भले ही इस पत्थलगड़ी आंदोलन में हिंसा हुई हो, गैंगरेप तक किया गया हो। भले ही सांसद करिया मुंडा के सुरक्षाकर्मियों का पत्थलगड़ी समर्थकों ने अपहरण तक कर लिया हो। भले ही किसी पत्रकार की जान तक चली गई है! लेकिन शिबू सोरेन की राजनीति का फल खा रहे हेमंत भला अपने पिताजी की बातों से पीछे कैसे हटते! इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री बनने के 3 घंटों के भीतर ही...
सांसद थरूर ने दिन में 5 बार 'ला इलाहा इल्लल्लाह' बोलने पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी। उनकी आपत्ति बस वीडियो में प्रयुक्त नारे से थी, उसे जिस तरीके से पेश किया गया था, उससे थी। लेकिन थरूर के बयान को ही 'सॉफ्ट कट्टरता' करार दे दिया गया।
"अज्ञानी लोगों को इसकी जानकारी नहीं रहती है कि संसद से पारित होने के बाद कोई क़ानून किसी राजनीतिक दल का एजेंडा नहीं रहता, देश का क़ानून बन जाता है। जिन्हें न क़ानून का ज्ञान है और जिन्होंने न कभी संविधान पढ़ा है, उनकी अज्ञानता का कोई समाधान नहीं है। "
पाकिस्तानी हिन्दुओं ने बताया कि उबर के ड्राइवर नसीम ने उन्हें नीचे उतरने को कहा। जैसे ही वो नीचे उतरे, वो गाड़ी लेकर फरार हो गया। तेजिंदर बग्गा ने उबर ड्राइवर नसीम द्वारा पाकिस्तानी हिन्दू शरणार्थियों को गाड़ी से निकाल बाहर किए जाने की निंदा की।
दानिश कनेरिया ने आरोप लगाया कि कई पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने लीग मैच खेलने के लिए देश के क्रिकेट को किनारे पर रखा। अपना दर्द बयाँ करते हुए कनेरिया ने कहा कि उनके पास रोज़गार नहीं है, वो एक दशक से बेरोज़गार हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास परिवार भी है, उनकी मदद कौन करेगा?
हॉस्टल की पहली कक्षा में एक बच्ची है। उसके क्लास के दोस्त उसे बहुत प्यार करते हैं और वह पढ़ने-लिखने में भी अच्छी है, लेकिन वह अकेले में रोया करती है। दरअसल, वह अपनी माँ के पास जाना चाहती है, जिसे चीन में एक डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। लेकिन...
सीएए विरोधी रैली में उपद्रव मचाने वाले पूर्व आईपीएस अधिकारी एसआर दारापुरी के परिजनों से मिलने के लिए प्रियंका ने यूपी पुलिस को चकमा दिया था। उस दौरान उन्होंने एक कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता की स्कूटी के पीछे बैठ कर अपनी यात्रा तय की थी।
झामुमो के साथ कॉन्ग्रेस पहले भी सरकार में साझेदार रही है। फिर भी हेमंत सोरेन के शपथ ग्रहण में सोनिया गॉंधी नहीं पहुँचीं। क्या कर्नाटक के अनुभव और आम चुनावों के नतीजों से मारा विपक्ष अब मट्ठा भी फूॅंक-फूॅंक कर पी रहा है?
ईसाई मिशनरी भोले-भाले लोगों को प्रलोभन दे रहा था और अपने मजहब की श्रेष्ठता का बखान कर रहा था। तभी वहाँ पहुँचे बौद्ध भिक्षु सुमनरत्ना ने उसे ऐसा चाटा मारा कि उसका चश्मा ज़मीन पर जा गिरा और वो व्यक्ति लड़खड़ाते हुए कुछ क़दम पीछे जा खड़ा हुआ।