सघन आबादी वाला यह मजहब विशेष बहुल इलाका संक्रमण का हॉटस्पॉट बना हुआ है। यहॉं मेडिकल टीम पर हमला हो चुका है। कर्फ्यू तोड़ भागने और प्रशासन को गुमराह करना तो आम बात है। जानिए, कैसे बिगड़े हालात।
4 अप्रैल को एक कोरोना पॉजीटिव मिलने के बाद पूरे इलाके को सील कर स्क्रीनिंग करवाने का फैसला किया गया। 40 हजार लोग इसके दायरे में थे। लेकिन, 25 मुस्लिम परिवारों की मनमानी ने पूरी कवायद पर ही पानी फेर दिया है।
"जमात से जुड़े एक युवक की कोरंगामाल गाँव में पत्नी के पास लौटने की उन्हें सूचना मिली थी। सूचना पर उन्होंने जब गाँव पहुँचकर जाँच की तो पता चला युवक तो कई महीनों से गाँव ही नहीं आया। लेकिन इस जानकारी के बाद टीम सतर्क हो गई और निगरानी बनी हुई है। यदि युवक लौटता है तो उसे पहले क्वारंटाइन सेंटर में रखा जाएगा। गाँव वाले भी इसे लेकर काफी सतर्क हैं।"
पीड़िता का कहना है कि जब हाजी ने उनसे चाय माँगी तो वे बेटे के लिए दूध की शीशी बना रही थीं। इस वजह से चाय नहीं दे पाईं। बस इसी कारण अफजल ने उन्हें मारा और तीन तलाक देकर घर से बाहर कर दिया।
बिहार में चलाए जा रहे अभियान के तहत बिहार पुलिस ने मंगलवार को विभिन्न जिलों में मौजूद तबलीगी जमात से जुड़े 57 विदेशी जमातियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इन जमातियों को पुलिस ने मस्जिद में छिपने, पुलिस को सूचना न देने और वीजा नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
गाइडलाइन के अनुसार, मुँह पर मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है और सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू, गुटका आदि खाकर थूकना या शराब बेचना प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस लॉकडाउन में कृषि से जुड़े कामों के लिए रियायत दी जाएगी।
दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए गई महिला डॉक्टर के साथ मरीज ने अभद्रता की और जब एक पुरूष डॉक्टर उन्हें बचाने वहाँ पहुँचा तो मरीजों ने उन पर भी हमला कर दिया। स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने खुद को ड्यूटी रूम में छिपाया लेकिन मरीजों की भीड़ ने...
कॉन्ग्रेस MLA इमरान खेड़ावाला ने मंगलवार को ही गुजरात के मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री और गृह राज्यमंत्री से मुलाकात की थी। इमरान खेड़ावाला पिछले कई दिनों से मस्जिदों में छिपे तबलीगी जमात से जुड़े लोगों की तलाश में जुटे हुए थे।
पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि ये सभी महिलाएँ बाराबंकी की एक मीट फैक्ट्री में काम करने के लिए जा रही थीं। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बस चालक और मीट फैक्ट्री के मैनेजर सहित खदरा निवासी आफरीन, नौबस्ता मडियांव निवासी आयशा, हिना, फातिमा, मेसरजहाँ, अजीजनगर निवासी अमीना, डालीगंज निवासी रूही और प्रीति नदर मडियांव निवासी अमीना के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
मेरठ में शनिवार को पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम शहर के जली कोठी को सील कराने के लिए पहुँची थी। इस बीच लोगों ने इसका विरोध करते हुए पुलिस टीम पर हमला बोल दिया था। इस दौरान हुए पथराव में सिटी मजिस्ट्रेट और एक दरोगा घायल हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मस्जिद के मुतवल्ली समेत आठ लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की थी।