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हॉन्गकॉन्ग-सिंगापुर में Everest और MDH के मसालों पर बैन, अब भारत ने दोनों देशों से माँगी रिपोर्ट: रिसर्च में दावा – कैंसर का ख़तरा

भारतीय कम्पनियों MDH और एवरेस्ट के मसालों पर सिंगापुर और हॉन्गकॉन्ग में प्रतिबंध के मामले में केंद्र सरकार एक्शन में आ गई है। मसाला प्रतिबन्ध मामले में भारत सरकार ने इन दोनों देशों की एजेंसियों से रिपोर्ट माँगी है। सरकार ने अपने दूतावासों से भी इस विषय में रिपोर्ट तलब की है। उधर एक कम्पनी ने दावा किया है कि उसके उत्पादों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगा।

जानकारी के अनुसार, भारतीय कम्पनियों के कुछ मसालों में केमिकल पाए जाने की रिपोर्ट के बाद वाणिज्य मंत्रालय ने एक्शन लिया है। उसने इन मसाला कम्पनियों समेत दोनों देशों में स्थित भारतीय दूतावासों से मसालों की जाँच रिपोर्ट भेजने को कहा है।

मंत्रालय ने सिंगापुर और हॉन्गकॉन्ग की खाद्य मानक एजेंसियों से भी इस विषय में सूचना माँगी है। देश में मसालों के विषय में निर्णय लेने वाले स्पाइस बोर्ड ने भी इस मामले में एक्शन लिया है, उसने कम्पनियों से इस मामले में स्पष्टीकरण माँगा है। बोर्ड ने कम्पनियों से पूछा है कि क्या मानक पूरे किए गए थे।

गौरतलब है कि हाल ही में यह खबर आई थी कि भारतीय मसाला कंपनी MDH और एवेरेस्ट के मसालों को हांगकांग और सिंगापुर में प्रतिबन्धित किया गया है। इनके ऊपर प्रतिबंध की वजह इनमें एक केमिकल का पाया जाना थी। यह केमिकल एथिलीन ऑक्साइड था। इससे कैंसर का खतरा बढ़ता है।

एवेरेस्ट कम्पनी ने अपने उत्पादों पर प्रतिबन्ध की बात को झूठ कहा है। एवेरेस्ट ने कहा है कि उसके उत्पादों पर केवल तात्कालिक रोक लगाई गई है। यह रोक जाँच के लिए लगाई गई है। बताया जा रहा है कि अब भारत में भी FSSAI इन मसालों की जाँच करने जा रही है।

भारत विश्व में मसालों का सबसे बड़ा उत्पादक, उपभोक्ता और निर्यातक है। भारत में मसालों के बाजार का आकार लगभग ₹90,000 करोड़ है। भारत ने 2022-23 में ₹30,000 करोड़ से अधिक के मसालों का निर्यात विश्व भर में किया था। भारत के मसालों की माँग प्राचीन समय से रही है।

जेल में ही रहेंगे केजरीवाल और K कविता, दिल्ली कोर्ट ने न्यायिक हिरासत 7 मई तक बढ़ाई: ED ने कहा था- छूटने पर ये लोग सबूतों से कर सकते हैं छेड़छाड़

दिल्ली शराब घोटाला मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और बीआरएस नेता के कविता को झटका लगा है। प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दर्ज मामले में दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत खत्म होने पर इसे 7 मई तक बढ़ाया गया।

इस मामले में फैसला राउज एवेन्यू कोर्ट की विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने दिया है। दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत आज यानी 23 अप्रैल को खत्म हो रही थी। ऐसे में कोर्ट में वर्चुअली पेश करके इनकी हिरासत बढ़वाई गई।

ईडी ने इस मामले में केजरीवाल और कविता की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग करते हुए कोर्ट में आवेदन दिया था। ईडी ने कहा था कि गवाहों के प्रभावित करने, सबूतों से छेड़छाड़ करने की आशंका बनी हुई है। इस मामले में उनकी भूमिका से जुड़े होने की जाँच कर रहे हैं।

बता दें कि एक दिन पहले दिल्ली की अदालत ने केजरीवाल की उस याचिका को खारिज किया था जिसमें उन्होंने माँग की थी कि उन्हें अपनी पत्नी सुनीता की मौजूदी में रोजाना 15 मिनट के लिए डॉक्टर से परामर्श लेने की अनुमति दी जाए।

गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय ने 21 मार्च 2024 को दिल्ली शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद से कई बार उनकी बेल याचिका खारिज हुई हैं। वहीं बीआरएस नेता के कविता को केजरीवाल से एक हफ्ते पहले 15 मार्च 2024 को हिरासत में लिया गया था। मामले में ईडी और सीबीआई दोनों जाँच एजेंसियाँ जाँच कर रही हैं।

के कविता पर आरोप है कि वो इस घोटाले में साउथ ग्रुप की मुख्य सदस्य थीं। उनपर ये भी आरोप है कि उन्होंने शराब लाइसेंस के एक बड़े हिस्से के बदले में दिल्ली के सत्तारूढ़ AAP को 100 करोड़ की रिश्वत दी थी। वहीं केजरीवाल पर आरोप है कि वो इस घोटाले की साजिश रचने में मुख्य रूप से शामिल थे।

समाज कल्याण विभाग के कर्मचारी को गोलियों से भूना, जम्मू कश्मीर में अमेरिकी रायफल से टारगेट किलिंग: आतंकियों की तलाशी के लिए अभियान शुरू

जम्मू कश्मीर के राजौरी में आतंकियों ने मोहम्मद रज़्ज़ाक नाम के व्यक्ति की हत्या कर दी है। 40 वर्षीय रज्जाक राज्य सरकार के समाज कल्याण विभाग में काम करते थे। उनके भाई टेरिटोरियल आर्मी में तैनात हैं। रज्जाक को उनके घर में घुस कर गोलियों से भून दिया गया है। सुरक्षा बलों ने इलाके को चारों तरफ से घेर कर सर्च अभियान शुरू कर दिया है। हमलावरों की संख्या 2 बताई जा रही है। घटना सोमवार (22 अप्रैल, 2024) की है। रज्जाक की हत्या को भी टारगेट किलिंग के तौर पर देखा जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना राजौरी के शाहदरा शरीफ इलाके की है। यहाँ के कुंडा टोपे इलाके में मोहम्मद रज्जाक अपने परिवार के साथ रहते थे। रज्जाक जम्मू कश्मीर के समाज कल्याण विभाग में नौकरी करते थे। उनके भाई टेरिटोरियल आर्मी में तैनात हैं। सोमवार को रज्जाक अपने घर पर मौजूद थे। तभी कुछ हमलावरों ने उनके घर पर अचानक ही गोलियाँ बरसानी शुरू कर दीं। रज्जाक ने खुद को बचाने की काफी कोशिश की लेकिन एक गोली उनको लग गई।

गोलियाँ बरसाने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना शाम 7 से 8 बजे के बीच की बताई जा रही है। कुछ ही समय में सुरक्षा बल घटनास्थल पर पहुँच गए। रज्जाक को अस्पताल ले जाया गया। हालाँकि तमाम कोशिशों के बावजूद रज्जाक को बचाया नहीं जा सका। सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है। चप्पे-चप्पे की तलाशी ली जा रही है। अभी तक किसी संगठन ने रज्जाक पर हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। फ़िलहाल किसी हमलावर की गिरफ्तारी की भी कोई जानकारी नहीं है। बताया जा रहा है कि हमलावरों द्वारा अमेरिकी रायफल का इस्तेमाल किया गया है।

रज्जाक 5 बच्चों के पिता थे। उनके अब्बा को भी पूर्व में आतंकियों ने मार डाला था। रज्जाक के परिजनों ने बताया कि गोलियों की आवाज सुन कर उन्हें ये नहीं लगा था कि उनके ही घर को निशाना बनाया गया है। उन्होंने बताया कि उस इलाके में बंदरों को भगाने के लिए अक्सर फायरिंग होती है। हमलावरों ने रज्जाक की बीवी से 15 लोगों का खाना बनाने के लिए कहा और बाद में रज्जाक को मार डाला। मंगलवार (23 अप्रैल, 2024) को रज्जाक को कब्रिस्तान में दफना दिया गया। उनके जनाजे में सैकड़ों लोग शामिल हुए। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।

कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार ने सारे मुस्लिमों को दे दिया आरक्षण: भड़का पिछड़ा आयोग, कहा – मजहब के आधार पर रिजर्वेशन समाजिक न्याय के खिलाफ

मुस्लिमों को आरक्षण का लाभ देने के लिए कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार ने जो पूरे मुस्लिम समुदाय को पिछड़े वर्ग की सूची में शामिल करने का फैसला लिया है, उससे उनकी अब जगह-जगह आलोचना हो रही है।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग (नेशनल कमीशन फॉर बैकवॉर्ड क्लासेज) आयोग ने भी कर्नाटक सरकार के फैसले पर आपत्ति जताई है। आयोग ने कहा है कि कर्नाटक सरकार के इस फैसले से सामाजिक न्याय के सिद्धांत कमजोर होंगे।

बताया जा रहा है कि कर्नाटक बैकवर्ड क्लास वेल्फेयर डिपार्टमेंट ने जो आँकड़े उपलब्ध कराए हैं, उनके अनुसार, राज्य में मुस्लिम वर्ग की सभी जातियों को शैक्षिक और सामाजिक तौर पर पिछड़ा माना गया है और उन्हें राज्य की पिछड़ा वर्ग की आईआईबी कैटेगरी में लिस्ट किया गया है।

NCBC ने इस मुद्दे पर कहा कि मजहब आधारित आरक्षण सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछले मुस्लिम जाति और समुदाय के लोगों को सामाजिक न्याय देने के खिलाफ काम करता है। उन्होंने कहा कि इससे पिछड़ी जाति के रूप में मुसलमानों का व्यापक वर्गीकरण खासकर सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के रूप में पहचानी जाने वाली हाशिए पर पड़ी मुस्लिम जातियों और समुदायों के लिए सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को कमजोर करेगा।

बता दें कि 2011 के जनगणना के अनुसार राज्य में मुस्लिम जनसंख्या करीब 12.92 फीसदी है। ऐसे में एनसीबीसी ने सरकार के फैसले पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे स्थानीय निकाय चुनाव में आरक्षण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। कर्नाटक में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए स्थानीय निकाय चुनाव में 32 फीसदी आरक्षण का दिया जाता है। इस आरक्षण को विभिन्न समुदायों में बाँटने की माँग उठ रही है।

गौरतलब है कि कॉन्ग्रेस सरकार के इस फैसले पर सोशल मीडिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। कहा जा रहा है कि कॉन्ग्रेस तो हमेशा से ही देश डिवाइज एंड रूल वाले नियम पर चलती आई। कोई नई बात नहीं है अगर उन्होंने इस तरह का निर्णय लिया।

पतंजलि के छोटे साइज की माफी से संतुष्ट नहीं सुप्रीम कोर्ट, बड़े साइज को लेकर कहा – सभी माफी बिना कटिंग किए लाओ, इनलार्ज भी मत करना

सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि से कहा है कि माफी माँगने के लिए दिए गए उसके विज्ञापन बड़े होने चाहिए। कोर्ट ने छोटे साइज की माफी पर नाराजगी जताई है। उसने कहा है कि माफी इतनी छोटी ना हो कि माइक्रोस्कोप से देखनी पड़े। कोर्ट ने अभी छपवाई गई माफियों की पेपर कटिंग भी माँगी है।

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस अह्सानुद्दीन अमानुल्लाह की बेंच पतंजलि के मामले की मंगलवार (23 अप्रैल, 2024) को सुनवाई की। इस मामले में बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण भी सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए। इस मामले की सुनवाई के दौरान विज्ञापन के साइज पर बात की गई।

जस्टिस कोहली ने इस मामले में पतंजलि से पूछा कि क्या उसके द्वारा समाचारपत्रों में छपवाई गई माफियाँ उसी साइज की हैं जिस साइज में उसने विज्ञापन छपवाए थे। उन्होंने कहा कि माफ़ी इतनी छोटी ना हो कि उसे माइक्रोस्कोप से देखना पड़े। पतंजलि ने कोर्ट को बताया कि उसने 67 समाचार पत्रों में माफ़ी छपवाई है।

पतंजलि ने कोर्ट को बताया कि उसने पूरे पेज में माफ़ी नहीं छपवाई क्योंकि इसमें दसियों लाख का खर्च आता। कोर्ट ने पतंजलि को आदेश दिया कि वह अपने द्वारा छपवाई गई माफ़ी की पेपर कटिंग एक फ़ाइल में लेकर आए। कोर्ट ने कहा कि उसके सामने समाचारपत्र की असली कटिंग लाई जाए और उसके साइज से छेड़छाड़ ना हो।

इस मामले में कोर्ट ने माफ़ी को रिकॉर्ड में शामिल करने की बात भी कही है। कोर्ट ने इस बात पर भी प्रश्न उठाए कि आखिर माफी आदेश के एक सप्ताह के बाद क्यों छपवाई गई। उसने कहा कि माफी के सुनवाई के पहले छपवाने का क्या कारण था। कोर्ट इस मामले में अब 30 अप्रैल को सुनवाई करेगा।

कोर्ट ने यह आदेश इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा दायर किए गए एक मामले में दिया है। इस मामले में 16 अप्रैल, 2024 को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बाबा रामदेव और पतंजलि को इस बात की अनुमति दी थी की वह समाचारपत्रों में अपनी माफी छपवा सकते हैं। यह मामला अवमानना से जुड़ा हुआ है।

1.5 साल तक बलात्कार किया, गर्भ भी गिरवाया: लक्की’ बन कर मिला था शावेज अली, ₹4 लाख वसूल कर बोला – हिन्दू महिला से शादी नहीं कर सकता

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से ‘लव जिहाद’ का नया मामला सामने आया है। यहाँ शावेज अली पर नाम बदल कर एक महिला को प्यार के जाल में फँसा कर रेप करने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि शावेज ने पीड़िता से लाखों रुपए भी ठगे और गर्भवती होने पर उसका एबॉर्शन भी करवाया। पुलिस ने रविवार (21 अप्रैल, 2024) को केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। केस दर्ज होते ही शावेज फरार हो गया है जिसकी तलाश की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना देहरादून के थाना क्षेत्र पटेल नगर की है। यहाँ रहने वाली के महिला ने रविवार को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में पीड़िता ने बताया कि लगभग डेढ़ साल पहले शावेज अली उन से लक्की नाम से मिला था। कुछ ही दिनों में दोनों की फोन पर बातचीत होने लगी जो बाद में मुलाकातों में बदल गई। कुछ दिनों की ही मुलाकात में लक्की ने पीड़िता से शादी का प्रस्ताव रखा। लक्की बने शावेज ने पीड़िता को झाँसा दे कर कई बार उसका रेप किया।

शिकायत में आगे बताया गया है कि कई बार रेप की वजह से पीड़िता 2 बार गर्भवती हुई थी। तब शावेज ने एबॉर्शन की गोलियाँ खिला कर पीड़िता का गर्भ गिरवा दिया था। एक दिन लक्की ने शादी से पहले व्यापार शुरू करने के नाम पर पीड़िता से 4 लाख रुपयों की डिमांड की। पीड़िता ने कहीं से इंतजाम कर के व अपनी बचत को मिला कर ये पैसे आरोपित को दे भी दिए। अब तक शावेज ने ये पैसे पीड़िता को नहीं लौटाए। बाद में जब लड़की ने शादी के लिए कहा को लक्की बने शावेज ने अपना असली परिचय दिया।

शावेज ने खुद को मुस्लिम और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहरानपुर जिले का निवासी बताया। शावेज ने यह भी कहा कि वो हिन्दू लड़की से शादी नहीं कर सकता। खुद को ठगा पा कर लड़की ने आरोपित के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में शावेज पर यह भी आरोप लगाया गया है कि वो कई भोली-भाली लड़कियों को अपने जाल में फँसा कर उनसे पैसे ऐंठ चुका है। पीड़िता ने शावेज पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। इस शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। फरार हो गए शावेज की तलाश की जा रही है।,

‘राहुल गाँधी की DNA की जाँच हो, नाम के साथ नहीं लगाना चाहिए गाँधी’: लेफ्ट के MLA अनवर की माँग, केरल CM विजयन ने भी किया समर्थन

केरल की सत्ताधारी पार्टी सीपीएम के समर्थक विधायक पीवी अनवर ने कहा है कि कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी को अपने नाम के साथ ‘गाँधी’ उपनाम का उपयोग नहीं करना चाहिए। अनवर ने कहा कि राहुल गाँधी का DNA टेस्ट करवाया जाना चाहिए। इंडी गठबंधन की पार्टी सीपीएम के विधायक के बयान का बचाव केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने किया है। उन्होंने राहुल गाँधी को चेताया भी है।

केरल के मलप्पुरम की नीलाम्बुर विधानसभा सीट से विधायक पीवी अनवर ने एक रैली में सोमवार (22 अप्रैल, 2024) को कहा, “कुछ दिनों से राहुल गाँधी चतुर्थ श्रेणी के नागरिक बन गए हैं। उनको अपने नाम में गाँधी नहीं लगाना चाहिए। क्या वह नेहरू परिवार का कोई आदमी ऐसा बयान सकता है। मुझे शक है, उनका DNA टेस्ट होना चाहिए।”

पीवी अनवर का यह बयान राहुल गाँधी के एक बयान के जवाब में था। राहुल गाँधी ने केरल में कॉन्ग्रेस के लिए प्रचार करते समय मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर प्रश्न उठाए थे। राहुल गाँधी ने कहा था कि देश के दो मुख्यमंत्रियों को गिरफ्तार किया गया है लेकिन विजयन अब भी बचे हुए हैं। उन्होंने कहा था कि मैं 24 घंटे भाजपा की आलोचना करता हूँ और विजयन 24 घंटे मेरी आलोचना करते हैं, यह समझ से बाहर है।

पीवी अनवर के इस DNA वाले बयान पर उनका बचाव मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी किया है। उन्होंने राहुल को सोच समझ कर बोलने की सलाह दी। विजयन ने राहुल गाँधी को चेताया कि वह जब केरल में नहीं होंगे तो इंडी गठबंधन को काफी गंभीर दिक्कतें होंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गाँधी स्थानीय नेताओं के आरोप दोहरा रहे हैं।

विजयन ने इससे पहले भी राहुल पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था, “राहुल को बोलते समय सावधान रहना चाहिए और यह जानना चाहिए कि उनको करारा जवाब मिलेगा। राहुल कोई ऐसे आदमी नहीं हैं जो आलोचना से परे हों। बातचीत में कॉन्ग्रेस नेता कहते हैं कि राहुल गाँधी अब बदल गए हैं। मैंने सोचा था कि देश भर में घूमने पर राहुल को कुछ मालूम हुआ होगा लेकिन उन्होंने हाल ही में केरल में जो कहा वह एक नेता के लिए अशोभनीय था।”

पीवी अनवर के DNA वाले इस बयान के बाद केरल में काफी हलचल मच गई है। कॉन्ग्रेस नेताओं ने सीपीएम नेताओं पर हमला बोला है। कॉन्ग्रेस ने इस मामले में चुनाव आयोग से शिकायत भी की है। कॉन्ग्रेस ने पीवी अनवर पर पुलिस कार्रवाई की माँग की है। कॉन्ग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अनवर का यह बयान CM विजयन की शह पर आया है।

गौरतलब है कि सीपीएम और कॉन्ग्रेस, दोनों ही इंडी गठबंधन के सदस्य हैं। केरल में दोनों अलग-अलग लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। राहुल गाँधी ने केरल में मुख्यमंत्री विजयन के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। वह उन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं। उधर राहुल के लोकसभा क्षेत्र में भी सीपीएम ने अपने नेताओं को राहुल के विरुद्ध लगा दिया है। पीवी अनवर के इस बयान ने इस लड़ाई को और तेज कर दिया है।

रात में घर आओ, बिग बॉस में करवा दूँगा सिलेक्शन: मनीषा रानी ने साझा किया कास्टिंग काउच का अनुभव, बोलीं- ‘मैं मुंबई में अकेली रोई’

डांस शो ‘झलक दिखलाजा’ की विनर और बिग बॉस शो की मशहूर कंटेस्टेंट मनीषा रानी का कास्टिंग काउच पर आया बयान अब मीडिया में चर्चा में है। अपने बयान में उन्होंने बताया कि कैसे एक बार एक शख्स ने खुद को बिग बॉस टीम का हिस्सा बताकर उन्हें फोन करके 3 बजे अपने घर पर आने को कहा था।

मनीषा रानी ने गलाट्टा इंडिया से बातचीत में कास्टिंग काउच पर एक्सपीरियंस शेयर किया। उन्होंने बताया कि वो शुरू में हमेशा सबको कहती थीं कि उन्हें बिग बॉस में जाना ही जाना है। ऐसे में उनके किसी जानने वाले से उन्हें एक व्यक्ति का नंबर मिला, जिसकी उम्र 45 के आसपास थी। मनीषा ने बिग बॉस में जाने के लिए उस नंबर पर कॉन्टैक्ट किया और उसे अपनी वीडियोज भेजीं। इसके बाद उस व्यक्ति ने सारे वीडियोज देखे और उन्हें आश्वासन दिया कि उनका सिलेक्शन हो जाएगा

मनीषा आगे बताती हैं, “हम एक बार बिहार अपने घर गए थे 4-5 दिनों के लिए, लेकिन वो आदमी हमको उस समय फोन किया और बोला तुमको कलर्स पर नहीं जाना, तुमको बिग बॉस नहीं करना, घर जाके बैठ गई, तुम अभी आ जाओ मुंबई। उसके लिए हम स्पेशली टिकट लेकर मुंबई आए कि मेरा तो बिग बॉस होने वाला है। हमने इस बारे में घर में भी बता दिया। घरवालों ने बाहर सबको बता दिया। सब पूछने भी लगे। (लेकिन मुंबई आने पर कुछ हुआ नहीं)”

इंफ्लुएंसर मनीषा बताती हैं कि खुद को बिग बॉस टीम का बताने वाला व्यक्ति उन्हें अलग-अलग जगह पर बुलाता था। वो कहती हैं, “एक बार 3 बजे रात को फोन करके बोलता है कि आ जाओ मेरे घर। तो हम बोले कि हम घर तो नहीं आएँगे। तो वह चिल्लाया और बहुत रूडली बात करने लगा। उसकी बातें सुन मुझे रोना आया क्योंकि मैं मुंबई में अकेली थी। मैंने उसे कहा कि तुम घटिया हो, गंदे हो। तुम्हारी वजह से मैं अपने घर से मुंबई आ गई। उसने भी कहा कि तुम्हें इंडस्ट्री में काम करने नहीं दूँगा, तुमने मुझसे इस तरीके से कैसे बात की…।”

मनीषा कहती हैं कि इस घटना के बाद उनको एहसास हो गया था कि वो आदमी उन्हें काम दिलाने में कोई मदद नहीं करने वाला। वो उन्हें झूठी उम्मीद दे रहा था। इसलिए उन्होंने उसे तुरंत ब्लॉक कर दिया। मनीषा बताती हैं कि उन्हें उस दिन बहुत बुरा लगा था कि वो पता नहीं लोगों की बातों में क्यों आ जाती हैं। उन्होंने कहा कि जब उनका नंबर बिग बॉस में आया तब उन्हें समझ आया कि कोई किसी की मदद नहीं करता है ये सब अपने काम के बल पर खुद हो जाता है।

ब्यूटी पॉर्लर में फाँसी के फंदे से लटकी मिली हिन्दू लड़की: अरशद, वाहिद, मुजफर और अमजद के खिलाफ शिकायत दर्ज, ‘लव जिहाद’ बता चूरू की सड़कों पर उतरे हिन्दू संगठन

राजस्थान के चूरू जिले में एक ब्यूटी पार्लर में काम करने वाली एक महिला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। बुलबुल नाम की इस महिला का शव ब्यूटी पॉर्लर में ही फाँसी पर लटका मिला। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। मामले में अरशद, वाहिद, मुजफर और अमजद आरोपित किए गए हैं। इन सभी पर पीड़िता को मरने पर मजबूर करने का आरोप है। घटना शनिवार (20 अप्रैल, 2023) की बताई जा रही है। हिन्दू संगठनों ने इसे ‘लव जिहाद’ बताते हुए सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया है। मंगलवार (23 अप्रैल, 2024) को चूरू बंद का आह्वान भी किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना चूरू के होटल सन सिटी की है। यहाँ बने एक ब्यूटी पॉर्लर में वार्ड नंबर 27 की रहने वाली 24 वर्षीया बुलबुल रक्षक काम करती थी। शनिवार को बुलबुल हर दिन की तरह घर से काम करने के लिए निकली। शाम को जब वो लौट कर नहीं आई तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। अंत में ब्यूटी पॉर्लर के अंदर ही बुलबुल का फाँसी के फंदे पर लटकता शव मिला। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने केस दर्ज कर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मृतका के परिजनों का आरोप है कि जब वो बुलबुल की तलाश में होटल के अंदर जा रहे थे तब उन्हें होटल संचालक अरशद, वाहिद और मुजफर रोक रहे थे। हालाँकि, इन सभी को धकेल पर पीड़िता के ताऊ होटल में घुसे जहाँ बुलबुल की लाश लटक रही थी। मृतका के ताऊ का यह भी दावा है कि जब उन्होंने बुलबुल का शव देखा तो गले और हाथों पर चोट के निशान थे। पीड़िता के परिजनों ने अरशद, वाहिद, अमजद और मुजफर के खिलाफ बुलबुल को मरने पर मजबूर करने की शिकायत दी है।

होटल में चल रहे पॉर्लर को सील कर दिया गया है। बुलबुल अविवाहित थीं। मृतका के परिजनों का ये भी दावा है कि मौत से 2 दिन पहले बुलबुल ने अपना मोबाइल तोड़ दिया था। मोबाइल तोड़े जाने की वजह का भी अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। बुलबुल की संदिग्ध मौत कुछ ही देर में शहर में चर्चा का विषय बन गई। हिन्दू संगठनों ने इस घटना को ‘लव जिहाद’ बताते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। होटल, अस्पताल और उस मोर्चरी तक हंगामा चलता रहा जहाँ बुलबुल का पोस्टमार्टम हो रहा था।

पुलिस ने नाराज लोगों को समझा कर शांत किया साथ ही जाँच में सामने आने वाले दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया। हालाँकि पुलिस की मान-मनौव्वल का प्रदर्शनकारियों पर कोई असर नहीं पड़ा। 23 अप्रैल को सर्व हिन्दू समाज ने चूरू बंद का आह्वान किया है। चूरू से सामने आ रहे वीडियो फुटेज में लोगों को सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करते देखा जा सकता है। इन प्रदर्शनकारियों में युवाओं के साथ बच्चे, वृद्ध और महिलाएँ भी शामिल हैं।

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय थानेदार इस मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से भ्रामक बातें न करने की भी अपील की है।

मुस्लिम सहेली ने आफताब से करवाई हिन्दू लड़की की दोस्ती, रिश्ता खत्म करने पहुँची तो कर दिया हमला: नेहा हिरेमठ के अंजाम से डर गई थी युवती

कर्नाटक के हुबली में एक 21 वर्षीय हिन्दू लड़की पर फल बेचने वाले आफताब ने हमला कर दिया। लड़की किसी तरह जान बचा कर भागी। लड़की आफताब को पहले से जानती थी और नेहा हिरेमठ की फयाज के हत्या के बाद दोस्ती तोड़ने गई थी। आफताब को पुलिस ने गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, हुबली के केशवापुर थाना इलाके की रहने वाली एक 21 वर्षीय हिन्दू लड़की की आफताब नामक युवक से दो वर्षों से जान-पहचान थी। लड़की ने बताया कि उनका परिचय दोनों के जानने वाली एक मुस्लिम लड़की ने करवाया था।

लड़की ने बताया कि आफताब दो वर्षों से लगातार उसका पीछा करता था और इस दौरान उसने कुछ गिफ्ट भी दिए थे। लड़की ने बताया कि आफताब ने रमजान के महीने में भी उसे कुछ गिफ्ट दिए थे। यह गिफ्ट उस पर दबाव बना कर दिए गए थे।

हिन्दू लड़की ने बताया कि जब उसने हुबली में ही फयाज के हाथों ने नेहा हिरेमठ के मारे जाने की खबर सुनी तो वह सशंकित हो गई और आफताब से दोस्ती खत्म करने की बात कही। आफताब ने इस पर हिन्दू लड़की को कहा कि वह सारे गिफ्ट लौटा दे। दोनों के बीच सार्वजनिक जगह पर मिलने की बात हुई थी।

लड़की आफताब के गिफ्ट लौटाने के लिए उसकी फलों की दुकान पर गई थी। यहाँ आफताब ने उसके साथ बदसलूकी की। आफताब ने लड़की के सर पर किसी भारी चीज से वार कर दिया। आफताब ने यहीं पर सारे गिफ्ट जला भी दिए। हिन्दू लड़की ने बताया कि आफताब ने बीच बाजार उस पर हमला किया और राहगीरों ने उसे बचाया

बताया गया कि आफताब के पास हमले के दौरान चाकू भी था। इसके बाद लड़की पुलिस के पास पहुँची जहाँ उसने पूरी घटना के विषय में जानकारी दी। हिन्दू लड़की की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आफताब को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ धमकाने, हमला करने और महिला का शीलभंग करने सम्बन्धी अपराधों में मामला दर्ज किया है।

गौरतलब है कि कर्नाटक के हुबली में गुरुवार (18 अप्रैल, 2024) को फयाज नाम के एक युवक ने नेहा नाम की हिन्दू युवती की चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी। वह नेहा का पहले इन्तजार कर रहा था और जब वह कॉलेज से बाहर आई तो उसने चाकुओं से हमला कर दिया। नेहा की इस हमले में मौत हो गई। फयाज को इस हमले के बाद पकड़ लिया गया था।

बताया जा रहा है कि फयाज युवती पर उसके साथ रिलेशनशिप में आने का दबाव बना रहा था और लड़की ने इससे इनकार कर दिया। ऐसे में फयाज उसका महीनों पीछा करता था। घटना वाले दिन जब नेहा उसके सामने आई तो उसने उसके गले पर वार किए, जो बताते हैं कि उसकी मंशा नेहा को जान से ही मारने की थी।

पुलिस की जाँच में भी सामने आया है कि फयाज अपने दोस्तों से बोलते हुए फिरता था कि जिस लड़की ने उसका ऑफर ठुकराया है वो उसे खत्म कर देगा। मामले के बारे में बताते हैं सिटी पुलिस कमिशनर रेणुका एस सुकुमार ने कहा वे दोनों (पिछले साल तक) बीसीए साथ में पढ़ रहे थे। लेकिन, बीसीए के बाद नेहा ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और फयाज ने छोड़ दी।