Home Blog Page 983

‘एक बड़े नेता ने डूबते सूरज की शपथ खाई थी कि वे सूखा क्षेत्र में पानी लाएँगे’: PM मोदी ने महाराष्ट्र में कॉन्ग्रेस और शरद पवार पर साधा निशाना

लोकसभा चुनाव 2024 की प्रक्रिया जारी है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार के लिए पहुँचे और एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कॉन्ग्रेस और शरद पवार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने विदर्भ और मराठवाड़ा में सूखे की स्थिति के लिए कॉन्ग्रेस को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया है।

महाराष्ट्र के माढ़ा में पीएम मोदी ने कहा, “15 साल पहले एक बहुत बड़े नेता यहाँ चुनाव लड़ने के लिए आए थे। कहते हैं कि तब उन्होंने डूबते सूरज की शपथ लेकर कहा था कि वे यहाँ के सूखा प्रभावित इलाकों में पानी पहुँचाएँगे। उन्होंने अपना वादा पूरा नहीं किया और अब उन्हें सजा देने का समय आ गया है। एक वो दिन था और एक ये दिन है। वो यहाँ से चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “चाहे विदर्भ हो या मराठवाड़ा… लोगों को बूँद-बूँद के लिए तरसाने का यह पाप वर्षों से होता रहा है। कॉन्ग्रेस को लोगों ने 60 साल तक राज करने का हक दिया… काम करने का मौका दिया। इन 60 सालों में दुनिया के कई देश पूरी तरह बदल से गए, लेकिन कॉन्ग्रेस किसानों के खेत तक पानी भी नहीं पहुँचा पाई।”

कॉन्ग्रेस पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, “साल 2014 में 99… करीब 100 सिंचाई योजनाएँ ऐसी थीं, जो दशकों-दशकों से अटकी हुई थीं। इनमें से भी सबसे ज्यादा 26 परियोजनाएँ महाराष्ट्र की थीं। सोचिए, कितना बड़ा धोखा इन लोगों ने महाराष्ट्र को दिया है।

भाजपा सरकार द्वारा किए गए कार्यों का खुलासा करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “हर खेत तक पानी पहुँचाना, हर घर तक पानी पहुँचाना… यह मेरे जीवन का बहुत बड़ा मिशन है। 2014 में सरकार बनने के बाद मैंने अपनी पूरी शक्ति इन सिंचाई परियोजनाओं के ऊपर लगा दी। कॉन्ग्रेस की लटकाई करीब 100 परियोजनाओं में 63 परियोजनाएँ आज पूरी तरह कंप्लीट हो गई हैं।”

उन्होंने कहा, “जिस निलवांडे डैम का इंतजार 50 सालों से हो रहा था, उसे हमने पूरा करवाया। कौसीकुर परियोजना का ज्यादातर काम एकनाथ जी, अजित जी और देवेंद्र जी की टीम तेजी से पूरा कर रही है। हमारी सरकार पाँच साल में ही 11 करोड़ से ज्यादा घरों तक नल से जल पहुँचा चुकी है। दस साल में माइक्रो इरीगेशन का दायरा भी दोगुने से अधिक बढ़ा है।”

शरद पवार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, “10 साल पहले, जब रिमोट कंट्रोल वाली सरकार चलती थी, तब महाराष्ट्र के कद्दावर नेता कृषि मंत्री थे। जब यहां के कद्दावर नेता दिल्ली में राज करते थे, तब गन्ने का FRP करीब 200 रुपये था और आज मोदी के सेवाकाल में गन्ने का FRP करीब 350 रुपये है।”

‘AAP प्रत्याशी ने मुस्लिम नेता को परोसा सूअर का मांस’: वकार चौधरी के समर्थन में उतरा AIMIM, बोले – इसका नाम लेना भी हराम, कुलदीप कुमार मुस्लिमों के गुनहगार

दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के नेता वकार चौधरी ने आरोप लगाया है कि पूर्वी दिल्ली से पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी कुलदीप कुमार ने उन्हें जंगली मीट परोस दिया। उन्होंने एक वीडियो के जरिए ये जानकारी दी और कहा कि वो बहुत दुःखी और आहत हैं। वकार चौधरी ने कहा कि वो सो नहीं पा रहे हैं, उन्हें सुकून नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि रात के समय चुनाव प्रचार निपटा कर वो कुलदीप कुमार के दफ्तर पहुँचे, उन्हें काफी तेज़ भूख लगी हुई थी तो कुलदीप कुमार से पूछा कि क्या कुछ खाने को है?

वकार चौधरी ने बताया कि कोंडली से AAP वधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि नॉनवेज है, खा लीजिए। बकौल वकार चौधरी, कुलदीप कुमार ने कहा कि सब नॉनवेज एक तरह का ही होता है। वकार चौधरी का कहना है कि इसके बाद उन्हें शक हुआ, क्योंकि एक बार कुलदीप कुमार उनके घर भी आए थे और पूछा था कि आप तो जंगली का मांस खा लेते होंगे। वकार चौधरी के अनुसार, उन्होंने जवाब दिया कि इस तरह का मजाक ठीक नहीं है। वकार चौधरी ने कुलदीप कुमार की सोच को छोटी बताते हुए पूछा कि आप एक मुस्लिम को जंगली का गोश्त ऑफर कर रहे हैं?

वकार चौधरी ने कहा कि इसका नाम तक लेने से कई दिनों तक दुआएँ कबूल नहीं होती, और आप एक हाजी को जंगली का गोश्त खिलाना चाहते हैं। उन्होंने पार्टी आलाकमान से कहा कि कुलदीप कुमार को हटा कर किसी भी अन्य नेता को प्रत्याशी बना दिया जाए। इस मामले के सामने आने के बाद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमाई अपने साथी नेताओं के साथ वकार चौधरी के यहाँ पहुँचे और उनके प्रति सहानुभूति जताई।

AIMIM नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी किया। बता दें कि मुस्लिमों में सूअर का मांस हराम माना जाता है। इस दौरान वहाँ जुटे मुस्लिम कार्यकर्ताओं ने ‘कुलदीप कुमार वापस जाओ’ और ‘कुलदीप कुमार माफ़ी माँगो’ के नारे भी लगाए। वकार चौधरी ने समर्थन के लिए शोएब जमाई का समर्थन भी दिया। इसी तरह आंध्र प्रदेश के ‘नव रंग पार्टी’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जलील शेख़ ने कुलदीप कुमार के विरोध में वकार चौधरी को अपना और पूरी पार्टी का समर्थन दिया।

वकार चौधरी ने ट्विटर के माध्यम से कहा, “कुलदीप कुमार क्या खाते हैं, मुझे इससे कोई एतराज नहीं है पर में चाहता हूँ की वो मेरे मजहब की भी उसी तरह से इज्जत करे जैसे कि मैं उनके धर्म की इज्जत करता हूँ। मैं अपने हक़ और अपने मजहब को बचाने की लड़ाई लड़ रहा हूँ, आपसे दरखास्त है इस मुहीम में आप मेरा साथ दे मुझे इंसाफ चाहिए आप मेरा साथ देंगे।” उन्होंने कुलदीप कुमार को ‘मुस्लिमों का गुनहगार’ करार दिया। सभा में मंत्री आतिशी भी आने वाली थीं, लेकिन विरोध के कारण वो नहीं आईं।

‘पतंजलि आयुर्वेद’ और ‘दिव्य फार्मेसी’ के इन 14 दवाओं के लाइसेंस रद्द: फिर से माफीनामे के बाद भी नाराज़ हुआ सुप्रीम कोर्ट, पूछा – अख़बार का पूरा पेज रिकॉर्ड पर क्यों नहीं रखा?

हरिद्वार स्थित ‘पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड’ और ‘दिव्य फार्मेसी’ के 14 उत्पादों का मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस ‘उत्तराखंड स्टेट लाइसेंसिंग अथॉरिटी’ ने रद्द कर दिया है। संस्था ने बताया कि 15 फरवरी, 2024 को ये कार्रवाई की गई है। सोमवार (29 फरवरी, 2024) को दायर किए गए एक एफिडेविट में ये जानकारी दी गई है। ड्रग्स एन्ड कॉस्मेटिक रूल्स, 1954 के तहत त्वरित रूप से रद्द किए जाने की कार्रवाई की गई। 10 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने अवैध विज्ञापन के मामले में उत्तराखंड प्रशासन को फटकार लगाई थी।

अथॉरिटी ने ये भी बताया कि ‘पतंजलि आयुर्वेद’ के खिलाफ़ब आपराधिक शिकायत भी दर्ज कराई गई है। इसमें इसके प्रबंध निदेशक (MD) आचार्य बालकृष्ण और सह-संस्थापक स्वामी रामदेव के अलावा उनकी एक अन्य कंपनी ‘दिव्य फार्मेसी’ का भी नाम है। ये शिकायत हरिद्वार के चीफ जुडिशल मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराई गई है। ‘ड्रग्स एन्ड मैजिक रेमेडीज (ऑब्जेक्शनेबल एडवर्टाइजमेंट्स)’ एक्ट, 1954 के तहत ये कार्रवाई की जा रही है।

जिन उत्पादों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं, वो हैं – स्वसारी गोल्ड, स्वसारी वटी, ब्रोन्कोम, स्वसारी प्रवाही, स्वसारी अवलेह, मुक्त वटी एक्स्ट्रा पॉवर, लिपिडोम, बीपी ग्रिट, मधुग्रीत, मधुनाशिनी वटी एक्स्ट्रा वटी, लिवामृत एडवांस, लिवोग्रिट, आईग्रिट गोल्ड और पतंजलि दृष्टि आई ड्रॉप। साथ ही एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट से उसके आदेश के पालन में जाने-अनजाने में हुई किसी भी लापरवाही के लिए बिना शर्त माफ़ी भी माँगी है। उक्त प्रोडक्ट्स का निर्माण तत्काल रोकते हुए नए फॉर्मूले की शीट सौंपने को भी कहा गया है।

SLA ने उत्तराखंड में स्थित सभी आयुर्वेदिक दवा कंपनियों की फैक्ट्रियों को निर्देश दिया है कि वो 1954 के ड्रग्स एन्ड रेमेडीज एक्ट का पालन करें, कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, 2019, केबल टेलीविजन नेटवर्क एक्ट, 1995, और एम्ब्लेम्स एन्ड नेम्स एक्ट, 1950 का पालन करने को भी कहा है। किसी भी उत्पाद के लिए ‘आयुष मंत्रालय द्वारा प्रमाणित’ लेबल प्रयोग में नहीं लाया जाएगा। लेबलिंग में ड्रग्स एन्ड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1945 का पालन करना होगा।

जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। सुनवाई में बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण भी पहुँचे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अब ‘पतंजलि’ द्वारा दायर माफीनामे पर तो संतोष जताया है, लेकिन अख़बार का पूरा पेज रिकॉर्ड में न रखने पर नाराज़गी व्यक्त की। साथ ही बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत पेशी से छूट दी है। वहीं IMA (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) द्वारा एलोपैथी पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी की आलोचना पर जजों ने कहा कि वो इसे सख्ती से देखेंगे।

BJP खत्म करेगी मुस्लिम कोटा, SC/ST-OBC को मिलेगा आरक्षण का लाभ: अमित शाह ने कॉन्ग्रेस के दुष्प्रचारों का दिया जवाब, रेवन्ना मामले में बोले- हम मातृ शक्ति के साथ

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज (30 अप्रैल 2024) असम के गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने उस फर्जी वीडियो पर बात की जिसमें कॉन्ग्रेसी ये झूठ फैला रहे थे कि गृह मंत्री ने आरक्षण खत्म करने को कहा है। इसके अलावा इस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने प्रज्वल रेवन्ना के मामले को लेकर कॉन्ग्रेस पर हमला बोला। साथ ही लोकसभा चुनावों पर बात करते हुए आश्वस्त किया कि भाजपा और उनके साथी दल मिलकर इस बार 400 पार करेंगे ही।

गुवाहाटी में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह ने पहले तो देश में हो चुके दो चरणों के चुनावों पर बात की और कहा कि उन्हें ऐसा लग रहा है कि भाजपा ने अब तक 2 ही चरणों में 100 सीटों का आँकड़ा पार कर लिया है। इसके बाद उन्होंने कॉन्ग्रेस द्वारा किए जा रहे दुष्प्रचारों पर चर्चा की।

उन्होंने कहा, “कुछ दिन से कॉन्ग्रेस ने हमारे 400 पार के लक्ष्य को ट्विस्ट करना शुरू किया है। वो अपप्रचार कर रहे हैं कि भाजपा 400 पार करने के बाद संविधान बदल देगी और आरक्षण को समाप्त कर देगी। ये दोनों चीजें निराधार और तथ्यहीन हैं।” उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस झूठ फैलाकर जनता के बीच में भ्रांति पैदा करना चाहती है। मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि भाजपा SC/ST, OBC के आरक्षण की समर्थक है और हमेशा इसके संरक्षक के रूप में अपनी भूमिका निभाएगी।”

अमित शाह कहते हैं, “SC/ST, OBC के आरक्षण पर किसी राजनीतिक दल में अगर डाका डाला है, तो वो कॉन्ग्रेस पार्टी ने डाला है। सबसे पहले उन्होंने संयुक्त आंध्र प्रदेश में मुसलमानों को आरक्षण दिया, जिसके कारण OBC का रिजर्वेशन कटा। उसके बाद कर्नाटक में उन्होंने रातों-रात बिना किसी सर्वे, पिछड़ापन तय किए बगैर सारे मुसलमानों को OBC कैटेगरी में डालकर उनके लिए 4% का कोटा रिजर्व कर दिया, इससे भी पिछड़ा वर्ग का रिजर्वेशन कटा है।”

आगे वह स्पष्ट बोले- “भाजपा स्पष्ट रूप से मानती है कि धर्म के आधार पर आरक्षण गैर-संवैधानिक है और जब भी इन राज्यों में हमारे पास अधिकार आएगा, हम मजहब के आधार पर लादे गए आरक्षण को समाप्त करके SC/ST और OBC को न्याय दिलाने का काम करेंगे।”

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष की हताशा-निराशा इस स्तर पर पहुँच गई है कि वो फेक वीडियो बनाकर सार्वजनिक कर रहे हैं। आगे अमित शाह ने प्रज्वल रेवन्ना के अश्लील वीडियो वायरल होने के मामले पर कहा, “प्रज्वल रेवन्ना का जो समाचार पत्रों और चैनल पर चल रहा है वो बिलकुल आघातजनक है और बीजेपी का स्टैंड बहुत स्पष्ट है कि हम देश की ‘मातृ शक्ति’ के साथ खड़े हैं… मैं कॉन्ग्रेस से पूछना चाहता हूँ कि वहाँ पर सरकार किसकी है? सरकार कॉन्ग्रेस पार्टी की है। उन्होंने अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? कार्रवाई हमें नहीं करनी। यह राज्य की कानून व्यवस्था का मुद्दा है, राज्य सरकार को इस पर कार्रवाई करनी होगी… हम जाँच के पक्ष में हैं और हमारे सहयोगी जद (एस) ने भी इसके खिलाफ कार्रवाई करने की घोषणा की है आज उनकी कोर कमेटी की बैठक है और कदम उठाए जाएँगे…”

गृह मंत्री इस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कॉन्ग्रेस जो उन पर आरोप लगाती है वो सारे झूठे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 2014 और 2019 में भाजपा ने बहुमत से सरकार बनाई है लेकिन कभी इसका प्रयोग आपातकाल लागू करने के लिए नहीं किया, न लोकतंत्र खत्म करने के लिए, न लोकसभा सत्र बढ़ाने के लिए ताकि संविधान बदलें। भाजपा ने आर्टिकल 370, ट्रिपल तलाक हटाया, राम मंदिर बनाया और देश की तस्वीर बदली।

आतंकी यासीन मलिक के साथ पूर्व PM मनमोहन सिंह… अपील- कॉन्ग्रेस को करें वोट: दिल्ली में लगे पोस्टर, पुलिस ने उतारे

नई दिल्ली में आतंकी यासीन मलिक की रिहाई के लिए कॉन्ग्रेस को वोट देने की अपील करने वाले पोस्टर सामने आए हैं। इन पोस्टर पर आतंकी यासीन मलिक की पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के साथ वाली तस्वीर लगाई गई है। दिल्ली पुलिस ने इन पोस्टर को हटा दिया है।

जानकारी के अनुसार, दिल्ली के मंडी हाउस चौक के पास यह पोस्टर मंगलवार (30 अप्रैल, 2024) को सामने आए हैं। इनमें 25 मई को कॉन्ग्रेस को वोट देने की अपील की गई है। इसके साथ ही इनमें आतंकी यासीन मलिक के साथ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की एक फोटो है।

इसके अलावा इनमें नीचे लिखा हुआ है, “यासीन मलिक की रिहाई और बोलने की आजादी के लिए वोट करें।” इसके नीचे वॉईस फॉर डेमोक्रेसी नाम लिखा हुआ है। यह पोस्टर इस इलाके में खम्भों पर लगवाए गए थे। इनकी जानकारी मिलने पर दिल्ली पुलिस ने इन्हें यहाँ से उतरवा दिया।

यासीन मलिक के लिए कॉन्ग्रेस को वोट देने के पोस्टर किसने लगवाए, यह अभी सामने नहीं आया है। कॉन्ग्रेस के भी किसी पदाधिकारी ने इस सम्बन्ध में कोई पुष्टि नहीं की है। दिल्ली पुलिस ने भी पोस्टर लगाने वाली की जानकारी नहीं दी है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर कॉन्ग्रेस पर हमला बोला जा रहा है।

गौरतलब है कि यासीन मलिक जम्मू कश्मीर का एक आतंकी है जो कि वर्तमान में तिहाड़ जेल में बंद है। वह विंग कमांडर अधिकारी रवि खन्ना समेत कई अधिकारियों की हत्या के मामले में आरोपित है। उसके ऊपर टेरर फंडिंग का मामला भी चल रहा है।

यासीन मलिक जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट नामक संगठन चलाता था जिसे केंद्र सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया था। यासीन मलिक 1990 के दशक में आतंक करने के बाद कार्रवाई से बचने के लिए गाँधीवादी होने का ढोंग करने लगा था और शांति की बातें बघारता था।

दिल्ली में सामने आए जिन पोस्टर में आतंकी यासीन मलिक पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के साथ दिख रहा है, वह तस्वीर 2006 की हैं। 2006 में यासीन मलिक को कॉन्ग्रेस सरकार ने पीएम आवास बुलाया था। वह इस दौरान पीएम मनमोहन सिंह से मिलकर चर्चा कर रहा था। इस दौरान वह पीएम मनमोहन सिंह के साथ हाथ मिलाते भी दिखा था।

चर्च बनाना चाहते थे ईसाई, मुस्लिम भीड़ ने जुमे की नमाज के बाद सबके घरों में आग लगाई: पुलिस देखती रही तमाशा, वीडियो वायरल

मिस्र के मिन्या प्रांत में मुस्लिम भीड़ ने कई ईसाइयों के घरों को निशाना बनाया है। सामने आई वीडियो में मुस्लिम भीड़ को ईसाइयों के घर की ओर गुस्से में बढ़ते, उनपर हमला करते और हल्ला मचाते हुए देखा जा सकता है। रिपोर्ट बताती हैं कि भीड़ ने इस दौरान ईसाइयों के घरों में आग भी लगाई।

न्यू अरब की रिपोर्ट के अनुसार, ईसाइयों के ईस्टर समारोह के बाद से मुस्लिम भीड़ भड़की हुई थी, लेकिन सड़कों पर ये तब उतरे जब मिन्या के अल फावखेर गाँव में नया चर्च बनाने की बात उठी, वो भी तब जब मुस्लिम भीड़ इसे अस्वीकार कर चुकी थी।

ईसाइयों द्वारा बात न सुने जाने पर इस्लामी कट्टरपंथी जुम्मे की नमाज के बाद सड़क पर आए और पहले ईसाइयों को उनके घरों से निकालने का प्रयास किया, इसके बाद जब वो इस काम में विफल रहे तो उन्होंने घरों को ही जला दिया।

वीडियो देख अंदाजा लगा सकते हैं कि ये भीड़ कितने गुस्से में थी और कितनी तादाद में मुस्लिम लोग ईसाइयों पर हमला करने निकले थे। इस संबंध में मिन्या के आर्क बिशप मकारियोस ने बताया कि घटना के बाद अनियंत्रित हुई स्थिति पर अब नियंत्रण पा लिया गया है और संदिग्ध भी गिरफ्तार हो गए हैं।

फिलहाल, मिस्र के अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं सामने आया है लेकिन सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि घटना के समय पुलिस मूकदर्शक बनी तमाशा दे रही थी।

बता दें कि मिस्र में ईसाई समुदाय के लोग लंबे समय से मुस्लिमों जैसे अधिकार और नए धर्मस्थलों के निर्माण कराने को लेकर लड़ाई लड़ रहे हैं। वहाँ अक्सर उन्हें बहुसंख्यक आबादी के कारण अपने हक और मन मारकर जीना पड़ता है। उनपर अत्याचारों की तमाम घटनाएँ मीडिया में दर्ज हैं। खुद आर्क बिशप मकारिओस पर 10 साल पहले हत्या का प्रयास किया गया था।

गौरतलब है कि मुस्लिम बहुल मिस्र में ईसाइयों का कोई सटीक प्रतिशत नहीं है। लेकिन माना जाता है कि 109 मिलियन की जनसंख्या में 10-15 फीसद ईसाई समुदाय के लोग हो सकते हैं। ऐसे में भी ईसाइयों को शादी और तलाक छोड़कर ज्यादातर मामलों में कानूनी तौर पर इस्लामी कानून शरिया का पालन करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। वे लोग कोशिश करते हैं कि मिस्र में उन्हें भी वैसे ही अधिकार मिलें जैसे मुस्लिमों को हैं लेकिन ऐसा नहीं हो पाता।

‘खामोशी के साथ वोट जिहाद करो’: सोनिया गाँधी को जिस नेता ने कहा था ‘भारत की माँ’, उनकी भतीजी ने मुस्लिमों को बताया एजेंडा

कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की भतीजी मारिया आलम उमर ने लोकसभा चुनाव में ‘वोट जिहाद’ करने की अपील की है। उन्होंने यह अपील फर्रुखाबाद लोकसभा सीट के सपा-कॉन्ग्रेस गठबंधन उम्मीदवार को जिताने के लिए की है। मारिया के इस बयान के दौरान कॉन्ग्रेस नेता सलमान खुर्शीद भी मंच पर मौजूद थे। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर घूम रहा है।

फर्रुखाबाद लोकसभा चुनाव के लिए आयोजित की गई एक जनसभा में मारिया आलम उमर ने कहा, “अगर हम अब भी एक नहीं हुए तो समझ लेना कि यहाँ से हमारा नामोनिशान मिटाने के लिए जो सरकार कोशिश कर रही है, उसको कामयाब करने का काम करोगे। इसीलिए अकलमंदी के साथ, बहुत जज्बाती ना होकर, बहुत खामोशी के साथ एक साथ होकर वोटों का जिहाद करो, क्योंकि हम सिर्फ वोटों का जिहाद कर सकते हैं।”

मारिया आलम उमर ने कहा कि उन्हें इस बात पर शर्म आती है कि कुछ मुसलमान भाजपा प्रत्याशी मुकेश राजपूत का समर्थन कर रहे हैं। मारिया आलम के इस बयान के दौरान मंच पर सलमान खुर्शीद और उनकी पत्नी लुईस खुर्शीद भी मौजूद थीं। यह सभा सपा-कॉन्ग्रेस की एकजुटता दिखाने के लिए की गई थी। बताया गया कि जहाँ यह जनसभा आयोजित हुई, वह अल्पसंख्यक बहुल इलाका है।

सलमान खुर्शीद ने इस सभा में कहा कि उन्हें अलीगढ़, कानपुर और अन्य क्षेत्रों से लोकसभा चुनाव लड़ने का ऑफर मिला था लेकिन उन्होंने फर्रुखाबाद के चलते इससे मना कर दिया। सलमान खुर्शीद ने कहा कि भाजपा के बुरे दिन आने वाले हैं।

गौरतलब है कि सलमान खुर्शीद फर्रुखाबाद से सांसद रह चुके हैं लेकिन गठबंधन में यह सीट सपा के खाते में चली गई। वह इस सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन कॉन्ग्रेस को मिलने वाली सीटों में फर्रुखाबाद शामिल नहीं थी। उन्होंने इसको लेकर नाराजगी भी जताई थी।

मारिया आलम उमर के वोट जिहाद के बयान से पहले उनके चाचा खुर्शीद भी कई विवादित बयान दे चुके हैं। सलमान खुर्शीद ने दिल्ली के बाटला हाउस एनकाउंटर में मारे गए आतंकियों को लेकर कहा था कि यहाँ कि तस्वीरें देख कॉन्ग्रेस मुखिया सोनिया गाँधी की आँखों में आंसू थे। उन्होंने सोनिया गाँधी को पूरे देश की माँ भी बता दिया था।

आज अमित शाह का फर्जी वीडियो, कभी नुपूर शर्मा को दी थी सरेआम धमकी-गाली: पुराना टुच्चा है असम से गिरफ्तार कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता ऋतम सिंह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की फर्जी वीडियो शेयर करने के मामले में असम के कॉन्ग्रेसी कार्यकर्ता ऋतम सिंह को गिरफ्तार किया गया है। इस गिरफ्तारी के बारे में खुद असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने एक्स पर जानकारी दी है।

असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा कहते हैं, “असम पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार किया है जिसका नाम ऋतम सिंह है। उसे गृह मंत्री की फेक वीडियो शेयर करने के मामले में पकड़ा गया है।”

बता दें कि ये उसी वीडियो से जुड़ा मामला है जिसे दो दिन पहले कॉन्ग्रेसी ये कहकर ट्वीट कर रहे थे कि अमित शाह ने चुनाव जीतने पर आरक्षण खत्म करने की बात कही है। इस संबंध में तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी को भी समन भेजा गया था।

वहीं ऋतम सिंह की बात करें तो ये जानना जरूरी है कि ऋतम पहली बार भारतीय कानून को खिलवाड़ बनाते टाइम नहीं पकड़ा गया। इसी ऋतम सिंह ने कुछ दिन पहले अपने ट्विटर पर कहा था कि अगर मोदी और उसकी कंपनी को जेल में देखना है तो भाजपा के विरुद्ध वोट करो। इसके अलावा हर राइट विंग अकॉउंट की डिटेल रखो। सबका हिसाब होगा। सबका बदला लिया जाएगा।

इसी ऋतम ने NSUI का सदस्य रहते हुए साल 2019 में ऑपइंडिया की चीफ एडिटर नुपूर झुनझुनवाला शर्मा (नुपूर जे शर्मा) को धमकियाँ दीं थी। उनकी निजी जानकारियों की डॉक्सिंग की थी। ऐसा सिर्फ इसलिए क्योंकि ऑपइंडिया की चीफ एडिटर ने इस बात का खुलासा किया था कि ये शख्स सीएए विरोधी प्रदर्शनों को हवा देने का काम करता था। इस संबंध में 24 दिसंबर 2019 को एक शिकायत भी दर्ज हुई थी।

आप उस आर्टिकल को इस लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं। इसमें बताया गया है कि कैसे सीएए विरोधी प्रदर्शनों को बढ़ाने में एक वॉट्सएप ग्रुप की भूमिका थी जिसका एक एडमिन ऋतम भी था और इसमें रणनीति बनाई जा रही थी कि प्रदर्शन में बचाव के लिए महिलाएँ आगे रखी जाएँ।

जब नुपूर शर्मा ने इस पर रिपोर्ट की तो उसके बाद से उन्हें धमकियाँ आनी शुरू हुईं। इसके बाद कई मुद्दों पर ऋतम को नुपूर शर्मा के साथ उलझते देखा गया।

कुछ समय पहले ऋतम सिंह ने नुपूर शर्मा को कहा था कि वो उनको उसी तरह ढूँढ निकालेगा जैसे बिन लादेन को सीआईए ने ढूँढा था।

इसके अलावा ऋतम ने नुपूर शर्मा की तुलना आतंकियों तक से की हुई है। साथ ही ये भी कामना की थी कि गरुड़ पुराण के मुताबिक नुपूर को सबसे सख्त सजा मिले और वो नरक में जाएँ।

बता दें कि 5 साल पहले तक NSUI का सदस्य रहा ऋतम अब असम कॉन्ग्रेस का ‘वार रूम कॉर्डिनेटर’ है। उस पर सोशल मीडिया पर ऐसी हरकत करने के कई आरोप हैं। इस बार भी उसने ऐसा ही कुछ किया लेकिन वो पकड़ा गया।

क्या है TTS जो कोरोना की वैक्सीन से हो सकता है, UK की कोर्ट में कोविशील्ड बनाने वाली एस्ट्राजेनेका ने कबूली साइड इफेक्ट

कोविड-19 रोधी वैक्सीन कोविशील्ड की निर्माता कम्पनी ने स्वीकार किया है कि उसकी वैक्सीन कुछ मामलों में साइड इफेक्ट हो सकते हैं। निर्माता कम्पनी एस्ट्राजेनेका ने यह बात इंग्लैंड के एक कोर्ट में स्वीकार की है। यह वैक्सीन भारत में भी बड़े पैमाने पर लोगों को लगाई गई थी। इस खुलासे के बाद एस्ट्राजेनेका पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।

जानकारी के अनुसार, एस्ट्राजेनेका ने हाई कोर्ट में दाखिल किए गए कागजों में यह बात स्वीकार की है कि इसकी वैक्सीन लेने वालों पर कुछ बहुत ही दुर्लभ मामलों साइड इफेक्ट हो सकते हैं। यह जानकारी एस्ट्राजेनेका ने कोर्ट को फरवरी, 2024 में दी थी।

एस्ट्राजेनेका ने कोर्ट को बताया है कि उसकी वैक्सीन से TTS नाम का साइड इफ़ेक्ट हो सकता है। इस TTS का पूरा नाम थ्रोम्बोसिस विद थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम है। इसके कारण खून में थक्के जम सकते हैं और प्लेटलेट्स की सँख्या कम हो सकती है। इन कारणों से खून का बहाव शरीर में प्रभावित हो सकता है।

एस्ट्राजेनेका ने इसी के साथ कोर्ट में यह भी कहा है कि लोगों को TTS की समस्या बिना वैक्सीन के भी हो सकती है। ऐसे में इस समस्या से जूझने वाले प्रत्येक व्यक्ति का अलग-अलग परीक्षण करना होगा, ताकि असल वजह पता लगाई जा सके।

दरअसल, एस्ट्राजेनेका को यह जानकारी कोर्ट में इसलिए देनी पड़ी हैं क्योंकि इसके खिलाफ इंग्लैंड में 51 मामले दायर किए गए हैं। मुकदमा दायर करने वालों का आरोप है कि एस्ट्राजेनेका वैक्सीन लेने के कारण लोगों की मृत्यु या भारी बीमारी हुई।

इस मामले में जेमी स्कॉट नाम एक व्यक्ति ने पिछले वर्ष एक मुकदमा दायर किया था कि एस्ट्राजेनेका वैक्सीन लेने के बाद उनके दिमाग में खून के थक्के बने जिसके कारण वह अस्पताल में भर्ती हुए। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनके बचने की उम्मीद ना के बराबर बताई थी।

एस्ट्राजेनेका ने पहले अपने खिलाफ लगाए गए इन आरोपों को नकार दिया था। एस्ट्राजेनेका के खिलाफ मुकदमा दायर करने वालों ने इस कम्पनी से 100 मिलियन पाउंड (लगभग ₹1040 करोड़) का हर्जाना माँग रहे है। एस्ट्राजेनेका इसके खिलाफ लड़ रही है।

गौरतलब है कि एस्ट्राजेनेका ने जिस वैक्सीन से साइड इफ़ेक्ट की जानकारी दी है, वह भारत में कोरोनारोधी टीके के रूप में बड़े स्तर पर दी गई थी। भारत में यह कोविशिल्ड के नाम से दी गई थी। कई देशों में यह वैक्सीन वैक्सज़ेव्रिया नाम से बेची गई थी। भारत में इसका उत्पादन सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया ने किया था।

एक आँकड़े के अनुसार, भारत में कोविशिल्ड की 170 करोड़ डोज लोगों के लगाई गई थीं। कई लोगों को इसकी डबल तो कई लोगों को तीन डोज लगाई गई थीं। भारत में स्थानीय रूप से निर्मित कोवैक्सीन भी उपलब्ध थी लेकिन उसके प्रमाणन में समय लगा था इसलिए कोविशिल्ड का ही अधिक उपयोग किया गया था।

मुस्लिम लड़कियों ने बुलाया, पैसे नहीं दिए तो मुस्लिम भीड़ को बुला कर पिटवाया: नागेश और आकाश की गला दबा कर मारने की कोशिश

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में 2 हिन्दू लड़कों की मुस्लिम भीड़ द्वारा पिटाई की खबर है। आरोप है कि इन दोनों लड़कों को मुस्लिम लड़कियों के द्वारा बुलवाया गया था। बाद में पैसों की माँग की गई जो पूरी न होने पर शोर मचाया गया। हमलावरों में साजिद और आबिद के नाम सामने आए हैं। पीड़ितों को कमरे में बंद कर के पीटा गया और गला दबाने की कोशिश भी की गई। इनकी जेब में रखे रुपए भी लूट लिए गए हैं। पुलिस इस मामले में जाँच और कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। घटना सोमवार (29 अप्रैल, 2024) की है।

यह घटना बरेली के थाना क्षेत्र भुता की है। यहाँ 29 अप्रैल को नरेश सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया है कि सोमवार को उनके गाँव मटकापुर के रहने वाले नागेश नाम के लड़के को 2 मुस्लिम लड़कियों ने कॉल कर के केसरपुर इलाके में बुलाया था। नागेश बाइक से इन लड़कियों से मिलने निकला तो रास्ते में उसे आकाश भी मिल गया। नागेश ने आकाश को भी अपने साथ ले लिया। केसरपुर में दोनों लड़कियाँ इन्हे मिलीं।

आरोप है कि बातचीत के ही दौरान दोनों लड़कियों ने नागेश और आकाश से पैसों की डिमांड कर दी। नागेश ने पैसे देने से मना कर दिया तो मुस्लिम लड़कियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोरगुल सुन कर वहाँ लगभग 30 से 35 लोग जमा हो गए। इस भीड़ का नेतृत्व साजिद और आबिद कर रहे थे। दोनों आरोपितों के साथ जुटी इस भीड़ ने नागेश और आकाश को पकड़ लिया। इन दोनों को एक घर में ले कर बंधक बना लिया गया।

बताया जा रहा है कि बंधक बना कर आकाश और नागेश को बेरहमी से पीटा गया। वायरल हो रहे एक वीडियो में आकाश के शरीर पर चोट के कई निशान दिख रहे हैं। यह चोटें आकाश के पेट और हाथों में लगी हैं। आकाश की जेब में रखे गए 1200 रुपए भी आरोपितों द्वारा छीन लेने की बात शिकायत कॉपी में लिखी हुई है। शिकायतकर्ता नरेश ने आगे बताया कि किसी ने 112 नंबर पर पुलिस को कॉल किया। पुलिस ने बंधक बनाए गए आकाश और नागेश को भीड़ के चंगुल से बचाया और थाने ले कर पहुँची।

नरेश सिंह ने अपने बेटे आकाश और नागेश को निर्ममता से पीटने वाली भीड़ में शामिल नामजदों और अज्ञात हमलावरों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। पीड़ितों का मेडिकल करवाया जा रहा है। पुलिस ने बताया है कि मामले की जाँच और जरूरी कार्रवाई की जा रही है। ऑपइंडिया से बात करते हुए बरेली से विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारी हिमांशु पटेल ने बताया कि मुस्लिम भीड़ द्वारा दोनों हिन्दू युवकों को एक मस्जिद के आगे पीटा गया है। हिमांशु ने उम्मीद जताई है कि पुलिस अज्ञात हमलावरों को भी जल्द से जल्द चिह्नित कर के उन पर कठोर कार्रवाई करेगी।