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कुत्ते का पाँव पकड़ा, जमीन और दीवार पर जोर-जोर से पटका, टूट गई हड्डी-पसली… शावेज की क्रूरता का वीडियो हुआ वायरल, पहले भी कर चुका है ऐसी करतूत

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एक कुत्ते की बेरहमी से पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक व्यक्ति ने गली के एक आवारा कुत्ते की दोनों टाँगों को पकड़ रखा है। वह कुत्ते को कई बार जमीन और दीवाल पर पटकता है। शनिवार (15 जून, 2024) को पुलिस ने इस घटना की FIR दर्ज कर ली है। आरोपित का नाम शावेज है। शावेज पहले भी कई कुत्तों को इसी तरह की बेरहमी से मार चुका है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

यह घटना बागपत जिले के थाना क्षेत्र बड़ौत की है। यहाँ शनिवार को छपरौली चुंगी के रहने वाले जयकुमार ने पुलिस ने शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में उन्होंने बताया कि बड़ौत की मदीना मस्जिद के पास रहने वाले शावेज ने एक कुत्ते के खिलाफ क्रूरता की तमाम सीमाएँ लाँघ दी हैं। उसने गली में घूम रहे एक आवारा कुत्ते को पहले पकड़ा फिर बीच सड़क पर उसे तब तक पटकता रहा जब तक उसकी हड्डियाँ और पसलियाँ टूट नहीं गईं। शिकायतकर्ता के मुताबिक, शावेज पहले भी कई कुत्तों को इसी तरह से पटक कर मार चुका है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में सफेद रंग की बनियान पहने शावेज ने काले रंग के एक कुत्ते को पकड़ रखा है। आसपास कुछ अन्य कुत्ते भी दिखाई दे रहे हैं। वह सड़क पर कुत्ते को कई बार अलग-अलग जगह पटक रहा है। कुछ ही देर में कुत्ता मरणासन्न हो जाता है। दूर रखे किसी व्यक्ति ने शावेज के इस करतूत की वीडियो बना डाली। पुलिस ने शावेज के खिलाफ IPC की धारा 429 के साथ पशु क्रूरता निवारण 1960 के सेक्शन 3/11 के तहत FIR दर्ज कर ली है। डिप्टी एसपी बड़ौत के मुताबिक, आरोपित के खिलाफ जाँच व अन्य कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

J&K में योग दिवस मनाएँगे PM मोदी, अमरनाथ यात्रा भी होगी शुरू… उच्च-स्तरीय बैठक में अमित शाह का निर्देश – पूरी क्षमता लगाएँ, आतंकियों के मददगारों से भी सख्ती से निपटें

जम्मू कश्मीर में लगातार हुए कई आतंकी हमलों के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ी बैठक की है। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में रविवार (16 जून, 2024) को हुई इस बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि न सिर्फ आतंकवाद को कुचला जाए, बल्कि आतंकवादियों की मदद करने वालों से भी सख्ती से निपटा जाए। जम्मू कश्मीर के सभी तीर्थस्थलों एवं पर्यटन स्थलों में भी सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जाएगी।

बता दें कि 21 जून को योग दिवस के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू कश्मीर में मौजूद रहेंगे और इसके लिए वो 1 दिन पहले केंद्रशासित प्रदेश में पहुँच कर रात्रि प्रवास भी करेंगे। वहीं 29 जून से अमरनाथ यात्रा शुरू होगी, जिसे लेकर केंद्रीय गृह मंत्री ने यात्रा रूट और राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती का निर्देश दिया है। 2023 में 4.28 लाख से भी अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा अमरनाथ का दर्शन किया था। इस बार ये आँकड़ा 5 लाख होने की उम्मीद है।

इस बार इन सभी को स्पेशल कार्ड दिए जा सकते हैं, ताकि उन सबकी लाइव लोकेशन पता चलती रहे। साथ ही सभी को 5 लाख रुपए का बीमा कवर दिए जाने की योजना पर भी काम चल रहा है। इतना ही नहीं, तीर्थयात्रियों को ले जाने वाले पशुओं के लिए भी 50,000 रुपए का इन्सुरेंस कवर होगा। 52 दिनों की अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा बलों की 500 से भी अधिक कंपनियाँ तैनात की जा रही हैं। इससे पहले 13 जून को पीएम मोदी और 14 जून को भी अमित शाह ने बैठक की थी।

LG मनोज सिन्हा और NSA अजीत डोभाल के अलावा जाँच एजेंसियों और सेनाओं के प्रमुख भी इस बैठक में मौजूद रहे। आने वाले दिनों में आतंकरोधी अभियान में तेज़ी आएगी। रियासी में एक बस पर हुए हमलों में 10 श्रद्धालु मारे गए हैं। पीएम मोदी इसके लिए और दिशानिर्देश जारी करेंगे। फ़िलहाल अमित शाह ने निर्देश दिया है कि आतंकरोधी क्षमताओं का पूरा इस्तेमाल किया जाए। रियासी के अलावा कठुआ और डोडा में भी आतंकियों ने हाल ही में हमला किया।

परचून की दुकान से लेकर कई हजार करोड़ के कारोबार तक, 38 मुकदमों वाले हाजी इक़बाल ने सपा-बसपा सरकार में ऐसी जुटाई अकूत संपत्ति: दुबई में है छिपा

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का खनन माफिया हाजी इकबाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। वो दुबई में छिपा बैठा है। सहारनपुर में 4,440 करोड़ की संपत्ति अब तक जब्त हो चुकी है, लेकिन उसकी तबियत पर बहुत फर्क नहीं पड़ता दिख रहा है। फर्क पड़े भी क्यों? सारी संपत्ति काली कमाई से जो जुटाई गई थी। इसमें उसके द्वारा खड़ी की गई ग्लोकल यूनिवर्सिटी भी शामिल है, जो जब्त की जा चुकी है।

कभी परचून की दुकान चलाना था इकबाल, करता था शहद की सप्लाई

हाजी इकबाल का नाम मोहम्मद इकबाल है। कभी वो और उसका पूरा परिवार गरीब हुआ करता था। वो परचून की दुकान चलाया करता था और शहद की सप्लाई करता था। धीरे-धीरे वो पैसे इकट्ठे कर राजनीति की तरफ बढ़ने लगा और सपा-बसपा सरकारों में जमकर संपत्ति जुटाई। हाजी इकबाल पर 38 मुकदमे दर्ज हैं। उत्तर प्रदेश में बीएसपी की सरकार के समय वो सबसे पहले बीएसपी में शामिल हो गया।

बीएसपी में रहते हुए उसने अपने इलाके में स्थित घाड़ क्षेत्र में खनन के काम में हाथ डाला। इस इलाके में बारिश के मौसम में बाढ़ आ जाती थी और गर्मी में सूखा पड़ जाता था। इसी दौरान उसने खनन में इतना पैसा बनाया और राजनीति में झोंककर खुद को मजबूत बनाता गया। बीएसपी सरकार के रहने के दौरान ही उसने हजारों करोड़ की संपत्ति जुटा ली। खनन कारोबार से बनाए पैसों से उसने अपने लड़के के नाम से चैरिटेबल ट्रस्ट बनाया और फिर ग्लोकल यूनिवर्सिटी शुरू की।

खनन माफिया हाजी इकबाल बीएसपी में रहते हुए एमएलसी बना और उसने यूपी के साथ ही भारत के अन्य हिस्सों में कारोबार को बढ़ाया और फिर धीरे-धीरे विदेशों में भी कारोबार को फैला दिया। राजनीतिक हनक और अकूत दौलत के दम पर उसे बीएसपी सरकार के दौरान कौड़ियों के दाम जमीनें खरीदी। उसने चीनी मिलों को खरीदा और अपना साम्राज्य फैलाता चला गया। समाजवादी पार्टी के समय भी उसका जलवा बरकरार रहा।

बीजेपी सरकार आने के बाद आया बुरा समय

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, मोहम्मद इकबाल उर्फ हाजी इकबाल पैसे बटोरता रहा। संपत्ति बनाता रहा। 10 सालों में अकूत दौलत इकट्ठी करने के बाद साल 2017 में यूपी की सत्ता बदली। सपा-बसपा राजनीतिक शिखर से ढलान की ओर जाने लगे और हाजी इकबाल के बुरे दिन आने शुरू हो गए। साल 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद इन्हीं संपत्तियों पर जाँच बैठ गई और वह जाँच करीब 4 साल तक चली। उस समय सहारनपुर में एसएसपी आकाश तोमर पदस्थ थे, जिन्होंने सबसे पहले 100 करोड़ से अधिक की संपत्ति को कुर्क किया था। इसके कुछ समय बाद 500 करोड़ से अधिक की संपत्ति पर कार्रवाई की गई।

धीरे-धीरे मोहम्मद इकबाल और उसके परिवार के खिलाफ लोगों को धमकाने व अवैध कब्जा करने और अवैध खनन करने व दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में केस दर्ज हुए। इसमें इकबाल को अरेस्ट करने का आदेश जारी हो गया। इकबाल को गिरफ्तार किया जाता, उससे पहले ही साल 2022 में इकबाल इंडिया छोड़कर दुबई चला गया।

सरकार ने एक्शन लेते हुए इकबाल के कई मकानों पर बुलडोजर चला दिया। कई पर नोटिस चस्पा कर कब्जे में ले लिया। धीरे-धीरे इकबाल की पूरी फैमिली संकट में आ गई। इकबाल के बेटों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जो अभी जेल में हैं। अब ईडी ने इकबाल के बेटे के नाम पर चल रही ट्रस्ट की ग्लोबल यूनिवर्सिटी की 4440 करोड़ की संपत्ति को अटैच कर कुर्क किया है। सहारनपुर के जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने कहा कि जैसे ही हमें कोई आदेश मिलेंगा, उसके आधार पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा विधायक T राजा सिंह हैदराबाद में गिरफ्तार: हमले के शिकार गोरक्षकों से जा रहे थे मिलने, आरोप- मूकदर्शक बनी रही थी तेलंगाना पुलिस

तेलंगना पुलिस ने रविवार (16 जून 2024) को हैदराबाद के गोशमहल से भाजपा विधायक टी राजा सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उनकी गिरफ्तारी हैदराबाद के राजीव गाँधी एयरपोर्ट से की गई है। राजा सिंह मेडक जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं से मिलने जा रहे थे। इन पर गायों को बचाने के दौरान गो तस्करों ने शनिवार (15 जून) को हमला कर दिया था।

ऑपइंडिया से बात करते हुए राजा सिंह ने बताया कि उनको 2 दिनों तक हाउस अरेस्ट करने की तैयारी की गई है। अपनी गिरफ्तारी की जानकारी खुद MLA राजा सिंह ने अपने X हैंडल पर साझा की है। इसी के साथ उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया है, जो हैदराबाद एयरपोर्ट का लग रहा है। वीडियो में राजा सिंह अपने कुछ साथियों के साथ चल रहे हैं।

उनके साथ पुलिस के कई स्टाफ भी मौजूद हैं। वीडियो के आखिर में राजा सिंह पुलिस के साथ एयरपोर्ट के बाहर आते हैं। यहाँ थोड़ी देर की बातचीत के बाद पुलिस उन्हें कार में बैठाकर ले जाती है। सोशल मीडिया पर लोग तेलंगाना पुलिस की इस कार्रवाई पर नाराजगी प्रकट कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई की आलोचना की है।

मेदक में शनिवार को भड़की थी हिंसा

जिस घटना को लेकर राजा सिंह मेडक जा रहे थे वो शनिवार (15 जून) की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहाँ के रामदास चौरस्ता इलाके में शनिवार को भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गाय लेकर जा रहे कुछ लोगों को रोक दिया। ये कार्यकर्ता आरोपितों को गो-तस्कर बताते हुए धरना देने लगे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोग भी जमा होने लगे।

कुछ ही देर में दोनों पक्षों में झड़प हो गई। इस झड़प में 2 लोग घायल हो गए, जिनको इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। बताया जा रहा है कि अस्पताल में भी इलाज के दौरान कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। हिन्दू संगठन के एक कार्यकर्ता को चाकू मारे जाने की भी खबर है। झड़प के बाद दोनों पक्ष खुद को सही और विपक्षी को गलत बता रहे हैं।

दोनों पक्षों ने सड़क पर उतर कर प्रदर्शन भी किया है। कुछ दुकानों में तोड़फोड़ की भी खबरें हैं। हंगामे को देखते हुए दुकानें और पेट्रोल पम्पों को एहतियातन बंद कर दिया गया है। इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रभावित क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है। फिलहाल हालत तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में हैं।

बाबरी अब मस्जिद नहीं ‘ढाँचा’, राम मंदिर ‘राष्ट्रीय गर्व’, अयोध्या ‘पवित्र स्थल’: NCERT ने 12वीं की किताब में किया बदलाव, सुप्रीम कोर्ट के फैसले की तारीफ़

अयोध्या में श्रीराम का जन्म हुआ था और राम मंदिर वहीं बन रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने फैसले में वहाँ मंदिर होने की बात कही। अब इसी हिसाब से NCERT ने भी अपने सिलेबस में बदलाव किया गया है। बाबरी को अब ‘मस्जिद’ की जगह ‘तीन गुम्बदों वाला ढाँचा’ बताया गया है। 12वीं कक्षा के राजनीतिक विज्ञान की पुस्तक में ये बदलाव किया गया है। पाठ संख्या 8 में ‘भारतीय राजनीति में ताज़ा बदलाव’ के अंतर्गत बाबरी के संबंध में ये चीज लिखी गई है।

इसमें पिछले कुछ दशकों में हुए 5 बदलावों के बारे में बताया गया है – 1989 में कॉन्ग्रेस पार्टी की बुरी हार, मंडल मुद्दे का उभार, राजीव गाँधी की हत्या और उदारीकरण के तहत आर्थिक बदलाव। इनके अलावा अयोध्या मामले का भी जिक्र किया गया है। हालाँकि, सोमनाथ से लेकर अयोध्या तक लालकृष्ण आडवाणी की रथयात्रा, कारसेवकों के किरदार, बाबरी ढाँचे के ध्वस्तीकरण के बाद दंगे, राज्यों में राष्ट्रपति शासन लगाने और अयोध्या में हुए अन्य बदलावों वाले विषयों को डिलीट किया गया है।

अयोध्या को अब ‘विवाद’ की जगह ‘राम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन’ बताया गया है। इसमें बताया गया है कि सदियों पुराने राजनीतिक व कानूनी विवाद का भारतीय राजनीति पर बहुत प्रभाव पड़ा, इसके कारण कई बदलाव हुए। साथ ही अयोध्या को भारत के सबसे पवित्र स्थलों में से एक बताया गया है। राम जन्मभूमि को ‘राष्ट्रीय गर्व’ लिखा गया है। वहीं बताया गया है कि सन् 1528 में इसे तोड़ कर यहाँ ढाँचा बना दिया गया। जिक्र किया गया है कि कैसे 1986 में फ़ैजाबाद के डीएम के आदेश पर ढाँचे का ताला खुला और यहाँ पूजा की अनुमति दी गई।

इसमें लिखा है कि कैसे समाज ने बड़े पैमाने पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का जश्न मनाया, ये एक संवेदनशील मुद्दे पर आम सहमति बनाने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। NCERT ने लिखा है कि कैसे भारत में सभ्यतागत रूप से निहित लोकतान्त्रिक लोकाचार को भी ये फैसला परिभाषित करता है। वहीं बाबरी को ध्वस्त किए जाने वाली खबर और कल्याण सिंह सरकार को हटाने वाले वाली खबर की पेपर कटिंग हटा दी गई है। 2019 में सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच के फैसले को प्राथमिकता दी गई है।

बकरीद में जिस बकरे को काटने वाले थे, उस पर लिख दिया ‘राम’: वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने दुकान पर जड़ा ताला, आरोपित गिरफ्तार

मुस्लिमों का त्यौहार बकरीद इस सप्ताह देश और दुनिया भर में मनाया जाएगा। शासन और प्रशसन की तरफ से लोगों को बिना दूसरों को तकलीफ दिए अपनी आस्था का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। इन तमाम नसीहतों के बावजूद मुंबई से हिन्दू भावनाओं को आहत करने वाला मामला सामने आया है।

यहाँ कुर्बानी के लिए तैयार किए गए एक बकरे की पीठ पर राम लिख दिया गया था। इसे बकरीद पर बेचने के लिए मटन शॉप के बाहर रखा गया था। आरोपित के खिलाफ FIR दर्ज करके मटन शॉप में प्रशासन ने ताला जड़ दिया है। वही, मटन शॉप के मालिक को भी मुंबई पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

यह घटना नवी मुंबई इलाके की है। यहाँ के सीबीडी बेलापुर इलाके में गुडलक मटन शॉप है। इस मटन शॉप के मालिक का नाम बोर्ड पर मोहम्मद शफी लिखा हुआ है। शनिवार (15 जून 2024) को यहाँ हिन्दू संगठन के कुछ लोग पहुँचे।

उन्होंने एक सफेद रंग के बकरे को वीडियो बनाकर दिखाया, जिसकी पीठ पर राम लिखा हुआ था। राम शब्द पीले रंग से लिखा हुआ था। हिन्दू संगठन से जुड़े लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बकरे को अपने कब्ज़े में ले लिया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वीडियो में दुकानदार को हिन्दू संगठन के सदस्यों से बहस करते देखा जा सकता है। दुकान के मालिक पर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। आरोपित की दुकान को प्रशासन ने अगले आदेश तक सील कर दिया है। हिन्दू संगठनों के साथ सोशल मीडिया पर नेटीजेंस ने आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग उठाई है।


                

कोरोना महामारी के बाद अब आया मांस खाने वाला बैक्टेरिया! शरीर में घुस कर टिश्यू को करने करने लगता है बर्बाद, 48 घंटे के भीतर हो जाती है मौत

कोरोना महामारी से दुनिया 2 साल से भी अधिक समय तक जूझती रही, अब एक नए बैक्टेरिया ने सबकी टेंशन बढ़ा दी है। ये बैक्टेरिया बहुत खतरनाक है, क्योंकि ये धीमे-धीमे कर के इंसान का मांस खाने लगता है। जापान में कोरोना को लेकर जो प्रतिबंध लगे हुए थे वो कब के खत्म हो चुके हैं, ऐसे में इस बैक्टेरिया के तेज़ी से फैलने की आशंका है। इसका नाम ‘स्ट्रेप्टोकोकल टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम’ (STSS) है। ये संक्रमण के 48 घंटे के भीतर मार डालने की क्षमता रखता है।

‘नेशनल इंस्टीटुटर ऑफ इंफेक्शियस डिजीज’ (NIID) एक ऐसी खतरनाक बीमारी है, जिसके सिर्फ इसी साल जापान में 1000 से भी अधिक मामले आ चुके हैं। ये पिछले साल के आँकड़ों से भी ज़्यादा है। इस बीमारी के कारण मानवों के शरीर के टिश्यू टूटने लगते हैं और ऑर्गन फेल होने लगते हैं। साथ ही इसका प्रसार अनियंत्रित होने लगता है। जापान के मेडिकल समुदाय में इस ‘फ्लेश ईटिंग बैक्टेरिया’ को लेकर डर का माहौल बना हुआ है, रिसर्च जारी है।

असल में STSS एक खतरनाक संक्रमण है जो ग्रुप A स्ट्रेप्टोकोकस (GAS) बैक्टेरिया द्वारा फैलाया जाता है। इसके फैलते ही शरीर में तेज़ दर्द होता है और तेज़ बुखार से रोगी पीड़ित हो जाता है। साथ ही रक्तचाप घट जाता है। चूँकि कोरोना संबंधित प्रतिबंधों के हटने के बाद लोग अधिक से अधिक संख्या में मिलजुल रहे हैं, इसीलिए संक्रमण तेज़ी से फैल रहा है। 50 से अधिक उम्र के लोगों पर ये ज्यादा असर दिखाता है।

ये बैक्टेरिया विषाक्त पदार्थ पैदा करता है, जो शरीर की क्रियाओं को प्रभावित करता है। टिश्यू ध्वस्त होने लगते हैं और शरीर सूजन का शिकार होने लगता है। व्यक्ति तेज़ दर्द से जूझने लगता है और शरीर का मांस कम होने लगता है। ये बैक्टेरिया खून में घुस जाता है, कई अंग काम करना बंद कर देते हैं। इम्यून सिस्टम ध्वस्त होते ही रोगी को मौत से जूझने लगता है। जापान में स्वास्थ्य सुविधाएँ उन्नत हैं, अगर ये विकासशील या गरीब देशों में फैला तो दिक्कत हो सकती है।

दिल्ली पुलिस को पाइपलाइन की रखवाली के लिए लगाना चाहती है AAP सरकार, कमिश्नर को आतिशी ने लिखा पत्र: घोटाले का आरोप लगा BJP ने किया प्रदर्शन

दिल्ली जल संकट के बीच राजनीतिक घमासान भी तेज हो गया है। दिल्ली की जल मंत्री आतिशी ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि दिल्ली में पाइपलाइन काटने की साजिश हो रही है। आतिशी ने दिल्ली के कमिश्नर को पत्र लिखकर दिल्ली आने वाली पाइपलाइन्स को पुलिस सुरक्षा देने की माँग की है। वहीं, बीजेपी ने अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बीजेपी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने जब से दिल्ली जल बोर्ड की कमान संभाली, उसके एक साल में जमकर धाँधली हुई और दिल्ली जल बोर्ड को बर्बाद कर दिया गया और दिल्ली जल बोर्ड की ऑडिट रिपोर्ट भी उसी समय की गायब है।

पानी की पाइपों की सुरक्षा करेगी दिल्ली पुलिस!

दिल्ली की जल मंत्री आतिशी ने कमिश्नर को पत्र लिखकर कहा है कि दिल्ली की जनता के साथ साजिश हो रही है। उन्होंने कहा कि साउथ दिल्ली की पाइपलाइन में साजिशन 6 बोल्ट काटे गए थे। दिल्ली में पानी की परेशानी बढ़ाने के लिए षड्यंत्र हो रहा है और इस षड्यंत्र के कारण ही साउथ दिल्ली में 25% पानी की कमी हुई है।

आतिशी ने पत्र में लिखा है, “मैं अगले 15 दिनों के लिए हमारी प्रमुख पाइपलाइनों की सुरक्षा और गश्त के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती का अनुरोध कर रही हूं, ताकि शरारती तत्वों या गलत इरादे वाले लोगों को पानी की पाइपलाइनों से छेड़छाड़ करने से रोका जा सके, जो अब दिल्ली की जीवनरेखा बन गई हैं। इस समय कोई भी गड़बड़ी और तोड़फोड़ दिल्ली के लोगों के सामने पहले से ही मौजूद पानी की किल्लत को और बढ़ा देगी।”

बीजेपी का जोरदार प्रदर्शन, केजरीवाल पर गंभीर आरोप

दिल्ली जल संकट के बीच बीजेपी ने आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दिल्ली बीजेपी ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए कहा केजरीवाल पर दिल्ली जलबोर्ड में घोटाले का आरोप लगाया। दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि जब अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बने तो दिल्ली जल बोर्ड करोड़ों रुपये के मुनाफे में था।

सचदेवा ने कहा, “अरविंद केजरीवाल करीब एक साल दिल्ली जल बोर्ड के अध्यक्ष रहे। उनके अध्यक्ष बनने से पहले दिल्ली जल बोर्ड फायदे में था, लेकिन एक साल में ही दिल्ली जल बोर्ड भारी कर्ज में चली गई और उस समय की ऑडिट रिपोर्ट भी गायब है।” उन्होंने कहा, “आप सरकार के मंत्रत्री पानी की चोरी कर रहे हैं और दिल्ली में टैंकर माफिया चला रहे हैं।”

मौलाना की हत्या के बाद मुस्लिम भीड़ ने हिंदू परिवारों को बनाया निशाना, घरों में घुसने की कोशिश की: प्रतापगढ़ में डर से कई ब्राह्मण परिवारों ने गाँव छोड़ा

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में 7 जून 2024 को मौलाना फारुक नाम के एक मदरसा संचालक की हत्या कर दी गई थी। हत्या की वजह पैसों का लेन-देन था। हत्या का आरोप हिन्दू समुदाय के कुछ लोगों पर लगा था। तब मुस्लिम भीड़ ने कानून को हाथ में लेते हुए न सिर्फ पुलिस पर पत्थरबाजी की, बल्कि आरोपितों के घरों में भी घुसने की कोशिश की थी।

पुलिस ने बल प्रयोग करके जैसे-तैसे हालत सँभाले थे। उपद्रव को देखते हुए गाँव में हिन्दू समुदाय के कई लोग दहशत में घर छोड़ कर भाग गए हैं। पुलिस द्वारा दिए जा रहे तमाम आश्वासन के बावजूद भी वो लौटने को तैयार नहीं हैं। गाँव छोड़ने वालों के नाम दिनेश चंद्र पांडेय, जयप्रकाश पांडेय, राजेश चंद्र पांडेय, अनिल कुमार पांडेय, रमाकांत पांडेय व लाला पांडेय आदि के नाम बताए जा रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला प्रतापगढ़ के जेठवारा थाना क्षेत्र के सोनपुर गाँव का है। यहाँ 7 और 8 जून को हुई हिंसा के बाद मुस्लिम भीड़ ने पत्थरबाजी की थी। हमलावर भीड़ आरोपितों के घरों में घुसने की कोशिश की थी। तब से गाँव में पुलिस तैनात है। माहौल को देखते हुए हिन्दू समुदाय के कई लोग घरों में ताला लगा कर अपने दोस्तों-रिश्तेदारों के यहाँ चले गए हैं।

डर से शरणार्थी बन चुके इन परिवारों को जिला प्रशासन कई बार सुरक्षा देने व सुरक्षित रहने का भरोसा दे चुका है। इसके बावजूद कई परिवार घर लौटने को तैयार नहीं है। हिंदुओं के घरों में तोड़फोड़ करने वालों पर भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आरोप यह भी है कि हिंसक भीड़ ने उन हिन्दुओं के घरों को भी निशाना बनाया था, जिनका मौलाना फारुक की हत्या से कोई भी लेना-देना नहीं था।

मौलाना के ही घर गए सपाई

इस बीच प्रशासन के लाख समझाने व पुलिस की तमाम पाबंदियों के बावजूद समाजवादी पार्टी के सदस्य मृतक मौलाना फारुक के घर पहुँच गए। शनिवार (15 जून) को उन्होंने पहले पुलिस की बैरिकेड तोड़ी फिर पगडंडी के रास्ते मृतक के घर पहुँचे। सपा के इस प्रतिनिधि मंडल में पूर्व मंत्री कमाल अख्तर और पूर्व MLC उदयवीर सिंह मौजूद थे। हालाँकि, पीड़ित हिंदुओं के घर किसी ने जाने की कोशिश नहीं की।

हिन्दू संगठनों ने दी एकतरफा कार्रवाई न करने की चेतावनी

इस बीच हिन्दू संगठनों ने भी इस मामले में दखल देना शुरू कर दिया है। प्रतापगढ़ के हिन्दू संगठनों ने एकजुट होकर एलान किया है कि किसी भी रूप में एकतरफा कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने गाँव के हिन्दुओं की सुरक्षा भी तय करने की प्रशासन से अपील की है। हिन्दू संगठनों ने एकपक्षीय आवाज उठाने का आरोप लगा कर समाजवादी पार्टी को भी आड़े हाथों लिया और कठोर शब्दों के साथ उनकी निंदा की। प्रतापगढ़ पुलिस का कहना है कि उनकी हालातों पर नजर है और संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

अब तक 1 महिला सहित 3 गिरफ्तार

मौलाना हत्याकांड में अब तक पुलिस ने कुल 3 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक महिला भी शामिल है। गिरफ्तार आरोपितों के नाम देवी प्रसाद पांडेय, चंद्रमणि तिवारी और उनकी पत्नी सीता तिवारी हैं। इन सभी पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 147, 148, 302 व 34 के तहत कार्रवाई की गई है।

साम्प्रदायिक नहीं, बल्कि जमीन व पैसों के विवाद में हुई थी हत्या

मौलाना फारूक की हत्या के बाद सोशल मीडिया के तमाम इस्लामी व वामपंथी हैंडलों ने इसे साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश की थी। कई हैंडलों ने इसे उत्तर प्रदेश में मुस्लिम स्कॉलर्स की टारगेट किलिंग के तौर पर दिखाने की कोशिश की थी। इस पूरे समूह ने उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद, शामली और प्रतापगढ़ जिलों में विभिन्न कारणों से मारे गए मज़हबी गुरुओं को एक साथ जोड़ कर नया रूप दिया।

वहीं, पुलिस जाँच में स्पष्ट हो गया है कि इनमें से एक भी हत्या टारगेट किलिंग या साम्प्रदायिक मंशा से नहीं हुई थी। शामली के केस में तो औलाद ने ही अपने अब्बा की हत्या की थी। इस मामले में भी पुलिस की जाँच में हत्या की वजह पैसों और जमीन का विवाद निकला। पुलिस की पूछताछ में 11 जून को गिरफ्तार आरोपित चंद्रमणि तिवारी ने बताया कि वह बेहद गरीब परिवार से है।

तिवारी ने कहा कि दूध बेचकर और थोड़ी-बहुत खेती करके परिवार का गुजारा होता है। आरोपित और मृतक मौलाना के बीच अच्छे संबंध थे। पैसों के अभाव में आरोपित ने मौलना को अपनी लगभग 10 बिस्वा जमीन बेच दी थी। इसी लेन-देन में पैसे व जमीन आदि को लेकर विवाद हुआ था। इसकी वजह से आरोपित ने आवेश में आकर मौलाना की फावड़े से मारकर हत्या कर दी थी।

नूहं में हिन्दुओं और पुलिस पर हमला करने वाला खालिद गिरफ्तार, 11 माह से दे रहा था चकमा: डिप्टी एसपी बन कर रहा था ठगी, साथी आकिल भी पकड़ाया

हरियाणा के नूहं जिले में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ठगी करने वाले खालिद और आकिल को पुलिस ने शनिवार (15 जून 2024) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपित खुद को डिप्टी एसपी बताकर लोगों पर न सिर्फ रौब झाड़ते थे, बल्कि उनसे पैसों की वसूली भी करते थे। इनके निशाने पर खासतौर से वर्तमान व पूर्व सरपंच हुआ करते थे। खालिद पिछले साल 31 जुलाई को नूहं में हिन्दुओं की शोभा यात्रा पर हुए हमले में भी शामिल बताया जा रहा है। तब से वह फरार चल रहा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला नूहं जिले के साइबर थाने का है। 3 दिन पहले एक पूर्व सरपंच दिलबाग ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में उन्होंने बताया था कि 2-3 दिन पहले उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई थी। कॉलर ने खुद का परिचय डिप्टी एसपी शमशेर सिंह के तौर पर दिया था। कॉलर ने अपनी व्हाट्सएप डीपी भी वर्दी पहने शमशेर सिंह की लगा रखी थी।

इस कॉलर ने दिलबाग से बेहद जरूरी काम बताते हुए 95 हजार रुपयों की माँग की। पैसे जमा करने के लिए उसने स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) का खाता नंबर भी भेजा। दिलबाग ने बताया कि डिप्टी एसपी शमशेर सिंह उनके पूर्व परिचित थे। उन्होंने झाँसे में आकर उस खाते में 95 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। पैसे भेजने के बाद अगले दिन फिर से उसी नंबर से दिलबाग को कॉल आई।

कॉलर ने दिलबाग से और ज्यादा पैसों की माँग की। तब दिलबाग को एहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हो गई है। उन्होंने कॉलर के स्क्रीनशॉट और रिकार्डिंग आदि लेकर साइबर थाने को सम्पर्क किया। शिकायत के आधाार पर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। उसके बाद दोनों आरोपितों की तलाश में जुट गई है। पुलिस ने जाँच की तो जालसाजी के इस रैकेट में 2 लोग शामिल मिले।

इन दोनों के नाम खालिद और आकिल हैं। ये दोनों मेवात के रहने वाले हैं। मुख्य आरोपित खालिद है, जबकि आकिल उसका सहयोगी है। जाँच में पता चला कि खालिद 31 जुलाई 2023 को नूहं में बृजमंडल यात्रा के दौरान हिंदुओं पर हुए हमले में भी शामिल था। उसने न सिर्फ हिन्दू श्रद्धालुओं पर पत्थरबाजी की थी, बल्कि आगजनी में भी शामिल था। वह साइबर थाने पर हमले में भी शामिल था।

खालिद पिछले 11 महीनों से पुलिस को चकमा दे रहा था। वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ रहा था। आखिरकार जालसाजी के मामले में वह कानून के घेरे में फँस गया। पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद आकिल को जेल भेज दिया है। वहीं, खालिद को व्यापक पूछताछ के लिए एक दिन की कस्टडी रिमांड पर लिया है। पुलिस कस्टडी में दोनों कान पकड़कर माफ़ी माँगते नजर आए।