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जस्टिन ट्रूडो के सामने लगे खालिस्तानी नारे, तो भारत सरकार ने हवा की टाइट: दिल्ली में कनाडा के उपायुक्त को तलब कर फटकारा, दर्ज कराया तीखा विरोध

भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने कनाडा के डिप्टी हाई कमिश्नर को नई दिल्‍ली में तलब कर उन्‍हें कड़ी फटकार लगाई। भारत सरकार ने आज (29 अप्रैल 2024) कनाडा के उपायुक्त को न सिर्फ फटकार लगाई, बल्कि तीखा विरोध भी दर्ज कराया। ये विरोध कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो की मौजूदगी वाले एक सार्वजनिक कार्यक्रम में ‘खालिस्तान’ के समर्थन में नारे लगने की वजह से दर्ज कराया गया। नारेबाजी के समय ट्रूडो लोगों को संबोधित कर रहे थे और मंच पर ही हँसते दिखे थे।

भारत सरकार ने ट्रूडो की इस हरकत पर कहा, “यह एक बार फिर उस राजनीतिक स्थान को दर्शाता है जो कनाडा में अलगाववाद, उग्रवाद और हिंसा को दिया गया है। उनकी निरंतर अभिव्यक्तियाँ न केवल भारत-कनाडा संबंधों को प्रभावित करती हैं, बल्कि कनाडा में अपने नागरिकों के लिए हिंसा और आपराधिकता के माहौल को भी बढ़ावा देती हैं।”

बयान में कहा गया है, “उनकी निरंतर अभिव्यक्ति न केवल भारत-कनाडा संबंधों को प्रभावित करती है, बल्कि कनाडा में अपने नागरिकों के लिए हिंसा और आपराधिकता के माहौल को भी बढ़ावा देती है।” इसके बाद सरकार ने कनाडा दूतावास में तैनात उपायुक्त को तलब किया और उन्हें फटकार लगाई। भारत का आरोप है कि कनाडा खालिस्तान समर्थकों को न सिर्फ शरण देता है, बल्कि उन्हें बढ़ावा भी देता है।

बता दें कि कनाडा के बड़े शहर टोरंटो में आयोजित खालसा डे सेलेब्रेशन में प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की मौजूदगी में खालिस्तान समर्थक नारे लगाए गए थे। इस दौरान ट्रूडो इन भारत विरोधी नारों पर हँसते रहे और इन्हें रोकने का कोई प्रयास नहीं किया। इस कार्यक्रम को पीएम ट्रूडो ने भी संबोधित किया और सिख समुदाय के कनाडा के निर्माण में महत्व को गिनाया तथा उन्हें बधाईयाँ दी। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग खालिस्तानी झंडे लेकर पहुँचे और प्रधानमंत्री ट्रूडो के भाषण के दौरान खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते रहे।

गौरतलब है कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने ही 2023 में भारत पर आरोप लगाया था कि उसके ख़ुफ़िया एजेंसी के एजेंटों ने खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की। उन्होंने यह आरोप कनाडा की संसद में जड़ा था। हालाँकि, इस आरोप को लेकर उन्होंने कोई सबूत सामने नहीं रखे थे। भारत ने उनके इन आरोपों का कड़ा जवाब दिया था।

इंदौर में नाम वापस लेने वाले कॉन्ग्रेस कैंडिडेट ने BJP नेताओं को दिया भोज: अंदर पार्टी छोड़ने का जश्न, बाहर पुतला फूँक रहे थे कॉन्ग्रेसी कार्यकर्ता

मध्य प्रदेश के इंदौर में कॉन्ग्रेस पार्टी को लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान सबसे बड़ा झटका लगा है। पार्टी के प्रत्याशी रहे अक्षय कांति बम ने न सिर्फ आखिरी समय में अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली, बल्कि वो बीजेपी में भी शामिल हो गए। कॉन्ग्रेस पार्टी के लिए ये सबसे असहज कर देने वाला मामला रहा। यही नहीं, बाद में इंदौर जिला कॉन्ग्रेस ईकाई के कार्यवाहक अध्यक्ष ने किसी वरिष्ठ नेता को भी जमकर सुनाया था, जिसका वीडियो वायरल हो गया। इस बीच, लोकसभा चुनाव से अपनी उम्मीदवारी लेकर बीजेपी में शामिल हुए अक्षय कांति बम ने बीजेपी नेताओं को भोज पर अपने घर बुलाया। एक तरफ बीजेपी नेता भोज कर रहे थे, तो दूसरी तरफ अक्षय के घर के बाहर कॉन्ग्रेस उम्मीदवार प्रदर्शन करते दिखे।

अक्षय कांति बम ने बीजेपी नेताओं को डिनर पर आमंत्रित किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है। इस वीडियो को शेयर करते हुए एक्स यूजर जितेंद्र प्रताप सिंह ने लिखा, “इंदौर में नाम वापस लेने वाले कॉन्ग्रेस प्रत्याशी ने सभी भाजपा नेताओ को अपने निवास पर भोजन पर आमंत्रित किया और पार्टी (कॉन्ग्रेस को) छोड़ने का जश्न मनाया।”

अक्षय क्रांति बम द्वारा आखिरी समय में कॉन्ग्रेस से किनारा कर लेने पर कॉन्ग्रेसी कार्यकर्ताओं में हताशा साफ दिखी। अक्षय अपने आवास में बीजेपी नेताओं के साथ भोजन कर रहे थे, तो उसी समय कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ता उनके घर के बाहर जुट गए। उन्होंने अक्षय कांति बम के फैसले का जमकर विरोध किया और नारेबाजी करते हुए उनका पुतला भी फूँका।

बता दें कि अक्षय कांति बम इंदौर के कारोबारी हैं। वो विधानसभा चुनाव के समय कॉन्ग्रेस से टिकट माँग रहे थे, लेकिन कॉन्ग्रेस ने उन्हें पिछले साल के विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया। लेकिन कॉन्ग्रेस ने उन्हें लोकसभा चुनाव में टिकट देकर बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी थी। अक्षय कांति बम ने कॉन्ग्रेस के टिकट पर इंदौर में नामांकन भी कर दिया और चुनाव प्रचार में भी जुट गए। हालाँकि वो नामांकन वापसी के आखिरी दिन बीजेपी विधायक के साथ कलेक्ट्रेट पहुँचे और अपना पर्चा वापस ले लिया। यही नहीं, उन्होंने कॉन्ग्रेस को भी छोड़ दिया और भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए।

बोरे में मिली पूनम की लाश, डुबो कर मारा फिर टुकड़े-टुकड़े काटा: टैक्सी ड्राइवर निज़ाम ने खुद को कुँवारा बता कर फाँसा था

मुंबई में शुक्रवार (19 अप्रैल, 2024) को एक 27 वर्षीया महिला की हत्या कर दी गई थी। महिला का शव बोरे में भर कर नवी मुंबई में फेंक दिया गया था। 25 अप्रैल को महिला का शव लोगों को सड़ी हुई हालात में बरामद हुआ था। मृतका की पहचान पूनम के तौर पर हुई थी। अब पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए निज़ाम नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। निज़ाम टैक्सी ड्राइवर है। मृतका आरोपित निज़ाम के साथ रिलेशनशिप में थी।

बाल-बच्चेदार निजाम ने खुद को कुँवारा बताया था। उसकी पोल खुल जाने के बाद दोनों में झगड़ा हुआ था जिसके फलस्वरूप पूनम की हत्या कर दी गई थी। भाजपा ने इसे ‘लव जिहाद’ बताया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूनम मुंबई के नागपाड़ा इलाके में काम करती थी। घर से ऑफिस आने-जाने के दौरान उसको टैक्सी ड्राइवर निजाम मिला। निजाम शादीशुदा और 1 बच्चे का अब्बा था। उसका परिवार उत्तर प्रदेश के लखनऊ में रहता है। निजाम ने खुद को कुँवारा बताया और पूनम से दोस्ती कर ली। कुछ ही दिनों में निजाम ने पूनम को अपने प्यार के जाल में फँसा लिया। बाद में पूनम और निजाम रिलेशनशिप में आ गए। दोनों अक्सर साथ देखने जाने लगे।

कुछ ही दिनों के अंदर पूनम को पता चला कि निजाम शादीशुदा है। वह एक बच्चे का अब्बा भी निकला। पूनम इस बात से काफी नाराज हुई। दोनों के बीच झगड़ा भी हुआ। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने मीडिया को बताया कि 18 अप्रैल को निजाम ने बहाने से पूनम को मिलने के लिए बुलाया। यहाँ से दोनों कल्याण के पास एक जगह पर गए। यहाँ निजाम ने पूनम को पानी में डुबो कर मार डाला। पूनम की मौत होने के बाद निजाम लाश ले कर अस्पताल पहुँचा। यहाँ उसने पूनम की मौत की पुष्टि करवाई।

मंगल प्रभात आगे बताते हैं कि निजाम अस्पताल पूनम की लाश ले कर भाग गया। 19 अप्रैल को उसने पूनम के शव के कई टुकड़े किए। इन टुकड़ों को उसने एक बोरे में भरा और नवी मुंबई इलाके में एक सुनसान जगह फेंक दिया। 25 अप्रैल को राहगीरों ने पूनम का शव देखा तो पुलिस को सूचना दी। परिजनों ने निजाम पर हत्या का आरोप लगाया। हिन्दू संगठन ने सदस्यों ने निजाम को घूमते देखा तो पकड़ कर पुलिस को सौंपा। निजाम ने पुलिस के आगे अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस निजाम से पूछताछ कर रही है।

मंत्री मंगल प्रभात का दावा है कि पूनम की हत्या करने में निजाम अकेला नहीं है बल्कि उसके साथ कई और लोग भी शामिल हैं। उन्होंने इस घटना को दिल्ली के आफ़ताब-श्रद्धा मामले के जैसा ही बताया है। मंगल के मुताबिक इस घटना से मुंबई के हिन्दू समाज के लोगों में नाराज़गी है। उन्होंने निजाम और उसके साथियों पर कठोर कार्रवाई की माँग उठाई है। प्रशासन को कार्रवाई के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए मंगल प्रभात ने इस घटना में लगभग 1 दर्जन आरोपितों के शामिल होने की आशंका जताई है। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने इस घटना को ‘लव जिहाद’ बताते हुए पीड़ित परिवार से मुलाक़ात की है।

PM मोदी और उनके साथियों को जेल भिजवाने का कर रहा था ऐलान, अब खुद पहुँच गया सलाखों के पीछे: कॉन्ग्रेस का वॉररूम कोऑर्डिनेटर है रीतम सिंह

भारत के गृह मंत्री अमित शाह का डीपफेक वीडियो शेयर करने के आरोप में असम पुलिस ने एक कॉन्ग्रेस नेता को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार कॉन्ग्रेसी का नाम रीतम सिंह है। रीतम असम में कॉन्ग्रेस के वॉररूम का कॉर्डिनेटर है। इस कार्रवाई की पुष्टि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार (29 अप्रैल, 2024) को की है। अमित शाह का फर्जी वीडियो शेयर करने के दौरान रीतम भाजपा नेताओं को जेल भिजवाने की धमकियाँ भी दे रहा था।

रीतम सिंह ने अपने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में दिखाया गया कि अमित शाह SC, ST और OBC का आरक्षण खत्म करने का ऐलान कर रहे हैं। हालाँकि, यह डीपफेक वीडियो है जिसको भ्रामक रूप दे कर कई रीतम सिंह द्वारा शेयर किया गया था। इस हरकत के खिलाफ गुवाहाटी के पान बाजार थाने में दीपक कुमार दास ने शिकायत दर्ज करवाई। इस शिकायत पर पुलिस ने रीतम के खिलाफ IPC की धारा 153A, 171G, 505(1)(b) के साथ आईटी एक्ट की धारा 66F के तहत FIR दर्ज कर लिया था।

इसी ट्वीट पर हुई रीतम के खिलाफ FIR

अपने खिलाफ हुई FIR की जानकारी मिलते ही रीतम ने अपना ट्वीट डिलीट कर लिया था। हालाँकि, तब तक पुलिस अपनी कार्रवाई अमल में ला चुकी थी। रीतम के ट्वीट का स्क्रीनशॉट भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सोमवार (29 अप्रैल, 2024) को पुलिस ने रीतम को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को रीतम अपने गुवाहाटी के पास स्थित घर पर ही मिल गया। रीतम का फोन और लैपटॉप भी जब्त कर के जाँच की जा रही है। रीतम असम कॉन्ग्रेस के लिए चुनाव प्रचार में वॉररूम कॉर्डिनेटर के तौर पर काम कर रहा था।

दे रहा था मोदी को जेल भेजने की धमकी

कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता रीतम सिंह पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर लगातार ब्राह्मणों सहित अन्य कई जातियों पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कर रहे थे। हाल ही में उन्होंने एक आपत्तिजनक ट्वीट किया था। इस ट्वीट में रीतम ने आने वाले 2 महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके साथियों के जेल में होने का ऐलान किया था। तब उन्होंने लिखा था, “सबका हिसाब लिया जाएगा। सबसे बदला लिया जाएगा।” रीतन ने तब सभी दक्षिणपंथियों की लिस्ट तैयार होने का भी दावा किया था।

कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता रीतम सिंह आए दिन असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा को भी चैलेन्ज दिया करते थे। उन्होंने सरमा की पत्नी पर भी कई बार टिप्पणियाँ की थी। रीतम के ट्वीट अक्सर ब्राह्मणों को टारगेट करते थे। फ़िलहाल उनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस जरूरी कार्रवाई और जाँच में जुटी है।

Fake News फैलाती पकड़ी गई नेहा सिंह राठौर, चुनाव आयोग ने ईवीएम पर दावे का कर दिया Fack Check : मॉक पोल के वीडियो को बताया था असली

खुद को लोकगायिका बताने वाली सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर नेहा सिंह राठौर फेक न्यूज फैलाती पकड़ी गई हैं। उन्होंने मॉक पोल के वीडियो को असली बताते हुए दावा किया कि ईवीएम में गड़बड़ी है, जो एक ही पार्टी के लिए वोट कर रही है। उनके दावे को चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया है। चुनाव आयोग ने बताया है कि जिस वीडियो को असली ईवीएम मशीन मतदान के दौरान का बताया जा रहा है, वो मॉक पोल का है। इस बात की पुष्टि जिला निर्वाचन अधिकारी करीमगंज ने भी की है।

नेहा सिंह राठौर ने फर्जी वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “देखिए, भस्मासुर पार्टी को कैसे 400 पार कराया जा रहा है। लोकतंत्र के महोत्सव में भ्रष्टाचार का नंगा नाच देख लीजिए। केंद्रीय चुनाव आयोग को श्रद्धांजलि के फूल भेज दीजिए।”

चुनाव आयोग ने उनके ट्वीट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए उनके दावे को गलत बताया है। चुनाव आयोग ने एक्स पर लिखा, “लोकसभा चुनाव 2024 से जुड़ा एक वीडियो एक्स पर गलत दावों के साथ फैलाया जा रहा है। इस पोस्ट में किया गया दावा गलत और भ्रामक है। ये वीडियो असम में मॉक पोल के दौरान का है, असली मतदान का नहीं। इस बारे में करीमगंज के जिला निर्वाचन अधिकारी पहले ही अपनी बात रख चुके हैं।”

चुनाव आयोग ने करीमगंज के जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी किए गए पत्र को भी साझा किया है।

करीमगंज अधिकारी के वीडियो और नेहा सिंह राठौर के ट्वीट को साझा करते हुए परम पीसीएस (FUN Mauji) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, “फेक न्यूज की महारानी नेहा राठौड़ जी!! चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि उक्त वीडियो मॉक पोल के दौरान का है जब प्रतायोशियों के एजेंटों के सामने दिखाया जाता है की ईवीएम ठीक काम कर रही है या नहीं? EVM से सबंधित फेक न्यूज फैलाने पर कानूनन 2 साल की जेल और 1 लाख का जुर्माना है।”

बता दें कि नेहा सिंह राठौर लगातार भ्रामक दावों के लिए जानी जाती हैं। उन्हें कई वीडियो के लिए कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ा है। हालाँकि चुनाव आयोग ने फेक न्यूज फैलाने के मामले में नेहा सिंह राठौर के खिलाफ क्या कदम उठाया है, इस बात की जानकारी नहीं मिल पाई है।

‘दुनिया मानती थी शिवाजी महाराज की नौसेना का लोहा, हमने इंडियन नेवी के झंडे से हटाया अंग्रेजों का निशान’: महाराष्ट्र में बोले PM मोदी – शहजादे कहते हैं खटाखट-ठकाठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (29 अप्रैल, 2024) को कर्नाटक के बागलकोट के अलावा महाराष्ट्र के सोलापुर, सतारा और पुणे में विशाल जनसभाओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पुणे वासियों को भरोसा दिलाया कि वो दिन भी आने ही वाला है जब आप देश की पहली बुलेट ट्रेन में ट्रैवल करेंगे। उन्होंने इसे ‘मोदी की गारंटी’ बताते हुए लिख कर रख लेने के लिए कहा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का ये भारत अपने युवा, युवाओं के इनोवेशन, युवा टैलेंट और टेक्नोलॉजी पर भरोसा करते हुए आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने ‘स्टार्टअप इंडिया’ का कमाल बताते हुए कहा कि सिर्फ 10 वर्षों में ही भारत के युवाओं ने सवा लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स बना दिए हैं। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले हमारा देश मोबाइल फोन इम्पोर्ट करता था, अब अब देश के दूसरे सबसे बड़े एक्सपोर्टर हैं इस मामले में। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने महँगाई को नियंत्रित किया, भ्रष्टाचार पर प्रहार किया। उन्होंने बताया की करदाताओं के लिए टैक्स में सहूलियत दी गई, जिससे उनके ढाई लाख करोड़ रुपए बचे।

पुणे में प्रधानमंत्री ने कहा कि कॉन्ग्रेस के शहजादे की बातें खतरनाक हैं, खुद कॉन्ग्रेस के लोग इनके कारण कॉन्ग्रेस छोड़-छोड़ के निकल रहे हैं और वो लोग कहते हैं कि कॉन्ग्रेस को माओवादियों ने कब्जे में ले लिया है। उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस के शहजादे से पूछो कि गरीबी कैसे हटती है- तो वो कहते हैं खटाखट…खटाखट। कॉन्ग्रेस के शहजादे से पूछो कि ग्रोथ कैसे होती है- तो वो कहते हैं ठकाठक… ठकाठक। कॉन्ग्रेस के शहजादे से पूछो कि विकसित भारत बनाने का कोई प्लान है तो वो बोलते हैं टकाटक… टकाटक।”

पीएम मोदी ने बताया कि मध्यम वर्गीय परिवारों को सुरक्षित घर मिले, इसके लिए हमने देश में रेरा कानून बनाया है, जो हमारे मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए सुरक्षा कवच बन गया है। बकौल पीएम मोदी, उनकी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर काम कर रही है और मोदी उनको पूजता है, जिनको पहले की सरकारों ने कभी पूछा तक नहीं था।

इससे पहले सतारा में पीएम मोदी ने याद किया कि 2013 में जब भाजपा ने उन्हें प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित किया, तब वो रायगढ़ के किले पर चले गए। उन्होंने याद किया कि वो छत्रपति शिवाजी महाराज की समाधि स्थल पर ध्यानस्थ होकर बैठे थे। बकौल पीएम मोदी, उस समय छत्रपति शिवाजी महाराज की समाधि स्थल से उन्हें जो ऊर्जा, प्रेरणा और आशीर्वाद मिला, उसी के बदौलत वो बीते 10 वर्षों से जनता के लिए जीने का प्रयास करते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश 1947 में आजाद हुआ, कॉन्ग्रेस ने गुलामी की मानसिकता को फलने दिया था। उन्होंने इतिहास याद दिलाया कि पूरी ​दुनिया छत्रपति महाराज की नौसेना का लोहा मानती थी, लेकिन इतने वर्षों तक आजाद भारत की नौसेना के झंडे पर अंग्रेजों का निशान था। प्रधानमंत्री ने कहा कि मोदी ने आकर अंग्रेजों के निशान को हटाया, मोदी ने तय किया कि इस झंडे की ताकत तब बढ़ेगी, जब हमारे नौसेना के झंडे में छत्रपति शिवाजी के प्रतीक को स्थान दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के सतारा में कहा, “भारत का संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण को मना करता है, लेकिन उन्होंने (कॉन्ग्रेस) रातोंरात कर्नाटक के सभी मुस्लिमों को OBC घोषित कर दिया और रातोंरात ओबीसी के आरक्षण को वहाँ के मुस्लिमों को दे दिया। अब कॉन्ग्रेस संविधान बदलकर यही फॉर्मूला पूरे देश में लागू करना चाहती है। कॉन्ग्रेस और अघाड़ी वालों कान खोलकर सुन लीजिए, जब तक मोदी जिंदा है और जब तक जनता-जनार्दन का मुझ पर आशीर्वाद है, तब तक धर्म के नाम पर आरक्षण लाने की कोशिश, संविधान बदलने की कोशिश आप नहीं कर पाओगे।”

पीएम मोदी ने ये भी कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी परेशानियों को भाग्य के नाम पर नहीं छोड़ा, बल्कि हर देशवासी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ देने का संकल्प लिया और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के जरिए आज गाँव-गाँव में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हो रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे जब कॉन्ग्रेस की सरकार थी, तब हजारों टन अनाज सरकार के गोदामों में सड़ता था, लेकिन कॉन्ग्रेस सरकार उसे गरीबों को देने को तैयार नहीं थी और मना कर दिया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कॉन्ग्रेस सरकार अनाज गरीबों में बाँटे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि तब कॉन्ग्रेस के प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में दखल न दे, यानी गरीब भूख से मरता है तो मरे, अनाज सड़ता है तो सड़े, लेकिन कॉन्ग्रेस सरकार गरीबों को अनाज देने को तैयार नहीं थी। प्रधानमंत्री ने गर्व से बताया कि आज हमारी सरकार 80 करोड़ जरूरतमंदों को हर महीने मुफ्त अनाज देती है और आने वाले 5 वर्षों की भी गारंटी दी है। उन्होंने कहा कि हमारा सामाजिक न्याय का तरीका समाज में विभेद करने का नहीं है, बल्कि समाज को जोड़ने का है।

वहीं सोलापुर में पीएम मोदी ने कहा कि आज कॉन्ग्रेस और I.N.D.I. गठबंधन OBC प्रतिनिधित्व के नाम पर झूठ फैला रहे हैं, क्योंकि इनकी सच्चाई देश के सामने आ गई है और इससे ये बौखलाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे चुनाव में, ये I.N.D.I. अघाड़ी के जितने लोग हैं, उनका सिर्फ एक ही एजेंडा है – मोदी को नई-नई गाली देना। बकौल पीएम मोदी, विपक्ष पास विजन नहीं है और हमारे पास विजन है, हम इस विजन के लिए ये जीवन खपा देंगे।

पीएम मोदी ने महाराष्ट्र के सोलापुर में कहा, “सीमावर्ती गाँवों को आखिरी गाँव कहा जाता था। मैंने उन्हें पहला गाँव कहा। गाँवों के लिए हमने Vibrant Village प्रोग्राम शुरू किया। अगर मोदी की नजर कॉन्ग्रेस की तरह सिर्फ वोटबैंक पर होती, तो 24,000 करोड़ की पीएम जनमन योजना बनाकर सबसे पिछड़ी जनजाति के लिए योजना न बनाता, उनके लिए काम न करता। मैं अपने देश के आखिरी व्यक्ति को मजबूत बनाना चाहता हूँ। कॉन्ग्रेस ने 100 से ज्यादा जिलों को पिछड़ा घोषित कर उन्हें अपने हाल पर छोड़ दिया था। हमने उन्हें Aspirational Districts बनाया। 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले।।”

बुरी तरह पीटते थे, साफ़ करवाते थे शौचालय… 93 बच्चों को बस में भर कर ले जा रहे 5 मौलवी धराए, अनाथ बता कर उठाते थे फंडिंग, देवबंद के मदरसों में डालने की थी साजिश

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में शुक्रवार (26 अप्रैल, 2024) को मानव तस्करी की आशंका के चलते एक बस की तलाशी ली गई थी। तब इस बस में 93 नाबालिग बच्चे मौजूद मिले जिनकी उम्र 6 से 14 साल के बीच थी। इसी बस में 5 मौलवी भी पकड़े गए थे। सभी बच्चे बिहार के अररिया जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इन्हें पढ़ाने के नाम पर सहारनपुर जिले के एक मदरसे में ले जाया जा रहा था। ये मदरसे रजिस्टर्ड भी नहीं थे। मौलवियों पर बच्चों को यतीम बता कर बाहर से फंड लेने आरोप लगा है। बच्चों ने बताया कि उनके साथ अमानवीयता की जा रही थी। इस मामले में प्रशासन जाँच कर रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार को अयोध्या के देवकाली के पास पुलिस ने एक डबल डेकर बस रोकी। बस में लगभग 100 लोग सवार थे। इसमें 93 नाबालिग बच्चे थे जो बेहद थके और परेशान लग रहे थे। बस बिहार के अररिया से आ रही थी। पुलिस से हुई शुरुआती पूछताछ में बस में सवार 5 मौलवियों ने बताया कि वो सहारनपुर जा रहे हैं। यहाँ के देवबंद इलाके में मौजूद 2 मदरसों का जिक्र किया गया जिनके नाम मदारूल उलूम रफीकिया और दारे अरकम हैं। सभी बच्चों का एडमिशन इसी मदरसे में होना था।

पुलिस ने जाँच की तो पता चला कि दोनों मदरसे रजिस्टर्ड भी नहीं थे। साथ ही बस में सवार मौलवी बच्चों के माता-पिता से पैसे लेने के बावजूद उन्हें अनाथ बता कर बाहर से भी फंडिंग करवाते थे। पुलिस ने बच्चों को लखनऊ के राजकीय बाल गृह पहुँचा दिया और उनके अभिभावकों को भी सूचित कर दिया। रविवार (28 अप्रैल, 2024) को यहाँ राज्य बाल संरक्षण आयोग की टीम पहुँची। इन्होंने बच्चों का हालचाल लिया तो उन्होंने मदरसे में होने वाली अपनी प्रताड़ना को खुल कर बताया। बरामद हुए 95 बच्चों में कई रिश्ते में भाई हैं तो कुछ अन्य एक दूसरे के बारे में जानते तक नहीं हैं।

बच्चों ने कहा कि मदरसे में उनकी बेरहमी से पिटाई की जाती थी। उनसे शौचालय साफ करवाए थे और किसी को बताने पर बुरे अंजाम की धमकी दी जाती थी। बीमार होने पर भी बच्चों के घर से पैसे आने पर ही उनको दवा दी जाती थी। कई बच्चे सहारनपुर के मदरसे में पहले भी रह चुके हैं। यहाँ रात को गेट बंद हो जाते थे। गेट खोलने के लिए कहने पर बच्चों को गेट पर तैनात गार्डों द्वारा बेरहमी से पीटा जाता था। सबसे अधिक प्रताड़ना देने वालों में बच्चों ने मास्टर शहजाद और जबर का नाम लिया।

पाँचों मौलवियों को फ़िलहाल गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे पूछताछ और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इन बच्चों के अभिभावकों से यहाँ तक लिखवा लिया गया था कि उनकी संतानों के साथ किसी अनहोनी के जिम्मेदार मौलवी नहीं होंगे। सोमवार (29 अगस्त) तक बच्चों के माता-पिता को लखनऊ बुलवाया गया है।राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. शुचिता चतुर्वेदी के मुताबिक उनसे बात करते हुए बच्चे फफक कर रोने लगे।

उन्होंने अपने सपने के तौर पर डॉक्टर बनना बताया। इस दौरान बच्चों ने यह भी कहा कि मदरसे में पढ़ कर उनका ये सपना नहीं पूरा हो सकता है। डॉ सुचिता का कहना है कि वो आ रहे अभिभावकों से यह लिखित तौर पर लेंगी कि दुबारा इन बच्चों का एडमिशन मदरसे में नहीं करवाया जाएगा।

‘पैसे लेकर टिकट देते हो, मैंने पहले ही कहा था भाग जाएगा’: फोन पर पार्टी को हड़काते दिखे इंदौर कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष, कहा – भुगतो खामियाजा

लोकसभा चुनाव 2024 में मध्य प्रदेश के इंदौर में बीजेपी को चुनौती देने के लिए कॉन्ग्रेस का कोई प्रत्याशी ही मैदान में नहीं है। कॉन्ग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने नामांकन वापसी के आखिरी दिन पर्चा वापस ले लिया और बीजेपी में शामिल हो गए, जिसके बाद तमाम तरह की चर्चाएँ चल रही हैं। अक्षय कांति बम के नामांकन वापस लेने और भाजपा में शामिल होने से कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं व नेताओं में खासी नाराजगी है और अब उनका गुस्सा खुलकर सामने आ रहा है। इंदौर कॉन्ग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने पार्टी पर पैसे लेकर टिकट बेचने का आरोप लगा दिया है।

इन्दौर शहर कॉन्ग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र यादव का किसी बड़े कॉन्ग्रेसी नेता से फोन पर बात करने का वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें देवेंद्र यादव का गुस्सा साफ तौर पर दिख रहा है। देवेंद्र यादव फोन पर बोलते दिख रहे हैं, “मैं शुरू से बोल रहा था, ये नाम वापस ले लेगा। मैंने टिकट ताकत से माँगा था कि इससे अच्छा चुनाव लडूँगा, मगर पैसे को देखते हुए हमारे नेताओं ने उसे टिकट दिया। वह कॉल पर कहते हैं कि क्यों दिया उसको टिकट? क्या किया उसने? क्या योगदान था उसका कॉन्ग्रेस पार्टी में? कौन सा संघर्ष किया उसने।”

इसके बाद वह कहते हैं, “हम आज भी पूरी दमदारी के साथ खड़े हैं यहाँ, मगर वो निकल गया। हम बताते हैं फिर उसको। जमीनी कार्यकर्ताओं को, जो 30 सालों से पार्टी के लिए संघर्ष कर रहे थे। उनको मौका न देकर पैसे वालों को टिकट दिया गया है। पैसे लेकर टिकट दिया गया। पैसा देखकर टिकट दिया गया।” इस वीडियो में वो एक जगह बोलते दिख रहे हैं, “मैं खुद फॉर्म भरने वाला था, लेकिन पार्टी हाईकमान ने अनुमति नहीं दी। मेरा फॉर्म पूरा भरा था। अगर आज मुझे अनुमति दी होती तो आज कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता काम करता।”

चर्चा है कि देवेन्द्र यादव ने सीधे पीसीसी चीफ जीतू पटवारी को फोन लगाया था और उन्हें खरी-खोटी सुनाई। वो जिस समय फोन पर बात कर रहे थे, उस समय वो इंदौर कलेक्ट्रेट के सामने ही खड़े थे। फोन पर वो कहते हैं, “आज भी यहाँ दमदारी से खड़ा हूँ, वो निकल गया। नहीं तो बताते उसको। सब पार्टी की गलती है पार्टी क्यों ऐसे लोगों को टिकट देती है क्यों पैसे देखकर टिकट देती है? अब भुगतो इसका खामियाजा।”

वरिष्ठ पत्रकार डॉ. राकेश पाठक ने ये वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “सुनिए इंदौर में कॉन्ग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र यादव क्या कह रहे हैं। वे अक्षय कांति बम की नाम वापसी के बाद कलेक्टर ऑफिस के सामने से किसी बड़े नेता से बात कर रहे थे।”

बता दें कि इंदौर से कॉन्ग्रेस के लोकसभा उम्मीदवार अक्षय कांति बम ने नामांकन वापसी के आखिरी दिन अपना नामांकन वापस ले लिया और वो बीजेपी में शामिल हो गए। इसके साथ ही मध्य प्रदेश में खजुराओ के बाद इंदौर ऐसी दूसरी लोकसभा सीट हो गई, जहाँ बीजेपी के सामने कोई गंभीर चुनौती नहीं है। खजुराहो में समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार का पर्चा ही खारिज हो गया था।

पाकिस्तान के 2% हिन्दुओं में नई ऊर्जा का संचार करती है हिंगलाज यात्रा: गुफा में विद्यमान माँ के दर्शन को जुटे 1 लाख हिन्दू, बलूचिस्तान में स्थित है शक्तिपीठ

चढ़ाई, ढलान और ज्वालामुखी के बीच हिन्दू लोग हर साल माँ हिंगलाज के मंदिर तक यात्रा करते हैं। दक्षिण-पश्चिम पाकिस्तान में ये यात्रा हिन्दुओं के लिए एक उम्मीद है। शिखर के शीर्ष तक पहुँचने के लिए सैकड़ों सीढ़ियाँ चढ़नी होती है। इन सीढ़ियों को पत्थर के ऊपर बनाया गया है। इस दौरान वो नारियल और गुलाब के फूल अर्पित करते हुए चलते हैं। हिंगलाज माता का मंदिर एक गुफा में स्थित है। 3 दिवसीय पूजन के लिए हर साल ये हिन्दुओं के जुटान का स्थल बनता है।

बलूचिस्तान स्थित हिंगोल नेशनल मार्क पाकिस्तान के इस सबसे बड़े हिन्दू त्योहार का गवाह बनता है। शुक्रवार (26 अप्रैल, 2024) को शुरू होकर ये यात्रा सोमवार को समाप्त हुई। 1 लाख से भी अधिक हिन्दुओं ने इसमें अबकी हिस्सा लिया। पाकिस्तान में तमाम अत्याचारों के बाद अब भी 44 लाख हिन्दू बचे हुए हैं। वो कुल जनसंख्या का मात्र 2.14% हैं। देश में चुनिंदा हिन्दू धर्मस्थल ही बचे हैं, जिनमें एक हिंगलाज माता मंदिर भी है। पाकिस्तान में हिन्दू लड़कियों और मंदिरों पर हमले की घटनाएँ सामने आती रहती हैं।

हिंगलाज मंदिर माँ के शक्तिपीठों में से एक हैं, यहाँ माता सती के अवशेष गिरे थे। महाराज गोपाल फ़िलहाल इस मंदिर के पुजारी का कामकाज देख रहे हैं। यात्रा सिंध प्रान्त से शुरू होती है, जो सैकड़ों किलोमीटर दूर है। हैदराबाद और कराची जैसे शहरों से बसों में भर कर लोग आते हैं। मकरान कोस्टल हाइवे के माध्यम से ये यात्रा पूरी होती है, जो दक्षिणी एवं दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान को जोड़ता है। बच्चों और सामान के साथ कई लोग पैदल इस यात्रा को पूरा करते हैं।

ये यात्रा इतनी सरल भी नहीं होती, क्योंकि इलाका रेगिस्तानी है और हवाओं के कारण चेहरे को धूल से बचाना होता है। सामान्यतः लोग रंगीन कपड़े पहन कर आते हैं। इस दौरान वो ‘जय माता दी’ और ‘जय शिव शंकर’ का उद्घोष करते रहते हैं। कई लोग संतान की चाह में भी आते हैं, उनका मानना है कि माँ के द्वार से कोई खाली हाथ नहीं जाता। यात्रा के दौरान धर्मस्थल को सजाया जाता है। बच्चों, खासकर शिशुओं को देवी-देवताओं से आशीर्वाद दिलाया जाता है।

यहाँ हिंगोल नदी में श्रद्धालु स्नान भी करते हैं। हिंगलाज माता मंदिर के जनरल सेक्रेटरी वरसिमल दीवानी इस बात से निराश हैं कि भारत-पाकिस्तान के कटु संबंधों के कारण भारत के श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने के लिए नहीं आ पाते। उन्होंने पाकिस्तान सरकार से माँग की कि भारत के हिन्दुओं को हिंगलाज यात्रा के लिए वीजा दिया जाए, इससे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क भी बढ़ेगा। बता दें कि पाकिस्तान में 3 शक्तिपीठ हैं।

जिस आतंकी नदीम का परिवार रो रहा था गरीबी का रोना, पक्की इमारत में तब्दील हो गया उसका जर्जर घर: हैरान ग्रामीण पूछ रहे – बेटा जेल में, कहाँ से आ रहा इतना पैसा?

उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने 12 अगस्त 2022 को सहारनपुर जिले से नदीम नाम के एक आतंकी को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आतंकी का कनेक्शन पाकिस्तान से संचालित अंतरराष्ट्रीय और प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से पाया गया था। नदीम भाजपा की निलंबित नेत्री नूपुर शर्मा की हत्या सहित कई अन्य आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में था। गिरफ्तारी के बाद जब हम नदीम का घर गए थे, तो देखा था कि घर बेहद जर्जर हालत में था। उसके अब्बा ने अपनी गरीबी और बीमारी का हवाला देते हुए रहम की अपील भी की थी। ऑपइंडिया ने लगभग डेढ़ साल बाद आतंकी नदीम के गाँव का दौरा किया तो अब नजारा कुछ अलग था।

डेढ़ साल पहले टूटे घर में ऑपइंडिया से बात करते नदीम का अब्बा नफीस

आतंकी नदीम अभी भी लखनऊ की जेल में बंद है। उसके भाई देहरादून और अन्य शहरों में मेहनत मजदूरी करते हैं। अपनी ग्राउंड रिपोर्ट में हमने पाया कि पिछले डेढ़ वर्षों में आतंकी नदीम के घर और घर वालों में बहुत बदलाव आया है। डेढ़ साल पहले नदीम का घर टूटी-फूटी हालात में था। घर में प्लास्टर भी नहीं लगा था। तब बैठने के लिए पड़ी चारपाई भी जर्जर हालत में थी। जिस कमरे में नदीम और उसके अब्बा सोते थे वहाँ पंखा भी नहीं लगा था लेकिन अब सब कुछ बदल चुका है।

नदीम का घर किनारे से

अब नदीम का घर किसी महल जैसा लगने लगा है। घर के अंदर लगभग आधे दर्जन से अधिक नए कमरे बन गए हैं। चारों तरफ से घर प्लास्टर हो गया है। कुंडा से गंगोह जाने वाली सड़क पर नदीम के घर के बाहरी हिस्से में आधे दर्जन से अधिक दुकानें खुल चुकी हैं। इन दुकानों में फल और जनसेवा केंद्र जैसे तमाम कारोबार भी चालू हो चुके हैं। जैश आतंकी नदीम के घर में जरूरत के तमाम सामान भी आ गए हैं। इसमें कई महंगे इलेक्ट्रॉनिक आइटम भी शामिल हैं। गाँव के लोगों में चर्चा है कि इन सब बदलावों में करीबन आधे करोड़ रुपए यानी 50 लाख रुपए का खर्च आया है।

घर में ही बनीं नई दुकानें

अगस्त 2022 में जब ऑपइंडिया की टीम नदीम के घर पहुँची थी तब उसके अब्बा अपने परिवार के भविष्य को लेकर कई बार चिंता जताए थे। उन्होंने कहा था कि वो बीमार हैं और घर में दवाओं के लिए भी पैसे नहीं हैं। तब गर्मी में घर की छत के बजाय अधिकतर लोग हाथ का पँखा झल रहे थे। महज डेढ़ साल के अंदर वही घर न सिर्फ बाहर बल्कि अंदर से भी चमक उठा है। घर में अच्छी क्वालिटी के फर्नीचर आदि भी आ चुके हैं। नदीम के अब्बा नफीस का अच्छी जगह से इलाज भी हो रहा है। ऑपइंडिया द्वारा इस रिपोर्ट में दिखाए गए चित्र लगभग 6 माह पहले के हैं। गाँव के स्थानीय लोगों ने हमें बताया कि इस ढाँचे को अब और भव्य कर दिया गया है।

2 साल पहले ऐसे कमरे में इस खाट पर सोता था नदीम

ऑपइंडिया ने जब गाँव कुंडाकला के स्थानीय लोगों से बात की तो उन्होंने बताया कि नदीम के घर का यह नवनिर्माण उसके जेल जाने के 6 महीने बाद ही शुरू हो गया था। हालाँकि कोई यह नहीं बता पाया कि कभी बेहद गरीब रहा आतंकी का परिवार एकदम से इतना पैसे वाला कैसे हो गया। नदीम के अन्य भाई मेहनत मजदूरी कर के जीवन यापन करते हैं। इसी मजदूरी के पैसे से न सिर्फ वो अपने अब्बा के इलाज बल्कि नदीम की कानूनी पैरवी का भी दावा करते हैं। इसके बावजूद नदीम के घर और शानो-शौकत पर लाखों रुपए का खर्च किस माध्यम से आया ये फ़िलहाल कोई नहीं बता पाया।

एक ग्रामीण ने कैमरे पर न आने की शर्त पर कहा कि जेल और कोर्ट कचेहरी के चक्कर में लोगों के घर तक बिक जाते हैं लेकिन नदीम का परिवार लगातार कैसे फल-फूल रहा है ये समझ के बाहर की बात है।

अपना नाम न छपने की शर्त पर गाँव के एक व्यक्ति ने हमें बताया कि गिरफ्तारी से पहले नदीम का नशीली दवाओं के कुछ तस्करों से संबंध था। उसने बताया कि यह तस्करी हरियाणा और उत्तराखंड में की जाती है। आरोप है कि नदीम ने गाँव के ही कुछ लोगों के साथ मिल कर इस अवैध कारोबार को करते हुए लाखों रुपए कमाए थे। इस पैसे से कुछ स्थानों पर प्लॉट भी खरीदे गए थे। नदीम द्वारा पहले किसी मेडिकल स्टोर पर काम करने की भी बात बताई गई। दावा है कि यह मेडिकल स्टोर गंगोह मार्किट में था। इस गिरोह के कुछ लोगों को हरियाणा पुलिस द्वारा पहले गिरफ्तार किए जाने की भी खबर है जो कुंडाकला गाँव के ही निवासी हैं।।