विडियो में मस्जिद की तस्वीरें और उसपर इकट्ठा ईंट-पत्थर एकदम क्लियर हैं। लेकिन एनडीटीवी की एकतरफा पत्रकारिता की हद देखिए... लोगों को बरगलाने के लिए उसने मस्जिद को क्रॉप कर दिया ताकि इस्लामी आतताइयों की हकीकत छिपी रहे।
हिन्दू विरोधी दंगों के दौरान ताहिर का घर मुख्य केंद्र बनकर उभरा है। वहॉं हिंदू घसीटकर लाए गए और उनकी निर्मम हत्या की गई। यूपी के अमरोहा से आया ताहिर कैसे बन गया दंगाइयों का सरगना?
"ये मैटर नहीं करता दुकान किसकी है... मैटर ये करता है कि नुकसान किसका हुआ हुआ आप पूछना चाहते हैं कि ये दुकान हिंदू की है या मुस्लिम की। मैं क्यों बताऊँ किसकी है। मैं तो कहूँगा कि नुकसान हमारा भी हुआ।"
"अंकित शर्मा और उनके साथ कुछ लोग ताहिर के मकान के पास पहुँचे ही थे कि दंगाइयों की भीड़ झपट पड़ी। हमें ताहिर के घर में खींचने की कोशिश की। मैंने अपना हाथ झटके से छुड़ा लिया और वहाँ से दौड़ पड़ा। मैंने पीछे मुड़कर देखा तो वह तीनों ग़ायब थे।"
अलीगढ़ में CAA विरोधियों ने जमकर हिंसा की थी। इस दौरान दंगाइयों ने लोगों के घर में घुसने की कोशिश की। इस घटना के बाद दहशत में बाबरी मंडी इलाके में रहने वाले कई हिंदू अपना घर बंद कर जा चुके हैं।
जाफराबाद में हिंसा के दौरान शाहरुख ने आठ राउंड फायरिंग की थी। वह परिवार के साथ फरार बताया जा रहा है। उसकी तलाश में क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल की टीमें लगी हुई हैं।
ताहिर हुसैन से अब आप पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रही है। लेकिन, पार्टी से निलंबित किए जाने के कुछ मिनटों के भीतर ही विधायक अमानतुल्लाह ने उसका बचाव किया। अमानतुल्लाह ने ताहिर को क्लीनचिट दिया है।
अंकित शर्मा को 6 लोगों ने लगातार 2 से 4 घंटे तक 400 बार चाकुओं से गोदा होगा। साथ ही, उनकी आँत को शरीर से बाहर निकाल दिया था। फोरेंसिक डॉक्टरों ने कहा कि इस तरह से यातना का शिकार और क्षत-विक्षत बॉडी उन्होंने अपने जीवन में कभी नहीं देखा।
जानकारी मिली कि इस्लामी भीड़ हिंदुओं के घरों को अपना निशाना बना रही है। हमने अपने-अपने चारों बच्चों को मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र से निकाला और दूसरी गली में एक परिचित के घर पहुँचा दिया। हम इतने डर गए कि सोमवार को पूरे दिन और पूरी रात भूखे प्यासे बच्चों के साथ घर में कैद रहे।
मंदिर पर कब्ज़ा करने के साथ-साथ आसपास के घरों पर भी मुस्लिम भीड़ ने कब्ज़ा कर लिया। इसके बाद मंदिर की छत से हिन्दुओं पर पत्थरबाजी शुरू हो गई। साथ ही ताहिर हुसैन की इमारत की छत से भी पत्थरबाजी हो रही थी।