10 सितंबर 1924 को करीबन 4000 की मुस्लिम भीड़ ने 3000 हिंदुओं को इतना मजबूर कर दिया कि उन्हें भाग कर मंदिर में शरण लेनी पड़ी। जो पीछे छूटे उन्हें मार डाला गया।
NIA ने अल-हिंद के एक आतंकवादी के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की है। इससे पता चला है कि वह दक्षिण भारत में 'इस्लामी खिलाफत' स्थापित करने की कोशिश में था।
"भारतीय इस्लाम ने कविता, कला, साहित्य और संगीत दिया है। निजामुद्दीन औलिया और ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती जैसे धर्मनिरपेक्ष संतों द्वारा भारतीय इस्लाम का प्रतिनिधित्व किया गया है।"