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प्रज्वल रेवन्ना मामले में घिरी कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार, दावा- महीनों पहले मिले थे सेक्स स्कैंडल के Videos, पर हाथ पर हाथ धरे बैठी रही: अमित शाह ने भी उठाए सवाल

गृह मंत्री अमित शाह ने कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार पर हमला बोला है। कर्नाटक के हासन से जेडीएस एमपी प्रज्वल रेवन्ना के कथित सेक्स वीडियो मामले में अमित शाह ने पूछा है कि कर्नाटक सरकार को इस बात की जानकारी थी लेकिन उन्होंने फिर भी कोई एक्शन क्यों नहीं लिया।

गुवाहाटी में मीडिया से बात करते हुए गृह मंत्री शाह ने कहा, ”भाजपा का स्पष्ट रवैया है कि हम देश की मातृशक्ति के साथ खड़े हैं। मैं कॉन्ग्रेस से पूछना चाहता हूँ कि यहाँ किसकी सरकार है? सरकार कॉन्ग्रेस पार्टी की है। उन्होंने अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? हमें (केंद्र सरकार) को इस पर कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह राज्य की कानून व्यवस्था का मामला है, राज्य सरकार को इस पर कार्रवाई करनी है।”

अमित शाह ने यह भी कहा कि भाजपा इस मामले में जाँच के पक्ष में है और जेडीएस ने खुद भी निर्णय लेने के लिए अपनी कोर कमिटी की बैठक बुलाई है जहाँ इस पर एक्शन होगा।उन्होंने इस मामले में प्रियंका गाँधी के आरोपों का भी जवाब दिया। प्रियंका गाँधी ने मोदी सरकार पर रेवन्ना के खिलाफ कोई एक्शन ना लेने का आरोप जड़ा था। इस पर अमित शाह ने कहा कि प्रियंका गाँधी को पीएम मोदी की जगह सिद्दारमैया से प्रश्न पूछने चाहिए। उन्होंने पूछा कि इस मामले में अब तक कोई जाँच क्यों नहीं हुई।

प्रज्वल रेवन्ना को जेडीएस ने किया निलंबित

जेडीएस ने हासन के सांसद और लोकसभा प्रत्याशी प्रज्वल रेवन्ना को पार्टी से निलंबित करने का ऐलान किया है। यह निर्णय उनके सेक्स वीडियो वाले मामले को देखते हुए लिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने बड़ी संख्या में महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो बनाए और उन्हें परेशान भी किया। इससे पहले प्रज्वल के चाचा और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने एक्शन की घोषणा की थी।

कॉन्ग्रेस सरकार को सब था मालूम: प्रज्वल का ड्राइवर

प्रज्वल रेवन्ना के पूर्व ड्राइवर कार्तिक रेड्डी ने दावा किया है कि रेवन्ना के सेक्स स्कैंडल के मामले की जानकारी कॉन्ग्रेस सरकार को महीनों पहले से ही थी। उसने दावा किया कि रेवन्ना की वीडियो वाली पेन ड्राइव उसने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को कुछ महीने पहले दी थी जिस पर उन्होंने एक्शन लेने की बात कही थी। ऐसे में अब आरोप लग रहे हैं कि कॉन्ग्रेस सरकार जानबूझ कर इस मामले को दबाती रही और इसे लोकसभा चुनाव के समय में निकाला गया।

गौरतलब है कि हासन से सांसद और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौडा के पोते प्रज्वल रेवन्ना की कुछ कथित वीडियो हासन क्षेत्र में लगातार वायरल हो रही थीं। इन्हें पेन ड्राइव और व्हाट्सएप के माध्यम से फैलाया जा रहा था। बताया गया कि यह वीडियो आपत्तिजनक हैं और इनमें प्रज्वल रेवन्ना महिलाओं के साथ आपत्तिजनक स्थिति में हैं। यह सूचना सामने आने के बाद कर्नाटक महिला आयोग ने सरकार को एक पत्र लिख कर जाँच की माँग की थी। कर्नाटक सरकार ने इस मामले में SIT जाँच के आदेश दिए हैं। रेवन्ना इस बीच विदेश जा चुके हैं।

हाल जानने के नाम पर आए, वायरल कर दी नाबालिग गैंगरेप पीड़िता की फोटो: MP कॉन्ग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधायक भूरिया पर FIR

मध्य प्रदेश पुलिस ने कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और उनकी ही पार्टी के विधायक विक्रांत भूरिया के खिलाफ FIR दर्ज की है। जीतू और विक्रांत पर आरोप है कि उन्होंने गैंगरेप की शिकार एक नाबालिग बच्ची की तस्वीर को अपने एक्स अकॉउंट पर शेयर करके उसकी पहचान को उजागर किया। सोमवार (29 अप्रैल 2024) को इन दोनों कॉन्ग्रेसी नेताओं पर पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

आरोपितों के खिलाफ एक महिला ने शिकायत दर्ज करवाई है। जीतू और विक्रांत पर भारतीय दंड संहिता की धारा 228-A के साथ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की संबंधित धाराओं में FIR दर्ज हो गई। अलीराजपुर के पुलिस अधीक्षक IPS राजेश व्यास ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने जीतू पटवारी और विक्रांत भूरिया की हरकत को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन बताया है। पुलिस मामले की जाँच और अन्य कानूनी कार्रवाई कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गैंगरेप का मामला मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले का है। यहाँ के थानाक्षेत्र जोबट में शुक्रवार (26 अप्रैल) को जनजातीय समुदाय की एक नाबालिग लड़की से गैंगरेप केस दर्ज हुआ। नामजद किए गए 2 आरोपितों की उम्र 14 से 18 साल के बीच बताई गई है। जाँच के दौरान पुलिस ने दोनों लड़कों को फरार होने में मदद करने वाले एक तीसरे लड़के को भी आरोपित बनाया।

इसके बाद रविवार (28 अप्रैल 2024) को पुलिस ने तीनों आरोपितों को हिरासत में ले लिया और फिर सभी को पॉक्सो एक्ट व अन्य धाराओं के तहत किशोर गृह भेज दिया गया। वहीं, पीड़िता का भी मेडिकल परीक्षण और काउंसिलिंग करवाई गई। इसी दिन रविवार को कॉन्ग्रेस के मध्य प्रदेश अध्यक्ष झाबुआ से विधायक विक्रांत भूरिया के साथ पीड़ित परिवार से मिलने गए थे। यहाँ उन्होंने पीड़िता बच्ची की तस्वीरें खींची। बाद में इन दोनों नेताओं ने इन चित्रों को अपने-अपने X हैंडलों पर शेयर कर दिया जो थोड़ी देर में वायरल हो गया। अलीराजपुर पुलिस ने दोनों कॉन्ग्रेसियों की इस हरकत का संज्ञान ले कर FIR दर्ज कर लिया। अब दोनों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

जिस मालेगाँव ब्लास्ट पर कॉन्ग्रेस ने रची थी ‘हिन्दू आतंकवाद’ की थ्योरी, उसमें समीर शरद कुलकर्णी के खिलाफ ट्रायल पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक: पलट चुके हैं 34 गवाह

जिस मालेगाँव बम ब्लास्ट का इस्तेमाल कर के कॉन्ग्रेस पार्टी और उसके समर्थकों ने ‘भगवा/हिन्दू आतंकवाद’ की फर्जी थ्योरी गढ़ी थी, अब उस मामले में सुप्रीम कोर्ट के ताज़ा फैसले ने ऐसे तत्वों को तगड़ा झटका दिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने समीर शरद कुलकर्णी के खिलाफ चल रही ट्रायल पर रोक लगा दी है। उनके खिलाफ UAPA की धारा-45 के तहत मुकदमा चलाने के लिए केंद्र सरकार से अनुमति नहीं ली गई थी। अब जुलाई 2024 में इस मामले की अगली सुनवाई होगी।

इसी मामले में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को भी फँसाया गया था, हाल ही में वो मुंबई स्थित NIA की अदालत में पेश भी हुई थीं। इस दौरान उन्होंने खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया, लेकिन कोर्ट ने उन्हें नियमित रूप से सुनवाई में पेश होने को कहा। साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा कि वो सुनवाई में सहयोग करेंगी। उन्होंने खुद को शारीरिक रूप से बीमार बताते हुए कहा कि जब तक शरीर साथ देगा तब तक वो ट्रायल में हिस्सा लेती रहेंगी। 29 सितंबर, 2008 को महाराष्ट्र के नासिक स्थित मालेगाँव में बम ब्लास्ट हुआ था।

समीर शरद कुलकर्णी को राहत दिलाने के लिए अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने याचिका दायर की थी। वो वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर को इस्लामी अतिक्रमण से मुक्त कराने के अलावा मथुरा और भोजशाला वाले केस भी लड़ रहे हैं। जैन ने कहा कि ये एक प्रताड़ना का मामला है, जिसमें ‘हिन्दू टेरर’ की फर्जी थ्योरी लाई गई। मालेगाँव ब्लास्ट में 6 की मौत हुई थी, जबकि 100+ घायल हुए थे। रमजान का महीना था और लोग नमाज पढ़ने जा रहे थे।

आज़ाद नगर पुलिस थाने में इस संबंध में FIR दर्ज हुई थी। इस मामले में अब तक 34 गवाह अपने बयान से पलट चुके हैं। एक गवाह ने इसे कॉन्ग्रेस-NCP की साजिश बताते हुए कहा था कि प्रताड़ित कर के उससे गवाही ली गई थी। समीर शरद कुलकर्णी के ट्रायल पर लगी रोक अंतरिम है, अगले आदेश तक ये जारी रहेगी। ट्रायल को सुप्रीम कोर्ट ने गैर-कानूनी बताया। जाँच एजेंसी और केंद्र सरकार ने इस मामले में प्रतिक्रिया माँगी गई है।

समीर शरद कुलकर्णी पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने ही ब्लास्ट के लिए केमिकल की व्यवस्था की थी। वो मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करते थे। मई 2019 में जमानत पर बाहर रहने के दौरान उन्होंने खुद की जान को खतरा बताते हुए महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिख कर सुरक्षा की माँग की थी। इसी मामले में भारतीय सेना के मेजर (रिटायर्ड) रमेश उपाध्याय और लेफ्टिनेंट कर्नल (रिटायर्ड) प्रसाद पुरोहित को भी फँसाया गया था।

छत्तीसगढ़ में फिर से एनकाउंटर, 9 (2 महिला) नक्सलियों के शव मिले: हथियारों का जखीरा भी बरामद, पिछली बार ढेर हुए थे 29

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के गढ़ माने जाने वाले अबूझमाड़ में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। अबूझमाड़ के जंगलों में एसटीएफ और नारायणपुर डीआरजी की टीम की नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई है, जिसमें 10 से ज्यादा नक्सलियों के मारे जाने की सूचना मिल रही है। ये मुठभेड़ अभी जारी है। इस बीच, सुरक्षा बलों ने 2 महिला नक्सलियों समेत 9 शव बरामद कर लिए हैं। नक्सलियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद भी बरामद हुए हैं। बता दें कि 16 अप्रैल 2024 को कांकेर में 25 लाख के ईनामी समेत 29 नक्सली ढेर हुए थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये मुठभेड़ छत्तीसगढ़ के नारायणपुर और कांकेर जिले की सीमा पर स्थित अबूझमाड़ में हुई है। बस्तर रेंज के आईजी पी सुंदरराज ने बताया कि दोनों जिलों के सीमाई इलाके में स्थित अबूझमाड़ में स्पेशल टास्क फोर्स और डीआरजी नायारणपुर की टीम की नक्सलियों से मुठभेड़ हुई। ये मुठभेड़ अभी तक जारी है। मुठभेड़ की जगह से कई नक्सलियों के शव बरामद हो चुके हैं, जिसमें कम से कम 2 महिला नक्सली भी शामिल हैं। आजतक ने मारे गए नक्सलियों की संख्या 7 बताई है।

इस बीच, छत्तीसगढ़ के उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि वर्दीधारी नक्सलियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और राशन भी मिला है। हमारे सभी जवान सुरक्षित हैं। उन्होंने 5-7 नक्सलियों के मारे जाने की बात कही। वहीं, एएनआई ने बताया है कि इस मुठभेड़ में 9 नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं। इस मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की संख्या 9 से अधिक है।

बता दें कि 16 अप्रैल 2024 को भी कांकेर में नक्सलियों को बड़ा नुकसान पहुँचा था। बीएसएफ ने स्पेशल ऑपरेशन में टॉप कमांडर समेत 29 नक्सलियों को ढेर कर दिया था। उस मुठभेड़ में नक्सलियों का टॉप कमांडर और 25 लाख का ईनामी नक्सली शंकर राव भी ढेर हुआ था, तो महिला नक्सली कमांडर ललिता भी मारी गई थी।

अपने बच्चों के लिए छोड़े पैसे-जमीन, आम लोगों के लिए गरीबी: कॉन्ग्रेस पार्टी के शाही परिवार की ‘विरासत’ PM मोदी ने गिनाए

लोकसभा चुनाव 2024 में चुनाव प्रचार के लिए आज मंगलवार (30 अप्रैल 2024) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाराष्ट्र में हैं। उन्होंने माड़ा के बाद उस्मानाबाद में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कॉन्ग्रेस पर जमकर हमला किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के उन्होंने घोटाले सामने लाए, वे आज उन्हें गालियाँ दे रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कॉन्ग्रेस पार्टी को पराजय का भय इतना सता रहा है कि AI के द्वारा हमारे चेहरे का उपयोग करके फेक वीडियो बना रहे हैं। मोदी की आवाज को और मोदी के भाषण का उपयोग करके नई-नई चीजें गढ़ रहे हैं। मोदी आपका जीवन बदलने के लिए दिन रात एक कर रहा है और ये इंडी अघाड़ी वाले मोदी को बदलने के लिए पूरी शक्ति लगा रहे हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “मोदी आपका जीवन बदलने के लिए दिन रात एक कर रहा है और ये इंडी अघाड़ी वाले मोदी को बदलने के लिए पूरी शक्ति लगा रहे हैं। जिनके घोटाले मैंने रोके हैं, वो मोदी से गुस्सा होंगे या नहीं? वो मोदी को गालियां देंगे या नहीं? आजकल ये इसी काम में लगे हैं।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “ये चुनाव भारत के स्वाभिमान का है। आपने 10 साल पहले का समय देखा है और आप आज का भी समय देख रहे हैं। आज दुनिया उस भारत को जानती है, जो दुनिया के विकास को गति दे रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “उस्मानाबाद में मोदी जी के प्रति उनके परिवारजनों का ये अपार स्नेह साफ बता रहा है कि पूरा महाराष्ट्र NDA के सुशासन के साथ है।”

इसके बाद प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के लातूर में भी एक जनसभा को संबोधित किया। लातूर में बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “ये चुनाव भारत के स्वाभिमान का है। आपने 10 साल पहले का समय देखा है और आप आज का भी समय देख रहे हैं। आज दुनिया उस भारत को जानती है, जो दुनिया के विकास को गति दे रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “कॉन्ग्रेस आपकी संपत्ति का ‘एक्स-रे’ कराना चाहती है। आपकी संपत्ति हड़पना चाहती है और फिर उसे अपने वोट बैंक में बाँटना चाहती है। क्या आप अपनी संपत्ति कांग्रेस को देना चाहेंगे? कॉन्ग्रेस की नज़र आपकी वर्तमान कमाई पर तो है ही, आप अपने बच्चों के लिए जो संपत्ति बना रहे हैं उस पर भी उसकी गिद्ध दृष्टि है!”

प्रधानमंत्री ने कहा, “मोदी आपका जीवन बदलने के लिए दिन रात एक कर रहा है। कॉन्ग्रेस पार्टी के शाही परिवार ने अपने बच्चों के लिए कौन सी विरासत छोड़ी? ढेर सारा पैसा… देश की प्राइम लोकेशंस पर जमीनें… पावर और प्रिविलेज… और कॉन्ग्रेस पार्टी के शाही परिवार ने 6 दशक में देश को कौन सी विरासत दी? सिर्फ गरीबी।”

आतंकी हमलों की बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “2014 के पहले का वो कालखंड याद करिए… कॉन्ग्रेस के उस दौर में हेडलाइनें हुआ करती थीं- भारत ने मुंबई आतंकी हमले पर पाकिस्तान को एक और डोजियर सौंपा। आज भारत डोजियर नहीं देता, आज का भारत घर में घुसकर मारता है।”

उन्होंने आगे कहा, “आज आप किसी भी दिन टीवी खोलिए, कोई भी अखबार उठाइए… ऐसी अनेक खबरें होती हैं जो बताती हैं कि हमारा देश भारत, कैसे तेजी से आगे बढ़ रहा है। कोई ना कोई सेक्टर, चाहे मार्केट हो, मैन्युफैक्चरिंग हो, स्पेस हो, डिफेंस हो…। कॉन्ग्रेस ने युवाओं को सपनों को मारा है।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “कॉन्ग्रेस के राज में हर सुबह हम अखबारों में एक नए घोटाले का नाम पढ़ते थे। हेडलाइन होती थीं- कोलगेट: कोयले में इतने लाख करोड़ का घोटाला। आज हेडलाइनें होती हैं- इतने करोड़ यहां पकड़े गए… इतने करोड़ रुपए वहां पकड़े गए, नोटों की गड्डियां निकल रही हैं… बड़े-बड़े भ्रष्टाचारी आज जेल की सलाखों के पीछे हैं।”

बुर्का न पहनने पर बेल्ट से मारता, इस्लाम कबूलने का दबाव बनाता: कानपुर में ज्योतिष की पत्नी को हाशिम ने ओम प्रकाश बन किया ब्लैकमेल, अश्लील वीडियो भी बनाई

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से लव जिहाद का मामला सामने आया है। यहाँ एक बाल-बच्चेदार महिला ने अपने पति के दोस्त हाशिम पर अश्लील वीडियो बनाने और उसे ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने कहा है कि हाशिम डरा धमकाकर उसे अपने साथ ले गया था और बाद में उसने उसपर इस्लाम कबूलने का दबाव भी बनाया। हाशिम पर पीड़िता की बेटी पर भी गलत नजर रखने का आरोप है। सोमवार (29 अप्रैल 2024) को पुलिस ने इस शिकायत पर FIR दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला मूल रूप से महोबा जिले की रहने वाली है। सोमवार को वह बजरंग दल के सदस्यों के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुँची। यहाँ पीड़िता ने शिकायत देते हुए बताया कि उसका पति ज्योतिषी है और वह 3 बच्चों की माँ है। कुछ समय पहले उसके घर पर महोबा का ही हाशिम ज्योतिष सीखने के बहाने आता था। हाशिम पीड़िता के पति का परिचित था। एक दिन जब पीड़िता घर में अकेली थी और स्नान कर रही थी तभी वहाँ चुपके से हाशिम पहुँच गया। हाशिम ने पीड़िता की नहाते हुए वीडियो बना ली। इसी वीडियो के सहारे वह महिला को ब्लैकमेल करने लगा।

आरोप है कि इसी वीडियो का डर दिखा कर हाशिम ने पीड़िता से रेप किया। पीड़िता ने ये भी बताया कि आरोपित पहले खुद का नाम ओम प्रकाश बताता था। कुछ दिनों बाद वह महिला पर बच्चों सहित अपने पति को छोड़ने का दबाव बनाने लगा। अपनी जिद न मानने पर वह महिला के अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी भी देने लगा। आरोपित के दबाव में आ कर पीड़िता ने अपने पति को छोड़ दिया और हाशिम के साथ कानपुर के नौबस्ता इलाके में रहने लगी।

कानपुर लाकर हाशिम महिला को प्रताड़ित करने लगा और यहीं हाशिम ने महिला को अपना असली परिचय दिया। वह पीड़िता को आए दिन मारता-पीटता था और इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाता था। महिला का आरोप है कि हाशिम बिना मर्जी के उसको मजार और दरगाहों पर ले जाने लगा। बुर्का न पहनने पर पीड़िता की बेल्टों पिटाई होती थी। यहाँ तक कि महिला को नशीली दवाएँ भी दी जाती थीं। पिछले कुछ दिनों से हाशिम ने पीड़िता की नाबालिग बेटी के साथ भी छेड़खानी शुरू कर दी थी।

आखिरकार महिला ने हाशिम के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने का फैसला किया। सोमवार को वह हिन्दू संगठनों के साथ पुलिस कमिश्नर ऑफिस पहुँची। यहाँ पीड़िता की व्यथा सुनने के बाद मामले में FIR दर्ज करने के आदेश जारी किए गए हैं। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।

‘पतंजलि’ को फँसाते-फँसाते सुप्रीम कोर्ट में खुद फँसा IMA, अध्यक्ष के बयान से उखड़ा न्यायाधीशों का पीठ: कहा- ये बेहद गंभीर, मानहानि का केस कीजिए

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (30 अप्रैल, 2024) को ‘इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA)’ के अध्यक्ष डॉक्टर RV अशोकन द्वारा की गई टिप्पणी पर सख्ती दिखाई। सुप्रीम कोर्ट में बाबा रामदेव व आचार्य बालकृष्ण की ‘पतंजलि आयुर्वेद’ एवं ‘दिव्य फार्मेसी’ पर भ्रामक विज्ञापन का मामला चल रहा है। इसी सिलसिले में ये टिप्पणी आई थी। जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस हिमा कोहली ने बाबा रामदेव के वकील मुकुल रोहतगी द्वारा ध्यान दिलाए जाने के बाद इस टिप्पणी पर नाराज़गी जताई।

IMA अध्यक्ष ने एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान ये विवादित बयान दिया था। मुकुल रोहतगी ने बताया कि 1 दिन का पहले उन्होंने एक परेशान करने वाले इंटरव्यू को देखा, जिसमें IMA अध्यक्ष RV अशोकन कह रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट उन पर उँगली उठा रहा है। उन्होंने इसे सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में सीधा हस्तक्षेप करार देते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी को IMA अध्यक्ष ने दुर्भाग्यपूर्ण और अस्पष्ट करार दिया है, उन्होंने कहा कि ये टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट के स्तर की नहीं है।

जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने इस पर कहा कि इसे रिकॉर्ड पर लेकर आइए, अब तक जो भी हो रहा है ये इससे अधिक गंभीर है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा करने वाले गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। IMA ने ही बाबा रामदेव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया हुआ है। इससे पहले 23 अप्रैल, 2024 को भी सुप्रीम कोर्ट ने संस्था से कहा था कि वो पहले अपने घर को व्यवस्थित करे। आधुनिक दवाओं को लेकर अनैतिक कारोबार और अस्पतालों द्वारा महँगी और गैर-ज़रूरी दवाएँ लिखने पर भी सुप्रीम कोर्ट ने आपत्ति जताई थी।

इसके बाद IMA अध्यक्ष ने इस टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया था। उन्होंने इसे अस्पष्ट और सामान्यीकृत बयान भी बताया था। उनका दावा था कि इससे प्राइवेट डॉक्टर हतोत्साह हुए हैं। ‘इकोनॉमिक टाइम्स’ में ये इंटरव्यू प्रकाशित हुआ था। मुकुल रोहतगी ने कहा था कि वो मानहानि के लिए एप्लिकेशन दायर कर रहे हैं, खबर किसी छोटे-मोटे समाचार-पत्र द्वारा नहीं छापी गई है, किसी छोटे-मोटे पदाधिकारी ने ऐसा नहीं बोला है। जस्टिस हिमा कोहली ने कहा कि आप इसे फाइल कीजिए, जिस पर मुकुल रोहतगी बोले कि वो जो भी ज़रूरी होगा वो करेंगे।

वहीं ‘पतंजलि’ द्वारा फिर से दायर किए गए माफीनामे पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पिछली बार से महत्वपूर्ण सुधार हुआ है, पिछली बार ये छोटा था और सिर्फ ‘पतंजलि’ का नाम था जबकि इस बार और नाम भी डाले गए हैं। जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने कहा कि माफीनामे की भाषा भी उचित है, इस सुधार की वो प्रशंसा करते हैं। उन्होंने कहा कि अब अदालत की अवमानना करने वाले भी समझ गए हैं कि कोर्ट की सहायता करने वाले एक बुद्धिमान वकील का क्या लाभ है।

माफीनामे के पेज नंबरिंग के मुद्दे पर ‘पतंजलि’ के अधिवक्ता शुक्ला को जस्टिस अमानुल्लाह ने कहा, “हम सिर्फ आहत थे। इस स्थिति में हर शब्द का महत्व है। कुछ भी व्यक्तिगत नहीं है। आपके दिल में क्या है, ये हम नहीं देख सकते। ब्लैक एन्ड व्हाइट में क्या लिखा है सिर्फ वही मायने रखता है। हम ये नहीं कह रहे कि हम गुस्सा हैं। बार और बेंच के बीच पारदर्शिता होनी चाहिए। अपने जो किया है उसकी जिम्मेदारी लीजिए, माफ़ी माँगिए। कोर्ट पर ये भरोसा रखिए कि आपको निशाना नहीं बनाया जाएगा। हम पक्षपात नहीं करेंगे। अपनी तरफ से हम ये भरोसा देते हैं।”

वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट को विदेश मंत्रालय ने बताया ‘गैर जिम्मेदार’, RAW अफसर पर लगाए थे खालिस्तानी आतंकी पन्नू की सुपारी देने का आरोप

भारतीय विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी समाचार पत्र द वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि R&AW के एक अधिकारी विक्रम यादव ने गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या के लिए एक टीम को सुपारी दी थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इसे गैरजिम्मेदार बताया है।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस विषय में बयान जारी किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा, ”इस रिपोर्ट में एक गंभीर मामले पर अनुचित और निराधार आरोप लगाए गए हैं। भारत सरकार द्वारा बनाई गई उच्च स्तरीय समिति संगठित अपराधियों, आतंकवादियों और अन्य के नेटवर्क पर अमेरिकी सरकार द्वारा साझा की गई सुरक्षा चिंताओं की जाँच की जा रही है। इस पर कयास और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां मददगार नहीं हैं।”

गौरतलब है कि हाल ही में अमेरिकी समाचार पत्र द वाशिंगटन पोस्ट ने एक रिपोर्ट में दावा किया था कि R&AW के अधिकारी विक्रम यादव ने अमेरिका में रहने वाले खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या के लिए हत्यारों की एक टीम को सुपारी दी। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि और भी कुछ लोगों को निशाने पर लिया गया था। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि यादव ने पन्नू की जानकारियाँ हत्यारों के साथ साझा की।

रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पन्नू को मारने की योजना को R&AW के दिल्ली दफ्तर से मंजूरी मिली थी यानी इस विषय में R&AW मुखिया को मालूम था। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि विक्रम यादव को यह पूरा प्लान फेल होने के बाद CRPF में भेज दिया गया जहाँ R&AW में आने से पहले उनकी पोस्टिंग थी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस मामले की जानकारी पीएम मोदी के आसपास रहने वालों को भी थी।

गौरतलब है कि नवम्बर 2023 में अमेरिका की खुफिया एजेंसियों ने दावा किया था कि एक भारतीय निखिल गुप्ता ने कुछ हत्यारों को काम पर लगाया। यह हत्यारे पन्नू को मारने वाले थे। उन्होंने दावा किया था कि गुप्ता को CC1 नाम का एक अधिकारी नियंत्रित कर रहा था जो कि अब विक्रम यादव के रूप में पुष्ट हुआ है। निखिल गुप्ता वर्तमान में चेक गणराज्य में है और अमेरिका उसका प्रत्यर्पण माँग रहा है। अभी तक इस मामले में किसी भी आरोप की पुष्टि नहीं हो पाई है। भारत भी इस विषय में जाँच कर रहा है।

आरजू, साइमा, हिना… UP में 3 मुस्लिम लड़कियों ने हिंदू युवकों से शादी कर की ‘घर वापसी’, लगाए जय श्रीराम के नारे: कहा- हलाला और बुर्का से चिढ़

उत्तर प्रदेश के 2 जिलों में 3 मुस्लिम युवतियों ने इस्लाम छोड़ कर हिन्दू धर्म अपनाया है। इसमें से 2 लड़कियाँ बरेली और 1 महोबा की है। इन सभी ने अपने-अपने हिन्दू प्रेमियों से वैदिक विधि-विधान से शादी कर ली है। विवाह के दौरान ‘जय श्री राम’ और ‘हर-हर महादेव’ के नारे लगाए गए हैं। हिन्दू संगठनों ने इन शादियों में शामिल हों कर वर-वधू को आशीर्वाद दिया है। ये तीनों विवाह हिन्दू देवस्थलों पर सोमवार (29 अप्रैल, 2024) को सम्पन्न हुए हैं।

महोबा में आरजू बनीं आरती

पहला मामला महोबा जिले का है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहाँ के पनवाड़ी इलाके की रहने वाली आरजू का लम्बे समय से दिनेश जयसवाल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। आरजू के अम्मी-अब्बा इस रिश्ते के खिलाफ थे। 2 साल पहले आरजू अपनी मर्जी से दिनेश के साथ दिल्ली चली गईं थीं। अब दिल्ली से वापस आ कर सोमवार (29 अप्रैल) को दिनेश जयसवाल और आरजू पनवाड़ी कस्बे के गौरेया दाई मंदिर पहुँचे। दिनेश के परिजन भी साथ थे। यहाँ दोनों ने शादी की इच्छा जताई।

दोनों की आपसी सहमति देख कर मंदिर के पुजारी ने वैदिक विधि-विधान से आरजू और दिनेश का विवाह सम्पन्न करवाया। इस मौके पर दिनेश के रिश्तेदार और दोस्त भी मौजूद थे। इन सभी ने मिल कर ‘जय श्री राम’ का उद्घोष किया। विवाह के बाद पुजारी ने नवदम्पति को सदा सुखी रहने का आशीर्वाद दिया। दिनेश और आरजू ने 7 जन्मों तक एक दूसरे का साथ निभाने का वादा किया। यहाँ आरजू को नया नाम आरती मिला। बाद में वर-वधू ख़ुशी-ख़ुशी अपने घर चले गए।

बरेली में हिना बनी आकांक्षा

‘घर वापसी’ का दूसरा मामला बरेली जिले से है। यहाँ के बहेड़ी थाना क्षेत्र की रहने वाली मुस्लिम लड़की हिना ने शपथ दे कर बताया है कि उन्हें पता है कि उनके पूर्वज हिन्दू थे जिन्होंने मुगल आक्रांताओं के दबाव में इस्लाम कबूल किया था। 25 वर्षीया हिना ने पहले से ही खुद को पूजा-पाठ में विश्वास करने वाली लड़की बताते हुए हिन्दू धर्म अपनाने की इच्छा जताई। सोमवार (29 अप्रैल) को हिना की ‘घर वापसी’ बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में पंडित के के शंखधर के माध्यम से हुई।

‘घर वापसी’ के बाद हिना ने अपना नाम आकांक्षा गंगवार रखा। इसी दिन हिना ने बरेली के ही आकाश गंगवार को अपना जीवन साथी चुना और वैदिक रीति-रिवाज़ से अग्नि के 7 फेरे लिए। वर-वधू ने एक साथ हवन किया। इस दौरान हिन्दू संगठनों के कई सदस्य मौके पर मौजूद रहे। इन सभी ने ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय श्री राम’ का उद्घोष किया। विवाह के बाद हिना अपने पति आकाश के साथ घर चली गईं।

अब साईना जानी जाएँगी सोनी नाम से

‘घर वापसी’ का तीसरा मामला बरेली से ही है। यहाँ के नवाबगंज थाना क्षेत्र की रहने वाले साइमा ने अपना शुद्धीकरण करवा के हिन्दू धर्म स्वीकार कर लिया है। यह शुद्धीकरण बरेली के अगत्स्य मुनि आश्रम में हुआ। घर वापसी बिना किसी दबाव में अपनी मर्जी से करने वाली 25 वर्षीया साइमा ने अपना नया नाम सोनी रखा है। साइमा ने अपने शपथ पत्र में लिखा है कि वो इस्लाम मत में तीन तलाक और हलाला जैसी कुप्रथाओं को देख कर काफी व्यथित थीं।

सोनी बनीं साइमा ने कहा कि उनकी हिन्दू धर्म में अपनी पहले से ही आस्था रही है। वो हिन्दू देवी-देवताओं की पूजा पहले ही करती आईं हैं। सोमवार को ही सोनी ने अगत्स्य मुनि आश्रम में पंडित के के शंखधर की मौजूदगी में हाफिजगंज के रहने वाले आकाश से विवाह कर लिया। यह विवाह वैदिक विधि-विधान से हुआ जिसमें हिन्दू देवी-देवताओं की जयकार की गई। हिन्दू संगठन से जुड़े सदस्य भी इस मौके पर मौजूद थे। उन्होंने वर-वधू को सदा सुखी रहने का आशीर्वाद दिया। साइमा ने पुलिस को प्रार्थना पत्र दे कर अपने परिवार से अपनी और अपने पति की सुरक्षा की गुहार लगाई है।

गृहमंत्री अमित शाह के फर्जी वीडियो मामले में एक्शन: गुजरात से कॉन्ग्रेस – AAP नेता गिरफ्तार, तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी समेत कई को नोटिस

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का डीपफेक वीडियो वायरल करने के मामले में लगातार एक्शन हो रहा है। अब गुजरात से कॉन्ग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं की गिरफ्तारी हुई है। अहमदाबाद साइबर क्राइम टीम ने आम आदमी पार्टी और कॉन्ग्रेस से 2 नेताओं की गिरफ्तारी की है। इन लोगों पर आरोप है कि उन्होंने खास एजेंडे के तहत ये वीडियो वायरल किए थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अहमदाबाद साइबर क्राइम टीम ने जिन्हें गिरफ्तार किया है, उनके नाम सतीष वरसोला और आर बी बारिया हैं। सतीश वनसोला कॉन्ग्रेस विधायक जिग्नेश मेवानी का ऑफिस संभालता है। उसे कॉन्ग्रेस विधायक जिग्नेश मेवानी का पीए भी बताया जा रहा है। वहीं, आर बी बारिया आम आदमी पार्टी का दाहोद जिले का जिलाध्यक्ष है। दोनों ने गृहमंत्री अमित शाह के एडिटेड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए थे।

असम में कॉन्ग्रेस नेता गिरफ्तार

बता दें कि ये उसी वीडियो से जुड़ा मामला है जिसे दो दिन पहले कॉन्ग्रेसी ये कहकर ट्वीट कर रहे थे कि अमित शाह ने चुनाव जीतने पर आरक्षण खत्म करने की बात कही है। इस मामले में असम के कॉन्ग्रेसी कार्यकर्ता ऋतम सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है। वो असम में कॉन्ग्रेस का सोशल मीडिया देखता है। इस गिरफ्तारी के बारे में खुद असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने एक्स पर जानकारी देते हुए बताया था कि उसे गृह मंत्री का फेक वीडियो शेयर करने के मामले में पकड़ा गया है।”

दिल्ली पुलिस भी कर रही ताबड़तोड़ कार्रवाई

इस मामले में दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की है और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को समन भेजा है। दिल्ली पुलिस ने सोमवार (29 अप्रैल, 2024) को उन्हें समन भेजा और 1 मई को अपना बयान दर्ज कराने के लिए कहा है। साथ ही ये भी कहा गया है कि जाँच के लिए वो अपने फोन-लैपटॉप इत्यादि जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी साथ लेकर आएँ। ‘इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर’ की शिकायत पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ये FIR दर्ज की है।

इस मामले में सिर्फ रेवंत रेड्डी ही नहीं, बल्कि 5 अन्य लोगों को भी समन भेजा गया है जिनमें कुछ कॉन्ग्रेस के नेता हैं। इन सभी ने अमित शाह के डॉक्टर्ड वीडियो को शेयर किया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय और भारतीय जनता पार्टी ने भी इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाया गया है कि समाज में विभिन्न समुदायों में वैमनस्य फैलाने के उद्देश्य से ये वीडियो प्रसारित किया गया, जिससे कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक शांति के भंग होने की आशंका है।