उनके मस्तक के ऊपर स्वस्तिक, ॐ, चक्र, गदा और भगवान सूर्य सुशोभित हैं। मूर्ति की दाईं हाथ की तरफ मत्स्य, कूर्म, वराह, नृसिंह और वामन अवतार को दर्शाया गया है।
केरल के श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर की तरफ से रामलला के लिए 'विशेष भेंट' भेजी जा रही है। ये विशेष भेंट धनुष 'ओणाविल्लू' है, जिसमें चित्रों के माध्यम से पूरी रामायण गाथा दिखाई जाती है।
फालतू डिस्क्लेमर डाल कर पौराणिक पात्रों का मजाक बनाने वाला 'न्यूजलॉन्ड्री' क्या इस्लाम, जन्नत, 72 हूरों और दारू की नदी पर व्यंग्य करेगा? यहाँ तो तथ्य कहने पर 'सर तन से जुदा' हो जाता है, सोचिए व्यंग्य पर क्या होगा।