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लड़की का अंडरवियर निकालना, नंगा करना और खुद भी नंगा होना रेप का प्रयास नहीं: राजस्थान हाई कोर्ट

राजस्थान हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि लड़की के इनरवियर उतारना और खुद को नंगा करना बलात्कार का प्रयास नहीं, बल्कि महिला की शील भंग करने के लिए हमला है। हाई कोर्ट ने कहा कि यह अपराध भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 के साथ धारा 511 के तहत ‘बलात्कार करने का प्रयास’ का अपराध नहीं, यह धारा 354 के तहत महिला की शील भंग करने के लिए हमला करने का दंडनीय अपराध है।

राजस्थान उच्च न्यायालय ने हाल ही में साल 1991 में यौन अपराध के एक मामले में दोषी ठहराए गए, एक व्यक्ति को राहत प्रदान की है। इस शख्स ने छह साल की पीड़िता के अंतःवस्त्र उतार दिया था और खुद के कपड़े उतारकर उसका बलात्कार करने का प्रयास किया था। हालाँकि, हाई कोर्ट के जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने इसे बलात्कार के प्रयास का अपराध नहीं माना है।

राजस्थान हाई कोर्ट के जस्टिस अनूप कुमार ढांड की एकल पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि ‘प्रयास’ क्या होता है और बलात्कार करने के प्रयास और महिला के शील भंग करने के लिए हमला करने के बीच अंतर क्या है। उन्होंने कहा कि बलात्कार के प्रयास के लिए आरोपित को तैयारी के चरण से आगे जाना होगा।

अपने वक्तव्य में जस्टिस ढाड ने कहा कि ‘बलात्कार के प्रयास’ के अपराध के लिए तीन चरणों को पूरा करने की आवश्यकता है- सबसे पहले अपराध करने का इरादा होना चाहिए, दूसरा उस अपराध को करने की दिशा में कार्य करना और तीसरा यह कृत्य अपराध की परिणति के काफी करीब होना चाहिए। न्यायालय ने कहा कि तैयारी के चरण को पार करने वाला चरण IPC की धारा 354 तक अभद्र हमला है।

अदालत ने कहा, “अपराधी होने के लिए ऐसे खुले कृत्य या कदम को अपराध करने की दिशा में अंतिम कार्य होना जरूरी नहीं है। यह पर्याप्त है कि यदि ऐसा कृत्य जानबूझकर किए गए हों और अपराध करने के लिए स्पष्ट इरादा प्रकट करते हों, जो अपराध की परिणति के काफी करीब हो।” इस मामले में ऐसा कोई आरोप नहीं है कि आरोपित ने (निजी अंग में) प्रवेश करने का प्रयास किया।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में अदालत ने सिट्टू बनाम राजस्थान राज्य के मामले का हवाला दिया। इस मामले में लड़की को जबरन नग्न किया गया था और आरोपित ने लड़की के विरोध के बावजूद उसके साथ यौन संबंध बनाने का प्रयास किया था। इस कृत्य को तैयारी के चरण को पार करने के रूप में देखा गया और इसे बलात्कार करने के प्रयास के बराबर माना गया था।

इसी तरह, दामोदर बेहरा बनाम उड़ीसा राज्य के मामले में आरोपित ने पीड़िता की साड़ी उतार दी थी, लेकिन कुछ लोगों को देखकर वह भाग गया। इस कृत्य को बलात्कार करने के प्रयास के चरण तक पहुँचने के रूप में नहीं देखा गया। इसे भी भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 के तहत शीलभंग के लिए हमला करने के अपराध के रूप में देखा गया था।

दरअसल 6 वर्षीय पीड़िता ने कहा था कि आरोपित सुवालाल ने उसके और अपने दोनों के कपड़े उतार दिए थे और जब उसने शोर मचाया तो आरोपित घटनास्थल से भाग गया था। उस समय 25 साल के रहे सुवालाल को टोंक की अदालत ने 1991 में रेप के प्रयास का दोषी ठहराया था। वह दोषसिद्धि से पहले और बाद में सिर्फ ढाई महीने ही जेल में रहा था।

निचली अदालत ने उसे 3 साल 6 महीने की कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। इसके हाई कोर्ट ने उसकी दोष सिद्धि और सजा को संशोधित कर दिया। ऐसा करते हुए हाई कोर्ट ने कहा, “यह घटना 09.03.1991 को हुई थी और लगभग 33 वर्ष बीत चुके हैं। यह अवधि किसी को भी मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से थका देने के लिए पर्याप्त है।”

पीएम मोदी के शपथ ग्रहण का जश्न मना रहे BJP कार्यकर्ताओं पर मुस्लिम भीड़ का चाकुओं से हमला: कर्नाटक में 3 घायल, 1 की हालत गंभीर

मुस्लिमों के मन में पीएम मोदी और बीजेपी को लेकर कितना जहर भरा है, इसका अंदाजा कर्नाटक के मेंगलुरु की घटना से लगाया जा सकता है, जहाँ मुस्लिमों द्वारा पीएम मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद शपथ ग्रहण का जश्न मनाने पर बीजेपी कार्यकर्ताओं को घेरकर मारा गया। उन्हें चाकुओं से गोदा गया। बाकायदा 2 दर्जन से अधिक मुस्लिमों ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को मोटरसाइकिलों से पीछा कर रोका और हमला किया। इस हमले में तीन बीजेपी कार्यकर्ता बुरी तरह से घायल हो गए हैं, जिसमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

ये मामला रविवार (9 जून 2024) का है, जहाँ बेंगलुरु के बोलियारू गाँव में 3 बीजेपी कार्यकर्ताओं को 2 दर्जन से अधिक मुस्लिमों ने बेरहमी से चाकुओं से गोद दिया, क्योंकि वो मोदी सरकार की वापसी का जश्न मना रहे थे। मुस्लिमों की हिंसा का निशाना बनने वाले बीजेपी कार्यकर्ताओं के नाम हरीश अंचन (41 वर्ष) और नंदकुमार (24 वर्ष) है। इसके अलावा कृष्ण कुमार नाम का बीजेपी कार्यकर्ता भी इस हमले में घायल हो गया।

ऑपइंडिया को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के अनुसार, मुदिपु गाँव और पास के बोलियारु गाँव में बीजेपी कार्यकर्ता केंद्र में तीसरी बार एनडीए की सरकार बनने का जश्न मना रहे थे। उन्होंने सड़कों पर रैलियाँ भी निकाली और नारेबाजी की थी, लेकिन जैसे ही ये रैली बोलियार गाँव की मस्जिद के सामने से गुजरी, तुरंत ही स्थानीय मुस्लिमों ने बाइकों से बीजेपी कार्यकर्ताओं का पीछा करना शुरू कर दिया। उन्होंने समाधान रेस्टो-बार के सामने बीजेपी कार्यकर्ताओं को रोक लिया। उन्होंने पीएम मोदी और लोकसभा चुनाव में जीते बृजेश चौटा के पक्ष में नारेबाजी से मना करते हुए बीजेपी के नारों को बंद करने के लिए कहा और बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ झगड़ा शुरू कर दिया।

मामूली कहासुनी के तुरंत बाद ही 25-30 मुस्लिमों की भीड़ ने हमला कर दिया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव की भी कोशिश की, लेकिन मुस्लिम पक्ष ने चाकुओं से हमला कर दिया, जिसमें हरीश और नंदकुमार बुरी तरह से घायल हो गए। इसी हमले में कृष्ण कुमार नाम के बीजेपी कार्यकर्ता को भी काफी चोटें आई, जिसने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई।

ऑपइंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक, मुस्लिमों ने बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा पहने गए भगवा दुपट्टे और कपड़े भी फाड़ दिए। मुस्लिमों के हमले में घायल हुए बीजेपी कार्यकर्ताओं को डेरालकट्टे क्षेत्र के केएस हेगड़े अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल बीजेपी कार्यकर्ताओं में से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि अन्य का इलाज चल रहा है।

मंगलुरु पुलिस ने मुस्लिमों के इस हमले में घायल बीजेपी कार्यकर्ता कृष्ण कुमार की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की की भी जाँच कर रही है, साथ ही मुदिपु गाँव और बोलियारू गाँव में हिंसा को और बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। ऑपइंडिया की टीम ने मौके पर मौजूद कुछ बीजेपी कार्यकर्ताओं से बात की जिन्होंने घटना की निंदा की। उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमला करने वाले मुस्लिमों के खिलाफ सख्त सजा की माँग की।

ऑपइंडिया ने इस मामले में अपडेट के लिए मंगलुरु पुलिस से भी संपर्क किया है। हालाँकि अभी तक कोई अपडेट नहीं मिल पाई है। जैसे ही कोई अपडेट मिलता है, खबर को उसी तरह से अपडेट किया जाएगा। फिलहाल पुलिस ने एफआईआर में 4 नामजदों कों शामिल किया है और कुछ अन्य की भी पहचान कर ली है। इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है।

ऑपइंडिया के पास FIR की एक्सक्लूसिव जानकारी

FIR की कॉपी में हमलावरों के नाम

ऑपइंडिया के पास इस मामले में दर्ज की गई एफआईआर मौजूद है। इस केस में बशीर, सिद्दीक, मोनू, अबूबकर और 20 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मुस्लिम भीड़ ने हमला करने से पहले कार्यकर्ताओं को गाली दी और धमकाया। उन्होंने कथित तौर पर बीजेपी कार्यकर्ताओं को धमकाते हुए कहा, “तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मोदी का समर्थन करने की?, हम तुम सबको जान से मार देंगे।” फिलहाल पुलिस ने सभी के खिलाफ आईपीसी की धारा 341, 143, 147, 148, 504, 506, 323, 324, 307, 149 के तहत केस दर्ज कर लिया है।

हिंदुओं को जब इस्लामी आतंकियों ने मारा तो इंस्टाग्राम ने ब्लॉक किया #AllEyesOnReasi हैशटैग, राफा पर 2 लाख पोस्ट अब भी विजिबल

जम्मू-कश्मीर के रियासी में हुए आतंकी हमले में 10 हिंदू श्रद्धालुओं ने अपनी जान गँवा दी है लेकिन अभी तक किसी भी ‘All Eyes On Rafah’ वाली गैंग ने आतंकी हमले पर कुछ नहीं बोला है। इस घटना ने जहाँ इस गिरोह का दोहरा चेहरा उजागर किया है,वहीं मेटा के इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म पर हिंदुओं की आवाज दबाने वाले रवैये को भी जगजाहिर किया है। इंस्टा ने अपने प्लेटफॉर्म पर #Alleyesonreasi को ही ब्लॉक कर दिया है।

जी हाँ, अगर आप अपने इंस्टाग्राम से इस हैशटैग के साथ पोस्ट डालेंगे और सोचेंगे कि ये ट्रेंड पकड़ेगा तो ऐसा नहीं होने वाला, क्योंकि इंस्टा ने इस हैशटैग को हाइड किया हुआ है। यानी आप अपने पोस्ट में ##Alleyesonreasi डाल सकते हैं लेकिन जैसे ही इस पर क्लिक करके आप बाकी अन्य पोस्टों को देखेंगे तो आपको कुछ नहीं दिखेगा।

उदाहरण के लिए ऊपर लगाई तस्वी देख सकते हैं। राजस्थान कोठा ने पोस्ट में ये हैशटैग लगाया है, लेकिन जब हमने इनके हैशटैग पर क्लिक किया तो लिखा आया कि ये हैशटैग हिडन हैं। वहीं अब अगर यही चीज हम राफाह वाले हैशटैग के लिए देखें तो पाएँगे कि वो हैशटैग भी एक्टिव है और उसपर डाले गए पोस्ट भी साफ दिख रहे हैं। करीबन 295481 पोस्ट इस पर किए गए हैं।

कई इंस्टाग्राम यूजर जो रियासी पर इस हैशटैग को डाल रहे थे, उन्होंने इस समस्या को अपनी टाइमलाइन पर उठाया है। जैसे मधुर सिंह लिखते हैं- “ये इकोसिस्टम इतना ताकतवर है कि इन्होंने #Alleyesonreasi को ही ब्लॉक करवा दिया है। देख सकते हैं कि सर्च सेक्शन में मधुर ने भी हैशटैग डाला है लेकिन दिखाई कुछ नहीं दे रहा। सिर्फ स्क्रीन पर लिखा है- ये हैशटैग हिडन है।”

इस पोस्ट को देखने के बाद अब लोग कह रहे हैं कि आईटी मंत्रालय को इस मामले में एक्शन लेना चाहिए। वहीं कुछ लोग हैरान है कि ये इकोसिस्टम हिंदुओं से कितनी घृणा करते हैं कि 10 लोगों की मौत होने के बावजूद ये नहीं चाहते ये आतंकी हमले की जानकारी दुनिया के सामने आए।

अफवाहें सही थीं… बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा करेंगी जहीर इकबाल से निकाह: रिपोर्ट्स में दावा, लोगों ने पूछा- धर्म भी बदल लोगी?

बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा को लेकर खबर है कि वो जल्द ही अपने ब्वॉयफ्रेंड जहीर इकबाल से निकाह करने वाली हैं। ये खबर पूरे मीडिया में चर्चा में है, हालाँकि सोनाक्षी ने अभी इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि 37 वर्षीय सोनाक्षी सिन्हा अपने परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में जहीर से निकाह करेंगी। इंडिया टुडे की रिपोर्ट बताती है कि सोनाक्षी और जहीर 23 जून को निकाह करेंगे।

इस दौरान कार्यक्रम में सिर्फ इनके परिवार वाले और कुछ करीबी दोस्त शामिल होंगे। शादी को लेकर पहले ही इनवाइट कार्ड जा चुके हैं। कहा जा रहा है इनवाइट कार्ड मैग्जीन कवर जैसा है जिसपर लिखा है- अफवाहें सही थीं।

इसके अलावा ये जानकारी भी सामने आई है कि कार्यक्रम मुंबई के ही रेस्टोरेंट में होगा। कार्यक्रम में हीरामंडी की पूरी कास्ट भी आएगी। मेहमानों को फॉर्मल कपड़े पहनकर आने को कहा गया है।

बता दें कि जहीर इकबाल और सोनाक्षी सिन्हा काफी लंबे समय से एक दूसरे के साथ रिश्ते में थे, लेकिन कभी ऑफिशियली अनॉउंस नहीं करते थे। उनकी फोटोज देख लोग अपने आप अंदाजा लगाते थे कि शायद दोनों में दोस्ती से ज्यादा कुछ है। जहीर के अकॉउंट पर डली तस्वीरों को देख तो लोग और भी ज्यादा कयास लगाते थे। उनकी कई फोटोज में सोनाक्षी उनके साथ दिखती हैं।

गौरतलब है कि सोनाक्षी सिन्हा की शादी की बातें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर अलग से चर्चा होती रही है। लोग उनसे पूछते रहे हैं कि अपना धर्म छोड़कर दूसरे मजहब के व्यक्ति से शादी यदि सोनाक्षी करना चाहती हैं तो क्या वो निकाह के बाद अपना धर्म भी बदलेंगी।

हिंदू थे इसलिए मारे गए… साँस रोक, लाश बन कर जिन्होंने बचाई अपनी जान, सुनिए उनकी आँखों-देखी: लश्कर-ए-तैयबा ने किया था हमला

जम्मू-कश्मीर के रियासी में शिवखोड़ी से कटरा लौट रहे तीर्थयात्रियों की बस पर आतंकी हमला हुआ। घटना में एक बच्चे समेत 10 लोगों की मौत हो गई जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल हैं। पाकिस्तान के लश्कर-ए-तैयबा आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। आतंकियों ने बस के ऊपर चारों ओर से गोलियाँ चलाईं और जब तक बस खाई में नहीं गिरी तब तक ये ताबड़तोड़ गोली बरसाते रहे। सूत्रों के हवाले से आए शीर्ष अधिकारियों के बयान से पता चलता है कि जानबूझकर इस हमले को 9 जून को ही अंजाम दिया गया क्योंकि नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ले रहे थे।

अब इस आतंकी हमले के संबंध में चश्मदीदों ने कुछ खुलासे किए हैं। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर के रहने वाले संतोष कुमार वर्मा ने बताया कि वो लोग शिवखोड़ी में दर्शन के बाद वो कटरा की ओर जा रहे थे, जब बस ऊपर से नीचे उतर रही थी तभी एक आतंकवादी बीच सड़क पर फायरिंग शुरू कर दी। इस बीच ड्राइवर को एक गोली लग गई और बस अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। इस दौरान सामने खड़े होकर एक आतंकी ने करीबन 20 मिनट तक गोली चलाई थी। बाकी आतंकी इधर-उधर से फायरिंग कर रहे थे।

चश्मदीदों के अनुसार, आतंकी 5-6 मिनट रुकते थे और फिर से फायरिंग करनी शुरू कर देते थे। उन्होंने ऐसा तब तक किया जब तक बस गिरी नहीं। गोंडा की नीलम गुप्ता कहती है कि बस में 40 लोग थे, बच्चे भी थे। हमारे हाथ-पैर में चोट आई है। साथ में पति और ननद-नंदोई भी है। वहीं नीलम गुप्ता का बेटा पल्लव इस घटना पर कहता है- पता नहीं गोलियाँ किसने चलाई थी, लेकिन जब बस खाई में गिरी तो मेरा सिर सीट के नीचे आ गया था, डैडी ने मुझे निकाला।

तीर्थ यात्रियो के अनुसार, 6-7 आतंकियो ने उनपर हमला किया था। उनके चेहरे नकाब से ढके थे। शुरू में उन्होंने बस को खाई में गिराने के लिए गोलीबारी की। बाद में जब सब गिर गए तो वो इसलिए गोली चलाते रहे कि सारे लोग मर जाएँ। तीर्थ यात्री बताते है कि वो लोग एक दम चुप हो गए थे ताकि आतंकियों को पता न चले कि वो लोग जिंदा हैं। कुछ समय बाद स्थानियों और सुरक्षाकर्मियों ने आकर उन्हें बचाया।

इस घटना के बारे में सुनने के बाद हर कोई सिर्फ यही कह रहा है कि श्रद्धालुओं पर हमला सिर्फ इसलिए हुआ क्योंकि वो हिंदू थे। ये भी कहा जा रहा है कि जानबूझकर 9 जून को ये हमला हुआ क्योंकि इसी दन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी बार पीएम बनने की शपथ ले रहे थे।

बता दें कि घटना में मरने वाले वाले अधिकतर यूपी के रहने वाले थे। इनमें तीन महिला और एक बच्चे की भी मौत हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना की जानकारी होने पर स्थिति का जायजा लिया और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के लिए कहा। वहीं केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि वह तीर्थ यात्रियों पर हुए हमले में शामिल आतंकियों को बख्शेंगे नहीं।

कान में, नाक में, मुँह में मिस्वाक डालकर… Pak क्रिकेटरों को कॉकरोच बोल रहे उनके ही सपोर्टर: भारत से हारने के बाद शोएब अख्तर की निकल गई ऐंठन

भारत ने टी20 वर्ल्ड कप के मैच में पाकिस्तानी टीम को करारी हार दी। शुरू में भारत द्वारा दिए गए 119 रनों के लक्ष्यों के कारण ऐसा अनुमान लगने लगा था कि शायद पाकिस्तान न बाजी मार ले, लेकिन भारतीय गेंदबाजो ने अपना जलवा दिखाया तो पूरी पाकिस्तान टीम ऑल आउट हो गई।

पाकिस्तान से टी20 मैच में 120 रन तक नहीं बन पाए और भारत के आगे करारी हार देखनी पड़ी। टीम के बुरे पर्फॉर्मेंस से उनसे कई चाहने वालों का दिल टूटा, जिसका असर सोशल मीडिया पर साफ देखने को मिला। अब कोई उन्हें गाली देता दिख रहा है तो कोई भारतीय टीम की तारीफ करता मिल रहा है।

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब अख्तर ने भारत की बल्लेबाजी देखने के बाद अपने X अकॉउंट पर पोस्ट किया था जिसमें भारत का मजाक उड़ाते हुए कहा गया था- “हाँ क्या कहते हैं, टोटल कितना होगा इंडिया का।”

उनके इस पोस्ट पर लोगों ने उन्हें जवाब देना तब शुरू किया जब भारत ने पाकिस्तान को 119 के टारगेट के पास भी नहीं पहुँचने दिया और पहले ही सबको ऑल आउट कर दिया। शोएब अख्तर के इस पोस्ट के कारण जहाँ लोग उनकी फजीहत कर रहे हैं। वहीं एक पाकिस्तानी समर्थक के चर्चे भी खबरो में है।

बताया जा रहा है कि भारत-पाकिस्तान का मैच देखने के लिए एक पाकिस्तानी समर्थक ने 3000 डॉलर में अपना एक ट्रैक्टर बेच दिया था। उसने जब अपनी आखों के सामने भारत की होती जीत देखी तो वो भी सन्न खड़ा रह गया। उसे विश्वास नहीं था कि उसकी पाकिस्तान टीम हार गई है और उनके लगाए पैसे डूब गए हैं।

समाचार एजेंसी से बात करते हुए उसने कहा, “मैं 3000 डॉलर की टिकट खरीदने के लिए अपना ट्रैक्टर बेच दिया था। जब हमने भारत का स्कोर देखा तो हमें नहीं लगा था कि हम हारने वाले है। हमें लगा कि हम तो ये स्कोर आसानी से अचीव कर लेंगे। खेल हमारे हाथ में था लेकिन बाबर आजम आउट हुआ तो लोगों का दिल टूट गया। मैं भारतीय समर्थको को मुबारकबाद देता हूँ।”

बता दें कि एक ओर जहाँ पाकिस्तान समर्थक मैच के बाद सदमे में है। वहीं मैच से पहले उन्हें भारत का मजाक उड़ाते हुए देखा जा रहा था। जैसे शोएब अख्तर ने ट्वीट किए थे वैसे ही अन्य भी ट्वीट कर रहे थे। वहीं मैच देखने गए पाकिस्तान समर्थक भी बिलकुल पक्का थे कि उनकी टीम जीतेगी, लेकिन विपरीत स्थितियों में भी भारतीय फैन्स ने उम्मीद नहीं छोड़ी। वो ऑन कैमरा कह रहे थे कि अभी बहुत रन बचे हैं, भारत हरा देगा। आखिर में हुआ भी यही। भारत के समर्थकों को जश्न मनाने का मौका मिला।

वहीं पाकिस्तान फैंस ने एक बार फिर अपने समर्थकों को गाली देनी शुरू कर दी। X के एक स्पेस में एक पाकिस्तानी आजम खान को कॉकरोच कहता सुनाई पड़ा। ये भी कहा गया कि आजम खान लगातार चार साल से लेग स्पिनर से आउट हो रहा है। रिजवान को लेकर भी कहा जा रहा है कि उसने बुमराह के आने से पहले ही बहुत सारी गेंद बर्बाद कर दी थी। पाकिस्तानी समर्थक कहता सुनाई पड़ता है- “इनके कानो में, नाको में, मुँह में मिस्वाक डालकर वापस पाकिस्तान भेज देना चाहिए।”

बता दें कि 9 जून को हुए भारत पाकिस्तान मैच में शुरुआत में पाकिस्तान ने 119 रन बनाए थे। इसके बाद यह पहला मौका था जब भारतीय टीम ने टी20 मैचों में 120 रन से छोटे स्कोर को डिफेंड किया। इससे पह लेश्रीलंका की टीम टी20 वर्ल्ड कप 2014 में एक बार न्यूजीलैंड के खिलाफ 120 रन के लक्ष्य का बचाव कर चुकी है। भारत-पाकिस्तान मैच की बात कर तो पाकिस्तान ने पहले अच्छी शुरूआत की थी, लेकिन फिर बुमराह आए ने रिजवान को क्लीन बोल्ड किया और फिर एक के बाद एक विकेट गिरते ही गए।

जिस आवाज़ को हमेशा के लिए खामोश करना चाहता था ‘सर तन से जुदा’ गिरोह, 2 साल बाद फिर से गूँजी वो दहाड़: ‘मोदी 3.0’ पर नूपुर शर्मा का पोस्ट

बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने 2 साल बाद सोशल मीडिया पर वापसी की है। उन्होंने ‘सर तन से जुदा’ गिरोह के पीछे पड़ने के बाद से पिछले 2 साल से सोशल मीडिया पर कोई पोस्ट नहीं की थी, लेकिन अब मोदी 3.0 की वापसी के साथ ही उन्होंने भी सोशल मीडिया पर वापसी की। नूपुर शर्मा ने अपनी पोस्ट में पीएम मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी है। नूपुर शर्मा ने शपथ लेते हुए पीएम मोदी की तस्वीर भी पोस्ट की।

नूपुर शर्मा ने एक्स पर वापसी करते हुए लिखा, ‘आज तीसरी बारी आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी को भारत के प्रधान मंत्री के रूप में शपथ लेते देख अत्यंत प्रसन्नता हुई। फिर एक बार मोदी सरकार सुरक्षित व विकसित भारत की ओर।’

बता दें कि नूपुर शर्मा ने एक टीवी डिबेट शो के दौरान पैगंबर मोहम्मद को लेकर एक टिप्पणी की थी। उनकी टिप्पणी को ‘सर तन से जुदा’ गिरोह ने एडिट करके सोशल मीडिया पर वायरल किया था, जिसके बाद काफी बवाल मचा था। इस विवाद की वजह से भाजपा ने नूपुर शर्मा को पार्टी से निलंबित कर दिया था। विवाद के बाद से ही नूपुर शर्मा को धमकियां दी जाने लगीं। खतरे को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने उन्हें सुरक्षा प्रदान की थी, तब से वो भारी सुरक्षा के बीच ही रहती हैं।

हालाँकि इसी लोकसभा चुनाव में 25 मई 2024 को दिल्ली में लोकसभा चुनाव के दौरान नूपुर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए बूथ पर पहुँचीं थीं। भारी सुरक्षा इंतजाम के बीच उन्होंने अपना वोट डाला था। दिल्ली में वोटिंग से पहले वह फिल्म डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री के एक कार्यक्रम में दिखी थीं।

71 मंत्रियों (30 कैबिनेट, 41 MoS) के साथ PM मोदी ने ली शपथ: कश्मीर से कन्याकुमारी तक को प्रतिनिधित्व, जानिए ‘मोदी 3.0’ में कौन-कौन

रविवार (9 जून, 2024) को देश को नई सरकार मिल गई। NDA संसदीय दल के नेता नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ भाजपा के बड़े नेताओं में भी मंत्री के रूप शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

पीएम मोदी के अलावा मोदी सरकार 2.0 में रक्षा मंत्री रहे राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री रहे एस जयशंकर और वित्त मंत्री रहीं निर्मला सीतारमण ने शपथ ली। उनके अलावा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को भी केन्द्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया।

जहाँ मोदी सरकार 2.0 के मंत्रालय नई सरकार में भी समान रहने की उम्मीद है, वहीं दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को भी अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है। उनके अलावा कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और JDS नेता एचडी कुमारस्वामी ने भी मंत्रिपद की शपथ ली। JDS, सरकार बनाने वाले गठबंधन NDA का हिस्सा है।

मोदी सरकार 2.0 में अहम मंत्रालय संभालने वाले पीयूष गोयल ने भी मंत्रिपद और गोपनीयता की शपथ ली। वह इस बार मुंबई से लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए हैं। ओडिशा से लोकसभा सदस्य चुने गए धर्मेन्द्र प्रधान भी केद्रीय मंत्री बने हैं। उन्होंने भी शपथ ली है। उनका नाम ओडिशा के मुख्यमंत्री की दौड़ में भी चल रहा था। अब केन्द्रीय मंत्री बनने के बाद उनका नाम इस रेस से बाहर हो गया है।

NDA की सदस्य HAM पार्टी के मुखिया जीतनराम मांझी ने भी मंत्रिपद की शपथ ली है। NDA की अहम सहयोगी की तरफ से राजीव रंजन सिंह उर्फ़ लल्लन सिंह ने भी मंत्रिपद की शपथ ली है। असम के पूर्व मुख्यमंत्री और मोदी सरकार 2.0 में शामिल सर्बानंद सोनोवाल ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली।

मध्य प्रदेश से आने वाले डॉ वीरेंद्र कुमार ने भी मंत्रिपद की शपथ ली, वह मोदी सरकार 2.0 में भी मंत्री थे। NDA की सदस्य TDP से KR नायडू ने मंत्रिपद की शपथ ली है। वह मोदी सरकार के सबसे युवा मंत्रियों में से एक हैं। उनके अलावा कर्नाटक से आने वाले भाजपा सांसद प्रल्हाद जोशी ने भी मंत्रिपद की शपथ ली।

आदिवासी समुदाय से आने वाले जुएल ओराम ने भी मोदी सरकार 3.0 में मंत्रिपद की शपथ ली है। बिहार से आने वाले गिरिराज सिंह ने भी केन्द्रीय मंत्री के रूप में शपथ ली है। मोदी सरकार 2.0 में रेल मंत्री रहे अश्विनी वैष्णव को भी मंत्री पद की शपथ राष्ट्रपति मुर्मू ने दिलाई।

ज्योतिरादित्य सिंधिया और भूपेन्द्र यादव ने भी मोदी सरकार 3.0 में मंत्रिपद की शपथ ली है। मोदी सरकार 2.0 में जलशक्ति मंत्री रहे गजेन्द्र सिंह शेखावत भी मोदी सरकार 3.0 में मंत्री बने हैं। झारखंड से आने वाली अन्नपूर्णा देवी और किरेन रिजीजू को भी एक बार फिर केन्द्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।

मोदी सरकार में डॉ मनसुख एल मांडविया और हरदीप सिंह पुरी को फिर से जगह मिली है। उनके अलावा जी किशन रेड्डी को भी केन्द्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। NDA की सदस्य LJP (R) के मुखिया चिराग पासवान को भी मंत्रिपद की शपथ दिलाई गई है। गुजरात भाजपा के अध्यक्ष सीआर पाटिल को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है।

उपरोक्त सभी व्यक्ति मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनेंगे। वहीं राव इंदरजीत सिंह को राज्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। PMO में मंत्री रहे जितेन्द्र सिंह को भी केन्द्रीय राज्यमंत्री बनाया गया है। उनके अलावा अर्जुन राम मेघवाल भी राज्यमंत्री बने हैं। NDA की सहयोगी शिवसेना की तरफ से प्रतापराव जाधव को राज्यमंत्री बनाया गया गया है।

NDA सदस्य RLD के मुखिया जयंत चौधरी को भी मोदी सरकार में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया है। उनके अलावा पीलीभीत से सांसद निर्वाचित हुए जितिन प्रसाद भी राज्यमंत्री बनाए गए हैं। श्रीपाद नाइक को भी राज्यमंत्री बनाया गया है। मोदी सरकार 2.0 में राज्यमंत्री रहे पंकज चौधरी को भी राज्यमंत्री बनाया गया है।

हरियाणा से आने वाले कृष्णपाल गुर्जर को भी मोदी सरकार में राज्यमंत्री के रूप से जगह दी गई है। NDA की सहयोगी पार्टी RPI के सांसद रामदास अठावले को भी केंद्र में राज्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई है। बिहार से JDU के राज्यसभा सांसद रामनाथ ठाकुर को भी राज्यमंत्री बनाया गया है। भाजपा ने नित्यानंद राय को फिर से राज्यमंत्री बनाया है।

अपना दल (सोनेलाल) की सांसद अनुप्रिया पटेल को भी केंद्र में राज्यमंत्री बनाया गया है। कर्नाटक से आने वाले वी सोमन्ना को भी राज्यमंत्री का पद दिया गया है। TDP की तरफ से चंद्रशेखर पेम्मासमी को राज्यमंत्री पद दिया गया है। एसपी सिंह बघेल को भी राज्यमंत्री बनाया गया है। कर्नाटक से ही आने वाली शोभा करंदलाजे को भी राज्यमंत्री बनाया गया है।

उत्तर प्रदेश के गोंडा से सांसद बने कीर्तिवर्धन सिंह को भी राज्यमंत्री बनाया गया है। उत्तर प्रदेश से ही बीएल वर्मा को भी राज्यमंत्री बनाया गया है। बंगाल के मतुआ समुदाय से आने वाले शांतनु ठाकुर को भी मंत्री बनाया गया है। केरल में भाजपा का खाता खोलने वाले सुरेश गोपी को भी राज्यमंत्री बनाया गया है।

तमिलनाडु से आने वाले डॉक्टर एल मुरुगन को भी राज्यमंत्री पद दिया गया है। उत्तराखंड से अजय टम्टा को भी केन्द्रीय मंत्रिपरिषद में राज्यमंत्री बनाया गया है। तेलंगाना के बंडी संजय कुमार को भी राज्यमंत्री बनाया गया है। उत्तर प्रदेश के बाँसगाँव से सांसद बने कमलेश पासवान को भी मंत्री बनाया गया है। राजस्थान से भागीरथ चौधरी को राज्यमंत्री का पद मिला है।

बिहार से आने वाले सतीश दुबे को भी राज्यमंत्री बनाया गया है। झारखंड से आने वाले संजय सेठ को भी मंत्री बनाया गया है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते रवनीत सिंह बिट्टू को भी केंद्र में राज्यमंत्री बनाया गया है। वह पंजाब के लुधियाना से चुनाव हार गए थे। भाजपा ने इसके बाद भी उन्हें केन्द्रीय मंत्रिपरिषद में जगह दी है।

मध्य प्रदेश से आने वाले दुर्गादास उइके को भी राज्यमंत्री बनाया गया है। महाराष्ट्र से आने वाली रक्षा खडसे को भी केन्द्रीय मंत्रिपरिषद में राज्यमंत्री के रूप में जगह दी गई है। बंगाल भाजपा के अध्यक्ष सुकांता मजूमदार को भी राज्यमंत्री बनाया गया है। आदिवासी सावित्री ठाकुर और तोखन साहू को भी राज्यमंत्री बनाया गया है।

बिहार को 2024 चुनाव में काफी मंत्री मिले हैं। बिहार के ही राजभूषण चौधरी को भी राज्यमंत्री बनाया गया है। कर्नाटक से आने वाले भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा को भी राज्यमंत्री बनाया गया है। दिल्ली से हर्ष मल्होत्रा को राज्यमंत्री के रूप में मौक़ा दिया गया है। गुजरात से आने वाले निमुबेन बाम्भ्निया को राज्यमंत्री बनाया गया है।

पुणे के सांसद मुरलीधर मोहोल को भी राज्यमंत्री बनाया गया है। केरल के जॉर्ज कुरियन को भी राज्यमंत्री बनाया गया है। असम के पबित्र मार्गरीता को भी राज्यमंत्री बनाया गया है।

पीएम मोदी के शपथ ग्रहण में शामिल हुए ट्रांसजेंडर, मजदूर-सफाई कर्मी भी रहे मौजूद: कहा – आशीर्वाद देने आए हैं

प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी और नए मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह में ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों और सफाई कर्मचारी भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। बीजेपी सांसद और पूर्व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने उन्हें सम्मानित भी किया। वीरेंद्र कुमार ने पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह से पहले अपने आवास पर ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों को सम्मानित किया था। उत्तर प्रदेश बीजेपी इकाई की सोनम किन्नर पीएम मोदी के शपथ ग्रहण में 50 अन्य किन्नरों के साथ शामिल हुईं और उन सभी ने पीएम मोदी को आशीर्वाद दिया।

बीजेपी उत्तर प्रदेश इकाई से जुड़ीं सोनम किन्नर ने कहा, “मैं अपने समुदाय के 50 सदस्यों के साथ नई सरकार को आशीर्वाद देने के लिए आई हैं।” उन्होंने कहा, “हमें इस बात का दुख है कि जाति-आधारित राजनीति के कारण प्रधानमंत्री मोदी को उम्मीद के मुताबिक सीट नहीं मिलीं, लेकिन हमें अपने प्रधानमंत्री पर पूरा भरोसा है और स्थिति में सुधार होगा।”

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह पहली बार है कि ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को शपथग्रहण समारोह के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया है। समारोह में शामिल लोगों ने ट्रांसजेंडर समुदाय के सशक्तिकरण में योगदान दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शपथग्रहण समारोह में ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों और नए संसद भवन के निर्माण से जुड़े मजदूरों एवं सफाई कर्मचारियों को भी आमंत्रित किया गया था। बीजेपी सांसद एवं पूर्व जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र शेखावत ने सफाईकर्मियों को सम्मानित किया। इस दौरान पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने नए संसद भवन के निर्माण में शामिल 90 मजदूरों और 30 सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने अपने मंत्रिमंडल के साथ राष्‍ट्रपति भवन में शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया। वो देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के अलावा दूसरे प्रधानमंत्री बनें, जिन्होंने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। पीएम मोदी की तीसरी सरकार में कई पुराने चेहरों को भी जगह मिली है, तो एनडीए के अहम सहयोगियों को भी।

दूध लेने निकली महिला का पीछा, अभद्रता, जान से मारने की धमकी, गाली-गलौज… अताउर्रहमान धराया, हालत ऐसी कि पुलिस के कंधों पर लटक कर आया थाने से बाहर

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक हिन्दू महिला से अभद्रता का मामला सामने आया है। अभद्रता का आरोप अताउर्रहमान नाम के व्यक्ति पर लगा है। आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना शनिवार (8 जून, 2024) की है। पुलिस मामले में जाँच और जरूरी कार्रवाई कर रही है। इस घटना से जुड़े 2 वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। पहले वीडियो में इस्लामी पोशाक और सिर पर जालीदार टोपी रख कर अताउर्रहमान को महिला की तरफ बढ़ते देखा जा सकता है। वहीं दूसरे वीडियो में आरोपित पुलिस के कंधों पर झूलता दिख रहा है।

यह मामला अमरोहा जिले के कोतवाली गजरौला क्षेत्र का है। यहाँ शनिवार (8 जून, 2024) को पीड़िता के पति ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायतकर्ता ने बताया है कि शनिवार को ही उनकी पत्नी सुबह लगभग 5:30 पर दूध लेने जा रहीं थीं। तभी पीछे से एक अज्ञात व्यक्ति वहाँ पहुँचा। उसने पीड़िता को रोक लिया। आरोपित ने पीड़िता से अभद्रता की विरोध करने पर आरोपित ने महिला को जान से मार डालने की धमकी देते हुए गाली-गलौज किया। जब पीड़िता ने शोर मचाया तो आरोपित धमकाते हुए भाग निकला।

शिकायतकर्ता फैक्ट्री में काम करता है। उसने अज्ञात आरोपित पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ IPC की धारा 341, 323, 504 और 506 के तहत FIR दर्ज कर ली। मामले की जाँच की गई तो आरोपित का नाम अताउर्रहमान निकला। वह गजरौला का ही रहने वाला था। पुलिस ने अताउर्रहमान को गिरफ्तार कर लिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 2 वीडियो में से पहले में आरोपित को महिला की तरफ तेजी से बढ़ते देखा जा सकता है।

दूसरे वीडियो में अताउर्रहमान को पुलिस के कंधों पर लटका कर थाने से बाहर लाया जा रहा है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। पुलिस मामले में जाँच व जरूरी कार्रवाई कर रही है।