सिरसा ने बॉलीवुड सितारों से कहा है कि हेयरकट, कपड़े और यहां तक कि बच्चों का नाम भी आपसे प्रभावित होकर रखे जाते हैं। ऐसे में क्या यह उचित है कि आप जवाबदेही से बचने के लिए निजी जीवन का हवाला दे इंस्टाग्राम पर अपनी ड्रग पार्टी का दिखावा करें?
हाल ही में फैशन डिजायनर ज्योति सिंह से शादी करने वाले पवन ने पहली शादी रीना रानी से की थी जो बहुत दिनों तक नहीं चली। इसके बाद वे रूबी सिंह के साथ लिव इन में रहे और नीलम से शादी की। बाद में दोनों की आत्महत्या की खबर सामने आई।
गोविंद ने बताया, “मैं और मेरी टीम के अन्य सदस्यों को देवीपुरा पहुँचने के लिए बाढ़ वाली सड़कों से गुज़रना पड़ा, हमने एक पोल की रस्सी से बाँध दिया ताकि लोग इसे पकड़कर आगे बढ़ सकें। इसी दौरान हमे बच्ची और उसकी माँ के घर में फँसे होने की सूचना मिली।"
आजम खान और उनके विधायक बेटे अब्दुल्ला को सुरक्षा के लिहाज से गनर मिले हुए हैं, लेकिन दोनों बाप-बेटे जानबूझकर उन्हें साथ लेकर नहीं चलते। पुलिस ने आजम और उनके बेटे अब्दुल्ला को गनर को साथ लेकर चलने का निर्देश दिया है।
पुलिस कमिश्नर वीबी कमलासन ने अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ FIR दर्ज करने से ये कहते हुए इनकार कर दिया था कि ओवैसी के भाषण में कुछ भी भड़काऊ नहीं था। इसके बाद एक वकील ने करीमनगर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने...
जब समुदाय विशेष का व्यक्ति विशेष रूप से हलाल मांस की माँग करता है, तो ऐसे में वह साफ़ तौर पर ऐसी सेवा की माँग कर रहा होता है, जो केवल उसके ही मजहब द्वारा ही दी जा सकती है। बेहद साफ़ है कि एक मुस्लिम अपनी धार्मिक पहचान के कारण एक ग़ैर-मुस्लिम से सेवा लेने से इनकार करता है।
रूजवेल्ट को लिखे गए इस पत्र के 6 साल बाद 6 और 9 अगस्त, 1945 को अमेरिका ने हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराया था। इतिहास और आइंस्टीन दोनों को यह अफ़सोस हमेशा रहा कि इस महान त्रासदी की नींव पर कुछ Best Brains के भी हस्ताक्षर थे।
"यह न केवल एक मोटर व्हीकल एक्ट है, बल्कि यह एक सड़क सुरक्षा बिल है। मेरा मानना है कि इससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इस विधेयक का पारित होना उन लोगों के लिए एक श्रद्धांजलि है, जिन्होंने दुर्घटनाओं में अपनी जान गँवाई।"
साल 2015 में जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने इस केस की कमान CBI को सौंप दी थी। ऐसा करने के पीछे तर्क यह दिया गया था कि फारूक अब्दुल्ला का राज्य में काफ़ी दबदबा था और ऐसी संभावना थी कि राज्य पुलिस को इस मामले की जाँच में परेशानी हो सकती थी।
पाकिस्तान का यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के दबाव में लिया गया है। इसे भारतीय कूटनीति के विजय के रूप में भी देखा जा रहा है। क्योंकि इससे पहले पाकिस्तान लगातार कुलभूषण जाधव को राजनयिक मदद देने से इनकार करता रहा है।