"अज़ीज़ अली, जो कि मुंबई के डोंगरी का एक गुंडा है, उसे फिल्म में 'स्ट्रीट फाइटर' कहा जाता है। वो एक 'शांतिदूत' है, इसीलिए पूजा नाम की एक डॉक्टर उससे शादी कर लेती हैं।"
कंगना ने कहा कि जब एक परिवार में हिन्दू, बौद्ध, जैन, सिख, राधास्वामी और आस्तिक रह सकते हैं तो मुस्लिम क्यों नहीं? क्यों एक मुस्लिम से शादी करने के लिए किसी को अपना धर्म परिवर्तन करने की जरूरत पड़ती है।