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‘सरकारी खजाने पर बोझ हैं सिद्धू, सैलरी ले रहे हैं पर काम नहीं कर रहे’

"सिद्धू और सीएम के बीच विवाद ने संवैधानिक संकट पैदा कर दिया है। एक महीने से अधिक समय बीत गया, मंत्री ने शपथ तो ले ली, लेकिन कोई काम नहीं किया।"

इस्लामिक बैंकिंग घोटाला: मामले की जाँच कर रहे IAS अधिकारी ने ली ₹1.5 करोड़ की रिश्वत, गिरफ्तार

IAS विजय शंकर से पहले सहायक कमिश्नर एलजी नागराज और एक ग्रामीण अकॉउंटेंट मंजूनाथ को गिरफ्तार किया गया था। इन लोगों पर मंसूर खान से 4.5 करोड़ रुपए लेकर क्लीनचिट देने का आरोप है। इनके अलावा एक पार्षद और बंगलुरू विकास प्राधिकरण के एक अधिकारी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

गार्ड सद्दाम और वॉर्डन गिरफ़्तार: ‘गर्ल्स हॉस्टल में आधी रात को बुलाए जाते थे पुरुष, मुखिया भी आता था’

छात्राओं ने आरोप लगाया कि हॉस्टल वार्डन उनसे मालिश करने को भी कहती थी। घटना की सूचना मिलते ही हॉस्टल में रहने वालीं सभी 80 छात्राओं के परिजन अपनी-अपनी बच्चियों को वापस घर ले गए।

‘जैसे हम सुप्रीम कोर्ट के जजों का सम्मान करते हैं, वैसे ही वो भी हमारा सम्मान करें’

"एक जज ने कहा था कि संविधान बनाने वाले यह जानते थे कि बहुमत से चुनी गई सरकार तानाशाह होती है। मैंने सार्वजनिक रूप से उनसे पूछा कि आप इस तरह के बयान कहाँ से लेकर आते हैं? हम सुप्रीम कोर्ट के जजों का सम्मान करते हैं लेकिन वे भी हमारा सम्मान करें।"

‘MP कॉन्ग्रेस की सरकार अपने-आप गिर जाएगी, कर्नाटक जैसी स्थिति’, कमलनाथ ने कहा- MLA भोपाल में ही रहें

कॉन्ग्रेस ने अपने मंत्रियों को राज्य में विधायकों को एकजुट रखने की जिम्मेदारी सौंपी है। हर एक मंत्री को तीन-तीन विधायकों की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा विधायकों को भाजपा के प्रलोभन से दूर रहने की सलाह दी गई है। कमलनाथ ने विधायकों को सदन में रहने को कहा।

एयर इंडिया के फ्लाइट्स में हज यात्री नहीं ला सकेंगे जमजम का पानी, हज कमिटी ने जताई आपत्ति

"एयर इंडिया सभी हजयात्रियों को अपने साथ 5 लीटर के डब्बे में जमजम का पानी लेकर आने देने को बाध्य है क्योंकि यह हज कमिटी और एयर इंडिया के बीच हुई करार का हिस्सा है।"

सबा नकवी और ट्रिब्यून वालो, जब से तुम पैदा हुए हिन्दुओं का इतिहास तभी से शुरू नहीं होता

रामायण और राम के नए विशेषज्ञ पैदा हुए हैं, जो झूठ की खेती से उपजे मक्कारी भरे फ़सल को दिखा कर हमें यह बता रहे हैं कि 'श्री' ग़लत है और 'सिया' सही है। अब हिन्दुओं को इनसे सीखना पड़ेगा कि शिव को 'महादेव' कहना है या 'भोलेनाथ'। ग़लत इतिहास बताने वाले ट्रिब्यून के लेख का भंडाफोड़।

‘जब भीड़ अल्लाहु-अकबर चिल्लाते हुए आगे बढ़ी तो उनसे बचने के लिए हम जहर पीने के लिए भी तैयार थे’

2019 आ गया है। दिल्ली इस तरह की घटनाओं से बुरी तरह से प्रभावित है। किसे दोषी ठहराया जाए? वोट बैंक की राजनीति? आज भी अविश्वास का भाव बना रहता है। तो क्या हौज़ काज़ी, मेरठ, आगरा, मुज़फ़्फ़रनगर, हरियाणा, सूरत, पश्चिम बंगाल और अन्य ऐसी जगहों पर हिंदू परिवारों को उनके साथ रहना चाहिए, जहाँ दूसरे मजहब की आबादी काफी है और जहाँ अब सड़कों पर उन्मादी और अराजक भीड़ निकल रही है।

‘बड़े का गोश (गोश्त) खाओ, कलेजी खाओ… गरमी-गरम चीजें खाएँगे तो फिर ज्यादा बच्चे तो…’

"हम तो सिर्फ जुल्म सह रहे हैं। अभी तो हम घरों में बैठे हैं, घरों से निकले नहीं हैं। क्योंकि हमारे अल्लाह-ताला ने पहले हमें जुल्म सहना सिखाया है। हम जुल्म सहते जाएँगे, सहते जाएँगे और एक बार जब वॉलकैनो बन कर फटेंगे न... तो इंशाअल्लाह सब कहेंगे - ला इलाहा इल्लल्लाह मुहम्मदुन रसूलुल्लाह"

मंदिर पर हमला, शिवलिंग पर पेशाब, मूर्तियों को तोड़ना, पत्थरबाजी: ये ‘डरे हुए लोग’ चाहते क्या हैं?

दिन में 5 बार लाउडस्पीकर से अजान देने वालों को मंदिर में 2 बार भजन बजाने से आपत्ति कैसे हो जाती है? ये किस तरह की सोच है कि तुम्हारे लाउडस्पीकर से आती आवाज़ इलाके का हर कान, चाहे या न चाहे सुनेगा ही, लेकिन दूसरे समुदाय ने भजन बजाया तो तुम मंदिर में घुस कर मूर्ति उखाड़ कर ले जाते हो!

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