खुद को लोकगायिका बताने वाली सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर नेहा सिंह राठौर फेक न्यूज फैलाती पकड़ी गई हैं। उन्होंने मॉक पोल के वीडियो को असली बताते हुए दावा किया कि ईवीएम में गड़बड़ी है, जो एक ही पार्टी के लिए वोट कर रही है। उनके दावे को चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया है। चुनाव आयोग ने बताया है कि जिस वीडियो को असली ईवीएम मशीन मतदान के दौरान का बताया जा रहा है, वो मॉक पोल का है। इस बात की पुष्टि जिला निर्वाचन अधिकारी करीमगंज ने भी की है।
नेहा सिंह राठौर ने फर्जी वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “देखिए, भस्मासुर पार्टी को कैसे 400 पार कराया जा रहा है। लोकतंत्र के महोत्सव में भ्रष्टाचार का नंगा नाच देख लीजिए। केंद्रीय चुनाव आयोग को श्रद्धांजलि के फूल भेज दीजिए।”
चुनाव आयोग ने उनके ट्वीट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए उनके दावे को गलत बताया है। चुनाव आयोग ने एक्स पर लिखा, “लोकसभा चुनाव 2024 से जुड़ा एक वीडियो एक्स पर गलत दावों के साथ फैलाया जा रहा है। इस पोस्ट में किया गया दावा गलत और भ्रामक है। ये वीडियो असम में मॉक पोल के दौरान का है, असली मतदान का नहीं। इस बारे में करीमगंज के जिला निर्वाचन अधिकारी पहले ही अपनी बात रख चुके हैं।”
चुनाव आयोग ने करीमगंज के जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी किए गए पत्र को भी साझा किया है।
A video is circulated on X with false claims on conduct of elections in #GE2024
The allegations made in this post are false & misleading. The video mentioned pertains to a mock poll in Assam, not actual poll.
— Election Commission of India (@ECISVEEP) April 29, 2024
करीमगंज अधिकारी के वीडियो और नेहा सिंह राठौर के ट्वीट को साझा करते हुए परम पीसीएस (FUN Mauji) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, “फेक न्यूज की महारानी नेहा राठौड़ जी!! चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि उक्त वीडियो मॉक पोल के दौरान का है जब प्रतायोशियों के एजेंटों के सामने दिखाया जाता है की ईवीएम ठीक काम कर रही है या नहीं? EVM से सबंधित फेक न्यूज फैलाने पर कानूनन 2 साल की जेल और 1 लाख का जुर्माना है।”
फेक न्यूज की महारानी नेहा राठौड़ जी!!
चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि उक्त वीडियो मॉक पोल के दौरान का है जब प्रतायोशियों के एजेंटों के सामने दिखाया जाता है की ईवीएम ठीक काम कर रही है या नहीं?
बता दें कि नेहा सिंह राठौर लगातार भ्रामक दावों के लिए जानी जाती हैं। उन्हें कई वीडियो के लिए कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ा है। हालाँकि चुनाव आयोग ने फेक न्यूज फैलाने के मामले में नेहा सिंह राठौर के खिलाफ क्या कदम उठाया है, इस बात की जानकारी नहीं मिल पाई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (29 अप्रैल, 2024) को कर्नाटक के बागलकोट के अलावा महाराष्ट्र के सोलापुर, सतारा और पुणे में विशाल जनसभाओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पुणे वासियों को भरोसा दिलाया कि वो दिन भी आने ही वाला है जब आप देश की पहली बुलेट ट्रेन में ट्रैवल करेंगे। उन्होंने इसे ‘मोदी की गारंटी’ बताते हुए लिख कर रख लेने के लिए कहा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का ये भारत अपने युवा, युवाओं के इनोवेशन, युवा टैलेंट और टेक्नोलॉजी पर भरोसा करते हुए आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने ‘स्टार्टअप इंडिया’ का कमाल बताते हुए कहा कि सिर्फ 10 वर्षों में ही भारत के युवाओं ने सवा लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स बना दिए हैं। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले हमारा देश मोबाइल फोन इम्पोर्ट करता था, अब अब देश के दूसरे सबसे बड़े एक्सपोर्टर हैं इस मामले में। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने महँगाई को नियंत्रित किया, भ्रष्टाचार पर प्रहार किया। उन्होंने बताया की करदाताओं के लिए टैक्स में सहूलियत दी गई, जिससे उनके ढाई लाख करोड़ रुपए बचे।
पुणे में प्रधानमंत्री ने कहा कि कॉन्ग्रेस के शहजादे की बातें खतरनाक हैं, खुद कॉन्ग्रेस के लोग इनके कारण कॉन्ग्रेस छोड़-छोड़ के निकल रहे हैं और वो लोग कहते हैं कि कॉन्ग्रेस को माओवादियों ने कब्जे में ले लिया है। उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस के शहजादे से पूछो कि गरीबी कैसे हटती है- तो वो कहते हैं खटाखट…खटाखट। कॉन्ग्रेस के शहजादे से पूछो कि ग्रोथ कैसे होती है- तो वो कहते हैं ठकाठक… ठकाठक। कॉन्ग्रेस के शहजादे से पूछो कि विकसित भारत बनाने का कोई प्लान है तो वो बोलते हैं टकाटक… टकाटक।”
पीएम मोदी ने बताया कि मध्यम वर्गीय परिवारों को सुरक्षित घर मिले, इसके लिए हमने देश में रेरा कानून बनाया है, जो हमारे मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए सुरक्षा कवच बन गया है। बकौल पीएम मोदी, उनकी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर काम कर रही है और मोदी उनको पूजता है, जिनको पहले की सरकारों ने कभी पूछा तक नहीं था।
इससे पहले सतारा में पीएम मोदी ने याद किया कि 2013 में जब भाजपा ने उन्हें प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित किया, तब वो रायगढ़ के किले पर चले गए। उन्होंने याद किया कि वो छत्रपति शिवाजी महाराज की समाधि स्थल पर ध्यानस्थ होकर बैठे थे। बकौल पीएम मोदी, उस समय छत्रपति शिवाजी महाराज की समाधि स्थल से उन्हें जो ऊर्जा, प्रेरणा और आशीर्वाद मिला, उसी के बदौलत वो बीते 10 वर्षों से जनता के लिए जीने का प्रयास करते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश 1947 में आजाद हुआ, कॉन्ग्रेस ने गुलामी की मानसिकता को फलने दिया था। उन्होंने इतिहास याद दिलाया कि पूरी दुनिया छत्रपति महाराज की नौसेना का लोहा मानती थी, लेकिन इतने वर्षों तक आजाद भारत की नौसेना के झंडे पर अंग्रेजों का निशान था। प्रधानमंत्री ने कहा कि मोदी ने आकर अंग्रेजों के निशान को हटाया, मोदी ने तय किया कि इस झंडे की ताकत तब बढ़ेगी, जब हमारे नौसेना के झंडे में छत्रपति शिवाजी के प्रतीक को स्थान दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के सतारा में कहा, “भारत का संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण को मना करता है, लेकिन उन्होंने (कॉन्ग्रेस) रातोंरात कर्नाटक के सभी मुस्लिमों को OBC घोषित कर दिया और रातोंरात ओबीसी के आरक्षण को वहाँ के मुस्लिमों को दे दिया। अब कॉन्ग्रेस संविधान बदलकर यही फॉर्मूला पूरे देश में लागू करना चाहती है। कॉन्ग्रेस और अघाड़ी वालों कान खोलकर सुन लीजिए, जब तक मोदी जिंदा है और जब तक जनता-जनार्दन का मुझ पर आशीर्वाद है, तब तक धर्म के नाम पर आरक्षण लाने की कोशिश, संविधान बदलने की कोशिश आप नहीं कर पाओगे।”
पीएम मोदी ने ये भी कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी परेशानियों को भाग्य के नाम पर नहीं छोड़ा, बल्कि हर देशवासी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ देने का संकल्प लिया और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के जरिए आज गाँव-गाँव में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हो रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे जब कॉन्ग्रेस की सरकार थी, तब हजारों टन अनाज सरकार के गोदामों में सड़ता था, लेकिन कॉन्ग्रेस सरकार उसे गरीबों को देने को तैयार नहीं थी और मना कर दिया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कॉन्ग्रेस सरकार अनाज गरीबों में बाँटे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि तब कॉन्ग्रेस के प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में दखल न दे, यानी गरीब भूख से मरता है तो मरे, अनाज सड़ता है तो सड़े, लेकिन कॉन्ग्रेस सरकार गरीबों को अनाज देने को तैयार नहीं थी। प्रधानमंत्री ने गर्व से बताया कि आज हमारी सरकार 80 करोड़ जरूरतमंदों को हर महीने मुफ्त अनाज देती है और आने वाले 5 वर्षों की भी गारंटी दी है। उन्होंने कहा कि हमारा सामाजिक न्याय का तरीका समाज में विभेद करने का नहीं है, बल्कि समाज को जोड़ने का है।
वहीं सोलापुर में पीएम मोदी ने कहा कि आज कॉन्ग्रेस और I.N.D.I. गठबंधन OBC प्रतिनिधित्व के नाम पर झूठ फैला रहे हैं, क्योंकि इनकी सच्चाई देश के सामने आ गई है और इससे ये बौखलाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे चुनाव में, ये I.N.D.I. अघाड़ी के जितने लोग हैं, उनका सिर्फ एक ही एजेंडा है – मोदी को नई-नई गाली देना। बकौल पीएम मोदी, विपक्ष पास विजन नहीं है और हमारे पास विजन है, हम इस विजन के लिए ये जीवन खपा देंगे।
पीएम मोदी ने महाराष्ट्र के सोलापुर में कहा, “सीमावर्ती गाँवों को आखिरी गाँव कहा जाता था। मैंने उन्हें पहला गाँव कहा। गाँवों के लिए हमने Vibrant Village प्रोग्राम शुरू किया। अगर मोदी की नजर कॉन्ग्रेस की तरह सिर्फ वोटबैंक पर होती, तो 24,000 करोड़ की पीएम जनमन योजना बनाकर सबसे पिछड़ी जनजाति के लिए योजना न बनाता, उनके लिए काम न करता। मैं अपने देश के आखिरी व्यक्ति को मजबूत बनाना चाहता हूँ। कॉन्ग्रेस ने 100 से ज्यादा जिलों को पिछड़ा घोषित कर उन्हें अपने हाल पर छोड़ दिया था। हमने उन्हें Aspirational Districts बनाया। 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले।।”
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में शुक्रवार (26 अप्रैल, 2024) को मानव तस्करी की आशंका के चलते एक बस की तलाशी ली गई थी। तब इस बस में 93 नाबालिग बच्चे मौजूद मिले जिनकी उम्र 6 से 14 साल के बीच थी। इसी बस में 5 मौलवी भी पकड़े गए थे। सभी बच्चे बिहार के अररिया जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इन्हें पढ़ाने के नाम पर सहारनपुर जिले के एक मदरसे में ले जाया जा रहा था। ये मदरसे रजिस्टर्ड भी नहीं थे। मौलवियों पर बच्चों को यतीम बता कर बाहर से फंड लेने आरोप लगा है। बच्चों ने बताया कि उनके साथ अमानवीयता की जा रही थी। इस मामले में प्रशासन जाँच कर रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार को अयोध्या के देवकाली के पास पुलिस ने एक डबल डेकर बस रोकी। बस में लगभग 100 लोग सवार थे। इसमें 93 नाबालिग बच्चे थे जो बेहद थके और परेशान लग रहे थे। बस बिहार के अररिया से आ रही थी। पुलिस से हुई शुरुआती पूछताछ में बस में सवार 5 मौलवियों ने बताया कि वो सहारनपुर जा रहे हैं। यहाँ के देवबंद इलाके में मौजूद 2 मदरसों का जिक्र किया गया जिनके नाम मदारूल उलूम रफीकिया और दारे अरकम हैं। सभी बच्चों का एडमिशन इसी मदरसे में होना था।
कल अयोध्या में 99 बच्चों को ले जा रहे पांच मौलवी गिरफ्तार, बिहार से बस में ले जा रहे थे सहारनपुर !!
बच्चों की उम्र नौ से 12 वर्ष के बीच है। सभी को लखनऊ के मुमताज शरणालय में रखा गया है। पुलिस मौलवियों से पूछताछ कर पूरे रैकेट की जानकारी हासिल करने में जुटी है !!
पुलिस ने जाँच की तो पता चला कि दोनों मदरसे रजिस्टर्ड भी नहीं थे। साथ ही बस में सवार मौलवी बच्चों के माता-पिता से पैसे लेने के बावजूद उन्हें अनाथ बता कर बाहर से भी फंडिंग करवाते थे। पुलिस ने बच्चों को लखनऊ के राजकीय बाल गृह पहुँचा दिया और उनके अभिभावकों को भी सूचित कर दिया। रविवार (28 अप्रैल, 2024) को यहाँ राज्य बाल संरक्षण आयोग की टीम पहुँची। इन्होंने बच्चों का हालचाल लिया तो उन्होंने मदरसे में होने वाली अपनी प्रताड़ना को खुल कर बताया। बरामद हुए 95 बच्चों में कई रिश्ते में भाई हैं तो कुछ अन्य एक दूसरे के बारे में जानते तक नहीं हैं।
बच्चों ने कहा कि मदरसे में उनकी बेरहमी से पिटाई की जाती थी। उनसे शौचालय साफ करवाए थे और किसी को बताने पर बुरे अंजाम की धमकी दी जाती थी। बीमार होने पर भी बच्चों के घर से पैसे आने पर ही उनको दवा दी जाती थी। कई बच्चे सहारनपुर के मदरसे में पहले भी रह चुके हैं। यहाँ रात को गेट बंद हो जाते थे। गेट खोलने के लिए कहने पर बच्चों को गेट पर तैनात गार्डों द्वारा बेरहमी से पीटा जाता था। सबसे अधिक प्रताड़ना देने वालों में बच्चों ने मास्टर शहजाद और जबर का नाम लिया।
पाँचों मौलवियों को फ़िलहाल गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे पूछताछ और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इन बच्चों के अभिभावकों से यहाँ तक लिखवा लिया गया था कि उनकी संतानों के साथ किसी अनहोनी के जिम्मेदार मौलवी नहीं होंगे। सोमवार (29 अगस्त) तक बच्चों के माता-पिता को लखनऊ बुलवाया गया है।राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. शुचिता चतुर्वेदी के मुताबिक उनसे बात करते हुए बच्चे फफक कर रोने लगे।
उन्होंने अपने सपने के तौर पर डॉक्टर बनना बताया। इस दौरान बच्चों ने यह भी कहा कि मदरसे में पढ़ कर उनका ये सपना नहीं पूरा हो सकता है। डॉ सुचिता का कहना है कि वो आ रहे अभिभावकों से यह लिखित तौर पर लेंगी कि दुबारा इन बच्चों का एडमिशन मदरसे में नहीं करवाया जाएगा।
लोकसभा चुनाव 2024 में मध्य प्रदेश के इंदौर में बीजेपी को चुनौती देने के लिए कॉन्ग्रेस का कोई प्रत्याशी ही मैदान में नहीं है। कॉन्ग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने नामांकन वापसी के आखिरी दिन पर्चा वापस ले लिया और बीजेपी में शामिल हो गए, जिसके बाद तमाम तरह की चर्चाएँ चल रही हैं। अक्षय कांति बम के नामांकन वापस लेने और भाजपा में शामिल होने से कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं व नेताओं में खासी नाराजगी है और अब उनका गुस्सा खुलकर सामने आ रहा है। इंदौर कॉन्ग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने पार्टी पर पैसे लेकर टिकट बेचने का आरोप लगा दिया है।
इन्दौर शहर कॉन्ग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र यादव का किसी बड़े कॉन्ग्रेसी नेता से फोन पर बात करने का वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें देवेंद्र यादव का गुस्सा साफ तौर पर दिख रहा है। देवेंद्र यादव फोन पर बोलते दिख रहे हैं, “मैं शुरू से बोल रहा था, ये नाम वापस ले लेगा। मैंने टिकट ताकत से माँगा था कि इससे अच्छा चुनाव लडूँगा, मगर पैसे को देखते हुए हमारे नेताओं ने उसे टिकट दिया। वह कॉल पर कहते हैं कि क्यों दिया उसको टिकट? क्या किया उसने? क्या योगदान था उसका कॉन्ग्रेस पार्टी में? कौन सा संघर्ष किया उसने।”
इसके बाद वह कहते हैं, “हम आज भी पूरी दमदारी के साथ खड़े हैं यहाँ, मगर वो निकल गया। हम बताते हैं फिर उसको। जमीनी कार्यकर्ताओं को, जो 30 सालों से पार्टी के लिए संघर्ष कर रहे थे। उनको मौका न देकर पैसे वालों को टिकट दिया गया है। पैसे लेकर टिकट दिया गया। पैसा देखकर टिकट दिया गया।” इस वीडियो में वो एक जगह बोलते दिख रहे हैं, “मैं खुद फॉर्म भरने वाला था, लेकिन पार्टी हाईकमान ने अनुमति नहीं दी। मेरा फॉर्म पूरा भरा था। अगर आज मुझे अनुमति दी होती तो आज कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता काम करता।”
चर्चा है कि देवेन्द्र यादव ने सीधे पीसीसी चीफ जीतू पटवारी को फोन लगाया था और उन्हें खरी-खोटी सुनाई। वो जिस समय फोन पर बात कर रहे थे, उस समय वो इंदौर कलेक्ट्रेट के सामने ही खड़े थे। फोन पर वो कहते हैं, “आज भी यहाँ दमदारी से खड़ा हूँ, वो निकल गया। नहीं तो बताते उसको। सब पार्टी की गलती है पार्टी क्यों ऐसे लोगों को टिकट देती है क्यों पैसे देखकर टिकट देती है? अब भुगतो इसका खामियाजा।”
वरिष्ठ पत्रकार डॉ. राकेश पाठक ने ये वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “सुनिए इंदौर में कॉन्ग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र यादव क्या कह रहे हैं। वे अक्षय कांति बम की नाम वापसी के बाद कलेक्टर ऑफिस के सामने से किसी बड़े नेता से बात कर रहे थे।”
सुनिए इंदौर में कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र यादव क्या कह रहे हैं। वे अक्षय कांति बम की नाम वापसी के बाद कलेक्टर ऑफिस के सामने से किसी बड़े नेता से बात कर रहे थे। pic.twitter.com/SPhSe8JMe2
— Dr.Rakesh Pathak डॉ. राकेश पाठक راکیش (@DrRakeshPathak7) April 29, 2024
बता दें कि इंदौर से कॉन्ग्रेस के लोकसभा उम्मीदवार अक्षय कांति बम ने नामांकन वापसी के आखिरी दिन अपना नामांकन वापस ले लिया और वो बीजेपी में शामिल हो गए। इसके साथ ही मध्य प्रदेश में खजुराओ के बाद इंदौर ऐसी दूसरी लोकसभा सीट हो गई, जहाँ बीजेपी के सामने कोई गंभीर चुनौती नहीं है। खजुराहो में समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार का पर्चा ही खारिज हो गया था।
चढ़ाई, ढलान और ज्वालामुखी के बीच हिन्दू लोग हर साल माँ हिंगलाज के मंदिर तक यात्रा करते हैं। दक्षिण-पश्चिम पाकिस्तान में ये यात्रा हिन्दुओं के लिए एक उम्मीद है। शिखर के शीर्ष तक पहुँचने के लिए सैकड़ों सीढ़ियाँ चढ़नी होती है। इन सीढ़ियों को पत्थर के ऊपर बनाया गया है। इस दौरान वो नारियल और गुलाब के फूल अर्पित करते हुए चलते हैं। हिंगलाज माता का मंदिर एक गुफा में स्थित है। 3 दिवसीय पूजन के लिए हर साल ये हिन्दुओं के जुटान का स्थल बनता है।
बलूचिस्तान स्थित हिंगोल नेशनल मार्क पाकिस्तान के इस सबसे बड़े हिन्दू त्योहार का गवाह बनता है। शुक्रवार (26 अप्रैल, 2024) को शुरू होकर ये यात्रा सोमवार को समाप्त हुई। 1 लाख से भी अधिक हिन्दुओं ने इसमें अबकी हिस्सा लिया। पाकिस्तान में तमाम अत्याचारों के बाद अब भी 44 लाख हिन्दू बचे हुए हैं। वो कुल जनसंख्या का मात्र 2.14% हैं। देश में चुनिंदा हिन्दू धर्मस्थल ही बचे हैं, जिनमें एक हिंगलाज माता मंदिर भी है। पाकिस्तान में हिन्दू लड़कियों और मंदिरों पर हमले की घटनाएँ सामने आती रहती हैं।
हिंगलाज मंदिर माँ के शक्तिपीठों में से एक हैं, यहाँ माता सती के अवशेष गिरे थे। महाराज गोपाल फ़िलहाल इस मंदिर के पुजारी का कामकाज देख रहे हैं। यात्रा सिंध प्रान्त से शुरू होती है, जो सैकड़ों किलोमीटर दूर है। हैदराबाद और कराची जैसे शहरों से बसों में भर कर लोग आते हैं। मकरान कोस्टल हाइवे के माध्यम से ये यात्रा पूरी होती है, जो दक्षिणी एवं दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान को जोड़ता है। बच्चों और सामान के साथ कई लोग पैदल इस यात्रा को पूरा करते हैं।
ये यात्रा इतनी सरल भी नहीं होती, क्योंकि इलाका रेगिस्तानी है और हवाओं के कारण चेहरे को धूल से बचाना होता है। सामान्यतः लोग रंगीन कपड़े पहन कर आते हैं। इस दौरान वो ‘जय माता दी’ और ‘जय शिव शंकर’ का उद्घोष करते रहते हैं। कई लोग संतान की चाह में भी आते हैं, उनका मानना है कि माँ के द्वार से कोई खाली हाथ नहीं जाता। यात्रा के दौरान धर्मस्थल को सजाया जाता है। बच्चों, खासकर शिशुओं को देवी-देवताओं से आशीर्वाद दिलाया जाता है।
Hinglaj Yatra Hindu festival brings mountainous region in Pakistan to life.
यहाँ हिंगोल नदी में श्रद्धालु स्नान भी करते हैं। हिंगलाज माता मंदिर के जनरल सेक्रेटरी वरसिमल दीवानी इस बात से निराश हैं कि भारत-पाकिस्तान के कटु संबंधों के कारण भारत के श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने के लिए नहीं आ पाते। उन्होंने पाकिस्तान सरकार से माँग की कि भारत के हिन्दुओं को हिंगलाज यात्रा के लिए वीजा दिया जाए, इससे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क भी बढ़ेगा। बता दें कि पाकिस्तान में 3 शक्तिपीठ हैं।
उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने 12 अगस्त 2022 को सहारनपुर जिले से नदीम नाम के एक आतंकी को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आतंकी का कनेक्शन पाकिस्तान से संचालित अंतरराष्ट्रीय और प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से पाया गया था। नदीम भाजपा की निलंबित नेत्री नूपुर शर्मा की हत्या सहित कई अन्य आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में था। गिरफ्तारी के बाद जब हम नदीम का घर गए थे, तो देखा था कि घर बेहद जर्जर हालत में था। उसके अब्बा ने अपनी गरीबी और बीमारी का हवाला देते हुए रहम की अपील भी की थी। ऑपइंडिया ने लगभग डेढ़ साल बाद आतंकी नदीम के गाँव का दौरा किया तो अब नजारा कुछ अलग था।
डेढ़ साल पहले टूटे घर में ऑपइंडिया से बात करते नदीम का अब्बा नफीस
आतंकी नदीम अभी भी लखनऊ की जेल में बंद है। उसके भाई देहरादून और अन्य शहरों में मेहनत मजदूरी करते हैं। अपनी ग्राउंड रिपोर्ट में हमने पाया कि पिछले डेढ़ वर्षों में आतंकी नदीम के घर और घर वालों में बहुत बदलाव आया है। डेढ़ साल पहले नदीम का घर टूटी-फूटी हालात में था। घर में प्लास्टर भी नहीं लगा था। तब बैठने के लिए पड़ी चारपाई भी जर्जर हालत में थी। जिस कमरे में नदीम और उसके अब्बा सोते थे वहाँ पंखा भी नहीं लगा था लेकिन अब सब कुछ बदल चुका है।
नदीम का घर किनारे से
अब नदीम का घर किसी महल जैसा लगने लगा है। घर के अंदर लगभग आधे दर्जन से अधिक नए कमरे बन गए हैं। चारों तरफ से घर प्लास्टर हो गया है। कुंडा से गंगोह जाने वाली सड़क पर नदीम के घर के बाहरी हिस्से में आधे दर्जन से अधिक दुकानें खुल चुकी हैं। इन दुकानों में फल और जनसेवा केंद्र जैसे तमाम कारोबार भी चालू हो चुके हैं। जैश आतंकी नदीम के घर में जरूरत के तमाम सामान भी आ गए हैं। इसमें कई महंगे इलेक्ट्रॉनिक आइटम भी शामिल हैं। गाँव के लोगों में चर्चा है कि इन सब बदलावों में करीबन आधे करोड़ रुपए यानी 50 लाख रुपए का खर्च आया है।
घर में ही बनीं नई दुकानें
अगस्त 2022 में जब ऑपइंडिया की टीम नदीम के घर पहुँची थी तब उसके अब्बा अपने परिवार के भविष्य को लेकर कई बार चिंता जताए थे। उन्होंने कहा था कि वो बीमार हैं और घर में दवाओं के लिए भी पैसे नहीं हैं। तब गर्मी में घर की छत के बजाय अधिकतर लोग हाथ का पँखा झल रहे थे। महज डेढ़ साल के अंदर वही घर न सिर्फ बाहर बल्कि अंदर से भी चमक उठा है। घर में अच्छी क्वालिटी के फर्नीचर आदि भी आ चुके हैं। नदीम के अब्बा नफीस का अच्छी जगह से इलाज भी हो रहा है। ऑपइंडिया द्वारा इस रिपोर्ट में दिखाए गए चित्र लगभग 6 माह पहले के हैं। गाँव के स्थानीय लोगों ने हमें बताया कि इस ढाँचे को अब और भव्य कर दिया गया है।
2 साल पहले ऐसे कमरे में इस खाट पर सोता था नदीम
ऑपइंडिया ने जब गाँव कुंडाकला के स्थानीय लोगों से बात की तो उन्होंने बताया कि नदीम के घर का यह नवनिर्माण उसके जेल जाने के 6 महीने बाद ही शुरू हो गया था। हालाँकि कोई यह नहीं बता पाया कि कभी बेहद गरीब रहा आतंकी का परिवार एकदम से इतना पैसे वाला कैसे हो गया। नदीम के अन्य भाई मेहनत मजदूरी कर के जीवन यापन करते हैं। इसी मजदूरी के पैसे से न सिर्फ वो अपने अब्बा के इलाज बल्कि नदीम की कानूनी पैरवी का भी दावा करते हैं। इसके बावजूद नदीम के घर और शानो-शौकत पर लाखों रुपए का खर्च किस माध्यम से आया ये फ़िलहाल कोई नहीं बता पाया।
एक ग्रामीण ने कैमरे पर न आने की शर्त पर कहा कि जेल और कोर्ट कचेहरी के चक्कर में लोगों के घर तक बिक जाते हैं लेकिन नदीम का परिवार लगातार कैसे फल-फूल रहा है ये समझ के बाहर की बात है।
अपना नाम न छपने की शर्त पर गाँव के एक व्यक्ति ने हमें बताया कि गिरफ्तारी से पहले नदीम का नशीली दवाओं के कुछ तस्करों से संबंध था। उसने बताया कि यह तस्करी हरियाणा और उत्तराखंड में की जाती है। आरोप है कि नदीम ने गाँव के ही कुछ लोगों के साथ मिल कर इस अवैध कारोबार को करते हुए लाखों रुपए कमाए थे। इस पैसे से कुछ स्थानों पर प्लॉट भी खरीदे गए थे। नदीम द्वारा पहले किसी मेडिकल स्टोर पर काम करने की भी बात बताई गई। दावा है कि यह मेडिकल स्टोर गंगोह मार्किट में था। इस गिरोह के कुछ लोगों को हरियाणा पुलिस द्वारा पहले गिरफ्तार किए जाने की भी खबर है जो कुंडाकला गाँव के ही निवासी हैं।।
बीते कुछ दिनों से हार्ट अटैक के मामलों में अचानक वृद्धि देखी जा रही है। बीते कुछ दिनों में ऐसे कई वीडियो सामने आए जिनमें सामान्य दिख रहे लोग एकाएक गिर गए और हार्ट अटैक के कारण काल के गाल में समा गए। बीते तीन दिनों में तीन ऐसी घटनाएँ सामने आई हैं।
ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला मेरठ से सामने आया जहाँ एक युवती नाचते हुए गिर गई। इसके बाद उसकी मौत भी हो गई। बाद में पता चला कि उसे हार्ट अटैक पड़ा था। इसका एक वीडियो भी सामने आया। युवती का नाम रिम्शा था और वह अपनी बहन की शादी से पहले मेहँदी रस्म में ख़ुशी से नाच रही थी। वीडियो में दिखता है कि युवती पहले नाच रही होती है और फिर इकट्ठे गिर जाती है, उसके घरवाले उसको आवाज देते हैं। उसे बाद में अस्पताल भी ले जाया गया लेकिन उसके बचाया नहीं जा सका।
UP : मेरठ में बहन के हल्दी प्रोग्राम में डांस कर रही रिमशा नामक युवती की मौत हुई। डॉक्टर इसे हार्ट अटैक बता रहे हैं। pic.twitter.com/FXa2cIzEh4
मेरठ के ही पड़ोसी जनपद बिजनौर से भी एक ऐसा ही मामला सामने आया। यहाँ एक व्यक्ति की मौत उसकी शादी के रस्मों से पहले ही हो गई। मृतक युवक का नाम नीतू बताया गया। बताया गया कि उसकी शादी की रस्में चालू होती, उससे पहले ही उसे सीने में दर्द महसूस हुआ और फिर वह एकाएक गिर गया। इसके बाद घर वालों ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन असफल रहे। अस्पताल ले जाए जाने पर उसकी मौत हो गई। घरवालों ने बताया कि उसे पहले से कोई बीमारी नहीं थी।
इसी तरह का एक मामला राजस्थान से भी सामने आया। यहाँ एक व्यक्ति का नाचते हुए गिरने का वीडियो सामने आया। बताया गया कि झुंझनु जिले के नवलगढ़ तहसील में कमलेश ढाका नाम का व्यक्ति अपने भांजे की शादी में आया हुआ था। यहाँ कुछ रस्मों के पूरा होने के बाद वह डीजे की धुन पर नाच रहा था। इस बीच वह अचानक से गिर गया। कमलेश अपने सर पर मटकी रख कर नाच रहे थे जो कि गिर कर फूट गई। कमलेश ढाका को इसके बाद अस्पताल ले जाया गया जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
भांजे की शादी में खुशी से नाच रहे #मामा कमलेश ढाका की हार्ट अटैक से मौत…!
— Surendra Savarkar ???? (@SurendrajanRss) April 24, 2024
इसके अलावा भी बीते दिनों में कई ऐसी ही खबरें आई जहाँ युवाओं को हार्ट अटैक हुए। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में भाजपा के युवा नेता अमिय त्रिपाठी की भी हार्ट अटैक से मृत्यु हुई। उनके जानने वालों ने बताया कि वह कुछ देर पहले तक स्वस्थ थे और उनकी एकाएक ही मौत हो गई। अमिय की मौत पर हर कोई स्तब्ध रह गया।
दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विरुद्ध लगाई गई एक याचिका को खारिज कर दिया। यह याचिका पीएम मोदी द्वारा दिए गए एक बयान के आधार पर लगाई गई थी और इसमें दावा किया गया था कि पीएम मोदी ने चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया है।
दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस सचिन दत्ता की एकल सदस्यीय बेंच ने इस मामले में की सुनवाई की। हाई कोर्ट ने कहा कि यह याचिका एकदम गलतफहमी भरी हुई थी क्योंकि याचिकाकर्ता ने पहले ही मान लिया कि चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है। कोर्ट ने कहाकि वह चुनाव आयोग को कार्रवाई के लिए आदेश नहीं दे सकता। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता पहले ही इस मामले की चुनाव आयोग के पास शिकायत कर चुका है। चुनाव आयोग इस मामले में एक्शन लेने के लिए स्वतंत्र है।
चुनाव आयोग के वकील ने कोर्ट को बताया कि वह याचिकाकर्ता की शिकायत पर नियामानुसार आगे की कार्रवाई करेगा। चुनाव आयोग ने कहा कि यह शिकायत 21 अप्रैल की है और उसके पास रोज ऐसी कई शिकायत आ रही हैं, ऐसे में वह इस पर काम करेगा क्योंकि वह एक संवैधानिक संस्था है।
दरअसल, आनंद जोंधाले नाम के एक वकील ने दिल्ली हाई कोर्ट के सामने एक याचिका लगाई थी कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चुनाव लड़ने से 6 साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया जाए क्योंकि उन्होंने कथित तौर पर धर्म के नाम पर वोट माँगे हैं। याचिकाकर्ता ने इसके लिए पीलीभीत में हुई एक रैली के भाषण का उदाहरण दिया था।
जोंधाले ने अपने याचिका में कहा था कि कोर्ट चुनाव आयोग को पीएम मोदी के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर आदेश दे। उनको चुनावों से प्रतिबंधित कर दिया जाए और उन्हें वोट भी ना माँगने दिया जाए। जोंधाले का कहना था कि यह सब कुछ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत किया जाए।
जोंधाले का यह भी कहना था कि उसने चुनाव आयोग से भी ऐसे ही एक्शन की माँग की थी लेकिन कुछ नहीं हुआ इसलिए वह कोर्ट आया है। हालाँकि, उसे कोर्ट से इस मामले में कोई राहत नहीं मिली और उसकी याचिका खारिज कर दी गई।
‘महादेव ऑनलाइन बेटिंग’ ऐप मामले में बॉलीवुड के अभिनेता साहिल खान की रविवार (28 अप्रैल 2024) को गिरफ्तारी हुई, लेकिन इस गिरफ्तारी से पहले उन्होंने पुलिस को खूब चकमा दिया। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर इलाके से एक्टर को पकड़ने से पहले पुलिस को 40 घंटे 5 राज्यों में घूमना पड़ा। इस बीच साहिल बार-बार अपनी लोकेशन बदलते रहे जिससे उनका पीछा करने में भी दिक्कत आई।
सामने आई जानकारी के अनुसार, महादेव बेटिंग ऐप मामले में फँसे एक्टर की जमानत याचिका 25 अप्रैल को खरिज हुई थी। इसके बाद उन्हें पुलिस से बचने का कोई उपाय नहीं मिला तो उन्होंने अपने ड्राइवर को बुलाया और मुंबई से गोवा निकल लिए और फिर वहाँ से कर्नाटक चले गए। थोड़ी देर बाद वह तेलंगाना में हैदराबाद गए और फिर छत्तीसगढ़ गए।
बताया जा रहा है कि साहिल सिर्फ थोड़ी-थोड़ी देर के लिए अपना फोन ऑन कर रहे थे। उसके अलावा उनका फोन ऑफ ही था। पुलिस के पास जो थोड़ी बहुत सूचनाएँ आ रही थीं उसी के आधार पर उन्होंने साहिल को चेज किया और देखते ही देखते 40 घंटे बीत गए और 5 राज्यों में 1800 किमी का सफर तय हो गया। सूचना में ये भी सामने आया कि साहिल खान के ड्राइवर ने गढ़चिरौली में नक्सल प्रभावित इलाकों से होकर गुजरने के लिए साफ मना कर दिया था। हालाँकि फिर भी साहिल ने उनपर दबाव बनाया और जाकर छत्तीसगढ़ के जगदलपुर के होटल में रुके।
ह्यूमन और टेक्निकल इंटेलिजेंस के आधार पर जब पुलिस को साहिल की लोकेशन का पता चला तो उन्होंने दरवाजा खटखटाया। साहिल ने गेट खोला तो वो भी हैरान थे और अपना चेहरा छिपाने के लिए मास्क लगाकर पूरे मुँह पर तौलिया लपेटने लगे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें पकड़ा और बताया कि उन्हें महादेव बेटिंग केस में गिरफ्तार कर लिया गया है। मुंबई लाकर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया जिसके बाद उनकी कस्टडी 1 मई तक पुलिस को दी गई। अजीब बात यह है कि पुलिस को इतना चकमा देकर भागे साहिल खान जब मीडिया के सामने आए तो वो मुस्कुरा रहे थे। उन्होंने मीडिया से कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है जल्द ही सच सामने आएगा।
#WATCH | Mumbai: Actor Sahil Khan produced before the Shindewadi-Dadar court and he has been sent to police custody till May 1 in connection with the Mahadev Betting App case.
"I have full faith in the Mumbai Police, law, and the truth will come out, " he says pic.twitter.com/SkgqMcibC9
बता दें कि साहिल खान को सोशल मीडिया पर द लायन बुक नाम का एक ऐप प्रमोट करते देखा गया था जिसका कनेक्शन महादेव बेटिंग ऐप से है। उन्होंने यूएई में ऐप लॉन्च का इवेंट भी किया था और उसकी सेलीब्रेशन पार्टियों में भी नजर आए थे। इसी के कारण उनके ऊपर जाँच बढ़ाई गई।
उनके ऊपर लोटस 24/7 नाम की ऐप से जुड़े होने का भी आरोप है जो कि सट्टेबाजी का गैरकानूनी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। पुलिस को संदेह है कि इस ऐप से साहिल को अवैध मुनाफा हुआ है। अब जाँच में उसी के बारे में पता लगाया जा रहा है।
गौरतलब है कि साहिल खान ने बॉलीवुड की फिल्म एक्सक्यूज मी और स्टाइल जैसी फिल्मों में काम किया है। इन दिनों वह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। उनके सोशल मीडिया पर उनके इवेंट्स की वीडियो डाली जाती हैं।
इसके अलावा वो अपनी पार्टनर और अपनी लाइफ स्टाइल की भी फोटोज वीडियोज डालते रहते हैं। उनके इंस्टा पर ईद पर नमाज पढ़ने की भी फोटो है और छुट्टी के समय में बिकनी पहनी लड़कियों के साथ घूमने-फिरने की भी।
अयोध्या में सरयू नदी का जल श्रीलंका में बन रहे सीता माता के मंदिर के अभिषेक समारोह के लिए भेजा जाएगा। राम मंदिर ट्रस्ट और अयोध्या जिला प्रशासन ने सीता अम्मा मंदिर के निर्माण के पीछे के लोगों के अनुरोध पर पवित्र जल उपलब्ध कराने का वादा किया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह समारोह 19 मई को होने वाला है। उत्तर प्रदेश राज्य सरकार ने अयोध्या में अधिकारियों को श्रीलंका में मंदिर को पवित्र सरयू जल की आपूर्ति करने की अपनी प्रतिबद्धता का सम्मान करने का निर्देश दिया है।
जानकारी के मुताबिक, अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अब श्रीलंका में माता सीता का विशाल मंदिर बन रहा है। इस मंदिर में सीता अम्मा की 19 मई को प्राण प्रतिष्ठा होने है, जिसके लिए अयोध्या की पवित्र सरयू नदी का जल श्रीलंका भेजा जाएगा। पवित्र सरयू नदी का जल मँगाने के लिए श्रीलंका के प्रतिनिधिमंडल की ओर से उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को पत्र लिखा था और माँ जानकी की मूर्ति की प्रतिष्ठा के लिए जल भेजने का अनुरोध किया था। उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र मिलने के बाद सरकार ने पर्यटन विभाग को जल भेजने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
श्रीराम मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि इस पहल से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे और सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने में इसके महत्व पर जोर देते हुए इस पहल की सराहना की है। इस बारे में अयोध्या तीर्थ विकास परिषद के सीईओ संतोष कुमार शर्मा ने कहा कि श्रीलंका में सीता अम्मा मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। सीता अम्मा मंदिर में माँ जानकी की प्राण प्रतिष्ठा का उद्देश्य दोनों देशों के दिलों को एकजुट करना है।
न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, सीता अम्मन मंदिर श्रीलंका के नुवारा एलिया इलाके में है। यहाँ नुवारा एलिया इलाके से पाँच किलोमीटर दूर सीता एलिया गाँव में ये मंदिर बनकर लगभग तैयार हो चुका है। माना जाता है कि यही जगह रामायण में अशोक वाटिका के नाम से थी, जहाँ माता सीता को अपहरण के बाद रावण ने बंदी बनाकर रखा था। सीता एलिया आज इस जगह का नाम है।
इससे पहले, 23 अप्रैल 2024 को श्रीलंका के प्रधान मंत्री दिनेश गुणवर्धने और भारतीय उच्चायुक्त गोपाल बागले ने नुवारा एलिया में सीता मंदिर (सीता एलिया) के लिए एक विशेष स्मारक कवर जारी किया था। इस खास मौके पर इस ऐतिहासिक मंदिर में एक ध्यान केंद्र की आधारशिला भी रखी गई थी।