क्षमा सावंत समय-समय पर मोदी सरकार के खिलाफ माहौल बनाने का काम करती रही हैं। उन्होंने सीएए और एनआरसी को भेदभावपूर्ण बताते हुए इसके खिलाफ एक प्रस्ताव पास कराया था।
टैक्स स्लैब इसलिए बनाए जाते हैं ताकि इनके आधार पर टैक्स का कैलकुलेशन किया जा सके। क्योंकि जब किसी की कमाई ₹12 लाख से ज्यादा होगी तो इस पर सीधे-सीधे टैक्स नहीं लगाया जाएगा बल्कि इसको अलग-अलग स्लैब में बाँटा जाएगा।
पिछले दिनों जब वित्त मंत्री बिहार का दौरा करते हुए मधुबनी के सौराठ स्थित मिथिला पेंटिंग इंस्टिट्यूट पहुँची थीं, वहीं पद्मश्री दुलारी देवी ने उन्हें ये साड़ी भेंट में दी थी।
फिल्म के टीजर से लगता है कि निर्माता एक ब्राह्मण लड़की को दिखाना चाहते हैं जो समाज और परिवार से विद्रोह करती है और शराब तथा सेक्स को इसका जरिया बनाती है।