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‘PM मोदी CCTV से 24 घंटे देखते रहते हैं अरविंद केजरीवाल को’: संजय सिंह का आरोप – यातना-गृह बन गया है तिहाड़ जेल

दिल्ली की सत्ताधारी ‘आम आदमी पार्टी’ (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह कुछ ही दिनों पहले जेल से निकले हैं, उसके बाद से वो लगातार अपने बयानों के कारण चर्चा में हैं। अब उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि वो एक ऐसा सच बताने जा रहे हैं, जिसे सुन कर कोई भी हैरान हो जाएगा। उन्होंने आगे इस ‘सच’ को बताते हुए कहा कि दिल्ली का तिहाड़ जेल अरविंद केजरीवाल के लिए यातना-गृह बन गया है। बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री शराब घोटाले में जेल में बंद हैं।

संजय सिंह ने इस दौरान जर्मनी के नाजी शासक हिटलर की याद दिलाते हुए कहा कि वो भी अपने विरोधियों के लिए यातना-गृह बनवाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल को 24 घंटे PMO (प्रधानमंत्री कार्यालय) और LG (उप-राज्यपाल) की निगरानी में रखा जा रहा है। बकौल संजय सिंह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनका कार्यालय 24 घंटे CCTV के जरिए उनका लिंक मँगा कर देखते हैं कि अरविंद केजरीवाल क्या कर रहे हैं और क्या नहीं।

संजय सिंह ने कहा, “आखिर इतनी निगरानी क्यों है? क्या देख रहे हैं मोदी जी? आप क्या देखना चाहते हैं प्रधानमंत्री जी? ये देखना चाहते हैं कि अरविंद केजरीवाल को दवा, खाना मिला या नहीं? वो कितना पढ़-लिख रहे हैं? वो कितना सो और जग रहे हैं? प्रधानमंत्री जी, आपको क्या देखना है? 24 घंटे आपके ऑफिस को CCTV का लिंक क्यों चाहिए? आप ये देखना चाहते हैं कि अरविंद केजरीवाल कितना बीमार हुए हैं, उनकी किडनी-लिवर ख़राब हुई या नहीं, उन्हें इन्सुलिन मिला या नहीं?”

संजय सिंह ने मीडिया से बात करते हुए ये भी कहा कि अरविंद केजरीवाल का स्वास्थ्य बिगड़ा या नहीं बिगड़ा, पीएम मोदी क्या ये देखना चाहते हैं कि उनका मनोबल कितना गिरा और वो कितना टूटे? संजय सिंह ने आरोप लगाया कि LG का ऑफिस भी इसी में लगे हुए हैं, दिल्ली के उप-राज्यपाल यहाँ का काम छोड़ कर ये देखने में लगे हुए हैं कि अरविंद केजरीवाल को कितनी प्रताड़ना और यातनाएँ दी जा रही हैं? बता दें कि अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका हाईकोर्ट ख़ारिज कर चुका है।

‘कॉन्ग्रेस सरकार में हनुमान चालीसा अपराध, दुश्मन काट कर ले जाते थे हमारे जवानों के सिर’: राजस्थान के टोंक-सवाई माधोपुर में बोले PM मोदी – वो SC/ST का हक़ मुस्लिमों को देना चाहते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (23 अप्रैल, 2024) को राजस्थान के टोंक और सवाई माधोपुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। बता दें कि ये इलाका पूर्व उप-मुख्यमंत्री व कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे सचिन पायलट का गढ़ माना जाता है, लेकिन पीएम मोदी की जनसभा में भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान उन्होंने कहा कि राजस्थान ने हर बार भाजपा को भरपूर आशीर्वाद दिया है। पीएम मोदी ने याद दिलाया कि आज रामभक्त हनुमान जी की जयंती का पवित्र दिन है।

उन्होंने पूरे देश को पूरे देश को हनुमान जयंती की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ देते हुए ‘बजरंग बली की जय’ का उद्घोष भी लगाया। पीएम मोदी ने कहा कि आज वो ये जो उत्साह देख रहे हैं, उसमें एक मजबूत भारत के लिए आशीर्वाद है। उन्होंने कहा कि इसीलिए हर तरफ यही गूँज है – फिर एक बार मोदी सरकार! प्रधानमंत्री ने कहा कि राजस्थान ये बखूबी जानता है कि सुरक्षित राष्ट्र और स्थायी सरकार कितनी जरूरी है, इसीलिए चाहे 2014 हो या 2019 हो, राजस्थान ने एकजुट होकर देश में भाजपा की ताकतवर सरकार बनाने के लिए अपना आशीर्वाद दिया था।

पीएम मोदी ने याद किया कि कैसे पिछले दोनों लोकसभा चुनावों में राजस्थान की जनता ने 25 की 25 सीटें भाजपा को दी थीं। बकौल पीएम मोदी, एकजुटता ही राजस्थान की सबसे बड़ी पूंजी है। याद रखिएगा, जब-जब हम बंटे हैं, तब-तब देश के दुश्मनों ने फायदा उठाया है। अब भी राजस्थान को बांटने की पूरी कोशिशें हो रही हैं। इससे राजस्थान को सावधान रहने की जरूरत है। पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में आपने मोदी को दिल्ली में सेवा का अवसर दिया, फिर देश ने वो फैसले लिए जिनकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।

प्रधानमंत्री ने लोगों से ये सोचने को कहा कि 2014 के बाद भी और आज भी अगर दिल्ली में कॉन्ग्रेस की सरकार होती तो क्या क्या हुआ होता। फिर उन्होंने जवाब दिया कि होती, तो जम्मू कश्मीर में आज भी हमारी सेनाओं पर पत्थर चल रहे होते, सीमा पार से आकर दुश्मन आज भी हमारे जवानों के सिर काटकर ले जाते, न ही हमारे फौजियों के लिए वन रैंक-वन पेंशन (OROP) लागू होती और न ही हमारे पूर्व सैनिकों को 1 लाख करोड़ रुपए मिलते।

पीएम मोदी ने टोंक-सवाई माधोपुर में कहा, “राजस्थान के मेरे भाई-बहन तो कुछ महीने पहले ही कॉन्ग्रेस के पंजे से मुक्त हुए हैं। कॉन्ग्रेस पार्टी ने सत्ता में रहते हुए, जो जख्म दिए, वो राजस्थान के लोग कभी भी भूल नहीं सकते। कॉन्ग्रेस ने महिलाओं पर अत्याचार के मामले में राजस्थान को नंबर 1 बना दिया था और दुर्भाग्य देखिए कि कॉन्ग्रेस के लोग विधानसभा में बेशर्मी के साथ कहते थे कि ये तो राजस्थान की पहचान है। टोंक में किन असामाजिक तत्वों के कारण यहाँ की इंडस्ट्री बंद हो गई, ये भी आप जानते हैं। लेकिन, आपने हमारे भजनलाल शर्मा को सेवा करने का मौका दिया है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जबसे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उनकी टीम काम पर लगी है, माफिया और अपराधी राजस्थान छोड़कर भागने पर मजबूर हैं। उन्होंने हनुमान जयंती पर याद दिलाया कि कुछ दिन पहले कॉन्ग्रेस के शासन वाले कर्नाटक में एक छोटे दुकानदार को केवल इसलिए बुरी तरह से पीटा गया, क्योंकि वो अपनी दुकान में बैठे-बैठे हनुमान चालीसा सुन रहा था। पीएम मोदी ने कहा कि आप कल्पना कर सकते हैं, कॉन्ग्रेस के राज में हनुमान चालीसा सुनना भी गुनाह हो जाता है।

पीएम मोदी ने राजस्थान के रोक-सवाई माधोपुर में कहा कि कॉन्ग्रेस ने तो राम-राम सा कहने वाले राजस्थान में रामनवमी पर प्रतिबंध लगा दिया था, ने शोभायात्रा पर पत्थरबाजी करने वालों को सरकारी संरक्षण दिया था, तुष्टिकरण के लिए मालपुरा, करौली, टोंक और जोधपुर को दंगों की आग में झोंक दिया था। उन्होंने गरजते हुए कहा कि अब भाजपा सरकार आने के बाद किसी की हिम्मत नहीं है कि लोगों की आस्था पर सवाल उठा दे, अब आप चैन से हनुमान चालीसा भी गाएँगे और रामनवमी भी मनाएँगे – ये भाजपा की गारंटी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान राजस्थान के बाँसवाड़ा में दिए गए अपने उस भाषण को भी याद किया, जिसमें उन्होंने याद दिलाया था कि कैसे प्रधानमंत्री रहते मनमोहन सिंह ने कहा था कि देश की संपत्ति पर पहला हक़ मुस्लिमों का। बकौल पीएम मोदी, उस बयान से पूरी कॉन्ग्रेस और INDI गठबंधन में भगदड़ मच गई है। पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने देश के सामने सत्य रखा था कि कांग्रेस आपकी संपत्ति छीनकर अपने खास लोगों को बाँटने की गहरी साजिश रचकर बैठी है।

उन्होंने कहा, “मैंने कॉन्ग्रेस की इस वोटबैंक और तुष्टिकरण की राजनीति का पर्दाफाश किया था। इससे कॉन्ग्रेस और उसके इकोसिस्टम को इतनी मिर्ची लगी है कि वो हर तरफ मुझे गालियाँ देने में जुटे हैं। मैं कॉन्ग्रेस से पूछना चाहता हूँ कि आखिर वो सच्चाई से इतना डरते क्यों हैं। कॉन्ग्रेस क्यों अपनी नीतियों को छिपाने में लगी है? कॉन्ग्रेस वोटबैंक पॉलिटिक्स के दलदल में इतना धँसी हुई है कि उसे बाबा साहेब के संविधान की भी परवाह नहीं है। उन्होंने अपने मेनिफेस्टो में लिखा है कि आपकी संपत्ति का सर्वे करेंगे, हमारी माताओं-बहनों के पास जो मंगलसूत्र होता है उसका सर्वे करेंगे।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान में याद दिलाया कि कॉन्ग्रेस के ही एक नेता ने तो यहाँ तक कहा कि एक्स-रे किया जाएगा। उन्होंने याद दिलाया कि 2011 में कॉन्ग्रेस ने इसे पूरे देश में लागू करने की कोशिश की। SC/ST और OBC को मिला हुआ अधिकार छीनकर, वोटबैंक की राजनीति के लिए औरों को देने का खेल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस ने इतने प्रयास ये जानते हुए किए कि ये सब संविधान की मूल भावना के खिलाफ था, लेकिन कॉन्ग्रेस ने संविधान की परवाह नहीं की।

बकौल पीएम मोदी, सच्चाई ये है कि कॉन्ग्रेस और I.N.D.I. अलायंस जब सत्ता में था, तो ये लोग दलितों-पिछड़ों के आरक्षण में सेंधमारी करके अपने खास वोटबैंक को अलग से आरक्षण देना चाहते थे, जबकि संविधान इसके बिल्कुल खिलाफ है। पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि आरक्षण का जो हक बाबासाहेब ने दलित, पिछड़ों और जनजातीय समाज को दिया, कॉन्ग्रेस और I.N.D.I. अलायंस वाले उसे मजहब के आधार पर मुस्लिमों को देना चाहते थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया कि कॉन्ग्रेस की इन साजिशों के बीच मोदी आज आपको खुले मंच से गारंटी दे रहा है कि दलितों, पिछड़ों और जनजातीय समाज का आरक्षण न खत्म होगा और न ही उसे धर्म के नाम पर बाँटने दिया जाएगा। उन्होंने दोहराया – ये मोदी की गारंटी है। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस की सोच हमेशा से तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति की रही है, 2004 में जैसे ही केंद्र में कॉन्ग्रेस की सरकार बनी, उसका सबसे पहला काम था – आंध्र प्रदेश में SC/ST के आरक्षण में से कमी करके मुस्लिमों को देने का प्रयास।

आतंक की फैक्ट्री में काम कर लो, लेकिन मंदिर निर्माण मत करो: जाकिर नाइक का वीडियो वायरल, बोला- जिसमें हजारों लोगों की जान जाए वो कार्य इससे ठीक

दुबई में हुई भारी बारिश के लिए वहाँ बने हिंदू मंदिर को जिम्मेदार ठहराने के ट्रेंड के बीच इस्लामी कट्टरपंथी जाकिर नाइक का एक पुराना वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में वो बता रहा है कि मंदिर निर्माण का कार्य मुस्लिमों के लिए सबसे बड़ा गुनाह है।

वीडियो में एक शख्स उससे पूछता है कि उसे अबू धाबी में हिंदू मंदिर बनाने का काम मिला है लेकिन उसे ये पता चला है कि ये काम इस्लामी सिद्धांतों के खिलाफ है। जाकिर नाइक उस मुस्लिम युवक का ये सवाल सुनकर उसे मंदिर निर्माण का काम स्वीकारने से मना करता है। वो कहता है ऐसा करना इस्लामी सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन है, अगर कोई ऐसा करता है तो उसे सबसे बड़े शिर्क में गिना जाएगा।

नाइक इस वीडियो में ये भी सलाह दता है कि मंदिर या चर्च को बनाने का काम अपराध की दृष्टि से शराब या कोकीन के कारखानों में काम करने से भी बड़ा अपराध है। नाइक कहता है, “ये बिलकुल ऐसा है जैसे आप पूछें कि क्या शराब बनाने वाली कंपनी में काम करना ठीक है… जो कि एक बड़ा गुनाह है। इसके अलावा कोकेन या मारिजुआना बनाने की फैक्ट्री में काम करना… जो कि हजारों लोगों को मारती है… लेकिन एक मंदिर निर्माण में काम करना एक सबसे बड़ा शिर्क है।”

इतना ही नहीं, नाइक ने कहा कि अगर कोई मुस्लिम राजनेता एक आतंक की फैक्ट्री खोलता है। उसमें वो आतंकियों के लिए हथियार बनाता है जिससे हजारों मासूमों की जान जाए, वो भी स्वीकार्य है, लेकिन मंदिर या चर्च बनाने का कार्य बिलकुल स्वीकार्य नहीं है।

अपनी वीडियो में जाकिर नाइक ने सेकुलर मुस्लिमों को भी नहीं बख्शा। उसने कहा, “दुर्भाग्य से, बहुत सारे मुस्लिम राजनेता हैं जिन्हें चर्च और मंदिर के उद्घाटनों में जाना होता है ताकि वो अपने आप को सेकुलर साबित कर सकें। ये सहिष्णुता या फिर सेकुलरिज्म नहीं है। आप लोग सिर्फ एक दूसरे को गुनाह करने में मदद कर रहे हैं।”

बता दें कि जाकिर नाइक की वायरल होती वीडियो हुडा टीवी पर 8 माह पहले अपलोड की गई थी। इसमें शुरू में ही नाइक को ये सवाल पढ़ते देखा जा रहा है जिसके जवाब में नाइक ने ये सारी बात कही है। इससे पहले नाइक पाकिस्तान में हिंदू मंदिरों को तोड़े जाने का भी खुलेआम समर्थन कर चुका है।

‘गोवा पर जबरन थोपा गया भारत का संविधान’ : कॉन्ग्रेस प्रत्याशी फर्नांडिस की वीडियो वायरल, BJP ने कहा- भारत तोड़ने की हो रही कोशिश

कॉन्ग्रेस के उम्मीदवार कैप्टन विरिआटो फर्नांडिस ने विवादित बयान देते हुए कहा है कि गोवा वासियों पर भारत का संविधान जबरदस्ती लादा गया था। उन्होंने राज्य के निवासियों के लिए दोहरी नागरिकता की माँग भी की है जिससे वह भारत के साथ ही पुर्तगाल के नागरिक भी बन सकें। उन्होंने अपनी यह माँगे कॉन्ग्रेस सांसद राहुल गाँधी के समक्ष रखीं थी। फर्नांडिस से राहुल गाँधी ने इन पर विचार करने की बात कही थी। भाजपा ने उनके बयान को देश तोड़ने वाला कहा है।

दक्षिण गोवा से उम्मीदवार बनाए गए विरिआटो फर्नांडिस ने एक जनसभा के दौरान यह विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा, “10 मार्च, 2019 को पिछले लोकसभा चुनावों के समय तत्कालीन कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी गोवा आए थे, तब मैंने दोहरी नागरिकता समेत 12 माँगे उनके सामने रखी थी।”

उन्होंने कहा, “राहुल गाँधी ने कहा था कि अगर दोहरी नागरिकता संवैधानिक नहीं है तो उस पर बात नहीं होगी। लेकिन मैंने उन्हें समझाया कि संविधान 1950 में लागू हुआ जबकि गोवा 1961 में भारत में शामिल हुआ था, ऐसे में भारत का संविधान गोवा पर जबरदस्ती लादा गया था।”

फर्नांडिस इसके बाद भी संविधान को लेकर बयानबाजी करते रहे। उन्होंने कहा कि हमारे भाग्य का निर्धारण किसी और ने किया था और संविधान बनने तथा लागू होने के समय गोवा भारत का हिस्सा नहीं था। कश्मीर के लिए अनुच्छेद 370 लागू किया गया जबकि गोवा के लिए ऐसा कुछ नहीं हुआ।

फर्नांडिस के इस बयान पर भाजपा ने आरोप लगाया है कि कॉन्ग्रेस भारत तोड़ो अभियान चला रही है। गोवा के मुख्यमंत्री डॉक्टर प्रमोद सावंत ने फर्नांडिस के इस बयान पर गुस्सा जाहिर करते हुए लिखा एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “मैं कॉन्ग्रेस के दक्षिण गोवा उम्मीदवार के बयान पर हैरान हूँ, जिसमें कहा गया है कि भारत का संविधान को गोवावासियों पर जबरदस्ती थोपा गया है। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का स्पष्ट तौर पर मानना था कि गोवा भारत का अभिन्न अंग है।”

उन्होंने कॉन्ग्रेस पर हमला बोलते हुए लिखा, “कॉन्ग्रेस ने गोवा को आजाद करवाने में में 14 वर्ष की देरी की। अब, उनके उम्मीदवार ने भारत के संविधान को नीचा दिखा रहे हैं। कॉन्ग्रेस को अपनी इस लापरवाह भारत तोड़ो वाली राजनीति को तुरंत बंद करना चाहिए। कॉन्ग्रेस हमारे लोकतंत्र के लिए संकट है।”

गौरतलब है कि 1961 में भारत ने सैन्य ऑपरेशन के जरिए गोवा को पुर्तगाल के कब्जे से आजाद करवाया था। इसके बाद गोवा भारत का हिस्सा बना थ। पुर्तगाल अभी भी गोवा के निवासियों को नागरिकता का अधिकार देता है। कानूनन यदि कोई व्यक्ति 1961 या उससे पहले गोवा का नागरिक था तो वह पुर्तगाल की नागरिकता ले सकता है।

उसके दो पीढ़ी तक के वंशज भी नागरिकता ले सकते हैं। हालाँकि, यदि कोई व्यक्ति पुर्तगाल की नागरिकता लेता है तो उसकी भारतीय नागरिकता खत्म हो जाती है। भारत में एकल नागरिकता का प्रवाधान है, जिसके अंतर्गत उसके नागरिक किसी और देश के नागरिक नहीं बन सकते। ऐसा करने पर उनकी नागरिकता स्वतः समाप्त मानी जाती है।

सो सब तव प्रताप रघुराई, नाथ न कछू मोरि प्रभुताई: 2047 तक विकसित भारत की लक्ष्य प्राप्ति के लिए युवाओं को हनुमान जी का संदेश

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के सर्वोत्तम सेवक, सखा, सचिव और भक्त हनुमान जी थे। प्रभु राम की भारतीय जनमानस में जिस प्रकार पूजा की जाती है, ठीक उसी प्रकार उनके प्रिय सेवक हनुमान जी की भी पूजा की जाती है। हनुमान जी को रुद्रावतार भी माना जाता है। इनकी पूजा पूरे भारत और दुनिया के अनेक देशों में इतने अलग-अलग तरीकों से की जाती है तथापि इन्हें ‘जन देवता’ की संज्ञा दी जा सकती है।

गोस्वामी तुलसीदास जी तो हनुमान जी के लिए कहते हैं:

अर्थात अतुल बल के धाम, सोने के पर्वत के समान कांतियुक्त शरीर वाले, दैत्यरूपी वन के लिए अग्नि रूप, ज्ञानियों में अग्रगण्य, संपूर्ण गुणों के निधान, वानरों के स्वामी, श्री रघुनाथ जी के प्रिय भक्त पवनपुत्र हनुमान जी को मैं प्रणाम करता हूँ।

हनुमान जी अतुल बल के स्वामी थे। उनके अंग वज्र के समान शक्तिशाली थे। अत: उन्हें ‘वज्रांग’ नाम दिया गया, जो बोलचाल में बजरंग बन गया। यह बजरंग केवल गदाधारी महाबली ही नहीं हैं, बल्कि विलक्षण और बहुआयामी मानसिक और प्रखर बौद्धिक गुणों के अद्भुत धनी भी हैं। यदि कोई उनसे विश्राम की बात करता तो उनका उत्तर होता था- मैंने श्रम ही कहाँ किया, जो मैं विश्राम करूं? उनके चित्र व्यायामशालाओं में जिस भक्तिभाव के साथ लगाए जाते हैं, उतनी ही श्रद्धा के साथ प्रत्येक शिक्षा और सेवा संस्थान में भी लगाए जाने चाहिए।

छत्रपति शिवाजी महाराज के स्वराज्य निर्माण की विस्तृत लेकिन गहरी नींव रखने के लिए उनके गुरु समर्थ श्री रामदास द्वारा गाँव-गाँव में अनगढ़े पत्थरों को सिन्दूर लगाकर हनुमान जी के रूप में उनकी प्राण-प्रतिष्ठा की गई। आज से लगभग 300 वर्षों से अधिक पहले यह महान राष्ट्रीय उपक्रम हुआ।

केवल भारत ही नहीं, सारे संसार के लिए किसी आदर्श व्यक्तित्व के चयन की समस्या आ जाए तो हनुमान जी का जीवन निश्चित रूप से सर्वाधिक प्रेरक सिद्ध हो सकता है। वे राम-सेवा अर्थात सात्विक सेवा के शिखर पुरुष ही नहीं थे बल्कि अनंतआयामी व्यक्तित्व विकास के महाआकाश थे।

अखंड ब्रह्मचर्य और संयम की साधना से जो तेजस् और ओजस् उन्होंने अर्जित किया था, वह अवर्णनीय है। बालपन से ही वे सूर्य साधक बन गए थे। सूर्य को उन्होंने अपना गुरु स्वीकार किया था। उनकी दिनचर्या सूर्य की गति के साथ संचालित होती थी। आगे जाकर सौर-अध्ययन के कारण वे एक अच्छे खगोलविद् और ज्योतिषी भी बने। एक शिशु के रूप में वे ज्यादा ही चंचल तथा उधमी थे। किसी शीलाखंड पर गिरने से उनकी ठुड्डी (हनु) कट गई गई थी, जिससे उनका हनुमान नाम पड़ गया। एक जैन मान्यता के अनुसार वे एक ऐसी जाति और वंश में पैदा हुए थे, जिसके ध्वज में वानर की आकृति बनी रहती थी।

धर्मशास्त्रों में आत्मज्ञान की साधना के लिए तीन गुणों की अनिवार्यता बताई गई है- बल, बुद्धि और विद्या। यदि इनमें से किसी एक गुण की भी कमी हो, तो साधना का उद्देश्य सफल नहीं हो सकता है। सबसे पहले तो साधना के लिए बल जरूरी है। निर्बल व कायर व्यक्ति साधना का अधिकारी नहीं हो सकता है। दूसरा, साधक में बुद्धि और विचार शक्ति होनी चाहिए। इसके बिना साधक पात्रता विकसित नहीं कर पाता है। तीसरा अनिवार्य गुण विद्या है। विद्यावान व्यक्ति ही आत्मज्ञान प्राप्त कर सकता है।

हनुमान जी के जीवन में इन तीनों गुणों का अद्भुत समन्वय मिलता है। इन्हीं गुणों के बल पर वे जीवन की प्रत्येक कसौटी पर खरे उतरते हैं। रामकथा में हनुमान जी का चरित्र अत्यंत प्रभावशाली है। प्रभु श्रीराम के आदर्शों को मूर्त रूप देने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

रामायण में सुंदरकांड की कथा सबसे अलग है। संपूर्ण रामायण कथा श्रीराम के गुणों और उनके पुरुषार्थ को दर्शाती है किन्तु सुंदरकांड एकमात्र ऐसा अध्याय है, जो सिर्फ हनुमान जी की शक्ति और विजय का कांड है। यह अतिसुंदर है, इसलिए सुंदरकांड नाम पड़ा। इस कांड में हनुमान जी का लंका प्रस्थान, लंका दहन और लंका से वापसी तक के घटनाक्रम आते हैं। इस सोपान के मुख्य घटनाक्रम हैं: हनुमान जी का लंका की ओर प्रस्थान, विभीषण से भेंट, सीता से भेंट करके उन्हें श्री राम की मुद्रिका देना, अक्षय कुमार का वध, लंका दहन और लंका से वापसी।

हनुमान जी का संवाद कौशल विलक्षण है। इसका सबसे बड़ा प्रमाण अशोक वाटिका में जब वे पहली बार माता सीता से मिलते हैं, तब दिखाई देता है। यह कौशल आज के युवा उनसे सीख सकते हैं। वे अपनी बातचीत से न सिर्फ उन्हें भयमुक्त करते हैं, बल्कि उन्हें यह भी भरोसा दिलाते हैं कि वे श्रीराम के ही दूत हैं:

इसी तरह समुद्र लाँघते वक्त देवताओं के कहने पर जब सुरसा ने उनकी परीक्षा लेनी चाही, तो उन्होंने अतिशय विनम्रता का परिचय देते हुए उस राक्षसी का भी दिल जीत लिया। वह हनुमान जी का बुद्धि कौशल व विनम्रता देख दंग रह गई और उसने उन्हें कार्य में सफल होने का आशीर्वाद देकर विदा कर दिया। यह प्रसंग सीख देता है कि केवल साम‌र्थ्य से ही जीत नहीं मिलती है, विनम्रता से समस्त कार्य सुगमतापूर्वक पूर्ण किए जा सकते हैं।

महावीर हनुमान ने अपने जीवन में आदर्शों से कोई समझौता नहीं किया। लंका में रावण के उपवन में हनुमान जी और मेघनाथ के मध्य हुए युद्ध में मेघनाथ ने ‘ब्रह्मास्त्र’ का प्रयोग किया। हनुमान जी चाहते तो वे इसका तोड़ निकाल सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, क्योंकि वे उसका महत्व कम नहीं करना चाहते थे। इसी कारण उन्होंने ब्रह्मास्त्र का तीव्र आघात सह लिया।

हनुमान जी के जीवन से हम शक्ति व साम‌र्थ्य के अवसर के अनुकूल उचित प्रदर्शन का गुण भी सीख सकते हैं। तुलसीदास जी हनुमान चालीसा में लिखते हैं- ‘सूक्ष्म रूप धरी सियहिं दिखावा, विकट रूप धरि लंक जरावा।’ सीता माता के सामने उन्होंने स्वयं को लघु रूप में रखा, क्योंकि यहाँ वह पुत्र की भूमिका में थे, लेकिन संहारक के रूप में वे राक्षसों के लिए काल बन गए।

अवसर के अनुसार स्वयं को ढाल लेने की हनुमान जी की प्रवृत्ति अद्भुत है। जिस वक्त लक्ष्मण रणभूमि में मूर्छित हो गए, उनके प्राणों की रक्षा के लिए वे पूरा पर्वत ही उठा लाए, क्योंकि वे संजीवनी बूटी नहीं पहचानते थे। अपने इस गुण के माध्यम से वे हमें तात्कालिक विषम स्थिति में विवेकानुसार निर्णय लेने की प्रेरणा देते हैं।

हनुमान जी हमें भावनाओं का संतुलन भी सिखाते हैं। उनका व्यक्तित्व आत्ममुग्धता से कोसों दूर है। सीता माँ का समाचार लेकर सकुशल वापस पहुँचे हनुमान जी की हर तरफ प्रशंसा हुई, लेकिन उन्होंने अपने पराक्रम का कोई किस्सा प्रभु राम को नहीं सुनाया। जब श्रीराम ने उनसे पूछा- “हनुमान! त्रिभुवनविजयी रावण की लंका को तुमने कैसे जला दिया?” तब प्रत्युत्तर में हनुमानजी ने जो कहा, उससे भगवान राम भी हनुमान जी के आत्ममुग्धताविहीन व्यक्तित्व के कायल हो गए।

“सो सब तव प्रताप रघुराई। नाथ न कछू मोरि प्रभुताई।।”

भारतीय-दर्शन में सेवाभाव को अत्यधिक महत्व दिया गया है। यह सेवाभाव ही हमें निष्काम कर्म के लिए प्रेरित करता है। अष्ट चिरंजीवियों में से एक महाबली हनुमान अपने इन्हीं सद्गुणों के कारण देवरूप में पूजे जाते हैं और उनके ऊपर ‘राम से अधिक राम के दास’ की उक्ति चरितार्थ होती है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम स्वयं कहते हैं- जब लोक पर कोई विपत्ति आती है, तब वह त्राण पाने के लिए मेरी अभ्यर्थना करता है, लेकिन जब मुझ पर कोई संकट आता है तब मैं उसके निवारण के लिए पवनपुत्र का स्मरण करता हूँ। हनुमान जी के जीवन का एक ही मंत्र था:

जिस प्रकार हनुमान जी श्रीराम के भक्त हैं, उसी प्रकार हम सभी को भारत माता का सेवक बनना होगा। आज यह समस्त संसार आशा भरी दृष्टि से हमारे भारतवर्ष की ओर देख रहा है। ऐसे में भारत जैसे युवा देश में युवाओं की ज़िम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। हनुमान जी की भाँति ही हमें भी समाज के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करना चाहिए। युवा शक्ति को हनुमान जी की पूजा से अधिक उनके चरित्र को आत्मसात करने की आवश्यकता है, जिससे भारत को उच्चतम नैतिक मूल्यों वाले देश के साथ- साथ ‘कौशल युक्त’ भी बनाया जा सके।

मेघालय में 1 नाबालिग का रेप, 3 का यौन शोषण: आरोपितों में 10-15 मुस्लिमों के नाम, पुलिस नकार रही सांप्रदायिक एंगल

मेघालय के पश्चिम गारो हिल्स जिले के गाँधीपारा गाँव में लगे वार्षिक मेले ‘चेंगा बेंगा’ के दौरान 4 हिंदू नाबालिगों के साथ कथिततौर पर बलात्कार की खबर सोशल मीडिया पर वायरल है।

इसके बारे में जानकारी लीगल राइट्स ऑब्जरवेट्री ने अपने एक्स अकॉउंट के जरिए दी है। ट्वीट में लिखा गया- “मेघालय के गारो हिल्स की 4 नाबालिग हिंदू लड़कियों के साथ 25 जिहादियों द्वारा सामूहिक बलात्कार की दिल दहला देने वाली खबर आ रही है।”

एलआरओ के ट्वीट में कहा गया, “असम-मेघालय सीमा पर लगने वाले वार्षिक मेले के दौरान; बांग्लादेश की सीमा से लगे दक्षिण सलमारा-मनकाचार जिले के जिहादियों द्वारा 4 नाबालिग हिंदू नाबालिगों का अपहरण किया गया, फिर बंधक बनाकर उनके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया और उनका शारीरिक उत्पीड़न किया गया। इस संबंध में गारोबाधा थाने में पुलिस शिकायत दर्ज हुई लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।”

LSO के ट्वीट सोशल मीडिया पर जब वायरल हुआ तो इस पर चर्चा तेज हो गई। सच्चाई जानने के लिए इंडिया टुडे NE ने एसपी (दक्षिण पश्चिम गारो हिल्स) विकास कुमार से संपर्क किया।

इंडिया टुडे NE से बातचीत में कुमार ने बताया कि पीड़ितों में दो नाबालिग लड़के और दो नाबालिग लड़कियाँ शामिल हैं। उन्होंने कहा कि घटना इस साल 16 अप्रैल को हुई थी लेकिन इसकी सूचना दो दिन बाद 18 अप्रैल को दी गई।

3 का शारीरिक शोषण, 1 का गैंगरेप: रिपोर्ट

सोशल मीडिया पर वायरल दावे से हटकर इंडिया टुडे NE की रिपोर्ट (अर्काइव लिंक) में बताया गया कि, दो नाबालिग लड़के और दो लड़की एक स्थान पर गए थे, जो ‘चेंगा बेंगा मेला’ स्थल से लगभग 250 मीटर दूर था। इसके बाद वहाँ उन्हें कुछ लोगों ने पकड़कर कैद कर लिया, फिर, उन पर शारीरिक हमले हुए और एक लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले के संबंध में हुई एफआईआर भी हुई है जिसमें इस बात का उल्लेख है कि घटना में 10-15 मुस्लिम पुरुष शामिल थे।

एसपी विकास कुमार ने बताया, “कैद में रखी गई एक लड़की ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि उसे शारीरिक रूप से तंग किया गया और दुर्व्यवहार हुआ तो दूसरी लड़की की मेडिकल रिपोर्ट बताती है कि उसके साथ गैंगरेप हुआ, जिसके बाद वो सदमे में थी, दर्द में थी। ऐसे में उन्होंने इस घटना की जानकारी होने के बाद बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) से संपर्क किया और सुनिश्चित किया कि बच्ची को उचित इलाज और परामर्श दिया जाए।

LRO के पोस्ट को फर्जी या सच्चा नहीं कहा जा सकता: एसपी विकास कुमार

इंडिया टुडे NE ने विकास कुमार के बयान के आधार पर बताया है कि इस मामले में कोई भी सांप्रदायिक एंगल नहीं हैं। आरोपितों की पहचान होना अभी बाकी है। हालाँकि जब उनसे एलआरओ के पोस्ट के बारे में कहा गया तो उन्होंने कहा कि वो फिलहाल उस पोस्ट को न नकार सकते हैं और न इसकी पुष्टि कर सकते हैं, क्योंकि अभी जाँच चल ही रही है।

उन्होंने कहा, “हो सकता है पोस्ट में कही कुछ बातें सही भी हों, पूरे मामले में फाइनल रिपोर्ट आना अभी शेष है। ये रिपोर्ट जाँच पूरी होने के बाद और आरोपितों के पकड़े जाने के बाद ही सामने आएगी। हमारी टीम बहुत सावधानी से इस मामले की जाँच में जुटी है ताकि पीड़ितों को न्याय मिले। हमारी रिपोर्ट मामले को सनसनीखेज बनाने से ज्यादा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए होगी।”

10000 रुपए की कमाई पर कॉन्ग्रेस सरकार जमा करवा लेती थी 1800 रुपए: 1963 और 1974 में पास किए थे कानून, सालों तक नहीं मिलता था मेहनत का पैसा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी के सम्पत्ति के सर्वे वाले बयान को लेकर हमला बोला है। राहुल गाँधी और कॉन्ग्रेस 2024 लोकसभा चुनाव में यह वादा कर रहे हैं कि अगर वह सत्ता में आए तो लोगों की सम्पत्ति का सर्वे करेंगे और इसके बाद उसको दोबारा से देश में बाँटने पर भी विचार किया जाएगा। पीएम मोदी ने इसी को लेकर हमला बोला है कि कॉन्ग्रेस लोगों की गाढ़ी कमाई को जब्त करना चाहती है। पीएम मोदी ने एक जनसभा में कहा कि कॉन्ग्रेस महिलाओं के मंगलसूत्र तक का सर्वे करना चाहती है।

जहाँ पीएम मोदी कॉन्ग्रेस की नीति को लेकर हमले बोल रहे हैं तो वहीं लोग कॉन्ग्रेस सरकारों द्वारा लाए गए पुराने कानूनों को भी याद कर रहे हैं। अब ऐसे कानूनों के विषय में बहस छिड़ गई है जिनके अंतर्गत कॉन्ग्रेस सरकारों ने लोगों से जबरदस्ती उनकी मेहनत की कमाई ली। कॉन्ग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों ने 1960 और 1970 के दशक में कानून पास करके भारतीयों को इस बात के लिए विवश किया था कि वह अपनी कमाई का एक हिस्सा सरकार के पास जमा कर दें। यह 3-5 वर्ष तक सरकारी खजाने में जमा रहता।

जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गाँधी की अगुवाई वाली कॉन्ग्रेस सरकारों ने लोगों की कमाई जब्त करने वाले ऐसे ही कानून 1963 और 1974 में पास किए थे। इनका नाम कम्पलसरी डिपाजिट स्कीम एक्ट था। इसके अंतर्गत सभी करदाताओ, सम्पत्ति धारकों और सरकारी कर्मचारियों को अपनी कमाई का 18% सरकार के पास जमा करना होता था। जमा की धनराशि 3-5 वर्ष तक के लिए सरकारी खजाने में रहती थी। हैरानी की बात यह है कि जब 1974 में यह कानून लाया गया था, तब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मुख्य आर्थिक सलाहकार हुआ करते थे।

यह बात ध्यान देने वाली है कि लोगों की कमाई का एक हिस्सा जब्त करने वाला कानून ऐसे व्यक्ति के समय में लाया गया जिसे देश में आर्थिक सुधारों का श्रेय दिया जाता है। इससे भी ज्यादा हैरानी की बात यह है कि यह कानून देश के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए लाया गया था। जहाँ आज की सरकार लोगों की कमाई बढ़ा कर देश को सशक्त करना चाहती है, वहीं कॉन्ग्रेस सरकारें लोगों की कमाई जब्त करके देश का विकास करना चाहती थीं।

इन कानूनों के तहत सरकार को यह ताकत भी थी कि वह इस बात पर निर्णय ले कि किसका पैसा कितने दिन रखा जाए, किसको कब पैसा वापस दिया जाए। इसको लेकर सोशल मीडिया पर कॉन्ग्रेस की काफी आलोचना भी हो रही है। सोशल मीडिया यूजर्स ने राहुल गाँधी की इस योजना को नकारते हुए उन पर हमला बोला है।

बेटी की हत्या ‘द केरल स्टोरी’ स्टाइल में हुई: कर्नाटक के कॉन्ग्रेस पार्षद का खुलासा, बोले- हिंदू लड़कियों को फँसाने की चल रही साजिश

कर्नाटक के हुबली में हुई कॉन्ग्रेस पार्षद की बेटी नेहा हीरेमठ की हत्या मामले में अब उनके पिता खुलकर मीडिया में बयान दे रहे हैं। उन्होंने टाइम्स नाऊ से बातचीत में कहा है कि उनकी बेटी की हत्या ‘द केरल स्टोरी’ के स्टाइल में हुई। टाइम्स नाऊ को निरंजन हीरेमठ ने कहा“मेरे पास एक अंदरुनी रिपोर्ट है जो कहती हैं कि मेरी बेटी की हत्या द केरल स्टोरी स्टाइल में हुई हैं। एक बहुत बड़ी साजिश चल रही है हिंदू लड़कियों को फँसाने के लिए।”

टीवी चैनल पर कॉन्ग्रेस पार्षद से एंकर पद्मा जोशी पूछती हैं कि वो आखिर वो किस तरह की साजिश के बारे में बात कर रहे हैं। इस पर निरंजन कहते हैं ये काम एक तरह के माफियों का हैं, जो सॉफ्ट कॉर्नर के बच्चे होते हैं उन्हें फँसाते हैं। ये एक दिन की बात नहीं है। ये सालों साल से हो रहा है। उन्होंने केरल में बढ़ रहे लव जिहाद के मामलों की ओर इशारा करते हुए कहा कि पहले जो घटनाएँ दूसरे राज्यों में होती थी वो अब कर्नाटक में हो रही है। लोग वहाँ से यहाँ एक्टिव हुए हैं। यहाँ पर लोगों को उकसा कर ये सब करवाया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “इस हत्या में कोई एक इंसान शामिल नहीं था। वो (फयाज) एक्स स्टूडेंट था। मेरी बेटी की जानकारी उसे अंदर से दी जा रही थी। बताया जा रहा था मेरी बेटी कहाँ है, कौन सी क्लास ले रही है, कब उसे कार लेने जा रही है।” उन्होंने बताया कि वो कॉलेज परिसर की 10 दिन की फुटेज देखकर सारी जानकारी जुटा रहे हैं और सीबीआई से भी कहते हैं कि वो भी इस फुटेज को देखें। उसमें सब डिटेल आ जाएगी।

उन्होंने कहा- “मेरी बेटी की हत्या हुई, इसका मुझे दुख है, मेरे परिवार को दुख है, साधु-संत लोगों को दुख है, पूरे समाज को दुख है… लेकिन ये जो केरल स्टोरी फिल्म आई थी… बिलकुल समान ढंग मेरी बेटी की हत्या हुई है। ये मेरे पास एक इंटरनल रिपोर्ट आई है जिसके बारे में मुझे बेटी की हत्या के बाद पता चला।

उन्होंने बताया कि उनकी बेटी को पता चल गया था कि वो लोग उसको फँसा रहे हैं, इसलिए उसने प्रपोजल को मना किया था, लेकिन फिर भी उसपर दबाव डाला जाता रहा। इसमें फयाज के अम्मी-अब्बा से लेकर उसके समाज के लोग भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी में फयाज का डर भी था लेकिन उसने कभी घर में नहीं बताया। सिर्फ अपनी माँ को बताया था कि एक कॉलेज का लड़का है जो उसे फँसा रहा है, उसे फोन कर रहा है। उसने अपनी मम्मी से कहा था कि वो उसे कॉलेज लेने आएँ।

कॉन्ग्रेस पार्षद कहते हैं कि बेटी की हत्या होने के बाद उनकी पत्नी ने उन्हें इन सबके बारे में जानकारी दी है तब उन्हें पता चला कि उनकी बेटी को कन्वर्ट करने के लिए लोग उसके पीछे पड़े थे और अब जब उसकी हत्या कर दी गई है तो उसे बदनाम करने के लिए उसकी कॉलेजों की फोटो शेयर हो रही है।निरंजन हीरेमठ ने कहा कि वो एक-एक दावे इंटरनल रिपोर्ट के आधार पर कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि उनका मकसद कभी किसी जाति-मजहब को निशाना बनाने का नहीं था, मगर ये सच है कि माइंडसेट तैयार है हिंदू लड़कियों को फँसाने का।

‘महिला ने दिया BJP को वोट, इसीलिए DMK वालों ने मार दिया’: अन्नामलाई ने डाला मृतका के पति और परिवार का वीडियो, स्टालिन सरकार ने दर्ज कर दी FIR

भाजपा तमिलनाडु अध्यक्ष के अन्नामलाई ने आरोप लगाया है कि एक महिला की हत्या भाजपा को वोट देने के कारण हुई। अन्नामलाई ने इसको लेकर महिला के परिवार की बातचीत का एक वीडियो अपने एक्स (पहले ट्विटर) पर साझा किया है। इसमें महिला के परिजन हत्या के कारण को लेकर बातचीत करते दिखते हैं।

अन्नामलाई द्वारा डाले गए वीडियो के अनुसार, इसमें मृतका के पति और कुछ रिश्तेदार बात कर रहे हैं। इसमें एक व्यक्ति कहता है कि पुलिस ने महिला ने हत्या का कारण 2021 में हुई एक लड़ाई बताया है। वह कहता है कि पुलिस ने कहा है कि लड़ाई मतदान वाले दिन हुई लेकिन इसका कारण पुराना झगड़ा था ना कि कमल के निशान पर वोट देना।

इस पर दूसरा व्यक्ति कहता है कि यह बिलकुल झूठ है पुलिस के यह बयान उनके अलग उद्देश्य के कारण दिए गए हैं। इसके बाद एक व्यक्ति स्पष्ट प्रश्न पूछता है कि लड़ाई इसीलिए चालू हुई कि महिला ने कमल पर मतदान किया। इस पर पीछे से बोल रहा एक व्यक्ति हामी भरता है। एक अन्य व्यक्ति बताता है कि विपक्ष जानता था महिला का वोट कमल को जाएगा।

वह बताता है कि कमल को वोट देने के आधार पर ही उन लोगों ने मजाक उड़ाया और परेशान किया और बाद में पुलिस ने कहानी बदल दी। वीडियो में एक शख्स बताता है कि अगर पहले से दुश्मनी होती तो मतदान के दिन ही लड़ाई क्यों होती, या तो 4 दिन पहले होती या 4 दिन बाद होती। शख्स ने स्पष्ट रूप से बताया कि महिला की हत्या कमल को वोट देने के कारण हुई।

अन्नामलाई ने तमिलनाडु की DMK सरकार पर आरोप लगाया कि सच सामने लाने के लिए उनके खिलाफ FIR दर्ज कर दी गई है। उन्होंने कहा कि फासीवादी DMK, FIR और झूठे मुकदमे लादकर उनकी आवाज को दबा नहीं सकती। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्टालिन की सत्ता के कुछ ही दिन बचे हैं और तब तक वह जितने चाहें उतने केस लाद सकते हैं।

क्या है पूरा मामला?

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में बताया गया था कि DMK कार्यकर्ताओं ने भाजपा को वोट देने वाली गोमती नाम की महिला पर हमला कर दिया और पीट-पीट कर उसकी हत्या कर दी। महिला की मौके पर ही मौत हो गई। तमिलनाडु पुलिस ने हालाँकि इस मामले को लेकर कहा था कि महिला की हत्या आपसी विवाद के कारण हुई ना कि वोटिंग के कारण।

ये वारदात तमिलनाडु के कुड्डालोर जिले के पक्किरिमानियाम गाँव की है। दिनामलार की रिपोर्ट में बताया गया था कि DMK के गुंडे यह जानने के बाद कि उन्होंने भाजपा को वोट दिया है, गोमती के आवास पर आए। उनकी पीड़िता के साथ तीखी बहस हुई, जिसके बाद उन्होंने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। उन्हें यह कहते हुए सुना गया , ”तूने हमारी पार्टी (DMK) को वोट क्यों नहीं दिया।”

वहीं तमिलनाडु पुलिस ने इस घटना से इनकार किया। तमिलनाडु पुलिस ने इसे फर्जी खबर करार दिया। पुलिस ने बताया कि कि 2 पक्षों के बीच लंबे समय से चली आ रही एक याचिका को वापस लेने के संबंध में विवाद हुआ था। कुड्डालोर जिला पुलिस ने बताया कि झड़प के दौरान गोमती ने हस्तक्षेप किया और जमीन पर गिरने से घायल हो गई। तमिलनाडु पुलिस का कहना है कि इस घटना का किसी पार्टी को मतदान से कोई लेना-देना नहीं है और ये आपसी विवाद का मामला है।

भगवान राम के चित्रों वाली होर्डिंग को अपमानजनक ढंग से नोचा, फिर पटक दिया सड़क पर: VHP ने की सरकारी कर्मचारियों को निलंबित करने की माँग, राजस्थान की घटना

राजस्थान के जालोर जिले में भगवान राम के चित्रों के अपमान का मामला सामने आया है। इस अपमान का आरोप 2 राजकीय कर्मचारियों पर लगा है। वायरल वीडियो में कर्मचारी बताए जा रहे 2 लोग भगवान में के चित्रों वाली होर्डिंग्स को नोचते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान दोनों की हिन्दू संगठनों से बहस भी हो रही है। घटना शनिवार (20 अप्रैल, 2024) की है। ‘विश्व हिन्दू परिषद’ (VHP) ने इसे आस्था का अपमान बताते हुए आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

‘विश्व हिन्दू परिषद’ की तरफ से सोमवार (22 अप्रैल 2024) को जालोर के जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी को सम्बोधित करते हुए एक ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में घटना जालोर शहर के अंबेडकर सर्कल की बताई गई है। आरोप है कि शनिवार की रात भीनमाल नगर में लगाई गई भगवान राम की तस्वीर को चुनावी ड्यूटी पर तैनात सरकारी स्टाफ ने बहुत अपमानजनक तरीके से पहले तो तोड़-मरोड़ कर उखाड़ा और बाद में उसे नीचे पटक दिया गया।

यह करतूत विजय माली और सोमेन्द्र गहलोत नाम के 2 स्टाफ की बताई गई है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर कार्रवाई की माँग के साथ वायरल हो रहा है।

विहिप के ज्ञापन में आगे बताया गया है कि भगवान राम के चित्रों का अपमान होता देख कर वहाँ खड़े कुछ लोगों ने इसका विरोध किया। दोनों कर्मचारियों ने तस्वीर हटाने के पीछे चुनाव आचार संहिता लागू होने की बात कही। VHP का पूछना है कि आधी रात में जिस अपमानजनक तरीके से भगवान राम के चित्रों का अपमान हुआ क्या वो आदर्श आचार संहिता के नियम से सही है? इसी ज्ञापन में आगे आरोप लगाया गया है कि दोनों सरकारी कर्मचारियों ने ऐसा जानबूझकर हिन्दू भावनाओं का अपमान करने की मंशा से किया है।

VHP का ज्ञापन

ज्ञापन में आगे बताया गया है कि वायरल वीडियो में दोनों सरकारी कर्मियों की हरकत देख कर हिन्दू समाज में नाराजगी है। विहिप कार्यकर्ताओं ने जिला निर्वाचन अधिकारी जालोर से माँग की है कि वो तत्काल विजय माली और सोमेन्द्र गहलोत को सस्पेंड करें। दोनों पर कार्रवाई न होने की दशा में VHP ने उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है। ऑपइंडिया के पास ज्ञापन की कॉपी मौजूद है।

‘विश्व हिन्दू परिषद’ के पदाधिकारी नरेश ने ऑपइंडिया को बताया कि उन्होंने ज्ञापन के अलावा व्यक्तिगत तौर पर भी जिले के तमाम सीनियर अधिकारियों से दोनों कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की माँग की है। उनका कहना है कि कार्रवाई न होने की दशा में आंदोलन होगा।