तुंगभद्रा नदी के किनारे 10 एकड़ में ये प्रोजेक्ट फैला होगा और इसका निर्माण कार्य पूरा होने में ढाई वर्ष का समय लगेगा। आंध्र में 108 फ़ीट ऊँची भगवान रामचंद्र की प्रतिमा।
अकेले अलीगढ़ में घंटी-घुँघरू के 1000 कारखाने हैं। सिर्फ हरिद्वार में 5 करोड़ काँवड़िए पहुँचेंगे। ये काँवड़ बढ़ई बनाते हैं। बिहार जैसे गरीब राज्य में भी काँवड़ यात्रा से 2000 करोड़ रुपए का कारोबार हो जाता है।
जिन्हें अंग्रेजों ने जेल में बंद दिया तो छत पर टहलते दिखे। विष का कोई असर नहीं होता था उन पर। 280 वर्ष जीवित रहे। नदी के भीतर कई दिनों तक पैठ कर साधना की। रामकृष्ण परमहंस भी उनके भक्त थे।
'वाक्यज्ञ' - अर्थात जो वाक्य के मर्म को समझता हो। वाणी ऐसी मधुर कि तलवार उठाया हुआ शत्रु भी झुक जाए। वेदों के ज्ञाता थे हनुमान जी। बिना अशुद्धि धाराप्रवाह बोलते थे। उच्चारण सटीक था, भाव-भंगिमा उनकी वाणी का साथ देती थी।
'राजतरंगिणी' हो या 'नीलमत पुराण', अमरनाथ महादेव की पूजा-अर्चना सदियों से होती आ रही है। 'बूटा मलिक ने इसे खोजा था' - ये नैरेटिव हिन्दुओं को नीचा दिखाने के लिए बनाया गया।