से पहले पिछले दो सप्ताह में अररिया, सीवान, मोतिहारी, किशनगंज और मधुबनी में कुल 6 पुल और पुलिया पहले ही ध्वस्त हो चुके हैं।

पुल के टूटने की घटनाओं को लेकर विपक्ष अब राज्य सरकार पर हमलावर है। तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने बुधवार को एक्स पर लिखा, “आज बिहार में एक ही दिन में ? पुल और गिरे। सुशासनी नेकचलनी के सौजन्य से विगत ?? दिन में बिहार में कुल ? पुल जल समाधि ले चुके है। डबल इंजन सरकार अब इसका दोष भी विपक्ष को देकर अपने कर्तव्यों, सुशीलता से परिपूर्ण वसूली तंत्र एवं डबल इंजन पॉवर्ड भ्रष्टाचार का इतिश्री कर सकती है।”

बता दें कि 18 जून से बिहार में लगातार पुलों के टूटने की खबरें आ रही हैं। 18 जून को अररिया में बकरा नदी पर निर्माणाधीन पुल ढह गया था, तो 22 जून को सीवान में गंडक नदी पर बना पुल गिर गया। 23 जून को पूर्वी चंपारण में निर्माणाधीन पुल गिया, तो 27 जून को बिहार के किशनगंज में कंकाई और महानंदा नदी को जोड़ने वाली एक छोटी सहायक नदी पर बन रहा पुल ध्वस्त हो गया। इसी दिन मधुबनी जिले में भी एक पुल टूटा तो 30 जून को भी किशनगंज में एक पुल ढह गया था।

भारतीय सेना ने भी बता दिया राहुल गाँधी कितने बड़े झूठे, कहा- बलिदानी ‘अग्निवीर’ अजय कुमार के परिवार को दिए ₹98.39 लाख, ₹67 लाख और मिलेंगे

भारतीय सेना ने राहुल गाँधी और उन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज किया है, जिसमें कहा जा रहा था कि वीरगति को प्राप्त होने वाले अग्निवीरों के परिवारों को किसी तरह की आर्थिक सहायता नहीं दी गई। सेना ने बताया है कि पंजाब के बलिदानी अग्निवीर अजय कुमार के परिवार को 98 लाख रुपए दिए जा चुके हैं, तो 67 लाख रुपए की धनराशि उनके परिवार को देने की प्रक्रिया अभी जारी है। बता दें कि राहुल गाँधी ने आरोप लगाया था कि अग्निवीरों के परिजनों को कोई आर्थिक सहायता नहीं दी गई है। उन्होंने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह पर देश को गुमराह करने के भी आरोप लगाए थे। हालाँकि भारतीय सेना ने राहुल गाँधी के आरोपों की पोल खोल दी है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सेना की ओर से जारी बयान को री-ट्वीट किया है और कहा, “भारतीय सेना अग्विनीरों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।” रक्षा मंत्री ने राहुल गाँधी को सदन में भी फटकारा था। उन्होंने कहा था कि राहुल गाँधी को ऐसी बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। वहीं, अब सेना की ओर से जारी आधिकारिक बयान में बताया गया है कि अग्निवीर के परिजनों को मुआवजे के तौर पर अब तक 98 लाख रुपए दिए जा चुके हैं।

सेना ने एक्स पर पोस्ट किया, “कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि ड्यूटी के दौरान वीरगति प्राप्त करने वाले अग्निवीर अजय कुमार के परिजनों को मुआवजा नहीं दिया गया है। ऐसे दावे बिल्कुल निराधार हैं। भारतीय सेना अग्निवीर अजय कुमार के सर्वोच्च बलिदान को सलाम करती है। उनका पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अग्निवीर अजय के परिवार को कुल देय राशि में से 98.39 लाख रुपये का भुगतान पहले ही किया जा चुका है।” सेना की ओर से कहा गया है कि इसके अलावा उनके परिवार को 67 लाख रुपये की राशि और दी जाएगी, इसके बाद कुल राशि करीब 1.65 करोड़ रुपए हो जाएगी।

नौशेरा में वीरगति को प्राप्त हुए थे अग्निवीर अजय सिंह

पंजाब के लुधियाना जिले के खन्ना के रहने वाले अग्निवीर अजय सिंह 23 जनवरी, 2024 को जम्मू-कश्मीर में बलिदान हो गए थे, उनकी उम्र महज 23 साल थी। केंद्रशासित प्रदेश के राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में एक बारूदी सुरंग में हुए विस्फोट की चपेट में आने से वो वीरगति को प्राप्त हुए थे। उनके परिवार में माता-पिता और 4 बहनें हैं। लोकसभा चुनाव से पहले दाखा की दाना मंडी में रैली को संबोधित करने के बाद राहुल गाँधी खन्ना आए और फिर अचानक गाँव रामगढ़ सरदारा में अग्निवीर बलिदानी अजय कुमार के घर पहुँचे थे।

राहुल गाँधी ने भी किया झूठा दावा

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि अग्निवीर अजय सिंह के परिवार को कोई मुआवजा या राहत राशि नहीं मिली है। वहीं, राहुल गाँधी ने एक्स पर दावा करते हुए कहा कि संसद में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने झूठ बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वीडियो शेयर करते हुए राजनाथ सिंह से माफी माँगने को भी कहा था। राहुल गाँधी ने कहा, “संसद में मैंने कहा कि सत्य की रक्षा हर धर्म का आधार है। जवाब में राजनाथ सिंह ने शिव जी के फोटो के सामने पूरे हिंदुस्तान को, देश की सेना को और अग्निवीरों को कंपेनसेशन के बारे में झूठ बोला।”

राहुल ने कहा कि अजय सिंह के पिता ने मेरे और रक्षा मंत्री के भाषण सुनने के बाद कहा कि राजनाथ सिंह ने सदन में जो कहा, उसके अनुसार हमें न कोई पैसा नहीं मिला और न ही कोई मैसेज आया। राहुल गाँधी ने आगे कहा कि रक्षा मंत्री ने संसद में शहीद अजय सिंह के परिवार से, सेना से और देश के युवाओं से झूठ बोला है। रक्षा मंत्री को इन सबसे माफी माँगनी चाहिए।

राहुल गाँधी के बयान का रक्षा मंत्री ने ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के अग्रिवीर के परिवार ने भी उनके दावे का खंडन किया है। महाराष्ट्र के बलिदानी अग्निवीर अक्षय गवटे के परिवार ने कहा है कि उन्हें सरकार से 1.08 करोड़ रुपये की सहायता मिली है। महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में पिंपलगांव सराय के मूल निवासी अग्निवीर अक्षय गवटे 21 अक्टूबर 2023 को सियाचिन में अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे। अक्षय के पिता लक्ष्मण गवटे ने सोमवार (2 जुलाई 2024) को पत्रकारों से कहा कि अक्षय की मौत के बाद परिवार को ‘‘बीमा कवर के रूप में 48 लाख रुपए, केंद्र सरकार से 50 लाख रुपए और राज्य सरकार से 10 लाख रुपए मिले।’’

साल 2022 से लागू है अग्निपथ योजना

गौरतलब है कि अग्निपथ योजना की घोषणा 14 जून, 2022 को की गई थी। इसमें 17 से 21 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं को केवल चार साल के लिए सेना में भर्ती करने का प्रावधान किया गया था, जिनमें से 25 प्रतिशत को आगे 15 और वर्षों के लिए बनाए रखने का प्रावधान है। सरकार ने बाद में ऊपरी आयु सीमा को बढ़ाकर 23 वर्ष कर दिया। इस योजना का राजनीतिक विरोध काफी किया गया। अब भी इंडी गठबंधन कहता है कि वो सत्ता में आएगी तो अग्निपथ योजना को बंद कर देगी।

बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर करो: झारखंड हाई कोर्ट का आदेश, याचिकाकर्ता ने बताया- ST लड़कियों को फँसाकर बना रहे मुस्लिम, खुल रहे मदरसे

अवैध रूप से भारत में घुसने वाले बांग्लादेशियों के खिलाफ झारखंड कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। अदालत ने राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि वो गैर कानूनी रूप से भारत में घुसे हुए बांग्लादेशियों को चिह्नित करें और उनपर कार्रवाई करके उन्हें वापस भेजने के लिए कार्ययोजना तैयार करें।

जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस एके राय की पीठ ने बुधवार (3 जुलाई 2024) को डानियल दानिश की याचिका पर सुनवाई के बाद ये निर्देश दिए। याचिका में अदालत को बताया गया था कि संताल परगना जैसे जिले जो बांग्लादेश से सटे हुए हैं, उनमें बांग्लादेश के प्रतिबंधित संगठन सुनियोजित तरीके से झारखंड की जनजातीय लड़कियों से शादी करके उनका धर्मांतऱण करवा रहे हैं। इसे रोका जाना अनिवार्य है।

इसमें ये भी कहा गया था कि संताल परगना के बांग्लादेश की सीमा से सटे हुए जिलों में अचानक मदरसों में भी बढोतरी हुई । नए 46 मदरसे हैं। याचिका में कहा गया कि इन मदरसों के जरिए देश विरोधी कार्य हो रहे हैं। न केवल जनजातीय महिलाओं का शोषण हो रहा है बल्कि घुसपैठिए जमीन पर कब्जा भी कर रहे हैं।

अदालत ने इस मामले में सरकार को दो सप्ताह के भीतर प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा है जिसमें उन्हें बताना है कि उन्होंने कितने बांग्लादेशी घुसपैठियों को चिह्नित किया, उनमें से कितनों को रोका और कितनों को वापस भेजने का प्रयास हो रहा है।

इसके अलावा कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार से भी जवाब दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि ये बहुत गंभीर मसला है। इसको सिर्फ राज्य की सरकारें नहीं हैंडल कर सकतीं। केंद्र को भी इसमें राज्य के साथ काम करना चाहिए। इसलिए वो भी उन्हें रिपोर्ट दें कि केंद्र इस मामले में क्या-क्या कदम उठा सकता है।

बता दें कि इस सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से भी अदालत में बात रखी गई। केंद्र ने कोर्ट को बताया कि घुसपैठ के मामले में केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को अधिकार दिए हैं वो ऐसे लोगों को खुद चिह्नित करके कार्रवाई कर सकते हैं। हालाँकि याचिका डालने वाले व्यक्ति ने बताया कि राज्य सरकार तो राज्य में घुसपैठ से ही इनकार कर रही है। वो संताल इलाके में किसी धर्मांतरण की बात भी नहीं स्वीकार कर रही। ऐसे में केंद्र को ही घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए जाने चाहिए। अब मामले में अगली सुनवाई 18 जुलाई को होनी है।

गौरतलब है कि धर्मांतरण के मसले पर इससे पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी सख्त टिप्पणी की थी। उन्होंने ईसाई धर्मांतरण के खतरे को देख कहा था कि अगर अगर इसी तरह से धर्मांतरण का खेल जारी रहा तो आने वाले समय में देश में बहुसंख्यक जनसंख्या अल्पसंख्यक हो जाएगी। कोर्ट में ये महत्वपूर्ण टिप्पणी जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ ने की थी। उन्होंने कहा था कि जहाँ भी और जैसे भी भारतीय लोगों का धर्मांतरण करवाया जाता है उसे फौरन रोका जाना चाहिए।

कूड़ा बीनने वाला मोहम्मद जकी घर में 8 साल के बच्चे को अकेला देख बना शैतान, समोसा खिलाने का लालच देकर किया कुकर्म: हल्द्वानी की बनभूलपुरा पुलिस ने दबोचा

उत्तराखंड के हल्द्वानी में एक नाबालिग बच्चे से कुकर्म का मामला सामने आया है। यहाँ कूड़ा बीनने वाला मोहम्मद जकी ने 8 साल के नाबालिग बच्चे के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म किया है।आरोपित ज़की पीड़ित को समोसे का लालच देकर अपने साथ ले गया था। पुलिस ने FIR दर्ज करके आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना हल्द्वानी के थाना क्षेत्र बनभूलपुरा की है। यहाँ एक महिला ने पुलिस में तहरीर देकर बताया कि वह 5 बच्चों की माँ है। लोगों के घरों में काम करके वह अपने परिवार का भरण-पोषण करती है। उसने बताया कि वह घटना के दिन काम पर गई थी। घर में उसका 8 साल का बेटा मौजूद था।

इसी दौरान इलाके में कूड़ा बीनने वाला मोहम्मद ज़की महिला के घर आया। थोड़ी देर की बातचीत के बाद उसने महिला के बच्चे को समोसा खिलाने का लालच दिया और अपने साथ ले गया। महिला ने आरोप लगाया कि बाहर कहीं सुनसान जगह पर ले जाकर ज़की ने बच्चे के साथ कुकर्म किया। इसके बाद इस घटना के बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी दी।

महिला जब घर आई तो उसने अपने बच्चे को परेशान देखा। कई बार पूछने के बाद पीड़ित ने अपनी माँ को सारी बात बता दी। सच्चाई जानकर पीड़ित की माँ ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। थाना प्रभारी वनभूलपुरा नीरज भाकुनी का कहना है कि आरोपित के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।

पीड़ित बच्चे की माँ ने अपनी शिकायत में आरोपित मोहम्मद ज़की पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। मोहम्मद ज़की को जेल भेज दिया गया है। आरोपित हल्द्वानी के इंदिरानगर इलाके का रहने वाला है। इस मामले में जाँच और अन्य जरूरी कार्रवाई की जा रही है। पीड़ित बच्चे की काउंसिलिंग करवाई गई है।

पोर्न देखने का आदी हाफिज दिलनवाज ने मदरसे के 9 साल के बच्चे से किया कुकर्म, विरोध पर मारकर कुएँ में फेंका: हाथ-पैर बाँधकर मुँह में चिपका दिया था टेप

उत्तर प्रदेश की फतेहपुर पुलिस ने मदरसे के अंदर हुई 9 साल के नाबालिग छात्र की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। हत्या के आरोप में बुधवार (3 जुलाई) को मदरसे के ही एक हाफिज और एक मौलवी को गिरफ्तार किया गया है। हाफिज का नाम दिलनवाज है, जबकि मौलवी का नाम रकीमुद्दीन है। दोनों रिश्ते में जीजा-साले लगते हैं।

मदरसे के अंदर शनिवार (29 जून 2024) को बच्चे के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म किया गया था। राज खुलने के डर से दोनों आरोपितों ने मिलकर नाबालिग की हत्या कर दी थी। आरोपित दिलनवाज को पोर्न देखने की लत है। फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक IPS उदय शंकर सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मदरसे में लगभग 20 बच्चे पढ़ते हैं।

उन्होंने कहा कि इस मदरसे में पढ़ाने वाले हाफिज दिलनवाज ने 9 वर्षीय बच्चे के साथ कुकर्म किया था। जब बच्चे ने विरोध किया तो उसकी निर्ममता से हत्या कर दी गई। हत्या के बाद दिलनवाज ने मदरसे के मौलवी रकीमुद्दीन के साथ मिलकर बच्चे की लाश को ठिकाने लगा दिया। दोनों ने शव को एक बोरी में भरकर मदरसे से लगभग 400 मीटर दूर एक कब्रिस्तान के पास बने कुएँ में फेंक दिया था।

पुलिस अधीक्षक ने आगे बताया कि चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के साथ जिला अल्पंसख्यक कल्याण विभग इस मामले की अलग-अलग जाँच करवा रहा है। मदरसे की वैधता की भी जाँच चल रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपित हाफिज दिलनवाज पोर्न देखने का आदी है। मृतक मदरसे में उम्र में सबसे छोटा था। घटना के दिन भी दिलनवाज ने मोबाइल पर पोर्न देखी।

उन्होंने आगे बताया कि दिलनवाज ने मदरसे में पीड़ित छात्र को अकेला पाकर उससे कुकर्म किया था। कुकर्म के बाद पोल खुलने के डर से उसने रस्सी से गला घोंट कर छात्र को मार डाला था। दिलनवाज का जीजा रकीमुद्दीन इसी मदरसे में मौलवी था। उसने अपने साले को बचाने के लिए बच्चे की लाश को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया।

रकीमुद्दीन ने रातों-रात बोरी में बच्चे का शव भर करके उसे पास के कब्रिस्तान से सटे हुए कुएँ में फेंक दिया था। शव को मदरसे से कुएँ तक बाइक से ले जाया गया था। ख़ास बात ये है कि मौलवी रकीमुद्दीन ने ही छात्र के परिजनों को बच्चे के गायब होने की सूचना फोन पर दी थी। पुलिस ने दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी के साथ हत्या में प्रयोग हुई रस्सी को भी बरामद कर लिया है।

पुलिस ने शव को ले जाने के लिए इस्तेमाल की गई बाइक को भी सीज कर लिया है। बता दें कि 30 जून को मालवां थाने के एक गाँव के कुछ चरवाहों ने कुएँ में एक शव को तैरता हुए देखा था। इसके बाद इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस की मौजूदगी में शव को कुएँ से निकला गया। लाश के हाथ और पैरों को बाँध दिया गया था। मुँह पर भी टेप चिपका दिया गया था।

पुलिस ने मृतक छात्र के परिजनों को बुलाया और उसकी शिनाख्त करवाई। इसके बाद परिजनों से तहरीर ले कर मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ हत्या, पॉक्सो और IPC की धारा 377 सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज की है। मृत छात्र का शव अंतिम संस्कार के लिए उनके परिजनों को सौंप दिया गया है।