कला-साहित्य

पलायन से जूझते बिहार में आधी रात को रोती-कलपती स्त्रियों की आवाज़ बना जो ‘महानायक’… राम से शुरू हुई एक गरीब की यात्रा, जो...

इन्हें संभ्रांत वर्ग ने अपनाने में कोई खास रुचि नहीं दिखाई। आज भोजपुरी प्रदेश में ही आपको कई लोग ऐसे मिल जाएँगे, जो भिखारी ठाकुर को नहीं जानते हों।

महाराष्ट्र के छोटे से गाँव से लेकर लंदन तक, वीर सावरकर ने कैसे खड़ी की क्रांतिदूतों की विशाल सेना: पुनः राष्ट्रवाद की अलख जगाती...

'मित्रमेला' वीर सावरकर के द्वारा बनाया गया संगठन था, जो कि विभिन्न सांस्कृतिक, सामाजिक व देशभक्ति से संबंधित आयोजन करता था। कई क्रांतिदूत इससे जुड़े।

मरते हुए पल्लव राजा के दो अधूरे स्वप्न.. पुल्लालूर में भव्य मंदिर… अंग्रेजों-मुगलों नहीं, 7वीं शताब्दी में वातापी के युद्ध पर अरुण कृष्णन की...

बात ये है कि वामपंथी इतिहासकारों और उपन्यास लेखकों ने कभी भारतीय इतिहास को छुआ ही नहीं। अंग्रेजों और मुगलों का गुणगान करते हुए दशकों काट दिए।

‘अहिंसा से मिली आज़ादी’ वालों को जवाब है काशी के क्रांतिवीरों की गाथा, वो दौर जब मातृभूमि को समर्पित हुआ करते थे पत्रकार

कलम की ताकत व हौसला तो देखें कि 'स्वराज्य पत्र' को निरंतर संपादित व प्रकाशित करने के लिए कितने ही कलम क्रांतिवीर बलिदान हो जाते हैं।

अरब को जीतने वाले बप्पा रावल से लेकर औरंगजेब को हराने वाले राज सिंह तक: ओमेंद्र रत्नू की पुस्तक में हजार वर्षों का इतिहास,...

ओमेंद्र रत्नू ने 'Maharanas: A Thousand Year War For Dharma' पुस्तक लिख कर हिन्दू धर्म व राष्ट्र के लिए सराहनीय कार्य किया है। हिंदी में भी है उपलब्ध।

स्वतंत्रता सेनानियों के गुप्त प्रवास की एक गाथा, कैसे जुटाए अर्थ और अस्त्र : क्यों पढ़नी चाहिए ‘क्रांतिदूत’ की झाँसी फाइल्स

काकोरी कांड के बाद जिस तरह अंग्रेजी पुलिस क्रांतिकारियों की तलाश में कुत्तों की तरह घूम रही है। ऐसे में इनका सुरक्षित और गुप्त रहना ज़रूरी था।

छत्रपति शिवाजी महाराज की गाथा को जन-जन तक पहुँचाने वाले साहित्यकार बाबासाहेब पुरंदरे का निधन, PM मोदी ने कहा- दिलों में जीवित रहेंगे

छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन चरित्र को जन-जन तक पहुँचाने वाले मराठी के वरिष्ठ साहित्यकार शिवशाहीर बाबासाहेब पुरंदरे का निधन हो गया।

बनारस की तरह संस्कृत का केंद्र बनेगा बसोहली, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने किया चूड़ामणि संस्कृत संस्थान का शिलान्यास

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा, "हमारा प्रयास होना चाहिए कि स्कूलों में आधुनिक आवश्यकताओं के अनुसार संस्कृत पढ़ाई जाए।''

अन्ना हजारे का आंदोलन कॉन्ग्रेस की मदद के लिए था… रास्ता भटक गया और केजरीवाल सारी मलाई चाप गए?

"एक सीमित तरीके में ही आंदोलन बनाए रखना था, नियत समय के बाद उसे समाप्त करना था।" - यह फोन रिकॉर्डिंग है। इसके साथ चीजों को जोड़िए और...

बार्बी नहीं डांसिंग डॉल… चाइनिज ड्रैगन को इंडियन टाइगर की पटखनी: भारतीय खिलौनों की दमदार दुनिया

देशवासियों ने जैसे चाइनीज सामानों का बहिष्कार किया, वैसे ही चाइनीज खिलौनों का भी बहिष्कार किया जाना चाहिए। भारत में लघु उद्योग को...

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें