Sunday, June 13, 2021

हास्य-व्यंग्य-कटाक्ष

हनुमान भक्ति से सरप्लस ऑक्सीजन… लेकिन विज्ञापन में फोटो सिर्फ सीएम साहब की: मंत्री जी की प्रेस कॉन्फ्रेंस

"जनता तो कुछ भी मान लेती है। जनता तो यह भी मान लेती है कि हल्ला क्लिनिक विश्व स्तरीय है। अमेरिकी सरकार उसकी नक़ल करके..."

गाँधी का कुत्ता… न कॉन्ग्रेस का, न असम का: बिस्कुट खाता है, कुर्सी गँवाता है

कहानी में कुत्ते को बिस्कुट खिलाने का जिक्र है। कहानी में असम से ज्यादा कुत्ते को प्राथमिकता दिए जाने का भी जिक्र है।

हिंसा की गर्मी में चुप्पी की चादर ही पत्रकारों के लिए है एयर कूलर

ऐसी चुप्पी के परिणाम स्वरूप आइडिया ऑफ इंडिया की रक्षा तय है। यह इकोसिस्टम कल्याण की भी बात है। चुप्पी के एवज में किसी कमिटी या...

लाशों के सहारे पोस्ट लिखते रहने की फेसबुकी रवीश कुमार की उम्मीद!  

रवीश कुमार दशकों से उम्मीद से हैं। इतने वर्षों तक उम्मीद से रहने के बावजूद उन्होंने कभी खुद को उम्मीदवार घोषित नहीं किया।

ESPN की क्रांति, धार्मिक-जातिगत पहचान खत्म: दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स के मैच की कॉमेंट्री में रिकॉर्ड

ESPN के द्वारा ‘बैट्समैन’ के स्थान पर ‘बैटर’ और ‘मैन ऑफ द मैच’ के स्थान पर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ जैसे शब्दों का उपयोग होगा।

यूपी पंचायत चुनाव लड़ रहे एक प्रत्याशी के घर से भारी मात्रा समोसे-जलेबी की जब्ती, दक्षिण भारत में छिड़ा घमासान

क्या ज़माना आ गया है। चुनाव के मौसम में छापे मारने पर समोसे और जलेबियाँ बरामद हो रही हैं! जब ज़माना अच्छा था और सब ख़ुशी से जीवनयापन करते थे तब चुनावी मौसम में पड़ने वाले छापे में शराब जैसे चुनावी पेय पदार्थ बरामद होते थे।

क्षणे नेत्री, क्षणे अभिनेत्री… वाह! जया ‘बच्चन’ जी मजा आ गया, सॉरी जया ‘भादुड़ी’

क्षण भर में नेत्री से अभिनेत्री बन लेना भी एक कला ही है। अब यह राजनीतिक कला है या कलात्मक राजनीति, यह शोध का विषय हो सकता है।

श्रीलंका के बाद BJP पहुँची इंग्लैंड! महारानी एलिजाबेथ की बहू बनीं पहली भगवा कार्यकर्ता

मेगन मार्केल भाजपा से जुड़ने जा रही हैं। मेगन ने खुद बताया कि 11 मार्च को रामनवमी के दिन जो महाशिवरात्रि है, उस दिन वो BJP में आकर...

सलमान खुर्शीद ने दिखाई जुनैद की तस्वीर, फूट-फूट कर रोईं सोनिया गाँधी; पालतू मीडिया गिरते-पड़ते पहुँची!

पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद के एक तस्वीर लेकर 10 जनपथ पहुँचने की वजह से सारा बखेड़ा खड़ा हुआ है।

दादी की नाक, डैडी का हेयरकट, गंगा स्नान.. और अब ‘समुद्र के किसानों’ के भरोसे कॉन्ग्रेस का भविष्य

राहुल गाँधी किसान हितों के लड़ते-लड़ते ये भूल बैठे हैं कि उनके आए दिन ऐसे बयानों को सुनने और सहन करने वालों के भी कुछ अधिकार होते हैं, जिन्हें कि मानवाधिकार कहा जाता है।

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