“मैं नेता जी की 125वीं जयंती पर कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से उन्हें नमन करता हूँ। मैं आज बालक सुभाष को नेताजी बनाने वाली, उनके जीवन को तप, त्याग और तितिक्षा से गढ़ने वाली बंगाल की इस पुण्यभूमि को भी नमन करता हूँ।”
साथ ही उन्होंने उसे बुरी तरह धमकाया कि अगर उसने उनका कहा नहीं माना तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उसकी पिटाई की गई। ट्रॉली से उलटा लटका कर उसे मारा गया।