धर्म और संस्कृति

हाथी-मगरमच्छ की कहानी से समझें कश्मीरियत का दर्द सुनाने वालों ने लद्दाख जाना क्यों उचित नहीं समझा

वैष्णव मान्यताओं में इस कहानी की प्रतीकों के रूप में मान्यता भी है। ऐसा माना जाता है कि हाथी यहाँ जीव का स्वरूप है, मगरमच्छ उसके पाप और माया हैं, जिस नदी के कीचड़ जैसे स्थान में हाथी मगरमच्छ के जबड़े में फँसा है, वो कीचड़ संसार है।

राम के अयोध्या में जन्म की बात पर जज ने पूछा- किसी कोर्ट में जीसस के जन्म पर बात हुई है?

रामायण में कम-से-कम तीन बार यह ज़िक्र है कि भगवान श्री राम अयोध्या में पैदा हुए थे। इसपर जस्टिस बोबडे ने पूछा कि क्या जीसस क्राइस्ट बेथलेहम में पैदा हुए थे, ऐसा या इससे मिलता-जुलता कोई सवाल कभी कोर्ट में आया है क्या। तो परासरण ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है, वह इसे देखेंगे।

पवन वर्मा जी, टीवी सीरियल से धर्म सीखने वाले आपकी तरह मूर्खतापूर्ण बातें ही करते हैं

पवन वर्मा जैसे पढ़े-लिखों ने राम को 'कैलेंडर-आर्ट' में तब्दील किया, और फिर टीवी पर डालडा की तरह नीरस किरदार के रूप में विकृत छवि का जमकर प्रचार किया।

जिस युद्धकला पर अंग्रेज़ों ने डाली कुदृष्टि, उसे हिन्दुओं ने नृत्य शैली के रूप में बचाया

कल (22 जुलाई 2019) जब जगन्नाथ पुरी के एक पुजारी की तस्वीरें इन्टरनेट पर नजर आने लगीं तो कुछ तथाकथित हिन्दुओं की मासूम, अहिंसक, गाँधीवादी, सेक्युलर भावना बड़ी बुरी तरह आहत हो गईं।

मोदी जी, एक हिन्दू को आपकी बजाय ट्रम्प से मदद की गुहार क्यों करनी पड़ रही है?

हम 'हिन्दू होमलैंड' इज़राइल की तर्ज पर बना सकते हैं, जहाँ हर नागरिक के अधिकार समान होंगे, लेकिन प्रताड़ित हिन्दुओं के लिए हिंदुस्तान 'होमलैंड' दे सकता है।

चल काँवड़िया शिव के धाम, राह में पत्थरबाजी करेंगे ‘शांतिप्रिय’ इंसान

शिवभक्त काँवड़िया जब इन इलाकों से गुजरता है तो पत्थरबाजी और मार-पीट की खबरें कैसे आती हैं? क्या इसके उलट आपने कहीं सुना है कि ईद की नमाज पढ़ते, या ईद तो छोड़िए हर शुक्रवार सड़क घेर कर देश के कई इलाके में नमाज पढ़ते शांतिप्रिय पर किसी ने आवाज भी उठाई हो?

झूठ बोलते हैं महबूबा-अब्दुल्ला, अमरनाथ यात्रा की वजह से कश्मीरियों को मिलते हैं रोज़गार के अवसर

महबूबा-अब्दुल्ला कहते हैं कि अमरनाथ यात्रा की वजह से कश्मीरियों को समस्या आ रही हैं, जबकि सच्चाई कुछ और ही है। असल में इस यात्रा की वजह से कश्मीर के कई लोगों का व्यापार चलता है और उन्हें इस यात्रा से रोज़गार मिलता है। नेताओं के बयानों से उलट, अमरनाथ यात्रा कश्मीरियों के लिए वरदान बन कर आती है।

व्यक्तिगत रूप से हम हिन्दू सभ्यता को बचाए रखने के लिए आखिर क्या कर सकते हैं?

हिन्दू धर्म और प्रथाओं, परम्पराओं के प्रचार-प्रसार में शामिल लोगों को भी हमेशा सचेत रहना चाहिए कि हमारे ज्ञान और प्रणालियों को इतना धूमिल या व्यवसायीकृत न किया जाए कि उनके मूल रूप, उनकी आत्मा से छेड़-छाड़ होने लगे या वह क्षीण हो जाए।

सबा नकवी और ट्रिब्यून वालो, जब से तुम पैदा हुए हिन्दुओं का इतिहास तभी से शुरू नहीं होता

रामायण और राम के नए विशेषज्ञ पैदा हुए हैं, जो झूठ की खेती से उपजे मक्कारी भरे फ़सल को दिखा कर हमें यह बता रहे हैं कि 'श्री' ग़लत है और 'सिया' सही है। अब हिन्दुओं को इनसे सीखना पड़ेगा कि शिव को 'महादेव' कहना है या 'भोलेनाथ'। ग़लत इतिहास बताने वाले ट्रिब्यून के लेख का भंडाफोड़।

भगवान तुंगनाथ के दर पर पहुँचे UAE क्राउन प्रिंस के प्रतिनिधि व अरबपति कारोबारी अली राशिद, किया हवन

तुंगनाथ मंदिर पंच-केदार मंदिरों में सबसे अधिक ऊँचाई पर स्थित शिव मंदिर है। यह कई हज़ार वर्ष पुराना है। इस मंदिर की स्थापना की कहानी पांडवों से जुड़ी है और रामायण में भी इसका जिक्र मिलता है।

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