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आतंकी यासीन मलिक के साथ पूर्व PM मनमोहन सिंह… अपील- कॉन्ग्रेस को करें वोट: दिल्ली में लगे पोस्टर, पुलिस ने उतारे

नई दिल्ली में आतंकी यासीन मलिक की रिहाई के लिए कॉन्ग्रेस को वोट देने की अपील करने वाले पोस्टर सामने आए हैं। इन पोस्टर पर आतंकी यासीन मलिक की पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के साथ वाली तस्वीर लगाई गई है। दिल्ली पुलिस ने इन पोस्टर को हटा दिया है।

जानकारी के अनुसार, दिल्ली के मंडी हाउस चौक के पास यह पोस्टर मंगलवार (30 अप्रैल, 2024) को सामने आए हैं। इनमें 25 मई को कॉन्ग्रेस को वोट देने की अपील की गई है। इसके साथ ही इनमें आतंकी यासीन मलिक के साथ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की एक फोटो है।

इसके अलावा इनमें नीचे लिखा हुआ है, “यासीन मलिक की रिहाई और बोलने की आजादी के लिए वोट करें।” इसके नीचे वॉईस फॉर डेमोक्रेसी नाम लिखा हुआ है। यह पोस्टर इस इलाके में खम्भों पर लगवाए गए थे। इनकी जानकारी मिलने पर दिल्ली पुलिस ने इन्हें यहाँ से उतरवा दिया।

यासीन मलिक के लिए कॉन्ग्रेस को वोट देने के पोस्टर किसने लगवाए, यह अभी सामने नहीं आया है। कॉन्ग्रेस के भी किसी पदाधिकारी ने इस सम्बन्ध में कोई पुष्टि नहीं की है। दिल्ली पुलिस ने भी पोस्टर लगाने वाली की जानकारी नहीं दी है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर कॉन्ग्रेस पर हमला बोला जा रहा है।

गौरतलब है कि यासीन मलिक जम्मू कश्मीर का एक आतंकी है जो कि वर्तमान में तिहाड़ जेल में बंद है। वह विंग कमांडर अधिकारी रवि खन्ना समेत कई अधिकारियों की हत्या के मामले में आरोपित है। उसके ऊपर टेरर फंडिंग का मामला भी चल रहा है।

यासीन मलिक जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट नामक संगठन चलाता था जिसे केंद्र सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया था। यासीन मलिक 1990 के दशक में आतंक करने के बाद कार्रवाई से बचने के लिए गाँधीवादी होने का ढोंग करने लगा था और शांति की बातें बघारता था।

दिल्ली में सामने आए जिन पोस्टर में आतंकी यासीन मलिक पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के साथ दिख रहा है, वह तस्वीर 2006 की हैं। 2006 में यासीन मलिक को कॉन्ग्रेस सरकार ने पीएम आवास बुलाया था। वह इस दौरान पीएम मनमोहन सिंह से मिलकर चर्चा कर रहा था। इस दौरान वह पीएम मनमोहन सिंह के साथ हाथ मिलाते भी दिखा था।

चर्च बनाना चाहते थे ईसाई, मुस्लिम भीड़ ने जुमे की नमाज के बाद सबके घरों में आग लगाई: पुलिस देखती रही तमाशा, वीडियो वायरल

मिस्र के मिन्या प्रांत में मुस्लिम भीड़ ने कई ईसाइयों के घरों को निशाना बनाया है। सामने आई वीडियो में मुस्लिम भीड़ को ईसाइयों के घर की ओर गुस्से में बढ़ते, उनपर हमला करते और हल्ला मचाते हुए देखा जा सकता है। रिपोर्ट बताती हैं कि भीड़ ने इस दौरान ईसाइयों के घरों में आग भी लगाई।

न्यू अरब की रिपोर्ट के अनुसार, ईसाइयों के ईस्टर समारोह के बाद से मुस्लिम भीड़ भड़की हुई थी, लेकिन सड़कों पर ये तब उतरे जब मिन्या के अल फावखेर गाँव में नया चर्च बनाने की बात उठी, वो भी तब जब मुस्लिम भीड़ इसे अस्वीकार कर चुकी थी।

ईसाइयों द्वारा बात न सुने जाने पर इस्लामी कट्टरपंथी जुम्मे की नमाज के बाद सड़क पर आए और पहले ईसाइयों को उनके घरों से निकालने का प्रयास किया, इसके बाद जब वो इस काम में विफल रहे तो उन्होंने घरों को ही जला दिया।

वीडियो देख अंदाजा लगा सकते हैं कि ये भीड़ कितने गुस्से में थी और कितनी तादाद में मुस्लिम लोग ईसाइयों पर हमला करने निकले थे। इस संबंध में मिन्या के आर्क बिशप मकारियोस ने बताया कि घटना के बाद अनियंत्रित हुई स्थिति पर अब नियंत्रण पा लिया गया है और संदिग्ध भी गिरफ्तार हो गए हैं।

फिलहाल, मिस्र के अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं सामने आया है लेकिन सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि घटना के समय पुलिस मूकदर्शक बनी तमाशा दे रही थी।

बता दें कि मिस्र में ईसाई समुदाय के लोग लंबे समय से मुस्लिमों जैसे अधिकार और नए धर्मस्थलों के निर्माण कराने को लेकर लड़ाई लड़ रहे हैं। वहाँ अक्सर उन्हें बहुसंख्यक आबादी के कारण अपने हक और मन मारकर जीना पड़ता है। उनपर अत्याचारों की तमाम घटनाएँ मीडिया में दर्ज हैं। खुद आर्क बिशप मकारिओस पर 10 साल पहले हत्या का प्रयास किया गया था।

गौरतलब है कि मुस्लिम बहुल मिस्र में ईसाइयों का कोई सटीक प्रतिशत नहीं है। लेकिन माना जाता है कि 109 मिलियन की जनसंख्या में 10-15 फीसद ईसाई समुदाय के लोग हो सकते हैं। ऐसे में भी ईसाइयों को शादी और तलाक छोड़कर ज्यादातर मामलों में कानूनी तौर पर इस्लामी कानून शरिया का पालन करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। वे लोग कोशिश करते हैं कि मिस्र में उन्हें भी वैसे ही अधिकार मिलें जैसे मुस्लिमों को हैं लेकिन ऐसा नहीं हो पाता।

‘खामोशी के साथ वोट जिहाद करो’: सोनिया गाँधी को जिस नेता ने कहा था ‘भारत की माँ’, उनकी भतीजी ने मुस्लिमों को बताया एजेंडा

कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की भतीजी मारिया आलम उमर ने लोकसभा चुनाव में ‘वोट जिहाद’ करने की अपील की है। उन्होंने यह अपील फर्रुखाबाद लोकसभा सीट के सपा-कॉन्ग्रेस गठबंधन उम्मीदवार को जिताने के लिए की है। मारिया के इस बयान के दौरान कॉन्ग्रेस नेता सलमान खुर्शीद भी मंच पर मौजूद थे। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर घूम रहा है।

फर्रुखाबाद लोकसभा चुनाव के लिए आयोजित की गई एक जनसभा में मारिया आलम उमर ने कहा, “अगर हम अब भी एक नहीं हुए तो समझ लेना कि यहाँ से हमारा नामोनिशान मिटाने के लिए जो सरकार कोशिश कर रही है, उसको कामयाब करने का काम करोगे। इसीलिए अकलमंदी के साथ, बहुत जज्बाती ना होकर, बहुत खामोशी के साथ एक साथ होकर वोटों का जिहाद करो, क्योंकि हम सिर्फ वोटों का जिहाद कर सकते हैं।”

मारिया आलम उमर ने कहा कि उन्हें इस बात पर शर्म आती है कि कुछ मुसलमान भाजपा प्रत्याशी मुकेश राजपूत का समर्थन कर रहे हैं। मारिया आलम के इस बयान के दौरान मंच पर सलमान खुर्शीद और उनकी पत्नी लुईस खुर्शीद भी मौजूद थीं। यह सभा सपा-कॉन्ग्रेस की एकजुटता दिखाने के लिए की गई थी। बताया गया कि जहाँ यह जनसभा आयोजित हुई, वह अल्पसंख्यक बहुल इलाका है।

सलमान खुर्शीद ने इस सभा में कहा कि उन्हें अलीगढ़, कानपुर और अन्य क्षेत्रों से लोकसभा चुनाव लड़ने का ऑफर मिला था लेकिन उन्होंने फर्रुखाबाद के चलते इससे मना कर दिया। सलमान खुर्शीद ने कहा कि भाजपा के बुरे दिन आने वाले हैं।

गौरतलब है कि सलमान खुर्शीद फर्रुखाबाद से सांसद रह चुके हैं लेकिन गठबंधन में यह सीट सपा के खाते में चली गई। वह इस सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन कॉन्ग्रेस को मिलने वाली सीटों में फर्रुखाबाद शामिल नहीं थी। उन्होंने इसको लेकर नाराजगी भी जताई थी।

मारिया आलम उमर के वोट जिहाद के बयान से पहले उनके चाचा खुर्शीद भी कई विवादित बयान दे चुके हैं। सलमान खुर्शीद ने दिल्ली के बाटला हाउस एनकाउंटर में मारे गए आतंकियों को लेकर कहा था कि यहाँ कि तस्वीरें देख कॉन्ग्रेस मुखिया सोनिया गाँधी की आँखों में आंसू थे। उन्होंने सोनिया गाँधी को पूरे देश की माँ भी बता दिया था।

आज अमित शाह का फर्जी वीडियो, कभी नुपूर शर्मा को दी थी सरेआम धमकी-गाली: पुराना टुच्चा है असम से गिरफ्तार कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता ऋतम सिंह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की फर्जी वीडियो शेयर करने के मामले में असम के कॉन्ग्रेसी कार्यकर्ता ऋतम सिंह को गिरफ्तार किया गया है। इस गिरफ्तारी के बारे में खुद असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने एक्स पर जानकारी दी है।

असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा कहते हैं, “असम पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार किया है जिसका नाम ऋतम सिंह है। उसे गृह मंत्री की फेक वीडियो शेयर करने के मामले में पकड़ा गया है।”

बता दें कि ये उसी वीडियो से जुड़ा मामला है जिसे दो दिन पहले कॉन्ग्रेसी ये कहकर ट्वीट कर रहे थे कि अमित शाह ने चुनाव जीतने पर आरक्षण खत्म करने की बात कही है। इस संबंध में तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी को भी समन भेजा गया था।

वहीं ऋतम सिंह की बात करें तो ये जानना जरूरी है कि ऋतम पहली बार भारतीय कानून को खिलवाड़ बनाते टाइम नहीं पकड़ा गया। इसी ऋतम सिंह ने कुछ दिन पहले अपने ट्विटर पर कहा था कि अगर मोदी और उसकी कंपनी को जेल में देखना है तो भाजपा के विरुद्ध वोट करो। इसके अलावा हर राइट विंग अकॉउंट की डिटेल रखो। सबका हिसाब होगा। सबका बदला लिया जाएगा।

इसी ऋतम ने NSUI का सदस्य रहते हुए साल 2019 में ऑपइंडिया की चीफ एडिटर नुपूर झुनझुनवाला शर्मा (नुपूर जे शर्मा) को धमकियाँ दीं थी। उनकी निजी जानकारियों की डॉक्सिंग की थी। ऐसा सिर्फ इसलिए क्योंकि ऑपइंडिया की चीफ एडिटर ने इस बात का खुलासा किया था कि ये शख्स सीएए विरोधी प्रदर्शनों को हवा देने का काम करता था। इस संबंध में 24 दिसंबर 2019 को एक शिकायत भी दर्ज हुई थी।

आप उस आर्टिकल को इस लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं। इसमें बताया गया है कि कैसे सीएए विरोधी प्रदर्शनों को बढ़ाने में एक वॉट्सएप ग्रुप की भूमिका थी जिसका एक एडमिन ऋतम भी था और इसमें रणनीति बनाई जा रही थी कि प्रदर्शन में बचाव के लिए महिलाएँ आगे रखी जाएँ।

जब नुपूर शर्मा ने इस पर रिपोर्ट की तो उसके बाद से उन्हें धमकियाँ आनी शुरू हुईं। इसके बाद कई मुद्दों पर ऋतम को नुपूर शर्मा के साथ उलझते देखा गया।

कुछ समय पहले ऋतम सिंह ने नुपूर शर्मा को कहा था कि वो उनको उसी तरह ढूँढ निकालेगा जैसे बिन लादेन को सीआईए ने ढूँढा था।

इसके अलावा ऋतम ने नुपूर शर्मा की तुलना आतंकियों तक से की हुई है। साथ ही ये भी कामना की थी कि गरुड़ पुराण के मुताबिक नुपूर को सबसे सख्त सजा मिले और वो नरक में जाएँ।

बता दें कि 5 साल पहले तक NSUI का सदस्य रहा ऋतम अब असम कॉन्ग्रेस का ‘वार रूम कॉर्डिनेटर’ है। उस पर सोशल मीडिया पर ऐसी हरकत करने के कई आरोप हैं। इस बार भी उसने ऐसा ही कुछ किया लेकिन वो पकड़ा गया।

क्या है TTS जो कोरोना की वैक्सीन से हो सकता है, UK की कोर्ट में कोविशील्ड बनाने वाली एस्ट्राजेनेका ने कबूली साइड इफेक्ट

कोविड-19 रोधी वैक्सीन कोविशील्ड की निर्माता कम्पनी ने स्वीकार किया है कि उसकी वैक्सीन कुछ मामलों में साइड इफेक्ट हो सकते हैं। निर्माता कम्पनी एस्ट्राजेनेका ने यह बात इंग्लैंड के एक कोर्ट में स्वीकार की है। यह वैक्सीन भारत में भी बड़े पैमाने पर लोगों को लगाई गई थी। इस खुलासे के बाद एस्ट्राजेनेका पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।

जानकारी के अनुसार, एस्ट्राजेनेका ने हाई कोर्ट में दाखिल किए गए कागजों में यह बात स्वीकार की है कि इसकी वैक्सीन लेने वालों पर कुछ बहुत ही दुर्लभ मामलों साइड इफेक्ट हो सकते हैं। यह जानकारी एस्ट्राजेनेका ने कोर्ट को फरवरी, 2024 में दी थी।

एस्ट्राजेनेका ने कोर्ट को बताया है कि उसकी वैक्सीन से TTS नाम का साइड इफ़ेक्ट हो सकता है। इस TTS का पूरा नाम थ्रोम्बोसिस विद थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम है। इसके कारण खून में थक्के जम सकते हैं और प्लेटलेट्स की सँख्या कम हो सकती है। इन कारणों से खून का बहाव शरीर में प्रभावित हो सकता है।

एस्ट्राजेनेका ने इसी के साथ कोर्ट में यह भी कहा है कि लोगों को TTS की समस्या बिना वैक्सीन के भी हो सकती है। ऐसे में इस समस्या से जूझने वाले प्रत्येक व्यक्ति का अलग-अलग परीक्षण करना होगा, ताकि असल वजह पता लगाई जा सके।

दरअसल, एस्ट्राजेनेका को यह जानकारी कोर्ट में इसलिए देनी पड़ी हैं क्योंकि इसके खिलाफ इंग्लैंड में 51 मामले दायर किए गए हैं। मुकदमा दायर करने वालों का आरोप है कि एस्ट्राजेनेका वैक्सीन लेने के कारण लोगों की मृत्यु या भारी बीमारी हुई।

इस मामले में जेमी स्कॉट नाम एक व्यक्ति ने पिछले वर्ष एक मुकदमा दायर किया था कि एस्ट्राजेनेका वैक्सीन लेने के बाद उनके दिमाग में खून के थक्के बने जिसके कारण वह अस्पताल में भर्ती हुए। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनके बचने की उम्मीद ना के बराबर बताई थी।

एस्ट्राजेनेका ने पहले अपने खिलाफ लगाए गए इन आरोपों को नकार दिया था। एस्ट्राजेनेका के खिलाफ मुकदमा दायर करने वालों ने इस कम्पनी से 100 मिलियन पाउंड (लगभग ₹1040 करोड़) का हर्जाना माँग रहे है। एस्ट्राजेनेका इसके खिलाफ लड़ रही है।

गौरतलब है कि एस्ट्राजेनेका ने जिस वैक्सीन से साइड इफ़ेक्ट की जानकारी दी है, वह भारत में कोरोनारोधी टीके के रूप में बड़े स्तर पर दी गई थी। भारत में यह कोविशिल्ड के नाम से दी गई थी। कई देशों में यह वैक्सीन वैक्सज़ेव्रिया नाम से बेची गई थी। भारत में इसका उत्पादन सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया ने किया था।

एक आँकड़े के अनुसार, भारत में कोविशिल्ड की 170 करोड़ डोज लोगों के लगाई गई थीं। कई लोगों को इसकी डबल तो कई लोगों को तीन डोज लगाई गई थीं। भारत में स्थानीय रूप से निर्मित कोवैक्सीन भी उपलब्ध थी लेकिन उसके प्रमाणन में समय लगा था इसलिए कोविशिल्ड का ही अधिक उपयोग किया गया था।

मुस्लिम लड़कियों ने बुलाया, पैसे नहीं दिए तो मुस्लिम भीड़ को बुला कर पिटवाया: नागेश और आकाश की गला दबा कर मारने की कोशिश

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में 2 हिन्दू लड़कों की मुस्लिम भीड़ द्वारा पिटाई की खबर है। आरोप है कि इन दोनों लड़कों को मुस्लिम लड़कियों के द्वारा बुलवाया गया था। बाद में पैसों की माँग की गई जो पूरी न होने पर शोर मचाया गया। हमलावरों में साजिद और आबिद के नाम सामने आए हैं। पीड़ितों को कमरे में बंद कर के पीटा गया और गला दबाने की कोशिश भी की गई। इनकी जेब में रखे रुपए भी लूट लिए गए हैं। पुलिस इस मामले में जाँच और कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। घटना सोमवार (29 अप्रैल, 2024) की है।

यह घटना बरेली के थाना क्षेत्र भुता की है। यहाँ 29 अप्रैल को नरेश सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया है कि सोमवार को उनके गाँव मटकापुर के रहने वाले नागेश नाम के लड़के को 2 मुस्लिम लड़कियों ने कॉल कर के केसरपुर इलाके में बुलाया था। नागेश बाइक से इन लड़कियों से मिलने निकला तो रास्ते में उसे आकाश भी मिल गया। नागेश ने आकाश को भी अपने साथ ले लिया। केसरपुर में दोनों लड़कियाँ इन्हे मिलीं।

आरोप है कि बातचीत के ही दौरान दोनों लड़कियों ने नागेश और आकाश से पैसों की डिमांड कर दी। नागेश ने पैसे देने से मना कर दिया तो मुस्लिम लड़कियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोरगुल सुन कर वहाँ लगभग 30 से 35 लोग जमा हो गए। इस भीड़ का नेतृत्व साजिद और आबिद कर रहे थे। दोनों आरोपितों के साथ जुटी इस भीड़ ने नागेश और आकाश को पकड़ लिया। इन दोनों को एक घर में ले कर बंधक बना लिया गया।

बताया जा रहा है कि बंधक बना कर आकाश और नागेश को बेरहमी से पीटा गया। वायरल हो रहे एक वीडियो में आकाश के शरीर पर चोट के कई निशान दिख रहे हैं। यह चोटें आकाश के पेट और हाथों में लगी हैं। आकाश की जेब में रखे गए 1200 रुपए भी आरोपितों द्वारा छीन लेने की बात शिकायत कॉपी में लिखी हुई है। शिकायतकर्ता नरेश ने आगे बताया कि किसी ने 112 नंबर पर पुलिस को कॉल किया। पुलिस ने बंधक बनाए गए आकाश और नागेश को भीड़ के चंगुल से बचाया और थाने ले कर पहुँची।

नरेश सिंह ने अपने बेटे आकाश और नागेश को निर्ममता से पीटने वाली भीड़ में शामिल नामजदों और अज्ञात हमलावरों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। पीड़ितों का मेडिकल करवाया जा रहा है। पुलिस ने बताया है कि मामले की जाँच और जरूरी कार्रवाई की जा रही है। ऑपइंडिया से बात करते हुए बरेली से विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारी हिमांशु पटेल ने बताया कि मुस्लिम भीड़ द्वारा दोनों हिन्दू युवकों को एक मस्जिद के आगे पीटा गया है। हिमांशु ने उम्मीद जताई है कि पुलिस अज्ञात हमलावरों को भी जल्द से जल्द चिह्नित कर के उन पर कठोर कार्रवाई करेगी।

जस्टिन ट्रूडो के सामने लगे खालिस्तानी नारे, तो भारत सरकार ने हवा की टाइट: दिल्ली में कनाडा के उपायुक्त को तलब कर फटकारा, दर्ज कराया तीखा विरोध

भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने कनाडा के डिप्टी हाई कमिश्नर को नई दिल्‍ली में तलब कर उन्‍हें कड़ी फटकार लगाई। भारत सरकार ने आज (29 अप्रैल 2024) कनाडा के उपायुक्त को न सिर्फ फटकार लगाई, बल्कि तीखा विरोध भी दर्ज कराया। ये विरोध कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो की मौजूदगी वाले एक सार्वजनिक कार्यक्रम में ‘खालिस्तान’ के समर्थन में नारे लगने की वजह से दर्ज कराया गया। नारेबाजी के समय ट्रूडो लोगों को संबोधित कर रहे थे और मंच पर ही हँसते दिखे थे।

भारत सरकार ने ट्रूडो की इस हरकत पर कहा, “यह एक बार फिर उस राजनीतिक स्थान को दर्शाता है जो कनाडा में अलगाववाद, उग्रवाद और हिंसा को दिया गया है। उनकी निरंतर अभिव्यक्तियाँ न केवल भारत-कनाडा संबंधों को प्रभावित करती हैं, बल्कि कनाडा में अपने नागरिकों के लिए हिंसा और आपराधिकता के माहौल को भी बढ़ावा देती हैं।”

बयान में कहा गया है, “उनकी निरंतर अभिव्यक्ति न केवल भारत-कनाडा संबंधों को प्रभावित करती है, बल्कि कनाडा में अपने नागरिकों के लिए हिंसा और आपराधिकता के माहौल को भी बढ़ावा देती है।” इसके बाद सरकार ने कनाडा दूतावास में तैनात उपायुक्त को तलब किया और उन्हें फटकार लगाई। भारत का आरोप है कि कनाडा खालिस्तान समर्थकों को न सिर्फ शरण देता है, बल्कि उन्हें बढ़ावा भी देता है।

बता दें कि कनाडा के बड़े शहर टोरंटो में आयोजित खालसा डे सेलेब्रेशन में प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की मौजूदगी में खालिस्तान समर्थक नारे लगाए गए थे। इस दौरान ट्रूडो इन भारत विरोधी नारों पर हँसते रहे और इन्हें रोकने का कोई प्रयास नहीं किया। इस कार्यक्रम को पीएम ट्रूडो ने भी संबोधित किया और सिख समुदाय के कनाडा के निर्माण में महत्व को गिनाया तथा उन्हें बधाईयाँ दी। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग खालिस्तानी झंडे लेकर पहुँचे और प्रधानमंत्री ट्रूडो के भाषण के दौरान खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते रहे।

गौरतलब है कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने ही 2023 में भारत पर आरोप लगाया था कि उसके ख़ुफ़िया एजेंसी के एजेंटों ने खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की। उन्होंने यह आरोप कनाडा की संसद में जड़ा था। हालाँकि, इस आरोप को लेकर उन्होंने कोई सबूत सामने नहीं रखे थे। भारत ने उनके इन आरोपों का कड़ा जवाब दिया था।

इंदौर में नाम वापस लेने वाले कॉन्ग्रेस कैंडिडेट ने BJP नेताओं को दिया भोज: अंदर पार्टी छोड़ने का जश्न, बाहर पुतला फूँक रहे थे कॉन्ग्रेसी कार्यकर्ता

मध्य प्रदेश के इंदौर में कॉन्ग्रेस पार्टी को लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान सबसे बड़ा झटका लगा है। पार्टी के प्रत्याशी रहे अक्षय कांति बम ने न सिर्फ आखिरी समय में अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली, बल्कि वो बीजेपी में भी शामिल हो गए। कॉन्ग्रेस पार्टी के लिए ये सबसे असहज कर देने वाला मामला रहा। यही नहीं, बाद में इंदौर जिला कॉन्ग्रेस ईकाई के कार्यवाहक अध्यक्ष ने किसी वरिष्ठ नेता को भी जमकर सुनाया था, जिसका वीडियो वायरल हो गया। इस बीच, लोकसभा चुनाव से अपनी उम्मीदवारी लेकर बीजेपी में शामिल हुए अक्षय कांति बम ने बीजेपी नेताओं को भोज पर अपने घर बुलाया। एक तरफ बीजेपी नेता भोज कर रहे थे, तो दूसरी तरफ अक्षय के घर के बाहर कॉन्ग्रेस उम्मीदवार प्रदर्शन करते दिखे।

अक्षय कांति बम ने बीजेपी नेताओं को डिनर पर आमंत्रित किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है। इस वीडियो को शेयर करते हुए एक्स यूजर जितेंद्र प्रताप सिंह ने लिखा, “इंदौर में नाम वापस लेने वाले कॉन्ग्रेस प्रत्याशी ने सभी भाजपा नेताओ को अपने निवास पर भोजन पर आमंत्रित किया और पार्टी (कॉन्ग्रेस को) छोड़ने का जश्न मनाया।”

अक्षय क्रांति बम द्वारा आखिरी समय में कॉन्ग्रेस से किनारा कर लेने पर कॉन्ग्रेसी कार्यकर्ताओं में हताशा साफ दिखी। अक्षय अपने आवास में बीजेपी नेताओं के साथ भोजन कर रहे थे, तो उसी समय कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ता उनके घर के बाहर जुट गए। उन्होंने अक्षय कांति बम के फैसले का जमकर विरोध किया और नारेबाजी करते हुए उनका पुतला भी फूँका।

बता दें कि अक्षय कांति बम इंदौर के कारोबारी हैं। वो विधानसभा चुनाव के समय कॉन्ग्रेस से टिकट माँग रहे थे, लेकिन कॉन्ग्रेस ने उन्हें पिछले साल के विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया। लेकिन कॉन्ग्रेस ने उन्हें लोकसभा चुनाव में टिकट देकर बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी थी। अक्षय कांति बम ने कॉन्ग्रेस के टिकट पर इंदौर में नामांकन भी कर दिया और चुनाव प्रचार में भी जुट गए। हालाँकि वो नामांकन वापसी के आखिरी दिन बीजेपी विधायक के साथ कलेक्ट्रेट पहुँचे और अपना पर्चा वापस ले लिया। यही नहीं, उन्होंने कॉन्ग्रेस को भी छोड़ दिया और भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए।

बोरे में मिली पूनम की लाश, डुबो कर मारा फिर टुकड़े-टुकड़े काटा: टैक्सी ड्राइवर निज़ाम ने खुद को कुँवारा बता कर फाँसा था

मुंबई में शुक्रवार (19 अप्रैल, 2024) को एक 27 वर्षीया महिला की हत्या कर दी गई थी। महिला का शव बोरे में भर कर नवी मुंबई में फेंक दिया गया था। 25 अप्रैल को महिला का शव लोगों को सड़ी हुई हालात में बरामद हुआ था। मृतका की पहचान पूनम के तौर पर हुई थी। अब पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए निज़ाम नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। निज़ाम टैक्सी ड्राइवर है। मृतका आरोपित निज़ाम के साथ रिलेशनशिप में थी।

बाल-बच्चेदार निजाम ने खुद को कुँवारा बताया था। उसकी पोल खुल जाने के बाद दोनों में झगड़ा हुआ था जिसके फलस्वरूप पूनम की हत्या कर दी गई थी। भाजपा ने इसे ‘लव जिहाद’ बताया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूनम मुंबई के नागपाड़ा इलाके में काम करती थी। घर से ऑफिस आने-जाने के दौरान उसको टैक्सी ड्राइवर निजाम मिला। निजाम शादीशुदा और 1 बच्चे का अब्बा था। उसका परिवार उत्तर प्रदेश के लखनऊ में रहता है। निजाम ने खुद को कुँवारा बताया और पूनम से दोस्ती कर ली। कुछ ही दिनों में निजाम ने पूनम को अपने प्यार के जाल में फँसा लिया। बाद में पूनम और निजाम रिलेशनशिप में आ गए। दोनों अक्सर साथ देखने जाने लगे।

कुछ ही दिनों के अंदर पूनम को पता चला कि निजाम शादीशुदा है। वह एक बच्चे का अब्बा भी निकला। पूनम इस बात से काफी नाराज हुई। दोनों के बीच झगड़ा भी हुआ। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने मीडिया को बताया कि 18 अप्रैल को निजाम ने बहाने से पूनम को मिलने के लिए बुलाया। यहाँ से दोनों कल्याण के पास एक जगह पर गए। यहाँ निजाम ने पूनम को पानी में डुबो कर मार डाला। पूनम की मौत होने के बाद निजाम लाश ले कर अस्पताल पहुँचा। यहाँ उसने पूनम की मौत की पुष्टि करवाई।

मंगल प्रभात आगे बताते हैं कि निजाम अस्पताल पूनम की लाश ले कर भाग गया। 19 अप्रैल को उसने पूनम के शव के कई टुकड़े किए। इन टुकड़ों को उसने एक बोरे में भरा और नवी मुंबई इलाके में एक सुनसान जगह फेंक दिया। 25 अप्रैल को राहगीरों ने पूनम का शव देखा तो पुलिस को सूचना दी। परिजनों ने निजाम पर हत्या का आरोप लगाया। हिन्दू संगठन ने सदस्यों ने निजाम को घूमते देखा तो पकड़ कर पुलिस को सौंपा। निजाम ने पुलिस के आगे अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस निजाम से पूछताछ कर रही है।

मंत्री मंगल प्रभात का दावा है कि पूनम की हत्या करने में निजाम अकेला नहीं है बल्कि उसके साथ कई और लोग भी शामिल हैं। उन्होंने इस घटना को दिल्ली के आफ़ताब-श्रद्धा मामले के जैसा ही बताया है। मंगल के मुताबिक इस घटना से मुंबई के हिन्दू समाज के लोगों में नाराज़गी है। उन्होंने निजाम और उसके साथियों पर कठोर कार्रवाई की माँग उठाई है। प्रशासन को कार्रवाई के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए मंगल प्रभात ने इस घटना में लगभग 1 दर्जन आरोपितों के शामिल होने की आशंका जताई है। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने इस घटना को ‘लव जिहाद’ बताते हुए पीड़ित परिवार से मुलाक़ात की है।

PM मोदी और उनके साथियों को जेल भिजवाने का कर रहा था ऐलान, अब खुद पहुँच गया सलाखों के पीछे: कॉन्ग्रेस का वॉररूम कोऑर्डिनेटर है रीतम सिंह

भारत के गृह मंत्री अमित शाह का डीपफेक वीडियो शेयर करने के आरोप में असम पुलिस ने एक कॉन्ग्रेस नेता को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार कॉन्ग्रेसी का नाम रीतम सिंह है। रीतम असम में कॉन्ग्रेस के वॉररूम का कॉर्डिनेटर है। इस कार्रवाई की पुष्टि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार (29 अप्रैल, 2024) को की है। अमित शाह का फर्जी वीडियो शेयर करने के दौरान रीतम भाजपा नेताओं को जेल भिजवाने की धमकियाँ भी दे रहा था।

रीतम सिंह ने अपने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में दिखाया गया कि अमित शाह SC, ST और OBC का आरक्षण खत्म करने का ऐलान कर रहे हैं। हालाँकि, यह डीपफेक वीडियो है जिसको भ्रामक रूप दे कर कई रीतम सिंह द्वारा शेयर किया गया था। इस हरकत के खिलाफ गुवाहाटी के पान बाजार थाने में दीपक कुमार दास ने शिकायत दर्ज करवाई। इस शिकायत पर पुलिस ने रीतम के खिलाफ IPC की धारा 153A, 171G, 505(1)(b) के साथ आईटी एक्ट की धारा 66F के तहत FIR दर्ज कर लिया था।

इसी ट्वीट पर हुई रीतम के खिलाफ FIR

अपने खिलाफ हुई FIR की जानकारी मिलते ही रीतम ने अपना ट्वीट डिलीट कर लिया था। हालाँकि, तब तक पुलिस अपनी कार्रवाई अमल में ला चुकी थी। रीतम के ट्वीट का स्क्रीनशॉट भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सोमवार (29 अप्रैल, 2024) को पुलिस ने रीतम को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को रीतम अपने गुवाहाटी के पास स्थित घर पर ही मिल गया। रीतम का फोन और लैपटॉप भी जब्त कर के जाँच की जा रही है। रीतम असम कॉन्ग्रेस के लिए चुनाव प्रचार में वॉररूम कॉर्डिनेटर के तौर पर काम कर रहा था।

दे रहा था मोदी को जेल भेजने की धमकी

कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता रीतम सिंह पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर लगातार ब्राह्मणों सहित अन्य कई जातियों पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कर रहे थे। हाल ही में उन्होंने एक आपत्तिजनक ट्वीट किया था। इस ट्वीट में रीतम ने आने वाले 2 महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके साथियों के जेल में होने का ऐलान किया था। तब उन्होंने लिखा था, “सबका हिसाब लिया जाएगा। सबसे बदला लिया जाएगा।” रीतन ने तब सभी दक्षिणपंथियों की लिस्ट तैयार होने का भी दावा किया था।

कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता रीतम सिंह आए दिन असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा को भी चैलेन्ज दिया करते थे। उन्होंने सरमा की पत्नी पर भी कई बार टिप्पणियाँ की थी। रीतम के ट्वीट अक्सर ब्राह्मणों को टारगेट करते थे। फ़िलहाल उनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस जरूरी कार्रवाई और जाँच में जुटी है।