बौद्ध संगठनों ने दिल्ली की केजरीवाल सरकार में मंत्री रहे राजेंद्र पाल गौतम पर कार्रवाई की माँग की है। उस कार्यक्रम की निंदा की है, जिसमें 'हिंदू विरोधी शपथ' ली गई थी।
2021 में केस दर्ज होने के बाद जाँच शुरू हुई। ईडी ने पाया कि अयूब ने धोखाधड़ी की नियत से फंड जुटाए और उसके बाद उस पैसे को अपने पिता और बैंक के खाते में डाला।