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‘गौकशी के बारे में कोई सोचेगा, तो उसके लिए जहन्नुम के द्वार पहले खुल जाएँगे, गौहत्या बाद में करेगा’: आँवला में दहाड़े यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बदायूँ के बीजेपी प्रत्याशी दुर्विजय शाक्य के समर्थन में बबराला और आँवला के बीजेपी उम्मीदवार धर्मेंद्र कश्यप के समर्थन में फरीदपुर में चुनावी जनसभाएँ कीं। इस दौरान उन्होंने कॉन्ग्रेस के घोषणा पत्र पर निशाना साधा। सीएम योगी ने कहा कि कॉन्ग्रेस और सपा गोकशी की छूट देना चाहते हैं। कॉन्ग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया है कि वह सत्ता में आने पर अल्पसंख्यकों को खाने-पीने की स्वतंत्रता देगी। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस की ओर से किए गए इस वादे से गोकशी की घटनाएँ बढ़ेंगी लेकिन हम ऐसा होने नहीं देंगे।

जनसभा को संबोधित करते हुए शनिवार (04 मई 2024) को योगी आदित्यनाथ ने कहा, “आप मुझे बता, ये कॉन्ग्रेस और सपा-बसपा वालों को क्या गौमाता को काटने की छूट देंगे क्या? अरे पाप करने के लिए हम नहीं बैठे हैं। अगर कोई पाप करने में भागीदार बनता है, तो हम उसके साथ भागीदार नहीं बनेंगे, बल्कि गौमाता की रक्षा करने के लिए अपनी भी जान देंगे, लेकिन गौमाता का बाल भी बाँका नहीं करने देंगे। अरे उत्तर प्रदेश में हम लोग गौकशी करने के बारे में तो दूर, कोई उसके बारे में सोचेगा भी न, तो उसके लिए जहन्नुम के द्वार पहले खुल जाएँगे। गौहत्या बाद में करेगा वो।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या के महाराजा दिलीप ने गोमाता को शेर के मुँह से छुड़ाया था और बाद में उन्हीं के कुल में भगवान राम पैदा हुए। सपा-कॉन्ग्रेस और बसपा को गलतफहमी है कि वह किसी भी समुदाय की रुचि के अनुसार खान-पान की स्वतंत्रता दे देंगे। गोकशी करना तो दूर यूपी में ऐसा सोचने वालों के लिए भी पहले जहन्नुम के द्वार खुल जाएँगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फरीदपुर की रैली में कहा कि पहले कॉन्ग्रेस और सपा के नेतृत्व वाला गठबंधन राम के अस्तित्व को नकारता था। अब अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर बनने के बाद उनके नेता कह रहे हैं कि राम सबके हैं, ये इनका दोहरा चरित्र है। उन्होंने कॉन्ग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वे चुनाव के बाद जनता को पहचानते नहीं है। योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश में कानून का राज है। माफिया-गुंडों का राम नाम सत्य करना हमारी जिम्मेदारी है, जो कानून से खेलेगा सीधा ऊपर जाएगा।’

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर का करारा जवाब, ‘पहली बात कि हमारी अर्थव्यवस्था लड़खड़ा नहीं रही’ और दूसरी….

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने एक चंदा बटोरने वाले कार्यक्रम में कहा था कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था इसलिए बेहतर कर रही है, क्योंकि हम विदेशियों और अप्रवासियों का स्वागत करते हैं। जबकि चीन, भारत और जापान जैसे देश ऐसा नहीं करते, इसलिए उनकी हालत खराब है। अमेरिका के राष्ट्रपति के इस बयान पर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने करारा जवाब दिया है।

एस जयशंकर ने कहा कि ‘पहली बात तो ये.. कि हमारी अर्थव्यवस्था लड़खड़ा नहीं रही, जैसा कि आपने दावा किया, बल्कि हमारी अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रही है।’ और दूसरी बात ये कि हम ‘ज़ेनोफोबिक’ नहीं हैं, क्योंकि हम सबका स्वागत करते हैं।

बता दें कि जो बाइडेन ने 1 मई 2024 को अपनी राष्ट्रपति पद पर दोबारा उम्मीदवारी के लिए धन इकट्ठा (चंदा पाने के लिए) करने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया था। उन्होंने इस कार्यक्रम में कहा था, “आप जानते हैं, हमारी अर्थव्यवस्था बढ़ने का एक कारण क्या है — आप और अन्य लोग। क्यों? क्योंकि हम अप्रवासियों का स्वागत करते हैं। क्यों चीन आर्थिक रूप से इतनी बुरी तरह रुका हुआ है? जापान को परेशानी क्यों हो रही है? भारत को क्यों दिक्कत हो रही है? क्योंकि वे अपने देश में अप्रवासी नहीं चाहते।” खास बात ये है कि खुद अमेरिका की हालत खराब है, लेकिन ‘चंदा जमा करते समय कुछ भी बोलने’ की आदत के चलने वो ऐसा दावा कर बैठे थे। इसके बाद अब भारत के विदेश मंत्री ने उन्हें करारा और बेबाकी भरा जवाब दिया है।

एस जयशंकर ने जो कुछ भी कहा, वो पूरी तरह से तथ्यों से भरा है। तथ्यों पर आधारित है। भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में टॉप-5 में है, जो इस दशक के अंत से पहले ही टॉप-3 में शामिल हो जाएगी। वहीं, वर्ल्ड बैंक, गोल्डमैन सैच्स जैसी एजेंसियों ने पाता है कि भारत की अर्थव्यवस्था सबसे तेजी से बढ़ रही है। इन्हीं तथ्यों पर बात करते हुए जयशंकर ने कहा, “सबसे पहले, हमारी अर्थव्यवस्था लड़खड़ा नहीं रही है।”

‘द इकोनॉमिक्स टाइम्स’ से बातचीत में विदेश मंत्री ने ‘ज़ेनोफ़ोबिया’ शब्द पर भी जोर दिया और कहा, “भारत हमेशा से एक बहुत ही अनोखा देश रहा है… मैं वास्तव में कहूँगा, दुनिया के इतिहास में, यह एक ऐसा समाज रहा है जो बहुत खुला रहा है… विभिन्न समाजों से अलग-अलग लोग भारत आते हैं।” उन्होंने अपनी बात रखने के लिए नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का भी उदाहरण दिया, जो पड़ोसी देशों से आने वाले शरणार्थियों को नागरिकता प्रदान करने वाला कानून है।

पिता के आवास से हिरासत में लिए गए HD रेवन्ना, करीबी के फार्महाउस से बरामद हुई अपहृत महिला: कर्नाटक सेक्स स्कैंडल में सांसद बेटे प्रज्वल की भी याचिका ख़ारिज

कर्नाटक सेक्स स्कैंडल के मामले में JDS नेता एचडी रेवन्ना को SIT ने हिरासत में ले लिया है। उन्हें शनिवार (4 मई, 2024) को उनके पिता पूर्व प्रधानमंत्री HD देवेगौड़ा के आवास से हिरासत में लिया गया। हासन स्थित होलेनरसीपुर विधानसभा क्षेत्र से 6 चुनाव जीत चुके विधायक HD रेवन्ना और उनके सांसद बेटे प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ कर्नाटक में सेक्स वीडियो लीक मामले में कार्रवाई चल रही है। 2019 में हासन से जीते प्रज्वल इस बार फिर से लोकसभा चुनाव के लिए मैदान में हैं।

मैसूर के एक अपहरण के मामले में बेंगलुरु की एक अदालत ने एचडी रेवन्ना की अग्रिम जमानत याचिका ख़ारिज कर दी, जिसके बाद SIT ने ये कार्रवाई की। अपहृत पीड़िता को हुंसुर तालुका के कलेनहल्ली से बरामद किया गया। पीड़िता को राजशेखर नामक शख्स के फार्महाउस से बरामद किया गया। राजशेखर को एचडी रेवन्ना का करीबी बताया गया है। 29 अप्रैल को उक्त महिला को HD रेवन्ना के रिश्तेदार सतीश बबन्ना द्वारा अपहरण कर लिया गया था।

उसके बाद से उसे उसी फार्महाउस में रखा गया था। उधर जस्टिस संतोष गजानन की पीठ ने प्रज्वल रेवन्ना की अग्रिम जमानत याचिका भी ख़ारिज कर दी है। बेंगलुरु की पीपल्स रिप्रेजेन्टेटिव कोर्ट ने ये फैसला सुनाया है। दोनों बाप-बेटे पर कई महिलाओं के साथ जबरन यौन संबंध बनाने और वीडियो शूट करने के आरोप हैं। उनके घर में काम करने वाली एक महिला की शिकायत के आधार पर FIR भी दर्ज कर ली गई है। हासन लोकसभा क्षेत्र में चुनाव हो चुके हैं और प्रज्वल फ़िलहाल जर्मनी में हैं।

अपहरण के जिस मामले में HD रेवन्ना को हिरासत में लिया गया है, बेंगलुरु के केआर नगर पुलिस थाने में उसकी FIR दर्ज है। एचडी रेवन्ना 2018-19 में 1 साल तक अपने भाई HD कुमारस्वामी की सरकार में PWD मंत्री भी रह चुके हैं। उन्हें हिरासत में लिए जाने से पहले उनके समर्थकों और SIT के बीच बहस भी हुई। कर्नाटक में JDS प्रभावशाली स्थानीय पार्टी है। इसके संस्थापक एचडी देवगौड़ा भी राज्य के मुख्यमंत्री रहे हैं, देश के प्रधानमंत्री रहे हैं।

‘2 हिस्सों में टूट जाएगी कॉन्ग्रेस, 4 जून के बाद अलग अलग हो जाएँगी राहुल-प्रियंका की राहें’: गाँधी परिवार के करीबी रहे नेता का ‘बड़ा दावा’

लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे 4 जून को आएँगे, लेकिन उसके बाद देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कॉन्ग्रेस के बुरे दिन शुरू हो जाएँगे। गाँधी परिवार के बेहद करीबी रहे नेता ने दावा किया है कि 4 जून के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी दो हिस्सों में टूट सकती है। ऐसा होने पर कॉन्ग्रेस के एक धड़े का नेतृत्व राहुल गाँधी करेंगे, तो दूसरे धड़े का नेतृत्व प्रियंका गाँधी वाड्रा। ये दावा किया है प्रियंका गाँधी वाड्रा के बेहद करीबी रहे नेता प्रमोद कृष्णम ने, जिन्हें कॉन्ग्रेस पार्टी से 6 साल के लिए निकाला जा चुका है।

प्रमोद कृष्णम ने दावा किया राहुल गाँधी ने रायबरेली से प्रियंका गाँधी की जगह खुद को चुनाव मैदान में उतार कर बड़ी गलती कर दी है, इससे कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। ये नाराजगी 4 जून के बाद खुलकर सामने आ जाएगी, जब पार्टी दो हिस्सों में टूट जाएगी।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में प्रमोद कृष्णम ने ये दावा किया है। प्रमोद कृष्णम ने दावा किया है कि प्रियंका गाँधी वाड्रा के खिलाफ कॉन्ग्रेस पार्टी के भीतर एक साजिश हो रही है, जिसका वो शिकार हो रही हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी का एक बड़ा धरा नहीं चाहता है कि प्रियंका गाँधी संसद के अंदर पहुँचें। इससे पहले भी आचार्य प्रमोद कृष्णम प्रियंका गाँधी का खुलकर समर्थन कर चुके हैं।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने राहुल गाँधी के अमेठी छोड़ने के बाद रायबरेली से लड़ने के फैसले को गलत फैसला बताया है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि जब राजा मैदान छोड़कर कर भाग जाता है, तो सेना हार मान लेती है। अभी देखना कॉन्ग्रेस पार्टी के बहुत नेता भागेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अपमान पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा राहुल गाँधी को ये भी नहीं पता होगा द्वारिका कहाँ है? द्वारिकाधीश कौन हैं? उनको तो केवल दिल्ली की द्वारिका का ही पता है।

प्रमोद कृष्णम ने कहा कि राहुल गाँधी ने प्रियंका गाँधी के खिलाफ साजिश रची है। इसकी वजह से 4 जून के बाद कॉन्ग्रेस में एक और टूट होगी। एक कॉन्ग्रेस होगी राहुल गाँधी की और एक होगी प्रियंका गाँधी की। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अंदर ज्वालामुखी धधक रहा है। इस पूरे षडयंत्र के बारे में प्रियंका गाँधी को जानकारी है।

‘लालू यादव ने की गोधरा में रामभक्तों को जलाने वाले को बचाने की कोशिश’: दरभंगा पहुँचे PM मोदी ने RJD पर किया वार, कहा – बलिदानी सैनिकों में भी हिन्दू-मुस्लिम देखते हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (4 मई, 2024) को बिहार के मिथिला स्थित दरभंगा पहुँचे, जहाँ उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024 से पहले एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अब जब भारत तेजी से विकसित हो रहा है, तो बिहार के तेज विकास का यही समय है। पीएम मोदी ने कहा कि जब अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हो रही थी, तब उन्होंने कहा था कि अब भारत आने वाले 1000 साल का भविष्य लिखेगा। बकौल पीएम मोदी, कई बार इतिहास की एक घटना ही कई-कई शताब्दियों का भाग्य तय कर देती है।

पीएम मोदी ने कहा कि आज से 1000 साल पहले, जब पश्चिम से भारत पर हमले होने शुरू हुए थे, तब किसी ने नहीं सोचा था कि भारत एक हजार साल की गुलामी में घिर जाएगा। उन्होंने कहा कि जो बिहार देश को दिशा दिखाता था, वो ऐसे संकटों से घिरा की सब कुछ तबाह हो गया, लेकिन भारत के भाग्य ने, बिहार के भाग्य ने एक बार फिर करवट ली है। प्रधानमंत्री ने ऐलान किया कि 21वीं सदी में ये कालखंड ऐसा आया है, जब भारत फिर से अपनी सारी बेड़ियाँ तोड़ कर उठ खड़ा हुआ है। पीएम मोदी ने कहा कि केंद्रीय रेल मंत्री रहते लालू यादव ने की गोधरा में रामभक्तों को जलाने वाले को बचाने की कोशिश की।

उन्होंने कहा कि आज दुनिया में भारत की साख नई ऊँचाई पर है और आज भारत चाँद पर पहुँच गया है, जहाँ कोई नहीं पहुँचा। पीएम मोदी ने याद दिलाया कि 10 साल पहले हम दुनिया की 11वें नंबर की अर्थव्यवस्था थे, सिर्फ 10 साल में हम दुनिया की 5वें नंबर की अर्थव्यवस्था बन चुके हैं। तेजस्वी यादव पर वार करते हुए उन्होंने कहा कि जैसे एक शहजादा दिल्ली में है, वैसे ही एक शहजादा पटना में भी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक शहजादे ने बचपन से पूरे देश को और दूसरे शहजादे ने पूरे बिहार को अपनी जागीर समझा है।

उनका मानना है कि इन दोनों शहजादों के रिपोर्ट कार्ड एक जैसे हैं, इनके रिपोर्ट कार्ड में सिवाय घोटालों और बेलगाम कानून-व्यवस्था के कुछ नहीं है। दरभंगा में पीएम मोदी ने कहा कि आज नीतीश कुमार के नेतृत्व में NDA सरकार बिहार के विकास के लिए दिन-रात काम कर रही है, हमारी प्रेरणा कर्पूरी ठाकुर जी हैं, कुछ समय पहले जिन्हें भारत रत्न देने का सौभाग्य हमें मिला है। उन्होंने याद दिलाया कि बाबासाहेब के नेतृत्व में संविधान सभा ने 75 साल पहले तय किया था कि हमारे देश में धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दे सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के मिथिला स्थित दरभंगा में कहा, “पंडित नेहरू ने भी धर्म के आधार पर आरक्षण का विरोध किया। लेकिन अब कॉन्ग्रेस पंडित नेहरू जी की भावना के विरुद्ध जा रही है, बाबासाहेब की पीठ में छूरा घोंप रही है, संविधान को तोड़ने में लगी है। कॉन्ग्रेस लगी हुई है कि OBC कोटे को कम करके, धर्म के आधार पर मुस्लिमों को आरक्षण दे दिया जाए और कॉन्ग्रेस की इस साजिश में RJD भी कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। अब राजद ने ये गिनना शुरू कर दिया है कि सेना में कौन हिंदू है, कौन मुस्लिम है। ये लोग समाज को बाँटने के लिए, देश की एकता तोड़ने के लिए कुछ भी कर सकते हैं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि माँ भारती की रक्षा के लिए जो सीने पर गोली खाता है, वो पहले भारतीय होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजद के लोग उसे हिंदू-मुस्लिम की नजर से देखते हैं। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस ऐसा कानून बनाना चाहती है कि दिल्ली में उनकी सरकार बनेगी तो आपके माँ-बाप ने जो कमाया है, वो अब आपको नहीं मिलेगा, आधा इनकी सरकार छीन लेगी। पीएम ने आरोप लगाया कि 55% विरासत पर ये फतवा लाना चाहते हैं।

बलात्कार कर नाबालिग दलित लड़की को गर्भवती किया, चाकूबाजी कर इंस्पेक्टर और कॉन्स्टेबल को पहुँचा दिया अस्पताल: सद्दाम हुसैन के पाँव में लगी पुलिस की गोली

कर्नाटक के धारवाड़ स्थित हुबली नवानगर में सद्दाम हुसैन नामक एक शख्स को दलित नाबालिग लड़की से बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उस पर POCSO (बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम) एक्ट के तहत मामला चलाया जा रहा है। शुक्रवार (3 मई, 2024) को सुतागत्ती इलाके में उसने 2 पुलिसकर्मियों पर चाकू से हमला कर दिया और पुलिस अभिरक्षा से भागने की कोशिश की। मजबूरी में पुलिस को भी गोली चलानी पड़ी, जो उसके पाँव में जाकर लगी।

19 वर्षीय सद्दाम हुसैन पर आरोप है कि उसने अपनी ही क्लास में पढ़ने वाली दलित नाबालिग लड़की के साथ न सिर्फ बलात्कार किया, बल्कि उसे गर्भवती भी कर डाला। फिर उसने नवानगर पुलिस की कस्टडी से भागने की कोशिश में धारवाड़ विद्यागिरी के पुलिस इंस्पेक्टर संगमेश बिदिगिनल को घायल कर दिया। उनके अलावा एक अन्य कॉन्स्टेबल पर भी उसने वार किया। जैसे ही उसने चाकूबाजी की, पुलिस ने एक गोली हवा में चलाई और एक उसके पाँव की तरफ।

डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (लॉ एन्ड ऑर्डर) राजीव M ने इसकी जानकारी दी। जहाँ सद्दाम हुसैन का इलाज KIMS हॉस्पिटल में चल रहा है, वहीं दोनों घायल पुलिसकर्मियों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सद्दाम हुसैन ने पहले पीड़िता से दोस्ती कर के छद्म तरीके से उसका विश्वास हासिल किया, फिर उसके साथ जबरन यौन संबंध स्थापित किया। उसने लड़की को धमकाया भी था। 1 घंटे के भीतर उसकी गिरफ्तारी हो गई। उस पर SC/ST एक्ट के तहत भी मामला चलाया जा रहा है।

पुलिस कमिश्नर रेणुका सुकुमार ने बताया कि आत्मरक्षा में पुलिस ने गोली चलाई। घायलों की स्थिति स्थिर है। पुलिस को अस्पताल से नाबालिग लड़की के गर्भवती होने की सूचना मिली थी, जाँच के बाद FIR दर्ज की गई और आरोपित की पहचान हुई। स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडु ने कहा कि धारवाड़ पुलिस को जैसे ही घटना की सुचना मिली, उन्होंने त्वरित रूप से कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने सही काम किया है, उस स्थिति में सद्दाम हुसैन ने जो किया वो अपराध है और कानून के हिसाब से वो परिणाम भुगतेगा।

केजरीवाल सरकार ने 12 लाख नौकरियों का किया था वादा, 2020 के बाद से नहीं दी कोई नौकरी: RTI में खुलासा

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने 2021 से एक भी नौकरी नहीं दी है। इसका खुलासा एक सूचना के अधिकार (RTI) में हुआ है। RTI के तहत माँगी गई जानकारी में कहा गया है कि दिल्ली सरकार के रोजगार विभाग के रोजगार पोर्टल के माध्यम से 2020 में केवल 28 नौकरियाँ दी गईं। उसके बाद से लोगों को रोजगार के कोई अवसर मिले हैं।

RTI ऐक्टिविस्ट विवेक पांडे द्वारा माँगी गई सूचना पर दिल्ली सरकार के रोजगार निदेशालय ने शुक्रवार (3 मई 2024) को इस संबंध में जानकारी दी। विवेक ने अपने सोशल मीडिया साइट X पर भी पोस्ट किया है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “अरविंद केजरीवाल के 12 लाख नौकरियाँ देने के वादे के बावजूद। सरकार का एक और टूटा हुआ वादा, जिससे अनगिनत नौकरी चाहने वालों को निराशा हुई।”

विवेक पांडे ने इससे पहले साल 2022 में भी एक RTI दायर कर कुछ ऐसा ही जवाब माँगा था। इसमें बताया गया था कि केजरीवाल सरकार ने साल 2015 में 176 नौकरियाँ, साल 2016 में 102 नौकरियाँ, साल 2017 में 66 नौकरियाँ, 2018 में 68 नौकरियाँ और साल 2019 में 0 नौकरियाँ दी गई थीं।

वहीं, पिछले 9 वर्षों (2015-2024) में रोजगार पोर्टल के माध्यम से प्रदान की गई नौकरियों की कुल संख्या 440 है। यह आम आदमी पार्टी (AAP) सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल द्वारा दिल्ली के युवाओं को 12 लाख नौकरियाँ प्रदान करने के दावों के बिल्कुल विपरीत है।

मई 2024 में प्राप्त आरटीआई जवाब का स्क्रीनग्रैब

दिल्ली सरकार के रोजगार पोर्टल के अनुसार, केजरीवाल सरकार द्वारा शुरू किए गए प्लेटफॉर्म पर कुल 16.22 लाख नौकरी चाहने वालों ने पंजीकरण कराया था। बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी में युवाओं को 12 लाख नौकरियाँ देने के अरविंद केजरीवाल के दावे पर पिछले साल अप्रैल में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सवाल उठाया था।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान असम के मुख्यमंत्री सरमा ने पूछा था, “उन्होंने (अरविंद केजरीवाल) कहा है कि उनकी सरकार ने 12 लाख नौकरियाँ दीं। वह सात साल में इतनी नौकरियाँ कैसे दे सकते हैं, जबकि दिल्ली में केवल 1.5 लाख नौकरियाँ खाली हैं?”

2022 में प्राप्त आरटीआई जवाब का स्क्रीनग्रैब

अप्रैल 2023 में भाजपा नेता मनोज तिवारी ने भी रोजगार के दावों को लेकर लोगों को गुमराह करने के लिए अरविंद केजरीवाल पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था, “केजरीवाल देश के सबसे बड़े झूठे और सबसे भ्रष्ट और बेईमान मुख्यमंत्री हैं। यह अच्छा लगता है कि 12 लाख नौकरियाँ दी गई हैं, लेकिन यह एक झूठा दावा है जैसा कि उनकी सरकार के एक आरटीआई जवाब से साबित हुआ है था।”

उस समय आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल ने यह दावा करके अपना बचाव करने की कोेशिश की थी कि आरटीआई में दिए गए डेटा रोजगार पोर्टल तक ही सीमित था। इनमें नौकरियों पर सरकारी और राज्य-वार डेटा शामिल नहीं था।

उन्होंने दावा किया था, “अगर भाजपा नेता पर्याप्त शिक्षित होते तो वे रोजाना ऐसे हास्यास्पद बयान देकर खुद को शर्मिंदा नहीं कर रहे होते। वे दिल्ली सरकार के रोजगार निदेशालय की एक आरटीआई प्रतिक्रिया का हवाला दे रहे हैं, जिसमें खुद कहा गया है कि यह उत्पन्न नौकरियों पर सरकार-व्यापी और राज्य-व्यापी डेटा नहीं रखता है।”

पार्टी ने आगे कहा था, “दिल्ली की बसों में नियुक्त बस मार्शलों की संख्या 13,000 से अधिक है। दिल्ली सरकार पहले ही दिल्ली विधानसभा में शहर में सृजित 12 लाख नौकरियों का विस्तृत सारांश पेश कर चुकी है, जिसमें दिल्ली सरकार में लगभग 2 लाख नौकरियाँ भी शामिल हैं।”

कॉन्ग्रेस को टुकड़े-टुकड़े गिरोह बता साथियों समेत BJP में शामिल हुए अरविंदर सिंह लवली: कहा – देश के लिए काम कर रही भाजपा, कॉन्ग्रेस को न अपनी चिंता है न भारत की

दिल्ली में कॉन्ग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली अब भाजपा में शामिल हो गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के कुछ ही दिनों बाद शनिवार (4 मई, 2024) को उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने AAP (आम आदमी पार्टी) से कॉन्ग्रेस के गठबंधन से नाराज़गी जताते हुए पार्टी छोड़ दी थी। कॉन्ग्रेस पार्टी द्वारा कन्हैया कुमार और उदित राज को उम्मीदवार बनाए जाने के खिलाफ भी पार्टी में अंदरूनी कलह हो रही है। लवली के साथ पूर्व कॉन्ग्रेस विधायक राजकुमार चौहान, नसीब सिंह, नीरज बसोया, यूथ कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष रहे अमित मलिक भी भाजपा में आए।

55 वर्षीय अरविंदर सिंह लवली 2013-15 के बीच भी दिल्ली कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं। 1998 में मात्र 29 वर्ष की उम्र में वो पूर्वी दिल्ली के गाँधीनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक बन गए थे। उन्होंने यहाँ से लगातार 4 चुनाव जीते, 17 वर्षों तक वो यहाँ से कॉन्ग्रेस पार्टी के विधायक रहे। शीला दीक्षित के मुख्यमंत्रित्व काल में उन्होंने कई बड़े मंत्रालय भी सँभाले। उन्होंने DU के SGTB खालसा कॉलेज से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक किया है।

वो छात्र राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं। भीमराव आंबेडकर कॉलेज में वो छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए, फिर 1990 में दिल्ली में यूथ कॉन्ग्रेस के जनरल सेक्रेटरी बने। 1992-96 में वो कॉन्ग्रेस के NSUI के जनरल सेक्रेटरी रहे। बताते चलें कि दिल्ली का पहला मेट्रो स्टेशन गाँधीनगर उनके ही इलाके में खुला था। 2001-02 में उन्हें दिल्ली विधानसभा द्वारा सर्वश्रेष्ठ विधायक का ख़िताब भी मिला। 2003 में ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ (TOI) और ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ (HT) ने उन्हें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला MLA चुना।

भाजपा में शामिल होने के बाद अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि अपने तमाम साथियों से उन्होंने बातचीत की, दिल्ली की सभी 70 विधानसभाओं में उनसे जुड़े कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी कहा कि आपको घर नहीं बैठना है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस्तीफा देने के बाद सक्रिय न रहने का सोचा था, लेकिन दिल्ली के लोगों की लड़ाई लड़ने की सलाह उनके साथियों ने दी। उन्होंने कहा कि एक लंबा काफिला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष JP नड्डा को धन्याद दिया।

अरविंदर सिंह लवली इससे पहले भी भाजपा में आए थे, कुछ समय बाद फिर वो चले गए थे। इस पर उन्होंने कहा कि वो 18 वर्ष की उम्र में ही कॉन्ग्रेस में शामिल हो गए थे, उस समय ये बताया गया कि इंदिरा गाँधी ने अपने भाषण में कहा था कि उनके खून का कतरा-कतरा देश के नाम है। बकौल अरविंदर सिंह लवली, अब कॉन्ग्रेस पार्टी कतरे-कतरे से टुकड़े-टुकड़े तक पहुँच गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा देश के लिए लड़ रही है, ऐसी पार्टी को हमें सशक्त करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके कई अन्य साथी भी भाजपा में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस आलाकमान को न अपनी पार्टी की चिंता है, न देश की।

नदीम ने किया 11 साल की मुस्लिम बच्ची का रेप… हिंदुओं को बदनाम करने लगे कट्टर इस्लामी-वामपंथी, भगवान को बताया ‘रेपिस्ट’

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में 11 साल की नाबालिग मुस्लिम लड़की के साथ किडनैपिंग और गैंगरेप की वारदात हुई। ये वारदात 27 अप्रैल की है। इस वारदात को अंजाम दिया उसी गाँव के नदीम ने। इस केस में नदीम को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है, और मामले की जाँच चल रही है। इस बीच, सोशल मीडिया पर उसी बच्ची का एक अपुष्ट वीडियो वायरल हुआ, जिसे शेयर कर इस्लामिक कट्टरपंथियों ने हिंदुओं को बदनाम करने की कोशिश की।

इस वीडियो को शेयर करते हुए इस्लामिक कट्टरपंथियों ने इस वारदात के पीछे 3 हिंदू आरोपितों का होना बताया। यही नहीं, इस वारदात की आड़ में, जिसे नदीम ने अंजाम दिया… उसकी आड़ में हिंदू देवताओं को बलात्कारी बताया गया और हिंदुओं को आतंकवादी।

हक अली नाम के एक्स यूजर ने वारदात की जगह को बागपत बताते हुए बागपत पुलिस को टैग किया और लिखा, ‘मुस्लिम किशोरी का 3 हिंदुओं ने गैंगरेप किया। इन हिंदू आतंकियों के साथ ‘सह अस्तित्व’ की भावना के साथ रहना संभव नहीं, जिनके ‘भगवान’ भी रेपिस्ट हैं। यूपी पुलिस, डीजीपी यूपी, ट्रूस्टोरीयूपी, क्या पुलिस हिंदू रेपिस्ट को अरेस्ट करेगा और सजा होगा?’ यही नहीं, उसने हिंदुओं के खिलाफ ट्विटर पर आग उगलने वाले 2 कथित पत्रकारों प्रज्ञा और साक्षी जोशी को भी टैग किया।

हक अली के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

हक अली का मामला एक है, लेकिन इस मामले को हिंदुओं के साथ जोड़ने की कोशिश कई यूजर्स ने की। ऐसे 9 यूजर्स के पोस्ट को मिसलीडिंग बताते हुए लोकप्रिय एक्स हैंडल OSINT ‘डी-इंटेंट डेटा’ ने पोस्ट किया और इनका भंडाफोड़ किया। शनिवार (4 मई) को शेयर स्क्रीनशॉट में इस्लामिक कट्टरपंथी दावा कर रहे हैं कि हिंदुओं ने ही 11 साल की मुस्लिम लड़की का रेप किया।

D-Intent Data नाम के हैंडल ने लिखा, “एक बलात्कार पीड़िता का एक संवेदनशील वीडियो यह दावा करते हुए प्रसारित किया जा रहा है कि यूपी के बागपत में तीन हिंदू पुरुषों द्वारा 11 वर्षीय मुस्लिम लड़की का अपहरण किया गया और उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। बात ये है कि पुलिस ने नदीम पुत्र यूनिस नाम के एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।”

इस मामले में खुद को मानवाधिकार कार्यकर्ता, महिला कार्यकर्ता और शांति कार्यकर्ता बताने वाली सैय्यद उज्मा परवीन ने अपना एक वीडियो जारी किया और इस वीडियो में भी हिंदुओं को बदनाम करने की कोशिश की।

वीडियों में सैय्यदा उज्मा बोलती दिख रही हैं, “बागपत में एक 11 साल की बच्ची का गैंगरेप हुआ है, ये उन दरिंदों ने किया है, जो खुद को हिंदूवादी बताते हैं। 4 लोगों ने 11 साल की मासूम बच्ची का रेप किया। अब ये गठबंधन क्यों खामोश हैं? वो भी तो किसी की बच्ची है। क्या आप यहाँ पर भी हिंदू-मुस्लिम देख रहे हैं।” आगे वो राजनीतिक बातें करती दिख रही हैं। हालाँकि इस वीडियो के जवाब में बागपत पुलिस ने सूचित भी किया है कि आरोपित का असली नाम क्या है और किसे गिरफ्तार किया है। इसके बावजूद वो अपना वीडियो हटाती नहीं दिख रही है।

इस मामले में बागपत पुलिस ने भी बताया है कि नाबालिग लड़की के अपहरण और रेप के मामले में पुलिस ने आरोपित नदीम पुत्र यूनुस को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और जाँच की जा रही है।

इस मामले में शुक्रवार (3 मई 2024) को बड़ौत के सीओ सविरत्ना गौतम ने बताया, “27 अप्रैल को नाबालिग बच्ची के अपहरण की खबर मिसी, ये वारदात असारा गाँव की है, जो रमाला पुलिस थाने में आता है, हमें बच्ची को बरामद कर लिया है। बच्ची के बयान के अनुसार, उसी गाँद के व्यक्ति ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर रेप किया। हमने सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में जाँच की जा रही है।”

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में नाबालिग का बयान 161CrPC के तहत दर्ज किया गया है और बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। कोर्ट में बच्ची का CrPC के सेक्शन 164 के तहत भी बच्ची का बयान दर्ज कराकर उसके घर वालों के सुपुर्द कर दिया गया है। इस मामले में पुलिस ने नदीम पुत्र यूनुस को गिरफ्तार कर लिया है।

राहुल गाँधी ने फिर दिखाई हिन्दू घृणा: PM मोदी की भक्ति को बताया ड्रामा, भगवान श्रीकृष्ण की नगरी पर बरसे पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष

महाराष्ट्र के पुणे में एक जनसभा के दौरान कॉन्ग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने शुक्रवार (3 मई, 2024) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारका दौरे पर सवाल उठाए। बता दें कि पीएम मोदी फरवरी 2024 के अंतिम सप्ताह में द्वारका पहुँचे थे, जहाँ उन्होंने न सिर्फ द्वारकाधीश भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए थे बल्कि समुद्र में डूबी द्वारका नगरी को भी देखा था। उन्होंने इसे एक दिव्य अनुभूति बताते हुए कहा था कि उन्हें एक प्राचीन आध्यात्मिक वैभव और शाश्वत भक्ति से जुड़ाव महसूस हुआ।

जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अध्यात्म और भक्ति है, वायनाड के सांसद राहुल गाँधी के लिए वही ड्रामा है। राहुल गाँधी ने पुणे में कहा, “नरेंद्र मोदी कभी पाकिस्तान की बात करेगा, कभी समुंदर के नीचे जाकर ड्रामा करेगा। आपने देखा, पता नहीं देखा या नहीं। वो समुंदर के नीचे जाकर डरा हुआ था, कि कहीं कुछ हो न जाए यहाँ पर। मजाक बना रखा है राजनीति का।” राहुल गाँधी ने देश के प्रधानमंत्री के लिए इस दौरान असभ्य भाषा-शैली का भी परिचय दिया।

राहुल गाँधी के भाषण का ये अंश सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया, जहाँ लोगों ने कहा कि सनातन धर्म के प्रति पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष ने एक बार फिर से अपनी घृणा का प्रदर्शन किया है। पुणे की जनसभा में भी राहुल गाँधी ने संविधान की प्रति दिखाते हुए दावा किया कि मोदी सरकार इसे बदलना चाहती है। उन्होंने एक बार फिर से उद्योगपति गौतम अडानी पर निशाना साधा। उन्होंने इस दौरान महिलाओं के बैंक खाते में 1 लाख रुपए डालने का भी लालच दिया।

बता दें कि प्राचीन द्वारका नगरी के के बारे में मान्यता है कि उसे भगवान श्रीकृष्ण ने देह-त्याग से पहले समुद्र में डुबो दिया था। पुरातत्त्वविदों ने समुद्र में हजारों वर्ष पूर्व शहर के अवशेष भी खोज निकाले हैं। बता दें कि श्रीकृष्ण ने मथुरा छोड़ कर अपनी राजधानी द्वारका बसाई थी, जहाँ अरब सागर और रेवतक पर्वत के कारण उनकी जनता सुरक्षित थी। इसे प्राचीन साहित्य में द्वारावती भी कहा गया है। वर्णन है कि द्वारका समुद्र से घिरी हुई थी। इसका एक अंश ‘भेंट द्वारका’ द्वीप के रूप में आज भी मौजूद है, जहाँ श्रद्धालु दर्शन भी करते हैं।