राजस्थान में लाइमस्टोन (चूना पत्थर) की माइंस को मार्बल (संगमरमर) की श्रेणी में डाल कर 'RDSA माइनिंग' को आवंटित कर दिया गया। 1000 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान।
मीडिया गिरोह ने इसे 'इनवेस्टिगेटिव आर्टिकल' के रूप में पेश करते हुए दावा किया कि भारत में भी कुछ जजों, पत्रकारों और विपक्षी नेताओं के फोन्स की जासूसी हो रही थी।