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चेक गणराज्य से अमेरिका लाया गया निखिल गुप्ता, खालिस्तानी आतंकी पन्नू की हत्या की साजिश रचने का है आरोप

खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू को अमेरिका में मरवाने के लिए सुपारी देने के आरोपित भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को चेक गणराज्य से अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया है। निखिल गुप्ता को अमेरिका की एक जेल में रखा गया है। उसे अमेरिका के एक कोर्ट में पेश किया जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, निखिल गुप्ता को इस सप्ताह के अंत (15-16 जून, 2024) में अमेरिका लाया गया है। अभी उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है। निखिल गुप्ता ने चेक गणराज्य से प्रत्यर्पण से बचने के लिए वहाँ के स्थानीय कोर्ट में याचिका भी लगाई थी लेकिन मई, 2024 में कोर्ट ने उसके प्रत्यर्पण का रास्ता साफ़ कर दिया था। इससे पहले फरवरी, 2024 में इस पर रोक लगाई गई थी।

कोर्ट ने इस दौरान कहा था कि गुप्ता को प्रत्यर्पित किए जाने से उनके मूलभूत अधिकारों को लेकर कोई खतरा नहीं उत्पन्न होता है, ऐसे में उन्हें प्रत्यर्पित जा सकता है। इसके बाद उनके अमेरिका जाने का रास्ता साफ़ हो गया था। अब यह खबर आई है कि उसे अमेरिका भेज दिया गया है। निखिल गुप्ता जून 2023 से ही चेक गणराज्य में था।

गौरतलब है कि अमेरिका के जस्टिस विभाग ने आरोप लगाए थे कि निखिल गुप्ता अमेरिका में खालिस्तानी आतंकी गुरवतपन्त सिंह पन्नू को मरवाने की साजिश में शामिल था। निखिल गुप्ता पर आरोप था कि उसने अमेरिका में पन्नू को मारने के लिए एक हत्यारे को सुपारी दी।

अमेरिका ने आरोप लगाया था कि निखिल गुप्ता ने 1 लाख डॉलर (लगभग ₹83 लाख) पन्नू को मारने के लिए दिए थे। निखिल गुप्ता पर अमेरिका की एजेंसियों की आरोप ने लगाया था कि वह भारतीय खुफिया एजेंसियों से मिल कर काम कर रहा था और और यह सुपारी उसने भारतीय एजेंटों के कहने पर ही दी थी। इसके लिए 15,000 डॉलर का अग्रिम भुगतान किया गया था।

निखिल गुप्ता ने जिसको पैसे दिए थे वह अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का ही सदस्य था। इसी कारण से पूरा मामला खुलने की बात कही गई थी। निखिल गुप्ता के परिवार ने इस बीच आरोप लगाया था कि निखिल को बीफ और पोर्क खिलाया जा रहा था जो उनके धार्मिक मूल्यों के विरुद्ध है।

इस मामले में भारत ने अमेरिका के आरोपण को खारिज किया है कि वह पन्नू को मारने की साजिश जैसी कोई बात थी और इस पूरे मामले में जाँच के लिए एक कमेटी गठित की है। निखिल गुप्ता के अमेरिका प्रत्यर्पित किए जाने को लेकर विदेश मंत्रालय ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

पहले उइगर औरतों के साथ एक ही बिस्तर पर सोए, अब मुस्लिमों की AI कैमरों से निगरानी: चीन के दमन की जर्मन मीडिया ने खोली पोल, सूअर का माँस तक खिला चुका है

चीन का सुरक्षा प्रशासन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कैमरों की मदद से उइगर ( अधिकांश मुस्लिमों) पर नजर बनाए हुए है। ये खुलासा जर्मन मीडिया के आउटलेट टेबल.मीडिया ने किया है। टेबल मीडिया के अनुसार जिस दस्तावेज के आधार पर वो ये बता रहे हैं वो दस्तावेज उन्हें शंघाई, झेजियांग प्रांत के विभिन्न शहरों तथा दक्षिण-पश्चिमी महानगर चेंगदू के पुलिस विभागों से प्राप्त हुए हैं। इनसे पुष्टि होती है कि एआई कैमरों के माध्यम से उइगरों पर निगरानी रखी जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, प्राप्त दस्तावेज पिछले 6 सालों के हैं जिनमें सबसे हालिया 2023 का है। ये बताता है कि उइगरों के चेहरा एआई कैमरों की जरिए पहचानने के लिए प्रयास चल रहे हैं। इस दस्तावेज के मुताबिक राज्य में वर्षों से उइगरों की पहचान के लिए ऐसी कोशिशें हो रही हैं क्योंकि इस समुदाय के लिए चीन के मन में अब भी बहुत सी आशंकाएँ हैं।

इस मामले में वुर्जबर्ग विश्वविद्यालय के झिंजियांग विशेषज्ञ ब्योर्न अल्परमैन कहते हैं कि ‘उल्लेखित’ दस्तावेजों से साफ पता चलता है कि चीनी सुरक्षा अधिकारी व्यवस्थित रूप से उइगरों के साथ अपराधियों जैसा बर्ताव करते हैं और उन्हें दोयम दर्जे के नागरिक की तरह उनके साथ बर्ताव करते हैं।

बता दें कि एआई कैमरों के जरिए चीन के सुरक्षाकर्मी ये पहचानने का प्रयास करेंगे कि उइगर विशेष रूप से कहाँ-कहाँ हैं और वो किसके संपर्क में आते हैं। जुहूई में अकेल 3700 कैमरे इस संबंध में निगरानी कर रहे हैं जो तस्वीरें लेते हैं और प्रशासन को सचेत रखते हैं। निगरानी के दौरान चेहरे की तस्वीर और उसका पूरा डेटा आता है। चश्मा लगाए लोग और दाढ़ी बढ़ाकर भी कोई इन चीजों से नहीं बच सकता। एआई इस डेटा को कलेक्ट करके सारी इन्फॉर्मेशन निकालता है और फिर उनसे जुड़ी सारी जानकारी चीन के सुरक्षा अधिकारियों को देता है। फिलहाल जुहूई में ये सिस्टम14 पुलिस थानों, डिटेंशन सेंटर और ट्रैफिक पुलिस कार्यालयों में प्रयोग हो रहा है।

गौरतलब है की चीन में उइगर मुस्लिमों को खतरे की तरह देखा जाता है। इसके संबंध में 2019 से खबरें आ रही हैं कि चीन उइगर मुस्लिमों में से कट्टरपंथ निकालने के नाम पर डिटेंशन सेंटर में डालता है और वहाँ उन्हें अनगिनत प्रताड़नाएँ दी जाती हैं। कई विदेशी मीडिया इस मुद्दे पर रिपोर्ट भी कर चुके हैं, लेकिन चीन के खिलाफ आवाज उठाने का काम कोई इस्लामी मुल्क नहीं करता है।

इस समय चीन में जब हर विरासत का चीनीकरण करने के काम हो रहा है, तब मस्जिदों पर भी हथौड़े चलाकर उसके मीनार और गुंबद तोड़े जा चुके हैं। इसके अलावा मुस्लिम महिलाओं पर भी अत्याचार होते हैं। पुरानी रिपोर्ट में बताया गया था कि कैसे चीन में सुरक्षाकर्मी पुरुषों को डिटेंशन सेंटर में डालकर महिलाओं के साथ हमबिस्तर होने चले जाते थे। इसके अलावा महिलाओं की वहाँ जबरन नसबंदी करा दी जाती थी और शराब पिलाने और पोर्क खिलाने का काम भी होता था।

सेजल, नेहा, पूजा, अनामिका… जरूरी नहीं आपके पड़ोस की लड़की ही हो, ये पाकिस्तान की जासूस भी हो सकती हैं: जानिए कैसे ISI के हनी ट्रैप में उलझ रहे सैनिक-वैज्ञानिक

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के जासूस भारत की सुरक्षा में सेंध लगाने के लिए वैज्ञानिकों-इंजीनियरों को निशाना बना रहे हैं। ISI जासूस भारतीय लड़कियों के नाम से सोशल मीडिया पर आईडी बना कर इन वैज्ञानिकों को हनीट्रैप कर रहे हैं। हाल ही में जासूसी के आरोप में उम्रकैद की सजा पाए ब्रम्होस मिसाइल के इंजीनियर निशांत अग्रवाल के साथ भी ऐसा ही हुआ था।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के यह जासूस फेसबुक पर सेजल कपूर, नेहा शर्मा, पूजा रंजन, अनामिका शर्मा और अदिति अग्रवाल जैसे भारतीय नामों से फर्जी आईडी बनाते थे। ISI के झाँसे में आने वाले निशांत अग्रवाल ने भी ऐसे ही एक अकाउंट पर भरोसा किया था।

निशांत अग्रवाल ने सेजल नाम की एक फेसबुक आईडी पर भरोसा करके बातचीत चालू की थी। सेजल नाम का यह अकाउंट पाकिस्तान से चलाया जा रहा था। सेजल नाम का यह अकाउंट पाकिस्तान में ISI के अपने सरगनाओं और भारतीय सुरक्षा कर्मियों और वैज्ञानिकों कसे बातचीत कर रहा था। सेजल ने उसे हनीट्रैप कर लिया था।

निशांत अग्रवाल मामले का खुलासा करने वाली उत्तर प्रदेश ATS के एक अधिकारी ने इस मामले में कई जानकारियाँ दी हैं। UP ATS के एक अधिकारी ने बताया है कि सेजल नाम का यह अकाउंट साइबर अटैक के बारे में भी योजना बना रहा था। सेजल ने खुद को इंग्लैंड की एक कम्पनी में भर्ती करने वाले के तौर पर निशांत को बताया था।

निशांत अग्रवाल को सेजल ने बताया था कि वह हेस एविएशन नाम की एक कम्पनी के लिए लोगों को भर्ती कर रही है। इन दोनों की अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से भी बातचीत हुई थी। इस दौरान निशांत अग्रवाल के लैपटॉप पर सेजल ने कुछ सॉफ्टवेयर डलवाए थे। इनके नाम क्यूव्हिस्पर, चैट टू हायर और एक्स ट्रस्ट थे।

सेजल ने बताया था कि यह भर्ती प्रक्रिया का एक हिस्सा हैं। असल में यह सॉफ्टवेयर, वायरस थे जो कि अग्रवाल के लैपटॉप से डाटा चुराने के काम में लिए गए थे। निशांत अग्रवाल के लैपटॉप में ब्रह्मोस से जुड़ा हुआ गोपनीय डाटा था, जिसे पाकिस्तानियों ने इन सॉफ्टवेयर के जरिए चुरा लिया।

पाकिस्तानी जासूसों ने वायुसेना के भी दो पूर्व कर्मचारियों से भारतीय सुरक्षा व्यवस्थाओं के विषय में जानकारी जुटाने की कोशिश की थी लेकिन इसमें वह सफल नहीं हुए थे। इनसे भी फर्जी फेसबुक आईडी के जरिए ही जानकारियाँ जुटाए जाने का प्रयास किया जा रहा था। लखनऊ के एक पूर्व वायुसेना कर्मचारी के साथ यह प्रयास किया गया था।

गौरतलब है कि निशांत अग्रवाल को 2018 में उत्तर प्रदेश ATS ने गिरफ्तार किया था। वह भारत के महत्वपूर्ण रक्षा कार्यक्रम ब्रह्मोस का हिस्सा था। यहाँ वह एक सीनियर सिस्टम इंजीनियर था। उसे नागपुर में चले मुकदमे में गोपनीय जानकारियाँ साझा करने का दोषी पाया गया है। उसे हाल ही में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

बकरीद पर गायों को कटवाना चाहता था जो मौलाना अब्दुल रहीम, ऑपइंडिया की रिपोर्ट के बाद उसे पुलिस ने किया गिरफ्तार, धर्मांतरण में पहले भी जा चुका है जेल

गुजरात के भरुच में एक मौलाना ने बकरीद के मौके पर अन्य पशुओं की कुर्बानी के साथ ही गाय की कुर्बानी की बात कही थी। सोशल मीडिया पोस्ट भी इस बारे में वायरल हो रहे थे। इस पूरे मामले की छानबीन ऑपइंडिया गुजराती ने की, जिसके बाद सक्रिय हुई भरुच पुलिस ने आरोपित मौलाना अब्दुल रहीम राठौड़ को गिरफ्तार किया है। वो भरुच के आमोद स्थित दारुल उलूम बरकत ख्वाजा नाम से मदरसा चलाता है।

जानकारी के मुताबिक, आमोद में स्थित इस्लामिक संस्था दारुल उलूम बरकत ख्वाजा के नाम से एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें गाय की कुर्बानी देने का आह्वान किया गया था। इस मामले में भरूच पुलिस ने एक मौलवी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपित की पहचान अब्दुल रहीम राठौड़ के रूप में हुई है, जो आमोद स्थित दारुल उलूम बरकत ख्वाजा चलाता है। पुलिस ने पहले उसके खिलाफ हिरासत में कार्रवाई करने के बाद आईपीसी और आईटी अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने बताया है कि उसके खिलाफ पहले भी धर्म परिवर्तन का मामला दर्ज किया जा चुका है।

स्थानीय पुलिस अधिकारी ने कहा कि बकरीद के त्योहार को देखते हुए भरुच पुलिस लगातार सोशल मीडिया पर नजर रख रही है। इस बीच, सोशल मीडिया पर ‘कुर्बानी के तरीके’ नाम से एक पोस्ट वायरल हो रही थी, जिसमें बड़े जानवरों की कुर्बानी के तरीके को बताया गया था। इस पोस्ट में गाय का भी जिक्र था। ये पोस्ट दारुल उलूम बरकत ख्वाजा का प्रबंधन करने वाले अब्दुल रहीम राठौड़ ने किया था। जिसके बाद पुलिस ने उचित धाराओं में केस दर्ज उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने कहा कि फिलहाल भरुच जिला एसओजी इस मामले की जाँच कर रही है और जो भी इस काम में मौलवी के साथ शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अवैध धर्मांतरण के केस में भी गिरफ्तार हो चुका है मौलाना

पुलिस के मुताबिक, आरोपित मौलवी के खिलाफ साल 2021 में भी अवैध धर्मांतरण का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में उसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और मामले में सुनवाई चल रही है। बताया जा रहा है कि मौलाना उस मामले में जेल जा चुका है।

मूल रूप से यह खबर गुजरात में प्रकाशित की गई है। मूल लेख पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

‘आखिरी बार IMF से लोन लेने दो… फिर कभी नहीं माँगेंगे’: गिड़गिड़ाए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ

आईएमएफ, यूएई, सऊदी अरब, अमेरिका, चीन जैसे देशों के कर्ज चले दबा पाकिस्तान साँस भी नहीं ले पा रहा, फिर भी उसके हुक्मरान जनता से बड़े बड़े वादे करने में पीछे नहीं हट रहे। पिछले डेढ़ साल से सत्ता संभाल रहे प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने पाकिस्तान की जनता को सपना दिखाने की कोशिश की है कि जल्द ही पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था सुधर जाएगी। उसे किसी कर्ज की जरूरत नहीं पड़ेगी, लेकिन उससे पहले आखिरी बार आईएमएफ से कर्ज लेना पड़ेगा।

दरअसल, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की कमर टूट चुकी है। मुद्रा की हालत खस्ता है। देश कर्ज तले दबा है। आयात करने के लिए विदेशी मुद्रा नहीं है, लेकिन शाहबाज शरीफ पाकिस्तान की जनता को ये कह कर भरोसे में ले रहे हैं कि आईएमएफ से जो कर्ज मिलेगा, उससे पाकिस्तान की गरीबी दूर होगी। ये सरकार पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को इतना मजबूत कर देगी, कि उसे आईएमएफ से फिर से कभी कर्ज नहीं लेना पड़ेगा।

सरकारी टीवी चैनल पर अपनी सरकार के 100 दिन पूरे होने के मौके पर वो देश की आवाम को संबोधित कर रहे थे और तब उन्होंने ये दावा और वादा दोनों किया। शरीफ ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि यह बेलआउट पैकेज पाकिस्तान के इतिहास का आखिरी पैकेज होगा। पाकिस्तान की सरकार अपनी धीमी अर्थव्यवस्था को ताकत देने के लिए आईएमएफ से एक और बेलआउट पैकेज लेने पर बातचीत कर रही है। यह पैकेज 6 से 8 बिलियन डॉलर का हो सकता है। हाल ही में आए पाकिस्तानी बजट में भी पाकिस्तान ने आईएमएफ की शर्तों के अनुसार ही नीतियाँ बनाने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा इंशाअल्लाह, यह पाकिस्तान के इतिहास का आखिरी बेलआउट पैकेज होगा।

पाक पीएम ने कहा कि इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए हम सभी को अपने मुल्क की खातिर परेशानियाँ उठानी पड़ेगी। यह रास्ता मुश्किल भरा है, हमारी सरकार यह बदलाव करने के लिए तैयार है। शरीफ ने कहा कि हम उन सभी संस्थानों, विभागों और मंत्रालयों को बंद करेंगे जो आवाम के लिए कोई काम नहीं करते और देश पर एक बोझ की तरह हैं। अपनी 100 दिन की सरकार की पीठ थपथपाते हुए शरीफ ने दावा किया कि 4 मार्च, जबसे वह सत्ता में बैठे हैं तबसे मंहगाई दर 38 फीसदी से घटकर 12 फीसदी पर आ गई है।

तबाही की कगार पर पहुँचा पाकिस्तान, खजाना खाली

भारत से मुकाबले की कोशिश करता पाकिस्तान तबाही की कगार पर पहुँच चुका है। पाकिस्तान के पास अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार लगातार कम हो रहा है। पाकिस्तान के पास महज इतनी ही विदेशी मुद्रा बची है कि वो सिर्फ 2 माह तक ही सामान खरीद सकता है, लेकिन उसके ऊपर बढ़ता कर्ज सुरसा के मुँह की तरह बढ़ता जा रहा है। उसे विदेशी कर्ज की किश्तें चुकाने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, यहाँ तक कि हुक्मरानों को पिछले कई सालों से विदेशी सरकारों से अनुदान माँगने के लिए दौरे करने पड़ रहे हैं। इस बीच, पाकिस्तान का फॉरेक्स रिजर्व महज 9 अरब डॉलर का ही बचा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार गिरावट के साथ 9 अरब डॉलर के करीब बना हुआ है। वहीं, पाकिस्तानी रुपया यूएस डॉलर के मुकाबले 278 पर है। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान की लेटेस्ट वीकली अपडेट के अनुसार, 7 जून 2024 को समाप्त हुए सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 6 मिलियन डॉलर की गिरावट के साथ 9.10 अरब डॉलर रहा। यह मुद्रा भंडार 2 महीने से कम के आयात के जितना ही है। अगर पाकिस्तान ने कुछ मजबूत कदम नहीं उठाए, तो वह विदेशों से कुछ भी आयात नहीं कर पाएगा।

ऋषिकेश AIIMS में भर्ती अपनी माँ से मिलने पहुँचे CM योगी आदित्यनाथ, रुद्रप्रयाग हादसे के पीड़ितों को भी नहीं भूले

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माँ की तबीयत ख़राब हो गई, जिसके बाद उन्हें AIIMS ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है। उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी उनका हालचाल लेने पहुँचे, वहीं सीएम योगी ने भी अस्पताल पहुँच कर अपनी माँ का हालचाल लिया। लगभग एक सप्ताह पहले भी सावित्री देवी का AIIMS ऋषिकेश में इलाज हुआ था। रविवार (16 जून, 2024) को करीब 20 मिनट तक योगी आदित्यनाथ ने अपनी माँ के साथ समय व्यतीत किया।

साथ ही CM योगी ने ऋषिकेश स्थित एम्स के डायरेक्टर से भी मुलाकात की और अपनी माँ के इलाज को लेकर जानकारी ली। सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण के लिए 15 जून, 2024 को सावित्री देवी को एम्स में भर्ती कराया गया था। ऋषिकेश से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यमकेश्वर प्रखंड का पंचूर गाँव में ही योगी आदित्यनाथ का जन्म हुआ था। इस महीने दूसरी बार अस्पताल में भर्ती हुईं उनकी माँ सावित्री देवी का जीरियाट्रिक विभाग में इलाज चल रहा है।

भेंट की इस तस्वीर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर भी शेयर किया और सिर्फ एक कैप्शन लिखा – ‘माँ’। अस्पताल पहुँचे सीएम योगी ने रुद्रप्रयाग हादसे के घायलों से भी मुलाकात की। उन्होंने सभी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि सभी का सही तरीके से उपचार जारी है। बता दें कि रुद्रप्रयाग में हुए हादसे में 14 लोगों की मौत हुई है। मिनी बस अलकनंदा नदी में गिर गई। बस के पास न ट्रिप कार्ड था, न ही यात्रियों का रजिस्ट्रेशन हुआ था। बस में 26 लोग सवार थे।

वहीं सावित्री देवी के बारे में अस्पताल ने बताया है कि वृद्धावस्था संबंधित समस्याओं के कारण उन्हें भर्ती करना पड़ा है। पहले भी रूटीन चेकअप के लिए वो आती रही हैं। पिछली बार उन्हें आँखों की दिक्कतों के कारण भर्ती कराना पड़ा है। नाथ परंपरा में दीक्षित होने से पहले योगी आदित्यनाथ ने अपना घर छोड़ दिया था, हालाँकि वो अपनी माँ से मिलने जाते रहे हैं। उन्होंने बताया था कि उनकी बहन ने ही उन्हें अक्षर का ज्ञान कराया। अपने परिवार को वो मिस करते रहे हैं, लेकिन उनका कहना है कि अब जनता उनका परिवार है।

‘OTP से हैक नहीं होता EVM, अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई’: कॉन्ग्रेस एन्ड गिरोह को चुनाव आयोग ने लताड़ा, सोशल मीडिया में चल रहा प्रोपेगंडा

ईवीएम को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों के बीच चुनाव आयोग ने कहा है कि ईवीएम मशीन एक स्टैंडअलोन मशीन है। इसे किसी ओटीपी की जरूरत नहीं पड़ती और न ही इसमें किसी तरह के इंटरनेट या किसी और चीज, यही वजह है कि ये हैकिंग प्रूफ है। चुनाव आयोग ने कहा कि ईवीएम को शुरू करने के लिए किसी तरह के ओटीपी की जरूरत नहीं पड़ती। इस तरह की अफवाह फैला रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

मुंबई उपनगर जिला कलेक्टर वंदना सूर्यवंशी ने ईवीएम पर जारी विवादों को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ईवीएम पर गलत ख़बर फैलाई गई है और सारे आरोप बेबुनियाद हैं। ईवीएम किसी मशीन से जुड़ा हुआ नहीं होता है। ईवीएम से जुड़े राहुल गाँधी के ट्वीट पर उन्होंने कहा, “जो खबर चल रही है, वो गलत है। ईवीएम के लिए किसी ओटीपी की जरूरत नही होती है, बल्कि रिजल्ट बटन प्रेस करके काम होता है। चुनाव आयोग ने ईवीएम को लेकर अपनी पूरी प्रकिया का पालन किया है।”

बता दें कि कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गाँधी ने कहा कि ईवीएम एक ‘ब्लैक बॉक्स’ है, जिसकी जाँच करने की किसी को इजाजत नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत की चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर ‘गंभीर चिंताएं’ जताई जा रही हैं।

राहुल गाँधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “जब संस्थाओं में जवाबदेही ही नहीं होती तो लोकतंत्र दिखावा बन कर रह जाता है और धाँधली की आशंका बढ़ जाती है।” इस पोस्ट के साथ गाँधी ने एक खबर भी साझा कि जिसमें दावा किया गया कि मुंबई की उत्तर-पश्चिम लोकसभा सीट से 48 वोट से जीत दर्ज करने वाले शिवसेना के उम्मीदवार के एक रिश्तेदार के पास एक ऐसा फोन है जिससे ईवीएम में छेड़छाड़ संभव थी।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने ‘एक्स’ पर एलन मस्क की उस पोस्ट को भी साझा किया जिसमें मस्क ने ईवीएम को हटाने की बात कही थी। मस्क ने अपनी पोस्ट में कहा था, “हमें ईवीएम को खत्म कर देना चाहिए. मुनष्यों या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) द्वारा हैक किए जाने का जोखिम, हालाँकि छोटा है, फिर भी बहुत अधिक है।”

वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा, “‘टेक्नॉलजी’ समस्याओं को दूर करने के लिए होती है, अगर वही मुश्किलों की वजह बन जाए, तो उसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। आज जब विश्व के कई चुनावों में EVM को लेकर गड़बड़ी की आशंका ज़ाहिर की जा रही है और दुनिया के जाने-माने टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स EVM में हेराफेरी के ख़तरे की ओर खुलेआम लिख रहे हैं, तो फिर EVM के इस्तेमाल की ज़िद के पीछे की वजह क्या है, ये बात भाजपाई साफ़ करें। आगामी सभी चुनाव बैलेट पेपर (मतपत्र) से कराने की अपनी माँग को हम फिर दोहराते हैं।”

राहुल गाँधी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने कहा, “कुछ लोगों को हमने डाटा अपलोड करने के लिए मोबाइल ले जाने की इजाजत दी थी। लेकिन उस संबधित व्यक्ति तक वो मोबाइल कैसे गया, उस पर हमने खुद भी एफआईआर दर्ज कराई है और मामले की जाँच की जा रही है। किसी को सीसीटीवी नहीं मिलेगा, जब तक कि कोर्ट का ऑर्डर नहीं होता है।”

गन्ना के जूस में थूक मिला कर बेच रहे थे शाहेब आलम और जमशेद खान, विरोध करने पर दंपति से की अभद्रता: रोटी, तंदूर, फूल, फल, फेस मसाज – सब में मिल चुका है थूक

हाल ही में ऐसे कई मामले आए हैं जहाँ मुस्लिम समाज के लोग सार्वजनिक रूप से थूक का इस्तेमाल करते नज़र आए। यहाँ तक कि फेस मसाज से लेकर दाढ़ी बनाने तक में थूक का इस्तेमाल किया गया। नया अजीबोगरीब मामला नोएडा से सामने आया है। मामला सेक्टर-121 स्थित क्लियो काउंटी का है। जूस बनाने वाले शाहेब आलम और जमशेद खान को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन दोनों ने ग्लास में पहले थूका, फिर उसमे गन्ना का जूस निकाल कर डाला।

असल में एक दंपति ने गन्ने के जूस का ऑर्डर दिया था। जब उन्होंने जूस बनाने वालों की इस हरकत को देख कर इसका विरोध किया तो दोनों भड़क गए और दंपति के साथ अभद्रता की। दंपति की शिकायत के बाद यूपी पुलिस ने कार्रवाई की। इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। ये दोनों क्लियो काउंटी सोसाइटी के बाहर जूस बेचते थे। सोसाइटी के क्षितिज भाटिया ने शिकायत में बताया है कि शनिवार (15 जून, 2024) की शाम वो पत्नी के साथ जूस पीने गए थे।

उन्होंने शाहेब आलम और जमशेद खान को 2 ग्लास गन्ने के जूस का ऑर्डर दिया। इन दोनों ने ग्लास में थूक डाल कर जूस दिया, जिसे दंपति ने देख लिया। विरोध करने पर वो मारपीट पर उतारू हो गए। दोनों मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बहराइच के रहने वाले हैं। ये इस तरह का कोई पहला मामला नहीं है। उत्तर प्रदेश के शामली के बाद राजधानी लखनऊ में थूक लगाकर ग्राहक के चेहरे का मसाज करने का मामला सामने आया। लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में मोहम्मद जैद ने ऐसा किया।

उत्तर प्रदेश के शामली जिले के थानाभवन थाना क्षेत्र में एक नाई को थूक लगा कर फेस मसाज करते हुए देखा गया था। शामली कोतवाली के फव्वारा चौक के निकट तंदूर पर थूक लगाकर रोटी सेंकने का वीडियो वायरल हुआ था। गाजियाबाद के लोनी के एक होटल में मुस्लिम युवक द्वारा तंदूरी रोटी में थूक लगाकर रोटी पैक करने का वीडियो वायरल हुआ था। इस तरह के हाल ही में कई मामला सामने आए हैं, जिनमें मुस्लिम समाज के लोगों को पकड़ा गया।

अमन चोपड़ा, फेलिक्स गेराल्ड, मनीष कश्यप, अजीत भारती… विपक्ष शासित राज्यों में एक के बाद एक पत्रकारों पर ‘जुल्म’, तानाशाही का रोना रोता है INDI गठबंधन

सोशल मीडिया पर चर्चित पत्रकारों में से एक अजीत भारती के खिलाफ कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार में एफआईआर दर्ज हुई है। ये एफआईआर कॉन्ग्रेस कर्नाटक के कॉग्रेस कमेटी के लीगल सेल सचिव और सचिव बेके बोपन्ना ने कराई है। बोपन्ना ने दावा किया है कि अजीत भारती ने राहुल गाँधी को लेकर झूठा दावा किया है कि राहुल गाँधी अयोध्या में राम मंदिर की जगह पर बाबरी मस्जिद बनाने की बात कह रहे हैं।

अजीत भारती के खिलाफ बेंगलुरु के हाई ग्राउंड पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई गई है। ये एफआईआर सेक्शन 153ए और आईपीसी की धारा 505(2) के तहत दर्ज कराई गई है। कॉन्ग्रेस से जुड़े शांतनु ने कहा कि ऐसे ही एफआईआर तेलंगाना समेत अन्य कई राज्यों में कराए जा रहे हैं।

अजीत भारती के खिलाफ जुबैर ने बनाया माहौल

ध्यान देने वाली बात यह है कि फेक न्यूज फैक्ट्री ऑल्ट न्यूज़ के मोहम्मद जुबैर ने ही सबसे पहले अजीत भारती पर इस वीडियो को लेकर निशाना साधा। जुबैर नैरेटिव सेट करने के लिए क्लिपकटुए की भूमिका में हमेशा रहा है। उसने अजीत भारती के लंबे वीडियो से महज 40 सेकंड का वीडियो काटा और शेयर किया। इसमें जुबैर ने लिखा, “राहुल गाँधी ने अपने किसी भाषण में कब कहा कि राम मंदिर को हटाया जाएगा और वे बाबरी मस्जिद को वापस लाएँगे? वे बार-बार गलत सूचना फैलाते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि वे बीजेपी द्वारा संरक्षित हैं और विपक्ष उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगा।”

कॉन्ग्रेस और इंडी गठबंधन की सरकारें लगातार पत्रकारों को प्रताड़ित करने की कोशिश करती रही हैं। पंजाब से लेकर तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक तक इंडी गठबंधन की सरकारों का यही रवैया है।

अमन चोपड़ा के खिलाफ राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार की कार्रवाई

राजस्थान में कॉन्ग्रेस की सरकार के रहते पत्रकारों के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हुए। इसमें से एक मामला अमन चोपड़ा के खिलाफ दर्ज किया गया था। अमन चोपड़ा न्यूज18 इंडिया चैनल में पत्रकार हैं। उनसे ‘देश झुकने नहीं देंगे’ नामक शो प्रसारित करने और बाद में ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट के लिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

तमिलनाडु में सोशल मीडिया एक्टिविस्ट के खिलाफ क्रैकडाउन

इंडी गठबंधन में कॉन्ग्रेस के बाद सबसे अहम पार्टी डीएमके द्वारा शाषित तमिलनाडु में पत्रकारों और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट के खिलाफ लगातार कार्रवाई होती रही है। बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप का मामला काफी चर्चित रहा था। उनके खिलाफ एनएसए जैसे मामले में भी केस दर्द किया गया था। कई महीनों तक मनीष कश्यप को जेल में रहना पड़ा था। बाद में उन्हें कोर्ट ने सभी मामलों में बरी कर दिया था।

तमिलनाडु में यूट्यूबर पर ढाया गया जुल्म

तमिलनाडु के कोयम्बटूर स्थित जेल में YouTuber सुवुक्कु शंकर की पिटाई का मामला सामने आया था। उन्हें शनिवार (4 मई, 2024) को साइबर अपराध के मामले में तमिलनाडु पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उनके वकील गोपालकृष्ण ने बताया कि उनके मुवक्किल को कोयम्बटूर सेन्ट्रल जेल के कर्मचारियों ने पीटा। बताया जा रहा है कि न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने के बाद उनके दाएँ हाथ में फ्रैक्चर हुआ और उनके लिए सही इलाज तक की व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्हें थेनि से गिरफ्तार किया गया था और महिला कॉन्स्टेबलों पर आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला दर्ज किया गया था।

रेड पिक्स यूट्यूब के संपादक फेलिक्स गेराल्ड की दिल्ली से गिरफ्तारी

रेड पिक्स यूट्यूब के संपादक फेलिक्स गेराल्ड को नई दिल्ली में तमिलनाडु पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद नाम तमिलर काची (NTK) प्रमुख सीमन ने 11 मई 2024 को पूछा कि क्या तमिलनाडु अभी भी एक लोकतांत्रिक राज्य है या यह फासीवादी राज्य बन गया है। सीमन ने कहा कि गेराल्ड के खिलाफ मामला और ‘सवुक्कू’ शंकर पर थोपे गए झूठे मामले तुरंत वापस लिए जाने चाहिए। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली DMK सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, “जिस कार्यक्रम में शंकर ने आपत्तिजनक बयान दिए, उस कार्यक्रम के एंकर (फेलिक्स गेराल्ड) को गिरफ्तार करना कानून के खिलाफ है। गेस्ट द्वारा की गई टिप्पणी के लिए एंकर को गिरफ्तार करना अस्वीकार्य है। यह मीडिया की बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को ख़त्म करने जैसा है।” उन्हीं के शो में थुवक्कू ने तमिलनाडु सरकार को घेरा था, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया था।

तजिंदर बग्गा को दिल्ली से गिरफ्तार करके ले गई थी पंजाब पुलिस

बता दें कि बीजेपी नेता और तजिंदर पाल सिंह बग्गा के खिलाफ पंजाब पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। पंजाब पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए दिल्ली में छापेमारी भी की थी। पंजाब पुलिस ने बग्गा के खिलाफ 2 बार कार्रवाई की। साल 2022 और 2023 में पंजाब पुलिस ने बग्गा को पकड़ने की कोशिश की और एक मामले में उन्हें दिल्ली से गिरफ्तार करके पंजाब ले गई थी।

भारतीय इंजीनियरों का ‘चमत्कार’, 8वाँ अजूबा, एफिल टॉवर से भी ऊँचा… जिस रियासी में हुआ आतंकी हमला वहीं दुनिया देखेगी भारत की ताकत, जल्द चालू होगा चेनाब रेलवे ब्रिज

जम्मू कश्मीर में चेनाब नदी पर बना दुनिया का सबसे ऊँचा रेलवे पुल लगभग तैयार है और इसका अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया है। ये पुल रामबन से रियासी को रेलवे संपर्क से जोड़ेगा। नॉर्दर्न रेलवे ने जानकारी दी है कि यहाँ जल्द ही सेवा शुरू की जाएगी। फ़िलहाल कन्याकुमारी से कटरा तक रेलवे सेवा मौजूद है। साथ ही बारामुला से संगलदान तक भी कश्मीर घाटी में रेलवे सेवा मौजूद है। रियासी के डिप्टी कमिश्नर विशेष महाजन ने इस बारे में अधिक जानकारी दी है।

उन्होंने बताया, “ये आधुनिक दुनिया में इंजीनियरिंग का एक चमत्कार है। जिस दिन ट्रेन रियासी पहुँचेगी, ये जिले के लिए एक बड़े बदलाव का पल होगा। ये हमारे लिए भी बहुत गर्व का क्षण है, क्योंकि हमारे ही इंजीनियरों ने इस चमत्कार को बनाया है। एक तरह से ये दुनिया का 8वाँ आश्चर्य है। पुल, हवा की गति, यहाँ इसकी ताकत – सब अद्भुत है। सटीक तारीख़ तो नहीं बताई जा सकती, लेकिन ये जल्द ही चालू होगा।” रेलवे के अधिकारियों ने यहाँ बृहद निरीक्षण किया है।

‘कोंकण रेलवे’ के डिप्टी इंजीनियर संजय कुमार ने बनाया कि इस परियोजना को पूरा करना काफी चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के लोग इस परियोजना से बेहद खुश हैं। उधमपुर-गर-बारामुला रेल लिंक (USBRL) प्रोजेक्ट इस साल के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। इसमें बनिहाल और संगलदान के बीच ये 48.10 किलोमीटर का प्रोजेक्ट भी शामिल है। 20 फरवरी, 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया था। इस प्रोजेक्ट का फेज-1 काजीगुंड-बारामुला स्टेशनों के बीच है, जो 118 किलोमीटर का है।

वहीं बनिहाल-काजीगंज रेलवे लाइन का उद्घाटन जून 2013 में हुआ और 25 किलोमीटर लंबे उधमपुर-कटरा रेलवे लाइन का उद्घाटन इसके अगले साल जुलाई 2014 में हुआ। जहाँ तक चेनाब रेल ब्रिज का सवाल है, ये नदी से 359 मीटर (109 फ़ीट) की ऊँचाई पर स्थित है। ये एफिल टॉवर से भी 35 मीटर ऊँचा है। 1.315 किलोमीटर का ये पुल एक बड़ी सोच का हिस्सा है, जिसके तहत पूरी घाटी को रेल सेवा से जोड़ा जाएगा।

ये पुल 15,000 करोड़ रुपए की लागत से बना है। इसमें 30,000 मीट्रिक टन स्टील का इस्तेमाल हुआ है। ये 260 किलोमीटर/घंटे की हवा की रफ़्तार और -40 डिग्री सेल्सियस का तापमान झेल सकता है।अगर इसके किनारों को मापें तो ये किसी फुटबाल फिल्ड का एक चौथाई होगा। बता दें कि रियासी में हाल ही में हुए एक आतंकी हमले में 10 श्रद्धालु मारे गए थे, ऐसे में इस एरिया में कनेक्टिविटी बढ़ाने से सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।