जिसने खुलेआम एक संत का गला काटने की बात की, उसका हैंडल सस्पेंड नहीं हुआ। जिसने रोहित सरदाना के निधन का जश्न मनाया, वो भी ट्विटर पर मौजूद है। बंगाल हिंसा का विरोध करने पर कंगना का हैंडल हटाया गया।
विश्व हिंदू परिषद ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बहाने राज्य में हिंसा, आगजनी और बर्बरता की घटनाओं ने न केवल देश को शर्मसार किया है, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं को भी तार-तार किया है।
JNU में मॉलिक्यूलर मेडिसिन के प्रोफेसर गोबर्धन दास बंगाल विधानसभा चुनावों में बीजेपी के उम्मीदवार थे। उनके गाँव में कई भाजपा कार्यकर्ताओं के घरों को निशाना बनाया गया है।
इस दौर में हमें मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक रूप से मजबूत करने के लिए कुछ ऐसा चाहिए जिसे हम इन परिस्थितयों से जोड़ कर भी देख सके और वह हमें हर रूप से मजबूत भी करे।
सभी ऑक्सीजन सिलेंडर जुलाई 2020 में खरीदे गए थे। इसका मतलब है कि तब से, दिल्ली सरकार ने मेडिकल ऑक्सीजन के लिए सिलेंडर और टैंक खरीदने के लिए कोई पैसा खर्च नहीं किया।
सफलता के इस शोर में एक महत्वपूर्ण कारण पर चर्चा शायद न हो और वह कारण है बांग्ला उप राष्ट्रवाद। अब इसे प्रशांत किशोर द्वारा बनाई गई रणनीति का हिस्सा माने या फिर पहले से चली आ रही एक सोच!