कुछ लोग और वामपंथी मीडिया संगठन हैं, जिन्होंने विस्तारवादी चीनी डिजाइन के खिलाफ भारत के रुख को कमजोर करने और मोदी सरकार के खिलाफ अपने एजेंडे को पूरा करने के लिए इस संकट का इस्तेमाल किया है।
लव जिहाद को लेकर आज भी जिन लोगों के मन में संदेह उत्पन्न होता है या इतने मामले पढ़ने के बाद भी उन्हें लगाता है कि ये सब समाज का ही हिस्सा है तो उन्हें इन केसों में कुछ खास बिंदुओं पर गौर करने की आवश्यकता है।