कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की भतीजी मारिया आलम उमर ने लोकसभा चुनाव में ‘वोट जिहाद’ करने की अपील की है। उन्होंने यह अपील फर्रुखाबाद लोकसभा सीट के सपा-कॉन्ग्रेस गठबंधन उम्मीदवार को जिताने के लिए की है। मारिया के इस बयान के दौरान कॉन्ग्रेस नेता सलमान खुर्शीद भी मंच पर मौजूद थे। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर घूम रहा है।
फर्रुखाबाद लोकसभा चुनाव के लिए आयोजित की गई एक जनसभा में मारिया आलम उमर ने कहा, “अगर हम अब भी एक नहीं हुए तो समझ लेना कि यहाँ से हमारा नामोनिशान मिटाने के लिए जो सरकार कोशिश कर रही है, उसको कामयाब करने का काम करोगे। इसीलिए अकलमंदी के साथ, बहुत जज्बाती ना होकर, बहुत खामोशी के साथ एक साथ होकर वोटों का जिहाद करो, क्योंकि हम सिर्फ वोटों का जिहाद कर सकते हैं।”
“वोट जिहाद जरूरी है .. वोट जिहाद करो”
– सलमान खुर्शीद की भतीजी मारिया आलम खां ने सपा प्रत्याशी की फ़र्रूख़ाबाद जनसभा में दिया बयान pic.twitter.com/VmqVPyI3Ei
मारिया आलम उमर ने कहा कि उन्हें इस बात पर शर्म आती है कि कुछ मुसलमान भाजपा प्रत्याशी मुकेश राजपूत का समर्थन कर रहे हैं। मारिया आलम के इस बयान के दौरान मंच पर सलमान खुर्शीद और उनकी पत्नी लुईस खुर्शीद भी मौजूद थीं। यह सभा सपा-कॉन्ग्रेस की एकजुटता दिखाने के लिए की गई थी। बताया गया कि जहाँ यह जनसभा आयोजित हुई, वह अल्पसंख्यक बहुल इलाका है।
सलमान खुर्शीद ने इस सभा में कहा कि उन्हें अलीगढ़, कानपुर और अन्य क्षेत्रों से लोकसभा चुनाव लड़ने का ऑफर मिला था लेकिन उन्होंने फर्रुखाबाद के चलते इससे मना कर दिया। सलमान खुर्शीद ने कहा कि भाजपा के बुरे दिन आने वाले हैं।
गौरतलब है कि सलमान खुर्शीद फर्रुखाबाद से सांसद रह चुके हैं लेकिन गठबंधन में यह सीट सपा के खाते में चली गई। वह इस सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन कॉन्ग्रेस को मिलने वाली सीटों में फर्रुखाबाद शामिल नहीं थी। उन्होंने इसको लेकर नाराजगी भी जताई थी।
मारिया आलम उमर के वोट जिहाद के बयान से पहले उनके चाचा खुर्शीद भी कई विवादित बयान दे चुके हैं। सलमान खुर्शीद ने दिल्ली के बाटला हाउस एनकाउंटर में मारे गए आतंकियों को लेकर कहा था कि यहाँ कि तस्वीरें देख कॉन्ग्रेस मुखिया सोनिया गाँधी की आँखों में आंसू थे। उन्होंने सोनिया गाँधी को पूरे देश की माँ भी बता दिया था।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की फर्जी वीडियो शेयर करने के मामले में असम के कॉन्ग्रेसी कार्यकर्ता ऋतम सिंह को गिरफ्तार किया गया है। इस गिरफ्तारी के बारे में खुद असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने एक्स पर जानकारी दी है।
असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा कहते हैं, “असम पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार किया है जिसका नाम ऋतम सिंह है। उसे गृह मंत्री की फेक वीडियो शेयर करने के मामले में पकड़ा गया है।”
बता दें कि ये उसी वीडियो से जुड़ा मामला है जिसे दो दिन पहले कॉन्ग्रेसी ये कहकर ट्वीट कर रहे थे कि अमित शाह ने चुनाव जीतने पर आरक्षण खत्म करने की बात कही है। इस संबंध में तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी को भी समन भेजा गया था।
वहीं ऋतम सिंह की बात करें तो ये जानना जरूरी है कि ऋतम पहली बार भारतीय कानून को खिलवाड़ बनाते टाइम नहीं पकड़ा गया। इसी ऋतम सिंह ने कुछ दिन पहले अपने ट्विटर पर कहा था कि अगर मोदी और उसकी कंपनी को जेल में देखना है तो भाजपा के विरुद्ध वोट करो। इसके अलावा हर राइट विंग अकॉउंट की डिटेल रखो। सबका हिसाब होगा। सबका बदला लिया जाएगा।
इसी ऋतम ने NSUI का सदस्य रहते हुए साल 2019 में ऑपइंडिया की चीफ एडिटर नुपूर झुनझुनवाला शर्मा (नुपूर जे शर्मा) को धमकियाँ दीं थी। उनकी निजी जानकारियों की डॉक्सिंग की थी। ऐसा सिर्फ इसलिए क्योंकि ऑपइंडिया की चीफ एडिटर ने इस बात का खुलासा किया था कि ये शख्स सीएए विरोधी प्रदर्शनों को हवा देने का काम करता था। इस संबंध में 24 दिसंबर 2019 को एक शिकायत भी दर्ज हुई थी।
Finally, complaint officially filed against @nsui member Reetam Singh who had threatened me after I published my story. pic.twitter.com/bXA0W55Siz
आप उस आर्टिकल को इस लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं। इसमें बताया गया है कि कैसे सीएए विरोधी प्रदर्शनों को बढ़ाने में एक वॉट्सएप ग्रुप की भूमिका थी जिसका एक एडमिन ऋतम भी था और इसमें रणनीति बनाई जा रही थी कि प्रदर्शन में बचाव के लिए महिलाएँ आगे रखी जाएँ।
So NSUI representative, who is an active part of organizing protests and promoting anarchy is planning to sue me. This should be fun.
जब नुपूर शर्मा ने इस पर रिपोर्ट की तो उसके बाद से उन्हें धमकियाँ आनी शुरू हुईं। इसके बाद कई मुद्दों पर ऋतम को नुपूर शर्मा के साथ उलझते देखा गया।
So, I have received a fresh batch of threats of serious harm from the concerned @nsui functionary Reetam Singh. Will be tweeting the screenshots now and approaching the police tomorrow +
कुछ समय पहले ऋतम सिंह ने नुपूर शर्मा को कहा था कि वो उनको उसी तरह ढूँढ निकालेगा जैसे बिन लादेन को सीआईए ने ढूँढा था।
इसके अलावा ऋतम ने नुपूर शर्मा की तुलना आतंकियों तक से की हुई है। साथ ही ये भी कामना की थी कि गरुड़ पुराण के मुताबिक नुपूर को सबसे सख्त सजा मिले और वो नरक में जाएँ।
बता दें कि 5 साल पहले तक NSUI का सदस्य रहा ऋतम अब असम कॉन्ग्रेस का ‘वार रूम कॉर्डिनेटर’ है। उस पर सोशल मीडिया पर ऐसी हरकत करने के कई आरोप हैं। इस बार भी उसने ऐसा ही कुछ किया लेकिन वो पकड़ा गया।
कोविड-19 रोधी वैक्सीन कोविशील्ड की निर्माता कम्पनी ने स्वीकार किया है कि उसकी वैक्सीन कुछ मामलों में साइड इफेक्ट हो सकते हैं। निर्माता कम्पनी एस्ट्राजेनेका ने यह बात इंग्लैंड के एक कोर्ट में स्वीकार की है। यह वैक्सीन भारत में भी बड़े पैमाने पर लोगों को लगाई गई थी। इस खुलासे के बाद एस्ट्राजेनेका पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
जानकारी के अनुसार, एस्ट्राजेनेका ने हाई कोर्ट में दाखिल किए गए कागजों में यह बात स्वीकार की है कि इसकी वैक्सीन लेने वालों पर कुछ बहुत ही दुर्लभ मामलों साइड इफेक्ट हो सकते हैं। यह जानकारी एस्ट्राजेनेका ने कोर्ट को फरवरी, 2024 में दी थी।
एस्ट्राजेनेका ने कोर्ट को बताया है कि उसकी वैक्सीन से TTS नाम का साइड इफ़ेक्ट हो सकता है। इस TTS का पूरा नाम थ्रोम्बोसिस विद थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम है। इसके कारण खून में थक्के जम सकते हैं और प्लेटलेट्स की सँख्या कम हो सकती है। इन कारणों से खून का बहाव शरीर में प्रभावित हो सकता है।
एस्ट्राजेनेका ने इसी के साथ कोर्ट में यह भी कहा है कि लोगों को TTS की समस्या बिना वैक्सीन के भी हो सकती है। ऐसे में इस समस्या से जूझने वाले प्रत्येक व्यक्ति का अलग-अलग परीक्षण करना होगा, ताकि असल वजह पता लगाई जा सके।
दरअसल, एस्ट्राजेनेका को यह जानकारी कोर्ट में इसलिए देनी पड़ी हैं क्योंकि इसके खिलाफ इंग्लैंड में 51 मामले दायर किए गए हैं। मुकदमा दायर करने वालों का आरोप है कि एस्ट्राजेनेका वैक्सीन लेने के कारण लोगों की मृत्यु या भारी बीमारी हुई।
इस मामले में जेमी स्कॉट नाम एक व्यक्ति ने पिछले वर्ष एक मुकदमा दायर किया था कि एस्ट्राजेनेका वैक्सीन लेने के बाद उनके दिमाग में खून के थक्के बने जिसके कारण वह अस्पताल में भर्ती हुए। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनके बचने की उम्मीद ना के बराबर बताई थी।
एस्ट्राजेनेका ने पहले अपने खिलाफ लगाए गए इन आरोपों को नकार दिया था। एस्ट्राजेनेका के खिलाफ मुकदमा दायर करने वालों ने इस कम्पनी से 100 मिलियन पाउंड (लगभग ₹1040 करोड़) का हर्जाना माँग रहे है। एस्ट्राजेनेका इसके खिलाफ लड़ रही है।
गौरतलब है कि एस्ट्राजेनेका ने जिस वैक्सीन से साइड इफ़ेक्ट की जानकारी दी है, वह भारत में कोरोनारोधी टीके के रूप में बड़े स्तर पर दी गई थी। भारत में यह कोविशिल्ड के नाम से दी गई थी। कई देशों में यह वैक्सीन वैक्सज़ेव्रिया नाम से बेची गई थी। भारत में इसका उत्पादन सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया ने किया था।
एक आँकड़े के अनुसार, भारत में कोविशिल्ड की 170 करोड़ डोज लोगों के लगाई गई थीं। कई लोगों को इसकी डबल तो कई लोगों को तीन डोज लगाई गई थीं। भारत में स्थानीय रूप से निर्मित कोवैक्सीन भी उपलब्ध थी लेकिन उसके प्रमाणन में समय लगा था इसलिए कोविशिल्ड का ही अधिक उपयोग किया गया था।
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में 2 हिन्दू लड़कों की मुस्लिम भीड़ द्वारा पिटाई की खबर है। आरोप है कि इन दोनों लड़कों को मुस्लिम लड़कियों के द्वारा बुलवाया गया था। बाद में पैसों की माँग की गई जो पूरी न होने पर शोर मचाया गया। हमलावरों में साजिद और आबिद के नाम सामने आए हैं। पीड़ितों को कमरे में बंद कर के पीटा गया और गला दबाने की कोशिश भी की गई। इनकी जेब में रखे रुपए भी लूट लिए गए हैं। पुलिस इस मामले में जाँच और कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। घटना सोमवार (29 अप्रैल, 2024) की है।
यह घटना बरेली के थाना क्षेत्र भुता की है। यहाँ 29 अप्रैल को नरेश सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया है कि सोमवार को उनके गाँव मटकापुर के रहने वाले नागेश नाम के लड़के को 2 मुस्लिम लड़कियों ने कॉल कर के केसरपुर इलाके में बुलाया था। नागेश बाइक से इन लड़कियों से मिलने निकला तो रास्ते में उसे आकाश भी मिल गया। नागेश ने आकाश को भी अपने साथ ले लिया। केसरपुर में दोनों लड़कियाँ इन्हे मिलीं।
आरोप है कि बातचीत के ही दौरान दोनों लड़कियों ने नागेश और आकाश से पैसों की डिमांड कर दी। नागेश ने पैसे देने से मना कर दिया तो मुस्लिम लड़कियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोरगुल सुन कर वहाँ लगभग 30 से 35 लोग जमा हो गए। इस भीड़ का नेतृत्व साजिद और आबिद कर रहे थे। दोनों आरोपितों के साथ जुटी इस भीड़ ने नागेश और आकाश को पकड़ लिया। इन दोनों को एक घर में ले कर बंधक बना लिया गया।
बताया जा रहा है कि बंधक बना कर आकाश और नागेश को बेरहमी से पीटा गया। वायरल हो रहे एक वीडियो में आकाश के शरीर पर चोट के कई निशान दिख रहे हैं। यह चोटें आकाश के पेट और हाथों में लगी हैं। आकाश की जेब में रखे गए 1200 रुपए भी आरोपितों द्वारा छीन लेने की बात शिकायत कॉपी में लिखी हुई है। शिकायतकर्ता नरेश ने आगे बताया कि किसी ने 112 नंबर पर पुलिस को कॉल किया। पुलिस ने बंधक बनाए गए आकाश और नागेश को भीड़ के चंगुल से बचाया और थाने ले कर पहुँची।
थानाध्यक्ष भुता को जांचकर आवश्यक विधिक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया है।
नरेश सिंह ने अपने बेटे आकाश और नागेश को निर्ममता से पीटने वाली भीड़ में शामिल नामजदों और अज्ञात हमलावरों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। पीड़ितों का मेडिकल करवाया जा रहा है। पुलिस ने बताया है कि मामले की जाँच और जरूरी कार्रवाई की जा रही है। ऑपइंडिया से बात करते हुए बरेली से विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारी हिमांशु पटेल ने बताया कि मुस्लिम भीड़ द्वारा दोनों हिन्दू युवकों को एक मस्जिद के आगे पीटा गया है। हिमांशु ने उम्मीद जताई है कि पुलिस अज्ञात हमलावरों को भी जल्द से जल्द चिह्नित कर के उन पर कठोर कार्रवाई करेगी।
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने कनाडा के डिप्टी हाई कमिश्नर को नई दिल्ली में तलब कर उन्हें कड़ी फटकार लगाई। भारत सरकार ने आज (29 अप्रैल 2024) कनाडा के उपायुक्त को न सिर्फ फटकार लगाई, बल्कि तीखा विरोध भी दर्ज कराया। ये विरोध कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो की मौजूदगी वाले एक सार्वजनिक कार्यक्रम में ‘खालिस्तान’ के समर्थन में नारे लगने की वजह से दर्ज कराया गया। नारेबाजी के समय ट्रूडो लोगों को संबोधित कर रहे थे और मंच पर ही हँसते दिखे थे।
भारत सरकार ने ट्रूडो की इस हरकत पर कहा, “यह एक बार फिर उस राजनीतिक स्थान को दर्शाता है जो कनाडा में अलगाववाद, उग्रवाद और हिंसा को दिया गया है। उनकी निरंतर अभिव्यक्तियाँ न केवल भारत-कनाडा संबंधों को प्रभावित करती हैं, बल्कि कनाडा में अपने नागरिकों के लिए हिंसा और आपराधिकता के माहौल को भी बढ़ावा देती हैं।”
बयान में कहा गया है, “उनकी निरंतर अभिव्यक्ति न केवल भारत-कनाडा संबंधों को प्रभावित करती है, बल्कि कनाडा में अपने नागरिकों के लिए हिंसा और आपराधिकता के माहौल को भी बढ़ावा देती है।” इसके बाद सरकार ने कनाडा दूतावास में तैनात उपायुक्त को तलब किया और उन्हें फटकार लगाई। भारत का आरोप है कि कनाडा खालिस्तान समर्थकों को न सिर्फ शरण देता है, बल्कि उन्हें बढ़ावा भी देता है।
बता दें कि कनाडा के बड़े शहर टोरंटो में आयोजित खालसा डे सेलेब्रेशन में प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की मौजूदगी में खालिस्तान समर्थक नारे लगाए गए थे। इस दौरान ट्रूडो इन भारत विरोधी नारों पर हँसते रहे और इन्हें रोकने का कोई प्रयास नहीं किया। इस कार्यक्रम को पीएम ट्रूडो ने भी संबोधित किया और सिख समुदाय के कनाडा के निर्माण में महत्व को गिनाया तथा उन्हें बधाईयाँ दी। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग खालिस्तानी झंडे लेकर पहुँचे और प्रधानमंत्री ट्रूडो के भाषण के दौरान खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते रहे।
गौरतलब है कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने ही 2023 में भारत पर आरोप लगाया था कि उसके ख़ुफ़िया एजेंसी के एजेंटों ने खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की। उन्होंने यह आरोप कनाडा की संसद में जड़ा था। हालाँकि, इस आरोप को लेकर उन्होंने कोई सबूत सामने नहीं रखे थे। भारत ने उनके इन आरोपों का कड़ा जवाब दिया था।
मध्य प्रदेश के इंदौर में कॉन्ग्रेस पार्टी को लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान सबसे बड़ा झटका लगा है। पार्टी के प्रत्याशी रहे अक्षय कांति बम ने न सिर्फ आखिरी समय में अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली, बल्कि वो बीजेपी में भी शामिल हो गए। कॉन्ग्रेस पार्टी के लिए ये सबसे असहज कर देने वाला मामला रहा। यही नहीं, बाद में इंदौर जिला कॉन्ग्रेस ईकाई के कार्यवाहक अध्यक्ष ने किसी वरिष्ठ नेता को भी जमकर सुनाया था, जिसका वीडियो वायरल हो गया। इस बीच, लोकसभा चुनाव से अपनी उम्मीदवारी लेकर बीजेपी में शामिल हुए अक्षय कांति बम ने बीजेपी नेताओं को भोज पर अपने घर बुलाया। एक तरफ बीजेपी नेता भोज कर रहे थे, तो दूसरी तरफ अक्षय के घर के बाहर कॉन्ग्रेस उम्मीदवार प्रदर्शन करते दिखे।
अक्षय कांति बम ने बीजेपी नेताओं को डिनर पर आमंत्रित किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है। इस वीडियो को शेयर करते हुए एक्स यूजर जितेंद्र प्रताप सिंह ने लिखा, “इंदौर में नाम वापस लेने वाले कॉन्ग्रेस प्रत्याशी ने सभी भाजपा नेताओ को अपने निवास पर भोजन पर आमंत्रित किया और पार्टी (कॉन्ग्रेस को) छोड़ने का जश्न मनाया।”
इंदौर में नाम वापस लेने वाले कांग्रेस प्रत्याशी ने सभी भाजपा नेताओ को अपने निवास पर भोजन पर आमंत्रित किया ।
अक्षय क्रांति बम द्वारा आखिरी समय में कॉन्ग्रेस से किनारा कर लेने पर कॉन्ग्रेसी कार्यकर्ताओं में हताशा साफ दिखी। अक्षय अपने आवास में बीजेपी नेताओं के साथ भोजन कर रहे थे, तो उसी समय कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ता उनके घर के बाहर जुट गए। उन्होंने अक्षय कांति बम के फैसले का जमकर विरोध किया और नारेबाजी करते हुए उनका पुतला भी फूँका।
बता दें कि अक्षय कांति बम इंदौर के कारोबारी हैं। वो विधानसभा चुनाव के समय कॉन्ग्रेस से टिकट माँग रहे थे, लेकिन कॉन्ग्रेस ने उन्हें पिछले साल के विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया। लेकिन कॉन्ग्रेस ने उन्हें लोकसभा चुनाव में टिकट देकर बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी थी। अक्षय कांति बम ने कॉन्ग्रेस के टिकट पर इंदौर में नामांकन भी कर दिया और चुनाव प्रचार में भी जुट गए। हालाँकि वो नामांकन वापसी के आखिरी दिन बीजेपी विधायक के साथ कलेक्ट्रेट पहुँचे और अपना पर्चा वापस ले लिया। यही नहीं, उन्होंने कॉन्ग्रेस को भी छोड़ दिया और भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए।
मुंबई में शुक्रवार (19 अप्रैल, 2024) को एक 27 वर्षीया महिला की हत्या कर दी गई थी। महिला का शव बोरे में भर कर नवी मुंबई में फेंक दिया गया था। 25 अप्रैल को महिला का शव लोगों को सड़ी हुई हालात में बरामद हुआ था। मृतका की पहचान पूनम के तौर पर हुई थी। अब पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए निज़ाम नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। निज़ाम टैक्सी ड्राइवर है। मृतका आरोपित निज़ाम के साथ रिलेशनशिप में थी।
बाल-बच्चेदार निजाम ने खुद को कुँवारा बताया था। उसकी पोल खुल जाने के बाद दोनों में झगड़ा हुआ था जिसके फलस्वरूप पूनम की हत्या कर दी गई थी। भाजपा ने इसे ‘लव जिहाद’ बताया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूनम मुंबई के नागपाड़ा इलाके में काम करती थी। घर से ऑफिस आने-जाने के दौरान उसको टैक्सी ड्राइवर निजाम मिला। निजाम शादीशुदा और 1 बच्चे का अब्बा था। उसका परिवार उत्तर प्रदेश के लखनऊ में रहता है। निजाम ने खुद को कुँवारा बताया और पूनम से दोस्ती कर ली। कुछ ही दिनों में निजाम ने पूनम को अपने प्यार के जाल में फँसा लिया। बाद में पूनम और निजाम रिलेशनशिप में आ गए। दोनों अक्सर साथ देखने जाने लगे।
#WATCH | Mumbai: On meeting family of the missing girl found dead in a suitcase, Maharashtra Minister Mangal Prabhat Lodha says, "I have talked to the closed ones of the victim and police. A guy named Nizam was in contact with her. On April 18, he took her and killed her by… pic.twitter.com/lG4kSCQ3bD
कुछ ही दिनों के अंदर पूनम को पता चला कि निजाम शादीशुदा है। वह एक बच्चे का अब्बा भी निकला। पूनम इस बात से काफी नाराज हुई। दोनों के बीच झगड़ा भी हुआ। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने मीडिया को बताया कि 18 अप्रैल को निजाम ने बहाने से पूनम को मिलने के लिए बुलाया। यहाँ से दोनों कल्याण के पास एक जगह पर गए। यहाँ निजाम ने पूनम को पानी में डुबो कर मार डाला। पूनम की मौत होने के बाद निजाम लाश ले कर अस्पताल पहुँचा। यहाँ उसने पूनम की मौत की पुष्टि करवाई।
मंगल प्रभात आगे बताते हैं कि निजाम अस्पताल पूनम की लाश ले कर भाग गया। 19 अप्रैल को उसने पूनम के शव के कई टुकड़े किए। इन टुकड़ों को उसने एक बोरे में भरा और नवी मुंबई इलाके में एक सुनसान जगह फेंक दिया। 25 अप्रैल को राहगीरों ने पूनम का शव देखा तो पुलिस को सूचना दी। परिजनों ने निजाम पर हत्या का आरोप लगाया। हिन्दू संगठन ने सदस्यों ने निजाम को घूमते देखा तो पकड़ कर पुलिस को सौंपा। निजाम ने पुलिस के आगे अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस निजाम से पूछताछ कर रही है।
BIG BREAKING: Hindu girl chopped into pieces; another horrific mʉπder like Shraddha Walker, this time in Mumbai!
Mumbai, Maharashtra: Mohd Nizam, a taxi driver, befriended a Hindu girl named Poonam, and soon they entered a relationship. Only a few days ago, she had eloped with… pic.twitter.com/TfWzo38lCa
मंत्री मंगल प्रभात का दावा है कि पूनम की हत्या करने में निजाम अकेला नहीं है बल्कि उसके साथ कई और लोग भी शामिल हैं। उन्होंने इस घटना को दिल्ली के आफ़ताब-श्रद्धा मामले के जैसा ही बताया है। मंगल के मुताबिक इस घटना से मुंबई के हिन्दू समाज के लोगों में नाराज़गी है। उन्होंने निजाम और उसके साथियों पर कठोर कार्रवाई की माँग उठाई है। प्रशासन को कार्रवाई के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए मंगल प्रभात ने इस घटना में लगभग 1 दर्जन आरोपितों के शामिल होने की आशंका जताई है। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने इस घटना को ‘लव जिहाद’ बताते हुए पीड़ित परिवार से मुलाक़ात की है।
भारत के गृह मंत्री अमित शाह का डीपफेक वीडियो शेयर करने के आरोप में असम पुलिस ने एक कॉन्ग्रेस नेता को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार कॉन्ग्रेसी का नाम रीतम सिंह है। रीतम असम में कॉन्ग्रेस के वॉररूम का कॉर्डिनेटर है। इस कार्रवाई की पुष्टि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार (29 अप्रैल, 2024) को की है। अमित शाह का फर्जी वीडियो शेयर करने के दौरान रीतम भाजपा नेताओं को जेल भिजवाने की धमकियाँ भी दे रहा था।
रीतम सिंह ने अपने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में दिखाया गया कि अमित शाह SC, ST और OBC का आरक्षण खत्म करने का ऐलान कर रहे हैं। हालाँकि, यह डीपफेक वीडियो है जिसको भ्रामक रूप दे कर कई रीतम सिंह द्वारा शेयर किया गया था। इस हरकत के खिलाफ गुवाहाटी के पान बाजार थाने में दीपक कुमार दास ने शिकायत दर्ज करवाई। इस शिकायत पर पुलिस ने रीतम के खिलाफ IPC की धारा 153A, 171G, 505(1)(b) के साथ आईटी एक्ट की धारा 66F के तहत FIR दर्ज कर लिया था।
इसी ट्वीट पर हुई रीतम के खिलाफ FIR
अपने खिलाफ हुई FIR की जानकारी मिलते ही रीतम ने अपना ट्वीट डिलीट कर लिया था। हालाँकि, तब तक पुलिस अपनी कार्रवाई अमल में ला चुकी थी। रीतम के ट्वीट का स्क्रीनशॉट भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सोमवार (29 अप्रैल, 2024) को पुलिस ने रीतम को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को रीतम अपने गुवाहाटी के पास स्थित घर पर ही मिल गया। रीतम का फोन और लैपटॉप भी जब्त कर के जाँच की जा रही है। रीतम असम कॉन्ग्रेस के लिए चुनाव प्रचार में वॉररूम कॉर्डिनेटर के तौर पर काम कर रहा था।
दे रहा था मोदी को जेल भेजने की धमकी
कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता रीतम सिंह पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर लगातार ब्राह्मणों सहित अन्य कई जातियों पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कर रहे थे। हाल ही में उन्होंने एक आपत्तिजनक ट्वीट किया था। इस ट्वीट में रीतम ने आने वाले 2 महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके साथियों के जेल में होने का ऐलान किया था। तब उन्होंने लिखा था, “सबका हिसाब लिया जाएगा। सबसे बदला लिया जाएगा।” रीतन ने तब सभी दक्षिणपंथियों की लिस्ट तैयार होने का भी दावा किया था।
कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता रीतम सिंह आए दिन असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा को भी चैलेन्ज दिया करते थे। उन्होंने सरमा की पत्नी पर भी कई बार टिप्पणियाँ की थी। रीतम के ट्वीट अक्सर ब्राह्मणों को टारगेट करते थे। फ़िलहाल उनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस जरूरी कार्रवाई और जाँच में जुटी है।
खुद को लोकगायिका बताने वाली सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर नेहा सिंह राठौर फेक न्यूज फैलाती पकड़ी गई हैं। उन्होंने मॉक पोल के वीडियो को असली बताते हुए दावा किया कि ईवीएम में गड़बड़ी है, जो एक ही पार्टी के लिए वोट कर रही है। उनके दावे को चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया है। चुनाव आयोग ने बताया है कि जिस वीडियो को असली ईवीएम मशीन मतदान के दौरान का बताया जा रहा है, वो मॉक पोल का है। इस बात की पुष्टि जिला निर्वाचन अधिकारी करीमगंज ने भी की है।
नेहा सिंह राठौर ने फर्जी वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “देखिए, भस्मासुर पार्टी को कैसे 400 पार कराया जा रहा है। लोकतंत्र के महोत्सव में भ्रष्टाचार का नंगा नाच देख लीजिए। केंद्रीय चुनाव आयोग को श्रद्धांजलि के फूल भेज दीजिए।”
चुनाव आयोग ने उनके ट्वीट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए उनके दावे को गलत बताया है। चुनाव आयोग ने एक्स पर लिखा, “लोकसभा चुनाव 2024 से जुड़ा एक वीडियो एक्स पर गलत दावों के साथ फैलाया जा रहा है। इस पोस्ट में किया गया दावा गलत और भ्रामक है। ये वीडियो असम में मॉक पोल के दौरान का है, असली मतदान का नहीं। इस बारे में करीमगंज के जिला निर्वाचन अधिकारी पहले ही अपनी बात रख चुके हैं।”
चुनाव आयोग ने करीमगंज के जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी किए गए पत्र को भी साझा किया है।
A video is circulated on X with false claims on conduct of elections in #GE2024
The allegations made in this post are false & misleading. The video mentioned pertains to a mock poll in Assam, not actual poll.
— Election Commission of India (@ECISVEEP) April 29, 2024
करीमगंज अधिकारी के वीडियो और नेहा सिंह राठौर के ट्वीट को साझा करते हुए परम पीसीएस (FUN Mauji) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, “फेक न्यूज की महारानी नेहा राठौड़ जी!! चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि उक्त वीडियो मॉक पोल के दौरान का है जब प्रतायोशियों के एजेंटों के सामने दिखाया जाता है की ईवीएम ठीक काम कर रही है या नहीं? EVM से सबंधित फेक न्यूज फैलाने पर कानूनन 2 साल की जेल और 1 लाख का जुर्माना है।”
फेक न्यूज की महारानी नेहा राठौड़ जी!!
चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि उक्त वीडियो मॉक पोल के दौरान का है जब प्रतायोशियों के एजेंटों के सामने दिखाया जाता है की ईवीएम ठीक काम कर रही है या नहीं?
बता दें कि नेहा सिंह राठौर लगातार भ्रामक दावों के लिए जानी जाती हैं। उन्हें कई वीडियो के लिए कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ा है। हालाँकि चुनाव आयोग ने फेक न्यूज फैलाने के मामले में नेहा सिंह राठौर के खिलाफ क्या कदम उठाया है, इस बात की जानकारी नहीं मिल पाई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (29 अप्रैल, 2024) को कर्नाटक के बागलकोट के अलावा महाराष्ट्र के सोलापुर, सतारा और पुणे में विशाल जनसभाओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पुणे वासियों को भरोसा दिलाया कि वो दिन भी आने ही वाला है जब आप देश की पहली बुलेट ट्रेन में ट्रैवल करेंगे। उन्होंने इसे ‘मोदी की गारंटी’ बताते हुए लिख कर रख लेने के लिए कहा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का ये भारत अपने युवा, युवाओं के इनोवेशन, युवा टैलेंट और टेक्नोलॉजी पर भरोसा करते हुए आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने ‘स्टार्टअप इंडिया’ का कमाल बताते हुए कहा कि सिर्फ 10 वर्षों में ही भारत के युवाओं ने सवा लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स बना दिए हैं। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले हमारा देश मोबाइल फोन इम्पोर्ट करता था, अब अब देश के दूसरे सबसे बड़े एक्सपोर्टर हैं इस मामले में। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने महँगाई को नियंत्रित किया, भ्रष्टाचार पर प्रहार किया। उन्होंने बताया की करदाताओं के लिए टैक्स में सहूलियत दी गई, जिससे उनके ढाई लाख करोड़ रुपए बचे।
पुणे में प्रधानमंत्री ने कहा कि कॉन्ग्रेस के शहजादे की बातें खतरनाक हैं, खुद कॉन्ग्रेस के लोग इनके कारण कॉन्ग्रेस छोड़-छोड़ के निकल रहे हैं और वो लोग कहते हैं कि कॉन्ग्रेस को माओवादियों ने कब्जे में ले लिया है। उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस के शहजादे से पूछो कि गरीबी कैसे हटती है- तो वो कहते हैं खटाखट…खटाखट। कॉन्ग्रेस के शहजादे से पूछो कि ग्रोथ कैसे होती है- तो वो कहते हैं ठकाठक… ठकाठक। कॉन्ग्रेस के शहजादे से पूछो कि विकसित भारत बनाने का कोई प्लान है तो वो बोलते हैं टकाटक… टकाटक।”
पीएम मोदी ने बताया कि मध्यम वर्गीय परिवारों को सुरक्षित घर मिले, इसके लिए हमने देश में रेरा कानून बनाया है, जो हमारे मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए सुरक्षा कवच बन गया है। बकौल पीएम मोदी, उनकी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर काम कर रही है और मोदी उनको पूजता है, जिनको पहले की सरकारों ने कभी पूछा तक नहीं था।
इससे पहले सतारा में पीएम मोदी ने याद किया कि 2013 में जब भाजपा ने उन्हें प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित किया, तब वो रायगढ़ के किले पर चले गए। उन्होंने याद किया कि वो छत्रपति शिवाजी महाराज की समाधि स्थल पर ध्यानस्थ होकर बैठे थे। बकौल पीएम मोदी, उस समय छत्रपति शिवाजी महाराज की समाधि स्थल से उन्हें जो ऊर्जा, प्रेरणा और आशीर्वाद मिला, उसी के बदौलत वो बीते 10 वर्षों से जनता के लिए जीने का प्रयास करते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश 1947 में आजाद हुआ, कॉन्ग्रेस ने गुलामी की मानसिकता को फलने दिया था। उन्होंने इतिहास याद दिलाया कि पूरी दुनिया छत्रपति महाराज की नौसेना का लोहा मानती थी, लेकिन इतने वर्षों तक आजाद भारत की नौसेना के झंडे पर अंग्रेजों का निशान था। प्रधानमंत्री ने कहा कि मोदी ने आकर अंग्रेजों के निशान को हटाया, मोदी ने तय किया कि इस झंडे की ताकत तब बढ़ेगी, जब हमारे नौसेना के झंडे में छत्रपति शिवाजी के प्रतीक को स्थान दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के सतारा में कहा, “भारत का संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण को मना करता है, लेकिन उन्होंने (कॉन्ग्रेस) रातोंरात कर्नाटक के सभी मुस्लिमों को OBC घोषित कर दिया और रातोंरात ओबीसी के आरक्षण को वहाँ के मुस्लिमों को दे दिया। अब कॉन्ग्रेस संविधान बदलकर यही फॉर्मूला पूरे देश में लागू करना चाहती है। कॉन्ग्रेस और अघाड़ी वालों कान खोलकर सुन लीजिए, जब तक मोदी जिंदा है और जब तक जनता-जनार्दन का मुझ पर आशीर्वाद है, तब तक धर्म के नाम पर आरक्षण लाने की कोशिश, संविधान बदलने की कोशिश आप नहीं कर पाओगे।”
पीएम मोदी ने ये भी कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी परेशानियों को भाग्य के नाम पर नहीं छोड़ा, बल्कि हर देशवासी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ देने का संकल्प लिया और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के जरिए आज गाँव-गाँव में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हो रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे जब कॉन्ग्रेस की सरकार थी, तब हजारों टन अनाज सरकार के गोदामों में सड़ता था, लेकिन कॉन्ग्रेस सरकार उसे गरीबों को देने को तैयार नहीं थी और मना कर दिया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कॉन्ग्रेस सरकार अनाज गरीबों में बाँटे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि तब कॉन्ग्रेस के प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में दखल न दे, यानी गरीब भूख से मरता है तो मरे, अनाज सड़ता है तो सड़े, लेकिन कॉन्ग्रेस सरकार गरीबों को अनाज देने को तैयार नहीं थी। प्रधानमंत्री ने गर्व से बताया कि आज हमारी सरकार 80 करोड़ जरूरतमंदों को हर महीने मुफ्त अनाज देती है और आने वाले 5 वर्षों की भी गारंटी दी है। उन्होंने कहा कि हमारा सामाजिक न्याय का तरीका समाज में विभेद करने का नहीं है, बल्कि समाज को जोड़ने का है।
वहीं सोलापुर में पीएम मोदी ने कहा कि आज कॉन्ग्रेस और I.N.D.I. गठबंधन OBC प्रतिनिधित्व के नाम पर झूठ फैला रहे हैं, क्योंकि इनकी सच्चाई देश के सामने आ गई है और इससे ये बौखलाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे चुनाव में, ये I.N.D.I. अघाड़ी के जितने लोग हैं, उनका सिर्फ एक ही एजेंडा है – मोदी को नई-नई गाली देना। बकौल पीएम मोदी, विपक्ष पास विजन नहीं है और हमारे पास विजन है, हम इस विजन के लिए ये जीवन खपा देंगे।
पीएम मोदी ने महाराष्ट्र के सोलापुर में कहा, “सीमावर्ती गाँवों को आखिरी गाँव कहा जाता था। मैंने उन्हें पहला गाँव कहा। गाँवों के लिए हमने Vibrant Village प्रोग्राम शुरू किया। अगर मोदी की नजर कॉन्ग्रेस की तरह सिर्फ वोटबैंक पर होती, तो 24,000 करोड़ की पीएम जनमन योजना बनाकर सबसे पिछड़ी जनजाति के लिए योजना न बनाता, उनके लिए काम न करता। मैं अपने देश के आखिरी व्यक्ति को मजबूत बनाना चाहता हूँ। कॉन्ग्रेस ने 100 से ज्यादा जिलों को पिछड़ा घोषित कर उन्हें अपने हाल पर छोड़ दिया था। हमने उन्हें Aspirational Districts बनाया। 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले।।”