इसी बीच वार्ताकार ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि आपका यही व्यवहार रहा तो हम कल से यहाँ नहीं आएँगे। इससे पहले एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि हम पिछले दो महीने से प्रधानमंत्री मोदी का पलकें बिछाए इंतजार कर रहे हैं। वो शाहीन बाग आएँ और हमसे बात करें।
प्रोटेस्ट के दौरान लोगों के बीच एक महिला आकर बैठ गई। उसके हाथ में कन्नड़ भाषा में लिखा एक बैनर था, जिस पर दलित मुक्ति, कश्मीर मुक्ति और मुस्लिम मुक्ति लिखा था। इसके देख वहाँ काफी भीड़ इकट्ठा हो गई थी, लोगों ने उसे वहाँ से जाने को कहा, इसलिए हमने उसे किसी तरह मौके से रेस्क्यू किया और उसे हिरासत में लिया।
मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर राकेश मारिया ने अपनी किताब में खुलासा किया है कि किस तरह से ISI द्वारा मुंबई के डॉन से मिलकर देश में हथियारों, गोला-बारूद और धन के वितरण के लिए एक नेटवर्क तैयार किया गया। इसका सिर्फ एक मकसद था भारत की अखंडता और स्थिरता पर प्रहार।
शिक्षा के क्षेत्र में विद्या भारती को भारत का सबसे बड़ा ग़ैर सरकारी संगठन माना जाता है। इसकी स्थापना वर्ष 1977 में हुई थी। इससे पहले वर्ष 1952 में गोरखपुर में पाँच रुपए किराए के मकान से संघ की प्रेरणा से कुछ स्वयंसेवकों ने शिशु मंदिर की शुरूआत की थी। आज पूरे देश में विद्या भारती के अंतर्गत कुल मिलाकर 30,000 शिक्षण संस्थाओं में 9,00,000 शिक्षकों के मार्गदर्शन में 45 लाख छात्र-छात्राएँ शिक्षा और संस्कार प्राप्त कर रहे हैं।
मौजूदा समय में भारत के पास लगभग 626 टन सोने का भंडार है, वहीं मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सोनभद्र जिले में मिला सोना इससे करीब 5 गुना ज्यादा है। राज्य के खानिज विभाग ने सोने की इस खान का पता लगाया है और जल्द ही इस सोने को निकालने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
लड़की के कोचिंग जाने के दौरान मो फिरोज, मो आदिल, मो सैफुद्दीन, मो सुलेमान ने उसे रोका और बहलाकर कचहरी के पीछे स्थित पार्क में ले जाकर उसके साथ अश्लील हरकत करने लगे।
"यहाँ की जमीन हमारी है, हवा हमारी है, पानी हमारा है, तो कैसे कहा जा सकता है कि मुसलमान यहाँ का नहीं है। मैं अच्छे से जानती हूँ कि भारत को आजादी कैसे मिली? RSS तो बिका हुआ था। आज आजादी का फायदा मोदी-शाह उठा रहे हैं।"
"राम मंदिर निर्माण में अगर और भी जमीन की जरूरत होगी तो जमीन ली जा सकती है। आवश्यकता पड़ने पर इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार को लिखा जाएगा। जो पत्थर राम मंदिर के लिए रखे गए हैं, उन्हीं पत्थरों का इस्तेमाल निर्माण के लिए किया जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो और भी पत्थर मँगाए जा सकते हैं।"
"मेरी बेटी ने रैली में जो किया, वह बिल्कुल गलत था। उसने जो कहा, वह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैंने कई बार उससे कहा कि वो मुस्लिमों से न जुड़े। उसने मेरी बात नहीं सुनी। मैंने उसे कई बार भड़काऊ बयान नहीं देने के लिए भी कहा, लेकिन उसने एक नहीं सुनी।"
देशद्रोह के आरोपित और जेएनयू के छात्र शरजील इमाम को गुवाहाटी की एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया। यहाँ कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए उसे 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। शरजील ने...