नरसिंहदेव द्वारा बनवाया गया कोणार्क का सूर्य मंदिर, साम्ब से जुड़ी सूर्य उपासना की कथा और मंदिर में लगे पहियों का जानिए महत्व। यूँ ही नहीं बना G20 की शान।
कान्हा जी हमें छोटे-छोटे क्षणों का आनन्द उठाना सिखलाते हैं। भविष्य की चिंता न कर वर्तमान में जीना सिखलाते हैं। हर प्रतिकूल परिस्थितियों में स्वयं पर नियंत्रण, विधाता पर विश्वास, सकारात्मकता, शांति और आनंद बनाए रखना ही रास कहलाता है।
गुजरात के सालंगपुर मंदिर की दीवालों पर बने हनुमानजी के विवादित चित्रों को हटा दिया गया है। संतों और हिन्दू संगठन से जुड़े लोगों की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था।
कृष्णामूर्ति का कहना है कि वह उधार लेकर मंदिर नहीं बनाना चाहते थे, क्योंकि आने वाली पीढ़ी को उधार वापस करना पड़ता। दान से जुटाए पैसे। दीवाली में प्राण-प्रतिष्ठा।
गुजरात के खेड़ा जिले में स्थित प्रसिद्ध डाकोर मंदिर विवादों में घिर गया। मंदिर ट्रस्ट ने विशेष दर्शन के लिए ₹500 का शुल्क निर्धारित किया था। अब दी सफाई।
इस पौराणिक कथा में प्रजापति दक्ष भी हैं, चंद्रदेव भी हैं और भगवान शिव भी। 'शिव शक्ति पॉइंट' के नामकरण के बाद आइए जानते हैं क्यों चन्द्रमा को धारण करते हैं शिव।
रामलला विराजमान के दर्शन के साथ-साथ उन्होंने भव्य राम मंदिर के निर्माण कार्य का अवलोकन किया। मंदिर का प्रतिरूप उन्हें भेंट किया गया। अंगवस्त्र ओढ़ा कर सम्मानित किया गया।