दो साल में ये तीसरी बार हुआ, जब मंदिर के आसपास ऐसी हरकत हुई। लोगों का कहना था कि अप्रैल 2024 में गाय पर चाकू से हमला हुआ था और डेढ़ साल पहले मीट फेंका गया था, लेकिन पुलिस ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया।
बिहारी छात्रों को निशाना बनाकर तलवारों से हमला किया गया। कई छात्रों के सिर फट गए, हड्डियाँ टूट गईं और खून से लथपथ हालत में वो मदद की गुहार लगा रहे हैं।
महाकुंभ से पहले ठीक एक वर्ष पहले भी गाँधी परिवार ने स्पष्ट कर दिया था कि उनकी प्राथमिकताएँ क्या हैं। 500 वर्षों के संघर्ष के बाद हिन्दुओं को मिले राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण कॉन्ग्रेस ने ठुकरा दिया था।