जानिए आदि कैलाश के बारे में जहाँ महादेव ने विश्राम किया। जागेश्वर का वो धाम जहाँ महामृत्युंजय भगवान निसंतानों की झोलियाँ भर देते हैं। साथ ही पार्वती कुंड की कुछ खास बातें।
केरल में जन्मे शंकराचार्य ने बाल्यावस्था में ही गृह-त्याग कर के ओंकारेश्वर में शरण ली थी। मान्यता है कि वो 4 वर्षों तक यहाँ रहे थे। 12 वर्ष की उम्र में यहाँ से किया था प्रस्थान।