कला-साहित्य

भिखारी ठाकुर ने दिलाई प्रसिद्धि, रामचंद्र माँझी बने चेहरा: जानिए क्या है लौंडा नाच, जिसे बिहार के थिएटरों की अश्लीलता निगल गई

लौंडा नाच चर्चा में है। ऐसे में लौंडा नाच क्या है? इसको लेकर लोग जानना चाहते हैं? तो पढ़िए एक ऐसे लोक नृत्य के बारे में जो बिहार सहित इन जगहों पर प्रचलित है।

जो उतरे थे मुर्दा लाशों को लड़ने का पाठ पढ़ाने… प्रेमचंद-दिनकर से लेकर भारतेन्दु-मैथिलीशरण तक, कलम से कुछ यूँ आज़ादी का अलख जगा रहे...

प्रेमचंद की 'रंगभूमि', 'कर्मभूमि' उपन्यास हो या भारतेंदु हरिश्चंद्र का 'भारत-दर्शन' नाटक या जयशंकर प्रसाद का 'चंद्रगुप्त'- सभी देशप्रेम की भावना से भरी पड़ी है।

उत्तराखंड का गाँव, 5 लोगों का परिवार, डेढ़ कमरे का घर… 51+ स्कूलों में लॉन्च हुआ ‘अजय टू योगी आदित्यनाथ’ ग्राफिक नॉवेल, अमेज़न पर...

शांतनु गुप्ता ने कहा कि 'अजय टू योगी आदित्यनाथ' हर छात्र के अनुसरण करने और प्रेरणा लेने के लिए धैर्य, दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत की कहानी है।

संसद भवन में ‘समुद्र मंथन’ क्यों? कलाकृतियों में PM मोदी का क्या रोल? – जिन्होंने बनाया, उनसे ही जानिए सब कुछ

मिलिए उस मूर्तिकार से, जिसने नए संसद भवन की कलाकृतियों को उकेरा और लोकतंत्र के मंदिर की शोभा बढ़ाई। पीएम मोदी ने जैसे समझाया, उस अनुरूप हुआ कार्य।

‘रघुपति राघव राजा राम’ पर नीता अंबानी का नृत्य वायरल, नेटीजन्स मंत्रमुग्ध होकर बोले- ‘ये पत्थरबाजों को जवाब’

मुंबई में नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (NMACC) का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर नीता अंबानी ने रघुपति राघव राजा राम गीत पर प्रस्तुति दी।

महाकवि जो आपातकाल के दौरान भी बने थे कॉन्ग्रेस की टेंशन, फिर उन्हीं के नाम से राहुल गाँधी के नीचे से ‘खिसक रही जमीन’:...

प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधने के लिए दुष्यंत कुमार का एक शेर पढ़ा। पीएम मोदी के शायराना तंज पर NDA के सांसद ठहाका लगाने लगे।

बिन दाढ़ी मुख सून… कौन थे हाथरस वाले प्रभुनाथ गर्ग, PM मोदी ने पढ़ा जिनका दोहा तो ठहाकों से गूँज उठी संसद: सामाजिक-राजनीतिक कुरीतियों...

जब काका हाथरसी सिर्फ 15 दिन के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया था। बड़े भाई भजन लाल उस समय केवल 2 साल के थे। प्रभुनाथ गर्ग से ऐसे बने 'काका'।

‘जीवित नाथूराम गोडसे ही नहीं, उसकी लाश और राख तक से डर गई थी नेहरू सरकार’: पुस्तक लॉन्च में प्रखर श्रीवास्तव का खुलासा, ‘हे...

प्रखर श्रीवास्तव ने बताया कि न सिर्फ जीते-जी नाथूराम गोडसे से तत्कालीन कॉन्ग्रेस सरकार डरी हुई थी, बल्कि उसकी लाश और राख से भी वो डर गई थी।

‘नेशनल कॉलेज’ और भगत सिंह के राजनीतिक गुरु: ‘पगड़ी सँभाल ओ जट्टा’ के पीछे की कहानी कहता है ‘क्रांतिदूत’ का 5वाँ भाग ‘बसंती चोला’

महाराजा रणजीत सिंह की सेना में भगत सिंह के पूर्वज खालसा सरदार थे। 'नेशनल कॉलेज' में गुलामी की ज़ंजीरें मुक्त करने के विचारों की शिक्षा दी जा रही थी।

असत्यमेव जयते: बर्बर-नीच था हिंदू समाज, सूफी-मिशनरी के कारण सौहार्द्र-सभ्यता… वामपंथियों के लिखे झूठे इतिहास को आईना दिखाती पुस्तक

"वामपंथी गैंग ने विक्रम संपत की किताब पर भी अटैक किया। 'असत्यमेव जयते' पुस्तक को भी वो टारगेट करेंगे क्योंकि ये किताब उन्हें चुभेगी।"

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