उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले में किन्नरों के एक गिरोह ने भिक्षा माँग रहे साधुओं पर हमला कर दिया है। इस हमले में कुल 3 साधुओं को चोटें आईं हैं। उनके ढोलक और हारमोनियम छीन कर तोड़ डाले गए। हमले का मुख्य आरोपित शरीफ बताया जा रहा है। पुलिस ने कुल 4 आरोपितों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। घटना मंगलवार (11 जून 2024) की है। जिस इलाके का यह मामला है वहाँ के किन्नरों की मुखिया ने हमलावरों को आदतन अपराधी बता कर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।
यह मामला शाहजहाँपुर जिले के थाना क्षेत्र कलान का है। यहाँ जिला बदायूँ के रहने वाले राजेंद्र नाथ गोस्वामी ने बुधवार (12 जून, 2024) को पुलिस में तहरीर दी है। तहरीर में उन्होंने बताया कि मंगलवार को वह वार्षिक भिक्षा के लिए कलान इलाके में भ्रमण कर रहे थे। राजेंद्र के साथ रामसरन और गोपाल नाथ भी थे। ये सभी हारमोनियम और ढोलक पर भजन गाते हुए स्वेच्छा से मिल रहा दान ले रहे थे। इसी दौरान वहाँ पर किन्नर समुदाय के शरीफ, आसिव, सोनम और सुंदरम पहुँच गए।
इन सभी ने मिल कर तीनों साधुओं को बेरहमी से बीच रास्ते दिन दहाड़े पीटा। इनके हारमोनियम और ढोलक को जमीन पर पटक कर तोड़ डाला गया। तीनों साधुओं को आरोपितों ने गंदी-गंदी गालियाँ दी। डर से लौट रहे साधुओं को इन आरोपितों ने दोबारा दिखाई देने से जान से मार डालने की भी धमकी दी। चारों आरोपितों ने साधुओं से यह भी कहा कि इलाके में किसी से भी माँगने का अधिकार केवल उन्ही लोगों के पास है। पीड़ित राजेंद्र ने पुलिस ने शरीफ, सोनम, आसिव और सुंदरम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है।
उक्त प्रकरण मे थाना कलान पर अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही अमल मे लायी जा रही है।
— SHAHJAHANPUR POLICE (@shahjahanpurpol) June 13, 2024
इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में चारों किन्नरों को साधुओं की पिटाई करते देखा जा सकता है। तीनों साधु स्वयं को बचाने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। पिटाई से आसपास अफरातरफी का माहौल हो गया। इस माहौल में किन्नरों को कपड़े भी उतारते देखा जा सकता है। जब पीड़ित साधु अपनी शिकायत ले कर थाने पहुँचे थे तो यहाँ भी शरीफ अपने साथियों सहित पहुँच गया था। उसने यहाँ हंगामा काटा। पुलिस ने जैसे-तैसे हालत को काबू किया।
पुलिस ने आसिव, सोनम, शरीफ और सुंदरम किन्नर के खिलाफ IPC की धारा 323, 427, 504 व 506 के तहत FIR दर्ज कर ली है। मामले की जाँच की जा रही है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। इस बीच संबंधित इलाके में किन्नरों की मुखिया चाँदनी चौहान का बयान सामने आया है। उन्होंने साधुओं को पीटे जाने की घटना को निंदनीय बताते हुए चारों आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। चाँदनी किन्नर का कहना है कि आसिव, सोनम, शरीफ और सुंदरम आदतन अपराधी हैं जो आए दिन कोई न कोई उत्पात किया करते हैं। इन आरोपितों ने पहले भी कुछ अन्य लोगों की पिटाई की है।
लोकसभा चुनाव 2024 खत्म हो चुका है। कॉन्ग्रेस की अगुवाई वाली इंडी गठबंधन की बुरी तरह से हार हुई है। और अब इसका गुस्सा आम जनता पर निकलने लगा है। कॉन्ग्रेस के सत्ता वाले सबसे बड़े राज्य कर्नाटक में जनता को अब पेट्रोल-डीजल की बढ़ी हुई कीमतों से ये गुस्सा सहना पड़ेगा। कर्नाटक की कॉन्ग्रेस की सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर बेतहाशा टैक्स लाद दिए हैं। इसी के साथ पेट्रोल की कीमतें भी बढ़कर 102.85 रुपए प्रति लीटर हो गई हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कर्नाटक सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर सेल्स टैक्स क्रमश: 3 रुपए और 3.20 रुपए बढ़ा दिए हैं। इस आदेश के अनुसार, पेट्रोल 25.92 से 29.84% और डीजल 14.34% से 18.44% तक सेल्स टैक्स बढ़ा दिया गया है। जिसके बाद पेट्रोल की कीमत 3 रुपये बढ़कर 102.85 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी, जबकि डीजल की कीमत 3.02 रुपये बढ़कर 88.93 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। अभी तक बेंगलुरु में पेट्रोल 99.84 रुपये प्रति लीटर और डीजल 85.93 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था, लेकिन नए आदेश के बाद बढ़ी हुई कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।
कर्नाटक सरकार जुटाएगी 2500 से 2800 करोड़ रुपए
जानकारी के मुताबिक, ईंधन की कीमतों में वृद्धि से इस वित्तीय वर्ष में लगभग 2,500-2,800 करोड़ रुपये जुटाने में मदद मिलेगी। कॉन्ग्रेस पार्टी ने राज्य में सरकार बनने पर गारंटियों की घोषणा की थी, जिसके लिए अतिरिक्त राजस्व जुटाने के लिए राज्य सरकार ने भारतीय निर्मित शराब (आईएमएल) पर सभी स्लैबों पर 20 प्रतिशत अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एईडी) लगाया है और बीयर पर एईडी 175 प्रतिशत से बढ़ाकर 185 प्रतिशत कर दिया है, नए पंजीकृत परिवहन वाहनों पर 3 प्रतिशत अतिरिक्त उपकर लगाया है, 25 लाख रुपये से अधिक के ईवी (इलेक्ट्रिक वाहनों) पर आजीवन कर लगाया है और कर संग्रह में तेजी लाई है।
इस मामले में बीजेपी ने कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार पर हमला बोला है। बीजेपी प्रवक्ता एस प्रकाश ने कहा, “सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस सरकार ने इस राज्य में डीजल और पेट्रोल की कीमतों में भारी वृद्धि की है। लोगों को उम्मीद थी कि राहुल गाँधी के वादे के अनुसार उनके बैंक खातों में 8500 रुपये आएंगे। इसके विपरीत, पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि से उन पर भारी बोझ पड़ा है। यह राज्य सरकार द्वारा अपनाई गई गारंटी योजनाओं का नतीजा है। राज्य सरकार आर्थिक रूप से दिवालिया हो चुकी है, वे जो कुछ भी उपलब्ध है, उससे राजस्व निकालने की कोशिश कर रहे हैं…”
#WATCH | Bengaluru: Petrol and diesel prices are likely to go up in Karnataka as the state govt revises sales tax by 29.84% and 18.44%; likely to go up by Rs 3 and Rs 3.05 approx.
BJP spokesperson S Prakash says, "Siddaramaiah-led Congress government has steeply increased diesel… pic.twitter.com/01P59TlBms
बता दें कि सिद्धारमैया के 2024-25 के राजस्व-घाटे वाले बजट में कुल 3,71,383 करोड़ रुपये का रेवेन्यू है। 27,354 करोड़ रुपये के घाटे के साथ, यह संभवतः पहली बार है जब किसी वित्तीय वर्ष में वार्षिक उधारी 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में बकरीद को लेकर भड़काऊ रील बनाना एक युवक को भारी पड़ा। यूपी पुलिस की कार्रवाई के बाद अब वो जेल में बंद है। उसने भड़काऊ रील सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी थी। वीडियो में वो धमकियाँ दे रहा था, लेकिन जैसे ही पुलिस ने पकड़ा उसकी हेकड़ी निकल गई। इसके बाद वो माफ़ी माँगते हुए कहने लगा कि उससे गलती हो गई। आरोपित हारुन ने कहा कि दोस्तों के कहने पर उसने ये वीडियो बना दिया, एक बार उसे माफ़ कर दिया जाए।
मामला दर्शन बुढ़ाना कोतवाली थाना क्षेत्र का है। ये वीडियो शुक्रवार (14 जून, 2024) का है। वो बड़कता गाँव का रहने वाला है। वीडियो में उसने कहा था, “ईद पर ग़दर फिल्म से भी तगड़ा बना देंगे सीन। जिन्होंने भी रोकटोक की, टाँग पर टाँग रख कर देंगे चीर। हिंदुस्तान के कोने-कोने पर अल्लाह-हू-अकबर नारा गूँजेगा।” हालाँकि, अब वो कह रहा है कि आइंदा उससे ऐसी गलती नहीं होगी। उसका कहना है कि उसे इस रील के बारे में कुछ पता नहीं था।
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) June 15, 2024
SP (ग्रामीण) आदित्य बंसल ने अपील की कि सब कोई आपसी सौहार्द के साथ त्योहार मनाएँ, किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि इंटरनेट मीडिया पर भी यूपी पुलिस पूरी तरह से सक्रिय एवं सतर्क है, किसी भी प्रकार का भड़काऊ वीडियो या सन्देश कोई भी व्यक्ति प्रसारित करता है तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी कीमत पर त्योहारों के मौके पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।
पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि सामुदायिक तनाव बिगाड़ने का कुत्सित प्रयास करने वालों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि बकरीद सोमवार (17 जून, 2024) को मनाया जाना है। इस दिन पूरी दुनिया में मुस्लिम बड़ी संख्या में बकरों को काटते हैं। कई जगह से सड़कों पर खून की नदियाँ बहने के वीडियो आते हैं। भारत में हिन्दू त्योहारों पर इस्लामी कट्टरपंथी हमला करते हैं, वहीं अपने त्योहारों पर वो प्रशासन को चुनौती देते हैं।
मध्य प्रदेश के इंदौर से लव जिहाद का एक और मामला सामने आया है। बस ड्राइवर वसीम खान ने फार्मा कम्पनी में जॉब करने वाली एक हिंदू लड़की को निशाना बनाया है। वसीम ने सोनू बनकर पीड़िता को प्यार के जाल में फँसाकर रेप किया और फिर इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाया। बजरंग दल ने के सहयोग से पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज करके वसीम को हिरासत में ले लिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता इंदौर के उमरिया की रहने वाली है। वह राउ की एक फार्मा कम्पनी में जॉब करती है। ऑफिस वह अक्सर इंदौर-महू के बीच चलने वाली बस से आया-जाया करती थी। वहीं बस स्टैंड पर वसीम मिला और अपना नाम सोनू बताकर पीड़िता से दोस्ती कर ली। वसीम ड्राइवर था। कुछ समय बाद दोनों ने अपने मोबाइल नंबर एक-दूसरे को दे दिए।
इसके बाद दोनों के बीच बातचीत होने लगी। एक दिन सोनू उर्फ़ वसीम ने पीड़िता को अपने एक दोस्त से मिलवाने के नाम पर साथ चलने को कहा। पीड़िता वसीम की बातों में आ गई। दोनों एक साथ मैडीकैप्स इलाके में आए। यहाँ सोनू ने पीड़िता को पहले खाना खिलाया और बाद में चाय पिलाई। चाय पीने के बाद पीड़िता पर बेहोशी छाने लगी।
लड़की को आशंका है कि उसकी चाय में सोनू ने कोई नशीला पदार्थ डाल दिया था। चाय पीकर लड़की बेसुध हुई तो वसीम ने उसके साथ रेप किया। इस दौरान उसने लड़की की अश्लील फोटो और वीडियो बना ली। लड़की को जब होश आया तो इस घटना से दुखी होकर रोने लगी। इसके बाद सोनू ने शादी का वादा करके उसे चुप करवा दिया।
इसके बाद वसीम ने पीड़िता को ब्लैकमेल करके कई बार रेप किया। एक दिन सोनू के बैग से मिले आधार कार्ड से लड़की को उसके मुस्लिम होने की जानकारी हुई। जब लड़की ने खुद को धोखे में रखने की वजह पूछी तो वसीम भड़क गया। उसने पहले पीड़िता को उसके अश्लील फोटो-वीडियो का डर दिखाया और बाद में हिन्दू धर्म छोड़कर इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाने लगा।
उसने पीड़िता से कहा, “तेरे अश्लील फोटो और वीडियो हैं मेरे पास। ज्यादा तेज चलेगी तो वायरल कर दूँगा। इसलिए अब जैसा मैं कहूँ वैसा ही करना। मुस्लिम बन जा इसमें ही तेरी भलाई है, नहीं तो अच्छा नहीं होगा।” वसीम पीड़िता पर धर्मांतरण करके निकाह करने का लगातार दबाव बनाता था। वसीम ने इस्लाम कबूल नहीं करने पर लड़की और उसके माता-पिता को मार डालने की धमकी दी।
उसकी धमकियों से पीड़िता काफी डर गई। उसने वसीम से दूरी बनानी शुरू कर दी। बुधवार (12 जून 2024) को पीड़िता राउ बाजार के विश्वकर्मा मंदिर गई थी। तभी वहाँ सोनू उर्फ़ वसीम आ गया। उसने लड़की को अपने साथ ले जाना चाहा। पीड़िता ने विरोध किया तो सोनू ने उसे बहुत पीटा। इससे पीड़िता बेहद हताश हो गई और हिंदू संगठनों से संपर्क किया।
आखिरकार परेशान होकर पीड़िता ने सारी बात बजरंग दल के जिला संयोजक राम दांगी को बताई। दांगी ने पीड़िता के साथ थाने पहुँचकर शिकायत दी और केस दर्ज करवाया। पुलिस ने सोनू उर्फ वसीम पर मध्य प्रदेश धर्मान्तरण विरोधी कानून सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। वसीम को हिरासत में ले लिया गया है। मामले की जाँच चल रही है।
दिल्ली-एनसीआर में आग लगने की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हो रही है। शनिवार (15 जून 2024) को दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा में आग लगने की भीषण घटनाएँ सामने आई। पहली घटना दिल्ली के वसंत विहार इलाके की है, जहाँ एक दुकान में लगी आग ने कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। दूसरी आग की घटना गाजियाबाद जिले के लोनी की ट्रॉनिका सिटी के सेक्टर A3 से सामने आई। यहाँ पर संपत पैकेजिंग फैक्ट्री में भीषण आग ने पड़ोस की दो फैट्रियों को भी चपेट में ले लिया, तो तीसरी घटना नोएडा की है, जहाँ कोतवाली फेज तीन क्षेत्र में एक फैक्ट्री में आग लग गई। नोएडा में दमकल विभाग की एक दर्जन गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
दिल्ली में हर रोज 200 से ज्यादा घटनाएँ
ईटीवी भारत की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के दमकल विभाग द्वारा जारी आँकड़ों की मानें तो दिल्ली में साल दर साल आग लगने की घटनाएँ तेजी से बढ़ रही हैं। इनमें सैकड़ों लोगों को अपनी जान गँवानी पड़ रही है। अकेले साल 2022-23 में 1029 लोगों की मौत हो गई थी, तो 2193 लोग घायल हो गए थे। साल 2021 में मौतों का आँकड़ा 591 और घायलों की संख्या 1421 दर्ज की गई, तो साल 2020-21 में ये आँकड़ा 346 लोगों की मौत और 1135 लोगों के घायल होने की थी।
गाजियाबाद के लोनी में ट्रानिका सिटी की तीन फैक्ट्रियों में भीषण आग लगी है। अग्निशमन की 10 से अधिक गाड़ियां मौके पर मौजदू हैं, लेकिन आग काबू में नहीं आ रहा है। #tronicafire#ghaziabadfirepic.twitter.com/LKUtIihWoj
देश की राजधानी दिल्ली में आग लगने की घटनाओं को देखें, तो साल 2022 में 31,958 आग लगने की घटनाएँ दर्ज हुई। साल 2021-22 में ये आँकड़ा 27,343 और 2020-21 में आँकड़ा 25,709 का था। दिल्ली दमकल विभाग की मानें तो हर साल 200 से ज्यादा घटनाएँ आग लगने की मिली हैं, जो बेहद चिंता जनक है।
दिल्ली में आगजनी की बड़ी घटनाओं की सूची
1- इस साल की बड़ी घटनाओं में गणतंत्र दिवस के दिन 26 जनवरी को शाहदरा जिलेके के मानसरोवर पार्क इलाके में लगी आग शामिल है। एक 4 मंजिला इमारत में आग लगने से 7 महीने की बच्ची समेत 4 लोगों की मौत हो गई थी।
2- इसी साल 15 फरवरी को अलीपुर स्थित केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लग गई थी, जिसमें 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी।
3- दिल्ली के ज्योति नगर थाना इलाके के दुर्गापुरी एक्सटेंशन इलाके में 4 मंजिला इमारत में आग लग गई थी, जिसमें 1 व्यक्ति की मौत हो गई, तो लाखों का माल स्वाहा हो गया।
4-दिल्ली के विवेक विहार स्थित बेबी केयर सेंटर में रात 11 बजे भीषण आग लग गई थी, जिसमें 9 नवजात बच्चों की मौत हो गई थी, तो 5 बच्चे घायल हो गए।
5-कुछ दिन पहले 25 मई 2024 को कृष्णा नगर इलाके में स्थित इमारत में आग लगने से बुजुर्ग महिला समेत 3 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 10 लोग घायल हो गए, तो एक दर्जन दो पहिया गाड़ियाँ भी जल गई।
6- करीब 10 दिन पहले 5 जून 2024 को लाजपत नगर इलाके में बच्चों के अस्पताल में आग गई। बड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया गया था।
7- नरेला इंडस्ट्रियल इलाके में 8 जून को एक फैक्ट्री में आग लगने से 3 लोगों की मौत हो गई, तो 6 लोग घायल हो गए। ये हादसा बॉयलर फटने की वजह से हुई थी।
गाजियाबाद में हुए ये बड़े हादसे
गाजियाबाद में पिछले 2 माह में कई बड़ी घटनाएँ आग लगने से हुई। टीला मोड़ इलाके में स्थित एक फ्लैट में 14 अप्रैल को आग लग गई थी, जिसमें बुजुर्ग महिला की मौत हो गई थी. 22 अपैल को इलाके में आग लगे ने पति-पत्नी की मौत हो गई थी। तो 10 जून 2024 को लोनी के बेटा हाजीपुर इलाके में फैक्ट्री में आग लगने से लाखों का नुकसान हुआ। इसके अलावा भी कई घटनाएँ सामने आ चुकी हैं।
नोएडा में हुई बड़ी घटनाएँ
नोएडा में इस साल हर महीने आग लगने की कई बड़ी घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। जनवरी माह में 121, फरवरी माह में 136, मार्च में 182, अप्रैल में 366 और मई में आग लगने की 405 घटनाएँ हुई थी। सेक्टर 104 के एक होटल में आग लगने से एक युवती की मौत हो गई थी, तो सेक्टर 8 के एक कार वर्कशॉप में 33 गाड़ियाँ आग में जल गई थी।
न्यूज़ चैनल ‘India TV’ के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा को मानहानि के मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने राहत दी है। साथ ही कॉन्ग्रेस नेताओं को रजत शर्मा के खिलाफ किए गए ट्वीट्स डिलीट करने के लिए कहा गया है। ‘आप की अदालत’ इंटरव्यू शो के लिए लोकप्रिय रजत शर्मा पर कॉन्ग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया था कि पार्टी की प्रवक्ता रागिनी नायक को उन्होंने बीच शो में धीमे से गाली दी। हालाँकि, वीडियो में गाली सुनाई नहीं दे रही है।
कॉन्ग्रेस के कम्युनिकेशन विभाग के सेक्रेटरी इंचार्ज जयराम रमेश, मीडिया एवं पब्लिसिटी डिपार्टमेंट के चेयरमैन पवन खेड़ा और पार्टी के विदेश मामलों की संयोजक रागिनी नायक को अब रजत शर्मा के खिलाफ किए गए ट्वीट्स हटाने पड़ेंगे। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने इसके लिए तीनों नेताओं को एक सप्ताह का समय दिया है। Google को आदेश दिया गया है कि जो वीडियो सार्वजनिक हो चुके हैं उन्हें प्राइवेट किया जाए, बिना न्यायिक आदेश के उन्हें सार्वजनिक न किया जाए।
साथ ही इन तीनों नेताओं ने YouTube और X (पूर्व में ट्विटर) पर इस संबंध में जो भी पोस्ट किए, उनके URLs को हटाने के लिए भी दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है। मामला लोकसभा चुनाव 2024 की मतगणना के दिन चल रहे डिबेट शो का है। तीनों नेताओं ने एक एडिटेड वीडियो को ये कह कर पोस्ट किया कि ये इंडिया टीवी के डिबेट शो के रॉ फुटेज हैं। कोर्ट ने टी डिबेट का फुटेज देख कर कहा कि प्रारंभिक रूप से लगता है कि रजत शर्मा ने किसी गाली का इस्तेमाल नहीं किया।
हाईकोर्ट ने कहा कि अगर ये वीडियो सार्वजनिक मीडिया में मौजूद रहते हैं तो इससे रजत शर्मा को भविष्य में बदनाम किए जाने की आशंका बनी रहेगी और उनकी प्रतिष्ठा को देखते हुए व्यावहारिक रूप से नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकेगी। कोर्ट ने कहा कि मानहानि और आलोचना के बीच एक पतली सी रेखा है। उच्च न्यायालय ने कहा कि अभिव्यक्ति एवं बोलने की आज़ादी के तहत किसी की प्रतिष्ठा को ठेस नहीं पहुँचाई जा सकती।
उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस नेताओं ने ‘रजत शर्मा ने गाली दी’ वाक्य का इस्तेमाल किया, जो तथ्यों को पूरी तरह गलत तरीके से पेश करने के बराबर है। कोर्ट ने कहा कि रजत शर्मा की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने के लिए ये सब किया गया। इंडिया टीवी ने पहले भी बताया था कि रजत शर्मा पर लगाए गए आरोप गलत हैं और इस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रागिनी नायक अक्सर टीवी डिबेट्स में हल्ला-गुल्ला करने के लिए जानी जाती हैं। जयराम रमेश पहले भी कई बार झूठ फैला चुके हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि अत्यधिक सनसनी बनाने के लिए कॉन्ग्रेस नेताओं ने झूठ फैलाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी अपने-अपने देश के जनता के मतों से चुनकर आए हुए प्रधानमंत्री हैं। इन दोनों की ही छवि एक कुशल प्रशासक एवं अपने देश के लिए कार्य करने वाले नेताओं की है। दोनों ही नेता अपने-अपने देशों में कई चुनौतियों का भी सामना कर रहे हैं।
सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर यह देखने में आया है कि इन दोनों को लेकर मजाक में अजीबोगरीब मीम एवं चुटकुले बनाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर मेलोड़ी जैसे ट्रेंड चलाए जा रहे हैं। आखिर क्यों? ऐसा क्या कारण है कि दो गंभीर छवि एवं अपने देश के लिए कार्य करने वाले नेताओं की ऐसी छवि गढ़ी जा रही है।
क्या हम यह प्रमाणित करना चाहते हैं कि दो साथ काम करने वालों के बीच एक ही प्रकार के संबंध हो सकते हैं? क्या हम यह कहना चाहते हैं कि दो लोग जब साथ काम करते हैं, एक जैसा सोचते हैं तो एक-दूसरे के दीवाने होते हैं? यह कैसी मानसिकता और चरित्र हनन का प्रयास है?
एक ऐसा व्यक्ति, जिसने अपना पारिवारिक जीवन देश के लिए त्याग दिया हो, जिसके पास अपना निजी कुछ भी न हो, उसके विषय में इटली की प्रधानमंत्री को लेकर ऐसे पोस्ट बनाए जाएँ, जिससे आगे जाकर उनका चरित्र हनन हो या किसी को ऐसा अवसर मिले कि वह इस समय प्रचलित मीम आदि के आधार पर छोटे-छोटे शब्दों एवं मुलाकातों का दूसरा अर्थ निकाले तो प्रश्न यह उठता ही है कि हम कैसा समाज बना रहे हैं?
भारत के प्रधानमंत्री मोदी का निजी जीवन बेदाग रहा है। उन पर कोई भी चारित्रिक आरोप लगाने से पहले लोगों को कई बार सोचना पड़ता है। हम एक ऊँचे चारित्रिक मानकों का पालन करने वाले व्यक्ति के चरित्र हनन में सबसे आगे हैं, क्योंकि हम एक वृहद उद्देश्य के लिए कार्य कर रहे अपने नेताओं को सीमित कर रहे हैं।
पुरुष आयोग की अध्यक्ष होने के नाते मुझे एक उच्च चरित्र के मनुष्य और विश्व में भारत का नाम गर्व से ऊँचा करने वाले हमारे प्रिय प्रधानमंत्री की इस छवि को लेकर चिंता है और मैं आपत्ति व्यक्त करती हूँ। मुझे इसे लेकर सख्त ऐतराज है कि दो निर्दोष लोगों की छवि ऐसे नष्ट की जाए। उनकी गंभीर छवि पर इस प्रकार का दाग लगाया जाए कि वे किसी भी महिला या पुरुष की ओर देखें तो उसमें कोई अर्थ निकले।
जैसे अभी हाल ही में जी-7 में ही जब यूके के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने मेलोनी से हाथ मिलाकर और पाश्चात्य तरीके से अभिवादन किया तो भारत में इसे लेकर भी मजाक उड़ाया गया कि मेलोनी के साथ नहीं! ये लोग राष्ट्राध्यक्ष हैं एवं इनकी अपनी गरिमा होती है। इस गरिमा को कलंकित करने का कुकृत्य क्यों और किसके निर्देशों पर किया जा रहा है, यह समझ नहीं आ रहा है।
क्या हम भारत की छवि ऐसी बना देना चाहते हैं, जहाँ पर दो राष्ट्राध्यक्ष मित्र ही न रह पाएँ? प्रधानमंत्री मोदी एवं इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ किया जा रहा यह मजाक बंद होना चाहिए।
लोकसभा चुनाव के दौरान और उसके बाद पश्चिम बंगाल में हो रही राजनीतिक हिंसा की घटनाओं की जाँच के लिए बीजेपी ने एक टीम का गठन किया है। बीजेपी ने त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब के नेतृत्व में चार नेताओं की समिति का गठन किया है। यह समिति जल्द ही पश्चिम बंगाल का दौरा करेगी और हिंसा की घटनाओं की रिपोर्ट बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपेगी।
बीजेपी की समिति का संयोजक त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब को बनाया गया है। इस चार सदस्यीय समिति में पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी बृजलाल और सांसद कविता पाटीदार को भी शामिल किया गया है। समिति के गठन के साथ ही बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा के लिए ममता बनर्जी पर निशाना साधा है।
ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए बीजेपी ने कहा, “भारत के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में हाल ही में लोकसभा चुनाव संपन्न हुए हैं। लोकसभा आम चुनाव के साथ-साथ तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव भी हुए और सत्ता का हस्तांतरण शांतिपूर्ण ढंग से हुआ। पश्चिम बंगाल को छोड़कर कहीं भी राजनीतिक हिंसा की कोई घटना नहीं हुई है। पश्चिम बंगाल ही एकमात्र ऐसा राज्य है जो चुनाव के बाद हिंसा की चपेट में है, जैसा कि हमने वहाँ 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद देखा था।”
West Bengal post-poll violence | BJP constitutes a 4-member committee to visit West Bengal and "take immediate stock of the situation and report further." pic.twitter.com/CHOymLWcyI
बीजेपी ने कहा, “राजनीतिक हिंसा की घटनाओं को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मूकदर्शक बनी हुई हैं, जबकि उनकी पार्टी के अपराधी बेखौफ होकर विपक्षी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं पर हमला कर रहे हैं और उन्हें डरा-धमका रहे हैं। कोलकता हाई कोर्ट ने भी इसे गंभीरता से लेते हुए CAPF की तैनाती 21 जून तक बढ़ा दी है और मामले को आगे की समीक्षा के लिए 18 जून को सूचीबद्ध किया है। पश्चिम बंगाल में हो रही राजनीतिक हिंसा की घटनाओं का जायजा लेने के लिए एक समिति का गठन किया है, जो शीघ्र ही पश्चिम बंगाल का दौरा करेगी तथा हिंसा की घटनाओं की पूरी रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपेगी।”
बता दें कि लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के एक दिन बाद 5 जून को पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों से चुनाव-पश्चात हिंसा की कई घटनाएँ सामने आईं। उत्तर बंगाल के कूचबिहार, दक्षिण बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले और दक्षिण 24 परगना तथा जंगलमहल क्षेत्र के झारग्राम सहित राज्य के कई जिलों में चुनाव-पश्चात हिंसा की घटनाएं सामने आईं। कूचबिहार के नाटाबाड़ी में एक भाजपा समर्थक ने तृणमूल कार्यकर्ता पर बंदूक से हमला किया, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है। इलाके में सत्तारूढ़ पार्टी और भाजपा समर्थकों के बीच झड़पें हुईं।
इसके अलावा उत्तर 24 परगना, बैरकपुर, हावड़ा में देशी बम फेंके घए, तो लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद कई पार्टी समर्थकों को संदेशखली से भागना पड़ा। संदेशखली उत्तर 24 परगना में बशीरहाट लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है। भाजपा कार्यकर्ताओं के करीब 40 परिवारों ने दक्षिण कोलकाता के जादवपुर इलाके में एक पार्टी कार्यालय में शरण ली है।
ISIS समर्थित पत्रिका ‘वॉयस ऑफ खुरासान’ ने अपने ताजा संस्करण में हिन्दुओं के कत्लेआम का एलान किया है। इस नरसंहार के लिए भारत के साथ-साथ दुनिया भर के मुस्लिमों को उकसाया गया है। महमूद गज़नवी और मोहम्मद बिन कासिम जैसे आक्रांताओं की तारीफ करते हुए इस पत्रिका में भारत के भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के अन्य नेताओं को इस्लाम का दुश्मन घोषित किया गया है। इसी संस्करण में राम मंदिर पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पत्रिका ‘वॉयस ऑफ खुरासान’ ने अपने कवर पेज पर दी गई हेडलाइन में लिखा, “हे बहुदेववादी भारतीय राजा। महमूद गजनवी का फिर से सामना करने के लिए तैयार हो जाओ।” इसके बाद उन्होंने लिखा, “भारत के मुशरिकों को कारों से मारो। चाकुओं से उनके पेट चीरो। इनके मंदिरों, घरों, कारों, संपत्तियों और फसलों में आग लगाओ। भीड़-भाड़़ वाली जगहों को निशाना बनाओ। उन्हें दिखाओ कि पैगंबर मुहम्मद का उम्माह अभी जिंदा है।”
Source: VOK
लेख यहीं खत्म नहीं हुआ। इसमें आगे लिखा गया, “अगर भारत के मुसलमान हिंदुओं पर हमला करने में असमर्थ हैं तो दुनिया भर के मुस्लिमों को एक साथ मिलकर भारत पर हमला करना चाहिए। अगर तुम इसके बावजूद मुशरिकों पर काबू नहीं पा सके तो इस्लामिक में विलायत के दरवाज़े तुम्हारे लिए खुले हैं।” पश्चिम के देशों का जिक्र करते हुए इस लेख में उनको नास्तिक और मुस्लिमों को खत्म करने की कोशिश करने वाला बताया गया है।
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मुस्लिमों को भड़काने के लिए इस लेख में कहा गया है कि गैर मुस्लिम उनकी जमीनों पर कब्ज़ा और महिलाओं का अपमान करते हुए शरिया कानूनों का मज़ाक उड़ा रहे हैं। आज के अधिकतर मुस्लिमों को इस दुनिया से मोहब्बत हो गई है, इसलिए वो जिहाद की राह में मरने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। यहाँ मुशरिकों का अर्थ उन सभी से है, जो किसी भी प्रकार की बुतपरस्ती (मूर्ति पूजा) करते हैं।
हिन्दुओं के साथ हिन्दू नेता भी निशाने पर
ISIS समर्थित पत्रिका के इस लेख में हिन्दू नेताओं में खासतौर पर भाजपा से जुड़े लोगों को मुस्लिमों पर अत्याचार करने वाला बताया गया है। लेख में मोहम्मद बिन कासिम और महमूद गज़नवी जैसे हमलावरों की तारीफों के पुल बाँधे गए हैं। मुस्लिमों से उनकी जीत को याद करके उन्हीं की राह पर चलने को हिदायत दी गई है। इस जीत का एकमात्र रास्ता हिंसक जिहाद ही बताया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर खासतौर से निशाना
इस पत्रिका के आतंकवाद समर्थक लेख में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खासतौर पर निशाने पर लिया गया है। उन्हें इस्लाम का दुश्मन करार देते हुए मुस्लिमों के खिलाफ गलत व्यवहार करने वाला बताया गया है। लेख में यह भी है कि नरेंद्र मोदी इस्लामी तौर-तरीकों का मज़ाक उड़ाते हैं। मोदी के शासन को ISIS की पत्रिका ने एक चरमपंथी हिन्दू राष्ट्रवादी का राज बताया है और उनकी नीतियों की आलोचना की है।
चित्र- VOK (वॉयस ऑफ़ खुरासान)
ISIS की इस पत्रिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान भारत के मुसलमानों को घुसपैठिया कहा था। हालाँकि, यह कॉन्ग्रेस और भारत के कुछ कथित उदार मुस्लिमों द्वारा फैलाई गई अफवाह थी।
राम मंदिर पर अपमानजनक टिप्पणी
राम मंदिर को बाबरी मस्जिद की जगह बनवाने जैसी बातें भी इस पत्रिका में कही गई हैं। इसके लेख से लगता है कि जैसे ISIS राम मंदिर पर हमले की फिराक में था। रामजन्मभूमि पर हुए तमाम आयोजनों और भजन को ISIS की इस पत्रिका में अश्लील पार्टी और गंदे गाने जैसे शब्दों से सम्बोधित किया गया है। मंदिर परिसर में शराब परोसने जैसी बातें लिखी गईं है। इसमें आगे कहा गया है कि मस्जिद की उस पाक जमीन पर अब गाय और मूर्तियों की पूजा हो रही है।
चित्र- VOK (वॉयस ऑफ़ खुरासान)
जनवरी 2024 में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ तमाम फ़िल्मी, राजनैतिक, खेल और व्यापार जगत की हस्तियों के शामिल होने पर भी ISIS की इस पत्रिका में नाराजगी जताई गई है। लेख में राम मंदिर-बाबरी केस में आए गए फैसले को भी गलत ठहराने की कोशिश की गई है।
पत्रिका में नूपुर शर्मा भी निशाने पर
एक लम्बे समय के बाद सार्वजानिक जीवन में फिर से दिख रहीं नूपुर शर्मा का भी जिक्र ISIS की इस पत्रिका में हुआ है। TV डिबेट में उनके द्वारा की गई टिप्पणी को भी दोबारा याद दिला कर कुछ लोगों को भड़काने का प्रयास हुआ है। बताते चलें कि मोहम्मद जुबैर द्वारा एडिटेड क्लिप शेयर करते ही नूपुर शर्मा को पूरी दुनिया से रेप, हत्या और सिर तन से जुदा की धमकियाँ मिलने लगीं थी।
हालाँकि TV डिबेट के दौरान तस्लीम रहमानी द्वारा बार-बार ज्ञानवापी के शिवलिंग का अपमान किए जाने के जवाब में नूपुर शर्मा की कही गई तमाम बातें ज़ाकिर नाईक सहित कई कई इस्लामिक स्कॉलर के बयानों से मेल खाती हैं। इसके बावजूद नूपुर शर्मा आज इस्लामी कट्टरपंथियों के निशाने पर आ गई हैं।
चित्र- VOK (वॉयस ऑफ़ खुरासान)
कट्टरपंथियों के निशाने पर अब माधवी लता भी
लोकसभा चुनाव 2024 में हैदराबाद से असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ रहीं भाजपा प्रत्याशी भी अब कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं। इस लेख में दावा किया गया है कि साल 2023 में माधवी लता को किसी मुस्लिम विरोधी बयान के चलते कार्रवाई झेलनी पड़ी थी। माधवी लता को प्रत्याशी बनाने की वजह इस लेख में भाजपा द्वारा मुस्लिम विरोधी नेताओं को तरजीह देने की सोच माना गया है।
भारत में हिंसा को भड़काने की साजिश
भारत और उसके आसपास के इलाकों को मुस्लिम विरोधी बताकर ISIS ने हिन्दुओं को मुस्लिमों का दुश्मन बताया है। प्रधानमंत्री मोदी के शासन को इस लेख में मिस्र के फराओ का बनी इस्रायल के साथ दुश्मनी वाले दौर की तरह बताया गया है। लेख में लोगों को भड़काते हुए कहा गया है कि आज भारत के लगभग 22 करोड़ मुस्लिम हिन्दुओं की गुलामी में दर्दनाक जीवन बिताने को मजबूर है।
जिहाद के लिए उकसाया
ISIS ने अपने इस लेख में मुसलमानों से गैर मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा के लिए उकसाया है। उन्हें हिन्दुओं की हत्या बम ब्लास्ट और अन्य रूपों के जरिए करने के लिए कहा गया है। इन हरकतों को लेख में बदला लेने की नीयत से किया गया मज़हबी और नेक काम वाली कोशिश कहा गया है। हिंसा के लिए मंदिरों, सार्वजनिक स्थानों और राजनीतिक हस्तियों को चुन लेने के लिए भी भड़काया गया है।
चित्र- VOK (वॉयस ऑफ़ खुरासान)
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है लेख
इस तरह के लेख भारत की आतंरिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है। ‘वॉयस ऑफ खुरासान’ पत्रिका टेलीग्राम चैनलों के साथ फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल की जाती है। इसी की वजह से सार्वजनिक स्थानों के साथ कुछ नामी-गिरामी हस्तियों पर हमले की आशंका बढ़ जाती है। इससे पैदा हुए हालात देश में अस्थिरता का माहौल बनाते हैं। आशा है कि सरकार इसे गंभीरता से लेगी।
(इस लेख को मूल रूप से अंग्रेजी में अनुराग ने लिखा है। इस लिंक को क्लिक करके आप इसे पढ़ सकते हैं।)
पाकिस्तान के सिंध स्थित नवाबशाह की कुछ डराने वाली तस्वीरें वायरल हो रही हैं। असल में एक जमींदार के खेत में ऊँट घुस गया तो उसने उस निरीह पशु के पाँव को ही काट डाला। इसके बाद उसने पाँव के कटे हुए हिस्से को हाथ में लेकर गर्व से तस्वीर भी पोस्ट की। वहीं एक अन्य तस्वीर में उक्त ऊँट को कटा हुआ पाँव लेकर लँगड़ा कर चलते हुए देखा जा सकता है। ये घटना मुंड जामराव गाँव की है। उसका कहना है कि ऊँट उसके खेत में घुसा, इसीलिए उसने ‘सज़ा’ दी।
शुक्रवार (14 जून, 2024) को संघार जिले में हुई इस घटना की लोग निंदा कर रहे हैं। स्थानीय SSP ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए उस ऊँट के मालिक से संपर्क किया, जिसके साथ ज्यादती हुई है। ऊँट का मालिक सुमार बेहन एक गरीब किसान है। अधिकारियों का कहना है कि उक्त किसान ने आरोपित को पहचानने से इनकार कर दिया, साथ ही उसके खिलाफ FIR दर्ज कराने से भी उसने मना कर दिया। इसके बाद पुलिस ने सरकार की तरफ से FIR दर्ज की।
इसमें भी आरोपित का नाम नहीं लिखा गया, बल्कि अज्ञातों के खिलाफ PPC की धारा-34 (एक से अधिक लोगों द्वारा मिल कर किसी अपराध को अंजाम देना) और 429 (पशुओं की हत्या करना या उन्हें ज़हर देना) के तहत मामला दर्ज किया गया। मीडिया ने भी इस पर आपत्ति जताई है कि बासीर वडेरे की हगाह नामालूम आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पहले उसने ऊँट को पकड़ कर पीटा, फिर उसने उसकी टाँग काट डाली। मीडिया प्रेशर खत्म करने के लिए जल्दबाजी में FIR दर्ज की गई।
उक्त ऊँट टाँग काटे जाने के बाद रोता-चीखता हुआ नज़र आया। मांगली पुलिस थाने पर इसके बाद सवाल उठ रहे हैं, जो जानबूझकर प्रभावशाली जमींदार के खिलाफ कार्रवाई न कर के केवल दिखावा कर रहा है। उक्त जमींदार ने जब इस कृत्य को अंजाम दिया, तब उसके साथ उसके कुछ लोग भी थे। संघार प्रेस क्लब में ऊँट का मालिक गरीब किसान पशु की कटी हुई टाँग लेकर पहुँचा। बता दें कि पाकिस्तान में खुलेआम गायों को काटा जाता है, उन्हें JCB से गिरा कर भी मारा जाता है।