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बकरीद से पहले एक ट्रक में ठूँसे थे 19 ऊँट, गोपालगंज में बरामद: मेवात के जुनैद, साहिल सहित 4 तस्कर गिरफ्तार

बिहार के गोपालगंज जिले में ऊँटों की तस्करी के रैकेट का खुलासा हुआ है। मंगलवार (11 जून 2024) को पुलिस ने एक ट्रक में भर कर ले जा रहे 19 ऊँटों को जीवित बरामद किया है। इन ऊँटों की कीमत लगभग 30 लाख रुपए आँकी जा रही है। ऊँटों के साथ 4 तस्कर भी गिरफ्तार किए गए हैं। तस्करों में 2 के नाम जुनैद खान हैं। बाकि 2 अन्य के नाम शाहनवाज और साहिल हैं। इनमें से जुनैद खान और साहिल हरियाणा के मेवात से हैं। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना गोपालगंज के नगर थानाक्षेत्र की है। मंगलवार को यहाँ के अरार मोड़ पर DSP स्वर्ण प्रभात अपनी पुलिस टीम के साथ चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक ट्रक को रोक कर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान ट्रक से 19 ऊँट बरामद हुए हैं।

बरामद किए गए ये ऊँट दुर्लभ प्रजाति के हैं। इन्हें राजस्थान सरकार द्वारा संकटग्रस्त प्रजाति घोषित किया गया है। इनके संरक्षण के भी प्रयास जारी हैं। पुलिस ने ट्रक को कब्ज़े में ले लिया। ट्रक के साथ मथुरा के रहने वाले जुनैद और शाहनवाज के साथ नूहं मेवात के निवासी जुनैद खान और साहिल को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस की पूछताछ में इन आरोपितों ने ऊँटों की तस्करी की बात कबूली है। इन्होंने बतया कि वो ऊँटों को राजस्थान से बिहार के मुजफ्फरपुर ले जा रहे थे। मुजफ्फरपुर से इन्हें किसी और शहर में भेजा जाना था। ऊँटों को बड़ी बेरहमी से एक के ऊपर एक ठूँस कर रखा गया था।

छुड़ाने के बाद पुलिसकर्मियों ने ऊँटों के लिए चारे और पानी की भी व्यवस्था करवाई। अब पुलिस इस बात की भी जाँच कर रही है कि ऊँटों के ये तस्कर पिछले तमाम बैरियर पार करके बेरोकटोक गोपालगंज तक कैसे पहुँच गए?

गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इन ऊँटों की कीमत लगभग 30 से 40 लाख रूपयों के बीच है। इन सभी को सुरक्षित स्थान पर रखवाया गया है। पकड़े गए तस्करों से पूछताछ करके उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग भी खँगाले जा रहे।

बकरीद में होती है ऊँटों की कुर्बानी

बताते चलें कि आने वाले 16-17 जून को मुस्लिमों के बकरीद (ईद उल अजहा) का त्यौहार है। इस त्यौहार में बड़े पैमाने पर जानवरों की कुर्बानी दी जाती है। कई मौकों पर ऊँटों की कुर्बानी के केस भी सामने आए हैं। ऊँट की कीमत उनके वजन के हिसाब से तय होती है।

9 साल पहले वाराणसी के मदनपुरा इलाके में ऊँट की कुर्बानी की खबर काफी प्रमुखता से प्रकाशित हुई थी। मुस्लिम तबका इसे ब्रिटिश काल की परम्परा बताता है। बाद में प्रशासन ने ऊँट की कुर्बानी पर रोक लगाई तो मुस्लिमों ने इस आदेश का विरोध किया था। तब हालात इतने तनावपूर्ण हो गए थे कि फ़ोर्स लगानी पड़ी थी।

नाबालिग औलाद ने ही अपने इमाम अब्बा का किया सिर तन से जुदा: कट्टर इस्लामी-वामी मचा रहे ‘मुस्लिम टारगेट किलिंग’ का शोर, पुलिस जाँच में सब क्लियर

उत्तर प्रदेश के शामली जिले में मस्जिद के एक इमाम की हत्या कर दी गई है। इस हत्या को सोशल मीडिया के कई वामपंथी और कट्टर मुस्लिम हैंडल सांप्रदायिक रंग दे रहे। इसे उत्तर प्रदेश में इस्लामी स्कॉलर्स की टारगेट किलिंग के तौर पर बता कर सनसनी फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस की जाँच में हालाँकि अब तक किसी भी प्रकार के साम्प्रदायिक एंगल अथवा टारगेट किलिंग जैसी घटना की पुष्टि नहीं हुई है। शामली की घटना में तो मौलाना की हत्या के केस में उनके बेटे को ही जेल भेजा गया है।

यह मामला शामली जिले के थानाक्षेत्र झिंझाना का है। यहाँ के गाँव बल्ला माजरा में 11 जून (मंगलवार) को मस्जिद के इमाम फजलुर्रहमान की सिर काट कर हत्या कर दी गई थी। धड़ से अलग शव लगभग आधे किलोमीटर दूर बरामद हुआ था। इस घटना के सामने आते ही आए दिन भ्रामक खबर उड़ाने वाले तमाम कट्टर मुस्लिम हैंडल फ़ौरन एक्टिव हो गए। उन्होंने इस घटना को फ़ौरन ही टारगेट किलिंग का रूप और रंग देना शुरू कर दिया। निगार परवीन के ट्वीट पर हक की आवाज ने लिखा, “जानबूझकर मुस्लिम धर्मगुरुओं को निशाना बनाया जा रहा है पर अभी तक कुछ नहीं हुआ, आखिर इसके पीछे क्या कारण है?”

इसके अलावा कविश अजीज ने भी इस घटना को अपने शब्दों से हवा दी। उन्होंने इसे प्रतापगढ़ की कड़ी से जोड़ा और उत्तर प्रदेश में सब ठीक होने का व्यंग्य किया।

भ्रामक खबरों में अक्सर अपनी हाजिरी दर्ज करवाने वाले कथित पत्रकार मीर फैज़ल भी इस मामले में पीछे नहीं रहे। उन्होंने भी शामली की इस घटना को प्रतापगढ़ के मौलाना की हत्या की अगली कड़ी के तौर पर दिखाने का प्रयास किया।
इन सभी के हैंडलों पर हालाँकि शामली पुलिस जाँच जारी होने की बात कह रही थी। इन सभी को पुलिस यह भी बता रही थी कि शक के आधार पर मृतक के बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बावजूद इसके भ्रामक खबरें फैलाने का सिलसिला जारी रहा।

बेटे ने ही की थी अपने अब्बा की हत्या

आखिरकार पुलिस ने महज 6 घंटों में ही इमाम फजलुर्रहमान की हत्या का खुलासा कर दिया। 11 जून (मंगलवार) को पुलिस ने मृतक के नाबालिग बेटे को ही अपने अब्बा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है।

पुलिस की जाँच में निकल कर सामने आया कि 50 वर्षीय इमाम फजलुर्रहमान मंगलवार को अपने बेटे के साथ काम करने पास की बाग में गए थे। यहाँ सुबह 10 बजे बाप-बेटे में किसी बात को लेकर बहस हो गई थी। इसके बाद तैश में आए बेटे ने पास रखे फावड़े से अपने अब्बा पर ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए।

कुछ ही देर में फजलुर्रहमान की मौत हो गई। हत्या के बाद भी मृतक के बेटे का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उसने अपने अब्बा का सिर फावड़े से काट लिया और उसे लेकर मौके से फरार हो गया। गाँव वालों ने इमाम की लाश देख कर पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने मृतक के बेटे को खोज निकला और हिरासत में ले लिया। कुछ ही देर की पूछताछ में आरोपित ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। हत्या में प्रयोग हुआ फावड़ा भी बरामद कर लिया गया है। कुछ रिपोर्ट्स में नाबालिग आरोपित को मानसिक रूप से बीमार भी बताया जा रहा है। पुलिस इन सभी पहलुओं पर जाँच कर रही है।

कुवैत में आग से 41 लोगों की मौत, कई भारतीय भी : हेल्पलाइन नंबर जारी, कुवैती मंत्री बोले- ‘मकान मालिक की लालच ने ली इतने लोगों की जान’

कुवैत की एक बिल्डिंग में आग लग गई। आगजनी की इस घटना में 41 लोगों की मौत हो गई। बिल्डिंग में फँसे अधिकतर लोगों की मौत दम घुटने की वजह से हुई है। इस हादसे में करीब 3 दर्जन लोगों को बचा लिया गया। बताया जा रहा है कि जिस बिल्डिंग में आग लगी, उसमें भारतीतों, पाकिस्तानियों और बांग्लादेशी जैसे विदेशी मजदूर रहते थे।

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, कुवैत के दक्षिणी शहर संगाफ में ये हादसा हुआ। हादसा बुधवार (12 जून 2024) के तड़के हुआ, जब मजदूर लोग सो रहे थे। बताया जा रहा है कि मरने वालों में बड़ी संख्या भारतीयों की है, हालाँकि आधिकारिक रूप से मृतकों की नागरिकता का खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन माना जा रहा है कि इस हादसे में भारतीय नागरिकों की ज्यादा मौतें हुई हैं।

इस बीच, कुवैत के उपप्रधानमंत्री शेख फहद यूसुफ सौद अल-सबाह ने घटनास्‍थल का दौरा किया। वो देश के गृह और रक्षा मंत्री भी हैं। उन्‍होंने इस भीषण अग्निकांड के लिए रियल एस्‍टेट ऑनर को जिम्‍मेदार ठहराया। उन्‍होंने कहा कि रियल एस्‍टेट ऑनर की लालच की वजह से यह भयावह घटना घटित हुई है। इस दौरान, कुवैत में भारत के राजदूत आदर्श स्‍वैका ने अल-अदन अस्‍पताल का दौरा किया। इसी अस्‍पताल में पीड़ितों को भर्ती कराया गया है। भारतीय राजदूत ने सभी घायलों को हर तरह की मदद का भरोसा दिलाया।

भारत के विदेश मंत्री एस जंयशकर ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘कुवैत शहर में आग लगने की घटना की खबर से गहरा सदमा लगा है। कथित तौर पर 40 से अधिक मौतें हुई हैं और 50 से अधिक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमारे राजदूत शिविर में गए हैं। हम आगे की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।उन लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना, जिन्होंने दुखद रूप से अपनी जान गँवाई। जो लोग घायल हुए हैं उनके शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। हमारा दूतावास इस संबंध में सभी संबंधित पक्षों को पूरी सहायता प्रदान करेगा।

कुवैत में भारत के दूतावास ने हादसे पर जानकारी देते हुए बताया है कि आज भारतीय कामगारों के साथ हुई दुखद दुर्घटना के संबंध में दूतावास ने एक आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। ये नंबर है- +965-65505246। सभी संबंधित लोगों से अपडेट के लिए इस हेल्पलाइन से जुड़ने का अनुरोध किया जाता है। दूतावास हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

सड़क पर सोने से लेकर, बम हमला झेलने तक… जानें ओडिशा के नए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी कौन हैं, कैसे हुई थी राजनीति की शुरुआत

ओडिशा में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत के बाद मोहन चरण माझी आज से प्रदेश के नए मुख्यमंत्री होंगे। 52 साल की उम्र में माझी को इस मुकाम पर पहुँचता देख कई लोग बहुत खुश हैं। उनकी माँ और पत्नी ने उन्हें ढेरों शुभकामनाएँ दीं। साथ ही ये भी कहा कि पहले माझी को स्थानीय स्तर पर लोगों का भला करना होता था। अब उनपर राज्य की भी जिम्मेदारी होगी।

आज के दिन मोहन माझी से जुड़ा हर व्यक्ति माझी के संघर्ष के दिनों को भी याद कर रहा है। याद किया जा रहा है कि कैसे माझी ने सरस्वती शिशु मंदिर में शिक्षक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी और बाद में वो राजनीति में आए।

माझी ने सरपंच बनकर पहले लोगों की समस्याओं को समाधान करना शुरू किया और बाद में वो विधायक चुने गए। जानकारी के मुताबिक साल 2000 में विधायक बनने से पहले वो गाँव के सरपंच थे। साल 1997 से 2000 तक उन्होंने सरपंच का पद संभाला था। इसके बाद वो 2000 में पहली बार विधासभा चुनाव जीतकर विधायक बने थे, फिर 2004 में भी चुनाव उन्होंने ही जीता था।

बाद में 2019 में वो पार्टी के मुख्य सचेतक बन गए। 2019 में ही उनकी राजनीति में फिर विधायक बन वापसी हुई। हालाँकि यही वो समय था जब उन्हें क्वार्टर में देरी के कारण फुटपाथ पर सोना पड़ा था। इसका जिक्र उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष एसएन पात्रो से भी किया था। उन्होंने बताया था कि वो कम समय में किराए के घर पर नहीं रह सकते थे और उसके बाद से वो खुले में सो रहे थे। उस दौरान उनका फोन भी चोरी हो गया था।

मालूम हो कि इस बार भी जब वो सीएम बने हैं तो अभी तुरंत उन्हें कोई आवास नहीं मिल रहा। एक दो मंजिला क्वार्टर है जिसे रेनोवेट कराने का काम हो रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले 24 सालों से ओडिशा के मुख्यमंत्री पद पर बैठे नवीन पटनायक अपने निजी आवास में रहा करते थे ऐसे में अलग से सीएम आवास की जरूरत नहीं हुई। अब जब सीएम बदले हैं तो इस मुद्दे पर काम शुरू हुआ है।

बता दें मोहन चरण माझी के ऊपर 2021 में अज्ञान हमलावरों द्वारा बम भी फेंके गए थे। उस समय वह क्योंझर कस्बे थानांतर्गत मंडुआ इलाके में भाजपा श्रमिक संघ की बैठक में भाग लेकर वापस लौट रहे थी। हमले में वह बाल-बाल भचे थे। उन्होंने उस समय बीजद के स्थानीय नेताओं पर ऐसा करने का आरोप लगाया था।

ICC T20 विश्वकप: IND Vs USA मैच में मुंबई के इन 2 छोरों से बचकर रहे Team India, विराट कोहली-रोहित शर्मा वाले टॉप ऑर्डर पर पड़ सकते हैं भारी

आईसीसी टी-20 विश्वकप में बुधवार (12 जून 2024) को भारतीय क्रिकेट टीम का मुकाबला अमेरिकी क्रिकेट टीम से है। कागजों पर ये तो मुकाबला एकतरफा भारतीय टीम के पक्ष में लग रहा है, लेकिन अभी-अभी अमेरिकी टीम ने पाकिस्तानी टीम को जिस तरह से सुपर ओवर में हराया है, उसके बाद से इस अमेरिकी टीम का मनोबल भी काफी बढ़ चुका है। ऐसे में भारतीय टीम को इस अमेरिकी टीम से बचकर रहना होगा। इस अमेरिकी टीम में 2 ऐसे मुंबई कर शामिल हैं, जो भारत के लिए अंडर-19 वर्ल्ड कप खेल चुके हैं और वो अपने फन में माहिर माने जाते हैं। इनके नाम हैं सौरभ नेत्रावलकर और हरमीत सिंह।

सौरभ और हरमीत, दोनों ही भारत के लिए अंडर-19 वर्ल्डकप खेल चुके हैं। सौरभ नेत्रावलकर 2010 के विश्वकप में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बॉलर रहे थे, तो 2012 में हरमीत सिंह वाली भारतीय टीम चैंपियन बनी थी। हरमीत ने फाइनल में भले ही कोई विकेट नहीं लिया था, लेकिन कैमरन बैनक्रॉफ्ट, ट्रेविस हेड, एस्टन टर्नर जैसे विस्फोटक बल्लेबाजों को पूरी तरह से बाँधकर रखा था और 10 ओवरों में 1 मेडन ओवर फेंकते हुए महज 36 रन दिए थे। उन्मुक्त चंद उस भारतीय टीम के कप्तान थे, जो अभी अमेरिकी टीम की तरफ से खेलने की कोशिश कर रहे हैं। खैर, इन दोनों खिलाड़ियों के बारे में ऑपइंडिया पहले ही बता चुका है, लेकिन अब हम बता रहे हैं कि क्यों, मुंबई के इन दोनों खिलाड़ियों से टीम इंडिया को सावधान रहने की जरूरत है।

सबसे पहले बात सौरभ नेत्रावलकर की, जो बाएँ हाथ के मध्यम गति के बॉलर हैं और विकेट के दोनों तरफ गेंद को मूव कराने की क्षमता रखते हैं। यही नहीं, वो अपनी तेजी से भी परेशान करते हैं। स्विंग गेंदबाजी में माहिर सौरभ नेत्रावलकर अमेरिकी टीम के 3 साल तक कप्तान भी रहे हैं। खैर, अभी बात उनके उस कौशल की, जो रोहित शर्मा, विराट कोहली, सूर्य कुमार यादव जैसे बल्लेबाजों पर भारी पड़ सकता है। दरअसल, टीम इंडिया के टॉप बल्लेबाज हमेशा से बाएँ हाथ के तेज गेंदबाजों के खिलाफ परेशानी महसूस करते हैं। पिछले कुछ सालों में मिचेल स्टार्क, शाहीन शाह अफरीदी, ट्रेंट बोल्ट, मुस्तफिजुर रहमान जैसे गेंदबाजों ने इसे बार-बार साबित भी किया है। ऐसे में सौरभ से भारतीय टीम के टॉप ऑर्डर को बेहद खतरा हो सकता है।

सौरभ नेत्रावलकर ने पाकिस्तानी टीम के खिलाफ 4 ओवरों में महज 18 रन देकर 2 बल्लेबाजों को आउट किया था। सौरभ ने इंटरनेशनल मैचों में महज 48 वनडे मैचों में 73 विकेट लिए हैं, तो 29 टी-20 मैचों में 29 विकेट ले चुके हैं। दोनों ही फॉर्मेट में वो 5-5 विकेट लेने का भी कारनामा कर चुके हैं। ऐसे में सौरभ नेत्रावलकर से अमेरिकी टीम उसी तरह की गेंदबाजी की आस एक बार फिर से करेगी।

वहीं, हरमीत सिंह ऐसे फन में माहिर हैं, जो दाएँ हाथ के बल्लेबाजों के लिए दिक्कतें खड़ी करता है। वैसे, भारत-पाकिस्तान के मैच में भारतीय टीम ने जिस स्पिनर शादाब के सामने लगभग समर्पण कर दिया था, हरमीत सिंह भी वैसे ही बॉलर हैं। लेकिन हरमीत सिंह शादाब खान से कहीं बेहतर और दिलेर बॉलर हैं। हरमीत सिंह बाएँ हाथ से स्पिन बॉलिंग करते हैं, जो विराट कोहली, रोहित शर्मा जैसे भारतीय बल्लेबाजों के लिए हमेशा से पहेली रहा है। विराट कोहली बीते आईपीएल में भी बाएँ हाथ के स्पिनर्स के सामने संघर्ष करते रहे हैं, यही वजह है कि सनराइजर्स हैदराबाद ने अभिषेक शर्मा जैसे पार्टटाइम बॉलर को भी विराट कोहली के सामने उतारने में कोई झिझक नहीं दिखाई, फिर यहाँ तो हरमीत सिंह हैं, जिनमें दिलीप सरदेसाई जैसे महान खिलाड़ी को बिशन सिंह बेदी जैसे महान स्पिनर की झलक दिखती थी।

आँकड़ों की बात करें, तो हरमीत सिंह भले ही 8 इंटरनेशनल टी-20 मैचों में महज 7 विकेट ले पाए हों, लेकिन उनकी इकॉनमी शानदार रही है। उन्होंने महज 6.72 की इकॉनमी से ही रह दिए हैं। एक बार 4 विकेट भी ले चुके हैं। उनकी बॉलिंग कितनी बेहतरीन है, इसे पाकिस्तान के मैच से ही समझ सकते हैं, जिसमें उन्होंने भले ही किसी पाकिस्तानी बैट्समैन को आउट न किया हो, लेकिन उनके 4 ओवरों में 34 रन ही बने थे। वहीं, कनाडा के खिलाफ हरमीत ने 4 ओवरों में महज 27 रन देकर एक विकेट निकाला था, वो भी तक, जब कनाडा की टीम ने 194 रन बना दिए थे। हालाँकि फर्स्ट क्लास क्रिकेट में हरमीत के नाम 31 मैचों में 87 विकेट दर्ज हैं, तो वो 1 शतक भी लगा चुके हैं। हरमीत की बल्लेबाजी पर अमेरिकी टीम को कितना भरोसा है, उसे इस बात से ही समझ लीजिए कि पाकिस्तान के खिलाफ हरमीत को सुपर ओवर में बल्लेबाजी के लिए उतारा गया था।

बता दें कि अमेरिकी टीम ने अब तक 2 मुकाबले विश्वकप में खेले हैं और दोनों में ही उसने बड़ी जीत दर्ज की है। अमेरिका ने कनाडा को इस विश्नकप के पहले ही मैच में 7 विकेट से हराया था। कनाडा ने अमेरिका के सामने 195 रनों का लक्ष्य रखा था, लेकिन अमेरिकी टीम ने 197 रन बना दिए, वो भी बिना विकेट खोए। वहीं, पाकिस्तानी टीम द्वारी 159 रन बनाने के बाद अमेरिकी टीम ने न सिर्फ मैच को टाई कराया, बल्कि सुपर ओवर में उसने पाकिस्तान को 5 रनों से हराकर टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट का सबसे बड़ा उलटफेर भी कर दिया था। ऐसे में भारतीय टीम को इस अमेरिकी टीम से बच कर रहने की जरूरत है, खास कर तब, जब उसके बाद बेहतरीन इंटरनेशनल क्रिकेटर हैं।

पोस्ट से छवि बिगड़ी… विपक्ष ने भी किया बदनाम: शांतनु सिन्हा के खिलाफ मानहानि केस करेंगे BJP नेता अमित मालवीय, ट्वीट करके दी जानकारी

भारतीय जनता पार्टी के नेता अमित मालवीय को लेकर पोस्ट करने वाले आरएसएस कार्यकर्ता शांतनु सिन्हा के खिलाफ मालवीय मानहानि केस करेंगे। ये जानकारी उन्होंने X के ट्वीट में दी। मालवीय का कहना है कि उन्होंने सिन्हा को नोटिस भेजकर बिन किसी शर्त माफी माँगने को कहा था। हालाँकि, नोटिस के बावजूद सिन्हा ने ऐसा नहीं किया इसलिए वह अब आगे एक्शन लेंगे।

उन्होंने अपने बयान में कहा पोस्ट का जिक्र करते हुए पहले बताया कि उन्हें हैरानी नहीं है कि तृणमूल कॉन्ग्रेस और कॉन्ग्रेस ने इस मामले में झूठ फैलाने का काम किया। वहीं शांतनु सिन्हा पर बयान देते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने शांतनु से बिन किसी शर्त के माफी माँगने को कहा था, लेकिन सिन्हा ने 11 जून को जो अपना बयान दिया, वो वैसे माफी नहीं है जैसी कही गई थी।

मालवीय कहते हैं कि उनके ऊपर किया गया पोस्ट बेहद अपमानजनक था और विपक्षी पार्टियों ने इसे उनकी छवि बिगाड़ने के लिए इस्तेमाल किया। ऐसे में शांतनु सिन्हा के खिलाफ आईपीसी की सुसंगत धाराओं के तहत केस होगा। जरूरत पड़ने पर और भी सलाह लेकर एक्शन लिया जाएगा।

गौरतलब है कि इससे पहले अमित मालवीय पर लगाए गए आरोपों को लेकर आरएसएस कार्यकर्ता ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि वो पोस्ट में सिर्फ हनी ट्रैप के बारे में सावधान कर रहे थे, उन्होंने कोई इल्जाम अमित मालवीय पर नहीं लगाया था।

आगे उन्होंने कहा था कि अगर उनकी पोस्ट से मालवीय को ठेस पहुँची है या इस तरह की गलत व्याख्या और संपादित संस्करण के कारण छवि खराब हुई है, तो वो इसके लिए हार्दिक दुख व्यक्त करते हैं। उन्होंने पोस्ट के अंत में लिखा था कि उन्होंने कुछ भी ऐसा अनुचित नहीं लिखा था, जिसका उद्देश्य किसी की छवि खराब करना हो। इतना कहकर उन्होंने पोस्ट के अंत में अपना बयान वापस लेने से मना कर दिया था।

‘रेप कर देंगे… सिर धड़ से अलग कर देंगे’: ‘हमारे बारह’ फिल्म की हिरोइन अदिति धीमान को धमकी, बुर्का पहन घर से निकलने को मजबूर

बॉलीवुड की एक फिल्म ‘हमारे बारह’ आ रही है, जिसमें महिलाओं पर होने वाले घरेलू अत्याचार, सामाजिक दबाव को दिखाने की कोशिश की जा रही है। ये फिल्म 14 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। हालाँकि ये फिल्म लंबी कंट्रोवर्सी में फँस गई थी, क्योंकि इस्लामिक कट्टरपंथी इस फिल्म को रिलीज करने का विरोध कर रहे थे। इस फिल्म में लीड कैरेक्टर अन्नू कपूर का है, जिनके साथ अदिति धीमान उनकी बेटी जरीन का किरदार निभा रही हैं। अब अदिति धीमान ने खुलासा किया है कि उनका ‘सिर तन से जुदा करने’, ‘रेप करने’ और जान से मारने की धमकी दी जा रही है।

आज तक से एक्सक्लूसिव बातचीत में अदिति धीमान ने कहा कि “इतने रेप और मौत की धमकियाँ मिली की बाप रे! अभी मेरे मैसेजेस में सब पड़े हैं। सोशल मीडिया पर प्राइवेटली मैसेज करते हैं और आधे से ज्यादा तो फेक और फेसलेस अकाउंट्स हैं। मतलब एक दिन मैं अचानक उठी और इतने मैसेजेस देखे। सोचा हम लोग सोसायटी के लिए कुछ अच्छा करना चाह रहे हैं, लेकिन हमें ही जान से मार देंगे, सिर धड़ से अलग कर देंगे। रेप कर देंगे। ऐसे-ऐसे मैसेज आ रहे हैं। एक आर्टिस्ट के तौर पर ये बहुत ज्यादा दिल तोड़ने वाला होता है, लेकिन आपके पास इसे इग्नोर करने के अलावा कुछ नहीं रह जाता है।”

हमारे बारह में अदिति धीमान ने अन्नू कपूर की बेटी जरीन का रोल निभाया रही हैं। फिल्म में उनका किरदार एक ऐसी बेटी का है जो बागी है, लेकिन साथ ही अपने माँ-बाप की इज्जत का भी ख्याल रखती है। उन्हें दुख भी नहीं पहुँचाना चाहती। वो एक ऐसे परिवार में जन्मी है, जिसमें महिलाओं का कोई अस्तित्व नहीं माना जाता है। फिर भी वो सपने देखने से हिचकती नहीं है, इन सब के बीच कैसे जरीन अपनी पहचान बनाती है, ये फिल्म का मूल भाव है।

बता दें कि ‘हमारे बारह’ फिल्म पर रोक लग गई थी, लेकिन ये रोक हट गई है। ये फिल्म 14 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार ने भी इस फिल्म पर बैन लगाने का ऐलान किया था, वहीं इस्लामिक कट्टरपंथी लगातार इस फिल्म से जुड़े लोगों को धमकियाँ दे रहे हैं।

दुबई से मो. वसीम देता था BJP विधायक को मारने की धमकी, भारत में लैंड होते ही गिरफ्तार: टी राजा सिंह बोले- शिकायतों के बावजूद नहीं मिल रही सुरक्षा

हैदराबाद पुलिस ने विदेश में बैठकर भारत के हिन्दू नेता को धमकाने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित का नाम मोहम्मद वसीम है। 40 वर्षीय वसीम पिछले 10 साल से दुबई में था। वसीम की गिरफ्तारी मंगलवार (11 जून 2024) को राजीव गाँधी एयरपोर्ट से हुई। उसने दुबई से कई बार गोशमहल विधानसभा से भाजपा विधायक टी राजा सिंह को जान से मारने की धमकी दी थी।

ऑपइंडिया ने मामले की जानकारी के लिए विधायक टी राजा सिंह से बात की। उन्होंने हमें बताया कि पिछले कई महीनों से उनको धमकी भरे कॉल आ रहे हैं। राजा सिंह ने इन कॉल्स की संख्या हजारों में बताई। ये धमकियाँ कुछ देश के अंदर के नंबरों से तो कई बार विदेश से आया करती थीं। विदेश से आने वाली धमकियों में इस्लमिक मुल्क प्रमुख हुआ करते थे। ये सभी फोन पर राजा सिंह का सिर काट लेने या उनको परिवार सहित बम से उड़ा देने जैसी बातें किया करते थे।

इन्हीं में से एक धमकीबाज है मोहम्मद वसीम। 40 साल का मोहम्मद वसीम मूल रूप से हैदराबाद के चन्द्रयाना गुट्टा इलाके का रहने वाला है। 10 साल पहले वह हैदराबाद से दुबई कमाने के लिए गया था। यहाँ पर वो टैक्सी चलाता था। बकौल राजा सिंह दुबई से वसीम उनको लगातार कॉल करके जान से मार डालने की धमकी दे रहा था। धमकाने के लिए वह अलग-अलग ऐप प्रयोग करता था। टी राजा सिंह की शिकायत पर हैदराबाद पुलिस ने 28 अक्टूबर 2023 को साइबर क्राइम थाने में FIR दर्ज की थी। यह FIR 506, 507 IPC के तहत दर्ज हुई थी।

पुलिस की जाँच में वसीम का नाम सामने आया। उसके खिलाफ पुलिस ने LOC (लुक आउट सर्कुलर) जारी किया था। मंगलवार (11 जून) को वसीम फ्लाइट पकड़ कर दुबई से हैदराबाद एयरपोर्ट पहुँचा। पहले से सतर्क पुलिस बल ने वसीम को कस्टडी में ले लिया। उसको साइबर क्राइम थाने ला कर पूछताछ की जा रही है। ऑपइंडिया से बात करते हुए टी राजा सिंह ने आशंका जताई है कि हैदराबाद पुलिस वसीम की करतूतों की जाँच गहराई से नहीं करेगी और उसको मामूली धाराओं में चालान कर के खानापूर्ति कर लेगी।

ऑपइंडिया से बात करते हुए राजा सिंह ने तेलंगना सरकार पर अपनी सुरक्षा की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने हमें बताया कि वसीम जैसे कम से कम 2 हजार और कट्टरपंथी उनको फोन पर लगातार जान से मारने की धमकियाँ दे रहे हैं। राजा सिंह का यह भी आरोप है कि आए दिन शिकायत के बावजूद पुलिस न तो उनकी सुरक्षा और न ही आरोपितों पर कार्रवाई के लिए कोई ठोस कदम उठा रही है।

जल संकट पर SC ने दिल्ली सरकार को फटकारते हुए पूछा – ‘आपने टैंकर माफिया के खिलाफ क्या कदम उठाए, या हम दें पुलिस को आदेश?’

दिल्ली में आम जनता पानी का संकट झेल रही है। टैंकर माफिया अपने ‘काम’ में जुटा है और दिल्ली सरकार सो रही है। ऐसे में ये मामला पहुँचा सुप्रीम कोर्ट, जिसके दिल्ली सरकार को जमकर फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा है कि दिल्ली में पानी का संकट हर साल क्यों आता है? दिल्ली की सरकार इस संकट से निपटने के लिए क्या कर रही है? यही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने ये भी पूछा है कि दिल्ली सरकार ने टैंकर माफिया के खिलाफ अबतक क्या कदम उठाए? अगर दिल्ली सरकार इसी तरह टैंकर माफिया के सामने नाकाम रही, तो हम दिल्ली पुलिस को सीधे माफिया से निपटने का आदेश देंगे।

दरअसल, ये मामला दिल्ली सरकार की तरफ से ही सुप्रीम कोर्ट में उठाया गया है कि हिमाचल प्रदेश द्वारा दिल्ली के लिए छोड़ा गया पानी हरियाणा आगे ही नहीं बढ़ने दे रहा है। ऐसे में हरियाणा सरकार को सुप्रीम कोर्ट निर्देश दे कि वो पानी छोड़े।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की अवकाशकालीन पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने इस केस की सुनवाई करते हुए कहा कि पानी की समस्या को लेकर मुख्य सचिव को हलफनामा दायर करना चाहिए, और कोर्ट ने एक-2 दिन में हलफनामा दायर करने के लिए कहा। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी देखा कि हरियाणा के पास जो पानी था, वो दिल्ली आ चुका है, जबकि दिल्ली का दावा है कि हिमाचल प्रदेश ने उसके लिए 137 क्यूसेक पानी छोड़ा है। लेकिन हरियाणा कह रहा है कि उसके पास अतिरिक्त पानी है ही नहीं। इसी मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को घेरा है।

इसी दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने ‘टैंकर माफिया’ और पानी की बर्बादी को लेकर दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई और पूछा कि टैंकर माफिया के खिलाफ सरकार ने क्या कदम उठाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “दिल्ली में टैंकर माफिया काम कर रहा और आप कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। अगर दिल्ली सरकार कार्रवाई नहीं कर सकती है, तो हम दिल्ली पुलिस से कार्रवाई करने के लिए कह सकते हैं।” सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में जल संकट से लोग परेशान हैं। हम हर न्यूज चैनल पर तस्वीरें देख रहे हैं और कोर्ट में झूठे बयान दिए जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने साफ तौर पर पूछा कि पानी हिमाचल प्रदेश से आ रहा है तो दिल्ली में पानी कहाँ जा रहा है? इतना पानी का रिसाव, टैंकर माफिया आदि हैं, इस संबंध में आपने क्या उपाय किए हैं। उसे हलफनामा दायर कर हमारे (सुप्रीम कोर्ट) सामने रखा जाए।

बम से उड़ा देंगे म्यूजियम… दिल्ली के 10 से ज्यादा संग्रहालयों को आई धमकी, पुलिस आनन-फानन में जाँच में जुटी: चंडीगढ़ के अस्पताल को भी मेल पहुँचा

देश की राजधानी दिल्ली में स्कूलों और अस्पतालों के बाद अब म्यूजियमों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। यह धमकी दिल्ली के लगभग 15 संग्रहालयों को आई है। इसमें रेलवे म्यूजियम भी शामिल है। बुधवार (12 जून 2024) को ये धमकियाँ ई-मेल के जरिए दी गईं है। पुलिस ने FIR दर्ज करके धमकी देने वाले की तलाश शुरू कर दी है। जिन संग्राहलयों का जिक्र ई-मेल में किया गया है उनकी तलाशी करवाई जा रही है। इसी के साथ वहाँ सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मंगलवार को दिल्ली के रेल संग्रहालय सहित कई अन्य म्यूजियम को एक साथ ई-मेल भेजे गए। इन ई-मेल में म्यूजियम को बम से उड़ा देने की धमकी दी गई थी। ई-मेल की शिकायत पुलिस को दी गई। पुलिस ने फ़ौरन ही मौके पर पहुँच कर जाँच शुरू कर दी। जाँच में डॉग स्क्वायड की भी मदद ली गई। छानबीन के बाद कोई संदिग्ध वस्तु किसी म्यूजियम से नहीं मिली। पुलिस ने पड़ताल के बाद इसे हॉक्स डिक्लेयर किया है। अब दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज कर के ई-मेल भेजने वाले की तलाश शुरू कर दी है।

बताते चलें कि दिल्ली के अलावा चंडीगढ़ के एक अस्पताल को भी बम से उड़ाने की धमकी आई है। प्रशासन का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों को बता दिया है। सारे मरीज सुरक्षित हैं।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले दिल्ली के अस्पताल और स्कूलों के साथ एयरपोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी दी जा चुकी है। पुलिस ने तब भी केस दर्ज कर के मेल भेजने वाली की जाँच करने का प्रयास किया था। जाँच के दौरान हवाई जहाज में बम की सूचना देने के आरोप में एक 13 साल के नाबालिग को पकड़ा गया था। नाबालिग ने दिल्ली से टोरंटों जा रहे विमान में बम होने की सूचना दी थी। हालाँकि स्कूलों और अस्पतालों में बम की धमकी देने वाली ईमेल का सर्वर विदेश में पाया गया है। फ़िलहाल पुलिस इन हॉक्स मेल भेज रहे आरोपित की जाँच में जुटी है।