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दुबई से मो. वसीम देता था BJP विधायक को मारने की धमकी, भारत में लैंड होते ही गिरफ्तार: टी राजा सिंह बोले- शिकायतों के बावजूद नहीं मिल रही सुरक्षा

हैदराबाद पुलिस ने विदेश में बैठकर भारत के हिन्दू नेता को धमकाने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित का नाम मोहम्मद वसीम है। 40 वर्षीय वसीम पिछले 10 साल से दुबई में था। वसीम की गिरफ्तारी मंगलवार (11 जून 2024) को राजीव गाँधी एयरपोर्ट से हुई। उसने दुबई से कई बार गोशमहल विधानसभा से भाजपा विधायक टी राजा सिंह को जान से मारने की धमकी दी थी।

ऑपइंडिया ने मामले की जानकारी के लिए विधायक टी राजा सिंह से बात की। उन्होंने हमें बताया कि पिछले कई महीनों से उनको धमकी भरे कॉल आ रहे हैं। राजा सिंह ने इन कॉल्स की संख्या हजारों में बताई। ये धमकियाँ कुछ देश के अंदर के नंबरों से तो कई बार विदेश से आया करती थीं। विदेश से आने वाली धमकियों में इस्लमिक मुल्क प्रमुख हुआ करते थे। ये सभी फोन पर राजा सिंह का सिर काट लेने या उनको परिवार सहित बम से उड़ा देने जैसी बातें किया करते थे।

इन्हीं में से एक धमकीबाज है मोहम्मद वसीम। 40 साल का मोहम्मद वसीम मूल रूप से हैदराबाद के चन्द्रयाना गुट्टा इलाके का रहने वाला है। 10 साल पहले वह हैदराबाद से दुबई कमाने के लिए गया था। यहाँ पर वो टैक्सी चलाता था। बकौल राजा सिंह दुबई से वसीम उनको लगातार कॉल करके जान से मार डालने की धमकी दे रहा था। धमकाने के लिए वह अलग-अलग ऐप प्रयोग करता था। टी राजा सिंह की शिकायत पर हैदराबाद पुलिस ने 28 अक्टूबर 2023 को साइबर क्राइम थाने में FIR दर्ज की थी। यह FIR 506, 507 IPC के तहत दर्ज हुई थी।

पुलिस की जाँच में वसीम का नाम सामने आया। उसके खिलाफ पुलिस ने LOC (लुक आउट सर्कुलर) जारी किया था। मंगलवार (11 जून) को वसीम फ्लाइट पकड़ कर दुबई से हैदराबाद एयरपोर्ट पहुँचा। पहले से सतर्क पुलिस बल ने वसीम को कस्टडी में ले लिया। उसको साइबर क्राइम थाने ला कर पूछताछ की जा रही है। ऑपइंडिया से बात करते हुए टी राजा सिंह ने आशंका जताई है कि हैदराबाद पुलिस वसीम की करतूतों की जाँच गहराई से नहीं करेगी और उसको मामूली धाराओं में चालान कर के खानापूर्ति कर लेगी।

ऑपइंडिया से बात करते हुए राजा सिंह ने तेलंगना सरकार पर अपनी सुरक्षा की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने हमें बताया कि वसीम जैसे कम से कम 2 हजार और कट्टरपंथी उनको फोन पर लगातार जान से मारने की धमकियाँ दे रहे हैं। राजा सिंह का यह भी आरोप है कि आए दिन शिकायत के बावजूद पुलिस न तो उनकी सुरक्षा और न ही आरोपितों पर कार्रवाई के लिए कोई ठोस कदम उठा रही है।

जल संकट पर SC ने दिल्ली सरकार को फटकारते हुए पूछा – ‘आपने टैंकर माफिया के खिलाफ क्या कदम उठाए, या हम दें पुलिस को आदेश?’

दिल्ली में आम जनता पानी का संकट झेल रही है। टैंकर माफिया अपने ‘काम’ में जुटा है और दिल्ली सरकार सो रही है। ऐसे में ये मामला पहुँचा सुप्रीम कोर्ट, जिसके दिल्ली सरकार को जमकर फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा है कि दिल्ली में पानी का संकट हर साल क्यों आता है? दिल्ली की सरकार इस संकट से निपटने के लिए क्या कर रही है? यही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने ये भी पूछा है कि दिल्ली सरकार ने टैंकर माफिया के खिलाफ अबतक क्या कदम उठाए? अगर दिल्ली सरकार इसी तरह टैंकर माफिया के सामने नाकाम रही, तो हम दिल्ली पुलिस को सीधे माफिया से निपटने का आदेश देंगे।

दरअसल, ये मामला दिल्ली सरकार की तरफ से ही सुप्रीम कोर्ट में उठाया गया है कि हिमाचल प्रदेश द्वारा दिल्ली के लिए छोड़ा गया पानी हरियाणा आगे ही नहीं बढ़ने दे रहा है। ऐसे में हरियाणा सरकार को सुप्रीम कोर्ट निर्देश दे कि वो पानी छोड़े।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की अवकाशकालीन पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने इस केस की सुनवाई करते हुए कहा कि पानी की समस्या को लेकर मुख्य सचिव को हलफनामा दायर करना चाहिए, और कोर्ट ने एक-2 दिन में हलफनामा दायर करने के लिए कहा। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी देखा कि हरियाणा के पास जो पानी था, वो दिल्ली आ चुका है, जबकि दिल्ली का दावा है कि हिमाचल प्रदेश ने उसके लिए 137 क्यूसेक पानी छोड़ा है। लेकिन हरियाणा कह रहा है कि उसके पास अतिरिक्त पानी है ही नहीं। इसी मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को घेरा है।

इसी दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने ‘टैंकर माफिया’ और पानी की बर्बादी को लेकर दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई और पूछा कि टैंकर माफिया के खिलाफ सरकार ने क्या कदम उठाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “दिल्ली में टैंकर माफिया काम कर रहा और आप कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। अगर दिल्ली सरकार कार्रवाई नहीं कर सकती है, तो हम दिल्ली पुलिस से कार्रवाई करने के लिए कह सकते हैं।” सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में जल संकट से लोग परेशान हैं। हम हर न्यूज चैनल पर तस्वीरें देख रहे हैं और कोर्ट में झूठे बयान दिए जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने साफ तौर पर पूछा कि पानी हिमाचल प्रदेश से आ रहा है तो दिल्ली में पानी कहाँ जा रहा है? इतना पानी का रिसाव, टैंकर माफिया आदि हैं, इस संबंध में आपने क्या उपाय किए हैं। उसे हलफनामा दायर कर हमारे (सुप्रीम कोर्ट) सामने रखा जाए।

बम से उड़ा देंगे म्यूजियम… दिल्ली के 10 से ज्यादा संग्रहालयों को आई धमकी, पुलिस आनन-फानन में जाँच में जुटी: चंडीगढ़ के अस्पताल को भी मेल पहुँचा

देश की राजधानी दिल्ली में स्कूलों और अस्पतालों के बाद अब म्यूजियमों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। यह धमकी दिल्ली के लगभग 15 संग्रहालयों को आई है। इसमें रेलवे म्यूजियम भी शामिल है। बुधवार (12 जून 2024) को ये धमकियाँ ई-मेल के जरिए दी गईं है। पुलिस ने FIR दर्ज करके धमकी देने वाले की तलाश शुरू कर दी है। जिन संग्राहलयों का जिक्र ई-मेल में किया गया है उनकी तलाशी करवाई जा रही है। इसी के साथ वहाँ सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मंगलवार को दिल्ली के रेल संग्रहालय सहित कई अन्य म्यूजियम को एक साथ ई-मेल भेजे गए। इन ई-मेल में म्यूजियम को बम से उड़ा देने की धमकी दी गई थी। ई-मेल की शिकायत पुलिस को दी गई। पुलिस ने फ़ौरन ही मौके पर पहुँच कर जाँच शुरू कर दी। जाँच में डॉग स्क्वायड की भी मदद ली गई। छानबीन के बाद कोई संदिग्ध वस्तु किसी म्यूजियम से नहीं मिली। पुलिस ने पड़ताल के बाद इसे हॉक्स डिक्लेयर किया है। अब दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज कर के ई-मेल भेजने वाले की तलाश शुरू कर दी है।

बताते चलें कि दिल्ली के अलावा चंडीगढ़ के एक अस्पताल को भी बम से उड़ाने की धमकी आई है। प्रशासन का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों को बता दिया है। सारे मरीज सुरक्षित हैं।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले दिल्ली के अस्पताल और स्कूलों के साथ एयरपोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी दी जा चुकी है। पुलिस ने तब भी केस दर्ज कर के मेल भेजने वाली की जाँच करने का प्रयास किया था। जाँच के दौरान हवाई जहाज में बम की सूचना देने के आरोप में एक 13 साल के नाबालिग को पकड़ा गया था। नाबालिग ने दिल्ली से टोरंटों जा रहे विमान में बम होने की सूचना दी थी। हालाँकि स्कूलों और अस्पतालों में बम की धमकी देने वाली ईमेल का सर्वर विदेश में पाया गया है। फ़िलहाल पुलिस इन हॉक्स मेल भेज रहे आरोपित की जाँच में जुटी है।

PFI आतंकी भारत को बनाना चाहते थे इस्लामी मुल्क… नहीं देंगे जमानत: बॉम्बे HC ने खारिज की रजी, उन्नैस और कय्यूम की बेल याचिका

बॉम्बे हाई कोर्ट ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) के 3 आतंकियों को राहत देने से इनकार कर दिया है। हाई कोर्ट ने रजी अहमद खान, उनैस उमर खैय्याम और कय्यूम अब्दुल शेख की जमानत अर्जी ख़ारिज कर दिया है। अदालत की टिप्पणी में कहा गया है कि तीनों आरोपितों ने आपरधिक बल लगाकर सरकार को डराने की कोशिश की थी। इन सभी पर भारत को इस्लामिक मुल्क बनाने की साजिश रचने का भी आरोप है। यह फैसला मंगलवार (11 जून 2024) को सुनाया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार को मामले की सुनवाई बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति अजय गडकरी और न्यायमूर्ति श्याम चांडक की खंडपीठ में हुई। बचाव पक्ष ने तीनों के बेगुनाह होने की दलील दी। उन्होंने महाराष्ट्र ATS पर खुद को फँसाने का भी आरोप लगाया और जमानत की अपील की। उधर सरकारी वकील ने तीनों की जमानत अर्जी का विरोध किया। सरकार का पक्ष था कि तीनों के खिलाफ पर्याप्त सबूत पेश किए जा चुके हैं। साथ ही आशंका जताई गई कि तीनों आरोपित जमानत का दुरुपयोग कर सकते हैं।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया। अपने फैसले में अदालत ने यह माना कि तीनों आरोपित भारत को इस्लामी मुल्क बनाने के मंसूबे पाले हुए थे। इसके लिए इन्होंने साल 2047 तक का टारगेट रखा था। रजी अहमद खान, उनैस उमर खैय्याम और कय्यूम अब्दुल शेख अपनी विचारधारा के लोगों को PFI में भर्ती कर रहे थे। अदालत का मानना है कि ये सब सरकार को डराने की मंशा के साथ आपराधिक बल जुटा रहे थे। हाई कोर्ट ने तीनों के खिलाफ ATS द्वारा पेश किए गए सबूतों को जमानत अर्जी ख़ारिज करने के लिए पर्याप्त पाया।

गौरतलब है कि रजी अहमद खान और कय्यूम को उनके कुछ साथियों के साथ महाराष्ट्र ATS ने सितबंर 2022 में मालेगाँव से गिरफ्तार किया था। इनसे मिली जानकारी के बाद अक्टूबर 2022 में उनैस उमर खय्याम को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। ATS के मुताबिक इन सभी ने जून 2022 में पीएफआई की उस गुप्त बैठक में भाग लिया था, जिसमें भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए भड़काया गया था। ATS ने तीनों के क्रियाकलाप भारत की सुरक्षा और अखंडता के लिए खतरा बताया था।

इंस्टाग्राम पर फँसाया, फ्लैट पर बुलाकर मारा: कन्नड़ अभिनेता ने GF के चक्कर में करवाई युवक की हत्या, मैसूर के होटल से गिरफ्तार

कर्नाटक की बेंगलुरु पुलिस ने हत्या के एक मामले में कन्नड़ अभिनेता दर्शन थुगुदीपा और अभिनेत्री पवित्रा गौड़ा सहित 11 अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई मंगलवार (11 जून 2024) को की है। 33 वर्षीय मृतक का नाम रेणुका स्वामी है जो कि मूल रूप से चित्रदुर्ग जिले का रहने वाला है। हत्या की वजह रेणुका स्वामी द्वारा पवित्रा को अश्लील मैसेज भेजना बताया जा रहा है। स्वामी की लाश बेंगलुरु के एक नाले से बरामद हुई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मृतक पवित्रा को लम्बे समय से मैसेज भेजकर परेशान कर रहा था। वह पवित्रा को खुद से शादी करने के लिए कह रहा था। इस बात की जानकारी जब पवित्र के लिव इन पार्टनर दर्शन को पता चली तो वो काफी नाराज हुए। दर्शन ने अपने एक सहयोगी पवन ने इंस्टाग्राम पर पवित्रा गौड़ा के नाम से एक फर्जी एकाउंट बनवाया। इस इंस्टाग्राम से रेणुका को सम्पर्क किया गया। रेणुका मूलतः चित्रदुर्ग का निवासी था जो एक मेडिकल स्टोर पर काम करता था। वह इस फर्जी हैंडल को असली समझ बैठा। उसने कमेंट में पवित्रा को गंदी-गंदी गालियाँ लिखीं।

पवन ने स्वामी के कमेंट दर्शन को दिखाए जिससे वो भड़क गया। उसने स्वामी को ठिकाने लगाने की ठान ली। शनिवार (8 जून 2024) को रेणुका घर से मेडिकल स्टोर के लिए निकला। रास्ते में दर्शन के सहयोगी राघवेंद्र ने अपने कुछ साथियों के साथ रेणुका स्वामी का कार से अपहरण कर लिया। इसी कार से उसे बेंगलुरु लाया गया। यहाँ स्वामी को विनय नाम के एक व्यक्ति के ठिकाने पर रखा। यहाँ राघवेंद्र, जगदीश, राजू, कार्तिक और निखिल ने स्वामी की बेरहमी से पिटाई की।

शाम को इस ठिकाने पर दर्शन भी कुछ साथियों के साथ आया। उसने रेणुका स्वामी को दोबारा पीटा। रात में खुद पवित्रा ने ठिकाने पर जा कर स्वामी की बेरहमी से पिटाई की। बताया जा रहा है कि लगातार पिटाई की वजह से रेणुका स्वामी की विनय के घर पर ही मौत हो गई। रात भर लाश विनय के घर पर पड़ी रही। रविवार की भोर में दर्शन के कुछ साथी शव को छिपा कर कामाक्षी पाल्या इलाके तक ले गए। यहाँ उन्होंने एक नाले में स्वामी की लाश को फेंक दिया। हालाँकि जल्दबाजी में शव नाले के किनारे ही रह गया।

एक अपार्टमेंट के सिक्योरिटी गार्ड ने लाश देखी और पुलिस को सूचना दी। तब पुलिस ने शव को कब्ज़े में ले कर पोस्टमार्टम करवाया था। साथ ही मामले की जाँच शुरू की थी। पुलिस ने जाँच के दौरान पूरे मामले का पता लगा लिया। इस बीच दर्शन 9 जून से अपनी फिल्म ‘डेविल’ की शूटिंग के सिलसिले में मैसूर गए थे। बेंगलुरु पुलिस दर्शन की तलाश करते हुए मैसूर पहुँची। यहाँ एक एक नामी होटल से दर्शन थुगुदीपा को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें बेंगलुरु लाकर पूछताछ की गई।

बाद में पुलिस ने पवित्रा, राघवेंद्र, विनय, लक्ष्मण, नन्दीशा, निखिल, केशव, कार्तिक, प्रदोष, नागराज, पवन और दीपक को भी दबोच लिया गया। अदालत ने दर्शन सहित अन्य आरोपितों को 6 दिनों की पुलिस कस्टडी रिमांड में भेज दिया है। फ़िलहाल पुलिस को इस मामले में अभी फरार चल रहे 4 अन्य संदिग्धों की तलाश है। बताते चलें कि कन्नड़ अभिनेत्री पवित्रा गौड़ा ने जनवरी 2024 में खुलासा किया था कि वो एक्टर दर्शन के साथ लम्बे समय से रिलेशनशिप में हैं, तब पवित्रा ने सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें भी शेयर की थीं।

अब कानून करेगा काम, अदालत में हिसाब देना… कॉन्ग्रेस के आरोपों पर रजत शर्मा ने दिया करारा जवाब, लाइव वीडियो दिखाकर पूछा- बताओ कहाँ गाली दी?

4 जून को मतगणना वाले दिन इंडिया टीवी पर कॉन्ग्रेस नेता रागिनी नायक और एंकर रजत शर्मा के बीच हुई बातचीत अब बहुत आगे बढ़ गई है। इंडिया टीवी अपने चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ के समर्थन में पहले ही कॉन्ग्रेस नेता के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की बात कह चुका है, जबकि रागिनी नायक इस बात को साबित करने पर तुली हैं कि रजत शर्मा ने अभद्र भाषा बोली। अब इस मामले में रागिनी नायक ने केस को दर्ज कराया है। वहीं रजत शर्मा ने भी सामने आकर अपना पक्ष रखा है।

रजत शर्मा ने रागिनी नायक के आरोपों के बारे में मंगलवार को ‘आज की बात’ में अपनी बात रखी और बताया कि आज जो आरोप उन पर कॉन्ग्रेस नेता लगा रहे हैं, हकीकत तो ये है कि उन्होंने उस मतगणना वाले दिन क्या अपने पूरे जीवन में किसी को गाली नहीं दी।

उन्होंने कहा, “मैं 44 साल से पत्रकारिता के पेशे में हूँ और 31 साल से लोग मुझे टीवी पर देख रहे हैं। सबको पता है कि मैंने कभी किसी से अभद्र तो क्या ऊँची आवाज में भी बात नहीं की। मुश्किल से मुश्किल सवाल भी हँसकर, मुस्कुराकर पूछे। हमेशा अपनी बात शालीनता से कही, इसीलिए मुझे आपका इतना प्यार मिला। लेकिन आज सुबह मुझे जब पता चला कि कॉन्ग्रेस पार्टी के मीडिया सेल ने कल रात सोशल मीडिया पर एक झूठा कैंपेन चलाया कि इलेक्शन की काउंटिंग वाले दिन एक लाइव शो में मैंने गाली दी, ये सुनकर मुझे बहुत तकलीफ हुई।”

उन्होंने आगे बताया कि इस झूठे इल्जाम के लगने के बाद इंडिया टीवी की तरफ से कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट देखने वालों को चेतावनी दी गई। उन्हें एक पत्र भेजकर आगाह किया गया कि वो झूठ न फैलाएँ वरना मानहानि का केस होगा। पूरा शो लाइव था उसे सबने देखा था। अगर कुछ कहा गया होता तो इस बारे में सबको पता चलता।

रजत शर्मा कहते हैं कि कॉन्ग्रेस की प्रवक्ता ने जानबूझकर उन्हें मिसकोट किया। इस दौरान उन्होंने साफ कहा भी कि उन्होंने वो बात नहीं कही जो बार बार उनके द्वारा कही जा रही है। हालाँकि कॉन्ग्रेस प्रवक्ता ने नहीं सुनी। रजत शर्मा को कॉन्ग्रेस का रवैया देख लग रहा है कि ये सब उन्हें फँसाने के लिए हो रहा है, उन्हें टारगेट करने के लिए हो रहा है। वो 4 जून की बातचीत की पूरी क्लिप दिखाकर पूछते हैं आखिर गाली कहाँ बोली गई है। वो ये सवाल भी करते हैं कि 4 जून को अगर उन्होंने कुछ बोला होता तो क्या कॉन्ग्रेस 10 जून तक चुप रहती। उन्होंने 6 दिन बाद जाकर इल्जाम लगाया है।

रजत शर्मा अपने ऊपर लगे सारे आरोपों को झूठ बताते हुए कहते हैं कि पूरी वीडियो की क्लिप मौजूद है। कोई भी देख ले। कुछ छिपने वाली बात नहीं है। उन्होंने कहा कि चेतावनी देने के बाद भी कॉन्ग्रेस के मीडिया सेल ने अपने इल्जाम को दोहराया है। इसलिए अब ये मामला लीगल टीम को दे दिया है। अब कानून ही अपना काम करेगा।

अपने दर्शकों से रजत शर्मा ने कहा- “आप मुझे अच्छी तरह जानते हैं। मैं ऐसी किसी साजिश से डरने वाला नहीं हूँ क्योंकि सच मेरे साथ है, फैक्ट्स मेरे हक में हैं। इसीलिए जिन्होंने जानबूझकर मुझे बदनाम किया, वो सब लोग जिन्होंने, सोच समझकर मेरे खिलाफ साजिश की, उन सबको अब अदालत में हिसाब देना पड़ेगा।”

बता दें कि इंडिया टीवी से चेतावनी पाने के बाद रागिनी नायक मीडिया से मुखातिब हुईं। उन्होंने इस दौरान फिर अपना इल्जाम दोहराया और कहती रहीं कि रजत शर्मा ने उन्हें गाली दी है। वो ये कहकर रोते हुए भी नजर आईं कि वो वीडियो, माँ-बाप, सास-ससुर और बच्चों तक ने देखा था। इसके अलावा उन्होंने ट्वीट करके कहा कि उन्हें सच बोलने पर धमकाया जा रहा है। लेकिन उन्होंने आईपीसी की दारा 294 और 509 आईपीसी के तहत केस दर्ज करवा दिया है।

जम्मू-कश्मीर में 3 दिन में तीसरा आतंकी हमला… इस बार डोडा में सेना के चेकपोस्ट पर हुई गोलीबारी: 6 सुरक्षाकर्मी घायल; कठुआ में एक आतंकी ढेर

जम्मू-कश्मीर में पिछले 72 घंटों के अंदर तीसरा आतंकी हमला हुआ है। इस बार डोडा में आतंकियों ने सुरक्षा बलों के एक अस्थाई कैम्प पर गोलियाँ बरसाईं हैं। जवाबी कार्रवाई के वक्त आतंकी भाग निकले हैं जिनको तलाशने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। हमला बुधवार (12 जून 2024) की सुबह हुआ है। वहीं एक दिन पहले 11 जून (मंगलवार) को आतंकियों ने कठुआ क्षेत्र के एक गाँव में घुस कर कुछ ग्रामीणों को निशाना बनाना चाहा था, तब सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में 1 आतंकी ढेर कर दिया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय सेना ने डोडा जिले के चत्तरगला में एक अस्थाई बेस बनाया है। यहाँ राष्ट्रीय रायफल्स ने पुलिस के साथ मिल कर चेकपोस्ट भी बना रखा है। इस बेस पर 11-12 जून की रात कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने गोलियाँ बरसानी शुरू कर दी। सेना की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई की गई तो आतंकी भाग निकले। आतंकियों को पकड़ने के लिए इलाके में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। फायरिंग में सेना के 5 जवान और एक स्पेशल पुलिस ऑफिसर घायल बताए जा रहे हैं। इन सभी का इलाज अस्पताल में चल रहा है। हमले में कितने आतंकी शामिल थे इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अभी तक किसी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

इससे पहले मंगलवार (11 जून) की रात जम्मू के कठुआ में आतंकी हमला हुआ था। यहाँ के हीरानगर इलाके में आने वाले सैदा सुखल गाँव में रात को 3 आतंकी घुसे। इन्होंने एक घर को खटखटा कर पानी माँगा। लोगों ने घर नहीं खोला और शोर मचाना शुरू कर दिया। शोरगुल सुन कर सुरक्षा बल वहाँ पहुँच गए। इसी दौरान आतंकियों के गोलियाँ बरसानी शुरू कर दीं। एक आतंकी ने तो ग्रेनेड फेंकने का भी प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी ढेर हो गया। वहीं CRPF की 121वीं बटालियन के एक जवान के गंभीर रूप से घायल होने की खबर आ रही है।

2 आतंकी अभी तक छिपे बताए गए हैं जिसकी तलाशी के लिए सुरक्षा बलों का अभियान जारी है। सोशल मीडिया में इस मुठभेड़ को लेकर तमाम भ्रामक खबरें वायरल हो रहीं हैं। इन भ्रामक खबरों में आतंकी हमले के दौरान कुछ ग्रामीणों की मौत जैसे बातें प्रमुख हैं। पुलिस ने इन वायरल संदेशों को बेबुनियाद बताया है। जम्मू पुलिस के ADGP ने दावा किया है कि सभी ग्रामीण सुरक्षित हैं। फिलहाल मुठभेड़ अभी तक जारी है। केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने बताया कि वो हालातों पर बराबर नजर रखे हुए है और सभी जरूरी लोगों के सम्पर्क में हैं।

गौरतलब है कि इस से पहले 9 जून (रविवार) को जम्मू में मंदिर में दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं की बस पर गोलियाँ बरसाईं गईं थीं। इस आतंकी हमले में 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। यह हमला रियासी जिले में हुआ था। बस पर गोलियाँ चलने की वजह से यह दुर्घटना का शिकार हो कर खाई में गिर गई थी।

जिस आतंकी ने रियासी में चलाई श्रद्धालुओं पर गोलियाँ, उसका स्केच हुआ जारी: सूचना देने वाले को ₹20 लाख इनाम, 11 टीमें जाँच में जुटी

जम्मू-कश्मीर के रियासी में हुए आतंकी हमले के खिलाफ राज्य पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने इस अटैक में शामिल एक आंतकी का स्केच को जारी किया है। साथ ही ऐलान किया है कि जो कोई भी इस आतंकी की सूचना उन्हें देगा उसे 20 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा

बता दें कि आतंकी हमले के बाद से लगातार पुलिस, सेना और सीआरपीएफ संयुक्त अभियान चलाकर आरोपितों को पकड़ने की कोशिश में लगी है। पुलिस व सुरक्षाबलों के 11 दल आपसी तालमेल बनाकर जंगलों को खंगाल रहे हैं।

अभी तक की जाँच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से अमेरिका निर्मित एम4 कार्बाइन राइफल की गोलियों के खाली खोखे मिलें हैं। इसके अलावा अभी तक पुलिस का संदेह इस घटना में पाकिस्तानी आतंकवादी अब्बू हमजा, हदून और फौजी की तरफ जा रहा है। बाकी सुरक्षाकर्मी लगातार आतंकियो को खोजने का प्रयास कर रहे हैं। NIA ने भी सोमवार को इलाके का दौरा किया है।

गौरतलब है कि 9 जून 2024 को शिवखोड़ी से कटरा लौटते समय आतंकियों ने सेना की वर्दी में आकर बस पर अंधाधुंद फायरिंग की थी। उनका मकसद था कि वो बस में बैठे हर यात्री को जान से मार दें। लेकिन ड्राइवर की सूझबूझ से वो ऐसा नहीं कर पाए।

दरअसल, जैसे ही बस ड्राइवर को संदेह हुआ कि सामने खड़े लोग सेना वाले नहीं हैं। उन्होंने फौरन बस को तेज भगाया। इस दौरान आतंकी ने उन्हें जैसे ही गोली मारी बस जाकर खाई में गिर गई। सारे श्रद्धालु वहाँ तब तक लाश बनकर लेटे रहे जब तक आतंकी चले नहीं गए। बाद में स्थानीयों और सुरक्षाकर्मियों ने आकर घायल लोगों की जान बचाई। घटना में 10 लोगों को अपनी जान भी गँवानी पड़ी। वहीं 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

राज बनकर शाहिद ने हिंदू लड़की को फाँसा, भेद खुला तो कहा ‘मुस्लिम नहीं बनना’: शादी के बाद दोस्तों से कराया गैंगरेप, धर्मांतरण का भी डाला दबाव

मध्यप्रदेश के इंदौर में एक हिंदू लड़की के साथ लव जिहाद की वारदात सामने आई है, जिसके बाद हिंदूवादी संगठनों ने सोमवार (10 जून 2024) को कनाड़िया थाने पर जोरदार हंगामा किया, जिसके बाद ये मामला मीडिया की नजर में आया। जानकारी के मुताबिक, शाहिद नाम के मुस्लिम युवक ने अपनी असली पहचान छिपाकर एक हिंदू लड़की को अपनी जाल में फँसाया, फिर उसे ‘मुस्लिम जैसा नहीं बनना’ के जाल में उलझाकर शादी भी कर ली। बच्चा पैदा कर लिया। फिर 1 साल गायब रहा और लौटा तो अपने दोस्तों के साथ मिलकर गैंगरेप किया। यही नहीं, हिंदू लड़की पर लगातार धर्म-परिवर्तन का भी दबाव डाला गया। अब पुलिस ने सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

भास्कर की रिपोर्ट्स के मुताबिक, 24 साल की लड़की ने आरोप लगाया कि शाहिद से उसकी दोस्ती कॉल सेंटर के माध्यम से हुई। शाहिद ने उसे अपना नाम राज बताया और उसके साथ प्रेम संबंध बनाया। जब वो राज के साथ उसके घर गई, तो पता चला कि वो शाहिद है। इसके बाद शाहिद ने कहा कि ‘उसे मुस्लिम बनने की जरूरत नहीं’ है। वो हिंदू रहकर भी उसके साथ अपनी जिंदगी बिता सकती है। वो उसकी बातों में आ गई।

कनाड़िया थाना पुलिस को दिए अपने बयान में पीड़ित लड़की ने बताया कि शाहिद से उसे एक बेटा हुआ, जिसका शाहिद ने मुस्लिम नाम रखा। शाहिद अहमद उर्फ राज, सास शबनम, ननद सानिया अहमद उसके साथ अक्सर मारपीट करते थे। इस दौरान शाहिद एक साल के लिए बाहर चला गया था। जब वो लौटा, तो अपने दोस्तों नौमान खान, फैसल खान और वसीम अख्तर के साथ घर आया, उसने उसे नशा दिया और सभी लोगों ने उसके साथ मिलकर गैंगरेप किया।

पीड़ित युवती ने बताया कि शाहिद और उसके परिवार के लोगों ने उसका धर्म बदलने की भी कोशिश की। वो सबकुछ सहती रही, लेकिन गैंगरेप के बाद उसने परिजनों और हिंदू संगठनों के सदस्यों के साथ मिलकर पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाई। अब इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

‘मैं बताती हूँ हस्तमैथुन क्यों-कैसे करना चाहिए…’: ‘कुँवारी बेगम’ ने YouTube पर बताया बच्चों के यौन शोषण का तरीका, वीडियो वायरल

शिखा मैत्रेय नामक एक यूट्यूबर का वीडियो सोमवार (10 जून) को वायरल हो गया, जिसमें वह अपने फॉलोअर्स को शिशुओं का यौन शोषण करना सिखा रही थी। आरोपित ने अपने यूट्यूब चैनल ‘कुँवारी बेगम’ पर यह वीडियो पोस्ट किया था। वीडियो में वह कह रही है, “अगर मेरे पास लिंग होता तो मैं हस्तमैथुन पर एक ट्यूटोरियल बनाती और हस्तमैथुन को बेहतर तरीके से करने का सुझाव देती।”

शिखा ने हस्तमैथुन और बच्चों के यौन शोषण को लेकर अपने वीडियो में कहा, “मैं यह भी बताती हूँ कि आपको हस्तमैथुन क्यों करनी है। एक छोटा बच्चा ढूँढो। छोटा बच्चा, जिसके दाँत ना हों। पहले देखो कि तुम्हारे आसपास कौन-सा नवजात बच्चा है। जो नवजात है उसकी मम्मी से बोलो कि मैं इसे खिलाने ले जा रहा हूँ। उसकी मम्मी से परमिशन ले लो कि इसको खिलाने लेकर जाता हूँ मैं।”

शिखा नाम यह यूट्यबर अपनी गंदी सोचकर को शेयर करते हुए आगे कहती है, उसके बाद उसे बच्चे को ले जाओ और उसके साथ कुछ करो। मैं इसके लिए माफी नहीं माँगती। अगर मेरे लिंग होता तो मैं ऐसा जरूर करती। सो बिना दाँत का…ओहो। यह एक अद्भुत अनुभव होगा।”

यह खुलासा गगन चौधरी (@Gagan_772) नामक एक एक्स (पूर्व में ट्विटर) यूजर ने किया है। यूजर द्वारा साझा किए गए स्क्रीनशॉट से पता चलता है कि शिखा मैत्रेय के YouTube पर 2000 फ़ॉलोअर्स थे और उसने लगभग 115 वीडियो अपलोड किए थे। इनमें से अधिकांश यौन सामग्री वाले कंटेंट हैं।

गगन ने उसका वोग प्रोफाइल और एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट के बारे में भी बताया है। ऑपइंडिया को उसके YouTube और Instagram चैनलों के कैश्ड वर्शन मिले, जिन्हें एक्स यूजर द्वारा उजागर किए जाने के बाद से निष्क्रिय कर दिया गया है।

जानी-मानी पुरुष अधिकार कार्यकर्ता दीपिका नारायण भारद्वाज ने बताया कि आरोपित उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की रहने वाली है और उसने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) से स्नातक किया है। इसको लेकर भारद्वाज ने गाजियाबाद पुलिस को टैग किया है और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के प्रमुख प्रियांक कानूनगो से भी कार्रवाई की माँग की है।