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भारत की ‘साइक्लोन’ पूजा तोमर, जिसने UFC जीतकर रच दिया इतिहास: लड़कों की हरकतों ने बनाया फाइटर, पिता की हो चुकी है मौत

उत्तर प्रदेश की पूजा तोमर ने अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप (UFC) में फाइट जीतने वाली पहली भारतीय बनकर इतिहास रच दिया है। पूजा ने UFC लुइसविले 2024 में ब्राज़ील की रेयान डॉस सैंटोस को हराकर यह खिताब जीता लहै। पूजा तोमर ने पिछले साल UFC कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला बनकर नई कीर्तिमान स्थापित किया था।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की रहने वाली पूजा तोमर ने महिलाओं के स्ट्रॉवेट डिवीजन में अपनी पहली फाइट में 30-27, 27-30 और 29-28 के स्कोर के साथ विभाजित निर्णय से जीत हासिल की। यह मुकाबला काँटे का था, जिसमें दोनों फाइटर्स ने अपनी-अपनी ताकत दिखाई। पूजा ने पहले राउंड में शक्तिशाली बॉडी किक्स के साथ दबदबा बनाया और आखिरकार जीत में तब्दील हो गई।

‘साइक्लोन’ के नाम से मशहूर 28 वर्षीया पूजा तोमर को भारतीय सर्किट की सबसे बेहतरीन महिला फाइटर्स में से एक माना जाता है। पूजा ने इस पल को भारतीय फाइटर्स और MMA प्रशंसकों को समर्पित किया। पूजा की जीत से पहले हर कोई सोचता था कि भारतीय फाइटर्स को UFC जैसे मंच पर होने का अधिकार नहीं है। पूजा ने कहा कि वह दुनिया को दिखाना चाहती थीं।

भारत बेहतरीन मिक्स्ड मार्शल आर्ट (MMA) फाइटर पूजा ने कहा, “मैं दुनिया को दिखाना चाहती हूँ कि भारतीय फाइटर्स हारे हुए नहीं हैं। हम पूरी तरह से आगे बढ़ रहे हैं! हम रुकने वाले नहीं हैं! हम जल्द ही UFC चैंपियन बनेंगे! यह जीत मेरी नहीं है, यह सभी भारतीय प्रशंसकों और सभी भारतीय फाइटर्स की जीत है। मैं भारतीय ध्वज के साथ भारतीय गीत पर बाहर निकली और मुझे बहुत गर्व महसूस हुआ।”

पूजा ने आगे कहा, “मेरे रोंगटे खड़े हो गए। अंदर (ऑक्टागन) कोई दबाव नहीं था, मैंने बस यही सोचा कि मुझे जीतना है। मैंने दो या तीन मुक्के खाए, लेकिन मैं ठीक हूँ। मैं खुद को बेहतर बनाने जा रही हूँ और मैं पूरी तरह से आगे बढ़ रही हूँ।” पूजा भारत कंडारे और अंशुल जुबली के पदचिन्हों पर चलती हैं, जिन्होंने यूएफसी में मुकाबला किया था, लेकिन वे अपना पहला मैच जीत नहीं पाए थे।

कौन हैं पूजा तोमर?

पूजा तोमर का जन्म उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के बुढाना गाँव में हुआ है। वह 28 साल की हैं। घर में उनकी दो बहन और माँ हैं। जब वह सिर्फ छह साल की थीं तो उनके पिता का देहांत हो गया। इसके बाद परिवार की जिम्मेदारियों ने उन्हें कठोर बना दिया। पूजा मानती हैं कि कई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के कारण उन्होंने मैट्रिक्स फाइट नाइट (MFN) को चुना, न कि खेल के प्रति जिज्ञासा, रुचि या प्यार के कारण।

उनका मानना था कि MFN में टॉप फाइटर में से एक बनने के लिए उनकी मानसिक दृढ़ता काम आई। उन्होंने इसके लिए न केवल खेल की प्रकृति को जिम्मेदार ठहराया, बल्कि जीवन में होने वाले झगड़ों को भी जिम्मेदार ठहराया। मीडिया से बात करते हुए पिछले साल पूजा ने कहा था, “हम तीन बहनें हैं। मेरी एक बहन के पैर में समस्या थी और जब कोई उसे इसके लिए परेशान करता था या चिढ़ाता था, तो मुझे बहुत गुस्सा आता था।”

उन्होंने कहा, “मैंने इसके लिए लड़कों को पीटना शुरू कर दिया था। बड़े होकर मैं जैकी चेन अभिनीत फिल्में देखती थी और मुझे लगता था कि मैं उनके स्टंट से कुछ चीजें सीख सकता हूँ और उन्हें इन लड़कों के खिलाफ इस्तेमाल कर सकती हूँ। धीरे-धीरे मैं मार्शल आर्ट की ओर बढ़ गई।” उन्होंने बताया कि आगे बढ़ने के लिए उनकी माँ हमेशा प्रेरित करती रहती थीं।

पिछले साल पूजा तोमर UFC के साथ अनुबंध हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला फाइटर बनीं। पूर्व राष्ट्रीय वुशु चैंपियन पूजा तोमर ने मैट्रिक्स फाइट नाइट और वन चैंपियनशिप सहित अन्य चैंपियनशिप में भी शामिल हो चुकी हैं। लगातार चार हार के बाद उन्होंने वन चैम्पियनशिप छोड़ दी और 2021 में मैट्रिक्स फाइट नाइट में शामिल हो गई थीं।

उन्होंने एमएफएन में चार मुकाबले जीते थे। आखिरी बार जुलाई 2023 में स्ट्रावेट चैंपियन पूजा तोमर ने MFN में रूस की अनास्तासिया फेफेनोवा को हराते हुए अपना टाइटल डिफेंड किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह इंडोनेशिया के बाली में सोमा फाइट क्लब में ट्रेनिंग करती हैं, जहाँ अंशुल जुबली ने यूएफसी फाइट्स के लिए ट्रेनिंग ली थी।

JDU और TDP से 2-2 मंत्री, दक्षिण से अन्नामलाई और सुरेश गोपी: ‘मोदी 3.0’ में हर वर्ग-क्षेत्र का संतुलन, चाय पर बुला कर PM ने दिया ‘मंत्र’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने चल रहे हैं। इससे पहले उन्होंने उन सांसदों के साथ चाय पी, जो मंत्रिमंडल में शामिल हो रहे हैं। इस बैठक में जिन लोगों को बुलाया गया, माना जा रहा है कि उन्हें मंत्रिमंडल में भी शामिल किया जाएगा। सबसे ज्यादा मंत्री बिहार राज्य से होने जा रहे हैं। बीजेपी के साथ ही जेडीयू, हम और एलजेपी (राम विलास) को भी मंत्रालय मिलने जा रहा है। वहीं, बिना चुनाव लड़े भी रामदास आठवले एक बार फिर से मंत्रिमंडल में शामिल हो रहे हैं, जबकि चुनाव हारने वाले कई नेताओं को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा रहा है। पिछली सरकार के कई अहम चेहरे इस बार मंत्रिमंडल में नहीं दिखने वाले हैं, उनमें स्मृति ईरानी, अनुराग ठाकुर जैसे बड़े नाम भी हैं। अनुराग ठाकुर को संगठन के साथ ही हिमाचल प्रदेश पर फोकस करने के लिए कहा जाने वाला है।

मोदी 3.0 मंत्रिमंडल में शामिल हो रहे बीजेपी के ये चेहरे

पीएम मोदी ने जिन सांसदों को मंत्री बनने के लिए आवास पर चाय बैठक में बुलाया, उनमें पिछली मोदी सरकार के मंत्रियों की संख्या अच्छी खासी है। इस बैठक में शामिल हुए सांसदों में बीजेपी के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान, अर्जुन राम मेघवाल, सर्वानंद सोलोवाल, प्रह्लाद जोशी, अमित शाह, के. अन्नामलाई, ज्योतिरादित्य सिंधिया, मनोहर लाल खट्टर, मनसुख मंडाविया, अश्विनी वैष्णव, पीयूष गोयल, किरेन रिजिजू, रक्षा खडसे, कमलजीत सेहरावत, राव इंद्रजीत सिंह, एस जयशंकर, गिरिराज सिंह, बंदी संजय, सुरेश गोपी, जी किशन रेड्डी, शोभा करांदलाजे, हर्ष मल्होत्रा के नाम हैं।

सहयोगी दलों से मंत्री बनेंगे ये सांसद

एनडीए की अहम सहयोगी पार्टियों से एलजेपी के चिराग पासवान, जेडीएस से एचडी कुमारास्वामी, टीडीपी के चंद्रशेखर पेमासनी और राम मोहन नायडू, जेडीयू के रामनाथ ठाकुर, ललन सिंह, शिवसेना के प्रताप राव जाधव, आजसू के चंद्रशेखर चौधरी, आरएलडी के जयंत चौधरी, आरपीआई के रामदाव आठवले और हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा के जीतनराम मांझी मंत्रिमंडल में शामिल हो रहे हैं। हालाँकि किसे क्या मंत्रालय मिलेगा, इसका खुलासा आने वाले समय में ही हो पाएगा।

कुछ मंत्रालय पहले से तय

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो कुछ मंत्रालय पहले से ही तय हैं। उसमें नितिन गडकरी का मंत्रालय, एस जयशंकर का विदेश मंत्रालय, किरेन रिजिजू का विज्ञान मंत्रालय प्रमुख है। वहीं, शिवराज सिंह चौहान और राजनाथ सिंह को बड़े मंत्रालय मिल सकते हैं। माना जा रहा है कि अमित शाह के पास पहले की तरह ही गृह मंत्रालय रहने वाला है। इसके अलावा बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा रहा है।

देश के हर कोने से चेहरों को किया गया शामिल

मोदी 3.0 का मंत्रिमंडल पूरी तरह से समावेशी दिख रहा है। उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम से लेकर ओडिशा, आँध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल और तमिलनाडु को भी मंत्री मिलने वाले हैं। इसके अतिरिक्त मध्य प्रदेश, राजस्थान जैसे राज्यों का भी मंत्रिमंडल में हिस्सा रहने वाला है। इस बार दक्षिण के तकरीबन सभी बड़े राज्यों से सांसदों को मंत्री पद दिया जा रहा है। के अन्नामलाई ने जिस तरह से तमिलनाडु में बीजेपी को आगे ले जाने का प्रयास किया, उन्हें भी उसका संभावित ईनाम मिलता दिख रहा है, तो केरल में पहली बार कमल खिलाने वाले सुरेश गोपी को भी मोदी सरकार में मंत्री पद दिया जा रहा है।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार (9 जून 2024) को तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ले रहे हैं। इसकी सारी तैयारियाँ हो चुकी हैं। कई राष्ट्रों के राष्ट्राध्यक्ष भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो रहे हैं।

PM मोदी के शपथग्रहण से पहले जम्मू कश्मीर के ज्वैलर ने तैयार किया चाँदी से बना कमल, रेत के कलाकार ने भी उकेरा ‘विकसित भारत’: सब कह रहे – आया बदलाव, हुआ विकास

रविवार (9 जून, 2024) को भाजपा संसदीय दल के नेता नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री पद की तीसरी बार शपथ लेने से पहले देश भर में भाजपा समर्थकों में उत्सव का माहौल है। जम्मू में एक भाजपा समर्थक ने इसके लिए भारी भरकम चाँदी का कमल तैयार किया है।

जम्मू के ज्वैलर रिंकू चौहान ने शपथग्रहण कार्यक्रम से पहले भाजपा का चुनाव चिन्ह कमल चाँदी से तैयार किया है। यह कमल का निशान 3 किलोग्राम चाँदी से बनाया गया है। वह भाजपा की जम्मू कश्मीर और देश को लेकर नीतियों से काफी प्रसन्न हैं, इसलिए उन्होंने यह कमल बनाया है।

रिंकू चौहान का कहना है कि मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाया है और राज्य में शान्ति लाए हैं। इसके अलावा देश में भी उन्होंने काफी विकास कार्य करवाए हैं, इसलिए उन्होंने यह 3 किलो का चाँदी का कमल बनाया है। वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलकर इसे भेंट करना चाहते हैं।

उनके अलावा रेट पर कलाकारी दिखाने वाले सुदर्शन पटनायक ने भी पुरी के तट पर मोदी सरकार 3.0 को लेकर एक रेत कलाकारी उकेरी। इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री निर्वाचित नरेन्द्र मोदी का अभिनन्दन किया है और इसे विकसित भारत का कार्यकाल बताया है।

गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर की जम्मू क्षेत्र की दोनों सीटें – उधमपुर और जम्मू में भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2024 में जीत हासिल की है। उधमपुर से डॉ जीतेंद्र सिंह तो वहीं जम्मू से जुगल किशोर सांसद बने हैं। भाजपा ने कश्मीर क्षेत्र में अपने उम्मीदवार नहीं उतारे थे।

2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा को 240 जबकि NDA गठबंधन को 290 से अधिक सीटें हासिल हुई हैं। NDA सरकार का शपथग्रहण रविवार (9 जून, 2024) को राष्ट्रपति भवन में होगा। यहाँ राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएँगी। उनके अलावा कई मंत्री भी यहाँ शपथ लेंगे। शपथ लेने वाली मंत्रियों में भाजपा के अलावा सहयोगी पार्टियों के भी कुछ सांसद होंगे। उन्हें भी नई सरकार में अहम जिम्मेदारी दी जाएगी।

3 दिन पहले घर से निकली थीं 4 बच्चों की अम्मी फरीदा, बरामद हुईं अजगर के पेट से: साँप को चीर कर निकालनी पड़ी लाश

इस्लामी मुल्क इंडोनेशिया से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहाँ 3 दिन पहले लापता हुई एक महिला अजगर के पेट से मृत अवस्था में बरामद हुई है। मृतका का नाम फरीदा है। अजमेर को मार कर फरीदा की लाश पेट फाड़ कर बाहर निकाली गई है। 3 दिनों में अजगर मृतका को पचा नहीं पाया था। शनिवार (8 जून, 2024) को इंडोनिशिया के प्रशासन ने इस घटना की पुष्टि की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला मध्य इंडोनेशिया के दक्षिण सुलावेसी इलाके का है। यहाँ के कलेमपाँग गाँव की रहने वाली 45 वर्षीया फरीदा गुरुवार (6 जून, 2024) को अचानक लापता हो गईं थीं। वह 4 बच्चों की माँ थीं। घर वालों ने खोजने की बहुत कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। फरीदा की तलाश में गाँव के लोग भी मुखिया के साथ जुट गए। इसी खोजबीन के दौरान उन्हें जंगली क्षेत्र में एक अजगर दिखाई दिया जिसकी लम्बाई लगभग 16 फ़ीट थी।

अजगर का बीच से पेट फूला हुआ तो जिस से लोगों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। फ़ौरन ही ग्रामीणों ने अजगर को मार कर उसका पेट चीर दिया। अंदर से फरीदा का शव बरामद हुआ। यह शव तब तक अजगर पचा नहीं पाया था। शव पर कपड़े भी ज्यों के त्यों मौजूद थे। फरीदा का अंतिम संस्कार करवा दिया गया है। इस घटना का वीडियो और फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में अजगर को जिन्दा हालत में रेंगते जबकि दूसरे में अजगर के पेट से बाहर निकला फरीदा का शव देखा जा सकता है।

भारत से मैच में बुरी तरह हारेगी पाक क्रिकेट टीम, नहीं झेल पाएगी दबाव: बोला पाकिस्तानी दिग्गज – ‘सबसे पहले बाबर आजम को टीम से निकालो’

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने कहा है कि टी-20 विश्वकप के मैच में पाकिस्तानी टीम भारतीय क्रिकेट टीम से बुरी तरह हार जाएगी। पाकिस्तान के पूर्व इंटरनेशनल खिलाड़ी बासित अली ने ARY न्यूज के कार्यक्रम में ये बात कही, उस समय उनके साथ पूर्व पाकिस्तानी विकेटकीपर कामरान अकमल भी मौजूद थे। बासित अली ने कहा कि पाकिस्तानी टीम रविवार (09 जून 2024) को भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाफ बुरी तरह से हार जाएगी।

बासित अली ने कहा कि भारत-पाकिस्तान का मुकाबला दुनिया के किसी भी हिस्से में हो, उस पर सबकी नजर रहती है। अब जब अमेरिका में मैच हो रहा, तो मैच के दौरान स्टेडियम वाले इलाके को नो-फ्लाई जोन घोषित कर दिया गया है। कोई जहाज भी नहीं गुजर सकता। वहीं, पाकिस्तानी टीम के बारे में बोलने हुए उन्होंने साफ तौर पर कहा कि पाकिस्तानी टीम ये मैच हार रही है, क्योंकि वो बेहद दबाव में है। हरेक खिलाड़ी ‘भारत से जीतना है’ के चक्कर में प्रेशर में रहेगा, और ये एक सच्चाई है।

इससे पहले, बासित अली ने अमेरिकी क्रिकेट टीम से हार के बाद कप्तान बाबर आजम पर गंभीर आरोप लगाए थे। बासित अली ने बाबर आजम पर अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को मौका देने और पक्षपात के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि विश्वकप से ठीक पहले शाहीन अफरीदी को हटाना गलत निर्णय रहा। उन्होंने माँग की कि बाबर आजम को पहले टीम से हटाओ, फिर टीम को बदलो। बता दें कि अमेरिकी टीम ने पाकिस्तानी टीम को सुपर ओवर तक खिंचे मैच में 5 रनों से हरा कर क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा उलटफेर कर दिया था। उस मैच में बाबर आजम ने 40 से ज्यादा रनों की पारी खेली थी, लेकिन उनकी धीमी पारी की वजह से पाकिस्तान को हार का मुँह देखना पड़ा था।

बता दें कि बासित अली ने पाकिस्तान के लिए 19 टेस्ट और 50 वनडे मैच खेले हैं। दोनों ही संस्करणों में उनके नाम 1-1 शतक दर्ज हैं। अपने समय में बासित अली ऑफ साइड के बहुत अच्छे खिलाड़ी माने जाते थे। मगर महज 26 साल की उम्र में जब वो टीम से बाहर हुए, तो कभी वापसी नहीं कर पाए। बासित अली अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। कुछ समय पहले उन्होंने भारत को लेकर भी कोई टिप्पणी की थी, जिसके बाद फैन्स ने उन्हें निशाने पर ले लिया था।

दिग्विजय सिंह की हार के बाद पूर्व सरपंच को होना पड़ा टकला: भारी पड़ा कॉन्ग्रेस नेता की जीत को लेकर शर्त लगाना, पूरे गाँव के सामने मुँडवाने पड़े बाल

लोकसभा चुनाव 2024 में मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस की दुर्गति हुई है। भाजपा ने यहाँ क्लीन स्वीप किया और 29 में से 29 सीटें अपने नाम की। यहाँ तक कि जो छिंदवाड़ा पिछले 5 दशक से कमलनाथ का गढ़ बना हुआ था, वहाँ भी कॉन्ग्रेस को हार मिली। वहीं राजगढ़ से कॉन्ग्रेस के लोकसभा उम्मीदवार दिग्विजय सिंह भी हार गए। दिग्विजय सिंह 10 वर्षों तक राज्य के CM रहे हैं। रोचक खबर ये है कि दिग्विजय सिंह की हार के कारण एक सरपंच को मुंडन कराना पड़ा।

राजगढ़ से दिग्विजय सिंह को 6.12 लाख वोट मिले, वहीं उनके प्रतिद्वंद्वी भाजपा के रोडमल नागर को 7.58 लाख मत प्राप्त हुए। इस तरह से दिग्विजय सिंह को 1.46 लाख वोटों के अंतर से हार मिली। रोडमल नागर लगातार तीसरी बार सांसद बने हैं, उन्होंने जीत की हैट्रिक लगाई है। दिग्विजय सिंह को लेकर उनके समर्थक एकदम आश्वस्त नज़र आ रहे थे कि उनकी जीत होनी है। बैलास पंचायत के पूर्व सरपंच करण सिंह पँवार ने तो शर्त तक लगा ली थी।

पँवार ने शर्त लगाई थी कि दिग्विजय सिंह सिंह अगर चुनाव है गए तो वो अपने सिर का मुंडन करा लेंगे। वहीं जिससे उन्होंने शर्त लगाई थी, उस ग्रामीण ने कहा था कि अगर रोडमल नागर की हार हो जाती है तो वो हमेशा के लिए गाँव छोड़ कर चला जाएगा। सब पूर्व सरपंच को हार के बाद पूरे गाँव के सामने अपना सिर मुँड़वाना पड़ा। माता मंदिर पर उनके मुंडन करने का वीडियो सोशल मीडिया में भी मजाकिया चर्चा का विषय बन रहा है।

जहाँ एक तरफ उत्तर प्रदेश में भाजपा 62 से सीधे 33 पर आ गई, वहीं मध्य प्रदेश ने उसकी लाज रखते हुए पूरी सीटें भगवा पार्टी की झोली में डाल दी। वहीं मध्य प्रदेश में एकमात्र सीट छिंदवाड़ा 2019 के लोकसभा सीट में कॉन्ग्रेस के खाते में गई थी, अबकी उनका गढ़ भी ढह गया। ग्वालियर से ज्योतिरादित्य सिंधिया और विदिशा से शिवराज सिंह चौहान केंद्रीय मंत्री भी बनने जा रहे हैं। वहीं इंदौर से शंकर लालवानी ने ने 10 लाख से भी अधिक वोटों से जीत दर्ज की।

खालिद, बिलाल, नवाज, रमजान करते थे ‘बच्चाबाजी’, पुलिस ने दबोचा: 2023 में 4200 से अधिक के साथ यौन शोषण, इस्लामी मुल्क का बुरा हाल

पाकिस्तान के लाहौर में पुलिस ने बच्चों का यौन शोषण करने वाले एक गैंग को ध्वस्त किया है। पुलिस ने इस गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह यौन शोषण के लिए पूरे पाकिस्तान में बच्चों की तस्करी भी करते थे। पाकिस्तान में यह समस्या काफी विकराल हो चुकी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लाहौर पुलिस ने शनिवार (8 जून, 2024) को यह गैंग ध्वस्त किया। पुलिस ने इसके चार सदस्यों- खालिद, बिलाल, नवाज और रमजान को गिरफ्तार किया है। इन चारों ने इस गंभीर अपराध में अपना रोल कबूल कर लिया है।

बताया गया है कि यह पूरे पाकिस्तान से बच्चों की तस्करी करके लाते थे और फिर उनसे यौन शोषण करते थे। यह दूसरों से भी यौन शोषण करवाते थे। इसके लिए लोगों से ₹500-₹1000 लिए जाते थे। इनके निशाने पर पाकिस्तान के अलग-अलग इलाकों में घरों से भागे हुए बच्चे होते थे।

पहले यह उन बच्चों से सम्पर्क साध कर उन्हें खाना और रहने की व्यवस्था देते थे और बाद में उन्हें लाहौर के दाता दरबार इलाके में लाया जाता था। यहाँ उनसे जिस्मफरोशी का धंधा करवाया जाता था। इनके पास से 8 बच्चे भी बरामद हुए हैं। पाकिस्तान में बच्चों, विशेषकर लड़कों के साथ यौन शोषण और इसके लिए तस्करी काफी बड़ी समस्या है।

पाकिस्तानी समाचार वेबसाइट द डॉन की एक रिपोर्ट के अनुसार, मात्र 2023 में ही पाकिस्तान में 4200 से अधिक बच्चों के साथ यौन शोषण हुआ। इन बच्चों के साथ यौन शोषण करने वाले अधिकांश दुराचारी रिश्तेदार ही थे। रिपोर्ट में सामने आया था कि पाकिस्तान में रोज कम से कम 11 बच्चों के साथ यौन शोषण होता है।

यह भी सामने आया था कि पाकिस्तान में यौन शोषण का शिकार बनने वाले 6-15 साल की उम्र वाले बच्चों में लड़कियों से अधिक लड़कों की संख्या है। पाकिस्तान में 2023 में 6-15 साल की उम्र वाले 1143 बच्चे यौन शोषण का शिकार हुए जबकि इसी दौरान 874 बच्चियों के साथ यौन शोषण हुआ।

अमेरिकी विदेश विभाग की एक रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2023 में पाकिस्तान 2800 से अधिक बच्चों की तस्करी हुई। पाकिस्तान में बच्चों के यौन शोषण को ‘बच्चाबाजी’ भी कहा जाता है, इसके अंतर्गत बालकों से यौन शोषण होता है।

कंगना रनौत को थप्पड़ मारने वाली CISF सिपाही के समर्थन में 3 ‘किसान’ संगठन: मोहाली में निकाले मार्च, माँ और भाई भी कुलविंदर कौर के साथ

चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर भाजपा सांसद कंगना रनौत को थप्पड़ मर कर सस्पेंड हुई महिला CISF कॉन्स्टेबल कुलविंदर कौर के समर्थन में कथित किसान यूनियनों ने मार्च निकाली है। किसानी के नाम पर बने कई संगठनों ने 9 जून (रविवार) को मोहाली में ‘इंसाफ मार्च’ में हिस्सा लिया। यह प्रदर्शन कुलविंदर कौर पर हुई कार्रवाई के विरोध में प्रस्तावित है। सुबह 10 बजे मोहाली के फेज 8 में अंब साहिब गुरुद्वारा से शुरू होकर यह मार्च सेक्टर 76 स्थित एसएसपी कार्यालय की तरफ बढ़ा। प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस प्रदर्शन में भारतीय किसान नौजवान यूनियन, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर संघर्ष समिति आदि संगठन शामिल हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के अपनी रणनीति बताई। उन्होंने कहा कि महिला सिपाही के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दल्लेवाल के अलावा किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने भी कहा कि वो मामले की उचित जाँच के लिए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव से मिलेंगे।

कुलविंदर कौर की करतूत का भाई-माँ से समर्थन

बताते चलें कि यह घटना गुरुवार (6 जून) की है। तब भाजपा सांसद कंगना रनौत चंडीगढ़ के शहीद भगत सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फ्लाइट पकड़ने गईं थीं। इंट्री के दौरान होने वाली सुरक्षा जाँच में कुलविंदर कौर ने कंगना को थप्पड़ मारा था। बाद में उन्होंने अपने कृत्य को जायज भी ठहराया था। कुलविंदर ने बताया कि वो कंगना के उस बयान से नाराज थीं, जिसमें महिलाओं को पैसे लेकर धरना देने की बात कही गई थी। कुलविंदर कौर ने अपनी माँ को भी उस धरने में शामिल बताया था।

इस घटना के तुरंत बाद कुलविंदर को सस्पेंड कर दिया गया था। उन पर IPC की धारा 323 व 341 के तहत FIR भी दर्ज की गई है। महिला कॉन्स्टेबल के पति भी CISF में तैनात हैं। फ़िलहाल उनकी पोस्टिंग जम्मू में है। अपुष्ट खबरों के मुताबिक कुलविंदर के पति को भी छुट्टी पर भेज दिया गया है।

अब कुलविंदर कौर का भाई शेर सिंह भी अपनी बहन के समर्थन में खुल कर आ गया है। शेर सिंह महिलावल किसानों के एक गुट का नेतृत्व करते हैं। वो किसान मजदूर संघर्ष समिति के संगठनात्मक सचिव के रूप में भी काम कर रहे हैं।

कुलविंदर के समर्थन में मोहाली में प्रदर्शन कर रहे 3 संगठनों में शेर सिंह का भी गुट शामिल है। कुलविंदर की माँ भी अपनी बेटी के समर्थन में आ गई है। उन्होंने अपनी बेटी की करतूत को सही ठहराया है। कुलविंदर की माँ का मानना है कि किसानों के लिए कंगना के बयान से उनकी बेटी भड़क गई होगी।

इस बीच CISF के उत्तरी क्षेत्र एयरपोर्ट के DIG विनय काजला का भी इस मामले में बयान आया है। उन्होंने कहा कि किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कंगना रनौत के बयान से कुलविंदर नाराज थीं।

DIG ने दावा किया कि कुलविंदर ने माफी माँगी है और अपनी हरकत से CISF की छवि पर बट्टा लगने की बात भी स्वीकारी है। ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार DIG काजला ने कुलविंदर को दयालू साबित करने के लिए उनके द्वारा 15 दिनों पहले एक लड़की को चॉकलेट खिलाने जैसे बातों का भी जिक्र किया है।

DIG काजला ने यह स्वीकार किया कि जिस जगह की घटना है, वहाँ कुलविंदर की तैनाती नहीं थी। घटना के समय कुलविंदर कंगना के बगल से गुजर रही थी। उन्हें कंगना के आने की सूचना पंजाब पुलिस के एक स्टाफ से मिली थी। CISF के पास पूरी घटना का CCTV फुटेज है। फ़िलहाल मामले की गहराई से जाँच करवाई जा रही है।

‘यह गैर-इस्लामी और अनैतिक है’: डल झील के शिकारा में बैठकर शराब पीते पर्यटक का वीडियो वायरल, भड़के कश्मीर के राजनीतिक और मजहबी दल

कश्मीर का डल झील पर्यटकों के बीच आकर्षण का एक बड़ा कारण है। ऐसे ही एक पर्यटक का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें डल झील की शिकारा में बैठकर वह शराब पी रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद कश्मीर में इसका विरोध शुरू। हो गया है। इस्लामी नेताओं ने इसे गैर-इस्लामी बताया है। वहाँ के राजनीतिक दलों ने भी इसे मुद्दा बनाने की कोशिश की है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने कहा, “डल झील में शिकारे में शराब पीने वाले पर्यटकों की अश्लील हरकतों की कड़ी निंदा की जाती है। ‘कश्मीर बदल रहा है’ की आड़ में सरकार को याद रखना चाहिए कि इस तरह का व्यवहार यहाँ स्वीकार्य नहीं है। एक आधुनिक समाज सड़कों पर अश्लील तरीके से नाचना या सार्वजनिक रूप से शराब पीना पसंद नहीं करता। ऐसी हरकतें बंद होनी चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, “जम्मू-कश्मीर प्रशासन को सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर प्रतिबंध लगाने वाले कानूनों को सख्ती से लागू करना चाहिए। हमारे मेहमाननवाज़ लोग पर्यटकों का सम्मान करते हैं, लेकिन गैर-इस्लामिक और अनैतिक कार्य स्वीकार्य नहीं होंगे।” वहीं, गुलाम नबी आज़ाद की डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आज़ाद पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सलमान निज़ामी ने भी इसके खिलाफ़ कार्रवाई की माँग की है।

सलमान नियाजी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “सूफ़ीवाद की धरती कश्मीर में शिकारे में खुलेआम शराब पीना अस्वीकार्य है। इस तरह का व्यवहार हमारी संस्कृति और समाज को खराब करता है। मैंने यह क्लिप संबंधित एसडीपीओ (सब-डिवीज़नल पुलिस अधिकारी) नेहरू पार्क को भेज दी है। इन पर्यटकों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।”

वहीं, मीरवाइज उमर फारूक की अध्यक्षता वाली मुत्ताहिदा मजलिस-ए-उलेमा (विद्वानों की संयुक्त परिषद) ने एक बयान में कहा, “कानून के तहत शराब का सार्वजनिक सेवन सख्त वर्जित है, लेकिन इसकी अनुमति क्यों और कैसे दी गई, यह चिंता का विषय है। कश्मीर के लोग मेहमाननवाज़ हैं और घाटी में आने वाले पर्यटकों का मेहमान की तरह सम्मान करते हैं।”

घाटी में इस्लाम विभिन्न तबके और शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुख व्यक्तियों वाली इस संस्था ने आगे कहा, “संतों और सूफियों वाली मुस्लिम बहुल घाटी में इस तरह की गैर-इस्लामिक और अनैतिक प्रथाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” संस्था ने होटल मालिकों और हाउसबोट एवं शिकारा मालिकों से इन हरकतों पर नज़र रखने और पर्यटकों से कश्मीर के नैतिक और धार्मिक लोकाचार का सम्मान करने का आग्रह किया।

इंस्टाग्राम पर हिन्दू लड़की के रील लाइक कर दोस्ती, फिर रेप, इस्लाम कबूल और निकाह: पीड़िता ने बताई पूरी बात, FIR के बाद एक्शन में राजस्थान पुलिस

राजस्थान के जोधपुर जिले से लव जिहाद का मामला सामने आया है। यहाँ मुस्लिम समुदाय के एक युवक द्वारा हिन्दू लड़की से पहले रेप किया गया, फिर उसे इस्लाम कबूल करवा के निकाह कर लिया गया। बुधवार (5 जून 2024) को हुए इस धर्मान्तरण को करवाने में एक मौलवी भी शामिल बताया जा रहा है। बाद में पीड़िता को प्रताड़ित किया जाने लगा। मामले की शिकायत मिलने पर पुलिस जाँच में जुट गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना जोधपुर के थानाक्षेत्र प्रताप नगर सदर की है। यहाँ पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में लड़की ने बताया कि लगभग 5 महीने पहले इंस्टाग्राम पर उसकी मुलाकात एक मुस्लिम लड़के से हुई थी। लड़की और लड़का दोनों रील बनाते थे। ये दोनों एक दूसरे की रील लाइक करने लगे। बाद में दोनों में बातचीत होनी शुरू हो गई। थोड़े समय बाद दोनों के नंबर बंट गए और एक दूसरे से मुलाकात भी होने लगी।

आरोप है कि इस बीच युवक ने पीड़िता का रेप किया। जब लड़की ने विरोध किया तो उसे शादी का झाँसा देकर चुप करवाया दिया गया। 5 जून को आरोपित ने लड़की को निकाह के लिए बुलवाया। यहाँ एक मौलवी भी मौजूद था।

इसके बाद निकाह से पहले पीड़िता को इस्लाम कबूल करने की शर्त रखी गई। इसके बाद लड़की को दबाव देकर इस्लाम कबूल करवाया गया। निकाह के बाद पीड़िता का नाम भी बदल दिया गया। लड़की ने घर पहुँच कर अपने परिजनों को पूरी बात बताई।

मामले की जानकारी होते ही पीड़िता के परिजनों ने पुलिस में शिकायत करने का फैसला किया। वो लड़की को लेकर जोधपुर के प्रताप विहार सदर पुलिस स्टेशन पहुँचे। यहाँ आरोपितों के खिलाफ तहरीर दी गई, जिस पर केस दर्ज कर लिया गया है। थानेदार सतीश कुमार ने मीडिया से बातचीत में शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि लड़की द्वारा लगाए गए आरोपों की जाँच करवाई जा रही है।