इस दूसरे कार्यकाल में इन आतंकियों को हीरो बनाने से रोकना एक प्राथमिकता होनी चाहिए। जिसने निर्दोषों को क़त्ल के लिए बंदूक उठा ली, वो मानव नहीं है। जो मानव नहीं है, उसके न तो अधिकार हैं, न परिवार।
रोजाना 17 लाख बच्चों का पेट भरने वाली एक संस्था को सिर्फ़ इसीलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि बच्चों को लहसुन-प्याज नहीं दिया जाता। सरकार द्वारा निर्धारित सभी मानकों पर खड़ा उतरने के बावजूद 'मिड डे मील' में जाति घुसेड़ कर इसे बदनाम किया जा रहा है।
तर्क हों तो आप लेख की शुरुआत विदेशी लेखक का नाम लेकर करें या फिर 'लगा दिही न चोलिया के हूक राजा जी' से, मुद्दे पर फ़र्क़ नहीं पड़ता। कुतर्क हों तो आप अपने पोजिशन का इस्तेमाल दंगे करवाने के लिए भी कर सकते हैं, कुछ लोग वही चाह रहे हैं।
कुल 8 नए मंत्री बनाए गए, जिनमें लोजपा के पशुपति कुमार पारस के सांसद बन जाने के बाद खाली हुई जगह भी शामिल है, लेकिन भाजपा के अलावा लोजपा के भी किसी विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया।
पार्टी में आने वाले मेहमानों के साथ पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों और जवानों ने बदसलूकी की। कई मेहमानों को बाहर ही रोक दिया गया, तो कितने मेहमानों की बार-बार जाँच की गई।
जिसे धार्मिक कर्मकांडों को ढकोसला मानना है, वह काहे का हिन्दू, काहे का ब्राह्मण? उसके विचारों का बोझ हिन्दू क्यों उठाए? उसके विचारों के आधार पर ब्राह्मणों को क्यों निशाना बनाया जा रहा है, जो हिन्दू ही नहीं है?
रोहिंग्या का मुद्दा काफी पुराना है। म्यांमार से अवैध रूप से रोहिंग्या भारत में प्रवेश करते रहे हैं। मोदी सरकार ने इन पर कठोर कार्रवाई करते हुए पिछले साल रोहिंग्या नागरिकों को वापस उनके देश म्यांमार वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।
कॉन्ग्रेस पार्टी में राजनीतिक संकट की पृष्ठभूमि में पार्टी संसदीय दल की नेता सोनिया गाँधी ने कहा कि कॉन्ग्रेस को फिर से मजबूत करने के लिए कई निर्णायक कदमों पर चर्चा चल रही है।
अगर आप रोजगार के तमाम आँकड़ों को न मान कर ‘मैं जब मुखर्जीनगर पहुँचा तो वहाँ सारे युवा बेरोज़गार थे’ वाला लॉजिक लेकर चलिएगा तो मैं कहूँगा कि ‘मैं जब सायबर हब पहुँचा तो वहाँ सारे लोग लाखों की सैलरी पाने वाले थे, भारत बदल गया है, बेरोज़गारी शून्य प्रतिशत है’।