"केवल सीमित संख्या में शरणार्थियों को रहने देना चाहिए। यूरोप, यूरोपियों के लिए है और अगर अप्रवासी अपने देशों में वापस नहीं भेजे जाते हैं, तो पूरा यूरोप मुस्लिम देश या फिर अफ्रीकी देश बन सकता है।"
कानपुर में ब्राह्मण समाज के सैकड़ों लोगों ने इस फिल्म का जबरदस्त विरोध किया। इस दौरान लोगों ने फिल्म और आयुष्मान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सिनेमाघरों में लगे पोस्टरों को फाड़ दिया।
चारों नर्सों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। मुख्य ज़िला चिकित्सा अधिकारी (सीडीएमओ) अजीत मोहंती की सिफ़ारिश पर ज़िलाधिकारी मनीष अग्रवाल ने चारों नर्सों को छुट्टी पर भेजने का निर्देश दिया।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश के कुछ प्रदेशों जैसे- आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट्र, राजस्थान और त्रिपुरा में यह कार्यक्रम इंटीग्रेटड मैनेजमेंट आफ पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (IMPDS) के नाम से जाना जाता है।
अगर भारतीय टीम, वेस्टइंडीज़ को हराने के बाद इंग्लैंड को भी हरा देती है तो वो 124 अंक पर पहुँच जाएगी, जबकि इंग्लैंड की टीम खिसक कर 121 अंकों पर पहुँच जाएगी।
कोर्ट ने महाराष्ट्र में सरकारी नौकरियों और शिक्षा में मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की वैधता को बरकरार रखते हुए कहा कि मराठा आरक्षण को 16% से घटाकर 12 या 13% करना चाहिए।
2016 में मैथ्यूज परिवार ने बिहार के एक अनाथालय से बच्ची को गोद लिया था। केरल के मैथ्यूज ने अमेरिका में अक्टूबर 2017 में शेरिन की हत्या की। मैथ्यूज ने ख़ुद को बचाने के लिए एक के बाद एक कई झूठे दावे पेश किए। कभी उसने कहा कि बच्ची दूध नहीं पी रही थी तो कभी कहा कि वो कहीं ग़ायब हो गई थी।
"सुनैना रोशन जिससे प्यार करती हैं, वो रुहैल अमीन पहले से ही शादी-शुदा है और उसके बच्चे भी हैं। सुनैना ने अपने विवाह को लेकर पहले ही भयंकर गलतियाँ की हैं। उनके माता-पिता यह नहीं चाहते कि वो अपने जीवनसाथी के तौर पर ग़लत निर्णय लेकर कोई और ग़लती करें।"
रणजीत सिंह की 8 फीट ऊँची प्रतिमा, जिसमें उन्हें घोड़े पर चढ़ा हुआ दिखाया गया है, वह लाहौर के Walled City of Lahore Authority (WCLA) के तत्वाधन में स्थापित किया जा रहा है। यह सब ब्रिटेन स्थित सिख संस्था, एसके फाउंडेशन के सहयोग से किया गया।
बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट: अगर 'कबीर सिंह' की 5 दिनों की कमाई पर नज़र डालें तो लगता है कि 200 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन इसकी पहुँच से दूर नहीं है। फ़िल्म को कथित इलीट वर्ग द्वारा नकारे जाने पर भी दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है।