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शहजादा अमेठी से इतना डरा हुआ है कि रायबरेली भाग गया, उनकी नेता राजस्थान भागी, अरे डरो मत-भागो मत: पीएम मोदी का गाँधी परिवार पर हमला

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी पर हमला बोला है। पीएम मोदी ने कहा है कि कॉन्ग्रेस की बड़ी नेता सोनिया गाँधी पहले रायबरेली छोड़ कर राजस्थान भाग गईं और अब शहजादा डर के कारण अमेठी की जगह रायबरेली से लड़ रहा है। पीएम मोदी ने यह हमला राहुल गाँधी के रायबरेली से कॉन्ग्रेस प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद किया है।

पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस पर यह हमला पश्चिम बंगाल के बर्धमान में बोला। यहाँ वह एक रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने यहाँ अमेठी छोड़ने के राहुल गाँधी के निर्णय पर कहा, “मैंने तो पहले ही संसद में तक कहा था कि इनकी बड़ी नेता (सोनिया गाँधी) चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं करेगी और डर कॉग्केरेस मारे भाग जाएगी। वह भाग करके राजस्थान गई और राजस्थान से राज्यसभा में आई। मैंने पहले ही बताया था कि शाहजादे वायनाड में हारने वाले हैं और हार के डर से जैसे ही मतदान होगा वह तीसरी सीट खोजने लग जाएँगे।”

पीएम मोदी ने आगे और हमला बोलते हुए कहा, “अब दूसरी सीट पर उनके चेले चपाटे कह रहे थे कि अमेठी आएँगे, लेकिन वह अमेठी से इतना डर गए कि रायबरेली से चुनाव लड़ रहे हैं। ये लोग घूम घूम कर सबसे कहते हैं कि डरो मत, मैं भी आज उन्हें कहता हूँ, अरे डरो मत, भागो मत।”

पीएम मोदी ने कहा कि कॉन्ग्रेस पहले से कम सीटों पर लड़ रही है और वह इस बार कम सीटों पर सिमट जाएँगे। पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस पर आरोप लगाया कि वह केवल देश बाँटने के लिए चुनाव लड़ रही है। पीएम मोदी ने यहाँ अपनी उपलब्धियां भी गिनाई। आप पीएम मोदी का यह भाषण यहाँ सुन सकते हैं।

उन्होंने बंगाल की ममता बनर्जी की TMC सरकार पर भी हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा, “बंगाल में हिन्दुओं की क्या हालत हो गई है, लगता है TMC सरकार ने हिन्दुओं को दोयम दर्जे का नागरिक बना दिया है। इनके जय श्री राम से आपत्ति है, बोल दो तो बुखार आ जाता है। इनको राम मंदिर के निर्माण और रामनवमी से आपत्ति है।”

पीएम मोदी ने इस रैली में संदेशखाली का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि TMC सरकार दलित बहनों पर अत्याचार करने वाले को बचाती रही। उन्होंने कहा कि क्या केवल उसे इसलिए बचाया गया कि उसका नाम शाहजहाँ शेख था। पीएम मोदी ने वोट जिहाद वाले बयान का मुद्दा भी यहाँ उठाया।

राहुल गाँधी के रायबरेली से लड़ने की घोषणा शुक्रवार (3 मई सुबह) को की गई।

जिस रोहित वेमुला के नाम पर इकोसिस्टम ने काटा था बवाल, वह दलित नहीं था: रिपोर्ट में बताया- पोल खुलने के डर से किया सुसाइड, तेलंगाना पुलिस ने बंद की फाइल

हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या के मामले में तेलंगाना पुलिस ने बताया है कि वह दलित नहीं था। तेलंगाना पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि रोहित वेमुला अपनी असल जाति को छुपा रहा था और इसके उजागर होने के डर के चलते उसने आत्महत्या की होगी। तेलंगाना पुलिस ने इस मामले की फाइल बंद करने का निर्णय लिया है।

यह जानकरी द न्यूज मिनट ने दी है। तेलंगाना पुलिस यह रिपोर्ट शुक्रवार (3 मई, 2024) को तेलंगाना हाई कोर्ट में रखी जाएगी। पुलिस ने कहा है कि रोहित की माँ ने उसे फर्जी अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनवा के दिया और रोहित को लगातार यह डर बना रहता था कि यदि उसका भेद खुला तो उसकी डिग्रियाँ खत्म हो जाएँगी।

पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि रोहित वेमुला वद्देरा जाति से ताल्लुक रखता था जो कि पिछड़ा वर्ग में आती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रोहित वेमुला की मौत के लिए अन्य कोई व्यक्ति जिम्मेदार नहीं था। यह भी बताया गया कि रोहित वेमुला की जाति की असल पहचान के लिए जब उनकी माँ राधिका से DNA टेस्ट के विषय में बात की गई तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

पुलिस रोहित की माँ के DNA सैंपल को उनके परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलाकर देखना चाहती थी ताकि जाति के विषय में कोई जानकारी जुटाई जा सके। रिपोर्ट में कहा गया है कि रोहित वेमुला पढ़ने से अधिक छात्र राजनीति में ध्यान देता था।

तेलंगाना पुलिस इस रिपोर्ट को हाई कोर्ट में रख कर मामले को बंद करने की माँग करेगी। गौरतलब है कि हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला ने जनवरी, 2016 में फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। वह यहाँ पीएचडी का छात्र था।

उसने आत्महत्या पर आरोप लगाया था कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसे परेशान किया था। इस मामले को लेकर कॉन्ग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने खूब हल्ला मचाया था। इस मामले में भाजपा सांसद बंडारू दत्तात्रेय के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई थी।

दरअसल, उन्होंने विश्वविद्यालय कैम्पस में होने वाली गुंडागर्दी को रोकने के लिए एक पत्र लिखा था। यह भी आरोप लगाया गया था कि रोहित का मासिक मानदेय ₹25,000 रोक दिया गया था। रोहित वेमुला समेत उनके संगठन पर आरोप लगा था कि वह आतंकी याकूबी मेमन की फाँसी का विरोध कर रहे थे।

इस पूरे मामले के बीच रोहित वेमुला को दलित छात्र के रूप में पेश किया गया था और उसकी आत्महत्या का जिम्मेदार सरकारी नीतियों को बता दिया गया था। हालाँकि, अब पुलिस जाँच में सामने आया है कि रोहित ना तो दलित और ना ही उसने किसी से परेशान होकर आत्महत्या की थी।

डरो मत! मेरी तरह भाग जाओ… ‘शहजादे’ की नेटिजन्स कर रहे धुलाई, बोले- ये डर अच्छा लगा

कॉन्ग्रेस ने शुकवार (3 मई, 2024) को ऐलान किया कि राहुल गाँधी अमेठी से नहीं बल्कि रायबरेली से चुनाव लड़ेंगे। इसका अर्थ है कि वह भाजपा नेता स्मृति ईरानी का मुकाबला नहीं करेंगे। उनके इस निर्णय पर अब सोशल मीडिया उनके मजे ले रहा है और उनकी मैदान छोड़ने वाला बता रहा है। उनके एक पुराने बयान ‘डरो मत’ को भी फिर से शेयर किया जा रहा है और ‘FattuPappu’ नाम से ट्रेंड चलाया जा रहा है।

राहुल गाँधी रायबरेली से अपनी माँ सोनिया गाँधी की जगह चुनाव लड़ेंगे जबकि अमेठी से कॉन्ग्रेस ने किशोरी लाल शर्मा को उतारा है। राहुल 2019 में अमेठी का चुनाव केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से हार गए थे और वायनाड से सांसद बने थे। इस बार उन्होंने पहले केवल वायनाड से पर्चा भरा था और अब उनके रायबरेली से चुनाव लड़ने की घोषणा की गई है।

उनके इस कदम पर सोशल मीडिया में लोग मजे ले रहे हैं और ‘FattuPappu’ ट्रेंड चला रहे हैं। यह ट्रेंड चलाने वालों का कहना है कि राहुल गाँधी स्मृति ईरानी के सामने इसलिए लड़ने नहीं आए क्योंकि उन्हें हार का डर साफ़ दिख रहा था। उन पर कई मीम भी वायरल हो रहे हैं।

राजनीतिक मामले पर टीका-टिप्पणी करने वाले Mr. Sinha ने लिखा, “अब साफ़ हो गया कि राहुल गाँधी अमेठी की जगह रायबरेली से लड़ेंगे। वह एक बार फिर स्मृति ईरानी जी का सामना करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।”

एक और यूजर ने उनका डरो मत वाला पुराना फोटो डालते हुए लिखा, “डरो मत, रायबरेली बचाओ, अमेठी से लड़ो मत”

एक और यूजर ने लिखा, “डरो मत, बस भाग जाओ”

एक यूजर ने लिखा, “मेरी तरह भाग जाओ, चमचों इसी में भलाई है।”

कुछ लोग उनके भागने वाले वीडियो लगाकर मजे ले रहे हैं।

एक यूजर ने लिखा ‘ये डर अच्छा लगा’

गौरतलब है कि इससे पहले चर्चा थी कि प्रियंका गाँधी रायबरेली से चुनाव लड़ सकती हैं। हालाँकि, अब इन अटकलों पर विराम लग गया है। प्रियंका गाँधी दूसरी तरफ अमेठ के फुर्सतगंज हवाई अड्डे पर पहुँच गई हैं। यहाँ वह कॉन्ग्रेस के चुनाव प्रचार में भाग लेंगी। वह अमेठी में नामांकन में भी हिस्सा लेंगी।

अमेठी और रायबरेली में शुक्रवार (3 मई, 2024) को नामांकन की आखिरी तिथि है। यहाँ 20 मई को मतदान होना है।

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फोन दिल्ली के पालम में छोड़ा, बदले कई रिक्शे… 10 दिन से गायब हैं ‘तारक मेहता के उलटा चश्मा’ वाले सोढ़ी भाई: साजिश या खुद लापता हुए गुरुचरण सिंह?

पॉपुलर टीवी शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा (TMKOC) फेम सोढ़ी उर्फ़ गुरुचरण सिंह की गुमशुदगी उनका खुदका प्लान हो सकती है। 10 दिन से गायब टीवी अभिनेता का अभी तक कोई पता नहीं चला है। वह 22 अप्रैल को आखिरी बार दिल्ली में देखे गए थे, तब से उनके विषय में कोई जानकारी नहीं है। दिल्ली पुलिस अब दूसरे एंगल से इस मामले की कड़ियाँ जोड़ रही है।

गुरुचरण सिंह सोढ़ी के पिता ने 26 अप्रैल, 2024 को दिल्ली पुलिस के पास एक शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में कहा गया था कि 22 अप्रैल को सोढ़ी अपने घर से मुंबई जाने के लिए निकले थे। उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट से फ्लाइट पकड़नी थी। हालाँकि, वह ना इस दिन दिल्ली एयरपोर्ट पहुँचे और ना ही मुंबई। वह वापस घर भी नहीं आए।

उनका फोन भी बंद आ रहा था। इसके बाद पुलिस ने उनके अपहृत होने की शिकायत दर्ज की। पुलिस जाँच में सामने आया कि उन्होंने 24 अप्रैल को ATM से ₹7000 निकाले थे। वह 24 तारीख तक दिल्ली में ही थे और इस दिन तक उनका फ़ोन भी ऑन था। इसके बाद उनका फोन ऑफ आने लगा और उनकी कोई लोकेशन भी नहीं मिली।

CCTV जाँच में वह कई ई रिक्शा बदलते हुए देखे गए थे लेकिन उनकी अब उनके विषय में कोई जानकारी नहीं है। यह भी मालुम हुआ था कि वह आर्थिक समस्या से जूझ रहे थे, लेकिन परिवार ने इस बात का खंडन किया था। अब इस मामले में नया खुलासा हुआ है। न्यूज18 की एक रिपोर्ट में पुलिस सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि संभवतः सोढ़ी ने खुद की गुमशुदगी कि प्लानिंग की हो।

पुलिस सूत्रों ने इस मामले में बताया है, “उन्होंने अपना फोन पालम इलाके में छोड़ दिया था। हम उन्हें खोजने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इस कारण से हमारे लिए गुरुचरण सिंह का पता लगाना और भी मुश्किल हो गया है, क्योंकि फोन अभिनेता के पास नहीं है। हमने जो सीसीटीवी फुटेज बरामद की है, उसमें वह एक ई-रिक्शा से दूसरे ई-रिक्शा पर जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। ऐसा लगता है कि उन्होंने सब कुछ पहले से प्लान कर रखा था और दिल्ली से बाहर चले गए हैं।”

गुरुचरण सिंह TMKOC में 2020 तक काम करते थे और उन्होंने इसी साल यह शो छोड़ दिया था। वह इसमें सोढ़ी का किरदार निभाते थे। इस शो के डायरेक्टर असित मोदी ने बताया है कि उनका पूरा भुगतान कर दिया गया था। उन्होंने उनके सकुशल होने की भी कामना की है। इसके लावा तारक मेहता शो के अन्य कई कलाकारों ने भी उनके जल्द वापस लौटने की उम्मीद जताई है।

स्मृति ईरानी से मुकाबले की हिम्मत नहीं जुटा पाए राहुल गाँधी, माँ सोनिया की छोड़ी सीट रायबरेली से लड़ेंगे चुनाव: बहन प्रियंका भी मैदान में उतरने से पीछे हटी

कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी अमेठी लोकसभा सीट से चुनाव नहीं लड़ेंगे। इसकी जगह कॉन्ग्रेस ने उन्हें रायबरेली लोकसभा से प्रत्याशी बनाया है। कॉन्ग्रेस ने राहुल गाँधी की जगह अमेठी से किशोरी लाल शर्मा को प्रत्याशी बनाया है। इन दोनों जगह शुक्रवार (3 मई, 2024) को नामांकन की आखिरी तिथि है।

कॉन्ग्रेस की शुक्रवार को जारी गई सूची में राहुल गाँधी के नाम का रायबरेली से ऐलान किया गया है। इससे पहले उनके अमेठी से चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे थे। अमेठी से वह 2019 तक सांसद थे लेकिन 2019 लोकसभा चुनाव में केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से हार गए थे। वह इस दौरान केरल के वायनाड से चुनाव लड़े थे जहाँ से उन्हें जीत हासिल हुई थी।

राहुल गाँधी ने इस बार अमेठी सीट से सांसद स्मृति ईरानी से मुकाबला ना करने का निर्णय लिया है। रायबरेली से अब तक सोनिया गाँधी सांसद थी लेकिन वह हाल ही में राजस्थान से राज्यसभा चली गई थीं, इसके बाद यह सीट खाली हो गई थी। पहले रायबरेली से प्रियंका गाँधी को लोकसभा लड़ाए जाने की चर्चा थी लेकिन उन्होंने भी अपने हाथ खींच लिए हैं।

राहुल गाँधी भाजपा के प्रत्याशी दिनेश प्रताप सिंह का मुकाबला करेंगे। दिनेश प्रताप सिंह उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हैं। उनके नाम का ऐलान गुरुवार (2 मई, 2024) को किया गया। वह 2019 में भी सोनिया गाँधी के विरुद्ध चुनाव लड़े थे लेकिन हार गए थे।

दूसरी तरफ कॉन्ग्रेस ने अमेठी से किशोरी लाल शर्मा को प्रत्याशी बनाया है। वह केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का मुकाबला करेंगे। बताया जा रहा है कि किशोरी लाल शर्मा गाँधी परिवार के पुराने विश्वस्त रहे हैं और राजीव गाँधी के समय से अमेठी और रायबरेली क्षेत्र में गाँधी परिवार के प्रतिनिधि के तौर पर काम करते आए हैं।

किशोरी लाल शर्मा मूल रूप से पंजाब के रहने वाले हैं और उनकी गाँधी परिवार के प्रति निष्ठा को देखकर ही उन्हें अमेठी से उतारा गया है। वह यहाँ गाँधी परिवार के चुनाव प्रबन्धन की जिम्मेदारी भी देखते रहे हैं, इसके अलावा वह पंजाब कॉन्ग्रेस कमिटी के सदस्य और बिहार के प्रभारी भी रहे हैं।

CAA विरोधी प्रदर्शन में हिंसा भड़काने के लिए NewsClick ने चीन के पैसे का किया इस्तेमाल, अमेरिका के रास्ते तीस्ता सीतलवाड़ को मिला पैसा: रिपोर्ट

न्यूज़क्लिक केस में बड़ा खुलासा हुआ है। न्यूजक्लिक के साथ काम करने वाले लोगों ने जाँच के दौरान चौंकाने वाले बयान दर्ज कराए हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट में इन गवाहों के बयान को रखा गया है, जिसमें बताया गया है कि न्यूजक्लिक ने CAA विरोधी हिंसा के दौरान मुस्लिमों को हिंसा और दंगों में शामिल होने के लिए उकसाने के लिए उन्हें ‘आदेश’ दिया था। इसके लिए उन्हें सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों तक पैसे पहुँचाने के लिए भारी मात्रा में नकदी दी गई थी।

इन गवाहों ने बताया है कि दिल्ली के हिंदू-विरोधी दंगों में इस्तेमाल किए गए हथियारों को खरीदने के लिए न्यूजक्लिक के माध्यम से चीनी पैसों का इस्तेमाल किया गया। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, कश्मीर में आतंकवादियों को भी पैसे पहुँचाए गए थे।

इन गवाहों की पहचान छिपाई गई है। ये गवाह न्यूजक्लिक में काम करते थे। यूएपीए की धारा 41 के तहत इनकी पहचान को छिपाते हुए दिल्ली पुलिस ने इनके बयानों को चार्जशीट के माध्यम से कोर्ट में पेश किया है। इन गवाहों ने बताया है कि उन्हें धर्म विशेष (हिंदुओं) के खिलाफ हिंसा भड़काने के लिए सीएए विरोधी और शाहीन बाग के प्रदर्शनों में भेजा गया था। इसके लिए न्यूजक्लिक ने अपने कर्मचारियों को पैसे देकर बाँटने के लिए कहा, ताकि अराजकता और हिंसा को भड़काया जा सके।

इस दौरान कई वॉट्सऐप ग्रुपों का इस्लेमात किया गया, खासतौर पर 2 ग्रुपों के बारे में बताया गया है, जिसमें एक ग्रुप का इस्तेमाल CAA विरोधी प्रदर्शनों, किसानों के प्रदर्शनों और शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को हिंसा के लिए उकसाया गया। दूसरा ग्रुप कश्मीर में हिंसा और तनाव भड़काने में लगा था। ये लोग न्यूजक्लिक में पत्रकार के रूप में काम कर रहे थे और न्यूजक्लिक का एजेंडा आगे बढ़ा रहे थे। इन्हीं लोगं ने संवेदनशाली कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश के नक्शों में छेड़छाड़ भी की थी।

जिन लोगों तक पैसे पहुँचाए गए, उसमें से एक नाम शरजील इमाम का है। वो सीएए-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हिंसा का मुख्य आरोपित है। उसने प्रबीर पुरकायस्थ से पैसे लिए और अपने नापाक एजेंडे को आगे बढ़ाता रहा। इस चार्जशीट में सभी गवाहों के बायन दर्ज हैं और उन्हें दिल्ली पुलिस कोर्ट में पेश कर चुकी है।

नेविल रॉय सिंघम से मिला पैसा तीस्ता सीतलवाड तक पहुँचाया

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, न्यूजक्लिक को विदेश से आए पैसों को तीस्ता सीतलवाड़ तक पहुँचाए गए। चार्जशीट में पुलिस ने बताया है कि अमेरिका से मिले पैसों को तीस्ता सीतलवाड़ के पोर्टल ‘सबरंग इंडिया’ को नया जीवन देने में किया गया। चार्जशीट के मुताबिक, ‘न्यूज सिंडिकेशन स्कैम’ के माध्यम से आर्टिकल लेखकों और स्तंभकारों को न्यूजक्लिक से मिले पैसे दिए गए और इन लेखों का इस्तेमाल सबरंग इंडिया पर प्रकाशित करने के लिए किया गया।

खास बात ये है इन आर्टिकल्स को सबरंग इंडिया पर प्रकाशित करते समय इन्हें ‘सबरंग इंडिया’ द्वारा लिखा दिखाया गया, और असली लेखकों के नाम छिपा लिए गए। चार्जशीट के मुताबिक, इससे तीस्ता सीतलवाड़ को करीब 3 लाख, 1 करोड़ से ज्यादा रुपए उनके कर्मचारियों के लिए और 39 लाख रुपए उनके परिवार के निजी खर्च के लिए मिले।

दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट में बताया है कि जाँच एजेंसियों के रडार पर होने के बावजूद तीस्ता सीतलवाड़ द्वारा दागी विदेशी धन पाने का यह “सबसे सुविधाजनक तरीका” था। पुलिस ने कहा कि ई-मेल, गवाहों की जाँच, वित्तीय उकसावे और संरक्षित गवाहों की गवाही के विश्लेषण से यह स्थापित हुआ कि तीस्ता सीतलवाड, प्रबीर पुरकायस्थ और नेविल रॉय सिंघम एक “खास तिकड़ी” का हिस्सा थे। बता दें कि नेविल रॉय सिंघम न्यूजक्लिक के संस्थापक-संपादक प्रबीर पुरकायस्थ का लंबा समय से साथी है और एक अमेरिकी करोड़पति है। उसका जुड़ाव चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से है और वो चीनी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए प्रबीर पुरकायस्थ और न्यूजक्लिक के माध्यम से भारत के अंदर काम कर रहा था।

चार्जशीट के मुताबिक, तीनों लोग (प्रबीर पुरकायस्थ, तीस्ता सीतलवाड़ और नेविल रॉय सिंघम) एक-दूसरे की जरूरतों को पूरा करते हुए साथ में काम कर रहे थे। इसमें नेविल रॉय सिंघम की ओर से पैसा आता और सभी लोग मिलकर लेफ्ट विंग अतिवाद (LWE) एजेंडे को आगे बढ़ा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, तीस्ता सीतलवाड़ और नेविल रॉय सिंघम के बीच ई-मेल्स का जो आदान प्रदान हुआ, उसमें इस बात का खुलासा हुआ है कि नेविल रॉय सिंघम ने तीस्वा सीतलवाड़ के पोर्टल सबरंग इंडिया और तीस्ता के एनजीओ सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) को प्रबीर पुरकायस्थ के माध्यम से फंडिंग दी।

चार्जशीट के मुताबिक, इस मामले की जाँच के लिए 13 दिसंबर 2023 को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने मुंबई जाकर जाँच की और तीस्ता सीतलवाड़ और उसके शौहर जावेद आनंद को नोटिस भी थमाया था। जावेद आनंद सबरंग इंडिया का सह-संपादक भी है। स्पेशल सेल ने इन लेन-देन की जानकारी भी माँगी। स्पेशल सेल ने सबरंग इंडिया और न्यूजक्लिक के फाउंडर-एडिटर के बीच मैनपॉवर शेयरिंग, सैलरी डिटेल्स और आर्टिकल/वीडियो के प्रोडक्शन को लेकर साइन हुए एग्रीमेंट की भी जाँच की।

न्यूजक्लिक पर चीनी माध्यम से 80 करोड़ प्राप्त करने के आरोप हैं। एफआईआर में इस बात का जिक्र है कि न्यूजक्लिक ने भारत की संप्रभुता पर चोट करने और देश में नफरत का माहौल तैयार करने के लिए चीनी संगठनों से पैसे लिए। कुछ दिन पहले ही दिल्ली की कोर्ट ने प्रबीर पुरकायस्थ की 10 दिनों की कस्टडी बढ़ा दी थी। बता दें कि इस मामले में अमित चक्रवर्ती, जिसे प्रबीर के साथ ही गिरफ्तार किया गया था, वो अब सरकारी गवाह बन चुका है।

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने पिछले साल 3 अक्टूबर को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत न्यूज़क्लिक के संस्थापक और संपादक प्रबीर पुरकायस्थ और एचआर प्रमुख अमित चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया था। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने न्यूजक्लिक के दफ्तर को छापेमारी के बाद सील कर दिया गया था। पुलिस ने बताया कि अक्टूबर 2023 में दिल्ली और सात अन्य राज्यों में 88 स्थानों पर छापे मारे गए, जिसमें एफआईआर में शामिल व्यक्तियों के साथ-साथ डेटा विश्लेषण के दौरान सामने आए लोगों को भी निशाना बनाया गया। इसके अलावा, प्रबीर पुरकायस्थ पर 2019 के लोकसभा चुनावों में तोड़फोड़ करने की साजिश रचने और पीपुल्स अलायंस फॉर डेमोक्रेसी एंड सेक्युलरिज्म (पीएडीएस) के साथ सहयोग करने का आरोप है।

यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी भाषा में लिखा गया है। मूल लेख पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

चाँद हसन ने महिला प्रोफेसर पर चाकू से किया हमला, लूटे जेवरात: दिल्ली पुलिस ने दबोचा, पहले से 5 मामलों में है आरोपित

दिल्ली के पूर्वी इलाके शाहदरा में नमिता जैन नाम की महिला प्रोफेसर को चाकू मारकर उनके जेवरात छिन लिए गए। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपित की पहचान करते हुए बुधवार (1 मई 2024) को चाँद हसन उर्फ सानू नाम के आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। चाँद हसन दिलशाद गार्डन का निवासी है। घायल महिला का वीडियो भी वायरल हो रहा है।

घटना 29 अप्रैल 2024 की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, 47 साल की नमिता जैन उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित दिगंबर जैन कॉलेज में प्रोफेसर हैं। वह मानसरोवर मार्केट स्थित डीडीए फ्लैट में अपने परिवार के साथ रहती हैं। घटना वाले दिन वह रात करीब 9 बजे अप्सरा बॉर्डर पर घर जाने के लिए ई रिक्शे में बैठीं।

उस ई-रिक्शे में कुछ सवारियाँ पहले से बैठी हुई थीं। ई-रिक्शा जब शाहदरा फ्लाईओवर पर पहुँचा तो उसमें पहले से ही सवार एक शख्स ने रिक्शा रुकवाया। नमिता जैन को लगा को वह रिक्शे से उतरने के लिए रुकवाया है। हालाँकि, आरोपित चाँद हसन रिक्शे से उतरते ही नमिता को अपनी चेन और अंगूठी देने के लिए कहा।

नमिता जैन ने मना किया तो बदमाशों ने चाकू निकाल लिया और उनकी बाजू पर हमला कर दिया। इस हमले में वह घायल हो गईं। इसके बाद आरोपित उनका चेन लूटकर फरार हो गए। नमिता जैन ने बताया कि उनका चेन आर्टिफिशियल था। इसकी जानकारी किसी राहगीर ने पुलिस को दी। सूचना मिलते ही जीटीबी एनक्लेव थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुँची।

घायल प्रोफेसर को पुलिस पहले जीटीबी अस्पताल लेकर गई और वहाँ उनका इलाज कराया। इसके बाद नमिता जैन की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज करके आरोपित की पहचान करनी शुरू कर दी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपित चाँद हसन की पहचान की और उसे सीमापुरी इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपित चाँद हसन पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। उसकी पहचान के लिए पुलिस ने 40 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पुलिस का कहना है कि आरोपित चाँद हसन ड्रग्स का लती है। वह लूटपाट, घर में घुसने, डकैती और दूसरों को नुकसान पहुँचाने के पाँच मामलों में पहले से ही आरोपित है।

‘नरेंद्रभाई राष्ट्र को समर्पित हैं’: गुजरात के 45 राजपरिवारों ने प्रधानमंत्री को दिया समर्थन, कहा- लोकशाही के दिव्य सिंहासन के रूप में 400+ कमल की भेंट करें

केंद्रीय मंत्री परषोत्तम रूपाला सहित भाजपा के कई नेताओं द्वारा क्षत्रिय समाज के खिलाफ की गई टिप्पणी के खिलाफ गुजरात सहित देश भर में नाराजगी है। गुजरात में क्षत्रिय समाज के लोग भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन भी कर रहे हैं। इस बीच गुरुवार (2 मई 2024) को लगभग 45 राजपरिवारों ने एक बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना समर्थन देने का एलान किया है।

घोषणा के समय 15-16 राजपरिवार के सदस्य उपस्थित रहे। अन्य लोगों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अपने समर्थन का एलान किया है। बैठक के बाद गुजरात के राजकोट के महाराजा मंधाता सिंह जडेजा ठाकोर साहेब जी ने एक बयान देकर राष्ट्रहित प्रथम रखते हुए पीएम मोदी को वोट देने की अपील की है। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ भी की।

मंधाता सिंह जडेजा ने कहा, “गुजरात और कच्छ के राजवियों, आज रणजीत विलास पैलेस के प्रांगण में… राजकोट राजपरिवार के आंगन में और आदिशक्ति माँ आशापुरा के सान्निध्य में जब हम इकट्ठे हुए हैं, तब हमने एक राष्ट्र प्रथम भावना को समर्थन देते हुए भारतीय धर्म एवं संस्कृति के चेतन के लिए गहनतापूर्वक विचार विमर्श हुआ।”

उन्होंने कहा, “इसमें सभी लोगों की भावना, विचार और दृष्टिकोण से यह प्रस्थापित हुआ है कि आदरणीय श्री नरेंद्र भाई मोदी में जो योग्यता है… अनुपमता है… जो भारत की संस्कृति एवं धर्म के रक्षक के तौर पर एक ऐसी पर्सनालिटी हैं कि जो राष्ट्र को इंटरनेशनल एरिना के ऊपर विश्वगुरु के रूप में रखकर उस दिशा में हम जा सकते हैं… तो ये वही एक विरल व्यक्तित्व हैं, जो इस देश को उस स्तर से चला सकते हैं।”

महाराजा मंधाता सिंह ने कहा, “इसी लिए राजशाही युग के तेजस्वी, त्यागी, पराक्रमी और राष्ट्र को संपूर्ण समर्पित ऐसे क्षत्रिय समाज और राजा-महाराजाओं के जैसे ही हमारे तपस्वी, तेजस्वी, ओजस्वी और राष्ट्र को ही समर्पित गुजरात के व्यक्ति का नाम नरेंद्र दामोदर दास मोदी हैं, जो 145 करोड़ देशवासियों के सर्वांगीण सुखकारी और विकास एवं सुरक्षा के लिए जो कार्यरत हैं… जो लगातार 16 और 18 घंटे तक अविरत कार्य करते हैं।”

पीएम मोदी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, “वसुधैव कुटुंबकम की वैदिक भावना के साथ सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास लेके जो पुरुषार्थ की पराकाष्ठा वह कर रहे हैं, तब हम सब भारतवासियों का एक नैतिक कर्तव्य बनता है कि इस 2024 के वर्तमान लोकशाही चुनाव में हम सब मिलके हम प्रचंड मतदान के माध्यम से हम दिव्य सिंहासन के रूप में 400+ कमल की भेंट हम अर्पण करके एक बहुमत वाली सरकार आदरणीय नरेंद्र भाई को सौंपें।”

राजस्थान के डीग में मिले महाभारत काल के अवशेष, मौर्यकालीन मातृदेवी का सिर भी मिला: तमिलनाडु में शोधार्थियों को मिला चोल राजा का शिलालेख

राजस्थान के डीग जिले के बहज गाँव में खोदाई के दौरान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को महाभारत कालीन, महाजनपद कालीन, मौर्य कालीन, कुषाण कालीन अवशेष मिले हैं। गाँव में पिछले 4 महीने से खोदाई का काम जारी है। वहीं, तमिलनाडु के तिरुवेन्नईलालुर के पास के पास शोधकर्ताओं की एक टीम को चोल राजा आदित्य करिकालन से जुड़ा एक शिलालेख मिला है।

ब्रज क्षेत्र में आने वाले डीग जिले के बहज गाँव में खोदाई के दौरान हड्डियों से बने सुई के आकार के औजार मिले हैं। इन्हें जयपुर पुरातत्व विभाग को भेज दिया गया है। ASI का कहना है कि इस तरह के अवशेष और औजार अब तक भारत में कहीं नहीं मिले हैं। खोदाई में अब तक 2,500 साल से भी ज्यादा पुराने अवशेष मिल चुके हैं हैं।

इन अवशेषों में महाभारत कालीन मिट्टी के बर्तनों के टुकड़े, यज्ञ कुंड, धातु के औजार, सिक्के, अश्विनी कुमारों की मूर्ति, मौर्यकालीन मातृदेवी प्रतिमा का सिर, फलक, अस्थियों से निर्मित उपकरण और मिले हैं। अश्विनी कुमारों का नाम महाभारत काल में द्रस्त्र और नास्त्य था। अश्विनी कुमारों को नकुल और सहदेव का मानस पिता माना जाता है।

बताया जा रहा है कि खुदाई में बहज गाँव से 700 ईसा पूर्व अश्विनी कुमारों के प्रमाण ही नहीं, बल्कि हजारों साल पहले यज्ञ, धार्मिक अनुष्ठान होने के प्रमाण भी मिले हैं। हवन कुंड से निकली मिट्टी को अलग रखा जा रहा है। इसका विशेष महत्व बताया जा रहा है। हवन कुंड से धातु के सिक्के भी मिले हैं। 

इतिहास के जानकारों का मानना है कि डीग को स्कंद पुराण में दीर्घपुर कहा गया है। डीग की मथुरा से 25 मील दूरी है। द्वापर युग से लेकर कुषाण, मौर्य, गुप्त, मुगल काल तक के चिह्न इस क्षेत्र में मिल चुके हैं। यहाँ कुषाण नरेश हुविष्क एवं वासुदेव के भी सिक्के यह से मिले हैं।

जयपुर मंडल के अधीक्षण पुरातत्वविद डॉक्टर विनय गुप्ता ने बताया कि अब ब्रज क्षेत्र में लगभग 50 साल के लम्बे अंतराल के बाद बड़े स्तर पर खोदाई का कार्य हुआ है। इससे पहले हुई खोदाई में इस तरह के प्रमाण नहीं मिले थे। उन्होंने यह भी कहा कि खोदाई का काम अभी कुछ दिन और जारी रहेगा। इस दौरान अन्य अवशेष मिलने की भी संभावना है।

वहीं, तमिलनाडु के तिरुवेन्नईलालुर में हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग के शोधकर्ताओं ने एक शिलालेख की खोज की है। यह शिलालेख चोल राजा आदित्य करिकालन के राज्य पर प्रकाश डालेगा।
तिरुवेन्नईलालुर के पास इमप्पुर में हजारों साल पुराने वेदपुरीसावरर मंदिर का निरीक्षण का काम चल रहा है।

टीम के सदस्य रमेश ने कहा, “हमें सुंदर चोल के बेटे और राजा राजा चोल के छोटे भाई आदित्य करिकालन के शासन काल का एक शिलालेख मिला है। इसके पहले चेपेडु (ताँबा शिलालेख) तिरुवलंगाडु, चेन्नई और एसलाम में पाया गया था। जर्मनी के एक संग्रहालय में रखे इस शिलालेख में पांडियन राजा वीरपांडियन को हराने और तंजौर के महल में उसका सिर रखने के उनके कृत्य का उल्लेख है।”

विल्लुपुरम क्षेत्रों में उनके शिलालेखों की उपस्थिति के बारे में बताते हुए उन्होंने आगे कहा, “सुंदर चोल ने थोंडाईमंडलम और थिरुमुनैपडी क्षेत्रों को करिकालन के शासन को सौंपा। हमने पहले पेरंगियूर और तिरुमुंडीश्वरम में शिलालेख खोजे हैं और अब यह हालिया खोज हमारी समझ को बढ़ाने में मदद करेगी।”

एमाप्पुर में पाए गए नए शिलालेख के बारे में बताते हुए रमेश ने कहा, “यह स्वस्ति श्री वीरपांडियन थलाई कोंडा कोप्पारा केसरी से शुरू होता है और 960 ईस्वी का है। इसमें इस क्षेत्र का उल्लेख एमाप्पेरुर नट्टू एमाप्पेरुर देश के थिरुमुनैपडी के रूप में वर्णित है, जो इसका मुख्यालय था। समय के साथ यह एमाप्पुर में विकसित हुआ।”

उन्होंने आगे कह, “एक चरवाहे ने मंदिर में तिरुवलंदुरई अज़वार के लिए नंदा विलाक्कु (एक तेल का दीपक) को बनाए रखने के लिए 96 बकरियों का योगदान दिया था, जो सूर्य और चंद्रमा के अस्तित्व तक चलने वाली परंपरा को दर्शाता है। इन बकरियों को मंदिर के ट्रस्टी पान मेगेश्वर को सौंप दिया गया था।”

हैदर से हरि नारायण बनने पर इस्लामिक कट्टरपंथी देने लगे जान से मारने की धमकी, घर पर किया पथराव: इंदौर में पड़ोसी जीने नहीं दे रहे, सुरक्षा की गुहार

मध्य प्रदेश के इंदौर में सनातन धर्म से प्रभावित होकर हैदर शेख ने इस्लाम त्याग दिया एवं पूरे विधि-विधान ने कानूनी रूप से हिंदू धर्म अपना लिया और हैदर शेख से हरि नारायण बन गए। लेकिन अब उन्हें उनके कट्टरपंथी मुस्लिम पड़ोसी ही जीने नहीं दे रहे हैं। उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। यही नहीं, उनके घर पर पथराव भी किया गया। उन्होंने पुलिस में सुरक्षा से गुहार लगाई है। हरि नारायण का कहना है कि वो अपने घर भी नहीं जा रहे हैं।

बता दें कि इंदौर जिले के खजराना मंदिर में 27 अप्रैल 2024 को 8 मुस्लिम व्यक्तियों ने हिंदू धर्म अपना लिया। अब धर्म परिवर्तन कर हैदर शेख से हरि नारायण बने एक शख्स ने आरोप लगाया है कि कुछ अज्ञात बदमाशों ने उनके घर पर हमला किया है। इस हमले के बाद हरि नायायण ने शिकायती आवेदन भी दिया है। हरि नारायण खजराना क्षेत्र में रहते हैं। हरि नारायाण ने अब इस मामले में थाने में शिकायत दी है। इस शिकायत में हरि नारायण ने कहा है कि धर्म परिवर्तन करने की वजह से मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने उनको धमकी दी गई और उनके घर पर पत्थर से हमला किया गया।

अपनी शिकायत में हरि नारायण ने कहा है कि मुस्लिम समुदाय के लोगों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। धमकी मिलने की वजह से उन्हें कही आने-जाने में काफी दिक्कत हो रही है। हरि नारायण ने अपने आवेदन में कहा है कि उसने 27 अप्रैल को खजराना मंदिर परिसर में धर्म परिवर्तन किया था और वो हैदर से हरि नारायण बन गए थे। जिसके बाद से लगातार उन्हें मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा जान से मारने की धमकी  दी जा रही है।

उसने बताया है कि इस घटना को लेकर उसने इंदौर कलेक्टर को भी 29 अप्रैल को जानकारी दी थी। लेकिन इसके बाद उनके घर पर कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा पथराव किया गया और उन्हें मारने की कोशिश भी की गई। घर पर पत्थर फेंकने के बाद कई शीशे भी टूट गए।