Wednesday, August 5, 2020

भारत की बात

26 जनवरी स्पेशल: मोर के राष्ट्रीय पक्षी बनने की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

मोर को विभिन्न मापदंडों पर खरा पाया गया, जिसके परिणामस्वरूप इसे भारत का राष्‍ट्रीय पक्षी घोषित कर दिया गया। नीला मोर हमारे पड़ोसी देश म्यांमार और श्रीलंका का भी राष्ट्रीय पक्षी है।

26 जनवरी स्पेशल: अशोक स्तम्भ का इतिहास, जो बना हमारा राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न

सम्राट अशोक द्वारा बनवाए गए इन सभी स्तम्भों की अनेकों ख़ासियतों में एक ख़ास बात यह है कि इनकी चमकदार पॉलिश आज भी वर्षों बाद भी बरक़रार है।

भारत के इतिहास में पहला जौहर करने वाली उत्तराखंड की जिया रानी

लूटेरे तैमूर ने एक टुकड़ी आगे पहाड़ी राज्यों पर भी हमला करने के लिए भेजी, जब ये सूचना जिया रानी को मिली तो उन्होंने फ़ौरन इसका सामना करने के लिए कुमाऊँ के राजपूतो की एक सेना का गठन किया।

वो मुग़ल बादशाह, जो बेटे की याद में रोते-रोते मरा… जबकि बेटा था ‘इस्लाम का दूत’

1666 में वो आज की ही तारीख़ थी, जब आगरा के किले में नज़रबंद एक बूढ़े मुग़ल बादशाह ने आख़िरी साँस ली थी। मौत के वक़्त उसके सारे कुकर्म लौट कर वापस उसके ही पास आए और इतिहास ने अपने-आप को फिर से दोहराया।

कुम्भ 2019: ख़ास आकर्षण, जो जीवन भर नहीं भूलेंगे आप!

'पेशवाई' प्रवेशाई का देशज़ शब्द है, जिसका अर्थ है शोभायात्रा, जो विश्व भर से आने वाले लोगों का स्वागत कर कुम्भ मेले के आयोजन को विश्व पटल पर सूचित करने के उद्देश्य से निकाली जाती है

जानिए कुम्भ को: शंकराचार्य ने संगठित किया, सम्राट हर्षवर्धन ने प्रचारित

कुम्भ मेला का मूल को 8वीं सदी के महान दार्शनिक शंकर से जुड़ती है। जिन्होंने वाद विवाद एवं विवेचना हेतु विद्वान सन्यासीगण की नियमित सभा परम्परा की शुरुआत की थी।

‘दलित’ महामंडलेश्वर कन्हैया प्रभुनंद गिरि ने धर्मान्तरित दलितों से घर वापसी की अपील की

जूना अखाड़े में बड़ी संख्या में दलित जाति के पुरुष और महिला संत पहले से हैं। इनमें से आठ को महामंडलेश्वर की उपाधि भी दी गई है। जिनमें पाँच पुरुष और तीन महिला महामंडलेश्वर हैं।

कैसे शुरू हुआ कुम्भ, क्या कहते हैं पुराण, क्यों है इसका इतना महत्व

आज की पीढ़ी के लिए इतना बड़ा आयोजन शायद फ़िज़ूल लग सकता है क्योंकि युवाओं की एक बड़ी संख्या अपने धर्म-संस्कृति एवं परम्पराओं के इतिहास से वंचित है।

राहुल गाँधी का इस्लाम और शांति: अक़बर और नरमुंडों का पहाड़ (भाग-1)

युद्ध के बाद दिल्ली में खोपड़ियों का एक इतना बड़ा टावर खड़ा किया गया जिसे पूरी दिल्ली देख सके। नरमुंडों का एक इतना विशाल ढेर, जिसे देख कर नृशंसता भी हज़ार बार काँपे।

उत्तिष्ठत जाग्रत: ज्ञान रूपी अस्त्र के हिमायती थे स्वामी विवेकानंद

हम information warfare में इतना पीछे हैं कि अपने एक राज्य जम्मू कश्मीर के बारे में भी सही सूचना देश को नहीं दे पाते।

ताज़ा ख़बरें

राम मंदिर के लिए कॉन्ग्रेस के समर्थन के बाद केरल में सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने बुलाई आपातकालीन बैठक

इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने राम मंदिर के पक्ष में कई कॉन्ग्रेस नेताओं के बयानों के बारे में जानने के बाद बुधवार को अपने शीर्ष अधिकारियों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई है।

दिल्ली दंगों को लेकर DU प्रोफेसर अपूर्वानंद से स्पेशल सेल ने 5 घंटे पूछताछ के बाद मोबाइल किया ज़ब्त

DU के प्रोफेसर अपूर्वानंद ने कहा कि यह देखना दुखद है कि नागरिकता अधिनियम विरोध प्रदर्शन के समर्थकों को हिंसा का स्रोत माना जा रहा है और उम्मीद करते हैं कि पुलिस निष्पक्ष होकर इस मामले की जाँच करेगी।

बाबर रोड का नाम बदलकर किया जाए ‘5 अगस्त मार्ग’, BJP नेता विजय गोयल ने की गृह मंत्रालय से माँग

भाजपा नेता विजय गोयल ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली स्थित बाबर रोड का नाम बदलकर '5 अगस्त मार्ग' करने की माँग की है।

मुगल वंशज प्रिंस तुसी ने ओवैसी को ‘जोकर’ कहते हुए जताई श्रीराम मंदिर निर्माण देखने की इच्छा

बहादुर शाह ज़फ़र के परपोते प्रिंस तुसी ने AIMIM नेता ओवैसी को जोकर बताते हुए कहा कि उनके परिवार की अयोध्या में बने राम मंदिर को देखने की इच्छा है।

कॉन्ग्रेस नेताओं के भूमि पूजन से पहले सॉफ्ट हिंदुत्व दिखाने से भड़के लिबरल और मुस्लिम, कहा- वाह रे नेहरूवादी सेकुलरिज्म

उत्साही कॉन्ग्रेस समर्थकों और लिबरलों को मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस का ट्विटर प्रोफाइल पिक्चर रास नहीं आया। प्रोफाइल पिक्चर बदलने के तुरंत बाद ही उन्हें ट्रिगर करना शुरू कर दिया।

प्रचलित ख़बरें

‘इससे अल्लाह खुश होता है, तो शैतान किससे खुश होगा?’ गाय को क्रेन से लटकाया, पटका फिर काटा

पाकिस्तान का बताए जाने वाले इस वीडियो में देखा जा सकता है कि गाय को क्रेन से ऊपर उठाया गया है और कई लोग वहाँ तमाशा देख रहे हैं।

‘खड़े-खड़े रेप कर दूँगा, फाड़ कर चार कर दूँगा’ – ‘देवांशी’ को समीर अहमद की धमकी, दिल्ली दंगों वाला इलाका

"अपने कुत्ते को यहाँ पेशाब मत करवाना नहीं तो मैं तुझे फाड़ कर चार कर दूँगा, तेरा यहीं खड़े-खड़े रेप कर दूँगा।" - समीर ने 'देवांशी' को यही कहा था।

‘इंशाअल्लाह, न कभी भूलेंगे, न माफ करेंगे’: भूमि पूजन से पहले जामिया वाली लदीदा ने दिखाई नफरत

जामिया में लदीदा के जिहाद के आह्वान के बाद हिंसा भड़की थी। अब उसने भूमि पूजन से पहले हिंदुओं के प्रति नफरत दिखाते हुए पोस्ट किया है।

‘राम-राम नहीं, जय भीम बोलो’: दरोगा रमेश राम ने माँ का श्राद्ध कर रहे परिजनों को जम कर पीटा, CM योगी ने लिया संज्ञान

जातिवादी टिप्पणी करते हुए दरोगा रमेश राम ने कहा कि वो ब्राह्मणों और ठाकुरों को सबक सिखाने के लिए ही पुलिस में भर्ती हुआ है। घायलों में सेना का जवान भी शामिल।

मरते हुए सड़क पर रक्त से लिखा सीताराम, मरने के बाद भी खोपड़ी में मारी गई 7 गोलियाँ… वो एक रामभक्त था

वो गोली लगते ही गिरे और अपने खून से लिखा "सीताराम"। शायद भगवान का स्मरण या अपना नाम! CRPF वाले ने 7 गोलियाँ और मार कर...

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