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हम किस दौर में जी रहे हैं? पैर धोकर फोटो खिंचाए जा रहे हैं! ये रहा जवाब

मोदी के ऐसे प्रतीकात्मक कार्य आपको नौटंकी ही लगेंगे क्योंकि आप न तो लोयथम रिचर्ड को जानते हैं, न ही नाइदो तनियम को। आप उन हजारों उत्तर-पूर्व के लोगों को नहीं समझ पाते, और उनकी वेशभूषा पर टिप्पणियाँ करते हुए, उसके बालों के कारण उसकी जान ले लेते हैं।

पत्थरबाजी से सुरक्षाबलों का होता है मानवाधिकार हनन, सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए सहमत

सुरक्षाबलों के मानवाधिकार संबंधी याचिका पर केंद्र सरकार, रक्षा मंत्रालय, जम्मू-कश्मीर सरकार और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को नोटिस जारी किया गया।

शौर्य को सलाम: वकालत छोड़ सेना में लेफ्टिनेंट बनेंगी बलिदानी मेजर की पत्नी, SSB परीक्षा में आईं ‘अव्वल’

16 अभ्यर्थियों में अव्वल आईं गौरी माहादिक अब 49 हफ़्ते की ट्रेनिंग के लिए अप्रैल में चेन्नई रवाना होंगी। क़रीब एक वर्ष के कड़े प्रशिक्षण के बाद उन्हें मार्च 2020 में भारतीय सेना में नॉन-टेक्निकल श्रेणी के तहत लेफ्टिनेंट का पद दिया जाएगा।

‘घर’ ख़रीदने पर अब मात्र 1% GST: मिडिल क्लास को बड़ी राहत

दिल्ली-एनसीआर समेत महानगरों में 60 वर्गमीटर और छोटे शहरों में 90 वर्गमीटर कारपेट एरिया और ₹45 लाख तक मूल्य वाले निर्माणाधीन फ्लैट पर अब मात्र 1 प्रतिशत जीएसटी देना होगा।

Period. End of sentence: भारतीय प्रोड्यूसर की फिल्म को मिला ऑस्कर

"हम जीत गए। धरती पर मौजूद हर लड़की इस बात को जान ले कि वह देवी है..."

मोदी ने धोए पाँव, लेकिन नहीं पिया चरणामृत: माओवंशी पत्रकार गिरोह

इतने लोग सुबह-सुबह किसी खेत में जाते होंगे, और वहाँ खाद बनाते होंगे, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है।किसानों की बात करने वाले मोदी जी का यही है असली चेहरा। खेतों से लोगों को वापस लौटा कर नीम कोटेड यूरिया बेच रहे हैं, जबकि पूरी दुनिया को पता है कि पेशाब में यूरिया होता है।

नेशनल वार मेमोरियल की तस्वीरें, पराक्रमी वीरों के नाम

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक आजादी के बाद से विभिन्न युद्धों में शहीद होने वाले 22,600 से अधिक सैनिकों के सम्मान में बनाया गया है।

‘जन सेवा’ की 40 तस्वीरों से ग़रीब, परोपकारी किसान रॉबर्ट ने सरकार पर साधा निशाना

वाड्रा ख़ुद ऐसा काम कर रहे हैं जिससे वो एक दयावान के रूप में ख़ुद को सामने रख सकें और इसके लिए वो नेत्रहीन और ग़रीब लोगों की तस्वीरों का इस्तेमाल करके जनता का ध्यान भटकाने का काम कर रहे हैं।

गोली क्यों मारना, जब कह के ले सकते हैं पाकिस्तान की!

युद्ध हमेशा अंतिम विकल्प होना चाहिए। युद्ध तब तक टाला जाना चाहिए जब तक हमारे अस्तित्व पर ही संकट न आ जाए।

कमलनाथ दिन के 57 ट्रांसफर से पार्टी फ़ंड न जुटाते रहते तो 2 मासूमों की हत्या न होती

सतना में 2 मासूमों की अपहरण के बाद हत्या की घटना ठीक ऐसे समय पर घटी है, जब मध्य प्रदेश सरकार अधिकारियों के तबादलों में व्यस्त थी। 12 फरवरी को चलती स्कूल बस से अगवा किए गए जुड़वाँ भाई श्रेयांश और प्रियांश रावत के शव 13 दिन बाद बरामद हुए हैं।

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