पंजाब में कलह सुलझाने में कॉन्ग्रेस आलाकमान के माथे पर बल पड़े हुए हैं, तभी इधर ठीक 1 साल बाद राजस्थान में पायलट खेमा मुखर है। छत्तीसगढ़ में सीएम बघेल के ढाई साल पूरे हो गए हैं और टीएस सिंह देव को लेकर चर्चा जोरों पर है।
आसपास के इलाके के सभी पुरुष गायब हैं और महिलाएँ चुप्पी साधी हुई हैं। बम ब्लास्ट इतना तगड़ा था कि मदरसा जमींदोज हो गया। पल्सर से चलने वाला मौलाना बच्चों को उर्दू और मजहबी शिक्षा देता था।
शिकायतकर्ता ने कहा कि एक हाथ में शराब और दूसरे हाथ में मोबाइल फोन के साथ भगवान शिव को दिखाने वाला स्टिकर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला है।
वैसे तो तवलीन के इस ट्वीट के नीचे सोशल मीडिया यूजर्स ने ही उन्हें सलाह दे दी कि पहले तो वह एसी कमरे में बैठकर देश के हालातों पर बात न करें तो बेहतर होगा।
केंद्र सरकार के इस निर्णय को लेकर जिस तरह से क्रेडिट लेने और देने की होड़ मची हुई है, वह दर्शाता है कि ऐसे निर्णयों को या ऐसी घोषणा का विपक्ष या मोदी विरोधियों के लिए क्या महत्व है।
SC ने फटकार लगाते हुए कहा कि सरकार कन्फ्यूजन वाला बहाना न बनाए क्योंकि जब सारे राज्यों ने आदेश का पालन किया है, केवल बंगाल के लिए कन्फ्यूजन कैसे हो सकता है?
चिदंबरम ने सवाल दागा था कि किस राज्य के किस CM ने किस समय वैक्सीन की खरीद के लिए राज्यों को अधिकार देने की माँग की थी? वहीं राजदीप अपना ही पिछला ट्वीट भूल बैठे।
"इस निर्दोष को प्यास ने नहीं... नकारा गहलोत सरकार ने मार डाला जिसने अपनी राजनीति से राज्य को भूख, प्यास, अपराध, बेरोजगारी और माफियाओं की जमीन में बदल दिया है।"