अर्थव्यवस्था फिर से मजबूत हो रही है। बिक्री में वृद्धि के बाद कारखानों ने बहुत तेजी से नए वर्कर्स को काम पर रखा है। यह पिछले सात साल में वर्कर्स को काम पर रखने की सबसे तेज गति है।
बीबीसी का कहना था कि शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों के पूर्वजों ने पाकिस्तान को ठुकराया था और भारत को अपनाया था। इसके जवाब में भाजपा के फायरब्रांड नेता योगी ने कहा कि उन लोगों ने पाकिस्तान न जाकर भारत पर कोई एहसान नहीं किया है।
दाऊद इब्राहिम और अनिल कपूर के तस्वीर को लेकर जब सोनम से सवाल किया गया तो उन्होंने हैरान करने वाला जवाब दिया। उन्होंने कहा कि दाऊद और उनके पिता के बीच धर्म या कर्म का नहीं, बल्कि क्रिकेट का रिश्ता था।
कालिंदी ने मीडिया में चल रही उन बातों से भी इनकार किया, जिनमें कहा जा रहा है कि उनके घर में घरेलू विवाद चल रहा था। उन्होंने उन मीडिया ख़बरों को भी नकार दिया, जिनमें रंजीत की तीन शादियाँ होने की बातें कही जा रही थी।
आतंकी सलाउद्दीन बोधगया और खागड़ागढ़ धमाकों में भी वांछित है। NIA की टीम उत्तर 24 परगना, नदिया, मुर्शिदाबाद, मालदह, उत्तर दिनाजपुर, कूचबिहार जिलों में उसकी तलाश कर रही है।
लंदन में मार गिराए गए आतंकी अम्मान का मानना था कि यजीदी औरतें तवायफ होती हैं और कुरान में उनका बलात्कार करने की इजाजत है। अपने नोटबुक में उसने बम बनाने के तरीके लिखे हुए थे। साथ ही लिखा था कि शहीदों की तरह मरकर वह जन्नत जाना चाहता है।
सीएए और एनआरसी के खिलाफ बिहार में चल रहे प्रोपेगेंडा के तहत गाँव-गाँव घूम रहे सीपीआई के नेताओं को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान लोगों ने सीपीआई नेताओं को काले झंडे तो दिखाए ही साथ ही काफ़िले में मौजूद कन्हैया कुमार के ख़िलाफ़ जमकर मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।
विश्व हिंदू महासभा के अध्यक्ष रंजीत सिंह की हत्या में यूपी पुलिस को एक अहम सुराग हाथ लगा है। पुलिस को CCTV कैमरे से दो संदिग्धों की तस्वीरें मिली हैं। इन तस्वीरों को एक पुख्ता सुराग के रूप में पुलिस देख रही है। यूपी पुलिस ने हत्यारों की पहचान कर सूचना देने वालों के लिए 50000 रुपए का इनाम...
कपिल मायावती का बड़ा प्रशंसक है, जिसने मायावती के समर्थन में यूपी के विधानसभा चुनावों में जमकर प्रचार किया था। हालाँकि पेंच यह भी है कि जून 2017 से ही आरोपित युवक कपिल का फेसबुक अकाउंट बंद है। अब इसे लेकर पुलिस लगातार उससे पूछताछ कर रही है और...
मोदी-विरोध में डूबे कार्टूनिस्ट सतीश आचार्य को आईना दिखाया है अमोल ने। CAA-NRC से लेकर तान्हाजी Vs छपाक और गोडसे-गाँधी से लेकर केजरीवाल-JNU तक - कार्टूनिस्ट सतीश के प्रोपेगेंडा को कार्टून से ही जवाब दिया है अमोल ने।