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राम जानकी मंदिर के पुजारी के सिर को ईंटों से फोड़ा, ‘लैंड जिहाद’ पर उतारू अताबुल मियाँ पहले भी कर चुका है हमला: नेपाल पुलिस ने पकड़ कर छोड़ दिया, हिन्दू संगठन नाराज़

नेपाल के सिरहा जिले में एक हिन्दू मंदिर के पुजारी पर जानलेवा हमले की खबर है। हमले में पुजारी का सिर फट गया जिनको इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। हमले का आरोप अताबुल मियाँ पर लगा है। हिन्दू संगठनों का आरोप है कि नेपाली पुलिस ने अताबुल को हिरासत में ले कर थाने से ही छोड़ दिया। इस घटना और पुलिस की कार्रवाई से नाराज हिन्दू संगठन से सदस्यों ने प्रशासन को आंदोलन की चेतावनी दी है। घटना गुरुवार (18 अप्रैल, 2024) की है।

नेपाल में सक्रिय ‘हिन्दू सम्राट सेना’ के अध्यक्ष राजेश यादव ने ऑपइंडिया से बात की। उन्होंने बताया कि घटना सिरहा जिले के कल्याणपुर इलाके की है। यहाँ के वार्ड नंबर 12 में राम जानकी मंदिर आसपास के हिन्दुओं के लिए श्रद्धा का केंद्र है। यहाँ पुजारी हेबू मुखिया पूजापाठ करते हैं। गुरुवार की रात लगभग 8 बजे पुजारी मंदिर में आरती आदि कर के घर लौट रहे थे। इसी दौरान उन पर अताबुल मियाँ हमला कर देता है। हमले में ईंट का इस्तेमाल किया जाता है जिस से पुजारी का सिर फट गया।

सिर पर चोट लगने से पुजारी हेबू गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों ने उनको विराटनगर के अस्पताल में भर्ती करवाया। फ़िलहाल पुजारी हेबू मुखिया इलाज के बाद अपने घर आ चुके हैं। इधर पुलिस ने अताबुल मियाँ को हिरासत में ले लिया। हिन्दू सम्राट सेना का आरोप है कि राजनैतिक दबाव के चलते पुलिस ने अताबुल को बिना केस दर्ज किए ही थाने से छोड़ दिया। पुलिस की यह हरकत नेपाल के हिन्दू संगठनों को नागवार गुजरी है। उन्होंने इसे अपराध को संरक्षण देने वाली हरकत बताया है।

‘हिन्दू सम्राट सेना’ के सदस्यों ने जल्द से जल्द अताबुल मियाँ की गिरफ्तारी की माँग उठाई है। इस माँग के लिए संगठन ने सिरहा जिले के पुलिस अधीक्षक के ऑफिस पर प्रदर्शन का एलान किया है। पुजारी पर हुए हमले में अताबुल को हत्या के प्रयास की धाराओं में गिरफ्तार किए जाने की माँग की जा रही है।

पुजारी की जमीन पर लैंड जिहाद की साजिश

ऑपइंडिया ने पुजारी हेबू मुखिया के बेटे रामकरन से बात की। उन्होंने बताया कि हमलावर अताबुल की उम्र लगभग 45 साल है। वो बेलहा किराने की दुकान चलाता है। उसके 2 बेटे हैं जो कतर देश में रहते हैं। पुजारी ने स्थानीय हिन्दू से एक जमीन खरीदी थी जिसे अताबुल मियाँ हड़पना चाहता है। वो पुजारी पर जबीन को फ्री में खुद को सौंप देने का दबाव लम्बे समय से बनाता आ रहा है। कुछ समय पहले भी उसने पुजारी को हथियार से मारने का प्रयास किया था। रामकरन ने अपने मामले में नेपाली पुलिस की कार्यशैली को भी असंतोषजनक बताया है।

नेटीजेंस बता रहे घुसपैठ का नतीजा

नेपाल में पुजारी पर हुए इस हमले ने नेपाली सोशल मीडिया पर भी तूल पकड़ लिया है। नेपाली ‘X’ यूजर इस घटना पर नाराजगी जताते हुए अलग-अलग राय दे रहे हैं। विवेका ने लिखा कि पूरी नेपाल की सीमा पर रोहिंग्या बस चुके हैं। सुरेंद्र ने ‘राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी’ के सांसद को टैग करते हुए हमलावर पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। सुरस्वामी ने लिखा कि नेपाल में विदेशियों की तादाद बढ़ती जा रही है जो कि वहाँ के मूल मधेशी लोगों के लिए एक बड़ा खतरा है।

चित्र- X/@sanatanchautari पर आए कमेंट

एक अन्य ‘X’ यूजर @msapkota00043 ने नेपाल की पुलिस को टैग किया है। इसके साथ उन्होंने लिखा है कि हिन्दू पर दिन दहाड़े हमला नेपाल की शांति और सुरक्षा को खुली चुनौती है। शरद शर्मा ने लिखा, “पाकिस्तानी मुस्लिमों को नागरिकता देने का अंजाम भुगतना शुरू हो चुका है। यह मुस्लिमों को गले लगाने का अंजाम है।” शरद ने आशंका जताई है कि जल्द ही नेपाल के नए मालिक होंगे और तब मधेशी लोगों को तराई से भगा दिया जाएगा।

‘नरेंद्र मोदी ने गुजरात CM रहते मुस्लिमों को OBC सूची में जोड़ा’: आधा-अधूरा वीडियो शेयर कर झूठ फैला रहे कॉन्ग्रेसी हैंडल्स, सच सहन नहीं कर पाएँगे

लोकसभा चुनाव 2024 में मतदान का आगाज हो चुका है और इसके साथ ही कॉन्ग्रेस समर्थक हैंडलों ने सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार फैलाना और तेज़ कर दिया है। जहाँ एक तरफ कॉन्ग्रेस के नेता नरेंद्र मोदी की वापसी को अवश्यम्भावी मान कर सुस्त पड़े हुए हैं, ट्रॉल्स बाज नहीं आ रहे। अब उन्होंने दावा करना शुरू कर दिया है कि नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री रहते गुजरात में मुस्लिमों को आरक्षण दिया था। पीएम मोदी ने ध्यान दिलाया था कि कॉन्ग्रेस SC-ST-OBC समाज का आरक्षण लेकर मुस्लिमों को देना चाहती है, जिसके बाद ये सब कुछ शुरू हुआ।

राजस्थान के टोंक-सवाई माधोपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था कि कॉन्ग्रेस और I.N.D.I. अलायंस जब सत्ता में था, तो ये लोग दलितों-पिछड़ों के आरक्षण में सेंधमारी करके अपने खास वोटबैंक को अलग से आरक्षण देना चाहते थे, जबकि संविधान इसके बिल्कुल खिलाफ है। पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा था कि आरक्षण का जो हक बाबासाहेब ने दलित, पिछड़ों और जनजातीय समाज को दिया, कॉन्ग्रेस और I.N.D.I. अलायंस वाले उसे मजहब के आधार पर मुस्लिमों को देना चाहते थे।

इसी के बाद कॉन्ग्रेसियों ने बवाल शुरू कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये भी बताया था कि कैसे आंध्र प्रदेश में कॉन्ग्रेस पार्टी ने 2004 में दलितों और जनजातीय समाज का आरक्षण लेकर मुस्लिमों को देने की कोशिश की थी, पार्टी संविधान के खिलाफ गई थी। इसके बाद ‘Amock’ नाम के सोशल मीडिया हैंडल ने लिखा कि नरेंद्र मोदी ने गुजरात का CM रहते OBC का आरक्षण मुस्लिमों को दे दिया। साथ ही पीएम मोदी के इंटरव्यू की एक क्लिप भी शेयर की।

आधा-अधूरा वीडियो के जरिए प्रोपेगंडा का प्रयास

कॉन्ग्रेस समर्थकों ने इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी के आधे-अधूरे वीडियो शेयर कर के अपना गंदा एजेंडा चलाने की कोशिश की। इस वीडियो में वो बता रहे हैं कि उनके कार्यकाल में गुजरात में कई मुस्लिम जातियों को OBC कोटा का फायदा मिला। उन्होंने बताया कि कैसे मीडिया इन चीजों को नज़रअंदाज़ करता है। यहाँ पीएम मोदी ने एक बार भी ये नहीं कहा कि उन्होंने OBC की सूची बदल कर उसमें मुस्लिमों को जोड़ा। सच्चाई तो ये है कि कई राज्यों में कई मुस्लिम जातियों को ओबीसी कोटा का फायदा मिलता रहा है।

पिछले 40 वर्षों से ऐसा होता रहा है। सेन्ट्रल OBC कोटा में भी मुस्लिमों को आरक्षण दिया गया था, केंद्र की UPA सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की थी। नरेंद्र मोदी जब मुख्यमंत्री तक नहीं बने थे, तभी से ये सब चला आ रहा है। जब हम गुजरात में OBC जातियों की सूची का अध्ययन करते हैं तो हमें पता चलता है कि इसमें जो भी मुस्लिम जातियाँ हैं वो नरेंद्र मोदी के CM बनने से पहले से ही मौजूद हैं। नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्रित्व काल में इसमें 14 नई जातियाँ जोड़ी गईं, जिनमें से किसी का भी इस्लाम मजहब से कोई ताल्लुक नहीं है।

गुजरात की सरकारों द्वारा विभिन्न जातियों को OBC सूची में जोड़ने के लिए जारी की गई अधिसूचनाएँ

7 अक्टूबर, 2001 – ये वो तारीख़ थी जब नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। 22 मई, 2014 तक वो इस पद पर रहे। गुजरात सरकार द्वारा जारी की गई शैक्षिक एवं सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों की सूची में 7 मौके ऐसे आए जब इसमें नई जातियाँ जोड़ी गईं। ये हैं – कमली, तम्बोली, गड़ई, गौरव, कलाल (हिन्दू), संघर (हिन्दू), नगरची, कायस्थ, गंधर्व (हिन्दू), दर्जी, भंडारी, काठी राजगीर, अहीर गोर, कुरुहिन शेट्टी और हजारी (राजपूत)।

नरेंद्र मोदी ने CM रहते गुजरात में इन जातियों को OBC सूची में जोड़ा गया

कलाल मुस्लिम पहले से सूची में थे, कलाल हिन्दुओं को मोदी सरकार ने जोड़ा

कलाल मुस्लिमों को पहले ही OBC का दर्जा दे दिया गया था, लेकिन इसी जाति के हिन्दुओं को इस सूची में स्थान पाने के लिए नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री बनने तक का इंतज़ार करना पड़ा। 2005 में मोदी की राज्य सरकार ने उनके साथ न्याय किया। गुजरात में 31 मुस्लिम जातियाँ OBC के दायरे में आती हैं, जिनमें से 29 कॉन्ग्रेस शासनकाल में जोड़ी गईं। दिसंबर 1995 और सितंबर 1996 में भाजपा सरकार ने मुस्लिम जातियों को इसमें जोड़ा, लेकिन तब नरेंद्र मोदी सरकार का हिस्सा नहीं थे।

टेंट फाड़ डाला, कुर्सियाँ पटकी, बर्तन फेंक कर मारा, ससुर को पीटा… दहेज़ में बुलेट बाइक के लिए पगलाया मौलाना, UP पुलिस के केस दर्ज करते ही तुरंत किया निकाह

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक मौलाना के निकाह में दहेज़ माँगने पर हुआ विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है। हीरो होंडा स्प्लेंडर पाने के बावजूद मौलाना बुलेट लेने की जिद पर अड़ा रहा जिसके चलते उसके निकाह में मारपीट और गुंडागर्दी हुई। टेंट को गिरा दिया गया और कुर्सियाँ व बर्तन भी फेंक कर मारे गए। घटना रविवार (14 अप्रैल, 2024) की है। बुधवार (17 अप्रैल, 2024) को पुलिस ने दूल्हे मौलाना और 6 अन्य बारातियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली। बताया जा रहा है कि बीच में UP पुलिस का दखल पड़ते ही मौलाना निकाह के लिए रेडी हो गया।

यह मामला पीलीभीत जिले के थाना क्षेत्र पूरनपुर का है। दुल्हन के अब्बा शहाबुद्दीन ने 17 अप्रैल को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में शहाबुद्दीन ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी का निकाह मौलाना मेराज से तय किया था। 14 अप्रैल को हुए इस निकाह में मौलाना ने हीरो होंडा स्प्लेंडर बाइक और 4 लाख रुपए का सामान लिया था। मौलाना और बारातियों ने खाना खा लेने के बाद सारा सामान अपने घर पहुँचा दिया। इसके बाद मौलाना दहेज़ में एक बुलेट बाइक और 2 लाख रुपए और माँगने लगा।

बुलेट माँगने वालों में मौलाना के अब्बा मुन्ने, मोहम्मद यूनुस, परवेज, आफाक, उस्मान और शादाब भी बताए जा रहे हैं। जब लड़की के अब्बा ने इतना पैसा देने में असमर्थता जताई तो मौलाना भड़क गया। उसने सैकड़ों बारातियों और घरातियों के आगे दुल्हन के अब्बा को पहले गालियाँ दीं और और बाद में बेरहमी से पीटा। इन सभी ने निकाह लगाया गया तम्बू भी नोच कर गिरा दिया और खाने-पीने के लिए रखे गए बर्तनों को भी फेंक कर मारना शुरू कर दिया। बाद में मौलाना मेराज बिना निकाह किए ही बारातियों को ले कर वापस लौट गया।

दुल्हन के अब्बा ने पुलिस को बताया है कि निकाह तय करने से ले कर अब तक उनका 6 से 7 लाख रुपया खर्च हो चुका है। मेहमानों के आगे अपमानित होने की वजह से दुल्हन का पूरा परिवार मानसिक आघात में बताया गया है। दुल्हन की माँ भी बीमार पड़ गईं। शहाबुद्दीन ने आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की माँग की है। पुलिस ने इस FIR में मौलाना मेराज, मुन्ने, मोहम्मद यूनुस, परवेज, आफाक, उस्मान और शादाब को नामजद किया है। इन सभी पर IPC की धारा 323 और 504 के साथ दहेज़ प्रतिषेध अधिनियाम 1961 की धारा 3/4 के तहत FIR दर्ज कर लिया।

ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। पुलिस ने इस मामले की जाँच शुरू कर दी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खुद और अपने परिवार पर FIR दर्ज होने के बाद मौलाना मेराज दुल्हन से निकाह करने के लिए तैयार हो गया। शुक्रवार (19 अप्रैल 2024) को मौलाना का निकाह शहाबुद्दीन की बेटी से हो गया। ऑपइंडिया ने दुल्हन के भाई से बात की। उन्होंने हमें बताया कि केस दर्ज होने के बाद उनकी बहन का निकाह सही सलामत हो गया। अब दुल्हन मौलाना के घर में चैन और सुकून से है। दुल्हन के भाई ने पीलीभीत पुलिस के कार्य की भी तारीफ की और उनसे पूरा सहयोग मिलने की बात कही।

‘खुद को भगवान राम से भी बड़ा समझती है कॉन्ग्रेस, उसके राज में बढ़ी माओवादी हिंसा’: छत्तीसगढ़ के महासमुंद और जांजगीर-चांपा में बोले PM मोदी – I.N.D.I. में सिर-फुटव्वल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (23 अप्रैल, 2024) को छत्तीसगढ़ के महासमुंद और जांजगीर-चांपा में रैली कर भाजपा प्रत्याशियों के लिए वोट माँगा। पीएम ने राजस्थान के टोंक-सवाई माधोपुर में रैली करने के बाद छत्तीसगढ़ का दौरा किया। उससे पहले उन्होंने हनुमान जयंती के अवसर पर एक वीडियो के जरिए देशवासियों को शुभकामनाएँ भी दी। लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर जहाँ विपक्ष सुस्त पड़ा है, पीएम मोदी धुआँधार रैलियाँ करने में लगे हुए हैं।

अब कश्मीर में भी लागू बाबसाहेब का संविधान: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में PM नरेंद्र मोदी

जांजगीर-चांपा पहुँचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ वासियों ने मोदी की हर गारंटी पर मुहर लगाई है। उन्होंने जनता से कहा कि कुछ महीने पहले मैं विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए आपसे आशीर्वाद माँगने आया था, भाजपा के हर साथी को आप सब ने बहुत आशीर्वाद दिया, हमारे सेवा भाव को बहुत मान दिया। उन्होंने इसके लिए जनता का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या के जिस मंदिर की उम्मीद देश छोड़ चुका था, उस उम्मीद को पूरा करने का काम भाजपा ने किया है।

पीएम मोदी ने कहा कि कॉन्ग्रेस के लोग हम पर तंज करते थे, हर चुनाव में हमसे पूछा जाता था कि मंदिर कब बनेगा? बकौल पीएम मोदी, हमने उन्हें तारीख भी बताई, समय भी बताया, निमंत्रण भी भेजा, लेकिन उन्होंने प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम का निमंत्रण ठुकरा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस खुद को भगवान राम से भी बड़ा मानती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि धर्म के नाम पर देश को बाँटने वाली कॉन्ग्रेस आज़ादी के बाद पहले दिन से तुष्टिकरण में लगी हुई थी।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति कॉन्ग्रेस के DNA में है, तुष्टिकरण के लिए कॉन्ग्रेस को दलितों, पिछड़ों और जनजातीय समाज का हक भी ​छीनना पड़े तो एक सेकंड भी नहीं लगाएगी।पीएम मोदी ने कहा कि इसके उल्ट भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर चलने वाली पार्टी है और पार्टी की प्राथमिकता- गरीब, युवा, महिला और किसानों का कल्याण है। पीएम ने कहा कि 2014 से पहले करीब 60 वर्ष तक, कॉन्ग्रेस के एक ही परिवार ने सीधा या रिमोट से सरकार चलाई। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस कभी नहीं चाहती कि दलित, पिछड़े, आदिवासियों की भागीदारी बढ़े।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “2014 में आपने अपने बीच से आए मोदी को इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी। मैं आप सभी के बीच से आया हूँ। मैं ग़रीबी को जी कर आया हूँ। जिन मुसीबतों को आपके माता-पिता ने झेला है, उन्हें मैंने भी झेला है। कॉन्ग्रेस ने अब एक और बड़ा खेल शुरू कर दिया है। पहले कर्नाटक से कॉन्ग्रेस सांसद ने कहा कि ​दक्षिण भारत को अलग देश घोषित कर देंगे और अब कॉन्ग्रेस के गोवा के उम्मीदवार कह रहे हैं कि गोवा पर देश का संविधान लागू नहीं होता, गोवा पर देश का संविधान थोपा गया। ये भारत का और बाबा साहेब आंबेडकर का अपमान है।”

बकौल पीएम मोदी, ये जम्मू-कश्मीर के कुछ लोग भी कहा करते थे कि यहाँ भारत का संविधान नहीं चलेगा, जनता ने मोदी को आशीर्वाद दिया और आज जम्मू-कश्मीर में बाबा साहेब का संविधान लागू हो गया। उन्होंने कहा कि जब भी चुनाव आता है, तो कॉन्ग्रेस वाले एक ही घिसी-पिटी टेप रिकॉर्ड बजाते रहते हैं – भाजपा वाले आएँगे, संविधान खत्म कर देंगे, भाजपा वाले आएँगे, आरक्षण खत्म कर देंगे। पीएम मोदी ने कहा कि अरे, कितने दिनों तक झूठ चलाते रहोगे। उन्होंने कहा कि एक बात याद रखी जानी चाहिए, खुद बाबा साहेब आंबेडकर भी आकर कहें तो भी कोई संविधान नहीं बदल सकता।

‘लोग जान गँवाते रहे, कॉन्ग्रेस तिजोरी भरती रही’ : छत्तीसगढ़ के महासमुंद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

वहीं महासमुंद में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 19 अप्रैल को छत्तीसगढ़ में बस्तर सीट पर मतदान हुआ, देश के और राज्यों में भी मतदान हुआ। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण के मतदान ने साफ कर दिया है कि देश का मन एकदम साफ है और देश का मन कहता है कि शक्तिशाली, विकसित भारत बनाने के लिए एक मजबूत सरकार बनानी है, इसलिए, जनता जनार्दन का भरोसा भाजपा पर है। बकौल पीएम मोदी, I.N.D.I. गठबंधन में आपस में ही सिर-फुटव्वल चल रही है, 2 दिन पहले झारखंड में इंडी अलायंस की रैली थी, वहाँ सरेआम सिर फोड़े गए, कपड़े फाड़े गए।

पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली में जहाँ कॉन्ग्रेस का शाही परिवार रहता है, वहाँ शाही परिवार का वोट कॉन्ग्रेस को नहीं जाएगा और आपको कहते हैं वोट दो, क्योंकि शाही परिवार जहाँ रहता है, वहाँ कॉन्ग्रेस का उम्मीदवार ही नहीं है। पीएम मोदी ने कहा कि जिस कॉन्ग्रेस से दिल्ली का भरोसा उठ गया हो, उस पर छत्तीसगढ़ भरोसा कैसे कर सकता है, तभी तो देश कह रहा है, फिर एक बार मोदी सरकार। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस जब भी सत्ता में रही है, उसने विकास को पटरी से उतारने का ही काम किया है।

बकौल प्रधानमंत्री, कॉन्ग्रेस और विकास साथ-साथ चल ही नहीं सकते हैं। इसके अलावा कॉन्ग्रेस जहाँ-जहाँ सरकार में रही, हिंसा और भ्रष्टाचार चरम पर पहुँच गया। पीएम मोदी ने कहा कि जब तक नॉर्थ-ईस्ट में थी, वहाँ हिंसा की गतिविधियाँ शांत नहीं हुईं। इसी तरह, उन्होंने उदाहरण दिया कि जब तक छत्तीसगढ़ में रही, प्रदेश में नक्सली, माओवादी हिंसा बढ़ती रही। साथ ही सवाल दागा कि आखिर कॉन्ग्रेस का हिंसा के साथ ये कैसा नाता है? उन्होंने कहा कि अपने भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए कॉन्ग्रेस हिंसा को बढ़ावा देती रही, लोग जान गँवाते रहे, लेकिन कॉन्ग्रेस अपनी तिजोरी भरने में लगी रही।

महासमुंद में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “PM किसान सम्मान निधि के तहत 3 लाख करोड़ रुपए किसानों के खातों में सीधे हस्तांतरित किया गया है। अगर देश में कॉन्ग्रेस सरकार होती, तो इसमें ये करीब ढाई लाख करोड़ रुपए पर कोई न कोई पंजा मार लेता। जब तक देश में भाजपा सरकार है, तब तक आपके हक का पैसा सीधे आपके खाते में पहुँचता रहेगा। कॉन्ग्रेस ने 60 साल तक देश पर राज किया, लेकिन उन्हें कभी इसकी चिंता नहीं हुई कि क्या कभी गरीब के बच्चे भी भूखे सोते होंगे? क्या कभी गरीब के घर में भी चूल्हा नहीं जलता होगा?”

PM ने कहा कि मोदी इस दर्द को जानता था, इसलिए मुफ्त राशन की योजना शुरू की और आज गरीब को मुफ्त राशन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कोई नहीं चाहता कि उसकी संतानें भी गरीब रहें, लेकिन ये कॉन्ग्रेस के शाही परिवार की करनी का फल है जो गरीब था वो गरीब ही रहा। पीएम मोदी ने कहा कि कॉन्ग्रेस की वजह से ही इतनी बड़ी आबादी पिछड़ी रह गई, वंचित रह गई, शोषित रह गई। साथ ही उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस ने ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा नहीं दिया, मेडिकल की परीक्षाओं में ओबीसी आरक्षण तक नहीं दिया।

हॉन्गकॉन्ग-सिंगापुर में Everest और MDH के मसालों पर बैन, अब भारत ने दोनों देशों से माँगी रिपोर्ट: रिसर्च में दावा – कैंसर का ख़तरा

भारतीय कम्पनियों MDH और एवरेस्ट के मसालों पर सिंगापुर और हॉन्गकॉन्ग में प्रतिबंध के मामले में केंद्र सरकार एक्शन में आ गई है। मसाला प्रतिबन्ध मामले में भारत सरकार ने इन दोनों देशों की एजेंसियों से रिपोर्ट माँगी है। सरकार ने अपने दूतावासों से भी इस विषय में रिपोर्ट तलब की है। उधर एक कम्पनी ने दावा किया है कि उसके उत्पादों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगा।

जानकारी के अनुसार, भारतीय कम्पनियों के कुछ मसालों में केमिकल पाए जाने की रिपोर्ट के बाद वाणिज्य मंत्रालय ने एक्शन लिया है। उसने इन मसाला कम्पनियों समेत दोनों देशों में स्थित भारतीय दूतावासों से मसालों की जाँच रिपोर्ट भेजने को कहा है।

मंत्रालय ने सिंगापुर और हॉन्गकॉन्ग की खाद्य मानक एजेंसियों से भी इस विषय में सूचना माँगी है। देश में मसालों के विषय में निर्णय लेने वाले स्पाइस बोर्ड ने भी इस मामले में एक्शन लिया है, उसने कम्पनियों से इस मामले में स्पष्टीकरण माँगा है। बोर्ड ने कम्पनियों से पूछा है कि क्या मानक पूरे किए गए थे।

गौरतलब है कि हाल ही में यह खबर आई थी कि भारतीय मसाला कंपनी MDH और एवेरेस्ट के मसालों को हांगकांग और सिंगापुर में प्रतिबन्धित किया गया है। इनके ऊपर प्रतिबंध की वजह इनमें एक केमिकल का पाया जाना थी। यह केमिकल एथिलीन ऑक्साइड था। इससे कैंसर का खतरा बढ़ता है।

एवेरेस्ट कम्पनी ने अपने उत्पादों पर प्रतिबन्ध की बात को झूठ कहा है। एवेरेस्ट ने कहा है कि उसके उत्पादों पर केवल तात्कालिक रोक लगाई गई है। यह रोक जाँच के लिए लगाई गई है। बताया जा रहा है कि अब भारत में भी FSSAI इन मसालों की जाँच करने जा रही है।

भारत विश्व में मसालों का सबसे बड़ा उत्पादक, उपभोक्ता और निर्यातक है। भारत में मसालों के बाजार का आकार लगभग ₹90,000 करोड़ है। भारत ने 2022-23 में ₹30,000 करोड़ से अधिक के मसालों का निर्यात विश्व भर में किया था। भारत के मसालों की माँग प्राचीन समय से रही है।

जेल में ही रहेंगे केजरीवाल और K कविता, दिल्ली कोर्ट ने न्यायिक हिरासत 7 मई तक बढ़ाई: ED ने कहा था- छूटने पर ये लोग सबूतों से कर सकते हैं छेड़छाड़

दिल्ली शराब घोटाला मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और बीआरएस नेता के कविता को झटका लगा है। प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दर्ज मामले में दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत खत्म होने पर इसे 7 मई तक बढ़ाया गया।

इस मामले में फैसला राउज एवेन्यू कोर्ट की विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने दिया है। दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत आज यानी 23 अप्रैल को खत्म हो रही थी। ऐसे में कोर्ट में वर्चुअली पेश करके इनकी हिरासत बढ़वाई गई।

ईडी ने इस मामले में केजरीवाल और कविता की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग करते हुए कोर्ट में आवेदन दिया था। ईडी ने कहा था कि गवाहों के प्रभावित करने, सबूतों से छेड़छाड़ करने की आशंका बनी हुई है। इस मामले में उनकी भूमिका से जुड़े होने की जाँच कर रहे हैं।

बता दें कि एक दिन पहले दिल्ली की अदालत ने केजरीवाल की उस याचिका को खारिज किया था जिसमें उन्होंने माँग की थी कि उन्हें अपनी पत्नी सुनीता की मौजूदी में रोजाना 15 मिनट के लिए डॉक्टर से परामर्श लेने की अनुमति दी जाए।

गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय ने 21 मार्च 2024 को दिल्ली शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद से कई बार उनकी बेल याचिका खारिज हुई हैं। वहीं बीआरएस नेता के कविता को केजरीवाल से एक हफ्ते पहले 15 मार्च 2024 को हिरासत में लिया गया था। मामले में ईडी और सीबीआई दोनों जाँच एजेंसियाँ जाँच कर रही हैं।

के कविता पर आरोप है कि वो इस घोटाले में साउथ ग्रुप की मुख्य सदस्य थीं। उनपर ये भी आरोप है कि उन्होंने शराब लाइसेंस के एक बड़े हिस्से के बदले में दिल्ली के सत्तारूढ़ AAP को 100 करोड़ की रिश्वत दी थी। वहीं केजरीवाल पर आरोप है कि वो इस घोटाले की साजिश रचने में मुख्य रूप से शामिल थे।

समाज कल्याण विभाग के कर्मचारी को गोलियों से भूना, जम्मू कश्मीर में अमेरिकी रायफल से टारगेट किलिंग: आतंकियों की तलाशी के लिए अभियान शुरू

जम्मू कश्मीर के राजौरी में आतंकियों ने मोहम्मद रज़्ज़ाक नाम के व्यक्ति की हत्या कर दी है। 40 वर्षीय रज्जाक राज्य सरकार के समाज कल्याण विभाग में काम करते थे। उनके भाई टेरिटोरियल आर्मी में तैनात हैं। रज्जाक को उनके घर में घुस कर गोलियों से भून दिया गया है। सुरक्षा बलों ने इलाके को चारों तरफ से घेर कर सर्च अभियान शुरू कर दिया है। हमलावरों की संख्या 2 बताई जा रही है। घटना सोमवार (22 अप्रैल, 2024) की है। रज्जाक की हत्या को भी टारगेट किलिंग के तौर पर देखा जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना राजौरी के शाहदरा शरीफ इलाके की है। यहाँ के कुंडा टोपे इलाके में मोहम्मद रज्जाक अपने परिवार के साथ रहते थे। रज्जाक जम्मू कश्मीर के समाज कल्याण विभाग में नौकरी करते थे। उनके भाई टेरिटोरियल आर्मी में तैनात हैं। सोमवार को रज्जाक अपने घर पर मौजूद थे। तभी कुछ हमलावरों ने उनके घर पर अचानक ही गोलियाँ बरसानी शुरू कर दीं। रज्जाक ने खुद को बचाने की काफी कोशिश की लेकिन एक गोली उनको लग गई।

गोलियाँ बरसाने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना शाम 7 से 8 बजे के बीच की बताई जा रही है। कुछ ही समय में सुरक्षा बल घटनास्थल पर पहुँच गए। रज्जाक को अस्पताल ले जाया गया। हालाँकि तमाम कोशिशों के बावजूद रज्जाक को बचाया नहीं जा सका। सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है। चप्पे-चप्पे की तलाशी ली जा रही है। अभी तक किसी संगठन ने रज्जाक पर हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। फ़िलहाल किसी हमलावर की गिरफ्तारी की भी कोई जानकारी नहीं है। बताया जा रहा है कि हमलावरों द्वारा अमेरिकी रायफल का इस्तेमाल किया गया है।

रज्जाक 5 बच्चों के पिता थे। उनके अब्बा को भी पूर्व में आतंकियों ने मार डाला था। रज्जाक के परिजनों ने बताया कि गोलियों की आवाज सुन कर उन्हें ये नहीं लगा था कि उनके ही घर को निशाना बनाया गया है। उन्होंने बताया कि उस इलाके में बंदरों को भगाने के लिए अक्सर फायरिंग होती है। हमलावरों ने रज्जाक की बीवी से 15 लोगों का खाना बनाने के लिए कहा और बाद में रज्जाक को मार डाला। मंगलवार (23 अप्रैल, 2024) को रज्जाक को कब्रिस्तान में दफना दिया गया। उनके जनाजे में सैकड़ों लोग शामिल हुए। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।

कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार ने सारे मुस्लिमों को दे दिया आरक्षण: भड़का पिछड़ा आयोग, कहा – मजहब के आधार पर रिजर्वेशन समाजिक न्याय के खिलाफ

मुस्लिमों को आरक्षण का लाभ देने के लिए कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार ने जो पूरे मुस्लिम समुदाय को पिछड़े वर्ग की सूची में शामिल करने का फैसला लिया है, उससे उनकी अब जगह-जगह आलोचना हो रही है।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग (नेशनल कमीशन फॉर बैकवॉर्ड क्लासेज) आयोग ने भी कर्नाटक सरकार के फैसले पर आपत्ति जताई है। आयोग ने कहा है कि कर्नाटक सरकार के इस फैसले से सामाजिक न्याय के सिद्धांत कमजोर होंगे।

बताया जा रहा है कि कर्नाटक बैकवर्ड क्लास वेल्फेयर डिपार्टमेंट ने जो आँकड़े उपलब्ध कराए हैं, उनके अनुसार, राज्य में मुस्लिम वर्ग की सभी जातियों को शैक्षिक और सामाजिक तौर पर पिछड़ा माना गया है और उन्हें राज्य की पिछड़ा वर्ग की आईआईबी कैटेगरी में लिस्ट किया गया है।

NCBC ने इस मुद्दे पर कहा कि मजहब आधारित आरक्षण सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछले मुस्लिम जाति और समुदाय के लोगों को सामाजिक न्याय देने के खिलाफ काम करता है। उन्होंने कहा कि इससे पिछड़ी जाति के रूप में मुसलमानों का व्यापक वर्गीकरण खासकर सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के रूप में पहचानी जाने वाली हाशिए पर पड़ी मुस्लिम जातियों और समुदायों के लिए सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को कमजोर करेगा।

बता दें कि 2011 के जनगणना के अनुसार राज्य में मुस्लिम जनसंख्या करीब 12.92 फीसदी है। ऐसे में एनसीबीसी ने सरकार के फैसले पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे स्थानीय निकाय चुनाव में आरक्षण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। कर्नाटक में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए स्थानीय निकाय चुनाव में 32 फीसदी आरक्षण का दिया जाता है। इस आरक्षण को विभिन्न समुदायों में बाँटने की माँग उठ रही है।

गौरतलब है कि कॉन्ग्रेस सरकार के इस फैसले पर सोशल मीडिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। कहा जा रहा है कि कॉन्ग्रेस तो हमेशा से ही देश डिवाइज एंड रूल वाले नियम पर चलती आई। कोई नई बात नहीं है अगर उन्होंने इस तरह का निर्णय लिया।

पतंजलि के छोटे साइज की माफी से संतुष्ट नहीं सुप्रीम कोर्ट, बड़े साइज को लेकर कहा – सभी माफी बिना कटिंग किए लाओ, इनलार्ज भी मत करना

सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि से कहा है कि माफी माँगने के लिए दिए गए उसके विज्ञापन बड़े होने चाहिए। कोर्ट ने छोटे साइज की माफी पर नाराजगी जताई है। उसने कहा है कि माफी इतनी छोटी ना हो कि माइक्रोस्कोप से देखनी पड़े। कोर्ट ने अभी छपवाई गई माफियों की पेपर कटिंग भी माँगी है।

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस अह्सानुद्दीन अमानुल्लाह की बेंच पतंजलि के मामले की मंगलवार (23 अप्रैल, 2024) को सुनवाई की। इस मामले में बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण भी सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए। इस मामले की सुनवाई के दौरान विज्ञापन के साइज पर बात की गई।

जस्टिस कोहली ने इस मामले में पतंजलि से पूछा कि क्या उसके द्वारा समाचारपत्रों में छपवाई गई माफियाँ उसी साइज की हैं जिस साइज में उसने विज्ञापन छपवाए थे। उन्होंने कहा कि माफ़ी इतनी छोटी ना हो कि उसे माइक्रोस्कोप से देखना पड़े। पतंजलि ने कोर्ट को बताया कि उसने 67 समाचार पत्रों में माफ़ी छपवाई है।

पतंजलि ने कोर्ट को बताया कि उसने पूरे पेज में माफ़ी नहीं छपवाई क्योंकि इसमें दसियों लाख का खर्च आता। कोर्ट ने पतंजलि को आदेश दिया कि वह अपने द्वारा छपवाई गई माफ़ी की पेपर कटिंग एक फ़ाइल में लेकर आए। कोर्ट ने कहा कि उसके सामने समाचारपत्र की असली कटिंग लाई जाए और उसके साइज से छेड़छाड़ ना हो।

इस मामले में कोर्ट ने माफ़ी को रिकॉर्ड में शामिल करने की बात भी कही है। कोर्ट ने इस बात पर भी प्रश्न उठाए कि आखिर माफी आदेश के एक सप्ताह के बाद क्यों छपवाई गई। उसने कहा कि माफी के सुनवाई के पहले छपवाने का क्या कारण था। कोर्ट इस मामले में अब 30 अप्रैल को सुनवाई करेगा।

कोर्ट ने यह आदेश इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा दायर किए गए एक मामले में दिया है। इस मामले में 16 अप्रैल, 2024 को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बाबा रामदेव और पतंजलि को इस बात की अनुमति दी थी की वह समाचारपत्रों में अपनी माफी छपवा सकते हैं। यह मामला अवमानना से जुड़ा हुआ है।

1.5 साल तक बलात्कार किया, गर्भ भी गिरवाया: लक्की’ बन कर मिला था शावेज अली, ₹4 लाख वसूल कर बोला – हिन्दू महिला से शादी नहीं कर सकता

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से ‘लव जिहाद’ का नया मामला सामने आया है। यहाँ शावेज अली पर नाम बदल कर एक महिला को प्यार के जाल में फँसा कर रेप करने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि शावेज ने पीड़िता से लाखों रुपए भी ठगे और गर्भवती होने पर उसका एबॉर्शन भी करवाया। पुलिस ने रविवार (21 अप्रैल, 2024) को केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। केस दर्ज होते ही शावेज फरार हो गया है जिसकी तलाश की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना देहरादून के थाना क्षेत्र पटेल नगर की है। यहाँ रहने वाली के महिला ने रविवार को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में पीड़िता ने बताया कि लगभग डेढ़ साल पहले शावेज अली उन से लक्की नाम से मिला था। कुछ ही दिनों में दोनों की फोन पर बातचीत होने लगी जो बाद में मुलाकातों में बदल गई। कुछ दिनों की ही मुलाकात में लक्की ने पीड़िता से शादी का प्रस्ताव रखा। लक्की बने शावेज ने पीड़िता को झाँसा दे कर कई बार उसका रेप किया।

शिकायत में आगे बताया गया है कि कई बार रेप की वजह से पीड़िता 2 बार गर्भवती हुई थी। तब शावेज ने एबॉर्शन की गोलियाँ खिला कर पीड़िता का गर्भ गिरवा दिया था। एक दिन लक्की ने शादी से पहले व्यापार शुरू करने के नाम पर पीड़िता से 4 लाख रुपयों की डिमांड की। पीड़िता ने कहीं से इंतजाम कर के व अपनी बचत को मिला कर ये पैसे आरोपित को दे भी दिए। अब तक शावेज ने ये पैसे पीड़िता को नहीं लौटाए। बाद में जब लड़की ने शादी के लिए कहा को लक्की बने शावेज ने अपना असली परिचय दिया।

शावेज ने खुद को मुस्लिम और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहरानपुर जिले का निवासी बताया। शावेज ने यह भी कहा कि वो हिन्दू लड़की से शादी नहीं कर सकता। खुद को ठगा पा कर लड़की ने आरोपित के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में शावेज पर यह भी आरोप लगाया गया है कि वो कई भोली-भाली लड़कियों को अपने जाल में फँसा कर उनसे पैसे ऐंठ चुका है। पीड़िता ने शावेज पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। इस शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। फरार हो गए शावेज की तलाश की जा रही है।,