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तीर्थयात्रियों की बस पर आतंकियों ने की गोलीबारी, 10 की मौत: जम्मू कश्मीर के शिव खोड़ी मंदिर से लौट रहे थे श्रद्धालु, बढ़ सकती है हताहतों की संख्या

जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में आतंकवादियों की गोलीबारी के बाद तीर्थयात्रियों से भरी एक बस गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई है। बस पर फायरिंग के बाद बस अनियंत्रित हो गई और खाई में गिर गई। अधिकारियों ने शुरुआती जानकारी में बताया है कि शिव खोड़ी मंदिर जा रहे तीर्थयात्रियों की बस पर पोनी इलाके के तेरयाथ गाँव में हमला हुआ। इस आतंकी हमले में अभी तक कोई आरोपित गिरफ्तार नहीं हुआ है।

रियासी के डीसी विशेष महाजन ने बताया कि बचाव अभियान शुरू किया गया और पुलिस, सेना व अर्धसैनिक बलों के जवान घटनास्थल पर पहुँच गए हैं। उन्होंने कहा कि मामले में अधिक विवरण का इंतजार है। यह बस तीर्थयात्रियों को शिवखोड़ी मंदिर में दर्शन के बाद माता वैष्‍णों देवी के दर्शन के लिए कटरा जा रही थी और जैसे ही जंगल के इलाके में पहुँची, घात लगाकर बैठे आतंकियों ने बस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।

शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक आतंकियों ने बस पर गोलीबारी की थी जिसके बाद बस दुर्घटना का शिकार हो गई। बताया जा रहा है कि यह बस जिले के शिवखोड़ी की ओर जा रही थी तभी रास्ते में हमले के कारण दुर्घटना का शिकार हो गई। इस घटना में 10 लोगों की मौत हो गई है।

शिवखोड़ी धार्मिक स्थल से दर्शन करके लौट रहे यात्रियों की बस पर आतंकियों ने घात लगाकर हमला किया। आतंकियों की गोलीबारी के बाद ही बस दुर्घटनाग्रस्त हुई। इसमें 10 यात्रियों के मारे जाने की भी सूचना है, हालाँकि अभी तक इस मामले में कोई भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

दरोगा के बेटे की हत्या, लालू यादव के भाई के 2 पोते गिरफ्तार : बर्थडे पार्टी में ले ली थी 17 साल के किशोर की जान

राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के परिवार के दो सदस्यों को पुलिस ने हत्या के मामले में गिरफ्तार किया है। दोनों युवकों के नाम आकाश यादव और विकास यादव है। आकाश और विकास यादव लालू प्रसाद यादव के भाई मंगरू यादव के बेटे सुदीश यादव के बेटे हैं। दोनों पर एक दारोगा के बेटे की हत्या का आरोप है। ये हत्या बर्थडे पार्टी के दौरान की गई थी और दोनों फरार हो गए थे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ये हत्याकांड पटना के शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र के एजी कॉलोनी स्थित सुदीश यादव के फ्लैट में शुक्रवार की रात को हुआ। जिस लड़के की हत्या हुई थी, उसकी पहचान आरा निवासी एएसआइ श्याम रंजन सिंह के 17 वर्षीय पुत्र आर्यन राज के रूप में हुई। श्याम रंजन सिंह पटना स्थित पुलिस हेडक्वार्टर में स्पेशल ब्रांच में तैनात हैं।

पटना पुलिस के एसपी स्वर्ण प्रभात ने कहा कि पटना पुलिस ने गोपालगंज पुलिस के साथ मिलकर फुलवरिया में छापेमारी की और दोनों को गिरफ्तार किया। जानकारी के मुताबिक, मृतक आर्यन अपने परिवार के साथ ही पटेल नगर स्थित गाँधी मूर्ति नगर में रहता था। वो शुक्रवार की देर शाम को अपनी माँ से कहकर निकला था कि वो बर्थडे पार्टी में शामिल होने जा रहा है। जब देर तक वो घर नहीं पहुँचा, तो परिवार ने खोजबीन सुरू की। देर रात में शास्त्रीनगर के थानेदार को फोन पर सूचना मिली कि आर्यन की हत्या हो गई है, जिसके बाद पुलिस शनिवार की सुबह मौके पर पहुँची और ताला तोड़कर शव को बाहर निकाला।

जिस फ्लैट में आर्यन का शव मिला, वो सुदीश यादव के नाम पर है। वो उस समय गाँव में ही थे। आकाश और विकास सुदेश के बेटे हैं और विकास का ही बर्थडे था। उसका आर्यन के साथ पहले से कोई विवाद चल रहा था। पुलिस ने बताया कि हत्या पूरी प्लानिंग के साथ की गई थी। मृतक आर्यन इसी साल 12वीं पास हुआ था और वो बाहर पढ़ने के लिए जाने वाला था। इस मामले में फुलवरिया से पुलिस ने आकाश और विकास को गिरफ्तार किया है।

8000 अतिथियों की मौजूदगी में नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार ली PM पद की शपथ: 7 देशों के राष्ट्राध्यक्ष रहे मौजूद, रजनी-SRK से लेकर अम्बानी-अक्षय तक बने साक्षी

नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली है। सुपरस्टार रजनीकांत और शाहरुख़ खान से लेकर मुकेश अम्बानी और अक्षय कुमार तक, कई दिग्गज राष्ट्रपति भवन में हुए इस समारोह का हिस्सा बने। नरेंद्र मोदी के साथ ही NDA के घटक दलों के कई मंत्रियों ने शपथ ली, जिसमें जीतन राम माँझी, चिराग पासवान, राममोहन नायडू, ललन सिंह और रामनाथ ठाकुर शामिल हैं। वहीं पीयूष गोयल, निर्मला सीतारमण, गिरिराज सिंह व अमित शाह के अलावा राजनाथ सिंह जैसे नेताओं को फिर से मौका दिया गया है।

नरेंद्र मोदी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई। रविवार (9 जून, 2024) को शाम सवा 7 बजे शपथग्रहण का कार्यक्रम शुरू किया गया। जवाहरलाल नेहरू के बाद नरेंद्र मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्हें लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए जनता ने चुना। भाजपा NDA गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी है और इसके पास 240 सीटें हैं। नितिन गडकरी और ज्योतिरादित्य सिंधिया भी एक बार फिर मंत्री बन रहे हैं। नए नामों में शिवराज सिंह चौहान और मनोहर लाल खट्टर शामिल हैं।

JDS के HD कुमारस्वामी और RLD के जयंत चौधरी को भी कैबिनेट मंत्री का पद प्राप्त हुआ है। कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों समेत लगभग 8000 अतिथि इस भव्य समारोह का हिस्सा बने। ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों, मजदूरों और स्वच्छता कर्मचारियों को भी इसके लिए न्योता भेजा गया था। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी समारोह में मौजूद रहे। तेलंगाना में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष G किशन रेड्डी और और पूर्व अध्यक्ष बंदी संजय कुमार भी मंत्री बने।

उत्तर-पूर्व से किरेन रिजिजू को कैबिनेट मंत्री के पद से नवाज़ा गया है। वहीं NCP को एक राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का पद दिया जा रहा था, जो इसने लेने से मना कर दिया। इससे पेंच फँस गया। NCP का कहना है कि प्रफुल्ल पटेल केंद्र में कैबिनेट मंत्री रहे हैं, ऐसे में ये उनके लिए पदावनति हो जाएगी। मालदीव, नेपाल, श्रीलंका, मॉरीशस, भूटान, बांग्लादेश और सेशेल्स के राष्ट्राध्यक्ष इस समारोह के साक्षी बने। ‘मोदी 3.0’ को लेकर पीएम ने पहले ही 125 दिनों के रोडमैप तैयार कर रखा है।

‘तेल लगाओ डाबर का, विकेट गिराओ बाबर का’: IND vs PAK से पहले ऋषभ पंत का वीडियो, पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर ने कहा – कोहली के जूते के बराबर भी नहीं बाबर

आईसीसी क्रिकेट टी-20 विश्व कप के बीच ऋषभ पंत ने बाबर आजम को लेकर दर्शकों की माँग पर रिएक्शन दिया है। उन्होंने कहा कि दर्शकों की ओर से ऐसे रिएक्शन से खेल का मजा बढ़ता है। इंडिया टीवी के कार्यक्रम में पहुँचे ऋषभ पंत ने कहा कि फैंस ‘तेल लगाओ डाबर का, विकेट गिराओ बाबर का’ जैसे नारे लगाते हैं, ये सभी चीजें मैच को काफी दिलचस्प बनाती हैं। उन्होंने कहा कि दोनों तरफ के खिलाड़ी अपनी टीम को जीत दिलाने के लिए सबकुछ झोंक देते हैं।

इस बीच, भारत-पाकिस्तान मैच से पहले पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर दानिश कनेरिया का गुस्सा बाबर आजम पर फूटा है। उन्होंने बाबर आजम को विराट कोहली की पैर की जूती बताते हुए कहा कि वो विराट कोहली के पैरों की जूती के बराबर भी नहीं हैं। बता दें कि अक्सर बाबर आजम की तुलना विराट कोहली से की जाती है। हालाँकि आँकड़ों में दोनों का कोई मेल नहीं है।

रिषभ पंत बोले, भारत-पाक मैच में होता है दबाव

आईसीसी क्रिकेट विश्वकप में भारत-और पाकिस्तान की टीमें भिड़ रही हैं। रोहित शर्मा की अगुवाई में भारतीय टीम का मुकाबला बाबर आजम की कप्तानी वाली पाकिस्तानी टीम से होगा। इस रोमांचक मुकाबले से पहले दोनों देशों के खेल प्रशंसकों के भावुक होने से जुड़ा सवाल ऋषभ पंत से पूछा गया। वो कुछ दिन पहले इंडिया टीवी के शो में पहुँचे थे, जिसका प्रसारण अब किया गया है। इसमें ऋषभ पंत से पूछा गया कि वो भीड़ द्वारा लगाए जा रहे नारे ‘तेल लगाओ के डाबर का , विकेट गिराओ बाबर का’ के बारे में क्या सोचते हैं?

ऋषभ पंत ने कहा कि इस तरह की नारेबाजी से खेल में दिलचस्पी बनी रही है। हालाँकि पाकिस्तानी खिलाड़ी भी अपने देश को जिताने की भरपूर कोशिश कर रहे होते हैं, लेकिन हम भारी पड़ते हैं। ऐसे में जब दर्शक इस तरह की नारेबाजी ‘तेल लगाओ डाबर का, विकेट गिराओ बाबर का’ करते हैं, तो मैच और माहौल दोनों ही दिलचस्प हो जाता है। इस दौरान पंत ने विराट कोहली की ट्रोलिंग को लेकर भी खुलकर बात की।

इस दौरान पंत ने कहा कि भारत-पाक मैच को लेकर हमेशा तनाव रहता है। इस बार भी टेंशन है। भारत और पाकिस्तान का मैच हमेशा बड़ा होता है, लेकिन हमें जो 140 करोड़ देशवासियों का सपोर्ट मिलता है वो बहुत कॉन्फिडेंस देता है। मैच इंटरेस्टिंग होने वाला है लेकिन हम ही जीतेंगे।

विराट कोहली की जूते के बराबर भी नहीं बाबर आजम

पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर ने भारत बनाम पाकिस्तान टी20 विश्व कप मुकाबले से पहले पाकिस्तान के कप्तान पर निशाना साधते हुए कहा है कि वह विराट कोहली के जूते के बराबर भी नहीं हैं। कनेरिया ने न्यूयॉर्क के नासाउ काउंटी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में होने वाले हाई-वोल्टेज मैच से पहले कहा, “जैसे ही बाबर आजम शतक बनाएँगे, अगले दिन आप देखेंगे कि उनकी तुलना विराट कोहली से की जाने लगेगी। लेकिन ये सच नहीं है।”

कनेरिया ने कहा, “भारत पाकिस्तान को बुरी तरह हराएगा। पाकिस्तानी टीम भारत को हराने में सक्षम नहीं हैं। जब भी पाकिस्तान विश्व कप में आता है तो वे अपनी गेंदबाजी की तारीफ करते रहते हैं और कहते हैं कि उनकी गेंदबाजी उन्हें मैच जिताएगी, लेकिन गेंदबाजी की वजह से ही उन्हें अमेरिका तक ने हरा दिया।”

पंजाब से 0 सीटें, फिर भी हारे हुए नेता को मंत्री बना PM ने दिया प्रतिनिधित्व: करतारपुर से लेकर हेमकुंट साहिब तक, सिख धर्म को सम्मान देने में आगे हैं मोदी

लोकसभा चुनाव 2024 में स्पष्ट बहुमत के बाद NDA सरकार का रविवार (9 जून, 2024) को गठन होने जा रहा है। नई NDA सरकार में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भाजपा के अलावा JDU, TDP, शिवसेना समेत अन्य सहयोगियों को जगह दी है। इस सरकार में ऐसे भी एक व्यक्ति को जगह दी जा रही है, जो कि लोकसभा चुनाव हार गया है लेकिन उसका केन्द्रीय मंत्रिपरिषद में एक राज्य और एक समुदाय के प्रतिनिधित्व को मजबूत करने के साथ ही बड़े संदेश भी देगा।

प्रधानमंत्री आवास पर रविवार की सुबह कई बड़े भाजपा नेताओं की चाय पार्टी हुई। इसमें वह लोग भी शामिल थे जिन्होंने मंत्रिपद की शपथ ली। इनमें एक चेहरा पंजाब से आने वाले रवनीत सिंह बिट्टू का भी था। रवनीत सिंह बिट्टू लुधियाना सीट से 2024 का लोकसभा चुनाव भाजपा के टिकट से लड़े थे और उन्हें कॉन्ग्रेस के अमरिंदर राजा वारिंग के हाथों हार झेलनी पड़ी। इसके बाद भी उनको केन्द्रीय मंत्री बनाया गया।

कौन हैं रवनीत सिंह बिट्टू

48 साल के रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब के बड़े नेताओं में से एक हैं। वह पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं। बेअंत सिंह की खालिस्तानी आतंकवादियों ने 1995 में हत्या कर दी थी। रवनीत सिंह बिट्टू 2009 से 2024 तक कॉन्ग्रेस से लुधियाना और आनंदपुर साहिब से सांसद रहे हैं। रवनीत सिंह बिट्टू को पंजाब में खालिस्तान का खुले तौर पर विरोध करने वाला नेता जाना जाता रहा है। वह खालिस्तान और उसके समर्थकों को लेकर लगातार विरोध करते रहे हैं। इसके लिए उन्हें जान से मारे जाने की धमकियाँ तक मिल चुकी हैं।

खालिस्तानियों पर मुखर रहने वाले बिट्टू 2007 में राजनीति में आए थे। वह अपना पहला चुनाव हार गए थे। बिट्टू पंजाब में यूथ कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष भी रहे हैं। 2024 लोकसभा चुनाव के पहले रवनीत बिट्टू कॉन्ग्रेस को छोड़ कर भाजपा में आए थे। उन्हें भाजपा ने लुधियाना से 2024 लोकसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी बनाया था। वह पंजाब के कॉन्ग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर राजा वारिंग से लगभग 20,000 वोटों के अंतर से चुनाव हारे।

रवनीत बिट्टू को मंत्रिमंडल में जगह: प्रतिनिधित्व का सवाल

किसी भी सरकार का एक ऐसे हुए व्यक्ति को मंत्रिमडल में शामिल किया जाना प्रदर्शित करता है कि वह व्यक्ति कितना महत्वपूर्ण है। रवनीत सिंह बिट्टू को केन्द्रीय मंत्री बनाना में लेना, मोदी सरकार की पंजाब और सिखों के प्रति नीतियों को प्रदर्शित करता है। मोदी सरकार ने पंजाब में 8 सिख उम्मीदवारों को टिकट दिया था। इनमें से कोई भी जीत हासिल करने में सफल नहीं रहे। भाजपा की पंजाब में शून्य सीटें हैं। भाजपा के किसी सहयोगी के जीतने वालों सांसदों में भी सिख प्रत्याशी नहीं है।

ऐसे में भाजपा ने सिखों और पंजाब को केंद्र सरकार में उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए यह निर्णय लिया। भाजपा ने रवनीत सिंह बिट्टू को मंत्री बना कर मात्र पंजाब और सिखों को ही नहीं साधा है बल्कि इससे एक और बड़ा सन्देश दिया है। मोदी सरकार 2.0 में हरदीप सिंह पुरी के रूप में पहले ही सिख चेहरे शामिल रहे हैं। लेकिन रवनीत सिंह बिट्टू को केंद्र में जगह देकर भाजपा ने खालिस्तान के विरुद्ध अपने स्टैंड को स्पष्ट कर दिया है। भाजपा ने ऐसे व्यक्ति को मौक़ा दिया है जिसके दादा को खालिस्तानियों ने मारा और जो खालिस्तान का प्रबल विरोधी रहा है।

यह दिखाता है कि भाजपा उन लोगों के साथ खड़ी रहेगी जो कि देश को तोड़ने की बात करते हैं। साथ ही वह पंजाब की ऐसी आवाजों को बढ़ाने में मदद करेंगे जो देश की एकता के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके लिए भाजपा कॉन्ग्रेस के साथ दशकों का इतिहास रखने वालों को भी मौका देने से नहीं गुरेज करेगी।

पंजाब को बड़े सन्देश देते रहे हैं पीएम मोदी

रवनीत सिंह बिट्टू को केद्रीय मंत्रिमंडल में जगह देकर पीएम मोदी और भाजपा ने एक संदेश देने की कोशिश की है। हालाँकि, यह पहला मौक़ा नहीं है जब उन्होंने ऐसा किया हो। प्रधानमंत्री मोदी बार-बार सिख धर्म के प्रति अपनी आस्था जताते रहे हैं। लोकसभा चुनाव 2024 प्रचार के दौरान ही इसका एक उदाहरण देखने को मिला जब प्रधानमंत्री मोदी ने सर पर पगड़ी बाँध कर पटना साहिब गुरूद्वारे में सेवा की। इसकी तस्वीरें भी सामने आईं।

इससे पहले पीएम मोदी 26 दिसम्बर को वीर बाल दिवस घोषित कर चुके हैं। यह दिन दो साहिबजादों की शहीदी को याद करने के लिए है। पीएम मोदी ने भारत ही नहीं बल्कि अफगानिस्तान से आने वाले शरणार्थी सिखों के लिए तक काम किया है। भारत और पाकिस्तान के बीच करतारपुर कॉरिडोर का खोलना हो या फिर हेमकुन्ट साहिब तक पहुँचने का रास्ता आसान करना, यह सभी दिखाते हैं कि पंजाब और सिख समुदाय के लिए लगातर पीएम मोदी और भाजपा बड़े सन्देश देती रही है।

रवनीत बिट्टू को केन्द्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने से दशकों पहले तक भाजपा ने अपने चुनावी नुकसान को भी सह कर पंजाब में हिन्दू-सिख एकता को लेकर काम किया है। भाजपा ने दशकों तक शिरोमणि अकाली दल के साथ मिलकर काम किया है और हमेशा पंजाब में छोटे भाई की भूमिका में रही है। उसने चुनावों में अकेले जाकर अपना मत प्रतिशत बढ़ाने के बजाय शिअद को ड्राइविंग सीट पर रखा है। इसका उद्देश्य भी पंजाब में सिख और हिन्दू एकता को बढ़ाना ही रहा है।

जहाँ इजरायली महिला को बंधक बना कर रखा, वो निकला ‘अल जज़ीरा’ पत्रकार का घर: कहने को ‘मीडियाकर्मी’ लेकिन हमास ने बना रखा था प्रवक्ता

यूरोप में रहने वाले फिलिस्तीन के आतंकी संगठन हमास के एक कार्यकर्ता रामी अब्दु ने अनजाने में खुलासा कर दिया है कि इजरायली बंधकों को रखने वाला एक व्यक्ति अमेरिका स्थित कर-मुक्त संगठन के लिए काम कर चुका है। इतना ही नहीं, 26 साल की इजरायली महिला बंधक नोआ अरगामनी को अल जजीरा के पत्रकार के घर बंधक बनाकर रखा गया था।

यूरो-मेड मानवाधिकार निगरानी संस्था के प्रमुख रामी अब्दु ने अपने व्यक्तिगत एक्स अकाउंट पर दो पोस्ट किए। उनमें से एक में रामी ने 36 वर्षीय ‘पत्रकार’ अब्दुल्ला अलजमाल और उसकी बीवी फातिमा का नाम उन लोगों में लिया, जिन्हें इजरायल की सुरक्षा एजेंसी आईडीएफ के जवानों ने नुसेरात में कार्रवाई के दौरान मार डाला था। यहीं इजरायली बंधकों को रखा गया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल की एक बंधक नोआ अरगामनी को कतर की मीडिया हाउस अल जजीरा के पत्रकार अब्दुल्ला अलजमाल के घर में रखा गया था। गाजा स्थित अब्दुल्ला अलजामल अल जजीरा और फिलिस्तीन क्रॉनिकल के लिए जर्नलिस्ट के तौर पर काम करता था। बता दें कि अल जजीरा पर इस्लामी आतंकी संगठनों के प्रति नरम रूख अपने और उन्हें मदद पहुँचाने के आरोप लगते रहे हैं।

आगे के शोध से पता चला है कि अलजमाल ने फिलिस्तीन क्रॉनिकल के लिए काम किया था। इसे अल-जजीरा के पूर्व अधिकारी रमजी बरौद के नेतृत्व में चलाया जा रहा था और यह आतंकी संगठन हमास का समर्थक था। यह पीपल मीडिया प्रोजेक्ट के तत्वावधान में काम करता था, जो कि 2012 से ओलंपिया, वाशिंगटन राज्य में पंजीकृत एक 501 (सी) 3 संगठन है।

अलजमाल कतर के मुखपत्र और हमास आतंकियों के समर्थक अलजजीरा के लिए भी लिखता था। इसके साथ ही वह हमास के श्रम मंत्रालय के प्रवक्ता के रूप में भी काम कर रहा था। रविवार (9 जून 2024) की सुबह अल जजीरा ने इस बात से इनकार किया कि अलजमाल को संगठन द्वारा नियोजित किया गया था। इसने कहा कि अफवाहें असत्य और निराधार हैं।

यह पहली बार नहीं है जब गाजा के नागरिक आतंकवादी संगठनों की ओर से अपने घरों में बंधकों को रख रहे थे। हमास के हमले के बाद IDF द्वारा रिहा कराकर लाए बंधकों ने भी कहा था कि गाजा पट्टी के आसपास नागरिक घरों में उन्हें बंदी बनाकर रखा गया था।

‘Boob Job करवाने को कहा’: अभिनेत्री ने बताया जब करियर में टॉप पर थी तब क्या हुआ, इंस्टाग्राम पर डाला वीडियो

बॉलीवुड के साथ ही दक्षिण भारतीय फिल्मों में अपनी अदाकारी के जलवे दिखा चुकी एक्ट्रेस समीरा रेड्डी ने खुलासा किया है कि जब वो बॉलीवुड में अपने करियर के पीक पर थी, तो बॉलीवुड के कुछ लोगों ने उन पर ‘बूब जॉब’ कराने का दबाव डाला था। यही नहीं, उनसे यहाँ तक कहा गया कि सभी लोग ‘एक्ट्रेस’ ऐसा करा रही हैं, तो उन्हें भी कराना चाहिए। हालाँकि समीरा रेड्डी किसी दबाव में नहीं आई और आज भी वो खुद को ओरिजनल ही दिखाती हैं।

हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में समीरा रेड्डी ने इस बात का खुलासा किया। उन्होंने कहा, ‘मेरे करियर के टॉप पर रहने को दौरान काम करते हुए मुझ पर कितना दबाव डाला गया था। इतने सारे लोग कहते रहे, ‘समीरा, सब लोग कर रहे हैं, आप क्यों नहीं’। लेकिन मैं अपने अंदर ऐसा कुछ नहीं चाहती थी। ऐसा लगता है कि आप कुछ छिपा रहे हैं, लेकिन यह कोई दोष नहीं है, जिंदगी ऐसी ही है। मैं किसी ऐसे को जज नहीं करूँगी जो प्लास्टिक सर्जरी और बोटोक्स लेना चाहता है, लेकिन मुझे ये नहीं करना है।’

समीरा रेड्डी ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर डाली जिसमें वह एक तरफ 45 साल की उम्र में हैं और दूसरी तरफ 28 साल की। लोग उनकी फोटो पर खूब रिएक्ट कर रहे हैं। उन्होंने इसके साथ लिखा है, ‘लोगों ने कहा कि अब मैं अपनी स्किन के साथ अधिक खुश दिखती हूँ। मैं 28 साल की उम्र में पतली दिखती थी, लेकिन 45 साल की उम्र में लगभग वैसी ही हूँ। जब मैं 40 साल की थी, तब मेरी उम्र 38 साल बताई गई थी। लेकिन मैंने तुरंत इसे बदलवा लिया क्योंकि मुझे 40 साल की होने पर गर्व था। इंटरव्यू में इतना फेंक फेंक के, गूगल ने गलत उम्र चुन ली। हालाँकि मैंने उसे तुरंत ठीक करा दिया।’

बढ़ती उम्र को स्वीकार करने के लिए समीरा रेड्डी की इंस्टाग्राम पर सराहना की जा रही है। लेकिन जब उन्होंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करना शुरु किया था, तो लोगों ने कहा था कि वो फिल्टर इस्तेमाल करें, लेकिन मैंने खुद को ओरिजनल ही दिखाना पसंद किया। बता दें कि समीरा रेड्डी बॉलीवुड की कई अहम फिल्मों में अच्छे किरदार निभा चुकी हैं और उन्होंने कभी अश्लीलता को बढ़ावा देने वाले किरदार नहीं चुने।

‘माफ़ी माँगता हूँ’: तमिलनाडु के जिस पूर्व अधिकारी को बताया जा रहा था नवीन पटनायक का उत्तराधिकारी, उसने राजनीति से लिया संन्यास

ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के करीबी सहयोगी एवं पूर्व IAS अधिकारी वीके पांडियन ने रविवार (9 जून 2024) को सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लिया। ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) को लोकसभा और विधानसभा चुनावों में मिली शर्मनाक हार का जिम्मेदार पांडियन को ठहराया जा रहा था। हार के बाद से वे लापता हो गए थे और सार्वजनिक तौर पर नहीं दिख रहे थे।

कुछ दिन हुए विधानसभा और लोकसभा चुनाव में बीजद को करारी हार का सामना करना पड़ा और 24 सालों से राज्य के मुख्यमंत्री पद पर काबिज नवीन पटनायक को पद छोड़ना पड़ा है। ओडिशा विधानसभा में 147 सीटें हैं, जिनमें बीजद को सिर्फ 51 सीटों पर जीत मिली। वहीं, लोकसभा में एक भी सीट नहीं मिली।

एक वीडियो संदेश में पांडियन ने कहा, “राजनीति में शामिल होने का मेरा इरादा केवल नवीन बाबू की सहायता करना था और अब जानबूझकर मैंने सक्रिय राजनीति से खुद को अलग करने का फैसला किया है।” हार के लिए उन्होंने बीजद नेताओं और कार्यकर्ताओं हाथ जोड़कर माफ़ी माँगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई संपत्ति अर्जित नहीं की है और सिविल सेवा की शुरुआत से लेकर आज तक उनकी संपत्ति एक समान है।

पांडियन का मूल रूप से तमिल होना विधानसभा चुनावों में एक बड़ा मुद्दा बना था और इसे भाजपा ने खूब हवा दी थी। पीएम मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि भाजपा का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो ओडिशा में पैदा हुआ हो और ओडिया बोलता हो। भाजपा ने यह भी आरोप लगाया था कि अगर बीजद फिर से जीतती है तो पांडियन ओडिशा के मुख्यमंत्री बनेंगे और इसका कारण नवीन पटनायक का स्वास्थ्य है।

इससे पहले शनिवार (8 जून 2024) को बीजद सुप्रीमो और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार के बाद पांडियन का बचाव किया और अपने सहयोगी की आलोचना को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया। पटनायक ने कहा कि पांडियन ने बिना किसी पद पर रहते हुए भी शानदार काम।

पूर्व सीएम पटनायक ने राज्य में चक्रवात और कोविड-19 महामारी जैसे संकटों के दौरान पांडियन द्वारा निभाई गई भूमिका के बारे में बात की। नवीन पटनायक ने कहा, “पांडियन की कुछ आलोचना हुई है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। वह पार्टी में शामिल हुए और उन्होंने कोई पद नहीं संभाला। उन्होंने किसी भी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव नहीं लड़ा।”

उनके उत्तराधिकारी के रूप में वीके पांडियन के चल रहे नामों को लेकर नवीन पटनायक ने कहा, “जब भी मुझसे मेरे उत्तराधिकारी के बारे में पूछा जाता है तो मैं हमेशा स्पष्ट रूप से कहता हूँ कि यह पांडियन नहीं हैं। मैं दोहराता हूँ कि ओडिशा के लोग मेरे उत्तराधिकारी का फैसला करेंगे।”

चुनाव का परिणाम आने के बाद TOI ने एक सूत्र के हवाले से कहा था कि उम्मीदवार चयन में भारी चूक, निर्णय लेने की प्रक्रिया में पार्टी के दिग्गजों को शामिल नहीं करना और वीके पांडियन पर अत्यधिक निर्भरता ही पार्टी की हार की मुख्य वजह बनी। वहीं, बीजेडी के पूर्व विधायक सौम्य रंजन पटनायक ने कहा था कि हार ठीकरा पांडियन पर फोड़ने से नवीन पटनायक को बचना चाहिए और उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

‘हिंदुस्तान’ की खबर के अनुसार, ओडिशा में बीजेडी की करारी हार के लिए वीके पांडियन की भूमिका के सवाल पर पूर्व विधायक सौम्य रंजन पटनायक ने कहा था, “वीके पांडियन कौन हैं और हेलीकॉप्टर से वे राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरान कैसे कर रहे थे? उन्हें पूरी शक्ति किसने दी? वह मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ही थे, जिन्होंने उन्हेें ऐसा करने की अनुमति दी थी।”

‘वीडियो दिखाओ तब मानूँगी’: जिसने कंगना रनौत को मारा थप्पड़ उसकी माँ ने माँगे सबूत, किसान नेताओं ने पूरे मामले को ही बता दिया झूठा

चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर भाजपा की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत को थप्पड़ मारने वाली CISF सुरक्षाकर्मी कुलविंदर कौर के समर्थन में पंजाब के मोहाली में एक मार्च निकाला गया। इस मार्च में कई किसान नेता भी शामिल हुए हैं। मार्च को किसान संगठनों ने आयोजित किया था। इसमें कुलविंदर का भाई शेर सिंह भी शामिल हुआ।

अनुशासनहीनता करने वाली कुलविंदर कौर के समर्थन में यह मार्च रबिवर (9 जून, 2024) को मोहाली में निकाला गया। इस मार्च में बड़ी तादाद में लोग शामिल हुए, इसे SSP दफ्तर मोहाली तक निकाला गया। इसमें संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा जैसे संगठन शामिल थे। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कुलविंदर के खिलाफ दर्ज मामले को ही झूठा बताने की कोशिश की है।

इन संगठनों ने अनुशासनहीन अफसर कुलविंदर कौर के साथ न्याय किए जाने और मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग की। मोहाली के अलावा भी पंजाब में कुछ जगह ऐसे ही मार्च और प्रदर्शन हुए। पंजाब के जालंधर के गोराया में ही एक और किसान संगठन ने प्रदर्शन करने कुलविंदर कौर के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की माँग की।

माँ ने बताया- वीडियो दिखाओ, तब मानूँगी

कुलविंदर कौर की माँ ने अपनी बेटी के अपराध का पूरी तरह से समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि जो भी उनकी बेटी ने एयरपोर्ट पर किया, वह एकदम ठीक है। कुलविंदर कौर की माँ वीर कौर ने इसी के साथ इस घटना पर विश्वास करने से भी इनकार दिया है।

वीर कौर ने कहा है कि उनको इस बात पर विश्वास नहीं है कि उनकी बेटी को किसी को थप्पड़ मारेगी। उनकी माँग है कि उन्हें इस बाबत में वीडियो दिखाया जाए तो वह मानेंगी कि यह घटना हुई। वीर कौर के ने कहा कि कुलविंदर का परिवार और जत्थेबंदी (सिख संगठन) कुलविंदर के साथ खड़े हैं।

वीर कौर का कहना है कि उनकी बेटी से कुछ ना कुछ कहा जरूर गया होगा, इसीलिए यह घटना हुई है। वीर कौर ने कहा,”ऐसी ही मुश्किल परिस्थितियों के लिए मैंने अपनी बेटी को जन्म दिया। और उनके लिए, क्या माँ की एक पैसे की भी कीमत है? हम वहाँ किसानों के विरोध प्रदर्शन में अपनी ज़मीन, अपने बच्चों, अपने बच्चों के भविष्य के लिए अपना हक लेने गए थे।”

इससे पहले कुलिवंदर की माँ और बाकि परिजनों को कई सिख संगठनों ने सम्मानित किया था और समर्थन दिया था। गौरतलब है कि CISF सुरक्षाकर्मी कुलविंदर कौर ने गुरुवार (6 जून, 2024) को चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर दिल्ली जा रहीं सांसद कंगना रनौत को सुरक्षा जाँच के दौरान थप्पड़ मार दिया था। उसने इसके बाद एयरपोर्ट पर हंगामा भी मचाया था, इसकी कुछ वीडियो भी सामने आईं थी। इसमें वह कहते सुनी जा सकती है, ‘इसने ₹100-₹100 में महिलाओं बैठने को कहा था, ये बैठेगी वहाँ पर, मेरी माँ बैठी थी।”

कुलविंदर कौर का कहना था कि उसने कंगना रनौत को इसलिए थप्पड़ मारा क्योंकि उन्होंने किसान आंदोलन में बैठी महिलाओं को लेकर बयान दिया था। उसने बताया था कि इस किसान आंदोलन में उसकी माँ भी शामिल थी और उसे कंगना का बयान अखर रहा था।

कंगना रनौत ने इस मुद्दे के बाद एक वीडियो जारी किया था। उन्होंने बताया, “मैं बताना चाहती हूँ कि मैं पूरी तरीके से ठीक हूँ, सुरक्षित हूँ। आज जो चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर जो हादसा सुरक्षा जाँच के दौरान हुआ। मैं सुरक्षा जाँच के बाद जैसे ही निकली, इसके बाद दूसरे केबिन में बैठी एक सुरक्षाकर्मी ने आकर मेरे मुँह पर मारा। वह गालियाँ देने लगी, उन्होंने पूछने पर बताया कि वह किसान आंदोलन का समर्थन करती हैं। मैं सुरक्षित हूँ लेकिन मैं पंजाब में उग्रवाद और आतंकवाद के बढ़ने को लेकर चिंतित हूँ।”

‘दोबारा भाजपा-भाजपा किया तो जमीन में गाड़ देंगे’: माँ-बहन की गाली देते हुए मुस्लिम भीड़ ने दलित परिवार पर तलवार से बोला हमला, कहा – मोदी-योगी नहीं आएँगे बचाने

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद जौनपुर जिले में बवाल हो गया है। यहाँ मुस्लिम और दलित पक्ष में हुए विवाद के बाद लगभग 1 दर्जन लोग घायल हो गए हैं। घायलों में लगभग 6 लोगों की हालत गंभीर है जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। तनाव के चलते गाँव में फ़ोर्स तैनात कर दी गई है। पुलिस ने दोनों पक्षों पर FIR दर्ज की है। अब तक कुल 6 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। घटना शुक्रवार (7 जून, 2024) की है।

यह घटना जौनपुर जिले के थाना क्षेत्र शाहगंज की है। यहाँ शनिवार (8 जून, 2024) को यहाँ के गाँव भादी के विपिन कन्नौजिया ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। विपिन के मुताबिक, 7 जून की रात लगभग 9:15 पर वो खाना खा कर बाहर टहल रहे थे। तभी भावी छिडवा गाँव के शाहबाज और करीम वहाँ पहुँच गए। इन दोनों ने विपिन को देखते हुए कहा, “भो$डी वाले भाजपा-भाजपा बोलते हैं। मोदी-योगी क्या उखाड़ लेंगे ? भाजपा की माँ का भो$डा।” इतना बोल कर शाहबाज़ और करीम ने विपिन पर हमला कर दिया।

हमले में लोहे की रॉड और लाठियों का प्रयोग किया गया। सिर पर चोट लगने की वजह से विपिन पर बेहोशी छाने लगी। अपने परिजन को पिटता देख कर अमन ने शोर मचाया। तभी घात लगा कर बैठे मोबीन, जमील, सगीर, फारुख और अफसर वहाँ पहुँच गए। इन सभी ने पीड़ित परिवार के उन सदस्यों पर भी हमला कर दिया जो सो रहे थे। हमले के दौरान पीड़ितों को जातिसूचक शब्द बोले गए और गंदी-गंदी गालियाँ दी गईं। इस दौरान विनोद, संतोष, पवन, सूरज, भोला और मंजू देवी को गंभीर चोटें आईं।

इसी दौरान शाहबाज, मोबीन और करीम के हाथों में तलवारें दिखने लगीं। इन्होंने कहा, “$ले धोबी, माद$चो#, तुम लोगों में इतनी हिम्मत हो गई? अब भाजपा-भाजपा करोगे तो जान से मार कर गाड़ देंगे। मोदी और योगी बचाने नहीं आएँगे।” पीड़ित ने पुलिस से कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने इस मामले में IPC की धारा 147, 148, 323, 307, 504, 505 (2), 506 और 153- बी के अलावा SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज कर ली है। शाहबाज, करीम, मोबीन, जमील, सगीर, शकील, फारुख और अफसर को नामजद किया गया है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

मुस्लिम पक्ष ने भी दर्ज करवाई FIR

इस मामले में पुलिस ने क्रॉस FIR दर्ज की है। दलित पक्ष द्वारा दर्ज करवाई गई FIR के लगभग 4 घंटे बाद शाहबाज खान ने भी थाने में तहरीर दी है। तहरीर में बताया गया है कि आपसी कहासुनी के बाद विपिन ने शाहबाज़ को सिर में डंडा मारा। शाहबाज़ को बचाने के लिए करीम, सगीर, मोबीन, अफसर और शबाना आईं तो उन पर विपिन के पक्ष वालों ने हमला कर दिया। हमले का आरोप विपिन, संतोष, राजेश, विनोद, अमन, अरविन्द और बाबूराम पर लगा कर नामजद किया गया है। इन सभी पर IPC की धारा 147, 323, 308, 504 और 506 के तहत कार्रवाई की गई है।

चित्र: जौनपुर पुलिस ‘X’ हैंडल

इन सभी पर जान से मार डालने की धमकी और गंदी-गंदी गालियाँ देने का भी आरोप लगा है। जौनपुर पुलिस ने अब तक 6 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों के नाम शहबाज, मोबीन, जमील, शकील, फारूख और अफसर हैं। मामले की जाँच और अन्य जरूरी कार्रवाई की जा रही है। गाँव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। हालात नियंत्रण में बताए गए हैं।